भारत ने श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों के लिए 4 स्पिनरों से युक्त घोषित की टीम

INDvsSL भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने सुबह तड़के श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरु हो रहे 2 टेस्ट मैचों के दौरे के लिए टीम की घोषणा कर दी। टीम में 4 स्पिनरों को जगह दी है और शीर्ष तेज गेंदबाजी क्रम अनुभवी है। हालांकि जसप्रीत बुमराह की फिटनेस पर संशय है। टीम में कुलदीप यादव, रविंद्र जड़ेजा, अफगानिस्तान के खिलाफ ड्रीम डेब्यू करने वाले मानव सुथार और इस सीरीज में डेब्यू करने वाले स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका मिला है।

BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि टीम में कुछ छोटे-मोटे बदलावों को छोड़कर, ज़्यादा बदलाव नहीं है; यह टीम वैसी ही हैजैसी जून में शुभमन गिल की कप्तानी में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली थी। चयन मीटिंग में मुख्य ध्यान  इस बात पर होगा कि क्या जसप्रीत बुमराह अंतिम ग्यारह में जगह बना पाएंगे या नहीं।

एक खुशखबरी यह सुनाई दे रही है कि रविंद्र जड़ेजा लाल गेंद की क्रिकेट में टीम की योजनाओं में है।टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।

वहीं चोट से जूझ रहे कुछ खिलाड़ियों को दौरे से आराम दिया गया है। वॉशिंगटन सुंदर को टीम में शामिल नहीं किया गया है।श्रीलंका में स्पिन के मुफीद पिचों पर उनका ना रहना सही संकेत नहीं है।वहीं तेज गेंदबाज हर्षित राणा भी फिट नहीं है। उनके ना रहने से टीम शायद उतनी चिंतित ना हो। नीतीश कुमार रेड्डी, जो जून में न्यू चंडीगढ़ टेस्ट के लिए टीम का हिस्सा थे, पिछले महीने लगी क्वाड्रिसेप्स की चोट के कारण बेंगलुरु के Centre of Excellence में rehabilitation से गुज़र रहे हैं और इस दौरे के लिए नहीं चुने गए।

भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन।

चोटिल भारतीय टेस्ट टीम, किन खिलाड़ियों को बोर्ड भेजेगा श्रीलंका दौरे पर

श्रीलंका के खिलाफ होने वाली 2 मैचों की टेस्ट सीरीज़ के लिए टीम का चयन जब चयनकर्ता करने बैठेंगे तो बड़ा सवाल यह होगा कि चोटिल खिलाड़ियों की लंबी फहरिस्त की जगह किसको शामिल किया जाए।मीडिया सूत्रों से आर रही खबरों के मुताबिक वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस पर सस्पेंस बरकरार है। श्रीलंका में स्पिन के मुफीद पिचों पर उनका ना रहना सही संकेत नहीं है।

वहीं तेज गेंदबाज हर्षित राणा भी फिट नहीं है। उनके ना रहने से टीम शायद उतनी चिंतित ना हो लेकिन जसप्रीत बुमराह की फिटनेस भी ठीक नहीं है जो घुटने की चोट के कारण अंतिम वनडे से बाहर बैठे थे।भारत 15 से 27 अगस्त के बीच गाले और कोलंबो में दो टेस्ट मैच खेलेगा और घोषणा मंगलवार को संभावित है।

BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि टीम में कुछ छोटे-मोटे बदलावों को छोड़कर, ज़्यादा बदलाव होने की संभावना नहीं है; यह टीम वैसी ही होगी जैसी जून में शुभमन गिल की कप्तानी में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली थी। चयन मीटिंग में मुख्य ध्यान  इस बात पर होगा कि क्या जसप्रीत बुमराह को सीरीज़ के लिए चुना जाएगा या नहीं।

