NSE आईपीओ का जीएमपी दूसरे दिन भी सिर्फ 8%, SS Retail का जीएमपी 32% के पार

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी उम्मीद से कम दिख रही है। खुलने के दूसरे दिन यह आईपीओ 11:30 बजे तक सिर्फ 55 फीसदी सब्सक्राइब हुआ था। अनऑफिशियल मार्केट में शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम भी नहीं बढ़ रहा है। उधर, एसएस रिटेल के आईपीओ को इनवेस्टर्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता दिख रहा है। शेयर का जीएमपी भी एनएसई के मुकाबले काफी ज्यादा चल रहा है। क्या इसका मतलब है कि एसएस रिटेल के आईपीओ में लिस्टिंग गेंस ज्यादा रह सकता है?

NSE के आईपीओ में 21 सितंबर तक लगा सकते हैं बोली

NSE का आईपीओ 17 सितंबर को खुला था। इसमें 21 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। कंपनी ने 1,700-1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर एक्सचेंज की वैल्यूएशन 4.42 लाख करोड़ रुपये है। यह ऑफर पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसका मतलब है कि एक्सचेंज इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगा। सिर्फ कुछ इनवेस्टर्स अपने शेयर बेचेंगे।

ओपन होने के दूसरे दिन भी एनएसई आईपीओ का जीएमपी सिर्फ 8.29%

अनऑफिशियल मार्केट को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म आईपीओवॉच के मुताबिक, 18 सितंबर को एनएसई के शेयर का जीएमपी 148 रुपये यानी 8.29 फीसदी था। 17 सितंबर को भी जीएमपी इतना ही था। इसका मतलब है कि इस शेयर का जीएमपी आईपीओ खुलने के दूसरे दिन भी नहीं बढ़ा है। जीएमपी से यह पता चलता है कि शेयर बाजारों में शेयर की लिस्टिंग कैसी रहेगी। हालांकि, यह सिर्फ एक संकेत होता है। एक्चुअल लिस्टिंग गेंस में फर्क हो सकता है।

एसएस रिटेल का आईपीओ 14 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब

एसएस रिटेल के आईपीओ का आज यानी 18 सितंबर तीसरा दिन है। यह आईपीओ 14.67 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। इसका मतलब है कि इस आईपीओ में इनवेस्टर्स ने ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि, यह ध्यान में रखना जरूरी है कि यह आईपीओ सिर्फ 500 करोड़ रुपये का है। इसके मुकाबले एनएसई का आईपीओ बहुत बड़ा है। एनएसई का आईपीओ 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है।

एसएस रिटेल के आईपीओ का जीएमपी 32 फीसदी के पार

अनऑफिशियल मार्केट में एसएस रिटेल के आईपीओ पर चल रहे प्रीमियम ने चौंकाया है। 17 सितंबर के मुकाबले इसका जीएमपी बढ़ा है। 17 सितंबर को इसका जीएमपी 133 रुपये यानी 31.37 फीसदी चल रहा था। यह 18 सितंबर को बढ़कर 32.31 फीसदी हो गया। अगर लिस्टिंग गेंस की बात की जाए तो इसका मतलब है कि एसएस रिटेल के आईपीओ में ज्यादा लिस्टिंग गेंस मिल सकता है। एसएस रिटेल के शेयरों की लिस्टिंग शेयर बाजारों में 23 सितंबर को हो सकती है। एनएसई के शेयर 24 सितंबर को लिस्ट होंगे।

यह भी पढ़ें: NSE IPO: दूसरे दिन अब तक 57% भरा, NII और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्सा फुली सब्सक्राइब; चेक करें GMP

कई ब्रांड्स के मोबाइल का रिटेल चेन ऑपरेट करती है एसएस रिटेल

एसएस रिटेल मल्टी ब्रांड रिटेल चेन को ऑपरेट करती है। यह मोबाइल फोन, एक्सेसरीज और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स बेचती है। कंपनी का ऑपरेशंस देश के कई राज्यों में है, जिनमें महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गोवा और गुजरात शामिल हैं। कंपनी के शेयर 23 सितंबर को बीएसई और एनएसई दोनों पर लिस्ट होंगे, जबकि एनएसई का शेयर 24 सितंबर को सिर्फ बीएसई पर लिस्ट होगा।

NSE IPO: तो क्या अब हुंडई का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएगा एनएसई का आईपीओ? जानिए क्या है अपडेट

NSE IPO: एनएसई के आईपीओ का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। एनएसई ने 9 सितंबर को अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया। इससे आईपीओ को लेकर एनएसई के प्लान में बदलाव के बारे में पता चला है। एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका मुकाबला बीएसई से है, जो पहले से शेयर बाजार में सूचीबद्ध है। बीएसई के शेयर ने लिस्टिंग के बाद से इनवेस्टर्स को मालामाल किया है।

NSE का आईपीओ अब 23,000 करोड़ का हो सकता है

NSE ने आईपीओ का साइज घटा दिया है। पहले एक्सचेंज के आईपीओ का आकार 30,000 करोड़ रुपये का होने का अनुमान था। अब इसके 23,000 करोड़ रुपये के होने का अनुमान है। एक्सचेंज ने आईपीओ के अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर्स में यह बताया है। इसका मतलब है कि अब एनएसई का आईपीओ Hyundai Motor India के आईपीओ का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएगा।

सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड हुंडई के नाम बना रहेगा

Hyundai Motor India ने करीब दो साल पहले IPO पेश किया था। यह आईपीओ 27,870 करोड़ रुपये का था। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है। इससे पहले LIC ने 2022 में करीब 21000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था, जो देश का सबसे बड़ा आईपीओ था। पहले लग रहा था कि NSE का आईपीओ हुंडई के आईपीओ का रिकॉर्ड तोड़ देगा। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड हुंडई के नाम बना रहेगा।

यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा

एनएसई के आईपीओ का आकार घटने की वजह यह है कि कुछ पुराने इनवेस्टर्स अब आईपीओ में पहले के प्लान से कम शेयर बेचेंगे। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि इस आईपीओ में एनएसई इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगी। इसलिए उसे आईपीओ से कोई पैसा नहीं मिलेगा। सिर्फ कुछ पुराने शेयरहोल्डर्स अपने शेयर इस इश्यू में बेचेंगे।

कुछ पुराने इनवेस्टर्स ने कम शेयर बेचने का लिया फैसला

GIC Re का पहले एनएसई के 1.066 करोड़ शेयर बेचने का प्लान था। न्यू इंडिया एश्योरेंस का 1.05 करोड़ शेयर बेचने का प्लान था। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में से प्रत्येक ने 60-60 लाख शेयर बेचने का प्लान बनाया था। कुल मिलाकर ये चारों इंश्योरेंस कंपनियां एनएसई के करीब 3.37 करोड़ शेयर बेचने वाली थी। लेकिन, अब इन कंपनियों ने कम शेयर बेचने का फैसला किया है।

यह भी पढ़ें: Pranav Constructions IPO: 126 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद अलॉटमेंट आज, 10 सितंबर को; ग्रे मार्केट में तगड़ा है प्रीमियम

प्राइस बैंड भी पहले के अनुमान से कम रह सकता है

तीसरा बदलाव यह है कि अब एनएसई के शेयर का प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपये रहने का अनुमान है। पहले इसके करीब 2000 रुपये का अंदाजा लगाया गया था। हालांकि, कंपनी ने अभी इस बारे में औपचारिक ऐलान नहीं किया है। अगर कंपनी प्राइस बैंड घटाती है तो इसका मतलब है कि इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए जिस मिनिमम अमाउंट की जरूरत होगी, वह कम हो जाएगी। NSE आईपीओ का ऐलान एक-दो दिन के अंदर कर सकता है। इस महीने के आखिर में शेयरों के स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो जाने की उम्मीद है।

NSE IPO: बैंक ऑफ बड़ौदा की OFS में 35% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी, जानिए आईपीओ का पूरा अपडेट

NSE IPO: पब्लिक सेक्टर का बैंक ऑफ बड़ौदा NSE में अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचने जा रहा है। बैंक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए NSE के IPO में 76,90,375 तक शेयर बेच सकता है। यह बैंक की NSE में कुल हिस्सेदारी का 35% है। बिक्री के लिए जरूरी रेगुलेटरी मंजूरी लेनी होगी।

NSE के शेयर एस्क्रो अकाउंट में पहुंचे

Bank of Baroda ने बताया कि OFS की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत NSE के शेयर 8 सितंबर 2026 को एस्क्रो अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। NSE के मुताबिक, यह बिक्री सितंबर 2026 के अंत तक पूरी हो सकती है।

बिक्री के बाद मिलेगी रकम

Bank of Baroda को शेयर बेचने की रकम OFS पूरा होने के बाद मिलेगी। बैंक अपने NSE शेयरों को प्रस्तावित IPO में बेच रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक को NSE से ₹76.90 करोड़ का डिविडेंड भी मिला था।

₹30,000 करोड़ का हो सकता है NSE IPO

NSE का करीब ₹30,000 करोड़ का IPO 18 सितंबर को खुल सकता है। इसके 25 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है, तो यह 2024 के Hyundai Motor India के ₹27,870 करोड़ के IPO को पीछे छोड़ देगा। इस तरह यह भारत का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।

15 सितंबर को आ सकता है प्राइस बैंड

NSE IPO का प्राइस बैंड 15 सितंबर को घोषित होने की उम्मीद है। इसके बाद 17 सितंबर को एंकर बुक खुलेगी। पब्लिक इश्यू 18 सितंबर को खुल सकता है। यह 21 और 22 सितंबर को भी खुला रह सकता है।

नए शेयर जारी नहीं होंगे

NSE का IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसमें ₹1 फेस वैल्यू वाले 14.89 करोड़ तक इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे। ये NSE की पेड-अप इक्विटी कैपिटल के करीब 6% के बराबर हैं। इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं होगा। यानी IPO से NSE को सीधे कोई पैसा नहीं मिलेगा।

Vodafone Idea Share: 47% गिर सकता है शेयर! HSBC ने ‘Reduce’ रेटिंग के साथ ₹8.25 का टारगेट दिया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।