जापान ने आज 20 अक्टूबर को मंगल ग्रह के सबसे बड़े चांद ‘फोबोस’ के लिए मिशन लॉन्च किया है। मार्शियन मून्स एक्सप्लोरेशन मिशन के तहत तानेगाशिमा स्पेस सेंटर से H3 रॉकेट के जरिए करीब 5 टन का स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष में भेजा गया है। मिशन का मकसद फोबोस पर लैंड करना, वहां की मिट्टी-धूल के नमूने जुटाना और उन्हें साल 2031 तक धरती पर वापस लेकर आना है। मंगल के दोनों चांद फोबोस और डीमॉस पर आज तक दुनिया का कोई भी देश नहीं पहुंच पाया है। मंगल या उसके चांद से मिट्टी का एक टुकड़ा भी अब तक धरती पर नहीं लाया जा सका है। अगर जापान यह कर लेता है, तो यह इतिहास में पहली बार होगा। स्पेसक्राफ्ट मंगल पर अगले साल पहुंचेगा, 2031 में वापस लौटेगा सतह पर गेंद की तरह कुछ देर उछलता रहेगा रोवर फोबोस पर उतरने वाले रोवर का नाम ‘इडेफिक्स’ है। यह एक छोटे माइक्रोवेव ओवन जितना बड़ा है और इसमें 4 पहिए लगे हैं। फोबोस पर ग्रैविटी बहुत ही कम है, इसलिए रोवर सतह पर गिरते ही गेंद की तरह कुछ मिनट तक उछलता रहेगा और फिर जाकर टिकेगा। अगर यह उल्टा गिरता है, तो खुद को सीधा कर लेगा। पर एक बार इसके सोलर पैनल खुल गए, तब यह खुद सीधा नहीं हो पाएगा। किसी गड्ढे या ढीली मिट्टी में फंसने से बचने के लिए यह बहुत संभलकर महज 1 मिलीमीटर प्रति सेकंड की धीमी चाल से चलेगा। रोवर 100 दिनों तक फोबोस की जमीन पर घूमेगा इडेफिक्स रोवर करीब 100 दिनों तक फोबोस की जमीन पर घूमेगा। उसका काम मुख्य लैंडर के लिए एक सुरक्षित जगह तलाशना है, ताकि लैंडर किसी रेतीले दलदल या नुकीले पत्थरों में न फंसे। सुरक्षित जगह मिलने पर चार पैरों वाला लैंडर सतह पर उतरेगा। वह वहां सिर्फ 2 घंटे रुकेगा। ड्रिल और वैक्यूम सिस्टम से कम से कम 10 ग्राम मिट्टी-पत्थर बटोरेगा और फौरन अंतरिक्ष में लौट जाएगा। दो सवालों का जवाब तलाश रहे वैज्ञानिक 1. क्या यह चांद मंगल से किसी उल्कापिंड के टकराने के बाद टूटे टुकड़ों से बना? 2. यह अंतरिक्ष में भटकता हुआ कोई एस्टेरॉयड था, जिसे मंगल के गुरुत्वाकर्षण ने पकड़ लिया? इसके अलावा, फोबोस की धूल में मंगल के पुराने कण भी मिल सकते हैं। इससे एक ही बार में मंगल और उसके चांद दोनों की जानकारी मिल जाएगी, जिससे यह समझने में मदद मिलेगी कि ग्रह कैसे बने और क्या वहां कभी जीवन पनपने के हालात थे। रूस फोबोस पर जाने की 3 बार कोशिश कर चुका रूस ने फोबोस पर जाने के लिए 3 बार कोशिश की, लेकिन तीनों ही मिशन फेल हो गए। जापान का भी पिछला मंगल मिशन नाकाम रहा था, हालांकि उसने दो बार एस्टेरॉयड से नमूने लाकर अपनी काबिलियत साबित की है। नासा के भी मंगल से जुड़े कई मिशन पहले असफल हो चुके हैं। चीन-अमेरिका भी मंगल से सैंपल लाने की तैयारी में इस रेस में चीन भी शामिल है। चीन 2028 में मंगल की सतह से सैंपल लाने का मिशन शुरू करेगा और वह भी 2031 तक सैंपल लाने का टारगेट बना रहा है। उधर अमेरिका का पर्सिवियरेंस रोवर मंगल की सतह पर 30 से ज्यादा ट्यूब्स में मिट्टी भर चुका है, लेकिन उसे धरती पर लाया जायेगा यह तय नहीं है।
