US Attack on Iran: अमेरिका और ईरान के बीच हुआ शांति समझौता (Peace Deal) दो सप्ताह भी नहीं टिक सका। शनिवार को अमेरिका ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया। अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Hormuz Strait) के पास स्थित ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक
अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान पर करीब एक घंटे तक हमला किया। अमेरिकी सेना ने मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स को निशाना बनाया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने सीजफायर तोड़ा, इसलिए जवाबी कार्रवाई की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, 25 जून को ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के कार्गो शिप एमवी एवर लवली पर ड्रोन हमला किया था। एयरस्ट्राइक से पहले ट्रम्प ने कहा, ‘उन्होंने कल एक नहीं, चार बार हमला किया।’ जब उनसे पूछा गया कि बातचीत जारी रहने के बावजूद हमला क्यों किया गया, तो उन्होंने कहा- ईरान थोड़ा अलग है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट ईरान के नियंत्रण में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को उसके नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि यह सीजफायर का उल्लंघन नहीं, बल्कि सीजफायर मैनेजमेंट है। हिजबुल्लाह बोला- इजराइल बिना शर्त लेबनान छोड़े हिजबुल्लाह ने इजराइल से लेबनान से पूरी सेना वापस बुलाने की मांग की है। हिजबुल्लाह चीफ कासिम नईम ने कहा कि इजराइली सैनिकों को लेबनान की जमीन का एक-एक इंच खाली करना होगा। कासिम ने शुक्रवार को टीवी पर प्रसारित अपने संबोधन में यह बात कही। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका की मध्यस्थता में लेबनान और इजराइल के बीच युद्धविराम को लेकर बातचीत एक और दिन के लिए बढ़ा दी गई है, ताकि किसी समझौते पर पहुंचा जा सके। हालांकि युद्धविराम लागू होने के बाद लेबनान पर इजराइल के हमले पहले के मुकाबले कम हुए हैं, लेकिन पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। इजराइल ने नबतियेह अल-फौका कस्बे पर हवाई हमला किया। इससे पहले मायफदून कस्बे पर हुए हमले में दो लोगों की मौत की खबर सामने आई। इसके अलावा इजराइली सेना ने दक्षिणी शहर मंसूरी में पर्चे गिराकर लोगों से इलाका खाली करने को कहा। यह जानकारी लेबनान के सरकारी मीडिया ने दी। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. NATO देशों पर ईरान का निशाना- ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल के हमले में साथ देने वाले NATO सदस्य देशों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन देशों को बताना चाहिए कि उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई का समर्थन क्यों किया। 2. होर्मुज में जहाज पर हमला, समुद्री सुरक्षा पर फिर संकट- ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात हथियार से हमला हुआ। जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र ने 11 हजार नाविकों को निकालने का अभियान फिलहाल रोक दिया। 3. लेबनान में फिर बढ़ा तनाव- इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के अल-मंसूरी इलाके में लोगों को घर खाली करने की चेतावनी दी। वहीं, हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने कहा कि इजराइल को लेबनान की पूरी जमीन से बिना शर्त हटना होगा और संगठन किसी भी हाल में इजराइल से रिश्ते सामान्य नहीं करेगा। 4. ईरान-अमेरिका समझौते की दिशा में बढ़ी बातचीत- अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की वार्ता पूरी हुई। दोनों देशों ने चार संयुक्त कमेटियां बनाने और 60 दिन में अंतिम समझौते का रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई। रूस ने भी कहा कि अंतिम समझौता होने पर वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसका समर्थन करेगा। 5. परमाणु कार्यक्रम और तेल बाजार दोनों पर नजर- IAEA ने कहा कि उसकी टीम जल्द ही ईरान के परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करेगी। दूसरी ओर, होर्मुज में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जबकि भारत ने कमर्शियल LPG की सप्लाई पर लगी पाबंदियां हटाकर आपूर्ति सामान्य करने का फैसला लिया।
