सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर चिराग दारूवाला से जाने अक्टूबर में कैसा रहेगा बाजार, राशियों के हिसाब से कहां बनेगा पैसा

सीएनबीसी -आवाज़ की खास पेशकश निवेश का राशिफल विद चिराग दारूवाला में हम सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर चिराग दारूवाला से जानेंगे कि आपकी राशि के लिहाज से अक्टूबर का महीना निवेश के लिए कैसा रहेगा। चिराग जी ने कहा कि हमें निराश होने की जरूरत नहीं है। यह ध्यान में रखिए कोई भी चीज जीवन में परमानेंट नहीं होती है। ऐसे में अच्छा समय चल रहा होता है तब हमें ये सोचना है कि अच्छे समय में हम क्या कार्य करें ताकि आने वाले समय में हमें उसका अच्छा लाभ मिल सके। उसी प्रकार जब खराब समय चल रहा होता है तो हमें थोड़ा सा सब्र रखना है। थोड़ी सी शांति रखनी है और यही प्रभु से प्रार्थना करनी है और यही सोचना है कि यह समय भी निकल जाएगा।

इस महीने कैसी रहेगी ग्रहों की स्थिति

हम बात करेंगे ग्रहों की स्थिति के बारे में। गणेश जी कहते हैं कि अक्टूबर महीने की शुरुआत में सूर्य कन्या राशि में होंगे। बृहस्पति और मंगल कर्क राशि में रहेंगे। वहीं बुध और शुक्र तुला राशि में स्थित होंगे। जबकि शनि, मीन राशि में वक्री रहेंगे। ग्रहों की यह स्थिति शेयर बाजार,व्यापार और आर्थिक गतिविधियों में उतार-चढ़ाव के साथ-साथ कुछ क्षेत्रों में तेजी के भी संकेत दे सकती है। 3 अक्टूबर को शुक्र तुला राशि में वक्री होंगे। शुक्र का अपनी राशि तुला में वक्री होना बाजार में खरीददारी की गतिविधियों को बढ़ा सकता है। बैंकिंग सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर,एफएमजी सेक्टर,ज्वेलरी सेक्टर,होटल और लग्जरी सेक्टर में निवेशकों की रुचि बढ़ने के संकेत दिख रहे हैं।

17 अक्टूबर को सूर्य तुला राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के तुला राशि में आने से बाजार में ट्रेडिंग की गतिविधियां बढ़ सकती है। आईटी सेक्टर,टेक्नोलॉजी सेक्टर,टेलीकॉम सेक्टर,बैंकिंग सेक्टर और ब्रोकरेज सेक्टर में हलचल देखने को मिल सकती हैं। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी नए अवसर देखने को मिलेंगे।

24 अक्टूबर को बुध तुला राशि में वक्री होंगे। बुध के वक्री होने से शेयर बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों को इस दौरान जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना होगा। जल्दबाजी में आपको कोई भी फैसला नहीं लेना है। रियलस्टेट,कंस्ट्रक्शन सेक्टर,ऑयल गैस सेक्टर,केमिकल सेक्टर,इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेज गतिविधियां देखने को मिल सकती है।

31 अक्टूबर को बृहस्पति सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। बृहस्पति के राशि परिवर्तन के बाद निवेशकों को बाजार के प्रति भरोसा बढ़ सकता है। बैंकिंग सेक्टर, फाइनेंस सेक्टर,आईटी,मीडिया,टेलीकॉम,टेक्नोलॉजी,शिक्षा से जुड़े सेक्टर में गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। विदेशी निवेश और बड़े निवेशकों की भागीदारी में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर अक्टूबर में बाजार में तेजी के साथ-साथ कुछ समय पर उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। निवेशकों के लिए सेक्टर और कंपनियों का सही विश्लेषण करके करके ही आपको निर्णय लेना आपके लिए बेहतर होगा।

जानिए राशियों के हिसाब से कैसा रहेगा अक्टूबर का महीना

मेष राशि

गणेश जी कहते हैं मेष राशि वालों बिजनेस में व्यापार में विस्तार करने के लिए यह महीना बहुत ही अच्छा रह सकता है। आपके अटके हुए काम भी पूर्ण हो सकते हैं। रियलस्टेट और प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में लाभ के अवसर देखने को मिलेंगे। शेयर बाजार में मिड कैप और चुनिंदा सेक्टर पर आपको ध्यान देना होगा। आपकी जो आर्थिक स्थिति है,जो उतार-चढ़ाव चल रहा था,वह थोड़ी मजबूत होती नजर आएंगी और बचत बढ़ाने का भी आपको मौका मिलेगा। नए निवेश से पहले जोखिम और लाभ का अच्छी तरह से आकलन जरूर से करिएगा।

उपाय

प्रत्येक गुरुवार को 101 बार ओम गुरुवे नमः मंत्र का आप जाप कर सकते हैं और गाय माता को गुड़ खिला सकते हैं। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

वृषभ राशि

गणेश जी कहते हैं वृषभ राशि वालों इस महीने आपकी आर्थिक योजनाएं धीरे-धीरे सफल होती नजर आएंगी। बैंकिंग सेक्टर,आईटी सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर में निवेश अच्छा लाभ देगा। व्यापार में पुराने संपर्कों से लाभ और नए सौदे भी मिल सकते हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े काम में कागजी कार्यवाही सावधानी से करें। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखेंगे तो धन की बचत होगी। अटका हुआ पैसा भी आपको इस महीने मिल सकता है।

उपाय

हर शनिवार को नहाने के पानी में एक चुटकी हल्दी अवश्य मिलाइए। यह महीना आपके लिए अच्छा रहेगा।

