Stocks to Watch: RBI के ऐलान का इंतजार; इंट्रा-डे में 4 लिस्टिंग्स और Titan, Ola Electric और Apollo Tyres समेत 24 शेयर फोकस में

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 69.50 प्वाइंट्स यानी 0.31% की गिरावट के साथ 22,704.50 पर है। चूंकि आज आरबीआई की मौद्रिक नीतियों का ऐलान होना है और रेपो रेट (Repo Rate) पर फैसला सामने आएगा तो इसके चलते मार्केट में तेज उठा-पटक दिख सकती है। कई इकोनॉमिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट से 50 बेसिस पॉइंट का इजाफा हो सकता है।

एक कारोबारी दिन पहले 06 अक्टूबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स 685.34 प्वाइंट्स यानी 0.95% की बढ़त के साथ 73,067.81 और निफ्टी भी 220.35 प्वाइंट्स यानी 0.98% की मजबूती के साथ 22,776.10 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Asset Reconstruction Company India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 14.6% बढ़कर ₹59.1 करोड़ और रेवेन्यू 115.4% उछलकर ₹234.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Glass Wall Systems Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ग्लास वाल सिस्टम्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 7.7% गिरकर ₹17.3 करोड़ पर आ गया लेकिन इसी दौरान रेवेन्यू 35.8% उछलकर ₹107.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Kanohar Electricals Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कनोहर इलेक्ट्रिकल्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 140% बढ़कर ₹27.3 करोड़ और रेवेन्यू 103.5% उछलकर ₹137.1 करोड़ पर पहुंच गया।

Karamtara Engineering Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर करमतारा इंजीनियरिंग का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 45.3% बढ़कर ₹87.4 करोड़ और रेवेन्यू 72.3% उछलकर ₹1,580.9 करोड़ पर पहुंच गया।

Titan Company Q2 (YoY)

सितंबर तिमाही में टाइटन कंपनी का घरेलू बिजनेस सालाना 22%, इंटरनेशनल बिजनेस 97%, कंज्यूमर बिजनेस 25%, वॉच बिजनेस 30%, आईकेयर सेगमेंट 28%, एमर्जिंग बिजनेस 21% और ज्वैलरी बिजनेस 21% की रफ्तार से बढ़ा। सितंबर तिमाही में टाटइन ने अपने नेटवर्क में 77 घरेलू और 1 इंटरनेशनल स्टोर जोड़े और इसके साथ ही इसके कुल 3758 स्टोर हो गए।

Apollo Tyres

कंपनी के बाहर नए मौकों की तलाश में अपोलो टायर्स के सीएफओ गौरव कुमार ने कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 6 अक्टूबर से प्रभावी हुआ।

Mahindra Lifespace Developers

महिंद्रा लाइफस्पेस ने पुणे के बानेर एनेक्स में महिंद्रा रिवेंजा नाम का एक रेजिडेंशियल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट लॉन्च किया है, जिसकी कुल ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) लगभग ₹3,500 करोड़ है।

ABB India

एबीबी इंडिया के बोर्ड ने सुनील कुमार मुनागा को कंपनी का सीएफओ बनाने की मंजूरी दे दी है, जो 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होगी। अभी सुनील कुमार मुनागा कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस एरिया कंट्रोलर (इलेक्ट्रिफिकेशन) हैं।

Ola Electric Mobility

ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बोर्ड की बैठक 7 अक्टूबर को है, जिसमें ₹1000 करोड़ के राइट्स इश्यू से जुड़े कई मामलों पर चर्चा होगी।

Asian Paints

नतीजे के साथ-साथ एशियन पेंट्स बोर्ड की बैठक में अंतरिम डिविडेंड के भी प्रस्ताव पर विचार करने वाली है। इसकी रिकॉर्ड डेट 4 नवंबर तय की गई है।

Adani Ports and Special Economic Zone

अदाणी पोर्ट्स ने ओडिशा के पारादीप पोर्ट पर दो ड्राई बल्क बर्थ के डेवलपमेंट और ऑपरेशन के लिए एक पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी पारादीप महानदी टर्मिनल बनाई है।

