त्योहारी सीजन से पहले AC और TV की कीमतें 5-8% बढ़ीं, अप्लायंस बनाने वाली कंपनियों को बिक्री में डबल डिजिट ग्रोथ की उम्मीद

देश में त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले एयर कंडीशनर और दूसरे कंज्यूमर अप्लायंसेज की कीमतें 5-8% बढ़ गई हैं, लेकिन मैन्युफैक्चरर्स को उम्मीद है कि इनकी जबरदस्त डिमांड से बिक्री में डबल-डिजिट ग्रोथ होने की उम्मीद है। कंज्यूमर प्रीमियम प्रोडक्ट्स, रिप्लेसमेंट और आसान फाइनेंसिंग का विकल्प चुन रहे हैं। इससे अप्लायंसेज की बिक्री को सपोर्ट मिल सकता है। कीमतों में हालिया बढ़ोतरी इस साल कीमतों में बढ़त का तीसरा दौर है। अप्लायंस मैन्युफैक्चरर्स का कहना है कि कीमतों में इस बढ़त में तांबा, एल्युमीनियम, स्टील और कच्चे तेल से बनने वाले उत्पादों की बढ़ती लागत, माल ढुलाई पर बढ़ते खर्च और करेंसी में उतार-चढ़ाव का सबसे बड़ा हाथ है।

कीमतें बढ़ने के बावजूद, अप्लायंस इंडस्ट्री के लिए फेस्टिव सीज़न की शुरुआत अच्छी रहा है। अप्लायंस मैन्युफैक्चरर्स ने दक्षिण भारत में ओणम के दौरान अच्छी बिक्री की जानकारी दी है। कंपनियों को उम्मीद है कि प्रीमियम प्रोडक्ट्स के प्रति बढ़ते रुझान, रिप्लेसमेंट मांग और कंज्यूमर फाइनेंसिंग की वजह से नवरात्रि और दिवाली के दौरान भी अच्छी मांग बनी रह सकती है।

ग्राहकों का रुझान तेजी से ज्यादा क्षमता वाले, कई फ़ीचर्स वाले और एनर्जी-एफ़िशिएंट अप्लायंसेज़ के साथ-साथ स्मार्ट कनेक्टेड प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ रहा है। हालांकि बिक्री की मात्रा पर कीमतों के बढ़ने का असर पड़ सकता है,लेकिन प्रीमियम प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ते रुझान से कुल वैल्यू ग्रोथ को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

कुछ मैन्युफैक्चरर्स का मानना है कि निकट भविष्य में कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीमित रहेगा, क्योंकि डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स ने प्री-बाइंग स्कीम के ज़रिए पहले की कीमतों पर खरीदे गए प्रोडक्ट्स का स्टॉक जमा कर रखा है।

हायर अप्लायंसेज को बिक्री में डबल डिजिट ग्रोथ की उम्मीद

हायर अप्लायंसेज इंडिया के CEO एन.एस. सतीश ने PTI को बताया कि फेस्टिव सीज़न के दौरान इंडस्ट्री में डबल-डिजिट ग्रोथ होने की उम्मीद है। हायर को उम्मीद है कि फेस्टिव सीज़न में उसकी बिक्री (वैल्यू के हिसाब से) 30-35% बढ़ेगी, जबकि यूनिट बिक्री में लगभग 20% की बढ़ोतरी हो सकती है। सतीश ने पूरी इंडस्ट्री में लगभग 10-15% ग्रोथ की उम्मीद जताई। उनका कहना है कि जिन ग्राहकों ने पहले से ही कोई अप्लायंस खरीदने का प्लान बना रखा है,वे या तो बजट में रहने के लिए कम क्षमता वाला प्रोडक्ट चुन सकते हैं या फिर प्रीमियम मॉडल लेने के लिए EMI फाइनेंसिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं।

हायर (Haier) ने 1 अक्टूबर से रूम एयर कंडीशनर की कीमतें लगभग 5% बढ़ा दी हैं, जबकि LED टीवी और वॉशिंग मशीन जैसे प्रोडक्ट्स की कीमतों में 2-3% की बढ़ोतरी हुई है।

प्रीमियम प्रोडक्ट्स फाइनेंसिंग से डिमांड बढ़ने की उम्मीद

LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के को-चीफ सेल्स और मार्केटिंग ऑफिसर संजय चितकारा ने कहा कि कंपनी फेस्टिव सीज़न को लेकर उम्मीद बनाए हुए है,जिसकी शुरुआत अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में नवरात्रि से होती है। कंपनी को त्योहारों से पहले अच्छी खासी पूछताछ देखने को मिली है और उसे उम्मीद है कि घर खरीदने और अपग्रेड करने से मांग बढ़ेगी। ग्राहक न सिर्फ़ रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन, टेलीविज़न और एयर कंडीशनर बदल रहे हैं, बल्कि डिशवॉशर, माइक्रोवेव ओवन, ऑडियो प्रोडक्ट और वॉटर प्यूरीफ़ायर में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