मिथुन

राशि गणेश जी कहते हैं मिथुन राशि वालों शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन से जुड़े क्षेत्रों पर नजर रख सकते हैं। जल्दबाजी में आपको कोई फैसला नहीं लेना है। अच्छे इन्वेस्टर्स आपको मिल सकते हैं। व्यापार कर रहे हैं तो नए ग्राहक मिल सकते हैं। आपकी आमदनी बढ़ेंगी। प्रॉपर्टी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो अच्छे अवसर आपको प्राप्त होंगे। सोने चांदी से जुड़े कारोबार में लाभ के योग भी बन सकते हैं। इस महीने अतिरिक्त आय के नए रास्ते आपको देखने को मिलेंगे। आपके लिए नए रास्ते खुलेंगे।

उपाय

प्रत्येक शुक्रवार को मां लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना करें और खीर का भोग अवश्य लगाइएं।

कर्क राशि

गणेश जी कहते हैं कर्क राशि वालों इस महीने आर्थिक मामलों में आपको नई योजनाएं बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे से जुड़े शेयरों में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में किसी नए प्रोजेक्ट से आर्थिक लाभ होने की भी संभावना है। किसी भी प्रकार का लीगल डिस्प्यूट चल रहा था,स्ट्रेस चल रहा था,परेशानी चल रही थी तो वो लीगल डिस्प्यूट धीरे-धीरे समाधान में बदलेगा। यानी कि आपका जो स्ट्रेस है,जो एंग्जायटी है वो इस महीने धीरे-धीरे दूर होती नजर आएगी। म्यूचुअल फंड या फिर नियमित निवेश से भविष्य के लिए धन कमाने में मदद मिलेगी।

उपाय

हर मंगलवार को गणेश जी की पूजा अर्चना करें और ओम गण गणपताय नमः यह मंत्र का 108 बार जाप अवश्य करें।

सिंह राशि

गणेश जी कहते हैं सिंह राशि वालों इस महीने बिजनेस में आपको नए ऑर्डर मिलेंगे। आपको अच्छे इन्वेस्टर्स भी मिल सकते हैं। अगर कोई भी प्रकार का लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट लंबी अवधि का निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो जरूर से आपको करना चाहिए। आपको फायदा अच्छा मिलेगा। शेयर बाजार में किसी के भी कहने पर आपको निवेश नहीं करना है। प्रॉपर रिसर्च एक्सपर्ट्स की सलाह लेकर अगर आप निवेश करते हैं तो अच्छा लाभ अवश्य होगा। आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। लेकिन बड़े खर्चों की योजना सोच समझकर बनाइए।

उपाय

प्रत्येक शनिवार को हनुमान जी को तेल और सिंदूर अर्पित करें।

कन्या राशि

गणेश जी कहते हैं कन्या राशि वालों फाइनेंस सेक्टर,इंश्योरेंस सेक्टर और बैंकिंग सेक्टर से जुड़े निवेश में अच्छे अवसर देखने को मिल सकते हैं। आपके पोर्टफोलियो में बदलाव लाने की भी जरूरत है। व्यापार में आपकी जो मेहनत है उसका आर्थिक परिणाम आपको बहुत अच्छा मिलेगा। प्रॉपर्टी या जमीन में निवेश के लिए थोड़ा सा इंतजार करिए। कुछ अच्छी डील्स क्लोज हो सकती है। शेयर बाजार में जोखिम लेने से पहले पूरी जानकारी जरूर से हासिल करें। जल्दबाजी में आपको कोई फैसला नहीं लेना है। धन की आवक बनी रहेगी लेकिन अचानक खर्चे भी बढ़ सकते हैं।

उपाय

प्रत्येक शनिवार को कौवों को,काले कुत्तों को दूध अवश्य पिलाइए और भोजन अवश्य कराइए। आप यह समझ लीजिए कि यह पितरों के दिन चल रहे हैं। आपके पितरों का आशीर्वाद आपको अवश्य प्राप्त होगा।

तुला राशि

गणेश जी कहते हैं तुला राशि वालों आईटी सेक्टर टेक्नोलॉजी सेक्टर एनर्जी सेक्टर में निवेश करने वालों को अच्छे अवसर प्राप्त हो सकते हैं। बिजनेस में नई तकनीक या फिर नई रणनीति अपनाने से आपको अच्छा लाभ होगा। यह समय यह महीना बदलाव का महीना है। तो किसी भी प्रकार का बदलाव अगर आप पोर्टफोलियो में लाते हैं,इन्वेस्टमेंट्स में बदलाव लाते हैं या व्यापार में बदलाव लाते हैं,वह हर एक प्रकार का बदलाव आपको तरक्की के मार्ग पर अवश्य लेकर जाएगा। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े जुड़े किसी सौदे में अच्छा लाभ मिल सकता है। पैसों का लेनदेन करते समय सावधानी रखें और बिना जांच के किसी को भी पैसा ना दें।

उपाय

प्रतिदिन सुबह गाय माता को हरा चारा अवश्य खिलाइए। यह महीना बेहतरीन रहेगा।

वृश्चिक राशि

गणेश जी कहते हैं वृश्चिक राशि वालों अभी नहीं तो कभी नहीं जो कार्य करने हैं कर लीजिए जो दिमाग में चीजें चल रही है जो आइडियाज चल रहे हैं उसे बाहर लाने का समय आ चुका है। व्यापार में मुनाफा बढ़ने से कई अवसर आपको मिल सकते हैं। ऑटोमोबाइल और एनर्जी सेक्टर से जुड़े शेयरों पर ध्यान देना होगा । इंश्योरेंस और फाइनेंस से जुड़े निवेश भी आपके लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। खर्चों पर नियंत्रण रखने से आपकी आर्थिक स्थिति और भी मजबूत होगी।

