Top Trading Picks : SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह से जानें, सीमेंस एनर्जी, वेल्सपन , हैवेल्स और मैनकाइंड फार्मा में क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Top Trading Picks : गुरुवार, 1 अक्टूबर को निफ्टी 22,500 के नीचे बंद हुआ। US 10 ईयर बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण सेंटीमेंट कमजोर रहा,जिससे निफ्टी की शुरुआत निचले स्तर पर हुई। दिन के दौरान,कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती ने नेगेटिव सेंटीमेंट को और गहरा कर दिया जिससे इंडेक्स और नीचे आ गया। वीकली बेसिस पर देखें तो बीते हफ़्ते BSE सेंसेक्स 1,986.04 अंक यानी 2.68% गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी में 718.55 अंक यानी 3.10% की गिरावट आई और यह 22,421.95 पर बंद हुआ। ऐसे में यहां हम आपके लिए कुछ ट्रेडिंग आइडिया दे रहें है, जिन पर अगले हफ्ते नजर रहनी चाहिए।

सीमेंस एनर्जी (Siemens Energy) : SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट सुदीप शाह का कहना है कि सीमेंस एनर्जी 21 सितंबर से ₹3,158–3,358 की रेंज में कंसोलिडेट हो रहा है। ADX स्थिर बना हुआ है,जो बताता है कि इसमें किसी खास दिशा में मज़बूत मोमेंटम की कमी है। इस साइडवेज मूवमेंट के कारण मूविंग एवरेज भी सपाट हो गए हैं, जो एक रेंज-बाउंड ट्रेंड का संकेत देते हैं।

इस रेंज के किसी भी तरफ निर्णायक ब्रेकआउट से आगे की दिशा के संकेत मिलेंगे। अगर स्टॉक लगातार इस रेंज के ऊपरी स्तर के ऊपर ब्रेकआउट देता है तो इसमें नई तेजी आ सकती है।

वेल्सपन लिविंग (Welspun Living) : सुदीप शाह का कहना है कि वेल्सपन लिविंग (Welspun Living) के डेली चार्ट पर ‘हायर-हाई’ स्ट्रक्चर बन रहा है। हालांकि,स्टॉक के नया हाई बनाने के बावजूद ADX में गिरावट शुरू हो गई है,जो यह संकेत देता है कि ट्रेंड की मजबूती कम हो रही है।

साथ ही, RSI भी उसी तरह का नया हाई बनाने में नाकाम रहा है,जिससे ‘बेयरिश डाइवर्जेंस’की स्थिति बनी है। अगर स्टॉक 210–215 रुपये के 20-डे EMA जोन के नीचे टूटता है,तो यह ट्रेंड बदलने का संकेत हो सकता है। तब तक,आम तौर पर तेजी का रुख बना रहने की संभावना है।

एम्फैसिस (Mphasis) : सुदीप शाह ने कहा कि Mphasis ने अपने पिछले स्विंग-लो ज़ोन (₹2,130–2,110) से वापसी की है। हालांकि, मेन ट्रेंड में कोई खास बदलाव नहीं आया है और स्टॉक अभी भी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। रिकवरी को और मज़बूत बनाने के लिए, स्टॉक को ₹2,280–2,290 जोन में मौजूद अपने 20-डे EMA से ऊपर मजबूती से निकलना होगा। अभी के लिए,चार्ट्स में ऊपर की ओर बढ़ने की संभावना का कोई साफ संकेत नहीं दिख रहा है,क्योंकि बीते हफ्ते दिखी रिकवरी को अभी एक टिकाऊ ट्रेंड रिवर्सल नहीं माना जा सकता है।

हैवेल्स (Havells) : सुदीप शाह का कहना है कि हैवेल्स इंडिया ने डेली चार्ट पर ₹1,040–1,010 के अहम सपोर्ट जोन के पास ‘बुलिश हरामी’ पैटर्न बनाया है। इस स्टॉक ने मार्च 2022 और दिसंबर 2022 समेत कई बार इस जोन से वापसी की है। हालांकि, सिर्फ़ ‘बुलिश हरामी’ पैटर्न से ही ट्रेंड बदलने की पुष्टि नहीं होती। इसके लिए आने वाले सेशन में मजबूत फ़ॉलो-थ्रू की जरूरत होती है।

जब तक स्टॉक इस सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहता है,तब तक शॉर्ट टर्म में इसमें रिकवरी (पुलबैक) जारी रह सकती है। अगर स्टॉक इस जोन के नीचे टूटता है,तो यह पैटर्न अमान्य हो जाएगा और इसमें और गिरावट आ सकती है।

मैनकाइंड फार्मा (Mankind Pharma) : मैनकाइंड फार्मा का शेयर पिछले आठ सेशन से ₹2,430–2,559 की रेंज में कंसोलिडेट हो रहा है। इस कंसोलिडेशन के बावजूद, शेयर अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है।

