Trading Plan : बाजार में आज हो सकती है रिकवरी की कोशिश, कमाई के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Trading Plan : लगातार हो रहे कंसोलिडेशन और रेंजबाउंड ट्रेडिंग के बीच, मार्केट के पिछले दिन के निचले स्तर (low) को बनाए रखने और वापसी (rebound) करने की कोशिश करने की संभावना नजर आ रही है। हालांकि, हमारी नजर इस बात पर होगी की यह बढ़त कितनी टिकाऊ रहेगी। निफ्टी को आज 24,500–24,600 के दायरे में रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। अगर यह लगातार इस दायरे से ऊपर बना रहता है, तो इसके 24,700–24,800 के स्तर तक जाने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की तरफ, 24,429 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह सपोर्ट लेवल टूटता है, तो इंडेक्स 24,350–24,200 की ओर गिर सकता है। वहीं, नीचे की तरफ, 24,429 का लेवल निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह सपोर्ट कायम नहीं रह पाता तो यह 24,350–24,200 की ओर फिसल सकता है।

बैंक निफ्टी की बात करें तो इसके लिए 50-डे EMA (जो 57,100 पर है) पर मजबूत सपोर्ट दिख रहा है। अगर यह इस स्तर से नीचे जाता है, तो इसमें 56,800–56,500 तक की गिरावट आ सकती है। हालांकि, बाजार जानकारों का यह भी कहना है कि अगर इसमें रिकवरी होती है तो 57,600–57,700 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इसके बाद 58,100–58,250 के जोन में अगला अहम रेजिस्टेंस होगा।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

वेव्स स्ट्रैटेजी एडवाइजर्स के फाउंडर और CEO, आशीष क्याल का कहना है कि पिछले कारोबारी सत्र में निफ़्टी ने 4 अगस्त से बने ट्रायंगल पैटर्न के रेंज में रहने के बाद आखिरकार उससे नीचे की ओर ब्रेकडाउन दिया। इंडेक्स में दिन के हाई से लगभग 130 अंकों की तेज इंट्राडे गिरावट नजर आई। US-ईरान शांति वार्ता को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजार की परेशानी को और बढ़ा रही हैं।

इसके अलावा हाल ही में शुरू किए गए CAS सिस्टम की वजह से मार्केट के बड़े प्लेयर्स अभी वेट एंड वॉच मोड में हैं। हालांकि, जैसे-जैसे मार्केट इस नए सिस्टम का आदी होगा, इसमें धीरे-धीरे भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है। तब तक तिमाही नतीजों औरअपडेट्स को ध्यान में रखते हुए चुनिंदा स्टॉक्स पर फोकस किया जा सकता है, बशर्ते निफ्टी में अहम जोन के नीचे कोई बड़ी गिरावट न आए।

डेली चार्ट पर निफ्टी कल पिछले दिन के निचले स्तर से नीचे और 24,429 के पिछले गैप-सपोर्ट जोन के पास बंद हुआ। अगर यह इस जोन के नीचे जाता है, तो इससे शॉर्ट टर्म टॉप बनने की संभावना बढ़ जाएगी। अभी, इंडेक्स 24 जुलाई से शुरू हुई पिछली रैली से 23.6 प्रतिशत नीचे आया है। अगर यह 24,429 के नीचे जाता है तो हमें 24,320 की ओर मूवमेंट आता दिख सकता है जो 38.2 फीसदी रिट्रेसमेंट लेवल है।

थ्री-कैंडलस्टिक रूल के आधार पर देखें तो मार्केट ट्रेंड नीचे की ओर बदलता हुआ दिख रहा है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए और बिकवाली (फ़ॉलो-अप सेलिंग) की जरूरत है। 24,429 के नीचे जाने पर बिकवाली और बढ़ सकती है, जिससे निफ्टी 24,320–24,300 के लेवल या उससे नीचे जा सकता है। ऊपर की ओर, 24,630 सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस है।