उपाय

जब भी भी संभव हो लाल चीजों का लाल कपड़ों का दान अवश्य करिए।

धनु राशि

गणेश जी कहते हैं धनु राशि वालों इस महीने जो आपके अटके हुए पैसे थे, जो इन्वेस्टमेंट किया हुआ था और मार्केट में पैसा अटक गया था वह अटका हुआ पैसा आपको मिल सकता है। यह महीना आपको अच्छी योजनाएं बनानी है और उसके ऊपर कार्य करना है। म्यूच्यूल फंड और लंबी अवधि की योजनाओं से भी लाभ मिल सकता है। करियर और व्यापार में तरक्की के कारण धन की जो स्थिति है वह मजबूत होगी। एक से अधिक स्रोते से आमदनी प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे। लेकिन खर्चों पर आपको ध्यान रखना है।

उपाय

प्रत्येक गुरुवार को ओम ब्रह्म बृहस्पे नमः का 108 बार जाप करें।

मकर राशि

गणेश जी कहते हैं मकर राशि वालों स्टील सेक्टर, सीमेंट सेक्टर, कंस्ट्रक्शन सेक्टर और रियलस्टेट सेक्टर में निवेश के अवसर मिल सकते हैं। बिजनेस में काम का विस्तार करने की योजनाएं सफल हो सकती है। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी और आय के नए स्रोत बनने की भी संभावना है। नियमित निवेश और बचत से भविष्य में आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

उपाय

जरूरतमंद लोगों को दूध,दही,घी,भोजन का दान करें।

कुंभ राशि

गणेश जी कहते हैं कुंभ राशि वालों इस महीने शेयर बाजार में ऊर्जा,पावर और गैस सेक्टर से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। पुराने निवेश में सुधार आने से आर्थिक राहत मिलेगी। बिजनेस में नए लोगों के साथ साझेदारी या फिर नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो सकता है। आपकी घर या प्रॉपर्टी खरीदने की योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं। आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव संभव है। इसलिए कोई भी निवेश कर रहे हैं सोच समझकर करें। जल्दबाजी में फैसला मत लीजिएगा।

उपाय

हर शनिवार शाम को शनिदेव को काले तिल और सरसों का तेल अवश्य अर्पित करें।

मीन राशि

गणेश जी कहते हैं मीन राशि वालों बैंकिंग और आईटी सेक्टर से जुड़े निवेश में अच्छे अवसर बन सकते हैं। महीने की शुरुआत में बनाई गई आर्थिक योजनाएं आगे चलकर लाभ दे सकती है। नौकरी और व्यापार में आय बढ़ने के नए अवसर आपको मिल सकते हैं। यह महीना अपॉर्चुनिटीज वाला महीना है। क्रिएटिविटी का महीना है। तो आप यह समझ लीजिए कि आपको अपनी जो क्रिएटिविटी है,उसे बाहर लाने की जरूरत है। ऑटोमेटिकली आपके जीवन में अपॉर्चुनिटीज का भंडार आपको इस महीने देखने को मिलेगा। प्रॉपर्टी या फिर वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो उसके लिए भी यह महीना बहुत ही बेहतरीन है। म्यूच्यूल फंड जैसे नियमित निवेश के माध्यम से भविष्य के लिए धन जुटाने का समय है।

उपाय

रोजाना सूर्य देव को जल चढ़ाएं। 21 बार गायत्री मंत्र का जाप करें और 51 बार ओम रिम सूर नमः यह मंत्र का आप जाप अवश्य करिए। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

खत्म हुआ मार्केट में गिरावट का दौर! इस कारण मैक्वेरी को है भरोसा, लगाया इन सेक्टर पर दांव

Market Outlook: मैक्वेरी कैपिटल के एमडी और भारत में इक्विटी हेड संदीप भाटिया का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार फिलहाल अपनी रेंज के निचले स्तर पर हैं। इसके अलावा उनका यह भी मानना है कि मार्केट को झटका देने वाली जितनी भी खबरें हैं, और जो भी दबाव है, उसका खराब दौर अब निश्चित रूप से पीछे छूट चुका है। संदीप के मुताबिक कच्चे तेल के भाव और अमेरिकी टैरिफ का रिस्क बना हुआ है तो भारत और अमेरिका में ब्याज दरें अभी भी मार्केट के लिए एक चुनौती बनी हुई हैं। इसके अलावा भारत को अभी तक हार्डवेयर और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े थीम में बढ़ती वैश्विक दिलचस्पी का पूरा फायदा नहीं मिला है। इन चिंताओं के बावजूद उनका मानना है कि भारतीय कंपनियों के सितंबर 2026 तिमाही के रिजल्ट उम्मीद से बेहतर रह सकते हैं।

बैंकिंग सेक्टर

किस सेक्टर के कंपनियों के कारोबारी नतीजे धमाकेदार रह सकते हैं, इसे लेकर संदीप ने कोई अनुमान तो नहीं बताया लेकिन यह जरूर कहा कि बैंकिंग सेक्टर में आउटलुक सुधर रहा है। बैंकिंग सेक्टर उन सेक्टर्स में शुमार है, जिनमें सबसे अधिक दबाव दिखा है लेकिन अब संदीप को उम्मीद है कि अगले दो साल में बैंकों के मार्जिन में सुधार होगा और उनके शेयरों की वैल्यूएशन फिर से बढ़ सकती है, हालांकि नियर टर्म में कमाई पर कुछ दबाव रह सकता है। उनका कहना है कि साल 2027 और साल 2028 में यानी अगले दो वर्षों में बैंकों की कमाई अच्छी रहेगी।

फाइनेंशियल सेक्टर

संदीप भाटिया को फाइनेंशियल सेविंग्स में बड़ा मौका दिख रहा है। उनका अनुमान है कि देश की वित्तीय बचत $50 हजार करोड़ से अधिक है, जोकि और बढ़ सकता है। संदीप का मानना है कि एमसीएक्स, बीएसई और एनएसई को इस रुझान से फायदा हो सकता है।