HCL Technologies

एचसीएल ग्रुप ने ₹500 करोड़ के प्लान के साथ एचसीएल आईटी सिटी के विस्तार का ऐलान किया है। इसमें 9.5 लाख स्क्वेयर फीट तक का नया एरिया तैयार होगा, जिसमें 4,500 टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स के लिए जगह होगी। इसके अलावा एचसीएलटेक ने ऐलान किया है कि FY27 के दौरान उसके लिटमस (LITMUS) प्रोग्राम के जरिए उत्तर प्रदेश के 1,000 छात्रों को AI और उससे जुड़ी टेक्नोलॉजी में ट्रेनिंग दी जाएगी।

JSW Cement

जेएसडब्ल्यू सीमेंट ने राजस्थान के नागौर में 1.00 MTPA की एक और सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट शुरू की है। इसके साथ ही कंपनी की कुल सीमेंट ग्राइंडिंग क्षमता बढ़कर 25.10 MTPA हो गई है, जबकि क्लिंकर बनाने की इसकी कुल क्षमता 9.74 MTPA है, जिसमें इसके जॉइंट वेंचर JSW सीमेंट FZC की क्लिंकर क्षमता भी शामिल है।

Godrej Consumer Products

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की सब्सिडियरी गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स इंडोनेशिया ने केंडल स्पेशल इकोनॉमिक जोन में अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के पहले चरण का उद्घाटन किया। कंपनी ने इंडोनेशिया में अपनी मैन्युफैक्चरिंग स्थिति को मजबूत करने के लिए केंडल में लगभग ₹250 करोड़ का निवेश किया है।

Marsons

मार्सन्स और न्यूयॉर्क की प्राइवेट इक्विटी फर्म क्लीनहिल पार्टनर्स ने अमेरिका और कनाडा में ट्रांसफॉर्मर के डिस्ट्रीब्यूशन, सर्विसिंग और मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन्स को तेज करने के लिए एक जॉइंट वेंचर बनाने की योजना का ऐलान किया है।

Mphasis

एमफेसिस ने सोशल सिक्योरिटी स्कॉटलैंड के साथ 3.54 करोड़ पाउंड का एग्रीमेंट किया है। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी सोशल सिक्योरिटी स्कॉटलैंड के बेनिफिट्स मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म को मैनेज और मेंटेन करेगी।

Shadowfax Technologies

टीपीजी की न्यूक्वेस्ट एशिया फंड IV (सिंगापुर) ने ₹114.8 करोड़ में शैडोफैक्स टेक के 40 लाख शेयर (0.68% हिस्सेदारी) प्रति शेयर र्287 के भाव पर बेच दिए। इसके साथ ही इसने शैडोफैक्स में अपनी हिस्सेदारी 4.86 पर्सेंटेज प्वाइंट्स (यानी 2.85 करोड़ इक्विटी शेयर) कम कर दी है। जून 2026 तक कंपनी में इसकी हिस्सेदारी 11.53% थी।

Satin Creditcare Network

कैम्ब्रिज की MIT (मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) ने सैटिन क्रेडिटकेयर नेटवर्क के 14.54 लाख शेयर (1.31% हिस्सेदारी) ₹30.31 करोड़ में प्रति शेयर ₹208.36 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक सैटिन क्रेडिटकेयर में MIT की हिस्सेदारी 1.81% थी।

One Mobikwik Systems

हर ग्लोबल कैपिटल मास्टर फंड I ने वन मोबिक्विक सिस्टम्स के 4.31 लाख शेयर (0.54% हिस्सेदारी) ₹9.83 करोड़ प्रति शेयर ₹227.86 के भाव पर खरीदे। वहीं बजाज लाइफ इंश्योरेंस ने मोबिक्विक के 7 लाख शेयर (0.88% हिस्सेदारी) ₹236.49 के भाव पर ₹16.55 करोड़ में बेच दिए। जून 2026 तक बजाज लाइफ इंश्योरेंस की कंपनी में 2.69% हिस्सेदारी थी।

RMC Switchgears

ईओएफ-डायरेक्ट ने स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम बनाने वाली कंपनी आरएमसी स्विचगियर्स के 86,750 इक्विटी शेयर (0.82% हिस्सेदारी) ₹1.7 करोड़ में प्रति शेयर ₹195.93 के भाव पर खरीदे। वहीं इंडिया इमर्जिंग जायंट्स फंड ने इतने ही शेयर प्रति शेयर ₹195.72 के भाव पर बेच दिए।

Black Opal Consultants, Papadmalji Agro Foods, Vans Electroengineerings, Green Asia Impex