चितकारा ने कहा कि GST में बदलाव और त्योहारों के दौरान EMI स्कीमों से चीज़ें खरीदना आसान हुआ है, जिससे मांग बढ़ने की उम्मीद है। LG की ‘एसेंशियल सीरीज़’ को टियर-2 और टियर-3 शहरों में पहली बार खरीदने वाले ग्राहकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।

सोनी इंडिया को सेल्स वैल्यू में 15-20% बढ़ोतरी की उम्मीद

सोनी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील नय्यर को उम्मीद है कि प्रीमियम प्रोडक्ट्स, नए लॉन्च और ग्राहकों के लिए खास ऑफ़र की वजह से त्योहारों के मौसम में बिक्री की वैल्यू में 15-20% की बढ़ोतरी होगी। सोनी को उम्मीद है कि उसके इमेजिंग बिज़नेस में 30% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हो सकती है। जबकि टेलीविज़न की मांग प्रीमियम BRAVIA मॉडल और बड़ी स्क्रीन वाले टीवी से बढ़ेगी। कंपनी को हेडफ़ोन, साउंडबार और पार्टी स्पीकर की भी अच्छी मांग की उम्मीद है।

गोदरेज को भी अच्छी सेल्स ग्रोथ की उम्मीद

गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के अप्लायंसेज डिविजन के हेड कमल नंदी ने कहा कि कंपनी ने ओणम के दौरान अच्छी बिक्री की है और उम्मीद है कि त्योहारों के मौसम में दूसरे इलाकों में भी मांग बढ़ेगी।

गोदरेज अप्लायंसेज ने 1 अक्टूबर से रूम AC की कीमतें भी बढ़ा दी हैं। हालांकि, ग्राहकों को कुछ समय तक पुराने स्टॉक के कारण बढ़ी हुई कीमतों से पहले वाली कीमतों पर ही प्रोडक्ट मिल सकते हैं।

नंदी ने कहा कि मौजूदा स्टॉक लगभग एक से डेढ़ महीने तक चल सकता है, जिसका मतलब है कि कीमतें पूरी तरह बढ़ने से पहले, दिवाली तक कुछ प्रोडक्ट्स पुरानी कीमतों पर ही बिकते रह सकते हैं।

क्या कहती है इंडस्ट्री रिपोर्ट?

सेक्टर की रिपोर्ट्स के मुताबिक,ओणम से लेकर दशहरा और दिवाली तक के त्योहारों के मौसम में अप्लायंस बनाने वाली कंपनियों की सालाना बिक्री का लगभग 30-40% हिस्सा होता है।

बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप और कॉन्फेडरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्री की एक संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कंज्यूमर ड्यूरेबल्स मार्केट के सालाना 8-10% की दर से बढ़ने और 2030 तक 3-3.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

 

 

Top Trading Picks : SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह से जानें, सीमेंस एनर्जी, वेल्सपन , हैवेल्स और मैनकाइंड फार्मा में क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Top Trading Picks : SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह से जानें, सीमेंस एनर्जी, वेल्सपन , हैवेल्स और मैनकाइंड फार्मा में क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Top Trading Picks : गुरुवार, 1 अक्टूबर को निफ्टी 22,500 के नीचे बंद हुआ। US 10 ईयर बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण सेंटीमेंट कमजोर रहा,जिससे निफ्टी की शुरुआत निचले स्तर पर हुई। दिन के दौरान,कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती ने नेगेटिव सेंटीमेंट को और गहरा कर दिया जिससे इंडेक्स और नीचे आ गया। वीकली बेसिस पर देखें तो बीते हफ़्ते BSE सेंसेक्स 1,986.04 अंक यानी 2.68% गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी में 718.55 अंक यानी 3.10% की गिरावट आई और यह 22,421.95 पर बंद हुआ। ऐसे में यहां हम आपके लिए कुछ ट्रेडिंग आइडिया दे रहें है, जिन पर अगले हफ्ते नजर रहनी चाहिए।

सीमेंस एनर्जी (Siemens Energy) : SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट सुदीप शाह का कहना है कि सीमेंस एनर्जी 21 सितंबर से ₹3,158–3,358 की रेंज में कंसोलिडेट हो रहा है। ADX स्थिर बना हुआ है,जो बताता है कि इसमें किसी खास दिशा में मज़बूत मोमेंटम की कमी है। इस साइडवेज मूवमेंट के कारण मूविंग एवरेज भी सपाट हो गए हैं, जो एक रेंज-बाउंड ट्रेंड का संकेत देते हैं।