कंज्यूमर और ऑटो सेक्टर

संदीप भाटिया को उम्मीद है कि कंज्यूमर-ड्यूरेबल कंजम्प्शन से अच्छे नतीजे देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने हुंडई इंडिया, मारुति सुजुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी ऑटो कंपनियों का जिक्र करते हुए कहा कि फेस्टिवल सीजन के दौरान गाड़ियों की बिक्री जबरदस्त रही है।

पावर और एनर्जी सेक्टर

संदीप भाटिया की पावर और एनर्जी स्पेस में दिलचस्पी बनी हुई है। रिन्यूएबल एनर्जी स्पेस में उन्हें क्लीन मैक्स एंवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस तो पावर इक्विपमेंट और ट्रांसमिशन कंपनियों में हिताची एनर्जी इंडिया पसंद है। उनका कहना है कि यह मौका सिर्फ एआई से जुड़ी बिजली की मांग की वजह से नहीं बन रहा है, बल्कि देश में मजबूत इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ से भी इसे बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

आईटी सेक्टर

वैल्यूएशन आकर्षक होने के बावजूद संदीप आईटी सेक्टर को लेकर सतर्क हैं और अभी इस सेक्टर में निवेश करने से बच रहे हैं। संदीप का मानना है कि जब तक एआई के असर को लेकर अधिक स्पष्टता नहीं आती, तब तक दबाव बना रहेगा।

इंश्योरेंस सेक्टर

संदीप भाटिया का कहना है कि इंश्योरेंस सेक्टर के लिए नियमों में बदलाव बड़ी चिंता बनी हुई है। फिलहाल वह पॉलिसीबाजार की पीबी फिनटेक को लेकर सतर्क हैं और इस सेक्टर पर कोई फैसला लेने से पहले बीमा नियामक IRDA की ड्राफ्ट सिफारिशों के फाइनल होने का इंतजार करना चाहते हैं।

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इस प्राइवेट बैंक के शेयर में आ सकती है तूफानी तेजी, एनालिस्ट ने बताया टॉप पिक

एलारा सिक्योरिटीज ने आईसीआआईसीआई बैंक को अपनी टॉप पिक बताया है। यह देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक है। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 1 अक्तूबर को 2 बजे 0.64 फीसदी गिरकर 1,313.30 रुपये पर चल रहा था। बैंक निफ्टी पर भी दबाव दिखा। यह 0.64 फीसदी नीचे था।

करेक्शन के बाद वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर

Elara Securities का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद ICICI Bank की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई है। ब्रोकरेज फर्म के हेड ऑफ रिसर्च बिनो पतिपरामपिल ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में अभी कम रिस्क के साथ स्ट्रॉन्ग ग्रोथ की संभावना दिख रही है। उन्होंने कहा कि अगर अभी निवेश के लिए किसी सेक्टर का चुनाव करना हो तो बैंक सेक्टर को चुना जा सकता है।

प्राइवेट बैंकों के शेयरों में आ सकती है बड़ी तेजी

उन्होंने कहा, “आईसीआईसीआई बैंक टॉप चॉइस बना हुआ है।” अच्छी क्रेडिट ग्रोथ, क्रेडिट की स्ट्रॉन्ग डिमांड और बेहतर एसेट क्वालिटी के बावजूद बीते एक साल में प्राइवेट बैंकों के शेयरों का प्रदर्शन सरकारी बैंकों के मुकाबले कमजोर रहा है। बीते एक साल में निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 4.72 फीसदी चढ़ा है, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.98 फीसदी चढ़ा है।

पीएसयू बैंकों के मुकाबले प्राइवेट बैंक शेयरों का प्रदर्शन कमजोर

मार्केट में रिकवरी शुरू होने पर प्राइवेट बैंकों के शेयरों में अच्छी तेजी दिख सकती है। आईसीआईसीआई बैंक सहित कई बड़े प्राइवेट बैंकों के शेयरों का प्रदर्शन बीते एक साल में कमजोर रहा है। इस दौरान आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 4.34 फीसदी गिरा है। एचडीएफसी बैंक का शेयर बीते एक साल में करीब 26 फीसदी टूटा है।

जून तिमाही में ICICI Bank का अच्छा प्रदर्शन 

जून तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक का प्रदर्शन अच्छा रहा। इस दौरान बैंक का नेट प्रॉफिट 14800 करोड़ रुपये रहा। यह एनालिस्ट्स की उम्मीद से ज्यादा था। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 12.7 फीसदी गिरकर 24300 करोड़ रुपये रही। घरेलू लोन की ग्रोथ 19 फीसदी से ज्यादा रही। नेट इंटरेस्ट मार्जिन भी बढ़कर 4.36 फीसदी रहा। बैड लोन के लिए बैंक की प्रोविजनिंग में काफी कमी देखने को मिली।

बाजार में 1 अक्टूबर को भी बड़ी गिरावट 

1 अक्तूबर को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा। निफ्टी 1.71 फीसदी यानी 385 अंक गिरकर 22,232 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.58 फीसदी यानी 1137 अंक गिरकर 71,334 पर चल रहा था। बैंक शेयरों पर भी दबाव दिखा। भारतीय शेयर बाजार का सेंटिमेंट काफी कमजोर है। बाजार के प्रमुख सूचकांक अहम सपोर्ट लेवल को तोड़ चुके हैं।

HDFC Bank News: नए चीफ कंप्लायंस ऑफिसर की नियुक्ति, वीएन श्रीवत्सन संभालेंगे जिम्मेदारी

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank ने वी एन श्रीवत्सन को नया चीफ कंप्लायंस ऑफिसर बनाया है। उनका कार्यकाल तीन साल का होगा। यह अवधि बैंक में जॉइन करने की तारीख से शुरू होगी।

श्रीवत्सन के 4 जनवरी 2027 को HDFC Bank जॉइन करने की उम्मीद है। वह बैंक के फुल-टाइम कर्मचारी होंगे। अभी वह ICICI Bank में ओवरसीज बैंकिंग और सब्सिडियरीज के हेड ऑफ कंप्लायंस और डेटा प्राइवेसी ऑफिसर हैं।