अहम रेजिस्टेंस (फ्यूचर्स): 24,630

अहम सपोर्ट (फ्यूचर्स): 24,250

स्ट्रैटेजी : निफ्टी फ्यूचर्स में 24,420 के नीचे शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है, जिसमें स्टॉप-लॉस 24,520 और टारगेट 24,320, उसके बाद 24,250 होगा।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

आशीष क्याल का कहना है कि पिछले हफ्ते बैंक निफ्टी ने वॉल्यूम प्रोफाइल के मेन ‘पॉइंट ऑफ कंट्रोल’ (POC) एरिया को छुआ और उसके पास उसे रुकावट (रेजिस्टेंस) का सामना करना पड़ा। उस लेवल से इंडेक्स धीरे-धीरे नीचे आ रहा है। बैंक निफ्टी पिछले तीन ट्रेडिंग सेशन से गिरावट के साथ बंद हो रहा है। इस गिरावट में प्राइवेट बैंकों की मुख्य भूमिका रही है। पिछले सेशन में यह इंडेक्स डेली चार्ट पर मिड-बोलिंगर बैंड के नीचे बंद हुआ, जिससे पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।

इंडेक्स अब उस ऊपर की ओर जाने वाली ट्रेंडलाइन के सपोर्ट को टेस्ट कर रहा है, जो अप्रैल 2026 के निचले स्तर से बनी हुई है। अगर यह मंगलवार के 57,100 के निचले स्तर से नीचे जाता है, तो यह सपोर्ट स्ट्रक्चर कमजोर हो जाएगा और बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।

बैंक निफ्टी अपसाइड मोमेंटम कमजोर पड़ रहा है। यह रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर जाने के लिए संघर्ष कर रहा है। 57,100 के नीचे जाने पर फिर से बिकवाली शुरू हो सकती है, जिससे यह 56,680–56,700 के लेवल तक जा सकता है। ऊपर की तरफ, 57,650 का लेवल सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस है जिस पर नजर रखनी चाहिए।

अहम रेजिस्टेंस (फ्यूचर्स): 57,650

अहम सपोर्ट (फ्यूचर्स): 56,500

स्ट्रेटेजी : बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में 57,100 के नीचे शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है, जिसमें स्टॉप-लॉस 57,350 और टारगेट 56,850, उसके बाद 56,700 होगा।

 

 

Market cues : मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव, रिकवरी आने पर 24600-24700 पर दिखेगा रेजिस्टेंस

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan: ICICI सिक्योरिटीज के जय ठक्कर से जाने आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई की रणनीति

Trading Plan: आने वाले सेशन में निफ्टी 50 के 24,500-24,650 की सीमित रेंज में ट्रेड करने की संभावना है। हालांकि,इंडेक्स की अंदरूनी मजबूती बनी हुई है और यह अपने 200-डे EMA, 21 डे EMA और 24,482 के ब्रेकआउट जोन के ऊपर ट्रेड कर रहा है। अगर इंडेक्स इस रेंज से नीचे गिरता है,तो अगला डाउनसाइड टारगेट 24,400 हो सकता है। ऊपर की तरफ,24,700-24,800 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा।