LPG Price Today: बुधवार, 24 जून को घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें स्थिर रही, जबकि US-ईरान शांति वार्ता में प्रगति के कारण ग्लोबल ऑयल की कीमतों में कमी आई है। बता दें कि 7 जून को हुई बढ़ोतरी के बाद से रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उस समय तेल कंपनियों (OMCs) ने 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम 29 रुपये बढ़ाए थे। इससे पहले 7 मार्च को भी सिलेंडर 60 रुपये महंगा किया गया था। वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में पिछली बार करीब 42 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसकी वजह ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते सप्लाई में आई दिक्कतें थीं।
गौरतलब है कि US-ईरान तनाव के कारण पश्चिम एशिया से एनर्जी सप्लाई प्रभावित हुई है और LPG का आयात प्रति माह 2 मिलियन टन से घटकर अप्रैल में 696,000 टन रह गया। पिछले चार महीनों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में लगभग 79% की बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि इसकी कीमत सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP) पर आधारित होती है, जिसे सऊदी अरामको हर महीने की शुरुआत में तय करती है।
शहर के हिसाब से घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें
| शहर | घरेलू LPG (14.2 किलोग्राम) | कमर्शियल LPG (19 किलोग्राम) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹942.00 (+₹29.00) | ₹3,113.50 (+₹42.00) |
| कोलकाता | ₹968.00 (+₹29.00) | ₹3,255.50 (+₹53.50) |
| मुंबई | ₹941.50 (+₹29.00) | ₹3,067.50 (+₹43.50) |
| चेन्नई | ₹957.50 (+₹29.00) | ₹3,283.00 (+₹46.00) |
| गुरुग्राम | ₹950.50 (+₹29.00) | ₹3,130.00 (+₹42.00) |
| नोएडा | ₹939.50 (+₹29.00) | ₹3,113.50 (+₹42.00) |
| बेंगलुरु | ₹944.50 (+₹29.00) | ₹3,198.00 (+₹46.00) |
| भुवनेश्वर | ₹968.00 (+₹29.00) | ₹3,290.00 (+₹52.00) |
| चंडीगढ़ | ₹951.50 (+₹29.00) | ₹3,136.00 (+₹43.50) |
| हैदराबाद | ₹994.00 (+₹29.00) | ₹3,367.00 (+₹52.00) |
| जयपुर | ₹945.50 (+₹29.00) | ₹3,141.00 (+₹42.00) |
| लखनऊ | ₹979.50 (+₹29.00) | ₹3,236.00 (+₹42.00) |
| पटना | ₹1,031.50 (+₹29.00) | ₹3,400.00 (+₹53.50) |
| तिरुवनंतपुरम | ₹951.00 (+₹29.00) | ₹3,152.00 (+₹46. |
US-Iran डील के बाद भारत आने वाले कितने जहाज होर्मुज से गुजरे?
पिछले हफ्ते US और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद, भारत आने वाले कुल 11 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे। मंगलवार को एक मीडिया ब्रीफिग में विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “17 जून को MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर होने के बाद से, भारत आने वाले 11 जहाज होर्मुज से गुजरे हैं।”
इन जहाजों में 3 भारतीय झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक में 2.85 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल है। इसके अलावा विदेशी झंडे वाला एक LPG कैरियर, विदेशी झंडे वाला एक कच्चे तेल का टैंकर और विदेशी झंडे वाले छह बल्क कैरियर शामिल हैं, जिनमें उर्वरक (खाद) लदा था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय झंडे वाले 10 जहाज अभी भी फारस की खाड़ी क्षेत्र में हैं, जबकि दो हाल ही में वहां पहुंचे हैं।
क्या भारत के लिए वेस्ट एशिया से आने वाली LPG का कोई स्थायी विकल्प है?