पापड़मालजी एग्रो फूड्स और ग्रीन एशिया इंपेक्स के शेयर आज एनएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे तो ब्लैक ओपल कंसल्टैंट्स और वान्स इलेक्ट्रोइंजीनियरिंग्स के शेयरों की बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

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Stock in Focus: आईटी कंपनी को 452 करोड़ बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला, स्कॉटलैंड की सरकारी एजेंसी के साथ हुआ करार

Stock in Focus: आईटी कंपनी Mphasis को बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी ने मंगलवार को बताया कि उसने Social Security Scotland के साथ करीब 35.4 मिलियन पाउंड (452.6 करोड़ रुपये) का समझौता किया है।

Mphasis इस डील के तहत Social Security Scotland के बेनिफिट्स मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म का सपोर्ट और मेंटेनेंस करेगी। यह प्लेटफॉर्म स्कॉटलैंड के करीब 20 लाख लोगों के लिए जरूरी सरकारी लाभ सेवाओं को संभालता है।

बेनिफिट्स प्लेटफॉर्म का रखेगी ध्यान

Mphasis इस प्लेटफॉर्म को लगातार चलाने और मेंटेन करने का काम करेगी। इसके जरिए लोगों के बेनिफिट आवेदन, पात्रता और भुगतान जैसी चीजें संभाली जाती हैं।

कंपनी का काम यह सुनिश्चित करना होगा कि प्लेटफॉर्म ठीक से चलता रहे। साथ ही, लोगों को सरकारी लाभ से जुड़ी सेवाएं आसानी से मिलती रहें।

सरकारी डिजिटल सर्विस पर फोकस

Mphasis ने कहा कि Social Security Scotland के साथ उसका पहले से कामकाजी रिश्ता है। नया समझौता इसी साझेदारी को आगे बढ़ाता है।

कंपनी का फोकस सरकारी संस्थाओं के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल सेवाएं तैयार करने पर भी है। इस प्रोजेक्ट से प्लेटफॉर्म में तकनीकी दिक्कतों और बड़े व्यवधान का जोखिम कम करने में मदद मिलेगी।

20 लाख लोगों को मिलती हैं सेवाएं

Social Security Scotland स्कॉटिश सरकार की बड़ी एजेंसियों में से एक है। यह लोगों को कई तरह के सामाजिक सुरक्षा लाभ देती है।

इसके सिस्टम के जरिए दिव्यांगता लाभ से लेकर हीटिंग सपोर्ट तक कई तरह के भुगतान संभाले जाते हैं। ऐसे में इस प्लेटफॉर्म का लगातार चालू रहना काफी अहम है।

Mphasis शेयर का हाल

Mphasis का शेयर मंगलवार को NSE पर 0.57% गिरकर 2,284 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक साल में स्टॉक 18.20% गिरा है। इस आईटी कंपनी का मार्केट कैप 42.72 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Top Trading Picks : SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह से जानें, सीमेंस एनर्जी, वेल्सपन , हैवेल्स और मैनकाइंड फार्मा में क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Top Trading Picks : गुरुवार, 1 अक्टूबर को निफ्टी 22,500 के नीचे बंद हुआ। US 10 ईयर बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण सेंटीमेंट कमजोर रहा,जिससे निफ्टी की शुरुआत निचले स्तर पर हुई। दिन के दौरान,कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती ने नेगेटिव सेंटीमेंट को और गहरा कर दिया जिससे इंडेक्स और नीचे आ गया। वीकली बेसिस पर देखें तो बीते हफ़्ते BSE सेंसेक्स 1,986.04 अंक यानी 2.68% गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी में 718.55 अंक यानी 3.10% की गिरावट आई और यह 22,421.95 पर बंद हुआ। ऐसे में यहां हम आपके लिए कुछ ट्रेडिंग आइडिया दे रहें है, जिन पर अगले हफ्ते नजर रहनी चाहिए।

सीमेंस एनर्जी (Siemens Energy) : SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट सुदीप शाह का कहना है कि सीमेंस एनर्जी 21 सितंबर से ₹3,158–3,358 की रेंज में कंसोलिडेट हो रहा है। ADX स्थिर बना हुआ है,जो बताता है कि इसमें किसी खास दिशा में मज़बूत मोमेंटम की कमी है। इस साइडवेज मूवमेंट के कारण मूविंग एवरेज भी सपाट हो गए हैं, जो एक रेंज-बाउंड ट्रेंड का संकेत देते हैं।