इस रेंज के किसी भी तरफ निर्णायक ब्रेकआउट से आगे की दिशा के संकेत मिलेंगे। अगर स्टॉक लगातार इस रेंज के ऊपरी स्तर के ऊपर ब्रेकआउट देता है तो इसमें नई तेजी आ सकती है।

वेल्सपन लिविंग (Welspun Living) : सुदीप शाह का कहना है कि वेल्सपन लिविंग (Welspun Living) के डेली चार्ट पर ‘हायर-हाई’ स्ट्रक्चर बन रहा है। हालांकि,स्टॉक के नया हाई बनाने के बावजूद ADX में गिरावट शुरू हो गई है,जो यह संकेत देता है कि ट्रेंड की मजबूती कम हो रही है।

साथ ही, RSI भी उसी तरह का नया हाई बनाने में नाकाम रहा है,जिससे ‘बेयरिश डाइवर्जेंस’की स्थिति बनी है। अगर स्टॉक 210–215 रुपये के 20-डे EMA जोन के नीचे टूटता है,तो यह ट्रेंड बदलने का संकेत हो सकता है। तब तक,आम तौर पर तेजी का रुख बना रहने की संभावना है।

एम्फैसिस (Mphasis) : सुदीप शाह ने कहा कि Mphasis ने अपने पिछले स्विंग-लो ज़ोन (₹2,130–2,110) से वापसी की है। हालांकि, मेन ट्रेंड में कोई खास बदलाव नहीं आया है और स्टॉक अभी भी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। रिकवरी को और मज़बूत बनाने के लिए, स्टॉक को ₹2,280–2,290 जोन में मौजूद अपने 20-डे EMA से ऊपर मजबूती से निकलना होगा। अभी के लिए,चार्ट्स में ऊपर की ओर बढ़ने की संभावना का कोई साफ संकेत नहीं दिख रहा है,क्योंकि बीते हफ्ते दिखी रिकवरी को अभी एक टिकाऊ ट्रेंड रिवर्सल नहीं माना जा सकता है।

हैवेल्स (Havells) : सुदीप शाह का कहना है कि हैवेल्स इंडिया ने डेली चार्ट पर ₹1,040–1,010 के अहम सपोर्ट जोन के पास ‘बुलिश हरामी’ पैटर्न बनाया है। इस स्टॉक ने मार्च 2022 और दिसंबर 2022 समेत कई बार इस जोन से वापसी की है। हालांकि, सिर्फ़ ‘बुलिश हरामी’ पैटर्न से ही ट्रेंड बदलने की पुष्टि नहीं होती। इसके लिए आने वाले सेशन में मजबूत फ़ॉलो-थ्रू की जरूरत होती है।

जब तक स्टॉक इस सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहता है,तब तक शॉर्ट टर्म में इसमें रिकवरी (पुलबैक) जारी रह सकती है। अगर स्टॉक इस जोन के नीचे टूटता है,तो यह पैटर्न अमान्य हो जाएगा और इसमें और गिरावट आ सकती है।

मैनकाइंड फार्मा (Mankind Pharma) : मैनकाइंड फार्मा का शेयर पिछले आठ सेशन से ₹2,430–2,559 की रेंज में कंसोलिडेट हो रहा है। इस कंसोलिडेशन के बावजूद, शेयर अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है।

बढ़ता ADX बताता है कि ट्रेंड की मजबूती बुलिश रुख के पक्ष में है। अगर शेयर इस रेंज के ऊपरी स्तर से ऊपर निर्णायक रूप से ब्रेकआउट करता है तो नियर टर्म में इसमें और तेजी आ सकती है।

 

Market Trend: अगले हफ्ते निफ्टी में देखने को मिल सकती है पुलबैक रैली, बैंक निफ्टी जारी रखेगा निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : बाजार में हालात पलटे, इंश्योरेंस सेक्टर में होगा बड़ा एक्सीडेंट, ऑटो और रियल्टी शेयरों में भी गिरावट का डर

Market Insight : बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में हालात पलट गए हैं। कल अच्छी क्लोजिंग के बावजूद हमने लॉन्ग लेकर जाने से मना किया था। नजरिया यही था कि ट्रेड लेकर जाना जुआ खेलने जैसा होगा। परसों के आउटसाइड डे के बाद कल इनसाइड डे बना था। अगर गिफ्ट निफ्टी सही है तो आज हम 23,250-23,300 पर खुलेंगे। 23,100-23,150 का जोन बाजार के लिए लक्ष्मण रेखा है। आज इंश्योरेंस सेक्टर में बड़ा एक्सीडेंट होगा। IRDAI का कंसल्टेशन पेपर उम्मीद से एकदम उल्टा आया है।

