Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : महंगाई के आंकड़ों के बाद अमेरिका में रेट-हाइक की आशंका से ग्लोबल मार्केट का मूड खराब है। कल अमेरिकी बाजार गिरकर बंद हुए, S&P500 इंडेक्स 1% तो नैस्डेक 2% से ज्यादा लुढ़का। एशिया में भी दबाव देखने को मिल रहा है। हालांकि गिफ्ट निफ्टी में निचले स्तरों से रिकवरी दिख रही है। इधर ब्रेंट क्रूड फिसलकर 105 डॉलर के नीचे पहुंचने से सेंटिमेंट में थोड़ा सुधार हुआ है।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

14 अक्टूबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव डाला। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 251.89 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 72,781.89 पर और निफ्टी 99.25 अंक या 0.44 प्रतिशत गिरकर 22,622.70 पर बंद हुआ।

अमेरिका में AI शेयरों में भारी गिरावट, कॉस्पी करीब 8% फिसला

भारतीय IT कंपनियों के लिए पॉजिटिव संकेत हैं। कल अमेरिका में चिप और AI शेयरों में तगड़ी बिकवाली दिखी। AMD, माइक्रॉन, सैनडिस्क और ऑरेकल तीन से नौ परसेंट फिसले। Philadelphia सेमीकंडक्टर इंडेक्स में लगातार छठे दिन दबाव रहा। दूसरी ओर AI शेयरों की बिकवाली से कॉस्पी में 8 परसेंट की भारी गिरावट आई है। वहीं अमेरिका में सॉफ्टवेयर कंपनियों में रौनक दिखी।

सोने-चांदी में भारी गिरावट

अमेरिका में अनुमान से ज्यादा रिटेल महंगाई आंकड़ों से सोने-चांदी में भारी गिरावट आई है। गोल्ड 4100 डॉलर के नीचे फिसल गया है। चांदी में 6 परसेंट की गिरावट आई है।

21 अक्टूबर को खुलेगा JIO का IPO, प्राइस बैंड 1065-1119 रुपए तय

देश का सबसे बड़ा IPO, 21 अक्टूबर को खुलेगा। JIO PLATFORMS के IPO का प्राइस बैंड 1065 से 1119 रुपए प्रति शेयर के बीच है। इस आईपीओ से 30,000 करोड़ रुपए रुपए से ज्यादा जुटाने की योजना है। इसके तहत फ्रेश इश्यू के जरिए 27 करोड़ शेयर जारी होंगे। कंपनी के कर्मचारियों और शेयर होल्डरों के लिए अलग से कोटा रखा गया है।

IDBI बैंक स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी

IDBI बैंक डील पर कैबिनेट का बड़ा फैसला आया है। IDBI बैंक की स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी मिल गई है। कुल 60.72% हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया गया है। Fairfax सरकार और LIC की हिस्सेदारी खरीदेगी। इससे 52 हजार करोड़ से ज्यादा की FDI आने की उम्मीद है।

15% बढ़ा ICICI लोम्बार्ड का मुनाफा, टाटा टेक का मुनाफा और मार्जिन घटा

दूसरी तिमाही में ICICI लोम्बार्ड के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे। कंपनी मुनाफा 15% बढ़कर 946 करोड़ पर रहा है। Net Earned Premium में 18% की बढ़त हुई है। हालांकि अंडराइटिंग घाटे में बढ़त दिखी है। वहीं दूसरी ओर टाटा टेक का प्रॉफिट पांच परसेंट घटा है। मार्जिन पर भी दबाव दिखा है।

निफ्टी की चार कंपनियों के नतीजे आज

नतीजों के लिहाज से आज बड़ा दिन है। निफ्टी की चार कंपनियां टेक महिंद्रा, नेस्ले, जियो फाइनेंशियल और HDFC LIFE आज अपने रिजल्ट जारी करेंगी। टेक महिंद्रा की CONSTANT CURRENCY रेवेन्यू ग्रोथ डेढ़ परसेंट रह सकती है। मार्जिन फ्लैट रह सकते हैं। साथ ही इंडियन बैंक, पॉलीकैब, परसिस्टेंट समेत वायदा के नतीजों की भी लंबी लिस्ट है।

