Petrol-Diesel Price Today October 1: पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें जारी, जानें- दिल्ली से मुंबई और लखनऊ से बिहार तक बड़े शहरों के ताजा रेट

Petrol Diesel Price Today, 1 October 2026: देश के प्रमुख शहरों में गुरुवार, 1 अक्टूबर को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। वहीं, मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है। तेल कंपनियां भारत में लागू डायनेमिक फ्यूल प्राइसिंग सिस्टम के तहत पेट्रोल और डीजल की कीमतों की रोजाना समीक्षा करती हैं। नई कीमतें हर दिन सुबह 6 बजे लागू की जाती हैं। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में टैक्स, वैट, परिवहन लागत और डीलर कमीशन के कारण ईंधन की कीमतों में अंतर रहता है।

देश के प्रमुश शहरों में आज पेट्रोल-डीजल का रेट

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उपलब्ध शहरवार दरों के मुताबिक, देश के ज्यादातर बड़े शहरों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बना हुआ है। कई बाजारों में डीजल की कीमत भी 95 रुपये प्रति लीटर से अधिक है। दिए गए प्रमुख शहरों में हैदराबाद में पेट्रोल ₹115.73 प्रति लीटर सबसे ज्यादा है। इसके बाद कोलकाता ₹113.51, पटना ₹113.37 और जयपुर ₹112.66 है।

अलग-अलग शहरों में क्यों बदलते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में राज्यों के बीच अंतर की सबसे बड़ी वजह राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स और VAT हैं। इसके अलावा परिवहन खर्च और डीलर कमीशन भी अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं। पेट्रोल और डीजल अभी GST के दायरे से बाहर हैं। इसलिए राज्य स्तर पर लगने वाला टैक्स इनके खुदरा दाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कच्चे तेल और रुपये की कीमत का भी असर

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का असर घरेलू पेट्रोलियम उत्पादों की लागत पर पड़ता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर भी ईंधन की कीमतों को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक है। रुपये में कमजोरी से आयातित कच्चे तेल की लागत बढ़ सकती है।

सुबह 6 बजे बदलते हैं पेट्रोल-डीजल के रेट

भारत में जून 2017 से डायनेमिक फ्यूल प्राइसिंग सिस्टम लागू है। इसके तहत तेल कंपनियां रोजाना पेट्रोल और डीजल की कीमतों की समीक्षा करती हैं और संशोधित दरें सुबह 6 बजे लागू होती हैं। ग्राहक अपने शहर में पेट्रोल-डीजल की कीमत की जानकारी तेल कंपनी की SMS सेवा के जरिए भी हासिल कर सकते हैं। इंडियन ऑयल की सेवा के तहत ‘RSP’ लिखकर संबंधित नंबर पर SMS भेजकर स्थानीय कीमत की जानकारी ली जा सकती है।

डीजल और ATF के एक्सपोर्ट शुल्क में फिर कटौती

केंद्र सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात शुल्क में लगातार दूसरी पखवाड़े कटौती की है। 1 अक्टूबर 2026 से डीजल पर एक्सपोर्ट लेवी घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 10.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं, पेट्रोल पर निर्यात शुल्क 0.5 रुपये प्रति लीटर पर पहले की तरह बरकरार रखा गया है।

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचनाओं के मुताबिक, डीजल पर निर्यात शुल्क में 4 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है। इससे पहले 16 सितंबर से 30 सितंबर तक यह शुल्क 20 रुपये प्रति लीटर था। इसी तरह ATF पर लेवी 4.5 रुपये प्रति लीटर घटाकर 15 रुपये से 10.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।

सितंबर से अब तक डीजल पर 9 रुपये की कटौती

सरकार ने 1 सितंबर से डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट लेवी में लगातार कटौती की है। 1 सितंबर को डीजल पर शुल्क 25 रुपये प्रति लीटर था, जिसे अब घटाकर 16 रुपये कर दिया गया है। यानी एक महीने में इसमें 9 रुपये प्रति लीटर की कमी हुई है। वहीं, ATF पर निर्यात शुल्क इस अवधि में 19 रुपये से घटकर 10.5 रुपये प्रति लीटर रह गया है। यानी ATF पर 8.5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है।

घरेलू पेट्रोल-डीजल की एक्साइज ड्यूटी में बदलाव नहीं

सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू खपत के लिए जारी किए जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी यह फैसला मुख्य रूप से पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाली लेवी से जुड़ा है।

हर पखवाड़े होती है शुल्क की समीक्षा

पेट्रोल, डीजल और ATF पर निर्यात शुल्क 27 मार्च 2026 से लगाया गया था। पश्चिम एशिया में संकट के बीच पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात को हतोत्साहित करने और घरेलू बाजार में इनकी उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई थी। सरकार इन निर्यात शुल्क दरों की हर 15 दिन में समीक्षा करती है। इसके लिए पिछली समीक्षा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और ATF की औसत कीमतों को आधार बनाया जाता है।

1 अक्टूबर से लागू नई दरें भी इसी समीक्षा प्रक्रिया का परिणाम हैं। अगली समीक्षा में अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर इन शुल्क दरों में फिर बदलाव किया जा सकता है। सरकार की ताजा अधिसूचना ने 26 मार्च को जारी उन अधिसूचनाओं में संशोधन किया है, जिनके तहत पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लेवी लागू की गई थी।