उधर बैंक निफ्टी के लिए 57,500 का लेवल एक अहम सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह लेवल टूटता है और इसमें बड़ी गिरावट आती है तो और बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऊपर की तरफ इसके लिए 58,100-58,250 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा। बाजार जानकारों का कहना कि अगर बैंक निफ्टी इस रेंज से ऊपर जाता है तो 58,500 और उसके बाद 58,700 तक के लेवल देखने को मिल सकते हैं।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च,जय ठक्कर का कहना है कि सोमवार को वीकली सेटलमेंट से पहले आखिरी ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी लगभग सपाट बंद हुआ,लेकिन कुल मिलाकर स्थिति पॉजिटिव दिख रही है। डेली क्लोजिंग अब लगभग सामान्य हो गई है और इम्प्लाइड वोलैटिलिटी भी कम हुई है,जो एक अच्छी बात है। पिछली वीकली एक्सपायरी में दोपहर 3:15 बजे तक कोई ‘थीटा डिके'(समय बीतने के साथ ऑप्शन की कीमत में कमी)नहीं हुआ क्योंकि क्लोजिंग प्राइस को लेकर अनिश्चितता थी,लेकिन पिछले कुछ दिनों के आंकड़े बताते हैं कि दोपहर 3:15 बजे और 3:30 बजे के बीच का अंतर कम हुआ है,जो एक अच्छा संकेत है।

ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म रिवर्सल 24,200 से 24,000 के लेवल पर है, जो कुल पुट बेस है। वहीं,24,600-24,800 का जोन रेसिस्टेंस का काम कर रहा है,क्योंकि वीकली एक्सपायरी के लिए यहां सबसे ज्यादा कॉल बेस है और यह 200 DMA के भी करीब है। अगर निफ्टी इसके ऊपर जाता है तो इसके 25,000 की ओर बढ़ने की संभावना है,जहां कुल मिलाकर सबसे ज्यादा कॉल बेस है।

इन बातों को ध्यान में रखकर देखें तो निफ्टी की शॉर्ट टर्म रेंज 24,200-24,800 पर दिख रही है। इसके बाद 24,000-25,000 का लेवल है। इंडिया VIX स्थिर हो गया है और इक्विटी कैश सेगमेंट और इंडेक्स फ्यूचर्स,दोनों में FIIs की तरफ से बिकवाली का दबाव भी कम हुआ है।

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतें घटने से भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए अच्छे संकेत मिल रहे हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए निफ्टी के लिए शॉर्ट-टर्म में नजरिया पॉजिटिव बना हुआ है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,600, 24,800

अहम सपोर्ट: 24,200, 24,000

स्ट्रैटेजी: वर्तमान भाव पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें और 24,400 के आस-पास गिरावट आने पर और खरीदारी करें। क्लोजिंग बेसिस पर 24,200 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 24,800 और 25,000 का टारगेट रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के नतीजों और हाल ही में बढ़े जियो-पॉलिटिकल तनाव (जिससे ब्याज दरें बढ़ने का डर पैदा हुआ था) के बाद से बैंक निफ्टी कंसोलिडेशन मोड में आ गया है। हालांकि,अमेरिका से नौकरियों और महंगाई को लेकर आए अच्छे मैक्रो डेटा,जियो-पॉलिटिकल तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बैंकिंग शेयरों में आ रही गिरावट को रोकने में मदद की है।

ऑप्शंस डेटा से पता चलता है कि 58,000 का स्ट्राइक अहम है क्योंकि यहां सबसे ज्यादा कॉल और पुट बेस है। ऐसे में इसके ऊपर जाने पर इंडेक्स पॉजिटिव हो जाएगा। ऐसा होने तक यह कंसोलिडेट होता रह सकता है। चूंकि हाल ही में काफी कंसोलिडेशन हुआ है और ओवरऑल मार्केट की स्थिति भी पॉजिटिव है,इसलिए ऐसा लगता है कि इंडेक्स में ऊपर की ओर ब्रेकआउट होगा,जिससे यह 59,000 और 60,000 के लेवल तक पहुंच सकता है।

नीचे की तरफ बैंक निफ्टी के लिए 57,000 पर तत्काल सपोर्ट है क्योंकि 58,000 स्ट्राइक के बाद यहीं सबसे ज्यादा पुट बेस है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,000

अहम सपोर्ट: 57,000

स्ट्रैटेजी: 58,000 के ऊपर बैंक निफ्टी अगस्त फ्यूचर्स खरीदें। स्टॉप-लॉस 57,000 के नीचे रखें और टारगेट 59,000 और 60,000 पर सेट करें।