34 साल का अनुभव

श्रीवत्सन को करीब 34 साल का प्रोफेशनल अनुभव है। इसमें करीब 25 साल बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में काम करने का अनुभव है। करीब 10 साल का अनुभव सीधे कंप्लायंस और रेगुलेटरी इंस्पेक्शन से जुड़ा है।

उन्होंने आठ साल से ज्यादा समय तक रिटेल बैंकिंग कंप्लायंस और रेगुलेटरी इंस्पेक्शन की जिम्मेदारी संभाली है। उनके काम में रेगुलेशन की निगरानी और रेगुलेटरी इंस्पेक्शन संभालना शामिल रहा है।

कंप्लायंस का लंबा अनुभव

श्रीवत्सन ने कंप्लायंस फ्रेमवर्क और पॉलिसी तैयार करने का काम किया है। इन्हें लागू कराने की जिम्मेदारी भी संभाली है। इसके अलावा उन्होंने रेगुलेटरी इंस्पेक्शन से जुड़े मामलों को भी देखा है।

उन्होंने सीनियर मैनेजमेंट, ऑडिट कमेटी, बोर्ड और रेगुलेटर्स के साथ काम किया है। श्रीवत्सन ने पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में पोस्टग्रेजुएट डिग्री की है। उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बीटेक किया है।

राकेश कुमार राजपूत ने छोड़ा पद

HDFC Bank के चीफ कंप्लायंस ऑफिसर राकेश कुमार राजपूत ने 30 सितंबर 2026 को यह पद छोड़ दिया। वह 1 अक्टूबर 2023 से इस जिम्मेदारी को संभाल रहे थे।

हालांकि, राजपूत HDFC Bank के फुल-टाइम कर्मचारी बने रहेंगे। उनके पास बीएससी (ऑनर्स) की डिग्री है। वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकर्स के सर्टिफाइड एसोसिएट हैं। इसके अलावा उनके पास बिजनेस मैनेजमेंट में एडवांस्ड डिप्लोमा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : भारी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 29 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : 28 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,800 के नीचे चला गया। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 1,124.02 अंक या 1.52 प्रतिशत गिरकर 72,771.72 पर और निफ्टी 360.25 अंक या 1.56 प्रतिशत गिरकर 22,780.25 पर बंद हुआ। आज लगभग 1214 शेयरों में बढ़त हुई, 2905 शेयरों में गिरावट आई और 166 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल,टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स,टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स,अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में डॉ.रेड्डीज लैब्स और इंफोसिस शामिल रहे।

सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। PSU बैंक इंडेक्स 3% और टेलीकॉम इंडेक्स 2% नीचे बंद हुआ। जबकि एनर्जी,इंफ्रा,FMCG,रियल्टी,प्राइवेट बैंक, मेटल और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.7 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.8 प्रतिशत गिरा।

बोनान्ज़ा के रिसर्च एनालिस्ट बालाजी राव मुदिली ने कहा कि आज बाजार में भारी गिरावट देखी गई। निफ़्टी 22,780.25 (1.56% नीचे) पर और सेंसेक्स 72,771.21 (1.52% नीचे) पर बंद हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के ईरान के प्रस्ताव को ठुकरा दिया,जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल आया। इससे बाजार पर दबाव बना। साथ ही,बाजार को उम्मीद है कि अक्टूबर की बैठक में अमेरिका में ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है। ब्याज दरें बढ़ने की संभावना के चलते सोने और चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट आई है। ये लगभग 3.36% और 5.29% नीचे आए हैं। इंडेक्स के नजरिए से देखें तो सभी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए,जिनमें बैंक,मेटल,रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई।

बॉन्ड यील्ड में तेजी, रुपये में कमज़ोरी, RBI द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती संभावना और बैंकिंग सेक्टर में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) घटने की उम्मीद के कारण बड़े बैंकों के शेयरों पर भारी दबाव बना हुआ है। आज बैंक-निफ्टी में 1.99% की गिरावट दर्ज की गई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर ने कहा कि बाजार के एक अहम साइकोलॉजिकल सपोर्ट लेवल को तोड़ने के साथ ही मंदड़ियों का दबदबा बना रहा। यह ग्लोबल मैक्रो हालात बिगड़ने के साथ ही निवेशकों में बढ़ती सावधानी की भावना को दिखाता है। अमेरिका द्वारा सीज़फायर के प्रस्ताव को ठुकराने से चिंताएं बढ़ गई हैं। पश्चिम एशिया में तनाव उम्मीद से ज़्यादा समय तक बना रह सकता है। इससे निकट भविष्य में कूटनीतिक समाधान की संभावना कम हो गई है और लंबे समय तक सप्लाई में रुकावट और कमोडिटी की कीमतें बढ़ने का जोखिम बढ़ गया है।

वहीं,अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भारत और अमेरिका के बीच यील्ड का अंतर कम हो रहा है,जिससे विदेशी फंडों की निकासी हो सकती है और बाज़ार का मूड सतर्क बना रह सकता है। फेड द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की बढ़ती आशंका के कारण सभी सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखा गया। इसके अलावा, RBI के आगामी पॉलिसी से पहले बाजार सतर्क रह सकते हैं। निकट भविष्य में ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति,बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव,तेल की कीमतें और पॉलिसी से जुड़े संकेत बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च, श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 360 अंक नीचे बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 1124 अंक गिर गया। सभी अहम सेक्टर इंडेक्स नेगेटिव दायरे में रहे,जिसमें PSU बैंक इंडेक्स में सबसे ज़्यादा 3.15 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