नवंबर सीरीज से वायदा में 6 नई कंपनियां

नवंबर सीरीज से वायदा में 6 नई कंपनियां शामिल होंगी। कोरोमंडल, सिटी यूनियन बैंक, डाटा पैटर्न, Karur Vysya Bank, नवीन फ्लूराइन और सिरमा SGS में 28 अक्टूबर से वायदा ट्रेडिंग शुरू होगी। वायदा में शामिल शेयरों की संख्या 218 से बढ़कर 224 हो जाएगी।

SEBI ने बुलाई SMAC की बैठक

CAS को लेकर MONEYCONTROL की बड़ी खबर आई है। सेबी ने आज सेकेंडरी मार्केट एडवाइजरी कमेटी बैठक बुलाई है। इसमें CAS पर मिले फीडबैक पर मंथन होगा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

14 अक्टूबर को, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगभग 1,857 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस दौरान 2,670 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

 

Market cues : मंदड़ियों का दबाव कम होने के बावजूद ओवरऑल टेक्निकल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर, रहें सतर्क

RBI Policy : RBI ने वित्त वर्ष 2027 के GDP ग्रोथ का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% किया, दूसरी और तीसरी तिमाही के अनुमान भी बढ़े

RBI Policy : RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने 7 अक्टूबर को घोषणा की कि रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपनी वास्तविक GDP ग्रोथ का अनुमान 6.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही, दूसरी और तीसरी तिमाही के ग्रोथ अनुमान भी बढ़ाए गए हैं। सेंट्रल बैंक ने Q2FY27 के ग्रोथ का अनुमान 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत और Q3FY27 के ग्रोथ अनुमान 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया है। उसने Q4FY27 के ग्रोथ अनुमान को 6.8 प्रतिशत पर ही बनाए रखा गया है। हालांकि, Q1FY28 के लिए RBI ने ग्रोथ का अनुमान 7.3 प्रतिशत से घटाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया है।

मार्च 2027 में खत्म होने वाले फाइनेंशियल ईयर के लिए पूरे साल का नया अनुमान, पहले के अनुमान से 0.4 प्रतिशत ज़्यादा है। संजय मल्होत्रा ​​ने कहा कि घरेलू आर्थिक ग्रोथ मजबूत स्तर पर है और मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी को उम्मीद है कि अर्थव्यवस्था मज़बूत बनी रहेगी। गवर्नर ने कहा कि पहली तिमाही में ग्रोथ की वजह प्राइवेट खपत रही। लोगों की खर्च करने की इच्छा (डिस्क्रीशनरी स्पेंडिंग) से लगातार मिल रहे सपोर्ट के कारण खपत का स्तर काफी हद तक मजबूत बना रहा।

उन्होंने आगे कहा कि हाई-फ़्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स से पता चलता है कि दूसरी तिमाही में भी आर्थिक गतिविधि की रफ़्तार बनी रही, हालांकि पहली तिमाही की तुलना में इसमें थोड़ी कमी आई। उन्होंने कहा कि लागत के दबाव के बावजूद मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां बनी रहीं।

भारत की विकास दर के अनुमान में ऐसे समय में बढ़ोतरी हुई है जब ग्लोबल इकोनॉमी कमजोर है। मल्होत्रा ​​ने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस साल वैश्विक विकास दर धीमी रहने का अनुमान है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के फिर से बढ़ने से ग्लोबल इकोनॉमिक सेंटीमेंट खराब हो गया है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट में अस्थिरता बढ़ा दी है। ट्रेड को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण ग्लोबल सेंटीमेंट में घबराहट बनी हुई है और युद्ध तथा सख्त नीतियों से ग्लोबल इकोनॉमी के लिए जोखिम पैदा हो रहे हैं।

बता दें कि आज MPC ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत से 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया और अपने पॉलिसी रुख को ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया। चार सदस्यों ने इस बदलाव का समर्थन किया, जबकि दो ने इसका विरोध किया।

इस पर संजय मल्होत्रा ​​ने कहा कि महंगाई का आउटलुक पिछले साल के मुकाबले कम अनुकूल है। इसी लिए कमिटी ने पॉलिसी रेट में बदलाव करना ज़रूरी समझा। RBI ने वित्त वर्ष 2027 के लिए कोर महंगाई दर 4.4 प्रतिशत और वित्त वर्ष की बाकी तीन तिमाहियों में कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन (खुदरा महंगाई दर) औसतन 5.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।

 

 

RBI MPC Meeting Live: RBI ने 0.25% बढ़ाया रेपो रेट: महंगे होंगे लोन और बढ़ेगी EMI, लेकिन मजबूत FDI और FD ब्याज दरों से मिलेगी राहत