हालांकि उनके चुने जाने की संभावना है, और साथ ही मोहम्मद सिराज के भी, जिन्होंने बुमराह की गैर-मौजूदगी में अफगानिस्तान के खिलाफ गेंदबाजी की कमान संभाली थी, लेकिन सबसे अहम बात यह है कि क्या चयनकर्ता पिछले रणजी सीज़न में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले आकिब नबी को टीम में मौका देंगे या नहीं।

इस बीच, खबर है कि नीतीश कुमार रेड्डी, जो जून में न्यू चंडीगढ़ टेस्ट के लिए टीम का हिस्सा थे, पिछले महीने लगी क्वाड्रिसेप्स की चोट के कारण बेंगलुरु के Centre of Excellence में rehabilitation से गुज़र रहे हैं और उनके चुने जाने की संभावना कम है। भारतीय टीम में शामिल कुछ चुनिंदा सभी प्रारुप के खिलाड़ियों में से एक, रेड्डी ने बेंगलुरु में गेंदबाजी शुरू कर दी है।

लेकिन सूत्रों का कहना है कि पांच दिन के मैचों के लिए उन पर विचार करना अभी जल्दबाजी होगी। हालांकि, उम्मीद है कि वह सितंबर में होने वाले कई सफेद गेंद मैचों के लिए तैयार हो जाएंगे। रेड्डी ने आखिरी बार जून में चेन्नई में अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे मैच में भारत के लिए खेला था।

वहीं एक खुशखबरी यह सुनाई दे रही है कि रविंद्र जड़ेजा लाल गेंद की क्रिकेट में टीम की योजनाओं में है।टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।

Asian Games में कब टकराएंगी भारत पाक की पुरुष महिला क्रिकेट टीमें?

मौजूदा चैंपियन भारत और पाकिस्तान की पुरुष और महिला क्रिकेट टीम को जापान में होने वाले एशियाई खेलों में सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह दी गई है।भारतीय महिला टीम जापान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, जबकि पुरुष टीम का मुकाबला प्रारंभिक चरण के मैच के बाद तय होगा। सेमीफाइनल में भारतीय महिला टीम का सामना बांग्लादेश या चीन में से किसी एक टीम से होगा।

भारतीय पुरुष टीम सेमीफाइनल में पाकिस्तान का सामना कर सकती है। एशियाई खेलों में पुरुषों की क्रिकेट प्रतियोगिता 24 सितंबर को शुरू होगी और उसका फाइनल मैच एक अक्टूबर को खेला जाएगा।

महिलाओं की प्रतियोगिता 17 से 22 सितंबर तक होगी। भारतीय महिला टीम फाइनल में पाकिस्तान से भिड़ सकती है। पुरुषों की प्रतियोगिता में 10 टीमें भाग ले रही हैं। प्रारंभिक चरण में ग्रुप ए में अफगानिस्तान, जापान और नेपाल तथा ग्रुप बी में हांगकांग, चीन, मलेशिया और ओमान शामिल होंगे।

दोनों प्रतियोगिताएं आइची प्रांत के कोरोजी एथलेटिक पार्क में टी20 प्रारूप में खेली जाएंगी।श्रेयस अय्यर भारतीय पुरुष टीम की, जबकि हरमनप्रीत कौर भारतीय महिला टीम की कप्तानी करेंगी।क्रिकेट चौथी बार एशियाई खेलों के कार्यक्रम का हिस्सा है। इससे पहले यह 2010 में ग्वांगझू, 2014 में इंचियोन और 2023 में हांगझोऊ खेलों का हिस्सा था।

तीसरे एकदिवसीय मैच से बाहर हुए ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर

वॉशिंगटन सुंदर रविवार को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ होने वाले तीसरे और निर्णायक वनडे से बाहर हो गए हैं। भारत के इस ऑलराउंडर के पैर में गुरुवार को कार्डिफ़ में खेले गए दूसरे वनडे के दौरान चोट लग गई थी। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड की पारी में मैदान पर उतरकर फ़ील्डिंग भी नहीं की। उनकी गैरमौजूदगी में भारत कुलदीप यादव को प्लेइंग XI में शामिल कर सकता है।