रॉयटर्स ने इंडस्ट्री के सूत्रों के हवाले से बताया है कि जून में अमेरिका से भारत का LPG इंपोर्ट 1 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंचने वाला है, जो अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इसी महीने संयुक्त अरब अमीरात से सप्लाई में सुधार हुआ है और यह 3,00,000 से 4,00,000 टन के आसपास पहुंच गई है। साथ ही, जून में OMCs को कुवैत से भी लगभग 45,000 टन LPG मिलेगी।
आपको बताते चलें कि अमेरिका-ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी से पहले, भारत अपने LPG आयात के लिए पश्चिमी एशिया पर बहुत ज्यादा निर्भर था; इसका लगभग 90% हिस्सा इसी व्यापार मार्ग से आता था।
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Market View: स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच पहले दौर की बातचीत कामयाब रही है। ज्वाइंट स्टेटमेंट के मुताबिक पॉजिटिव माहौल मेंबातचीत हुई। ईरान कच्चे तेल का एक्सपोर्टकर पाएगा। हॉर्मुज से ब्लॉकेड हटा लिया गया है। ईरान के फ्रोजेन असेट्स भी रिलीज होंगे। ग्लोबल बाजारों सेअच्छे संकेत हैं। गिफ्ट निफ्टी में करीब 100 प्वाइंट की बढ़त है। FIIs की कैश में 4800 करोड़ की खरीदारी देखने को मिली है। हालांकि वायदा में थोड़ी बिकवाली रही है। एशियाई बाजारों में भी रौनक है। डाओ फ्यूचर्स में भी हल्की बढ़त है। वहीं शुक्रवार को अमेरिकी बाजार बंद थे। ऐसे में आइए देखते हैं कि बाजार में आज क्या हो ट्रेंडिंग रणनीति।
निफ्टी पर रणनीति
सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24089-24123 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24173-24191/24223 पर है। इसके लिए पहला बेस 23813-23860 पर और बड़ा बेस 23724-23757 पर है। बड़ी तेजी के बाद निफ्टी कंसोलिडेशन मोड में है। फिलहाल बाजार 24000 के आसपास अटका है। FIIs कैश में खरीदार हैं, लेकिन F&O में अब भी शॉर्ट है। FIIs का नेट शॉर्ट बढ़कर 2.26 लाख के करीब रहा है। इजराइल के स्ट्राइक के बाद होर्मुज फिर बंद हो गया है। अब बाजार की नजर कच्चे तेल की चाल पर रहेगी। 24000 पर पुट-कॉल का सबसे ज्यादा जमावड़ा है। मार्केट इस लेवल से दूर नहीं जाना चाहता है। 24100-24200-24300 पर कॉल राइटर्स एक्टिव हैं। 23900-23800 पर पुट राइटर्स की मजबूत पकड़ है। निफ्टी इसी टाइट जोन के बीच रह सकता है। ऑप्शन राइटर्स के लिए 24000 परफेक्ट पिच बना है।
24000 पर कॉल और पुट राइटर्स की मजबूत पकड़ है। डायरेक्शनल ट्रेड के लिए बेस-1/2 की ओर गिरावट में खरीदना बेहतर रहेगा। निचले स्तरों पर 23724 के ऊपर शॉर्टिंग से बचें। ऊपर की तरफ 24089, फिर 24123 और आखिरी में रजिस्टेंस-2 संभव है। मौजूदा सेटअप के मुताबिक में रजिस्टेंस-2 के पास लॉन्ग से निकलें। रेंज ब्रेकआउट तभी संभव है जब बैंक निफ्टी 58078 के ऊपर निकलेगा। अगर निफ्टी/बैंक निफ्टी एक साथ 24223/58078 पार करें तो ब्रेकआउट संभव है।
बैंक निफ्टी पर रणनीति
वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57891-58078 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58376-58538/58676 पर है। इसके लिए पहला बेस 57020-57213 पर और बड़ा बेस 56610-56767 पर है। बैंक निफ्टी अब भी मजबूत है। लेकिन 58000 पर अटका है। यहां बड़ा रजिस्टेंस और कॉल राइटर्स का जोन है। 58000 पर भारी कॉल है,58078 के ऊपर ही ब्रेकआउट संभव है। बेहतर रिस्क-रिवॉर्ड सिर्फ बेस-1/2 पर है। जब तक बेस-1/2 है, क्रूड नॉर्मल है तो बेस-1/2 पर गिरावट में खरदारी की राय होगी। 56610-56478 के नीचे ही कमजोरी बढ़ेगी। 58078 के ऊपर ही ब्रेकआउट की उम्मीद है। 58078 के ऊपर क्रूड का सपोर्ट मिला तो पहले 58676 मिलेगा।
Trading Plan: क्या प्रॉफिट बुकिंग और कंसोलिडेशन के बाद निफ्टी और बैंक निफ्टी में फिर आएगी तेजी?