इटली में स्कूलों में बुर्का-नकाब पर बैन:नियम तोड़ने पर 1 लाख रुपए तक जुर्माना; कुछ विदेशी छात्रों की संख्या 30% तक सीमित

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने स्कूलों के लिए नए नियमों को मंजूरी दी है। इसके तहत स्कूलों में बुर्का और नकाब जैसे पूरे चेहरे को ढकने वाले कपड़ों पर रोक लगा दी गई है। नियम तोड़ने पर 1000 यूरो यानी करीब 1 लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही कुछ विदेशी छात्रों की संख्या एक क्लास में 30% तक सीमित की गई है। हालांकि, हिजाब यानी सिर और बाल ढकने वाले स्कार्फ पर यह रोक लागू नहीं होगी। अगर चेहरा ढकने वाला छात्र नाबालिग है तो जुर्माना उसके माता-पिता पर लगाया जा सकता है। नए नियमों को 60 दिन के भीतर संसद से पास कराना जरुरी नए नियम फिलहाल डिक्री-लॉ यानी अस्थायी कानून के तौर पर लागू होंगे।इन्हें स्थायी कानून बनाने के लिए 60 दिनों के अंदर संसद की मंजूरी लेनी होगी। सरकार का कहना है कि इन नियमों का मकसद विदेशी छात्रों को इटली की स्कूल व्यवस्था में बेहतर तरीके से घुलने-मिलने और इटैलियन भाषा सीखने में मदद करना है। हर विदेशी छात्र पर 30% की सीमा नहीं सरकार ने साफ किया है कि 30% की सीमा हर गैर-इटालियन छात्र पर लागू नहीं होगी। यह उन कुछ विदेशी छात्रों के लिए है, जिन्हें इटैलियन भाषा या स्कूल व्यवस्था में पर्याप्त अनुभव नहीं है। प्राइमरी स्कूलों में उन बच्चों को इस गिनती में शामिल किया जाएगा, जो इटली में पैदा नहीं हुए हैं या जिन्होंने इटली की शिक्षा व्यवस्था में कम से कम 2 साल प्री-स्कूल नहीं किया है। सेकेंडरी स्कूलों में उन गैर-इटालियन छात्रों को गिना जाएगा, जिन्होंने इटली की राष्ट्रीय शिक्षा व्यवस्था में कम से कम 3 साल की पढ़ाई पूरी नहीं की है। इटली में पैदा हुए बच्चों और वहां की स्कूल व्यवस्था में पर्याप्त समय से पढ़ रहे छात्रों को 30% की सीमा में नहीं गिना जाएगा। इटली में मेलोनी से भी ज्यादा दक्षिणपंथी नेता की एंट्री इटली में अगले साल 2027 में आम चुनाव होने हैं। इमिग्रेशन यानी दूसरे देशों से आने वाले लोगों का मुद्दा वहां पहले से ही बड़ा राजनीतिक मुद्दा है। मेलोनी की पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली (FdI) को अब नेशनल फ्यूचर (FN) से चुनौती मिल रही है। यह पार्टी मेलोनी की पार्टी से भी ज्यादा सख्त इमिग्रेशन नीति की मांग करती है। FN ने इसी साल जुलाई में स्कूलों में बुर्का और नकाब पर रोक लगाने की मांग की थी। यानी जिस मुद्दे पर अब मेलोनी सरकार कानून लाने जा रही है, उस पर उनसे भी ज्यादा सख्त रुख रखने वाली पार्टी पहले ही दबाव बना रही थी। इटली में 50 साल से चेहरा ढकने पर प्रतिबंध इटली में चेहरा ढकने को लेकर 1975 से कानून है। इसके तहत सार्वजनिक जगहों पर इस तरह चेहरा ढकना मना है, जिससे किसी व्यक्ति की पहचान न हो सके। हालांकि, कुछ खास परिस्थितियों में छूट दी जा सकती है। 2008 के एक कोर्ट के फैसले में कहा गया था कि अगर कोई व्यक्ति धार्मिक या सांस्कृतिक वजह से चेहरा ढकता है, तो सिर्फ इसी वजह से उसे कानून तोड़ने वाला नहीं माना जाएगा। मामले की परिस्थितियों को भी देखा जाएगा। अब मेलोनी सरकार स्कूलों में बुर्का और नकाब पर अलग से रोक लगाने की तैयारी कर रही है। सरकार की मंजूरी के बाद प्रस्ताव को कानून बनाने के लिए संसद में भेजा जाएगा। इसे 60 दिनों के भीतर संसद से मंजूरी मिलना जरूरी होगा। यूरोपीय अदालत ने बुर्का पर बैन को सही ठहराया यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स फ्रांस और बेल्जियम में सार्वजनिक जगहों पर बुर्का-नकाब पर रोक को सही ठहरा चुका है। फ्रांस में 2014 और बेल्जियम में 2017 के फैसले में अदालत ने कहा था कि लोगों के बीच मेलजोल बनाए रखना ऐसी रोक का आधार हो सकता है। मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र ने इसका विरोध किया है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… गाजा में 2 बोरी आटे के बदले बेटी की शादी:UN रिपोर्ट- रेप पीड़िताओं की आरोपियों से शादी, बाल विवाह 123% बढ़े संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने गाजा में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि एक पिता ने अपनी 14 साल की बेटी की शादी 2 बोरी आटे के बदले कर दी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