जापान ने आज 20 अक्टूबर को मंगल ग्रह के सबसे बड़े चांद ‘फोबोस’ के लिए मिशन लॉन्च किया है। मार्शियन मून्स एक्सप्लोरेशन मिशन के तहत तानेगाशिमा स्पेस सेंटर से H3 रॉकेट के जरिए करीब 5 टन का स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष में भेजा गया है। मिशन का मकसद फोबोस पर लैंड करना, वहां की मिट्टी-धूल के नमूने जुटाना और उन्हें साल 2031 तक धरती पर वापस लेकर आना है। जापान का पिछला मंगल मिशन नाकाम रहा था, हालांकि उसने दो बार एस्टेरॉयड से नमूने लाकर काबिलियत साबित की है। मंगल के दोनों चांद फोबोस और डीमॉस पर आज तक दुनिया का कोई भी देश नहीं पहुंच पाया है। मंगल या उसके चांद से मिट्टी का एक टुकड़ा भी अब तक धरती पर नहीं लाया जा सका है। अगर जापान यह कर लेता है, तो यह इतिहास में पहली बार होगा। स्पेसक्राफ्ट मंगल पर अगले साल पहुंचेगा, 2031 में वापस लौटेगा सतह पर गेंद की तरह कुछ देर उछलता रहेगा रोवर फोबोस पर उतरने वाले रोवर का नाम ‘इडेफिक्स’ है। यह एक छोटे माइक्रोवेव ओवन जितना बड़ा है और इसमें 4 पहिए लगे हैं। फोबोस पर ग्रैविटी बहुत ही कम है, इसलिए रोवर सतह पर गिरते ही गेंद की तरह कुछ मिनट तक उछलता रहेगा और फिर जाकर टिकेगा। अगर यह उल्टा गिरता है, तो खुद को सीधा कर लेगा। पर एक बार इसके सोलर पैनल खुल गए, तब यह खुद सीधा नहीं हो पाएगा। किसी गड्ढे या ढीली मिट्टी में फंसने से बचने के लिए यह बहुत संभलकर महज 1 मिलीमीटर प्रति सेकंड की धीमी चाल से चलेगा। रोवर 100 दिनों तक फोबोस की जमीन पर घूमेगा इडेफिक्स रोवर करीब 100 दिनों तक फोबोस पर घूमेगा। उसका काम मुख्य लैंडर के लिए एक सुरक्षित जगह तलाशना है, ताकि लैंडर किसी रेतीले दलदल या नुकीले पत्थरों में न फंसे। सुरक्षित जगह मिलने पर चार पैरों वाला लैंडर सतह पर उतरेगा। वह वहां सिर्फ 2 घंटे रुकेगा। ड्रिल और वैक्यूम सिस्टम से 10 ग्राम मिट्टी-पत्थर बटोरेगा और फौरन अंतरिक्ष में लौट जाएगा। दो सवालों का जवाब तलाश रहे वैज्ञानिक 1. क्या यह चांद मंगल से किसी उल्कापिंड के टकराने के बाद टूटे टुकड़ों से बना? 2. यह अंतरिक्ष में भटकता हुआ कोई एस्टेरॉयड था, जिसे मंगल के गुरुत्वाकर्षण ने पकड़ लिया? इसके अलावा, फोबोस की धूल में मंगल के पुराने कण भी मिल सकते हैं। इससे एक ही बार में मंगल और उसके चांद दोनों की जानकारी मिल जाएगी, जिससे यह समझने में मदद मिलेगी कि ग्रह कैसे बने और क्या वहां कभी जीवन पनपने के हालात थे। चीन-अमेरिका भी मंगल से सैंपल लाने की तैयारी में इस रेस में चीन भी शामिल है। चीन 2028 में मंगल की सतह से सैंपल लाने का मिशन शुरू करेगा और वह भी 2031 तक सैंपल लाने का टारगेट बना रहा है। उधर अमेरिका का पर्सिवियरेंस रोवर मंगल की सतह पर 30 से ज्यादा ट्यूब्स में मिट्टी भर चुका है, लेकिन उसे धरती पर लाया जायेगा यह तय नहीं है।
Amazon Great Indian Festival Sale 2026: ई-कॉमर्स कंपनी Amazon ने गुरुवार को अपनी Great Indian Festival Sale 2026 शुरू कर दी है। सेल का आज दूसरा दिन है। इस बार Amazon की सेल का मुकाबला Flipkart की Big Billion Days Sale से हो रहा है। पिछले साल की तरह इस साल भी Amazon की सेल में छोटे-बड़े इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स पर कई तरह के डिस्काउंट मिल रहे हैं। इनमें स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, लैपटॉप, ट्रू वायरलेस स्टीरियो (TWS) ईयरबड्स, वॉशिंग मशीन, स्मार्ट होम अप्लायंसेज, फ्रिज, माइक्रोवेव ओवन और चिमनी जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं।
