Vodafone Idea का शेयर कर सकता है कमाल, जेफरीज ने दी खरीदने की सलाह

वोडाफोन आइडिया के शेयरों में तेजी जारी रह सकती है। विदेश ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने शेयर को कवर करना शुरू किया है। उसने इस कंपनी को भारत के टेलीकॉम मार्केट की टर्नअराउंड अपॉर्चुनिटी बताई है। उसने टेलीकॉम कंपनी के शेयर के लिए 20 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

वोडाफोन का शेयर करेंट लेवल से 29% चढ़ सकता है

Vodafone Idea के शेयर में 9 सितंबर को तेजी दिखी। यह 0.71 फीसदी चढ़कर 15.53 रुपये पर बंद हुआ। जेफरीज का मानना है कि वोडाफोन का शेयर मौजूदा लेवल से 29 फीसदी तक चढ़ सकता है। कंपनी की सेहत बेहतर हो रही है। FY26-29 के बीच रेवेन्यू का सीएजीआर 11 फीसदी रह सकता है।

नेटवर्क में निवेश से कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ने की उम्मीद

कंपनी नेटवर्क में निवेश कर रही है। इससे सब्सक्राइबर्स की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। जेफरीज ने कहा है कि अभी कंपनी के सब्सक्राइबर्स में डेटा की खपत कम है। इसका मतलब है कि कंपनी के पास प्रीमियम सर्विसेज ऑफर करने की काफी गुंजाइश है। इससे कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ेगा।

बीते छह महीनों में 56 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है शेयर 

जेफरीज ने कहा है कि FY26-29 के दौरान कंपनी का कैश EBITDA मार्जिन बढ़कर 29 फीसदी हो जाएगा। कंपनी की ऑपरेटिंग कैशफ्लो की ग्रोथ भी अच्छी रहेगी। FY29-34 के दौरान कंपनी का कैश आउटफ्लो तेजी से बढ़कर सालाना 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाएगा। कंपनी का शेयर बीते छह महीनों में 56.71 फीसदी चढ़ा है।

शेयर बाजारों में गिरावट के बावजूद चढ़ा स्टॉक

शेयर बाजार में लगातार कमजोर सेंटीमेंट के बावजूद वोडाफोन आइडिया के शेयरों में तेजी दिखी है। बीते एक महीने में वोडाफोन आइडिया का शेयर 20 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। Nifty बीते एक महीने में 4.69 फीसदी गिरा है। सेंसेक्स एक महीने में 4.81 फीसदी फिसला है।

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शेयर बाजारों में लगातार तीसरे दिन गिरावट 

9 सितंबर को इस हफ्ते लगातार तीसरे दिन शेयर बाजारों में गिरावट आई। निफ्टी 0.86 फीसदी यानी 203 अंक गिरकर 23,431 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.08 फीसदी यानी 813 अंक गिरकर 74,764 पर बंद हुआ। इसकी वजह मध्यपूर्व में बढ़ता संकट और क्रूड की कीमतों में उछाल है। 9 सितंबर को ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के पार निकल गया।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

High Return Stock: इस फार्मा कंपनी के शेयर ने किया कमाल, लगातार 8 सत्रों में 47% चढ़ा

नोवार्टिस इंडिया के शेयरों में 9 सितंबर को लगातार 8वें दिन तेजी दिखी। 20 फीसदी उछाल के बाद शेयर में अपर सर्किट लग गया। बुधवार को शेयर 2,186.40 रुपये के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। यह शेयर लगातार 8 सत्रों में 47.1 फीसदी चढ़ा है। इस बीच शेयर बाजारों पर काफी दबाव देखने को मिला है।

इस साल फरवरी में भी एक दिन में 20% चढ़ा था शेयर

इससे पहले नोवार्टिस के शेयर में 20 फीसदी का उछाल इस साल 20 फरवरी को दिखा था। इसकी वजह यह थी कि कंपनी की प्रमोटर नोवार्टिस एजी कंपनी में अपनी 70.68 फीसदी हिस्सेदारी क्रिसकैपिटल की अगुवाई वाले एक कंसोर्शियम को बेचने को तैयार हो गई थी।