टेक्निकल तौर पर कमजोर शुरुआत के बाद निफ्टी 23,000 के स्तर से नीचे फिसल गया और इस गिरावट के बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इसके अलावा, डेली चार्ट पर’बेयरिश कैंडल’और इंट्राडे चार्ट पर’लोअर-टॉप फॉर्मेशन’मौजूदा स्तरों से और कमजोरी आने का संकेत दे रहे हैं।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि मार्केट का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमज़ोर बना हुआ है। हालांकि,कुछ समय के लिए’ओवरसोल्ड’पोजीशन के कारण,हम मौजूदा स्तरों से एक तेज’पुलबैक रैली’देख सकते हैं। डे ट्रेडर्स के लिए 22,800 का स्तर अहम है। इस स्तर से नीचे सेंटीमेंट कमजोर बने रहने की संभावना है,जिसमें 22,650–22,550 पर सपोर्ट मिलेगा। ऊपर की तरफ,22,800 के स्तर से ऊपर जाने पर निफ्टी 23,000–23,050 की ओर उछाल दिखा सकता है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि निफ्टी हल्की गिरावट (गैप-डाउन) के साथ खुला और उस पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया,जिससे यह 23,300 के अहम साइकोलॉजिकल लेवल से नीचे आ गया। कमजोर शुरुआत से पता चलता है कि ऊपरी लेवल पर सेलर अभी भी एक्टिव हैं,जिससे निकट भविष्य का टेक्निकल स्ट्रक्चर खराब है। ऊपर की तरफ,23,100–23,200 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस बैंड का काम कर सकता है। अगर निफ्टी लगातार 23,200 के ऊपर बना रहता है,तो इससे कुछ राहत मिल सकती है और 23,300–23,400 के लेवल तक रिकवरी में मदद मिल सकती है। हालांकि,अगर यह इस रेजिस्टेंस बैंड के नीचे ही ट्रेड करता रहा तो इंडेक्स पर और बिकवाली का दबाव बन सकता है।

नीचे की तरफ 22,800 का लेवल अहम सपोर्ट बना हुआ है,जिस पर नज़र रखनी होगी। अगर यह 22,800–22,700 के दायरे से नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स और निचले स्तरों पर जा सकता है। मोमेंटम इंडिकेटर और कमज़ोर हुए हैं। RSI 30 के आसपास है,जो बताता है कि मोमेंटम काफी कमजोर है और यह’ओवरसोल्ड’जोन के करीब है। बाजार का बड़ा तकनीकी ढांचा भी कमजोर बना हुआ है और इंडेक्स अहम मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। कुल मिलाकर,तकनीकी आउटलुक अधिक मंदी वाला हो गया है।

 

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Banks vs NBFCs: 5 वजहों से बैंकिंग शेयरों की चमक फीकी, एनबीएफसी ने मारी बाजी

Banks vs NBFCs: लोन बुक में बढ़ोतरी, एसेट क्वालिटी की मजबूती बने रहने और बैड लोन के रिकॉर्ड निचले स्तर के आस-पास होने के बावजूद बड़े बैकों के शेयर निवेशकों को लुभा नहीं पा रहे। वहीं नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनीज (NBFC) को लेकर निवेशकों की काफी दिलचस्पी दिख रही है। सैमको सिक्योरिटीज के सीईओ और फाउंडर जिमीत मोदी का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि बैंकों का मैनेजमेंट खराब है बल्कि बैंकिंग सेक्टर के हालात बदल गए हैं। उन्होंने इसके पीछे की पांच अहम वजह बताई है, जिसके बारे में नीचे दिया जा रहा है।

घट रहे बैंकों के रिटर्न

बड़े प्राइवेट बैंकों के शेयरहोल्डर्स का रिटर्न अब कम हो रहा तो दिग्गज एनबीएफसी में RoE (रिटर्न ऑन इक्विटी) बढ़ रहा है। लंबे समय तक बैंकों का RoE मजबूत बना रहा क्योंकि उनके पसा बड़ा डिपॉजिट बेस था, जिसके दम पर वे शेयरहोल्डर्स के निवेश की तुलना में अधिक लोन बांट पाते थे तो दूसरी तरफ एनबीएफसी को यह सुविधा नहीं थी और उन्हें अपनी पूंजी पर निर्भर रहना पड़ता था। हालांकि अब लेंडिंग मार्जिन कम होने से अधिक लेवरेज का असर बैंकों के RoE पर निगेटिव दिखने लगा तो बेहतर मार्जिन और कम लेवरेज वाली NBFCs का रिटर्न बेहतर बना हुआ है।

रेपो-लिंक्ड लोन ने बढ़ाई बैंकों की दिक्कत

फरवरी 2025 से आरबीआई ने रेपो रेट में 125 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है। बैंकों के लगभग 60% लोन इसी रेट से जुड़े होते हैं तो रेपो रेट कम होने से इनकी ब्याज दर लगभग तुरंत कम हो गईं। वहीं डिपॉजिट के मामले में स्थिति थोड़ी अलग है क्योंकि इनकी दरें तभी बदलती हैं, जब वे मैच्योर होते हैं, जिसमें आमतौर पर छह से बारह महीने लगते हैं। ऐसे में बैंकों की इनकम पहले घटी, जबकि लागत बाद में कम हुई। वहीं नॉन-बैंक लेंडर्स यानी NBFCs के मामले में स्थिति बिल्कुल उल्टी रही। उनके अधिकतर लोन फिक्स्ड रेट वाले होते हैं, जैसे- ऑटो, गोल्ड और SME लोन। ऐसे में उनकी इनकम कम नहीं हुई और लोन के लिए फंड जुटाने की लागत कम हो गई। इस तरह रेपो रेट में कटौती का असर बिल्कुल अलग-अलग दिखा और इसने मार्जिन में फर्क डाल दिया।