बाजार: आज के संकेत

बॉन्ड यील्ड से कोहराम मच गया है। 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.135% पर आ गई है। जुलाई 2007 के बाद 10 साल की यील्ड सबसे ज्यादा ऊंचाई पर है।इसमें 7 अप्रैल 2025 के बाद एक-दिन की सबसे बड़ी तेजी आई है। 2 साल की यील्ड 4.947% पर पहुंच गई है। मई 2024 के बाद सबसे ऊंची 2 साल की यील्ड दिखी है। 30 साल की यील्ड 5.398% पर पहुंच गई है। 30 साल की यील्ड जून 2007 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर है।

यील्ड में तेजी के कारण

US के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI के आंकड़े मजबूत रहे हैं। सर्विसेज PMI 5 साल के हाई पर पहुंच गई है। S&P Global सितंबर सर्विसेज PMI 58.7 पर है। अगस्त में सर्विसेज PMI 56.5 पर थी। मैन्युफैक्चरिंग PMI 56.7 पर, 4 साल के हाई पर है। यह कोरोना के बाद 2015 से सबसे तेज उछाल है।

अभी और बढ़ेगी ब्याज दर?

फेड गवर्नर माइकल बार की हॉकिस चेतावनी आई है। उन्होंने कहा है कि महंगाई को समय पर नीचे लाने के लिए पॉलिसी में बदलाव जरूरी है। टिकाऊ ग्रोथ और ज्यादा रोजगार के लिए प्राइस स्टेबिलिटी अहम है। CME फेडवॉच टूल के मुताबिक Oct में 0.25% बढ़ोतरी की संभावना 70% है। पहले 0.25% बढ़ोतरी की संभावना 55% ही थी।

बॉन्ड की कमजोर नीलामी

5 साल के ट्रेजरी नोट की नीलामी में डिमांड कमजोर रही है। ऑप्शन 5.033% यील्ड पर पूरा हुआ। 6 ऑप्शन का औसत यील्ड 4.186% रहा।

कच्चे तेल में फिर तेजी

ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान के UNGA में भाषण के बाद कच्चे तेल में तेजी आई। ब्रेंट $102 के ऊपर है। WTI भी $91/बैरल के पार चला गया है। UK मैरीटाइम एजेंसी का दावा है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में एक कार्गो जहाज में आग लगी है।

पॉलिटिको की रिपोर्ट है कि US डीजल एक्सपोर्ट पर रोक लगा सकता है। प्रशासन रोक के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। 90 दिनों के लिए एक्सपोर्ट पर रोक की योजना है। अमेरिका के एनर्जी सेक्रेटरी हैं क्रिस राइट ने कहा है कि पूरा बैन नहीं होगा,कुछ पाबंदियों पर विचार किया जा रहा है। एक्सपर्ट्स की चेतावनी है कि डीजल एक्सपोर्ट पर रोक का फैसला गलत होगा। इससे US में रिटेल गैसोलीन महंगा हो सकता है।

ट्रंप पर बरसे मसूद पेजेशकियान

UNGA में ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट में फ्रीडम ऑफ नेविगेशन की इजाजत नहीं। सबसे पहले प्रतिबंध और नेवल ब्लॉकेड हटना जरूरी है। अब तक हॉर्मुज से सभी ने फायदा उठाया है। लेकिन ईरान प्रतिबंध झेले,ये मंजूर नहीं है। किसी भी हाल में बल की भाषा स्वीकार नहीं है।

पेजेशकियान ने कहा कि ईरान की एटॉमिक हथियार बनाने में दिलचस्पी नहीं है। लेकिन विकास के लिए न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी जरूरी है। न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी विकसित करना ईरान का अधिकार है। किसी भी सूरत में अपना अधिकारी नहीं छोड़ेंगे। प्रोग्राम से जुड़े सवाल युद्ध के मैदान पर हल नहीं होंगे। पेजेशकियान ने आगे कहा कि स्ट्रेट से अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड तुरंत हटे। ईरानी एसेट्स को अनफ्रीज करना जरूरी है। सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना भी जरूरी है।

आज का एक्सीडेंट: PB Fintech

IRDAI का कंसल्टेशन पेपर उम्मीद से एकदम उल्टा है। PB Fintech आज 10% नीचे खुल सकता है और हो सकता है उसके बाद और भी गिरे। बाजार की उम्मीद से कहीं ज्यादा खराब कंसल्टेशन पेपर आया है।

इस कंसल्टेशन पेपर का सबसे ज्यादा असर PB Fintech, Turtlemint, Max Fin, HDFC Life, LTF, IndusInd Bank और IDFC First Bank पर पड़ेगा। वहीं, LIC और SBI Life पर इसका सबसे कम असर होगा।

आज कहां लगाएं दांव?