इसके अलावा, Amazon पर घर में इस्तेमाल होने वाले ऑडियो प्रोडक्ट्स भी कम कीमत पर मिल रहे हैं। इनमें Boat, JBL, Sony, Zebronics जैसे कई ब्रांड्स के ब्लूटूथ स्पीकर, होम थिएटर सिस्टम और साउंडबार शामिल हैं, जिनपर बेहतरीन डील्स दी जा रही है।
Amazon Great Indian Festival 2026: ₹20,000 से कम कीमत वाले साउंडबार पर ऑफर
जिन ग्राहकों का बजट ₹20,000 तक है, उनके लिए Amazon Great Indian Festival Sale 2026 में ऐसे साउंडबार पर अच्छे डिस्काउंट मिल रहे हैं जिन्हें सीधे स्मार्ट टीवी से कनेक्ट किया जा सकता है या ब्लूटूथ स्पीकर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। इस सेल में JBL Cinema SB590 साउंडबार को ₹19,999 की घटी हुई कीमत पर खरीदा जा सकता है। इसकी लिस्टेड कीमत ₹39,999 है, यानी इसमें सीधे ₹20,000 की कटौती की गई है। इसी तरह, आप Zebronics Juke BAR 9775 को भी ₹17,999 की कम कीमत पर पा सकते हैं, जबकि इसकी लिस्टेड कीमत ₹61,999 है।
सीधी कीमत में कटौती के अलावा, Amazon Great Indian Festival Sale 2026 में SBI क्रेडिट और डेबिट कार्ड और SBI क्रेडिट कार्ड EMI ट्रांजैक्शन पर 10% (₹57,750 तक) का इंस्टेंट डिस्काउंट मिल रहा है। इसके अलावा, आप Amazon Pay ICICI बैंक क्रेडिट कार्ड से 5% अनलिमिटेड कैशबैक, Amazon Pay Later से EMI पर 10% कैशबैक, या Amazon Pay UPI से ₹50 का फ्लैट कैशबैक पा सकते हैं।
हमने ₹20,000 से कम कीमत वाले साउंडबार पर सबसे अच्छे डील्स की एक लिस्ट तैयार की है, जिन पर आप भारत में चल रही Amazon Great Indian Festival Sale 2026 के दौरान विचार कर सकते हैं। नीचे बताई गई कीमतें सिर्फ सीधे प्राइस कट (कीमत में कटौती) को दिखाती हैं। इसलिए, अपनी बचत को और बढ़ाने के लिए आप अतिरिक्त बैंक ऑफर, कैशबैक और एक्सचेंज बोनस का फायदा उठा सकते हैं। इसके अलावा, आप ₹40,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन पर डील्स के साथ-साथ ईयरबड्स और हेडफोन पर मिल रही छूट भी देख सकते हैं।
Amazon Great Indian Festival 2026: ₹20,000 से कम कीमत वाले साउंडबार पर बेहतरीन डील्स
| Model | List Price | Sale Price (Expected) | Product Link |
|---|---|---|---|
| JBL Cinema SB590 | Rs. 39,999 | Rs. 19,999 | Buy Now |
| Zebronics Juke BAR 9775 | Rs. 61,999 | Rs. 17,999 | Buy Now |
| Zebronics Juke BAR 9900 | Rs. 84,999 | Rs. 19,499 | Buy Now |
| Sony HT-S400 2.1ch | Rs. 26,990 | Rs. 15,989 | Buy Now |
| Bose 5100 Soundbar | Rs. 34,400 | Rs. 19,900 | Buy Now |
| Sony HT-S20R 5.1ch | Rs. 23,990 | Rs. 14,989 | Buy Now |
| JBL Cinema SB560 | Rs. 25,999 | Rs. 10,999 | Buy Now |
| Zebronics Juke BAR 9535 | Rs. 44,999 | Rs. 10,999 | Buy Now |