सोफ़िया गार्डन्स में खेले गए दूसरे वनडे में वॉशिंगटन ने पांच गेंदों पर दो रन बनाए। पारी के दौरान ब्रेक में फिज़ियो उनकी जांघ पर स्ट्रैपिंग करते दिखाई दिए थे। आउट होने के बाद भी वह स्पष्ट रूप से असहज दिखे थे।
मैच के बाद भारत के बल्लेबाज़ी कोच सितांशु कोटक ने कहा, “वॉशिंगटन को मिड ऑफ़ की तरफ़ पहला रन लेते समय चोट लगी थी। मुझे लगता है कि उनकी हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट है और अगली ही गेंद पर वह आउट हो गए।”

एक समय रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की मौजूदगी में टीम के किनारे पर रहने वाले वॉशिंगटन अब तीनों फ़ॉर्मेट में भारत के अहम खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले वनडे में विजयी छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई थी और उसी के साथ अपना अर्धशतक भी पूरा किया था। तीन मैचों की सीरीज़ फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है।

भारत वॉशिंगटन को उनकी बल्लेबाज़ी से मिलने वाली अतिरिक्त गहराई के कारण बेहद अहम मानता है। मौजूदा दौरे पर टीम के पास उनका सीधा विकल्प मौजूद नहीं है। दूसरे ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी और हार्दिक पंड्या पहले से ही चोटिल हैं।केएल राहुल बीमारी के कारण दूसरा वनडे नहीं खेल पाए थे और उनकी जगह इशान किशन को मौका मिला था। अगर भारत को लगता है कि वॉशिंगटन की गेंदबाज़ी के बिना भी काम चल सकता है, तो लॉर्ड्स में राहुल और किशन दोनों को एक साथ प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। अन्यथा टीम को कुलदीप यादव को मौका देना पड़ सकता है।

बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप का आईपीएल 2026 सीज़न अच्छा नहीं रहा था। इसके बाद से वह सभी फ़ॉर्मेट मिलाकर भारत के पिछले 13 मैचों में सिर्फ़ एक मुकाबला ही खेल सके हैं।

अश्विन ने हाल ही में कुलदीप को पर्याप्त मौके नहीं मिलने पर बात करते हुए कहा था, “दक्षिण अफ़्रीका में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप तक आपको कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर तीनों की ज़रूरत होगी। पहले वनडे में अक्षर और वॉशिंगटन दोनों ने अर्धशतक लगाकर हमें जीत दिलाई। लेकिन मुझे लगता है कि भविष्य में इन दोनों में से सिर्फ़ एक के लिए ही जगह होगी। मैं चाहता हूं कि कुलदीप के साथ बेहतर व्यवहार किया जाए, क्योंकि वह मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं।”

कुलदीप भारत के लिए वनडे में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले शीर्ष 10 गेंदबाज़ों में शामिल हैं। उन्होंने 121 मैचों में 194 विकेट लिए हैं। अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में वह दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों, दोनों को अपनी गेंदों से चकमा देने की क्षमता रखते हैं। हालांकि बल्लेबाज़ी में उनकी सीमित क्षमता कई बार उनकी टीम में जगह पर भारी पड़ी है।

Mango festival in US: भारतीय आम का अमेरिका में जलवा! वॉशिंगटन में मुफ्त में चखने के लिए उमड़ी हजारों की भीड़

Mango festival in US: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में शनिवार 27 जून को भारतीय आमों की मिठास और भारतीय व्यंजनों की खुशबू ने हजारों लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित ‘टेस्टिंग सेशन’ में शामिल होने के लिए हजारों लोग डाउनटाउन वॉशिंगटन के ड्यूपॉन्ट सर्कल पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय आमों और स्वादिष्ट बिरयानी का मजा लिया। भारतीय दूतावास की तरफ से आयोजित ‘Taste the Tropical Magic’ कार्यक्रम में 8,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भारतीय आमों के साथ बिरयानी, लस्सी, आम का हलवा, चाय और कॉफी का मुफ्त स्वाद चखा।