PB फिनटेक आज का एक्सीडेंट होगा। बाकी इंश्योरेंस शेयरों में भी आज गिरावट संभव है। ONGC और OIL में आज वापस रिकवरी आ सकती है। इंटरग्लोब और एशियन पेंट्स पर क्रूड में रैली का असर दिख सकता है। मुथूट,मणप्पुरम में आज सोने में गिरावट और NBFCs में दबाव का असर दिख सकता है। चांदी में गिरावट से हिंदुस्तान जिंक में दबाव संभव है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती से मेटल शेयरों में गिरावट आ सकती है। बैंक और NBFCs में आज दबाव संभव है। लार्जकैप IT शेयरों में भी आज गिरावट का खतरा है। ऑटो और रियल्टी शेयरों में आज बड़ी गिरावट की आशंका है।

NSE की लिस्टिंग

NSE की लिस्टिंग शायद बहुत ज्यादा प्रीमियम पर ना हो। प्री-IPO निवेशकों का लॉक इन है लेकिन करीब 15,000 करोड़ के फ्लोट पर नहीं हैं। कुछ चुनिंदा AIFs पर लॉक इन लागू नहीं है। NSE में आज AIF की सप्लाई आएगी। 1 महीने के बाद एंकर निवेशकों की सप्लाई आएगी और 6 महीने बाद प्री-IPO निवेशकों की सप्लाई आएगी। NSE में डिमांड भी मजबूत रह सकती है। MSCI शायद फास्ट ट्रैक पर NSE को शामिल करे।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,300-23,350 पर और सबसे अहम सपोर्ट 23,100-23,150 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,400-23,450 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,500-23,550 पर है। 200 पॉइंट नीचे खुलने के बाद थोड़ा रुकें। आज देखना होगा 23,100-23,150 बचता है या नहीं।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी पर पहला सपोर्ट 56,000-56,200 पर और क्रिटिकल सपोर्ट 55,500-55,800 पर है। फिलहाल रजिस्टेंस की बात करना बेमानी है।

 

Trading Plan: बाजार के दायरे में रहने की उम्मीद, SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह से जानें आज के लिए ट्रेडिंग रणनीति

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan: बाजार के दायरे में रहने की उम्मीद, SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह से जानें आज के लिए ट्रेडिंग रणनीति

Trading Plan: उम्मीद है कि बाज़ार में सतर्कता का रुख बना रहेगा और नीयर टर्म में सीमित दायरे में कारोबार होगा,क्योंकि निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है और ये एवरेज नीचे की ओर जा रहे हैं। मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी ट्रेंड में कोई बदलाव नहीं दिखा है। हालांकि वे मंदी के मोमेंटम में कुछ कमी आने का संकेत दे रहे हैं। इसके अलावा, US के 10 ईयर बॉन्ड यील्ड में तेज़ी आई है और यह 5.1 प्रतिशत के पार चला गया है। जबकि तेल की कीमतें फिर से $100 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गईं। ऐसे में उम्मीद है कि मदड़िए 23,200 के सपोर्ट लेवल को चुनौती देंगे। अगर यह लेवल टूटता है तो निफ्टी गिरकर 23,100-23,000 के अहम सपोर्ट ज़ोन तक जा सकता है। वहीं,ऊपर की तरफ़ 23,500 का लेवल एक अहम रेजिस्टेंस बना रहेगा,जिस पर नजर रखनी होगी।

उधर बैंक निफ्टी को 56,000 के सपोर्ट लेवल को बनाए रखने की जरूरत है। इसके नीचे जाने पर यह 55,700 तक गिर सकता है। जानकारों के मुताबिक,ऊपर की तरफ़ 56,800-57,000 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि 23,116 के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद निफ्टी में 300 से ज्यादा अंकों की रिकवरी हुई है। इस रिकवरी के बावजूद,इंडेक्स अभी भी अपने अहम शॉर्ट टर्म और लॉन्गटर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। ये एवरेज अभी भी नीचे की ओर जा रहे हैं,जो इस बात का संकेत हैं कि ओवरऑल ट्रेंड अभी भी कमजोर है।

मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर निचले स्तरों से सुधार के संकेत दे रहे हैं। डेली RSI 22.23 से बढ़कर 40.25 पर आ गया है और अपने 9-दिन के औसत से ऊपर चला गया है,जो मोमेंटम में रिकवरी का संकेत है। इसके अलावा,फास्ट स्टोकेस्टिक ने स्लो स्टोकेस्टिक लाइन को पार कर लिया है,जो मंदी के दबाव में धीरे-धीरे कमी आने का संकेत है।

आगे 23,250-23,200 का जोन निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह 23,200 के नीचे टूटता है तो बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ सकता है और मौजूदा गिरावट का दौर फिर से शुरू हो सकता है।

ऊपर की तरफ,23,600-23,650 का 20-दिन का EMA जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम कर सकता है। अगर यह 23,650 के ऊपर बना रहता है,तो इससे चल रही रिकवरी मज़बूत होगी और पुलबैक रैली के और आगे बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,600, 23,650