इस रेंज के किसी भी तरफ निर्णायक ब्रेकआउट से आगे की दिशा के संकेत मिलेंगे। अगर स्टॉक लगातार इस रेंज के ऊपरी स्तर के ऊपर ब्रेकआउट देता है तो इसमें नई तेजी आ सकती है।

वेल्सपन लिविंग (Welspun Living) : सुदीप शाह का कहना है कि वेल्सपन लिविंग (Welspun Living) के डेली चार्ट पर ‘हायर-हाई’ स्ट्रक्चर बन रहा है। हालांकि,स्टॉक के नया हाई बनाने के बावजूद ADX में गिरावट शुरू हो गई है,जो यह संकेत देता है कि ट्रेंड की मजबूती कम हो रही है।

साथ ही, RSI भी उसी तरह का नया हाई बनाने में नाकाम रहा है,जिससे ‘बेयरिश डाइवर्जेंस’की स्थिति बनी है। अगर स्टॉक 210–215 रुपये के 20-डे EMA जोन के नीचे टूटता है,तो यह ट्रेंड बदलने का संकेत हो सकता है। तब तक,आम तौर पर तेजी का रुख बना रहने की संभावना है।

एम्फैसिस (Mphasis) : सुदीप शाह ने कहा कि Mphasis ने अपने पिछले स्विंग-लो ज़ोन (₹2,130–2,110) से वापसी की है। हालांकि, मेन ट्रेंड में कोई खास बदलाव नहीं आया है और स्टॉक अभी भी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। रिकवरी को और मज़बूत बनाने के लिए, स्टॉक को ₹2,280–2,290 जोन में मौजूद अपने 20-डे EMA से ऊपर मजबूती से निकलना होगा। अभी के लिए,चार्ट्स में ऊपर की ओर बढ़ने की संभावना का कोई साफ संकेत नहीं दिख रहा है,क्योंकि बीते हफ्ते दिखी रिकवरी को अभी एक टिकाऊ ट्रेंड रिवर्सल नहीं माना जा सकता है।

हैवेल्स (Havells) : सुदीप शाह का कहना है कि हैवेल्स इंडिया ने डेली चार्ट पर ₹1,040–1,010 के अहम सपोर्ट जोन के पास ‘बुलिश हरामी’ पैटर्न बनाया है। इस स्टॉक ने मार्च 2022 और दिसंबर 2022 समेत कई बार इस जोन से वापसी की है। हालांकि, सिर्फ़ ‘बुलिश हरामी’ पैटर्न से ही ट्रेंड बदलने की पुष्टि नहीं होती। इसके लिए आने वाले सेशन में मजबूत फ़ॉलो-थ्रू की जरूरत होती है।

जब तक स्टॉक इस सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहता है,तब तक शॉर्ट टर्म में इसमें रिकवरी (पुलबैक) जारी रह सकती है। अगर स्टॉक इस जोन के नीचे टूटता है,तो यह पैटर्न अमान्य हो जाएगा और इसमें और गिरावट आ सकती है।

मैनकाइंड फार्मा (Mankind Pharma) : मैनकाइंड फार्मा का शेयर पिछले आठ सेशन से ₹2,430–2,559 की रेंज में कंसोलिडेट हो रहा है। इस कंसोलिडेशन के बावजूद, शेयर अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है।

बढ़ता ADX बताता है कि ट्रेंड की मजबूती बुलिश रुख के पक्ष में है। अगर शेयर इस रेंज के ऊपरी स्तर से ऊपर निर्णायक रूप से ब्रेकआउट करता है तो नियर टर्म में इसमें और तेजी आ सकती है।

 

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Infosys Share Price: इंट्राडे में छह साल के निचले स्तर पर आया इंफोसिस, अब खरीदें या बेचने में भलाई?