कमजोर हो रही बैंकों की डिपॉजिट

दशकों तक बैंकों को कम लागत वाली सेविंग्स डिपॉजिट मिल जा रही थी लेकिन अब स्टॉक्स और म्यूचुअल फंड जैसे मार्केट से जुड़े प्रोडक्ट्स में पैसा जाने लगा तो बैंकों का डिपॉजिट्स बेस कमजोर पड़ा। इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 के मुताबिक परिवारों की बचत का बैंकों में जमा हिस्सा FY12 में 57.9% से घटकर FY25 में 35.2% रह गया। ऐसे में बैंकों के लिए बॉन्ड्स और CD (सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट) इत्यादि की जरूरत बढ़ने लगी जिनकी फंडिंग लागत मार्केट से जुड़ी है। एनबीएफसी भी इसी तरीके से पैसे जुटाते हैं।

कुछ एरिया में बैंकों से आगे NBFC

पिछले कुछ महीनों में बैंकों की लोन ग्रोथ एनबीएफसी की तुलना में अधिक रफ्तार से बढ़ी लेकिन इस ग्रोथ का एक बड़ा हिस्सा बड़े कॉरपोरेट से जुड़ा है, जहां मार्जिन कम है और कीमत बॉन्ड मार्केट से तय होती है। इसके अलावा एनबीएफसी को भी बैंकों का लोन तेजी से बढ़ रहा है। एनबीएफसी की बात करें तो गोल्ड लोन, पुरानी गाड़ियों से जुड़े लोन, अफोर्डेबल हाउसिंग से जुड़े लोन और छोटे बिजनेसेज के लोन के मामले में यह आगे है। इन सेगमेंट में सही फैसला लेने, स्थानीय जानकारी और लोन वसूली की क्षमता की जरूरत होती है, और NBFC ने इन मामलों में बढ़त हासिल कर ली है।

लीडरशिप में बदलाव

प्राइवेट बैंकों के चीफ एग्जीक्यूटिव का एक कार्यकाल तय होता है, जिस पर आरबीआई मंजूरी लेनी होती है। चूंकि कई लीडरशिप कार्यकाल एक ही समय के आसपास तय किए गए थे, इसलिए अब उनमें से कई लगभग एक साथ खत्म हो रहे हैं। इस वजह से 2026 में प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर के बैंकों में बड़ी संख्या में लीडरशिप में बदलाव हो रहे हैं। लीडरशिप में बदलाव से बड़े फैसलों में देरी हो सकती है। नए सीईओ के पद संभालने तक बैंक कई अहम फैसलों को टाल सकते हैं तो नए सीईओ भी आते ही तुरंत आक्रामक तौर पर काम करने लगें, ऐसा जरूरी भी नहीं। बैंकिंग स्टेबिलिटी के लिए ये नियम जरूरी हैं, लेकिन लीडरशिप में बदलाव के समय बैंकों को लेकर निवेशक अधिक सतर्क होने लगते हैं।

क्या करना चाहिए निवेशकों को

निवेशकों की पसंद में बदलाव स्टॉक मार्केट में भी दिखने लगा है। एक साल में निफ्टी बैंक 3.51% मजबूत हुआ है लेकिन निफ्टी फाइनेंशिल सर्विसेज 2.5% कमजोर हुआ है। हालांकि अगर निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में से बैंकों को निकाल दें तो यह एक साल में 6.77% मजबूत हुआ। जिमीत मोदी के मुताबिक जहां बैंकों का क्रेडिट मॉडल काम नहीं कर पा रहा, वहां एनबीएफसी की मौजूदगी इसकी कमाई को सपोर्ट दे रही। हालांकि उनका यह भी मानना है कि इसमें अधिकतर फायदा साइक्लिकल है और इसमें बदलाव हो सकता है। बैंकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्ट्रक्चरल है। अब आम लोग अपनी बचत बैंकों की बजाय मार्केट-लिंक्ड प्रोडक्ट्स में डाल रहे हैं। जिमीत के मुताबिक ऐसे समय में निवेशकों को सिर्फ लोन ग्रोथ की बजाय बैंकों के लोन यील्ड और कम लागत वाले डिपॉजिट के हिस्से पर ध्यान देना चाहिए।

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Market Insight : अगले दो साल बाजार के लिए रहेंगे शानदार, बैंकिंग और फार्मा शेयर जोरदार तेजी के लिए तैयार

Market Insight : मार्केट आउटलुक पर बात करते हुए वैलेंटिस एडवाइजर्स (Valentis Advisors) के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर ज्योतिवर्धन जयपुरिया ने कहा कि हाल के दिनों में स्टॉक मार्केट में काफी उथल-पुथल देखने को मिली। बाजार दो तरफा रहा है। लार्ज कैप इन्वेस्टर्स है को तो रिटर्न नहीं मिला है। लेकिन स्माल कैप और मिड कैप इन्वेस्टर्स के लिए बाजार बहुत अच्छा रहा है। अगर पिछले 6 महीनों पर नजर डालें तो स्माल कैप में करीब 25% की तेजी आई है। वहीं, लार्ज कैप फ्लैट रहा है। कंपनियों के नतीजे भी अच्छे रहे हैं। जून तिमाही के नतीजे काफी अच्छे थे। लार्ज कैप में भी अच्छे नतीजे देखने को मिले। स्मॉल और मिड कैप में काफी ग्रोथ देखने को मिला है। स्मॉल और मिड कैप में करीब 20 से 25 फीसदी ग्रोथ रही।

इकोनॉमी में अर्निंग्स ग्रोथ हो रही है। अनुमान है अगले दो साल में लार्ज कैप में भी 12-13% की अर्निंग ग्रोथ देखने को मिल सकती है। वहीं स्मॉल और मिड कैप में 18 से 20% ग्रोथ हो सकता है। ऐसे में अगले दो साल मार्केट के लिए अच्छे रहने चाहिए। दो साल तक बाजार कंसोलिडेट हुआ। पिछले दो साल में लार्ज कैप, स्माल कैप और मिड कैप में कहीं पैसा नहीं बना। लेकिन अगला 2 साल बेटर रहेगा।