अहम सपोर्ट: 23,250, 23,200

स्ट्रैटेजी: निफ्टी फ्यूचर्स को 23,450 के ऊपर खरीदें, स्टॉप-लॉस 23,280 और टारगेट 23,750 रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी पिछले 10 ट्रेडिंग सेशन से लगभग 1,300 अंकों के सीमित रेंज में ही घूम रहा है। कंसोलिडेशन के इस लंबे दौर की वजह से सभी अहम शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज सपाट हो गए हैं। इससे पता चलता है कि कोई साफ दिशा वाला ट्रेंड नहीं दिख रहा है। मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी ऐसा ही पैटर्न दिखा रहे हैं,जो इंडेक्स में अनिश्चितता का संकेत है।

आगे 56,900-57,000 का 100-दिन का EMA जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम कर सकता है। नीचे की तरफ 55,800-55,700 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया होगा,क्योंकि यह पिछली अपवर्ड रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट से मेल खाता है।

57,000 के ऊपर एक मजबूत ब्रेकआउट या 55,700 के नीचे ब्रेकडाउन से नई दिशा के संकेत मिलने की उम्मीद है और इससे इंडेक्स में एक अहम ट्रेंडिंग चाल शुरू हो सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 56,900, 57,000

अहम सपोर्ट: 55,800, 55,700

स्ट्रैटेजी: 56,700 के ऊपर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, जिसमें स्टॉप-लॉस 56,250 और टारगेट 57,400 रखें।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में हल्की बढ़त, जानिए इंडेक्स और स्टॉक्स में आज कहां होगी कमाई

Market Trend : 6 अगस्त के शुरुआती कारोबार में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में हल्की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। सुबह 10:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 155 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 78,740 के आसपास और निफ्टी 10 अंक बढ़ कर 24,630 के आसपास दिख रहा था। सेक्टर के हिसाब से देखें तो मीडिया इंडेक्स 0.7% नीचे था और फार्मा इंडेक्स 0.5% ऊपर था। ऐसे में बाजार की रणनीति पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24680-24740 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24766-24788/24817 पर है। इसके लिए पहला बेस 24481-24529 पर और बड़ा बेस 24389-24461 पर है।

कल बाजार रेजिस्टेंस-1 और बेस-1 के बीच सीमित दायरे में रहा। बाजार अब भी CAS के बदलाव को पचा रहा है,कल एडजस्टमेंट सामान्य रहे। FIIs की कैश में बिकवाली रही। इंडेक्स में नई शॉर्ट पोजिशन जुड़ी। नेट शॉर्ट बढ़कर 1.59 लाख पर रहे। इसमें 5500 कॉन्ट्रैक्ट जुड़े। ग्लोबल संकेत फ्लैट है। ऊपरी स्तर से US बाजार फिसले हैं। नैस्डैक में कमजोरी रही। आज BSE सेंसेक्स की एक्सपायरी है। ऐसे में दायरे में उतार-चढ़ाव संभव है। आज की क्लोजिंग अहम रहेगी। 24600 पर कॉल राइटिंग दिखी है। 24700-24750-24800 सबसे मजबूत कॉल राइटिंग जोन है।

24680-740 पर बड़ी बाधा है। 24500-24400 पर पुट राइटिंग हुई है। 24400 पर 200 DEMA है। बेस-1 और रजिस्टेंस-1 के बीच ट्रेडिंग रणनीति होनी चाहिए 24481 के नीचे टिकने पर दबाव बढ़ेगा,24740 के ऊपर टिकने पर ब्रेकआउट संभव है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 58067-58181/58267 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58431-58589/58773 पर है। इसके लिए पहला बेस 57432-57553 पर और बड़ा बेस 57167-57289 पर है। कल बैंक निफ्टी बेस-1 और रजिस्टेंस-1 के दायरे में रहा। कच्चे तेल में नरमी है,लेकिन बैंकिंग शेयरों में अभी मोमेंटम की कमी है। 58000-58200 पर मजबूत कॉल राइटिंग दिखी है। 57600-57500-57400 पर पुट राइटिंग हुई है। ये 10 DEMA और 20 DEMA भी है

ओपनिंग चाहे कहीं भी हो,फिलहाल बेस-1 और रजिस्टेंस-1 के बीच ट्रेड करें। 58267 के ऊपर टिकने पर ही दमदार ब्रेकआउट के संकेत मिलेंगे। 57432 के नीचे फिसलने पर दबाव बढ़ेगा, फिर बेस-2 का टेस्ट संभव हैं।

 

Trading Plan: SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह से जाने, आज निफ्टी और बैंक निफ्टी में क्या हो कमाई की रणनीति, किन लेवल्स पर रहे नजर