डाउनटाउन वॉशिंगटन के Dupont Circle में आयोजित इस ‘फूड फेस्टिवल’ में लोग अमेरिका के पड़ोसी राज्यों वर्जीनिया और मैरीलैंड से भी पहुंचे। कार्यक्रम में केसर, लंगड़ा, मालदा समेत कई प्रसिद्ध भारतीय आमों की किस्में लोगों को चखने के लिए उपलब्ध कराई गईं। आम प्रेमियों की लंबी-लंबी कतारें कार्यक्रम समाप्त होने तक लगी रहीं। भारतीय मूल के लोगों की ताजा हुई बचपन की यादें भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक दिशा ने कहा कि उन्हें अपनी दादी के साथ बिताए बचपन के दिन याद आ गए।

उन्होंने पीटीआई से कहा, “गर्मियों में मेरी दादी हमें आम खिलाया करती थीं। आज मैं सिर्फ भारतीय आमों का वही स्वाद फिर से महसूस करने यहां आई हूं।” वहीं, अमेरिका में FIFA World Cup देखने आए विदेशी पर्यटक एंड्रयू ने केसर आम का स्वाद लेने के बाद कहा, “यह अब तक का सबसे स्वादिष्ट आम है, जो मैंने कभी खाया है।”

‘सिर्फ आम नहीं, भारत के स्वाद का उत्सव’

अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल आम चखाने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ आम का एक टुकड़ा या भारत की एक झलक नहीं, बल्कि भारत के विविध स्वादों का उत्सव है।” उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पिछले कई वर्षों से वॉशिंगटन के ग्रीष्मकालीन कैलेंडर का हिस्सा रहा है।

पिछले साल भारतीय दूतावास ने केवल एक टेस्टिंग बूथ लगाया था। लेकिन भारी भीड़ को देखते हुए इस बार पांच टेस्टिंग बूथ लगाए गए था। इस दौरान लोगों ने मुफ्त में आमों के अलावा बिरयानी, लस्सी, आम का हलवा, भारतीय चाय और कॉफी का आनंद लिया।

भारतीय भोजन के और आयोजन होंगे

कार्यक्रम की जबरदस्त सफलता के बाद राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि भविष्य में भारतीय दूतावास अमेरिका में ऐसे फूड प्रमोशन कार्यक्रम अधिक नियमित रूप से आयोजित करेगा। ताकि अधिक से अधिक लोग भारतीय व्यंजनों और फलों से परिचित हो सकें।

अमेरिका में बढ़ रही भारतीय आमों की मांग

कौशल खाकर ने कहा कि आम बेहद नाजुक फल है। लेकिन तेज लॉजिस्टिक्स की मदद से भारतीय प्रवासियों तक ताजा और उच्च गुणवत्ता वाले आम पहुंचाए जा रहे हैं। वहीं, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अभिषेक देव ने बताया कि अमेरिका को भारतीय आमों का निर्यात लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भारत ने अमेरिका को 2,300 टन आम निर्यात किए थे। इस सालयह आंकड़ा एक महीने पहले ही पार हो चुका है, जिससे मांग में लगातार वृद्धि का संकेत मिलता है।

देव ने आगे कहा, “पिछले साल हमने अमेरिका को 2,300 टन आम का निर्यात किया था। इस वर्ष हमने एक महीने पहले ही इस आंकड़े को पार कर लिया।” अमेरिका में भारतीय आमों की कहानी 2006 से शुरू हुई, जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने भारतीय आमों को अमेरिका भेजने का रास्ता साफ किया था।