Infosys Share Price: आईटी कंपनी Infosys के शेयर मंगलवार को NSE पर छह साल के निचले स्तर ₹980.40 तक पहुंच गए। हालांकि, बाद में शेयर में रिकवरी आई और यह ₹1,015.40 पर बंद हुआ। दिन में शेयर 1.2% चढ़ा।

Nifty IT के शेयरों में Infosys ही बढ़त के साथ बंद हुआ। दूसरी ओर, Nifty IT इंडेक्स 1.5% गिर गया। LTIMindtree और Mphasis में 4% तक की गिरावट रही।

चार्ट पर डाउनट्रेंड साफ

Share.Market by PhonePe के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन के मुताबिक इंफोसिस के डेली चार्ट पर डाउनट्रेंड साफ दिख रहा है। शेयर लगातार निचले हाई और निचले लो बना रहा है।

20-डे, 50-डे और 200-डे जैसे प्रमुख मूविंग एवरेज भी नीचे जा रहे हैं। इससे शेयर पर दबाव बना हुआ है। शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज फिलहाल रेजिस्टेंस की तरह काम कर रहा है।

₹980-1,000 का सपोर्ट अहम

मयंक जैन का कहना है कि इंफोसिस अभी ₹980-1,000 के अहम सपोर्ट जोन के आसपास है। मौजूदा स्तर से शेयर में कुछ समय के लिए रिकवरी हो सकती है।

अगर सपोर्ट से खरीदारी आती है तो शेयर ₹1,100-1,150 तक जा सकता है। हालांकि, यह सिर्फ शॉर्ट टर्म राहत वाली तेजी हो सकती है।

अगर शेयर भारी वॉल्यूम के साथ ₹980 के नीचे बंद होता है तो बिकवाली और बढ़ सकती है। ऐसे में आगे और कमजोरी देखने को मिल सकती है।

₹1,180-1,200 पर बड़ी चुनौती

जैन के मुताबिक, ऊपर की तरफ ₹1,180-1,200 का जोन अहम रेजिस्टेंस है। यह शेयर के पिछले ब्रेकडाउन का स्तर है। यहां पहुंचने पर बिकवाली का दबाव आ सकता है।

उनका कहना है कि इंफोसिस में मजबूत तेजी का ट्रेंड तभी बन सकता है जब शेयर ₹1,200 के ऊपर टिके। इसके साथ 200-डे मूविंग एवरेज के ऊपर जाना भी जरूरी होगा।

फंडामेंटल पर भी दबाव

129 Wealth & Research के फंड मैनेजर और एनालिस्ट प्रसेनजित पॉल के मुताबिक कंपनी AI, टैलेंट और प्लेटफॉर्म में निवेश बढ़ा रही है। Q1 FY27 में कंपनी का मार्जिन 21.1% था।

हालांकि, इन निवेशों का असर आने वाले समय में ग्रोथ और मार्जिन पर पड़ सकता है। पॉल का कहना है कि फंडामेंटल आउटलुक अभी सकारात्मक नहीं है। टेक्निकल चार्ट भी कमजोरी दिखा रहा है।

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IT Stock: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने इन भारतीय IT कंपनियों की बढ़ाई रेटिंग, क्या आप करेंगे इनमें निवेश

IT Stock:  UBS ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारतीय IT कंपनियों के लिए ग्रोथ के नए मौके बना रहा है, लेकिन AI से होने वाली कमाई अभी इतनी कम है कि यह तय नहीं किया जा सकता कि क्या यह पारंपरिक IT सर्विस पर पड़ने वाले कीमतों में गिरावट के दबाव (deflationary pressure) की भरपाई कर पाएगी या नहीं। ब्रोकरेज कंपनी अभी भी सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दे रही है और बड़ी Tier-1 कंपनियों के मुकाबले Tier-2 कंपनियों को ज़्यादा पसंद कर रही है।

यह ताज़ा आकलन उन ब्रोकरेज रिपोर्टों की कड़ी में एक और रिपोर्ट है जो भारत के IT सर्विस सेक्टर पर AI के असर को समझने की कोशिश कर रही हैं। हाल ही में CLSA और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने भी इस सेक्टर में सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी थी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया था कि भले ही AI नई कमाई के मौके बना रहा है, लेकिन इससे पारंपरिक सर्विस की कीमतों में गिरावट का जोखिम भी पैदा हो रहा है।