 

 

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर दे रहे कंसोलीडेशन जारी रहने के संकेत, 24500-24700 का दायरा टूटने पर ही आएगी तेजी

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : 24000 के ऊपर टिके रहने तक शॉर्ट-टर्म का रुझान पॉजिटिव, निफ्टी में जल्द ही 24500 का टारगेट मुमकिन

Trading Plan : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्सों में आज सुस्ती देखने को मिल रही है। निफ्टी 24225 के आसपास सपाट कारोबार कर रहा है। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में अल्ट्राटेक सीमेंट,श्रीराम फाइनेंस,टाटा स्टील,अदाणी एंटरप्राइजेज और टेक महिंद्रा शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में HDFC बैंक,मारुति सुजुकी,एटरनल,सन फार्मा और डॉ. रेड्डीज लैब्स शामिल हैं। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। सेक्टरों की बात करें तो कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फार्मा को छोड़कर बाकी सभी इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। PSU बैंक में लगभग 1% की तेजी है।

निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च,जय ठक्कर का कहना है कि पिछले ट्रेडिंग वीक में निफ़्टी 24,300 के स्तर से काफी ऊपर बंद हुआ था,लेकिन पिछले ट्रेडिंग सेशन में यह गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि,इंडेक्स दिन के निचले स्तर से उबरने में कामयाब रहा। इसके साथ ही,पुट-कॉल रेश्यो (PCR) इंट्राडे आधार पर 1.05 से सुधरकर क्लोजिंग के समय 1.36 हो गया, जो 24,000-24,200 स्ट्राइक रेंज में बड़ी संख्या में पुट जुड़ने का संकेत देता है। अब इस जोन के एक अहम सपोर्ट एरिया के तौर पर काम करने की उम्मीद है,जबकि 24,500 का स्तर तत्काल टारगेट बना हुआ है क्योंकि वहां सबसे ज्यादा कॉल बेस है।

India VIX,जो दिन के दौरान 13.84 के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था,1.29 प्रतिशत गिरकर 12.98 पर बंद हुआ। इससे संकेत मिलता है कि भू-राजनीतिक तनाव,जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी थीं,जल्द ही कम हो सकते हैं। कुल मिलाकर,डेरिवेटिव्स मार्केट का रुख बुल्स के पक्ष में रहा। 120 शेयरों में ‘लॉन्ग बिल्ड-अप’और 34 शेयरों में ‘शॉर्ट कवरिंग’देखी गई,जबकि 52 शेयरों में ‘शॉर्ट बिल्ड-अप’और 7 शेयरों में ‘लॉन्ग अनवाइंडिंग’हुई। इस तरह,बेंचमार्क इंडेक्स के नेगेटिव जोन में बंद होने के बावजूद,F&O मार्केट का दायरा पॉजिटिव बना रहा।

पिछले ट्रेडिंग हफ्ते में कमजोर प्रदर्शन के बाद,ब्रॉडर मार्केट ने अच्छा प्रदर्शन किया। इसलिए,जब तक निफ़्टी 24,000 के स्तर से ऊपर बना हुआ है,तब तक शॉर्ट-टर्म का रुझान पॉजिटिव रहेगा और ऊपर की ओर 24,500 का लक्ष्य रहेगा।