PM Modi in Uzbekistan: पीएम मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, 36वें अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित

PM Modi in Uzbekistan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार (30 अगस्त) को उज्बेकिस्तान के प्रतिष्ठित सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ ओली दराजाली दोस्तलिक’ से नवाजा गया। उन्होंने यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच स्थायी संबंधों को समर्पित किया। PM मोदी व्यापार, क्लीन एनर्जी और कनेक्टिविटी समेत कई क्षेत्रों में संबंध मजबूत करने के लिए उज्बेकिस्तान के दो दिवसीय दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री को यह सम्मान उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रदान किया। यह प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाला 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।

‘सम्मानित होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात’

PM मोदी ने सोशल मीडिया प्लटेफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “‘ओली दराजाली दोस्तलिक’ सम्मान प्राप्त कर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। मैं यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच स्थायी संबंधों को समर्पित करता हूं।” पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है।” उन्होंने कहा कि भारत के लोग इस सम्मान के नाम में प्रयुक्त शब्द ‘दोस्तलिक’ से भली-भांति परिचित हैं।

‘1.4 अरब भारतीयों का सम्मान’

उन्होंने कहा, “भारत में शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा, जहां ‘दोस्तलिक’ शब्द दिन में 100 बार न बोला जाता हो। आज आपने वास्तव में इस शब्द के सार को सामने ला दिया है। ‘दोस्तलिक’ का अर्थ मित्रता है। यह शब्द अपने आप में भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों के केंद्र में मौजूद भावना को खूबसूरती से व्यक्त करता है।” PM मोदी ने कहा कि यह सम्मान प्राप्त करना उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि 1.4 अरब भारतीयों का सम्मान है।

PM मोदी ने आगे कहा, ‘‘सभी भारतीयों की ओर से मैं उज्बेकिस्तान की जनता, सरकार और अपने प्रिय मित्र राष्ट्रपति का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मैं इस सर्वोच्च सम्मान को बहुत विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं। इसे हमारे दोनों देशों के सदियों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों तथा हमारी साझा विरासत को समर्पित करता हूं।”

पीएम मोदी ने मिर्जियोयेव के साथ की वार्ता 

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने मिर्जियोयेव के साथ वार्ता की, जिसके बाद भारत और उज्बेकिस्तान ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया। प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SEO) के 26वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ताशकंद से किर्गिस्तान की यात्रा करेंगे।

दोनों देशों ने अपने संबंधों को बढ़ाने का फैसला किया

प्रधानमंत्री मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के बीच हुई वार्ता के बाद, भारत और उज्बेकिस्तान ने रविवार को अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया। दोनों देशों ने यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए एक व्यवस्था बनाने पर सहमति जताई। वार्ता के दौरान व्यापार, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, महत्वपूर्ण खनिजों, खनन, रक्षा और सुरक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, टेक्नोलॉजी, UPI समेत डिजिटल सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और एजुकेशन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार दोनों पक्षों ने 2030 तक वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को पांच अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है। दोनों देशों के बीच वर्तमान में द्विपक्षीय व्यापार का कुल मूल्य एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है। मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया, जो सहयोग के विस्तृत दायरे को दर्शाता है।