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Mantri FinMart के अरुण कुमार मंत्री। इनकी जेएसडब्ल्यू स्टील में 1328 रुपए के आसपास, 1312 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 1362 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, आरबीएल बैंक में इनकी 389 रुपए के आसपास, 385 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 399 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty के लिए 23650-23600 का जोन अहम, यहीं से तय होगी शॉर्ट-टर्म दिशा; नए हफ्ते में ये शेयर करा सकते हैं अच्छी कमाई

जब तक निफ्टी 50 में बिकवाली का दबाव और नहीं बढ़ता, तब तक 23,600 के नीचे बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। जब तक 23,600 का सपोर्ट बना हुआ है, निफ्टी 50 के 23,950–24,000 के जोन की ओर वापस जाने की संभावना बनी हुई है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए शुरू हो रहे सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

क्या आपको लगता है कि निफ्टी 50 अगले हफ्ते 23,600 के सपोर्ट लेवल को साफ तौर पर तोड़कर 23,000 के लेवल की ओर बढ़ेगा?

लंबे समय से चल रही कंसोलिडेशन रेंज के नीचे हालिया ब्रेकडाउन ने निफ्टी के शॉर्ट-टर्म टेक्निकल स्ट्रक्चर को कमजोर कर दिया है। इंडेक्स अपने शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेज के नीचे आ गया है। मोमेंटम इंडिकेटर लगातार मंदी का संकेत दे रहे हैं। इस कमजोरी के बावजूद, शुक्रवार को 23,650–23,600 के आस-पास 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट जोन से हुई रिकवरी यह बताती है कि खरीदार अभी भी इस अहम सपोर्ट एरिया को बचाए हुए हैं।

हालांकि ब्रॉडर ट्रेंड अभी भी बेयर्स के पक्ष में है, लेकिन जब तक बिकवाली का दबाव और नहीं बढ़ता, तब तक हमें 23,600 के नीचे साफ ब्रेकडाउन की उम्मीद नहीं है। हालांकि अगर 23,600 के नीचे लगातार गिरावट बनी रहती है, तो यह नई कमजोरी की पुष्टि करेगा और इससे 23,450 और उसके बाद 23,300 की ओर तेज गिरावट (करेक्शन) आ सकती है। इसलिए, 23,650–23,600 का जोन बाजार की शॉर्ट-टर्म दिशा तय करने के लिए लड़ाई का मुख्य मैदान बना रहेगा।

क्या आपको लगता है कि अगले हफ्ते बैंक निफ्टी के लिए 56,000-55,500 का जोन एक मजबूत सपोर्ट एरिया का काम करेगा?

बैंक निफ्टी का 56,000-55,800 का जोन निकट भविष्य में एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। इंडेक्स ने हाल ही में 56,000 के स्तर के आसपास खरीदारी का रुझान दिखाया। 200-दिन के EMA से कुछ समय के लिए यह नीचे गया लेकिन फिर उसे सफलतापूर्वक फिर से हासिल कर लिया। इससे पता चलता है कि यह ​एरिया एक मजबूत डिमांड जोन के तौर पर काम कर रहा है। इसकी अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि यह सपोर्ट पिछले अपमूव (तेजी) के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के साथ भी मेल खाता है। इससे यह मार्केट पार्टिसिपेंट्स के लिए नजर रखने लायक एक जरूरी लेवल बन जाता है।

अगर बैंक निफ्टी 55,800 के नीचे निर्णायक रूप से टूटता है, तो इससे मंदी का माहौल मजबूत हो सकता है और नई बिकवाली का दबाव बन सकता है। इससे इंडेक्स शॉर्ट टर्म में 55,000 और फिर 54,400 की ओर जा सकता है।

ऊपर की तरफ, 57,300–57,400 का जोन एक अहम तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है। इस बाधा के ऊपर लगातार ब्रेकआउट होना, निकट-अवधि के टेक्निकल आउटलुक को बेहतर बनाने और बुलिश मोमेंटम को फिर से शुरू करने के लिए जरूरी होगा।

मौजूदा मार्केट करेक्शन में आप किन दो टेक्निकली मजबूत शेयरों को खरीदने की सलाह देंगे?