बड़ी IT कंपनियों में, UBS ने टेक महिंद्रा की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’  कर दी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,460 से काफी बढ़ाकर ₹1,865 कर दिया। इसके उलट, HCLTech के शेयर में हालिया तेज़ी के बाद उसने इसकी ‘Buy’ रेटिंग को बदलकर ‘न्यूट्रल’ कर दिया, हालांकि इसका टारगेट प्राइस ₹1,390 से बढ़ाकर ₹1,415 कर दिया। UBS ने पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की रेटिंग भी ‘Buy’ से घटाकर ‘न्यूट्रल’ कर दी, जिसकी मुख्य वजह वैल्यूएशन थी, जबकि इसका टारगेट प्राइस ₹5,995 से बढ़ाकर ₹6,250 कर दिया।

इसने कोफोर्ज (Coforge) की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,505 से काफी बढ़ाकर ₹2,400 कर दिया। Mphasis की रेटिंग भी ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी गई और इसका टारगेट ₹2,440 से बढ़ाकर ₹2,980 कर दिया गया।

Tier-1 कंपनियों में, UBS का सबसे बड़ा रेटिंग बदलाव टेक महिंद्रा के लिए था। ब्रोकरेज ने शेयर की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी और इसका टारगेट ₹1,460 से बढ़ाकर ₹1,865 कर दिया।

UBS ने इन्फोसिस पर ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,425 से बढ़ाकर ₹1,445 कर दिया। TCS पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनी रही और इसका टारगेट ₹2,545 से थोड़ा बढ़ाकर ₹2,565 कर दिया गया, जबकि विप्रो पर भी ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनी रही और इसका टारगेट ₹200 तय किया गया। LTM लिमिटेड (LTIMindtree) की रेटिंग भी ‘न्यूट्रल’ बनी रही, हालांकि UBS ने इसका टारगेट प्राइस ₹4,080 से काफी बढ़ाकर ₹4,995 कर दिया।

AI के मौके बनाम पुराने बिज़नेस में गिरावट

UBS का कहना है कि इन्वेस्टर्स अब IT सर्विस सेक्टर को लेकर मंदी वाले कुछ बुनियादी तर्कों पर सवाल उठाने लगे हैं। उनका कहना है कि भारतीय IT सेक्टर पर तेज़ी का रुख अपनाने के लिए अभी भी पर्याप्त सबूत नहीं हैं। पूरे सेक्टर की कमाई में AI से होने वाली कमाई का हिस्सा अभी भी बहुत कम है।

इससे एक अहम सवाल अनसुलझा रह जाता है। क्या AI से मिलने वाले मौके इतने बड़े होंगे कि वे पुरानी सर्विस (लेगेसी सर्विस) में होने वाली गिरावट की भरपाई कर सकें? ब्रोकरेज उन कंपनियों को प्राथमिकता देती है जो उनके फ्रेमवर्क पर अच्छा स्कोर करती हैं और काम को तेज़ी से आगे बढ़ा रही हैं।

भारतीय IT सेक्टर को लेकर ब्रोकरेज अभी भी चुनिंदा रुख अपना रही हैं

UBS का यह आकलन CLSA और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ द्वारा भारतीय IT सेक्टर पर सावधानी भरा या चुनिंदा रुख अपनाने के कुछ दिनों बाद आया है। इन सभी ने AI के असर और मौजूदा कंपनियों व नई कंपनियों की संभावनाओं पर बार-बार चर्चा की है।

CLSA ने TCS, इंफोसिस और टेक महिंद्रा की रेटिंग को ‘होल्ड’ (बनाए रखें) और विप्रो व एमफेसिस की रेटिंग को ‘अंडरपरफॉर्म’ (कमज़ोर प्रदर्शन) कर दिया है, जबकि कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स जैसी मिड-टियर कंपनियों को प्राथमिकता दी है। उनका कहना है कि बड़ी IT कंपनियों को पुरानी मैनेज्ड सर्विस में AI के कारण गिरावट और मैक्रो-इकोनॉमिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, हालांकि AI का वॉल्यूम अंततः FY30 तक इस गिरावट के असर की भरपाई कर सकता है। इसके बाद कोटक ने कहा कि IT शेयरों में हालिया निचले स्तर से 15-35 प्रतिशत की तेज़ी के बाद इस सेक्टर का रिस्क-रिवॉर्ड (जोखिम-लाभ) आकर्षक से बदलकर संतुलित हो गया है।

UPL Share Price: $5 बिलियन के मार्केट कैप वाली इस केमिकल कंपनी के शेयर में 25% का उछाल संभव, जेफरीज बुलिश

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।