दोनों नेताओं की मौजूदगी में खनन, संस्कृति, शिक्षा, पर्यटन और आयुर्वेद समेत कई अन्य क्षेत्रों से जुड़े समझौतों का आदान-प्रदान हुआ। उज्बेकिस्तान में बौद्ध स्थलों फयाज तेपा और कारा तेपा के पुनरुद्धार और संरक्षण के लिए एक आशय पत्र पर भी सहमति बनी। भारत असैन्य उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा के उत्पादन के लिए उज्बेकिस्तान से यूरेनियम खरीदने पर विचार कर रहा है।

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Tukaram Mundhe: “क्या आपको लगता है कि आप भगवान हैं?” बॉम्बे हाई कोर्ट ने IAS तुकाराम मुंढे के FDI को क्यों लगाई फटकार?

Tukaram Mundhe: बॉम्बे हाई कोर्ट ने चर्चित IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को दो अलग-अलग मामलों में सुनवाई के दौरान जमकर फटकार लगाई। इसके बाद रेगुलेटर को पुणे में सिप्ला (Cipla) की एक फैसिलिटी और मुंबई में मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) परिसर में चल रहे पांच रेस्टोरेंट के खिलाफ जारी आदेश वापस लेने पड़े। कोर्ट ने FDA की आलोचना करते हुए कहा कि उसने बिना सोचे-समझे जल्दबाजी में काम किया।

अदालत ने कहा कि कानून का ठीक से विश्लेषण नहीं किया गया। कोर्ट के मुताबिक एक मामले में तो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन किया गया। MCA मामले में बेंच ने रेगुलेटर पर व्यावहारिक नजरिया अपनाने के बजाय किताबी या लकीर का फकीर वाला नजरिया अपनाने का आरोप भी लगाया।

‘क्या आपको लगता है कि आप भगवान हैं?’

बॉम्बे हाई कोर्ट ने सबसे तीखी टिप्पणी बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में MCA परिसर के पांच रेस्टोरेंट से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान की। एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखाड की बेंच ने FDA के रवैये पर सवाल उठाए। इस दौरान यह बात सामने आई कि एक नए जांच में पाया गया कि ये रेस्टोरेंट फूड सेफ्टी नियमों का 88% पालन कर रहे थे। कोर्ट ने FDA से पूछा, “क्या आपको लगता है कि आप भगवान हैं। आप कुछ भी कर सकते हैं?” साथ ही यह भी पूछा कि विभाग बार-बार बिना सोचे-समझे जल्दबाजी में क्यों काम करता है।

‘न्यूज 18’ के मुताबिक हाई कोर्ट ने कहा कि उसने पहले भी FDA से मामले पर सोच-समझकर और व्यावहारिक नजरिया अपनाने को कहा था। लेकिन आरोप लगाया कि विभाग ने इसके बजाय किताबी या लकीर का फकीर वाला रवैया अपनाया। अदालत ने कहा, “हम हर समय विभाग और अधिकारियों को फटकार लगाकर थक चुके हैं। अब कड़े आदेश जारी करने का समय आ गया है। हम संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​की कार्रवाई करेंगे। वे हमें समझाएं या जेल जाएं।”

कामकाज रोकने का आदेश वापस

इसके बाद FDA ने हाई कोर्ट को बताया कि वह पांच रेस्टोरेंट का कामकाज रोकने का अपना आदेश वापस ले लेगा। साथ ही MCA को नया नोटिस जारी करेगा, ताकि उसे M/s शिर्के इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ अपने कॉन्ट्रैक्ट के बारे में जवाब देने का मौका मिल सके। कोर्ट ने इस कदम को मंजूरी देते हुए कहा कि चूंकि रेस्टोरेंट अब फूड सेफ्टी नियमों का पालन कर रहे हैं, इसलिए कामकाज रोकने का आदेश रद्द माना जाएगा। अदालत ने कहा कि अब रेस्टोरेंट फिर से खुल सकते हैं।

‘मच्छर मारने के लिए तलवार का इस्तेमाल न करें’

यह विवाद इसलिए हुआ क्योंकि फूड लाइसेंस MCA के नाम पर जारी किए गए थे। जबकि रेस्टोरेंट M/s शिर्के इंफ्रास्ट्रक्चर चला रही थी। कोर्ट ने कहा कि कानून में ऐसी व्यवस्था को रोकने वाला कोई प्रावधान नहीं है। FDA के फैसला लेने के तरीके पर सवाल उठाए। पीठ ने कहा, “हमें कितनी बार समझाने और संतुलन बनाने की कोशिश करनी चाहिए ताकि विभाग का हौसला न टूटे? हम क्यों कहते हैं, ‘मच्छर मारने के लिए तलवार का इस्तेमाल न करें’?” कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि FDA लागू कानून का ठीक से विश्लेषण किए बिना आदेश क्यों जारी कर रहा था?

