GMR Airports घाटे से आई मुनाफे में, फिर क्यों हुए शेयर धड़ाम, इस कारण लगा झटका

GMR Airports Share Price: जीएमआर एयरपोर्ट्स के धमाकेदार कारोबारी नतीजे के बावजूद आज शेयर धड़ाम हो गए। जून तिमाही में कंपनी सालाना आधार पर घाटे से मुनाफे में आई तो रेवेन्य 24% बढ़ गया और साथ ही कंपनी ने ₹5000 करोड़ तक जुटाने की बात कही है। इसके बावजूद जीएमआर एयरपोर्ट्स के शेयर फिसल गए। फिलहाल बीएसई पर यह 1.01% की गिरावट के साथ ₹103.15 पर है। इंट्रा-डे में यह 1.44% गिरकर ₹102.70 तक आ गया था। पिछले एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो पिछले साल 22 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह एक साल के निचले स्तर ₹84.02 के भाव पर था जिससे 10 महीने में यह 37.59% उछलकर पिछले महीने 7 जुलाई 2026 को एक साल के हाई ₹115.60 पर पहुंच गया था।

GMR Airports Q1 Results: खास बातें

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में जीएमआर एयरपोर्ट्स कंसालिडेटेड लेवल पर सालाना आधार पर ₹212 करोड़ के घाटे से ₹91 करोड़ के मुनाफे में आ गई। इसे हाई रेवेन्यू और ऑपरेटिंग अर्निंग्स से सपोर्ट मिला। कंपनी का कंसालिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 24% बढ़कर जून तिमाही में ₹3,205 करोड़ से ₹3,964 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी का ईबीआईटीडीए इस दौरान 24% बढ़कर ₹1,165 करोड़ ₹1,447 करोड़ और EBITDA मार्जिन 36.3% से 36.5% पर पहुंच गया।

धमाकेदार नतीजे के बावजूद क्यों टूटा शेयर

जीएमआर एयरपोर्ट्स के शेयरों पर एक दबाव तो कमजोर मार्केट सेंटिमेंट से आया तो दूसरी वजह इसकी कारोबारी रिपोर्ट में ही है। इसकी निगेटिव इक्विटी ने इस पर दबाव डाला है तो EBITDA में डेप्रिसिएशन एंड एमॉर्टाइजेशन और फाइनेंस कॉस्ट की अधिक लागत ने भी झटका दिया है। निगेटिव इक्विटी को लेकर कंपनी ने बताया कि ऑपरेशंस से कैश फ्लो और ऑपरेटिंग परफॉरमेंस में सुधार के बावजूद जून के आखिरी में इसकी कुल इक्विटी नेगेटिव ₹1,428.65 करोड़ थी क्योंकि इसे मुख्य रूप से अनरियलाइज्ड फॉरेन-एक्सचेंज में उतार-चढ़ाव से नुकसान और पिछले वर्षों में कई प्रोजेक्ट्स के कैपिटलाइजेशन के बाद हाई डेप्रिसिएशन और फाइनेंस कॉस्ट से झटका लगा।

हालांकि कंपनी ने उम्मीद जताई है कि आने वाले कंसेशन पीरियड के लिए दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट और GMR हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टैरिफ ऑर्डर के बाद रेवेन्यू और मार्जिन में सुधार होगा। कंपनी ने यह उम्मीद जताई कि अपनी देनदारियों को पूरा करने के लिए वह पर्याप्त फंड जुटा लेगी। बोर्ड ने इसे शेयर, बॉन्ड्स और वारंट्स इत्यादि के जरिए एक या अधिक किश्तों में ₹5 हजार करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। डेप्रिएशन एंड एमॉर्टाइजेशन से झटके की बात करें तो EBITDA में इसकी हिस्सेदारी जून 2026 तिमाही में ₹455.60 करोड़ थी तो फाइनेंस कॉस्ट ₹937.93 करोड़ थी।

LAPL Automotive IPO Listing: ₹135 पर लिस्ट ₹94 का शेयर, आईपीओ को मिली थी 344 गुना बोली

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LAPL Automotive IPO Listing: ₹135 पर लिस्ट ₹94 का शेयर, आईपीओ को मिली थी 344 गुना बोली

LAPL Automotive IPO Listing: दोपहिया से लेकर बस तक के लिए ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और एक्सेसरीज बनाने वाली एलएपीएल ऑटोमोटिव के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 344 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹94 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹135.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 43.62% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में थोड़ी फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹130.00 (LAPL Automotive Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 38.30% मुनाफे में हैं।

LAPL Automotive IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एलएपीएल ऑटोमोटिव का ₹32 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 6-10 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 344.31 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 200.23 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 433.26 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 387.78 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 34,46,400 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹19.56 करोड़ औरंगाबाद के औरिक सिटी में एक अतिरिक्त मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, ₹4.79 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹3.24 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹4.81 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

LAPL Automotive के बारे में

एलएपीएल ऑटोमोटिव कई प्रकार के ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और एक्सेसरीज की डिजाइनिंग कर उन्हें बनाती है और सप्लाई करती है। इसे ऑटोमोटिव लाइटिंग और सिग्नलिंग प्रोडक्ट्स बनाने में महारत हासिल है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी महाराष्ट्र के औरंगाबाद में है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में लाइटिंग डिविजन के तहत टेल लैम्प्स, ब्लिंकर लैम्प्स और हेडलैम्प्स हैं तो मोटर डिविजन के तहक स्टार्टर मोटर्स, वाइपर मोटर्स और रोटर्स हैं। इसके अलावा कंपनी के प्रोडक्ट्स पोर्टफोलियो में मिरर डिविजन के तहत दोपहिया और तिपहिया गाड़ियों के लिए रियर-व्यू मिरर्स हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 99% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹8.63 करोड़ और टोटल इनकम 24% से अधिक के सीएजीआर से ₹94.32 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹7.84 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹16.45 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।