| Boat Avante Prime 5.1 5000DA | Rs. 37,990 | Rs. 10,799 | Buy Now |
| Noise Homestage 5.1 Ch | Rs. 29,999 | Rs. 13,999 | Buy Now |
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देश में त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले एयर कंडीशनर और दूसरे कंज्यूमर अप्लायंसेज की कीमतें 5-8% बढ़ गई हैं, लेकिन मैन्युफैक्चरर्स को उम्मीद है कि इनकी जबरदस्त डिमांड से बिक्री में डबल-डिजिट ग्रोथ होने की उम्मीद है। कंज्यूमर प्रीमियम प्रोडक्ट्स, रिप्लेसमेंट और आसान फाइनेंसिंग का विकल्प चुन रहे हैं। इससे अप्लायंसेज की बिक्री को सपोर्ट मिल सकता है। कीमतों में हालिया बढ़ोतरी इस साल कीमतों में बढ़त का तीसरा दौर है। अप्लायंस मैन्युफैक्चरर्स का कहना है कि कीमतों में इस बढ़त में तांबा, एल्युमीनियम, स्टील और कच्चे तेल से बनने वाले उत्पादों की बढ़ती लागत, माल ढुलाई पर बढ़ते खर्च और करेंसी में उतार-चढ़ाव का सबसे बड़ा हाथ है।
कीमतें बढ़ने के बावजूद, अप्लायंस इंडस्ट्री के लिए फेस्टिव सीज़न की शुरुआत अच्छी रहा है। अप्लायंस मैन्युफैक्चरर्स ने दक्षिण भारत में ओणम के दौरान अच्छी बिक्री की जानकारी दी है। कंपनियों को उम्मीद है कि प्रीमियम प्रोडक्ट्स के प्रति बढ़ते रुझान, रिप्लेसमेंट मांग और कंज्यूमर फाइनेंसिंग की वजह से नवरात्रि और दिवाली के दौरान भी अच्छी मांग बनी रह सकती है।
ग्राहकों का रुझान तेजी से ज्यादा क्षमता वाले, कई फ़ीचर्स वाले और एनर्जी-एफ़िशिएंट अप्लायंसेज़ के साथ-साथ स्मार्ट कनेक्टेड प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ रहा है। हालांकि बिक्री की मात्रा पर कीमतों के बढ़ने का असर पड़ सकता है,लेकिन प्रीमियम प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ते रुझान से कुल वैल्यू ग्रोथ को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
कुछ मैन्युफैक्चरर्स का मानना है कि निकट भविष्य में कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीमित रहेगा, क्योंकि डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स ने प्री-बाइंग स्कीम के ज़रिए पहले की कीमतों पर खरीदे गए प्रोडक्ट्स का स्टॉक जमा कर रखा है।
हायर अप्लायंसेज को बिक्री में डबल डिजिट ग्रोथ की उम्मीद
हायर अप्लायंसेज इंडिया के CEO एन.एस. सतीश ने PTI को बताया कि फेस्टिव सीज़न के दौरान इंडस्ट्री में डबल-डिजिट ग्रोथ होने की उम्मीद है। हायर को उम्मीद है कि फेस्टिव सीज़न में उसकी बिक्री (वैल्यू के हिसाब से) 30-35% बढ़ेगी, जबकि यूनिट बिक्री में लगभग 20% की बढ़ोतरी हो सकती है। सतीश ने पूरी इंडस्ट्री में लगभग 10-15% ग्रोथ की उम्मीद जताई। उनका कहना है कि जिन ग्राहकों ने पहले से ही कोई अप्लायंस खरीदने का प्लान बना रखा है,वे या तो बजट में रहने के लिए कम क्षमता वाला प्रोडक्ट चुन सकते हैं या फिर प्रीमियम मॉडल लेने के लिए EMI फाइनेंसिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं।
हायर (Haier) ने 1 अक्टूबर से रूम एयर कंडीशनर की कीमतें लगभग 5% बढ़ा दी हैं, जबकि LED टीवी और वॉशिंग मशीन जैसे प्रोडक्ट्स की कीमतों में 2-3% की बढ़ोतरी हुई है।