बढ़ता ADX बताता है कि ट्रेंड की मजबूती बुलिश रुख के पक्ष में है। अगर शेयर इस रेंज के ऊपरी स्तर से ऊपर निर्णायक रूप से ब्रेकआउट करता है तो नियर टर्म में इसमें और तेजी आ सकती है।

 

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GEC-III स्कीम को मंजूरी से पावर इंफ्रा स्पेस के शेयरों पर बाजार का फोकस, जानिए इन पर क्या है ब्रोकरेज की राय

पावर इंफ्रा स्पेस में आज काफी एक्शन देखने को मिला है। कल कैबिनेट ने PM-DHARA स्कीम को मंजूरी दी है, जिसके तहत ₹1.86 लाख करोड़ का बड़ा आवंटन किया गया है। वहीं, JM FINANCIAL की रिपोर्ट से भी इंडस्ट्रियल शेयरों को सपोर्ट मिल रहा है। आज के सत्र में पावर ग्रिड और केबल शेयर फोकस में हैं। PM-DHARA स्कीम के तहत राज्यों में इंटर ट्रांसमिशन सिस्टम मजबूत करने पर जोर होगा। इसके तहत 135 GW रिन्यूएबल ट्रांसमिशन और 50 GWh BESS क्षमता जोड़ने का लक्ष्य है। FY33 तक PM-DHARA स्कीम लागू करने का लक्ष्य है। इंटर ट्रांसमिशन सिस्टम के लिए 1.36 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 50 GWh BESS के लिए `50,000 करोड़ खर्च होंगे।

इंडस्ट्रियल शेयरों पर JM की रिपोर्ट

इंडस्ट्रियल शेयरों पर JM की रिपोर्ट में कहा गया है कि CG पावर ने सितंबर में मोटर्स की कीमतें 5% बढ़ाईं हैं। अगस्त 2025 से CG पावर में कुल प्राइस हाइक 18–30% रहा है। ABB इंडिया ने मोटर्स की कीमतें 20% तक बढ़ाईं हैं। अल्टरनेटर में इससे ज्यादा प्राइस हाइक हुआ है। कमिंस ने जुलाई में डीजल जेनसेट की कीमतें बढ़ाईं हैं। वेस्ट एशिया संकट के बाद कमिंस में कुल 10–12% प्राइस हाइक देखने को मिला है। FY27 से ग्रॉस मार्जिन सामान्य होने की उम्मीद है।

इंडस्ट्रियल शेयरों पर नोमुरा की राय

जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का मानना ​​है कि सरकार के ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III (GEC-III) से GE वर्नोवा T&D इंडिया, हिताची एनर्जी इंडिया और CG पावर को सबसे ज्यादा फायदा होगा। ब्रोकरेज का कहना है कि इसमें काफी ज्यादा खर्च और क्षमता बढ़ाने के लक्ष्यों से ट्रांसमिशन कैपेक्स साइकल को बढ़ावा मिल सकता है। ब्रोकरेज ने इन तीनों स्टॉक्स पर ‘बाय’ रेटिंग दी है।

नोमुरा ने 30 सितंबर की एक रिपोर्ट में कहा है कि GEC-III के तहत बहुत ज्यादा खर्च,क्षमता बढ़ाने के लक्ष्य,CFA और BESS कंपोनेंट को शामिल करने से ट्रांसमिशन इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों और BESS सॉल्यूशन देने वाली कंपनियों के लिए डिमांड बढ़ने की संभावना बढ़ गई है।

बताते चलें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 30 सितंबर को कुल 1.9 लाख करोड़ रुपये के खर्च वाली GEC-III योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का मकसद 135 GW रिन्यूएबल एनर्जी को ट्रांसमिट करना और 50 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लगाना है।

इस पर होने वाले कुल खर्च में से 1.4 लाख करोड़ रुपये राज्य के भीतर ट्रांसमिशन सिस्टम (ISTS) के लिए दिए जाएंगे,जबकि 0.5 लाख करोड़ रुपये BESS के लिए इस्तेमाल होंगे। इस स्कीम को 541 अरब रुपये की केंद्रीय आर्थिक मदद मिलेगी, जो कुल खर्च का 29% है। इसे FY33 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

नोमुरा का कहना है कि GEC-III, खर्च के मामले में पिछले चरणों की तुलना में एक बड़ी बढ़ोतरी है और उम्मीद है कि ट्रांसमिशन लाइनों और सब-स्टेशनों को जोड़ने का काम काफी ज्यादा होगा।

एलारा सिक्योरिटीज की राय

एलारा सिक्योरिटीज के रेलवे एनालिस्ट हर्षित कपाड़िया का कहना है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ₹1.86 लाख करोड़ की ‘पीएम डेवलपिंग हार्मनी एंड एक्सेलेरेटिंग रिन्यूएबल एनर्जी एक्सेस’ (DHARA) योजना को मंज़ूरी मिलने से ट्रांसमिशन उपकरण बनाने वाली कंपनियों, केबल बनाने वाली कंपनियों और इससे जुड़ी अन्य कंपनियों के लिए कई वर्षों तक विकास के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