नोवार्टिस इंडिया फाइजर से दो ट्रेडमार्क का अधिग्रहण करेगी 

अगस्त में डॉ रेड्डीज लेबोरेट्रीज ने कुछ चुनिंदा ब्रांड्स के लिए नोवार्टिस इंडिया के साथ डिस्ट्रिब्यूशन और प्रमोशन एग्रीमेंट खत्म कर दिया था। उसने नोवार्टिस इंडिया की कंट्रोलिंग शेयरहोल्डिंग में बदलाव के बाद ऐसा किया। इस हफ्ते की शुरुआत में नोवार्टिस इंडिया के बोर्ड ने इंडिया में ‘Minipress’ और ‘Minipres’ ट्रेडमार्क और इससे संबंधित बौद्धिक संपदा अधिकारों के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी थी। उसने इन ट्रेडमार्क का अधिग्रहण फाइजर से किया है। इसके लिए वह 1,250 करोड़ चुका रही है।

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बीते एक महीने में 36 फीसदी चढ़ा है शेयर 

नोवार्टिस इंडिया का शेयर बीते एक महीने में 36 फीसदी चढ़ा है। इस दौरान निफ्टी और सेंसेक्स का रिटर्न निगेटिव रहा है। Nifty बीते एक महीने में 4.69 फीसदी गिरा है। सेंसेक्स एक महीने में 4.81 फीसदी फिसला है। 9 सितंबर को इस हफ्ते लगातार तीसरे दिन शेयर बाजारों में गिरावट आई। निफ्टी 0.86 फीसदी यानी 203 अंक गिरकर 23,431 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.08 फीसदी यानी 813 अंक गिरकर 74,764 पर बंद हुआ।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में लगातार दूसरे दिन फिसला सोना, चांदी 600 रुपये उछली

Gold Silver Prices Today:  दिल्ली सर्राफा बाजार में 8 सितंबर को सोने में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। चांदी में तेजी देखने को मिली। सोने की कीमत 2,150 रुपये गिरकर 1,58,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन ने यह जानकारी दी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में हल्की नरमी दिखी।

चांदी की कीमतों में 600 रुपये का उछाल

चांदी में 600 रुपये की तेजी दिखी, जिससे इसका भाव 2,41,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। इससे पहले के लगातार दो सत्रों में चांदी की कीमतों में स्थिरता दिखी थी। चांदी 3 सितंबर को 5,000 रुपये चढ़कर 2,40,500 रुपये पर पहुंच गई थी। उसके बाद 4 और 7 सितंबर को कीमतों में स्थिरता दिखी थी।

डॉलर में कमजोरी से चांदी को मिला सपोर्ट

ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म लेमन में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा, “सिल्वर में रिकवरी आ रही है, क्योंकि डॉलर में कमजोरी से इसे सपोर्ट मिल रहा है। इनवेस्टर्क की नजरें इस बीच अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा पर लगी हैं।” अगर महंगाई बढ़ती है तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। फेड की बैठक 15 सितंबर को शुरू हो जाएगी। इसके नतीजे 16 सितंबर को आएंगे। अगर फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है तो इसका खराब असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा।

क्रूड में उछाल से बुलियन पर दबाव

एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का असर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है। ब्रेंट क्रूड का भाव फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल की तरफ बढ़ रहा है। इससे महंगाई बढ़ने का डर है। महंगाई बढ़ने पर फेडरल रिजर्व सहित दूसरे केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ाएंगे। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर गोल्ड की चमक फीकी पड़ती है, जबकि घटने पर चमक बढ़ जाती है।

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जनवरी में सोने और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर

इस साल जनवरी के आखिर में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद उनमें तेज गिरावट आई। इस साल फरवरी के अंत में अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद सोने और चांदी पर दबाव और बढ़ गया। हालांकि, पिछले कुछ हफ्तों में दोनों में रिकवरी दिखी थी।