Manappuram Finance: यह स्टॉक लगातार मजबूती दिखा रहा है और डेली टाइमफ्रेम पर ‘हायर हाई, हायर लो’ पैटर्न में आगे बढ़ रहा है। 20-दिन का EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) लगातार डायनैमिक सपोर्ट का काम कर रहा है, और पिछले एक महीने में कई बार इस लेवल के आस-पास शेयर में खरीदारी देखी गई है। डेली चार्ट पर बढ़ता ADX तेजी (बुलिश ट्रेंड) की मजबूती का संकेत देता है। वीकली टाइमफ्रेम पर RSI (रिलेटिव ​स्ट्रेंथ इंडेक्स) ऊपर जाने से पहले 60 के निशान के पास मजबूती से बना हुआ है, जो बढ़ते बुलिश मोमेंटम को दर्शाता है।

इसके अलावा MACD में बढ़ते हरे हिस्टोग्राम बार दिख रहे हैं और MACD लाइन, सिग्नल लाइन के ऊपर है, जो बुलिश ट्रेंड को और मजबूत करता है। साथ ही आगे भी बढ़त की संभावना की ओर इशारा करता है। इसलिए, 340 रुपये के स्टॉप-लॉस के साथ 350-355 रुपये के जोन में शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, इसके शॉर्ट टर्म में 380 रुपये के लेवल तक पहुंचने की संभावना है।

Titan Company: टाइटन कंपनी ने 21 जुलाई को डेली टाइमफ्रेम पर ₹4,680-4,505 की रेंज से एक मजबूत ब्रेकआउट दिया और उसके बाद अच्छी बढ़त दिखाई। कमजोर मार्केट सेंटीमेंट के बीच 24 जुलाई को गैप-डाउन के साथ खुलने के बावजूद, स्टॉक में तेजी से खरीदारी हुई और यह ऊपर चढ़ गया। इससे एक बड़ी बुलिश कैंडल बनी। अब यह शॉर्ट और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेजेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो ट्रेंड की मजबूती को दिखाता है।

डेली चार्ट पर ADX तेजी से बढ़ा है, जो मजबूत बुलिश मोमेंटम का संकेत है। वीकली टाइमफ्रेम पर MACD क्रॉसओवर सकारात्मक गति की पुष्टि करता है। पिछले स्विंग हाई ₹4,605 ​​से ऊपर लगातार वीकली क्लोजिंग के साथ, टाइटन का टेक्निकल स्ट्रक्चर आगे भी बढ़त की संभावना दिखाता है। इसलिए, ₹4,525 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹4,670-4,715 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, यह शॉर्ट टर्म में ₹5,040 के लेवल तक पहुंच सकता है।

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क्या आपको लगता है कि पिछले दो हफ्तों में जबरदस्त तेजी के बाद Astral में और बढ़त होगी?

29 जून को गैप-डाउन के बाद स्टॉक 21 जुलाई तक ₹1,311–1,423 की रेंज में कंसोलिडेट होता रहा। इसने 22 जुलाई को ब्रेकआउट दिया और अपने अहम शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेजेज को फिर से हासिल कर लिया। RSI ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जो बुलिश मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत है, जबकि बढ़ते हरे MACD हिस्टोग्राम बार सकारात्मक रुख को और मजबूत करते हैं। उम्मीद है कि ₹1,400-1,410 का 20-दिन का EMA जोन मौजूदा पुलबैक के लिए मजबूत सपोर्ट देगा।

क्या आपको लगता है कि Laurus Labs अपना बुलिश मोमेंटम बनाए रखेगा, क्योंकि यह मार्च 2026 से ‘हायर हाई-हायर लो’ पैटर्न बना रहा है?

लॉरस लैब्स मजबूत ‘हायर हाई-हायर लो’ स्ट्रक्चर बनाए हुए है, जिसमें 20-दिन का EMA एक भरोसेमंद डायनैमिक सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है। RSI ने दो बार 60 के लेवल के पास सपोर्ट लिया है, जो लगातार बुलिश मोमेंटम को दिखाता है। इसके अलावा, ADX इंडिकेटर पर DI+ मजबूती से DI- के ऊपर बना हुआ है, जो मजबूत खरीदारी की दिलचस्पी को दर्शाता है। ₹1,525–1,530 का जोन एक अहम सपोर्ट है और जब तक स्टॉक इस लेवल से ऊपर है, तब तक इसमें तेजी जारी रह सकती है।

क्या FII की पोजीशनिंग बाजार पर लगातार दबाव का संकेत देती है, या आने वाले दिनों में शॉर्ट-कवरिंग रैली की संभावना है?

FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशक) 24 जुलाई को नेट सेलर बने रहे। उन्होंने 3,893 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इससे बीते सप्ताह की कुल बिकवाली का आंकड़ा 7,182 करोड़ रुपये हो गया। उनका इंडेक्स फ्यूचर्स लॉन्ग-शॉर्ट रेश्यो 17 जुलाई को 11.01 प्रतिशत से गिरकर 8.63 प्रतिशत हो गया, जो शॉर्ट पोजीशंस के आक्रामक रूप से बढ़ने को दर्शाता है।

हालांकि ऐतिहासिक रूप से ऐसी लो रीडिंग्स के बाद तेज शॉर्ट-कवरिंग रैली देखी गई है। लेकिन भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के निकट होना, मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी व जापानी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से मैक्रो स्थितियों में सुधार होने तक बाजार पर दबाव बने रहने की संभावना है।

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