सिपला का लाइसेंस रद्द करने का फैसला वापस

दूसरे मामले में हाई कोर्ट ने FDA को पुणे के वाडकी में सिपला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज लिमिटेड की कैरिंग एंड फॉरवर्डिंग सुविधा के दवा बिक्री लाइसेंस रद्द करने का आदेश वापस लेने के लिए मजबूर किया। ‘रिएक्टिन प्लस’ टैबलेट की पैकेजिंग और उन्हें वापस मंगाने (रिकॉल) की फॉलो-अप जांच के दौरान कथित उल्लंघन पाए जाने के बाद 27 अगस्त से लाइसेंस रद्द कर दिए गए थे।

कोर्ट ने FDA द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जिसमें राज्य सरकार द्वारा घोषित सार्वजनिक छुट्टी के दिन सुनवाई के लिए कंपनी के प्रतिनिधि को बुलाने वाला ईमेल भी शामिल था। अदालत ने FDA से कहा, “आप सराहनीय काम कर रहे हैं। लेकिन अब आप हद से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। आपने गलत किया है, और अब आपको इस मामले को सुलझाना होगा।”

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मुंढे पिछले कुछ दिनों से एफडीए द्वारा मुंबई में खाने-पीने की जगहों और रेस्तरां (जिनमें कुछ बड़े नाम भी शामिल हैं) के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई के कारण चर्चा में बने हुए हैं। कुछ मामलों में तो इस वजह से कानूनी जांच-पड़ताल भी हुई। ऐसे में, एफडीए कमिश्नर ने कहा कि खाने-पीने के प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई तथ्यों और नियमों के पालन की जरूरतों के आधार पर की गई थी।

वाइब्रेंट गुजरात के लिए ग्लोबल मिशन, CM अमेरिका-कनाडा तो DyCM हर्ष संघवी संभालेंगे जापान-यूरोप का मोर्चा

Vibrant Gujarat 2026: आगामी वाइब्रेंट गुजरात 2026 समिट को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रभावशाली और सफल बनाने के लिए गुजरात सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस वैश्विक शिखर सम्मेलन के प्रचार-प्रसार के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न देशों में उच्च स्तरीय रोड शो आयोजित करने की विशेष योजना बनाई जा रही है। इस अंतरराष्ट्रीय अभियान के तहत मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल खुद अमेरिका और कनाडा के दौरे पर जाएंगे, जहां वे वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ सीधा संवाद करेंगे। सरकार जल्द ही इस पूरे विदेश दौरे और रोड शो के आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा कर सकती है।

अमेरिका और कनाडा में आयोजित होंगे हाई-प्रोफाइल रोड शो

सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल अमेरिका और कनाडा के प्रमुख आर्थिक शहरों में रोड शो करके अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को गुजरात में पूंजी निवेश (Investment) के लिए विशेष रूप से आमंत्रित करेंगे। इन विदेशी रोड शो का मुख्य उद्देश्य गुजरात को वैश्विक मंच पर निवेश, आधुनिक उद्योग, नई तकनीक और भविष्य के अवसरों के लिए सर्वश्रेष्ठ गंतव्य (Investment Hub) के रूप में प्रस्तुत करना है, ताकि राज्य में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आ सके।

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी जापान और यूरोप के दौरे पर

मुख्यमंत्री के अलावा राज्य के अन्य वरिष्ठ मंत्री भी विभिन्न देशों का दौरा कर वाइब्रेंट गुजरात का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस योजना के तहत उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी जापान और यूरोपीय देशों के दौरे पर जाकर निवेशकों के साथ बैठकें करेंगे। उनके साथ मंत्री अर्जुन मोढवाडिया और राज्य के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई भी विदेश यात्रा कर अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संगठनों के साथ सीधा संपर्क स्थापित करेंगे, ताकि विदेशी कंपनियों को गुजरात की ओर आकर्षित किया जा सके।