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High Return Stock: शेयर बाजार में कमजोरी के बावजूद कुछ शेयरों ने कमाल किया है। इनमें से एक शेयर त्रिभुवनदास भीमजी जावेरी का है। बीते छह महीनों में इस शेयर ने निवेशकों का पैसा चार गुना किया है। इस साल 9 मार्च को इस शेयर का प्राइस 130.50 रुपये था। 8 सितंबर को शेयर 5 फीसदी चढ़कर 555.30 रुपये पर बंद हुआ। 5 फीसदी चढ़ने के बाद इसमें अपर सर्किट लग गया। अगर आपने इस शेयर में मार्च की शुरुआत में एक लाख रुपये लगाया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर चार लाख से ज्यादा हो गया होता।

जून तिमाही में कंपनी का अच्छा प्रदर्शन

Tribhovandas Bhimji Zaveri (TBZ) के शेयरों में लगातार तेजी की कई वजहें हैं। ज्लेवरी कंपनियों का प्रदर्शन जून तिमाही में अच्छा रहा है। इसका शेयर कंपनियों के शेयरों पर पड़ा है। इस दौरान कंपनी का टैक्स बाद प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 56.9 फीसदी चढ़ा। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 34.8 फीसदी बढ़ा। दूसरी ज्वेलरी कंपनियों का प्रदर्शन भी जून तिमाही में अच्छा रहा है। इससे इन कंपनियों के शेयरों में तेजी आई है।

अधिग्रहण की खबर से शेयरों को लगे पंख

TBZ के शेयरों में तेजी की वजह इसके अधिग्रहण की खबर है। जीआरटी ज्वेलर्स टीबीजेड में प्रमोटर्स की 74.12 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी। यह डील प्रति शेयर 209 रुपये की कीमत पर होगी। जीआरटी ज्वेलर्स 1,033.7 करोड़ रुपये निवेश करेगी। GRT Jewellers ने बाकी 26 फीसदी हिस्सेदारी के लिए ओपन ऑफर का भी ऐलान किया है। इसके लिए प्रति शेयर 249.6 रुपये की कीमत तय की गई है। शेयर की 8 सितंबर की क्लोजिंग कीमत ओपन ऑफर के प्राइस से काफी ज्यादा है।

सोने की कीमतों में हालिया तेजी से भी मिला सपोर्ट

सोने की कीमतों में हाल में आई तेजी का असर भी TBZ जैसी कंपनियों के शेयरों पर पड़ा है। सोने की कीमत अपने 52 हफ्ते के सबसे निचले स्तर से 20 फीसदी से ज्यादा चढ़ी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 8 सितंबर को हल्की गिरावट के साथ 4400 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। आगे त्योहारी सीजन में गोल्ड ज्वेलरी की मांग स्ट्रॉन्ग रहने की उम्मीद है। उसके बाद शादियों का सीजन शुरू होगा। भारत में गोल्ड ज्वेलरी की कुल खरीदारी में शादी के लिए होने वाली खरीदारी की बड़ी हिस्सेदारी है।

8 सितंबर को शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन गिरावट 

टीबीजेड के शेयर में तब तेजी आई है, जब शेयर बाजारों में सेंटीमेंट लगातार कमजोर बना हुआ है। 8 सितंबर को लगातार दूसरे दिन शेयर बाजारों में गिरावट आई। निफ्टी 0.61 फीसदी यानी 144 अंक गिरकर 23,635 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.73 फीसदी यानी 555 अंक गिरकर 75,577 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी पर भी दबाव देखने को मिला।

Physicswallah में है बहुत जान, बुल केस में दिख सकता है 82% तक उछाल; मोतीलाल ओसवाल बुलिश

एडटेक प्लेटफॉर्म फिजिक्सवाला के शेयर की कीमत आगे 82 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है। टारगेट प्राइस 200 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह पिछली क्लोजिंग से 66 प्रतिशत ज्यादा है। बुल केस में टारगेट प्राइस 220 रुपये है, जो शेयर के पिछले बंद भाव से करीब 82.5 प्रतिशत ज्यादा है। ब्रोकरेज का व्यू सामने आने के बाद फिजिक्सवाला के शेयर में 4 सितंबर को दिन में 8.5 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 130.85 रुपये के हाई तक गया।