अहम रेजिस्टेंस: 24,300, 24,500

अहम सपोर्ट: 24,100, 24,000

स्ट्रैटेजी: निफ्टी फ्यूचर्स को मौजूदा मार्केट प्राइस पर खरीदें और 24,100 के आस-पास गिरावट आने पर और खरीदारी करें। स्टॉप-लॉस 24,000 के नीचे रखें और टारगेट 24,500 व 24,600 रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन से बैंक निफ्टी 57,000-58,500 की रेंज में ट्रेड कर रहा है। हालांकि पिछले ट्रेडिंग हफ्ते में इंडेक्स 58,500 के लेवल से थोड़ा ऊपर बंद हुआ था,लेकिन वीकेंड पर बड़े बैंकों के नतीजे आने के बाद यह वापस उसी रेंज में आ गया। ऑप्शन डेटा के मुताबिक 59,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल बेस बना हुआ है,इसके बाद 60,000 और 58,000 स्ट्राइक का नंबर आता है। पुट साइड पर 58,000 स्ट्राइक के अलावा कोई बड़ा बेस नहीं है। इसके बाद 57,000 और 56,000 स्ट्राइक हैं। नतीजतन,बेयर्स का पलड़ा भारी बना हुआ है। इसके साथ ही PCR 0.93 पर है,जो थोड़ा न्यूट्रल-से-बेयरिश रुख दिखाता है।

हालांकि,शॉर्ट कवरिंग की वजह से PSU बैंकिंग शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई है,जिससे बैंकिंग इंडेक्स को कुछ समय के लिए सहारा मिला है। इसलिए,जब तक मौजूदा ट्रेडिंग रेंज ऊपर की ओर नहीं टूटती,तब तक शॉर्ट-टर्म में रुझान के एक ही दायरे में रहने की संभावना है। इसलिए,अभी के लिए कंडीशनल बाय की सलाह दी जाती है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,500, 59,000

अहम सपोर्ट: 57,000, 56,000

स्ट्रेटेजी: 58,500 के ऊपर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें और 59,000 के ऊपर और पोजीशन जोड़ें। स्टॉप-लॉस 58,000 के नीचे रखें और टारगेट 60,000 का रखें।

 

Market cues : सुस्त चाल के साथ एक दायरे में ही ट्रेड करता रहेगा बाजार, आज इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan: कल की बड़ी गिरावट के बाद आज निफ्टी में दिख रही रिकवरी, इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Trading Plan : कल के सेशन में जबरदस्त बिकवाली के बाद,निफ्टी के 24,000-24,100 के जोन की तरफ वापसी करने की कोशिश करने की उम्मीद है,लेकिन यह तेजी कितनी टिकाऊ होगी, इस पर नजर रखनी होगी। नीचे की तरफ 23800 का लेवल (बुधवार का निचला स्तर और हालिया तेजी का 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट) तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर निफ्टी इस लेवल से नीचे जाता है,तो गिरावट 23,600-23,500 की तरफ बढ़ सकती है। वहीं,जून के हाई लेवल तक वापस पहुंचने के लिए बैंक निफ्टी को 57,300 के ऊपर वापस आना होगा और वहां टिके रहना होगा। तब तक,इंडेक्स के कंसोलिडेशन फेज में रहने की संभावना है, जिसमें 56,300 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। जानकारों के मुताबिक,अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स 55,700 तक गिर सकता है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

SBI सिक्योरिटीज के हेड -टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि बुधवार के ट्रेडिंग सेशन के दूसरे हिस्से में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण निफ्टी बड़ी बिकवाली देखने को मिली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते ग्लोबल मार्केट में जोखिम से बचने का रुझान बढ़ गया है। डेली चार्ट पर,निफ्टी ने एक बड़ी’बेयरिश कैंडल’बनाई,जो बिकवाली के भारी दबाव और कमजोर मार्केट सेंटीमेंट का संकेत है।

कल पूरे मार्केट में कमजोरी दिखी और सभी सेक्टर के इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। इससे पता चलता है कि निवेशकों के बीच जोखिम से बचने का माहौल है। खास बात यह है कि इंडिया VIX में 26 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई,जो हाल के महीनों में एक दिन में हुई सबसे बड़ी बढ़त है। यह मार्केट में अनिश्चितता और डर के तेज से बढ़ने का संकेत है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो भारी गिरावट ने निफ्टी को उसके सभी अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे धकेल दिया है। यह मौजूदा ट्रेंड में कमजोरी का संकेत है। डेली RSI अपने 9-दिन के एवरेज से नीचे आ गया है और नीचे की ओर जा रहा है,जिससे मोमेंटम में कमजोरी का पता चलता है। इसके अलावा,फास्ट स्टोकेस्टिक अभी भी स्लो स्टोकेस्टिक लाइन से नीचे ट्रेड कर रहा है,जो नेगेटिव ट्रेंड को और मजबूत करता है।