आयोजन को सुचारू बनाने के लिए 26 सदस्यीय 'कोर कमेटी' का गठन

वाइब्रेंट गुजरात 2026 समिट की तैयारियों को अधिक सुव्यवस्थित और सटीक दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने दो बेहद महत्वपूर्ण कमेटियों का गठन किया है। इसमें उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 26 सदस्यों वाली एक उच्च स्तरीय 'कोर कमेटी' बनाई गई है। यह कोर कमेटी पूरे समिट के आयोजन, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के साथ समन्वय और महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों की सीधी निगरानी करेगी।

कार्यान्वयन के लिए 22 उच्च अधिकारियों की 'एग्जीक्यूटिव कमेटी'

समिट के सफल कार्यान्वयन के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्तर पर काम में तेजी लाने हेतु राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 22 अनुभवी अधिकारियों की 'एग्जीक्यूटिव कमेटी' भी गठित की गई है। यह कमेटी वाइब्रेंट समिट के कार्यक्रमों के व्यावहारिक कार्यान्वयन, विभिन्न सरकारी विभागों के बीच परस्पर समन्वय बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेगी।

यात्रा की रूपरेखा तैयार, जल्द होगी आधिकारिक घोषणा

फिलहाल राज्य सरकार द्वारा विदेश यात्रा और रोड शो की अंतिम रूपरेखा तैयार की जा रही है। जल्द ही रोड शो के सटीक स्थानों, तिथियों और विदेश जाने वाले सरकारी प्रतिनिधिमंडल के बारे में आधिकारिक घोषणा की जाएगी। गुजरात सरकार को पूरा भरोसा है कि इस अंतरराष्ट्रीय अभियान के माध्यम से राज्य में भारी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) आकर्षित करने और नए औद्योगिक समझौतों (MoUs) को बढ़ावा देने में बड़ी सफलता मिलेगी।

 

भारत में विदेशी निवेश लाने के लिए सरकार ने पेश किया बिल, विदेशी निवेशकों को मिलेगी बड़ी राहत

भारत में विदेशी निवेश लाने के लिए सरकार ने संसद में बिल पेश किया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक विदेशी निवेशकों और ग्लोबल इनवेस्टमेंट फंड को बड़ी राहत दी गई है। REIT और InvIT निवेशकों को भी बड़ा रिलीफ दिया गया है। इस पर ज्यादा जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अधार पर कहा कि संसद में टैक्स से जुड़ा Taxation And Other Laws (Amendment) बिल पेश किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक FM की ओर से पेश बिल 3 थीम पर आधारित है। ये तीन थीम हैं FDI, मेक इन इंडिया और ईज ऑफ डूईंग बिजनेस। इसके तहत ग्लोबल इनवेस्टमेंट फंड निवेश शर्तों में कटौती का प्रस्ताव है। केवल दुरुपयोग रोकने के प्रावधान बिल में शामिल है। इसमें FPIs टैक्स से जुड़े स्पष्ट और स्थायी प्रावधान हैं। इसके तहत ग्लोबल फंड मैनेजर भारत में अपना फंड रीलोकेट कर सकेंगे।

इस बिल में REIT और InvIT निवेशकों को बड़ी राहत दी गई है। REIT-InvIT डिविडेंड पर टैक्स छूट जारी रहेगी। नई टैक्स व्यवस्था में भी टैक्स-फ्री डिविडेंड का प्रावधान है। अब टैक्स रिजीम बदलने से निवेशकों पर असर नहीं। सरकार का जोर छोटे निवेशकों के हित की रक्षा पर है। डेटा सेंटर सेक्टर को बड़ी टैक्स राहत देने की तैयारी है। डेटा सेंटर के लिए मंजूरी प्रक्रिया आसान होगी। सरकारी मंजूरी की कई शर्तें खत्म होंगी।

इसके अलावा सरकार ने टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल के तहत,भारत में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक्स कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स को कैपिटल गुड्स,इक्विपमेंट और टूलिंग सप्लाई करने वाली विदेशी कंपनियों के लिए टैक्स छूट को FY31 से FY41 तक एक दशक तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।

इस बिल के जरिए इनकम-टैक्स एक्ट,2025 के शेड्यूल IV में बदलाव किया जाएगा। जिसके तहत कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर को कैपिटल गुड्स,इक्विपमेंट या टूलिंग देने वाली विदेशी कंपनियों को संबंधित इनकम पर टैक्स से छूट मिलती है,बशर्ते कंपनी के बनाए गए प्रोडक्टस भारत में ही इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल हों।