उन्होंने आगे कहा कि इस स्कीम से ट्रांसमिशन सेक्टर की उन इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को ज्यादा फायदा होगा जो बड़े सोलर और विंड प्रोजेक्ट्स के लिए हाई-वोल्टेज प्रोडक्ट्स सप्लाई करते हैं। इसमें हिताची एनर्जी, सीमेंस एनर्जी, सीजी पावर, पॉलीकैब, केईआई इंडस्ट्रीज और अपार इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां शामिल हैं।

 

 

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Siemens Energy Stock Outlook: आगे 15% तक उछल सकता है शेयर, ब्रोकरेज ने दोहराई ‘बाय’ रेटिंग

सीमेंस एनर्जी इंडिया के शेयर में आगे 15 प्रतिशत तक की तेजी आने की गुंजाइश है। ऐसी उम्मीद मोतीलाल ओसवाल और नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के टारगेट प्राइस से मिली है। मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। वहीं टारगेट प्राइस 3,950 रुपये से बढ़ाकर 4,100 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। नुवामा ने ‘बाय’ रेटिंग और 4,200 रुपये प्रति शेयर का टारगेट बरकरार रखा है। यह टारगेट शेयर के BSE पर मौजूदा भाव 3648.75 रुपये से 15 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी के तिमाही नतीजे जारी होने के बाद ब्रोकरेज का व्यू सामने आया है।

सीमेंस एनर्जी इंडिया का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में मुनाफा सालाना आधार पर 67.8 प्रतिशत बढ़कर 440.9 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 39.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2485.6 करोड़ रुपये रहा। कुल खर्च 1949.5 करोड़ रुपये के रहे। कंपनी अक्टूबर-दिसंबर को वित्त वर्ष के तौर पर फॉलो करती है। जून 2026 तिमाही में कंपनी का EBITDA एक साल पहले से 72.1 प्रतिशत बढ़कर 585.7 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेटिंग मार्जिन बेहतर होकर 23.6 प्रतिशत हो गया।

30 जून 2026 तक सीमेंस एनर्जी इंडिया का ऑर्डर बैकलॉग 19,331 करोड़ रुपये का था। कंपनी का पावर ट्रांसमिशन बिजनेस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 41.98 प्रतिशत बढ़कर 1,386.3 करोड़ रुपये हो गया। पावर जेनरेशन सेगमेंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर 36.02 प्रतिशत बढ़कर 1,099.3 करोड़ रुपये हो गया।

Siemens Energy पर ब्रोकरेज के तर्क

मोतीलाल ओसवाल ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि सीमेंस एनर्जी इंडिया के जून तिमाही के नतीजे हर मामले में अनुमानों से बेहतर रहे। रेवेन्यू में बढ़ोतरी पावर ट्रांसमिशन और पावर जेनरेशन, दोनों सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ की वजह से हुई। पावर ट्रांसमिशन सेगमेंट के लिए EBIT मार्जिन में भी सुधार हुआ और पावर जेनरेशन के लिए यह अच्छा बना रहा। कुल ऑर्डर इनफ्लो सालाना आधार पर 3 प्रतिशत बढ़कर 34 अरब रुपये हो गया, जिससे कुल ऑर्डर बुक 193 अरब रुपये पर पहुंच गई।

पावर ट्रांसमिशन के लिए इनफ्लो में सालाना आधार पर 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और आंकड़ा 24 अरब रुपये पर पहुंच गया। पावर जेनरेशन इनफ्लो सालाना आधार पर 10 प्रतिशत घटकर 10 अरब रुपये रह गया। ब्रोकरेज ने उम्मीद जताई है कि सीमेंस एनर्जी को रिन्यूएबल्स, डेटा सेंटर और स्टीम टर्बाइन जैसे क्षेत्रों में घरेलू और एक्सपोर्ट-बेस्ड मौकों से फायदा मिलता रहेगा।

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का कहना है कि सीमेंस एनर्जी के मामले में अगले 12-24 महीनों में मौजूदा पुराने ऑर्डरों (बैकलॉग) को समय पर पूरा किया जाना और कलवा/ग्रीनफील्ड ट्रांसफॉर्मर व स्विचगियर क्षमता शुरू किया जाना वे महत्वपूर्ण चीजें होंगी, जिन पर नजर रखनी चाहिए। बेहतर काम-काज और मार्जिन के कारण नुवामान ने FY26E और FY27E के EPS अनुमानों को क्रमशः 12 प्रतिशत और 3 प्रतिशत बढ़ाया है।

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शेयर 6 महीनों में 33 प्रतिशत चढ़ा

Siemens Energy का मार्केट कैप बढ़कर लगभग 1.30 लाख करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 75 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 6 महीनों में 33 प्रतिशत और साल 2026 में अब तक 43 प्रतिशत मजबूत हुआ है।

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