चकाचक चार्ट वाले शेयर
चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं manasjaiswal.com के मानस जायसवाल। इनकी आज APOLLO HOSPITAL में 8415 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 8625 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, OFSS में भी इनकी 9500 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 9950 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।
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Crude Oil Price: सोमवार, 22 जून को तेल की कीमतों में तेज़ी आई, जब प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर हिज़्बुल्लाह इज़राइल पर हमले जारी रखता है तो ईरान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन हो सकता है। इससे यह चिंता बढ़ गई कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही शांति बातचीत में रुकावट आ सकती है।
सोमवार को मार्केट खुलने पर ब्रेंट क्रूड 2.2% तक बढ़कर $82.30 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट $78 के निशान से ऊपर चढ़ गया।
आज कच्चे तेल की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
रविवार को बातचीत की शुरुआत अनिश्चित थी, जब ईरानी मीडिया ने बताया कि ट्रंप की चेतावनी के बाद तेहरान ने स्विट्जरलैंड में बातचीत रोक दी है। हालांकि, बातचीत से जुड़े सूत्रों ने कहा कि बातचीत जारी है। ईरान ने इज़राइल पर लेबनान में सीज़फ़ायर तोड़ने का भी आरोप लगाया।
स्विस रिसॉर्ट बर्गेनस्टॉक में हुई हाई-लेवल बातचीत 60 दिन के बातचीत के समय की शुरुआत है, जो पिछले हफ़्ते ट्रंप के तनाव कम करने के मकसद से एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग पर साइन करने के बाद शुरू हुई थी। हालांकि ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का दावा किया, लेकिन वीकेंड में इस ज़रूरी पानी के रास्ते से तेल की सप्लाई ज़्यादातर बिना रुके जारी रही।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत सोमवार सुबह तक चली और होर्मुज स्ट्रेट से नेविगेशन को सुरक्षित रखने और दक्षिणी लेबनान में इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच सीज़फ़ायर का पालन पक्का करने जैसे मुद्दों पर फोकस रही।
फॉक्स न्यूज़ ने ट्रंप के हवाले से कहा कि उन्होंने ईरानी नेताओं को चेतावनी दी थी कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की किसी भी कोशिश के गंभीर नतीजे होंगे, और कहा कि वे ईरान वापस नहीं जाएंगे।
इस बीच, हाल के हफ़्तों में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है, हालांकि वे अभी भी लड़ाई से पहले के लेवल से ऊपर हैं। यह गिरावट रिफाइनरियों द्वारा कुछ समय के लिए विकल्प ढूंढने और इस उम्मीद को बढ़ाने की वजह से हुई है कि लड़ाई का आखिरकार हल ग्लोबल एनर्जी मार्केट के तेज़ी से नॉर्मल होने का रास्ता बना सकता है।
नई अनिश्चितता ने कच्चे तेल की कीमतों को थोड़ा बढ़ा दिया है, यह एक ऐसा डेवलपमेंट है जो जल्द ही सेंटीमेंट पर असर डाल सकता है। इन्वेस्टर्स बातचीत से आगे की हेडलाइंस पर फोकस कर सकते हैं, क्योंकि प्रोग्रेस या बढ़ोतरी के किसी भी संकेत का एनर्जी की कीमतों और बड़े मार्केट सेंटीमेंट पर बड़ा असर पड़ सकता है। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा, “कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं और अभी $77–78 प्रति बैरल की रेंज में ट्रेड कर रही हैं, जबकि हाल ही में यह लगभग $73 प्रति बैरल तक गिर गई थी।”
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