प्रीमियम प्रोडक्ट्स फाइनेंसिंग से डिमांड बढ़ने की उम्मीद
LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के को-चीफ सेल्स और मार्केटिंग ऑफिसर संजय चितकारा ने कहा कि कंपनी फेस्टिव सीज़न को लेकर उम्मीद बनाए हुए है,जिसकी शुरुआत अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में नवरात्रि से होती है। कंपनी को त्योहारों से पहले अच्छी खासी पूछताछ देखने को मिली है और उसे उम्मीद है कि घर खरीदने और अपग्रेड करने से मांग बढ़ेगी। ग्राहक न सिर्फ़ रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन, टेलीविज़न और एयर कंडीशनर बदल रहे हैं, बल्कि डिशवॉशर, माइक्रोवेव ओवन, ऑडियो प्रोडक्ट और वॉटर प्यूरीफ़ायर में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
चितकारा ने कहा कि GST में बदलाव और त्योहारों के दौरान EMI स्कीमों से चीज़ें खरीदना आसान हुआ है, जिससे मांग बढ़ने की उम्मीद है। LG की ‘एसेंशियल सीरीज़’ को टियर-2 और टियर-3 शहरों में पहली बार खरीदने वाले ग्राहकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।
सोनी इंडिया को सेल्स वैल्यू में 15-20% बढ़ोतरी की उम्मीद
सोनी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील नय्यर को उम्मीद है कि प्रीमियम प्रोडक्ट्स, नए लॉन्च और ग्राहकों के लिए खास ऑफ़र की वजह से त्योहारों के मौसम में बिक्री की वैल्यू में 15-20% की बढ़ोतरी होगी। सोनी को उम्मीद है कि उसके इमेजिंग बिज़नेस में 30% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हो सकती है। जबकि टेलीविज़न की मांग प्रीमियम BRAVIA मॉडल और बड़ी स्क्रीन वाले टीवी से बढ़ेगी। कंपनी को हेडफ़ोन, साउंडबार और पार्टी स्पीकर की भी अच्छी मांग की उम्मीद है।
गोदरेज को भी अच्छी सेल्स ग्रोथ की उम्मीद
गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के अप्लायंसेज डिविजन के हेड कमल नंदी ने कहा कि कंपनी ने ओणम के दौरान अच्छी बिक्री की है और उम्मीद है कि त्योहारों के मौसम में दूसरे इलाकों में भी मांग बढ़ेगी।
गोदरेज अप्लायंसेज ने 1 अक्टूबर से रूम AC की कीमतें भी बढ़ा दी हैं। हालांकि, ग्राहकों को कुछ समय तक पुराने स्टॉक के कारण बढ़ी हुई कीमतों से पहले वाली कीमतों पर ही प्रोडक्ट मिल सकते हैं।
नंदी ने कहा कि मौजूदा स्टॉक लगभग एक से डेढ़ महीने तक चल सकता है, जिसका मतलब है कि कीमतें पूरी तरह बढ़ने से पहले, दिवाली तक कुछ प्रोडक्ट्स पुरानी कीमतों पर ही बिकते रह सकते हैं।
क्या कहती है इंडस्ट्री रिपोर्ट?
सेक्टर की रिपोर्ट्स के मुताबिक,ओणम से लेकर दशहरा और दिवाली तक के त्योहारों के मौसम में अप्लायंस बनाने वाली कंपनियों की सालाना बिक्री का लगभग 30-40% हिस्सा होता है।
बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप और कॉन्फेडरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्री की एक संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कंज्यूमर ड्यूरेबल्स मार्केट के सालाना 8-10% की दर से बढ़ने और 2030 तक 3-3.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