ब्रोकरेज का कहना है कि फिजिक्सवाला भारत के सबसे बड़े एजुकेशन प्लेटफॉर्म्स में से एक है। इसे भारतीय एडटेक में सबसे ज्यादा कैपिटल-एफिशिएंट (पूंजी के लिहाज से कुशल) बिजनेस मॉडल में से एक पर बनाया गया है। कंपनी ने YouTube के जरिए एक बड़ा ‘फ्री-टू-पेड’ फनल बनाया है। इससे वह कम लागत पर स्टूडेंट्स को जोड़ पाती है और ऑनलाइन, हाइब्रिड और ऑफलाइन ऑफरिंग्स के जरिए उनसे कमाई कर पाती है। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, अभी कंपनी के पास भारत की सबसे बड़ी एजुकेशन कम्युनिटीज में से एक है। इसके 10 करोड़ से ज्यादा YouTube सब्सक्राइबर हैं। फिजिक्सवाला ने वित्त वर्ष 2023-2026 के दौरान रेवेन्यू में 74% की कंपाउंडेड ग्रोथ हासिल की है।

ब्रोकरेज ने कहा कि फिजिक्सवाला का ऑनलाइन बिजनेस ही इसकी वैल्यू का मुख्य आधार है। अनुमान है कि पेड-यूजर ग्रोथ, कैटेगरी के विस्तार और AI-बेस्ड मॉनेटाइजेशन की मदद से कंपनी का ऑनलाइन रेवेन्यू FY26-30 के दौरान 28% CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगा। कंपनी का ऑफलाइन बिजनेस, ऑनलाइन बिजनेस के मुकाबले प्रति यूजर ज्यादा औसत रेवेन्यू (ARPU) वाली मॉनेटाइजेशन लेयर उपलब्ध कराता है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY26-30 के दौरान ऑफलाइन रेवेन्यू 20% CAGR से बढ़ेगा और मुनाफे में भी सुधार होगा।

बुल केस

बुल केस सिनेरियो में, मोतीलाल ओसवाल ने फिजिक्सवाला के शेयर के लिए टारगेट प्राइस ₹220 प्रति शेयर दिया है। इस मामले में ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का ऑनलाइन रेवेन्यू FY26-37 के दौरान 22% CAGR से बढ़ सकता है। इसकी वजह है ऐसे मार्केट में लगातार मार्केट शेयर बढ़ना, जहां अभी बहुत कम पहुंच है। Physicswallah प्लेटफॉर्म 48.7 लाख स्टूडेंट्स को सर्विस देता है। ब्रोकरेज ने कहा कि ऑनलाइन ग्रोथ, वॉल्यूम और प्राइसिंग दोनों से बढ़ेगी। FY26-37 के दौरान यूनीक ट्रांजेक्शन करने वाले यूजर्स के मामले में 14% की CAGR दिखेगी। प्रति यूजर औसत लागत (ACPU) में 7% की CAGR दिखेगी। सेंटर्स के ज्यादा इस्तेमाल और नेटवर्क के लगातार विस्तार से ऑफलाइन रेवेन्यू FY26-37 के दौरान 17.5% की CAGR से बढ़ेगा।

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बेयर केस

बेयर केस सिनेरियो में मोतीलाल ओसवाल ने ₹110 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। यह शेयर की पिछली क्लोजिंग से 9% कम है। ब्रोकरेज ने कहा कि इस सिनेरियो में फिजिक्सवाला का ऑनलाइन रेवेन्यू FY26-37 के दौरान 16.7% CAGR से बढ़ेगा। रेवेन्यू पर डिजिटल-फर्स्ट एडटेक प्लेयर्स, ऑफलाइन इंस्टीट्यूट्स और AI-बेस्ड पर्सनलाइज्ड लर्निंग से कॉम्पिटिशन का असर पड़ेगा। बेयर केस सिनेरियो में FY26-37 के दौरान कंपनी का ऑफलाइन रेवेन्यू 15.7% CAGR से बढ़ने की संभावना है।

Physicswallah के लिए मुख्य जोखिम

  • कॉम्पिटिशन बढ़ना
  • ऑफलाइन कामकाज और सेंटर्स के इस्तेमाल में कमजोरी
  • फैकल्टी के ज्यादा संख्या में नौकरी छोड़ने से छात्रों के नतीजों और ब्रांड की इमेज पर असर
  • कोचिंग संस्थानों, विज्ञापन या डेटा प्राइवेसी से जुड़े नियमों में प्रतिकूल बदलाव