आगे चलकर,23,800-23,750 का जोन निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है,क्योंकि इस रेंज में पहले के कई स्विंग लो (swing lows) बने हैं। अगर इंडेक्स लगातार 23,750 के नीचे बना रहता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 23,600 और उसके बाद 23,450 के लेवल तक गिर सकता है।

ऊपर की तरफ,24,000-24,050 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। इस जोन के ऊपर की चाल,मौजूदा मंदी के दबाव को कम करने और शॉर्ट-टर्म मार्केट सेंटीमेंट को बेहतर बनाने के लिए बहुत जरूरी होगी। तब तक,ट्रेडर्स को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है,क्योंकि उतार-चढ़ाव के ज्यादा बने रहने की उम्मीद है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,000, 24,050

अहम सपोर्ट: 23,800, 23,750, 23,600

स्ट्रैटेजी: निफ्टी फ्यूचर्स को 23,900 के नीचे बेचें,स्टॉप-लॉस 24,090 और टारगेट 23,600 रखें।

Market cues : 23800 का सपोर्ट टूटने पर निफ्टी में बढ़ सकती है गिरावट, ऊपर की तरफ 24000 पर होगा पहला रेजिस्टेंस

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

सुदीप शाह का कहना है कि बैंकिंग बेंचमार्क इंडेक्स बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई,जो जबरदस्त प्रॉफिट बुकिंग और मार्केट सेंटीमेंट में तेजी से आई गिरावट को दिखाती है।

तकनीकी तौर पर देखें तो तेजी से आई गिरावट ने इंडेक्स के शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर को कमजोर कर दिया है। बैंक निफ्टी 8 जून,2026 के बाद पहली बार अपने 20-डे EMA से नीचे आ गया है,जो शॉर्ट-टर्म में तेजी के मोमेंटम के कम होने का संकेत है। डेली RSI अपने 9-दिन के औसत से नीचे आ गया है और नीचे की ओर जा रहा है,जिससे पता चलता है कि मोमेंटम नेगेटिव हो गया है। मोमेंटम इंडिकेटर्स में यह बदलाव संकेत देता है कि आने वाले समय में और कंसोलिडेशन या गिरावट हो सकती है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए 56,400-56,300 का 200-डे EMA जोन तत्काल सपोर्ट एरिया का काम करेगा। अगर यह 56,300 के नीचे टूटता है,तो नई बिकवाली का दबाव बन सकता है,जिससे 55,700 तक और गिरावट आ सकती है और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 55,000 का साइकोलॉजिकल लेवल भी देखने को मिल सकता है।

ऊपर की तरफ,57,200-57,300 का 20-डे EMA जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। मौजूदा कमजोरी को खत्म करने और शॉर्ट-टर्म सेंटीमेंट को बेहतर बनाने के लिए इंडेक्स को इस रुकावट को पार करना होगा और वहां टिके रहना होगा। तब तक,कुल मिलाकर बाजार का रुख सतर्क रहने की संभावना है और जारी ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच उतार-चढ़ाव के भी ज्यादा रहने की उम्मीद है।

अहम रेजिस्टेंस: 57,200, 57,300

अहम सपोर्ट: 56,400, 56,300, 55,700

स्ट्रैटेजी: 56,900 के नीचे बैंक निफ्टी फ्यूचर्स बेचें,57,400 पर स्टॉप-लॉस और 55,700 का टारगेट रखें।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।