2006 में खुला था अमेरिकी बाजार

अमेरिका में भारतीय आमों की कहानी वर्ष 2006 से शुरू होती है, जब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने भारत से आमों के आयात का रास्ता साफ किया था। इससे पहले अमेरिका ने मैंगो सीड वीविल (आम की गुठली में लगने वाले कीट) के खतरे के कारण भारतीय आमों के आयात पर प्रतिबंध लगाया हुआ था।

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जनवरी 2006 में अमेरिकी कृषि विभाग ने इर्रेडिएशन (कम मात्रा के विकिरण उपचार) किए गए फलों के आयात की अनुमति दी। इसके बाद भारतीय अल्फांसो आम की पहली खेप अमेरिका पहुंची, जिसका वहां जोरदार स्वागत हुआ।

कार्यक्रम की मुख्य बातें

वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास ने आयोजित किया ‘Taste the Tropical Magic’ मैंगो फेस्टिवल।

8,000 से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा।

अेमेरिकी लोगों ने केसर, लंगड़ा, मालदा सहित कई भारतीय आमों का मुफ्त स्वाद चखा।

बिरयानी, लस्सी, आम का हलवा, चाय और कॉफी भी परोसी गई।

अमेरिका में भारतीय आमों की मांग और निर्यात लगातार बढ़ रहा है।

2006 में भारतीय आमों के लिए अमेरिकी बाजार खुलने के बाद से उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ी है।

Crude Oil Price: US-ईरान शांति बातचीत के बीच ट्रंप की नई धमकी से डरा क्रूड बाजार, कीमतों में आया 2% का उछाल, ब्रेंट $82 के निकला पार

Crude Oil Price: सोमवार, 22 जून को तेल की कीमतों में तेज़ी आई, जब प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर हिज़्बुल्लाह इज़राइल पर हमले जारी रखता है तो ईरान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन हो सकता है। इससे यह चिंता बढ़ गई कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही शांति बातचीत में रुकावट आ सकती है।

सोमवार को मार्केट खुलने पर ब्रेंट क्रूड 2.2% तक बढ़कर $82.30 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट $78 के निशान से ऊपर चढ़ गया।

आज कच्चे तेल की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?

रविवार को बातचीत की शुरुआत अनिश्चित थी, जब ईरानी मीडिया ने बताया कि ट्रंप की चेतावनी के बाद तेहरान ने स्विट्जरलैंड में बातचीत रोक दी है। हालांकि, बातचीत से जुड़े सूत्रों ने कहा कि बातचीत जारी है। ईरान ने इज़राइल पर लेबनान में सीज़फ़ायर तोड़ने का भी आरोप लगाया।

स्विस रिसॉर्ट बर्गेनस्टॉक में हुई हाई-लेवल बातचीत 60 दिन के बातचीत के समय की शुरुआत है, जो पिछले हफ़्ते ट्रंप के तनाव कम करने के मकसद से एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग पर साइन करने के बाद शुरू हुई थी। हालांकि ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का दावा किया, लेकिन वीकेंड में इस ज़रूरी पानी के रास्ते से तेल की सप्लाई ज़्यादातर बिना रुके जारी रही।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत सोमवार सुबह तक चली और होर्मुज स्ट्रेट से नेविगेशन को सुरक्षित रखने और दक्षिणी लेबनान में इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच सीज़फ़ायर का पालन पक्का करने जैसे मुद्दों पर फोकस रही।

फॉक्स न्यूज़ ने ट्रंप के हवाले से कहा कि उन्होंने ईरानी नेताओं को चेतावनी दी थी कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की किसी भी कोशिश के गंभीर नतीजे होंगे, और कहा कि वे ईरान वापस नहीं जाएंगे।

इस बीच, हाल के हफ़्तों में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है, हालांकि वे अभी भी लड़ाई से पहले के लेवल से ऊपर हैं। यह गिरावट रिफाइनरियों द्वारा कुछ समय के लिए विकल्प ढूंढने और इस उम्मीद को बढ़ाने की वजह से हुई है कि लड़ाई का आखिरकार हल ग्लोबल एनर्जी मार्केट के तेज़ी से नॉर्मल होने का रास्ता बना सकता है।