शेयर 6 महीनों में 60 प्रतिशत मजबूत

Physicswallah के शेयर को फिलहाल 8 एनालिस्ट कवर कर रहे हैं। इनमें से 7 ने “बाय” की सलाह दी है। एक ने “होल्ड” रेटिंग दी है। कंपनी की शुरुआत 2016 में एक YouTube चैनल के तौर पर हुई थी। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। कंपनी नवंबर 2025 में लिस्ट हुई थी। IPO 3480 करोड़ रुपये का था। शेयर 6 महीनों में 60 प्रतिशत और 3 महीनों में 20 प्रतिशत चढ़ा है। कंपनी की सालाना आम बैठक 25 सितंंबर 2026 को होने वाली है।

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NSE के आईपीओ की संभावित डेट आते ही रॉकेट बने IFCI और New India Assurance Company के शेयर

न्यू इंडिया एश्योरेंस और आईएफसीआई के शेयर 4 सितंबर को रॉकेट बन गए। इसकी वजह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ से जुड़ी एक बड़ी खबर है। खबर के मुताबिक, एनएसई 25 सितंबर को अपने शेयर लिस्ट कराना चाहता है। सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट में बताया गया है कि सेबी से एनएसई के आईपीओ को अगले हफ्ते मंजूरी मिल सकती है।

11 सितंबर को हो सकता है प्राइस बैंड का ऐलान 

इस रिपोर्ट के मुताबिक, एप्रूवल के बाद NSE सेबी के पास अपडेटेट ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल करेगा। इस खबर में यह भी बताया गया है कि एनएसई 11 सितंबर को आईपीओ में शेयर के प्राइस बैंड का ऐलान कर सकता है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज अपने शेयर की लिस्टिंग 25 सितंबर को चाहता है। इस खबर में कहा गया है कि एक्सचेंज ने सेबी को इस बारे में लिखा है। वह जवाब का इंतजार कर रहा है।

New India Assurance का शेयर 16 फीसदी उछला

इस खबर का 4 सितंबर को IFCI और New India Assurance के शेयरों पर असर दिखा। आईएफसीआई का शेयर एक समय 11 फीसदी तक चढ़ गया था। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। 12:45 बजे यह शेयर 8.43 फीसदी चढ़कर 104 रुपये पर चल रहा था। New India Assurance का शेयर 16.29 फीसदी चढ़कर 227 रुपये पर चल रहा था। दोनों कंपनियों की एनएसई में हिस्सेदारी है। एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है।

अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ पेश करेगा NSE

IFCI सरकार की कंपनी है। यह एक एनबीएफसी है। इसकी स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) में 52 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसकी NSE में 4.4 फीसदी हिस्सेदारी है। न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी की NSE में 1.42 फीसदी हिस्सेदारी है। एनएसई का आईपीओ देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। करीब 55 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर एनएसई आईपीओ में 6 फीसदी हिस्सेदारी बेचती है तो इश्यू का साइज 31,500 करोड़ रुपये रह सकता है।

अभी सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्युंडई के नाम

अभी सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्यूंडई मोटर इंडिया के नाम है। उसने 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ 2024 में पेश किया था। इससे पहले LIC ने करीब 21000 करोड़ रुपये का आईपीओ 2022 में पेश किया था। ह्युंडई ने सबसे बड़े आईपीओ के एलआईसी का रिकॉर्ड तोड़ा था।

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4 सितंबर को बीएसई के शेयरों में भी दिखी तेजी 

NSE का मुकाबला बीएसई से है। बीएसई एशिया का सबसे पुराना एक्सचेंज है। लेकिन, ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिहाज से यह एनएसई से काफी पीछे है। बीएसई के शेयर पहले से एनएसई में सूचीबद्ध हैं। 4 सितंबर को बीएसई के शेयरों में तेजी दिखी। 1 बजे शेयर का भाव 3.23 फीसदी चढ़कर 3,413 रुपये पर चल रहा था।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

High Return Stock: इस शेयर ने 2026 में पैसा दोगुना किया है, क्या निवेश करना चाहिए?