लेकिन छोटी अवधि के नजरिए से देखें तो अगले दो-तीन महीने में बाजार में बॉन्ड डील का बहुत ज्यादा रिस्क रहेगा। बाजार बहुत हद तक कच्चे तेल से लिंक्ड है। अगर ईरान और यूएस का कोई समझौता हो जाता है और है और कच्चा तेल गिर जाता है तो फिर इनफ्लेशन वापस नीचे आ सकता है। इससे बॉन्ड ईल्ड में जो बड़ा स्पाइक देखने मिला है वह थम सकता है। कल रात को यूएस से कुछ अच्छे संकेत आए। अगर अगले कुछ दिनों में अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत वापस चालू हो जाती है तो यह बाजार के लिए अच्छा रहेगा।

उन्होंने आगे कहा कि अगले दो-चार क्वार्टर में भी कॉर्पोरेट नतीजे अच्छे आने चाहिए और उसके कारण बाजार को थोड़ा सपोर्ट मिलेगा। हम ग्लोबल मार्केट के असर से पूरी तरह अछूते तो नहीं रह सकते। तो जब ग्लोबल मार्केट में करेक्शन आएगा तब भारत में भी करेक्शन आएगा। लेकिन यह करेक्शन दूसरे बाजारों की तुलना में कम रह सकता है। इसकी वजह ये है कि पिछले दो साल में भारत के बाजार ने दूसरे बाजारों की तुलना में बहुत खराब प्रदर्शन किया है। ऐसे में अब इसमें ग्लोबल मार्केट्स के हिसाब से शायद थोड़ा कम करेक्शन आएगा। आगे हमें बैंकिंग सेक्टर में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है। वित्त वर्ष 2026 में बैंकिंग के नतीजे कमोबेश सपाट रहे थे। ग्रोथ कुछ नहीं आया था। अगले एक साल में इसमें ग्रोथ आएगी और इनको नेट इंटरेस्ट मार्जिन में बढ़त का फायदा मिलेगा। बैंकिंग सेक्टर में 15 से 17% के ग्रोथ का अनुमान है।

इसके अलावा फार्मा सेक्टर भी आगे अच्छा कर सकता है। फार्मा अब तक बेस्ट अल्फा परफॉर्मर रहा है। इसमें आगे भी ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है। इस सेक्टर में सीडीएमओ कंपनियां काफी अच्छी लग रही हैं। यहां पर अगले 4-5 सालों में 25 से 30% की अर्निंग ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इस सेक्टर में यूएस जेनरिक्स पर फोकस करने वाली कंपनियां भी अच्छी लग रही हैं। अब अमेरिका में भाव में स्थिरता आ रही है। इस सेक्टर ने पिछले 5 साल में काफी खराब प्रदर्शन किया है। लेकिन अब यहां तेजी आ सकती है।

ऑटो सेक्टर पर बात करते हुए ज्योतिवर्धन जयपुरिया ने कहा कि पिछले साल GST कट से ऑटो में तेजी बढ़ी थी। अगले एक साल में ऑटो वॉल्यूम में नरमी संभव है। ब्याज दरें और कच्चे माल का भाव बढ़ने से ऑटो पर असर पड़ेगा।

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शेयर बाजारों में लिवाली के बीच बैंकिंग सेक्टर के दबाव से सेंसेक्स 22 अंक टूटा

Share Market

घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को कुल मिलाकर तेजी रही, हालांकि बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली से बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 22 अंक नीचे बंद हुआ।

सेंसेक्स में आज दिन भर उतार-चढ़ाव रहा। यह करीब 154 अंक की गिरावट में 74,182.62 अंक पर खुला और बीच कारोबार में 74,163 अंक से 74,678 अंक के बीच रहा। अंत में गत दिवस की तुलना में 21.86 अंक (0.03 प्रतिशत) नीचे 74,314.59 अंक पर रहा। सेंसेक्स के विपरीत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक 53 अंक यानी 0.23 प्रतिशत चढ़कर 23,270.60 अंक पर पहुंच गया। वृहत बाजार में तेजी रही। निफ्टी-मिडकैप-50 सूचकांक 0.96 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.76 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ।

सेक्टर आधारित सूचकांकों में बैंकिंग और तेल एवं गैस को छोड़कर अन्य सभी समूहों में लिवाली का जोर रहा। निजी बैंकों में अधिक गिरावट रही। मीडिया, धातु, फार्मा, रियल्टी और स्वास्थ्य सेक्टरों में तेजी अधिक रही। एनएसई में जिन 3,651 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें से 2,262 कंपनियों के शेयर बढ़त में 1,279 के नुकसान में रहे। अन्य 110 कंपनियों के शेयर अंततः अपरिवर्तित बंद हुए। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 21 के शेयर हरे निशान में रहे। टाटा स्टील का शेयर 2.82 प्रतिशत चढ़ा। बीईएल में 2.38 प्रतिशत, इंडिगो में 2.32 और इटरनल में 2.24 प्रतिशत की तेजी रही।

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मारुति सुजुकी का शेयर 1.64 फीसदी, एशियन पेंट्स का 1.45, बजाज फिनसर्व का 1.24 और अल्ट्राटेक सीमेंट का 1.03 प्रतिशत मजबूत हुआ। ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, सन फार्मा, आईटीसी, अडानी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर भी ऊपर बंद हुए। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 1.30 प्रतिशत, टाइटन का 1.14 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक का प्रतिशत टूट गया। भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, इंफोसिस और हिंदुस्तान यूनीलिवर में 0.38 प्रतिशत की गिरावट रही। वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 0.33 प्रतिशत मजबूत हुआ।

हांगकांग के हैंग सेंग में 0.44 प्रतिशत और चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.41 प्रतिशत की गिरावट रही। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.55 फीसदी और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.52 प्रतिशत मजबूत बंद हुआ।

Pic Credit : ANI