नई अनिश्चितता ने कच्चे तेल की कीमतों को थोड़ा बढ़ा दिया है, यह एक ऐसा डेवलपमेंट है जो जल्द ही सेंटीमेंट पर असर डाल सकता है। इन्वेस्टर्स बातचीत से आगे की हेडलाइंस पर फोकस कर सकते हैं, क्योंकि प्रोग्रेस या बढ़ोतरी के किसी भी संकेत का एनर्जी की कीमतों और बड़े मार्केट सेंटीमेंट पर बड़ा असर पड़ सकता है। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा, “कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं और अभी $77–78 प्रति बैरल की रेंज में ट्रेड कर रही हैं, जबकि हाल ही में यह लगभग $73 प्रति बैरल तक गिर गई थी।”

 

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IPL जीत के बाद विराट कोहली को क्या हुआ? ODI Series में टीम से बाहर होने की खबर ने बढ़ाई चिंता

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भारतीय क्रिकेट टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक स्टार बल्लेबाज विराट कोहली हैमस्ट्रिंग चोट के चलते पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। यह सीरीज 13 जून से धर्मशाला में शुरू होने जा रही है, लेकिन उससे पहले कोहली की अनुपस्थिति ने टीम मैनेजमेंट की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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IPL फाइनल में लगी चोट, स्कैन रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

 

जानकारी के अनुसार, कोहली को IPL 2026 फाइनल के दौरान चोट लगी थी। गुजरात टाइटंस के खिलाफ खिताबी मुकाबले में बल्लेबाजी करते समय वह रनिंग के दौरान असहज नजर आए थे, लेकिन दर्द के बावजूद उन्होंने मैच खत्म कर टीम को जीत दिलाई। बाद में कराए गए स्कैन में हैमस्ट्रिंग से जुड़ी समस्या सामने आई, जिसके बाद उन्हें आराम की सलाह दी गई है।

 

कोहली ने फाइनल में नाबाद 75 रन की शानदार पारी खेली थी और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दूसरी बार IPL चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।

 

शानदार फॉर्म के बीच लगा ब्रेक, 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी पर असर?

 

37 वर्षीय कोहली हाल के महीनों में जबरदस्त फॉर्म में रहे हैं। IPL 2026 में उन्होंने 16 पारियों में 675 रन बनाए, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल रहे। उनका औसत 56 से अधिक और स्ट्राइक रेट 165 के करीब रहा।

 

वनडे क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है। पिछले साल उन्होंने भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए थे और एक बार फिर खुद को टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में साबित किया था। ऐसे में यह चोट उनके लिए व्यक्तिगत और टीम इंडिया के लिए रणनीतिक दोनों स्तर पर बड़ा झटका मानी जा रही है।

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 रोहित शर्मा की फिटनेस पर भी सवाल

 

विराट कोहली के बाहर होने के साथ-साथ कप्तान रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। चयन के समय ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि उनकी उपलब्धता फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगी। ऐसे में अफगानिस्तान सीरीज में भारत को अपने दो सबसे अनुभवी बल्लेबाजों के बिना उतरना पड़ सकता है।

 

हालांकि, यह सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का सुनहरा मौका भी बन सकती है, क्योंकि 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के बीच टीम नए विकल्पों को आजमाने पर भी नजर रखेगी।


INDIA TEAM SQUAD : 

Shubman Gill (Captain), Rohit Sharma, Virat Kohli, Shreyas Iyer (vice-captain), KL Rahul (wicket-keeper), Ishan Kishan (wicket-keeper), Hardik Pandya, Nitish Kumar Reddy, Washington Sundar, Kuldeep Yadav, Arshdeep Singh, Prasidh Krishna, Prince Yadav, Gurnoor Brar, Harsh Dubey