High Return Stock: आईनॉक्स इंडिया ने हाई वैल्यू बिजनेस पर फोकस बढ़ाया है। स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मौजूदगी और नए अप्लिकेशंस में एंट्री से कंपनी की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। कंपनी का शेयर 3 सितंबर को 3.84 फीसदी चढ़कर 2,180 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर ने 2026 में निवेशकों को मालामाल किया है। इस दौरान इसने निवेशकों का पैसा दोगुना कर दिया है।

कपैसिटी बढ़ने से ग्रोथ को मिलेगा सपोर्ट

Inox India कांडला में अपनी कपैसिटी बढ़ा रही है। इससे भी ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। शेयरों में ज्यादा तेजी का असर वैल्यूएशन पर पड़ा है। कंपनी की वैल्यूएशन 2028 में अनुमानित अर्निंग्स का करीब 44 गुना हो गई है। हालांकि, जून तिमाही में साल दर साल आधार पर कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 8.3 फीसदी रही है। अगर लॉजिस्टिक्स से जुड़े मसले नहीं होते तो रेवेन्यू ग्रोथ ज्यादा रहती।

EBITDA मार्जिन करीब 23.5 फीसदी रहा

मुश्किल के बावजूद कंपनी का EBITDA साल दर साल आधार पर 1.4 फीसदी बढ़कर करीब 90 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन करीब 23.5 फीसदी रहा, जो अच्छा है। साल दर साल आधार पर टैक्स बाद प्रॉफिट (PAT) बगैर बदलाव के 61 करोड़ रुपये रहा। जून तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहता, क्योंकि 32-35 करोड़ रुपये के इक्विपमेंट डिस्पैच के लिए तैयार हैं।

फ्रेट कॉस्ट में उछाल से इक्विपमेंट की शिपिंग में बाधा

माल ढुलाई की बढ़ती लागत और शिपिंग की सीमित उपलब्धता की वजह से इक्विपमेंट की शिपिंग नहीं हो सकी। कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया है कि यूरोपियन कनटेनर रेट्स 3,000-4000 से बढ़कर 8,000-9,000 ड़लर तक पहुंच गए हैं। कुछ ग्राहकों ने ज्यादा फ्रेट रेट्स को देखते हुए डिलीवरी टाल दी है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह मुश्किल थोड़े समय के लिए है।

1686 करोड़ रुयये की स्ट्रॉन्ग ऑर्डरबुक

जून तिमाही में कंपनी को 532 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले। इससे कुल ऑर्डरबुक बढ़कर जून के अंत में 1,686 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसमें एक्सपोर्ट ऑर्डर्स की 1,140 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी है। कंपनी के लिए एयरोस्पेस नए मौके के रूप में उभरा है। कंपनी को 1,500 क्यूबिक मीटर क्राइजोनिक स्टोरेज टैंक्स के 8 बड़े ऑर्डर्स मिले हैं। उसी ग्राहक से छह अतिरिक्त टैंक के भी ऑर्डर मिले हैं।

सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम में भी पैर जमाने की कोशिश

कंपनी भारत में नए उभरते सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम में भी पैर जमाने की कोशिश कर रही है। इसे धोलेरा में सेमीकंडक्टर फैसिलिटी के लिए स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट के ऑर्डर मिले हैं। मैनेजमेंट ने बताया है कि ये ऑर्डर करीब 30 करोड़ रुपये के हैं। कंपनी के संभावित ग्राहकों में Micron, Foxconn और टाटा जैसी बड़ी कंपनियां शामिल है।

मैनेजमेंट ने 18-20 फीसदी का रेवेन्यू गाइडेंस बनाए रखा

मैनेजमेंट ने FY27 के रेवेन्यू ग्रोथ के 18-20 फीसदी गाइडेंस को बनाए रखा है। एबिड्टा मार्जिन के 21-24 फीसदी गाइडेंस को भी बनाए रखा है। यह इसके बावजूद है कि पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन अनुमान से थोड़ा कमजोर रहा। कंपनी की 1,686 करोड़ रुपये की ऑर्डरबुक से रेवेन्यू को लेकर अगले कई सालों की तस्वीर साफ है।