LPG New Connection: LPG के नए कनेक्शन पर लगी रोक कब हटेगी? पेट्रोलियम मंत्रालय ने दिया बड़ा अपडेट

LPG New Connection: अगर आप नया LPG गैस कनेक्शन लेने की तैयारी कर रहे हैं तो फिलहाल आपको थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका-ईरन के बीच चल रहे विवाद के बीच देशभर में नए घरेलू LPG कनेक्शन जारी करने पर अस्थायी रोक लगी हुई है। तेल कंपनियां फिलहाल नए कनेक्शन की बुकिंग नहीं कर रही हैं। मौजूदा ग्राहकों को गैस सिलेंडर की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।

तेल कंपनियों के मुताबिक, मार्च 2026 से 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के नए कनेक्शन जारी नहीं किए गए हैं। ऐसे में नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले लोगों को फिलहाल इंतजार करना पड़ रहा है।

सरकार ने नए कनेक्शन पर रोक की वजह बताई

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया के जरिए स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए नए LPG कनेक्शन जारी करना अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। मंत्रालय के मुताबिक, इस समय LPG वितरकों का मुख्य फोकस मौजूदा ग्राहकों को समय पर रिफिल उपलब्ध कराने पर है, ताकि पहले से कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए कनेक्शन पर लगी रोक स्थायी नहीं है। पश्चिम एशिया की स्थिति सामान्य होने और LPG आपूर्ति स्थिर रहने के बाद नए कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा सकती है।

अभी सिर्फ मौजूदा ग्राहकों को मिल रही गैस

फिलहाल, तेल कंपनियां नए उपभोक्ताओं के बजाय पुराने ग्राहकों की जरूरत पूरी करने पर जोर दे रही हैं। जिन लोगों के कनेक्शन पहले से मौजूद हैं, उन्हें रिफिल उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, निष्क्रिय या बंद पड़े कनेक्शनों को दोबारा सक्रिय करने की प्रक्रिया जारी है।

इसके साथ ही उपभोक्ताओं से KYC पूरा कराने पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य फर्जी और डुप्लीकेट LPG कनेक्शनों को हटाना और वास्तविक उपभोक्ताओं तक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

LPG की सप्लाई फिलहाल स्थिर, लेकिन आगे का अनुमान मुश्किल

‘द हिंदू’ अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, FLDI के महासचिव पवन सोनी ने कहा कि फिलहाल LPG की आपूर्ति की स्थिति स्थिर है। लेकिन यह स्थिरता कितने समय तक बनी रहेगी, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। उनके मुताबिक, पश्चिम एशिया में लगातार बने हुए तनाव के कारण यह निश्चित नहीं है कि तेल कंपनियां LPG लेकर कितने जहाज भारत तक ला पाएंगी। यही वजह है कि सरकार और कंपनियां मौजूदा स्टॉक और सप्लाई को लेकर सतर्कता बरत रही हैं।

नया कनेक्शन नहीं मिल रहा तो क्या विकल्प है?

जिन लोगों को फिलहाल 14.2 किलो का नया घरेलू LPG कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है, उनके लिए कुछ डिस्ट्रीब्यूटर 5 किलो या 10 किलो के सिलेंडर का विकल्प बता रहे हैं। खास तौर पर बड़े शहरों में 10 किलो का FTL (Free Trade LPG) सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसे बुक कराया जा सकता है और जरूरत के मुताबिक डिलीवरी भी ली जा सकती है। हालांकि, उपलब्धता और नियम क्षेत्र तथा वितरक के हिसाब से अलग हो सकते हैं।

होर्मुज संकट का LPG सप्लाई पर क्यों पड़ा असर?

पश्चिम एशिया में तनाव का भारत की LPG सप्लाई पर सीधा असर इसलिए पड़ता है क्योंकि देश अपनी LPG जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। पहले भारत के LPG आयात का बड़ा हिस्सा समुद्री मार्ग से आता था। करीब 90 फीसदी आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते पहुंचता था।

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव के कारण इस महत्वपूर्ण समुद्री रूट्स से आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी। इसके बाद भारत ने LPG की उपलब्धता बनाए रखने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ अमेरिका से LPG और LNG की खरीद भी बढ़ाई है। अमेरिका से आने वाली LPG को भारत तक पहुंचने में लंबा समुद्री रास्ता तय करना पड़ता है। पश्चिम एशिया से आने वाली आपूर्ति की तुलना में इसकी लागत भी अधिक हो सकती है।

कब से शुरू होगी नए कनेक्शन की बुकिंग?

सबसे अहम सवाल यही है कि नया LPG कनेक्शन कब से मिलना शुरू होगा? फिलहाल सरकार ने कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, यह रोक अस्थायी है। स्थिति सामान्य होने पर नए कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया बहाल की जाएगी। यानी अभी उपभोक्ताओं को निश्चित तारीख का इंतजार करना होगा।

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फिलहाल सरकार की प्राथमिकता मौजूदा LPG ग्राहकों को नियमित रिफिल उपलब्ध कराना है। पश्चिम एशिया की स्थिति, होर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई और देश में LPG की उपलब्धता पर नजर रखी जा रही है। जैसे ही आपूर्ति व्यवस्था पर्याप्त रूप से स्थिर होगी, नए कनेक्शन की बुकिंग दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।