क्या ईरान युद्ध में आएगा बड़ा ट्विस्ट, न्यूक्लियर डील से पीछे हटेंगे ट्रंप? होर्मुज खोलने के लिए अमेरिका की क्या है नई स्ट्रैटेजी

Donald Trump Iran News: अमेरिका-ईरान पर दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। जब से युद्ध की शुरुआत हुई है, पूरी दुनिया में गैस और ईंधन की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। तेल की चढ़ती कीमत ने दुनिया भर में महंगाई बढ़ा दी है और इसका सबसे बड़ा कारण है होर्मुज से जहाजों का नियमित रूप से नहीं

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‘किसी भी पल उनकी मौत हो सकती है’: इजरायली मीडिया का दावा, मोजतबा खामेनेई की हालत बेहद गंभीर

फरवरी के आखिर में अमेरिकी-इजरायली हमलों में अपने पिता की मौत के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर का पद संभालने के बाद से ही मोजतबा खामेनेई की सेहत पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उनकी हालत और यहां तक कि उनके ठिकाने को लेकर भी बार-बार सवाल उठाए जाते रहे हैं। हालांकि, ईरान ने उनकी स्थिति पर सवाल उठाने वाली खबरों का खंडन किया है, लेकिन एक बार फिर नए दावे सामने आए हैं। इजरायली मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी हालत गंभीर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इजरायली चैनल ‘चैनल 14’ ने ईरान के अंदरूनी सूत्रों का हवाला देते हुए दावा किया कि खामेनेई की हालत “बेहद गंभीर” है। इन रिपोर्टों में ‘ईरानवायर’ के दावों का भी जिक्र किया गया, जिसने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के प्रशासन के करीबी सूत्रों का हवाला दिया था।

IranWire के सूत्रों ने खामेनेई की सेहत को लेकर चिंता जताई

IranWire की रिपोर्ट के मुताबिक, पेजेशकियन प्रशासन के करीबी दो सूत्रों ने बताया कि 28 फरवरी को सुप्रीम लीडर के परिसर पर हुए अमेरिकी हमले में अपने पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के मारे जाने के बाद से मुजतबा खामेनेई कैबिनेट के किसी भी सदस्य से नहीं मिले हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि, ईरान के शीर्ष नेतृत्व के बीच ऐसी अफवाहें फैल रही हैं कि उनकी हालत बेहद गंभीर है और किसी भी पल उनकी मौत हो सकती है।

पेजेशकियन की कैबिनेट के करीबी एक सूत्र के अनुसार, उनकी शारीरिक हालत खराब है। सूत्र ने कहा, “अगर हमें जल्द ही उनके शहीद होने की खबर सुनने को मिले, तो हमें हैरानी नहीं होगी।”

बता दें कि ईरान के सुप्रीम लीडर का नेतृत्व संभालने के बाद से ही खामेनेई न तो सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं और न ही उन्होंने कोई भाषण दिया है। ईरान के सरकारी मीडिया के जरिए सिर्फ़ उनके नाम से लिखित बयान जारी किए गए हैं, जिससे उनकी सेहत को लेकर अटकलें और बढ़ गई हैं।

सवाल उठने के बीच ईरान ने रिपोर्टों को खारिज किया

ईरानी अधिकारियों ने पहले उन दावों को खारिज कर दिया था कि खामेनेई काम करने की हालत में नहीं हैं। उनका कहना था कि फरवरी में हुए हमले में उन्हें लगी चोटें गंभीर नहीं थीं। हालांकि, पेजेशकियन ने हाल ही में माना कि इस समय सुप्रीम लीडर से बातचीत करना “बहुत मुश्किल” है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि खामेनेई सरकार के लिए ताकत का स्रोत बने हुए हैं।

ईरानी सरकारी मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में पेजेशकियन ने कहा, “इस समय उनसे बातचीत करना बहुत मुश्किल है, लेकिन किसी भी हाल में, उनकी मौजूदगी हमारे लिए ताकत का बहुत बड़ा स्रोत है ताकि हम अपना काम जारी रख सकें।”

उन्होंने खामेनेई का बचाव भी किया और कहा कि उन्होंने उनके साथ सार्थक बैठकें की हैं। उन्होंने खामेनेई की सोच को “बहुत ठोस तर्क” वाली बताया।

उनकी गैर-मौजूदगी से लीडरशिप को लेकर अटकलें तेज

खामेनेई के लंबे समय से सार्वजनिक रूप से दिखाई न देने के कारण क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय जानकारों के बीच अटकलें तेज हो गई हैं, खासकर ऐसे समय में जब ईरान अमेरिका और इजराइल के साथ तनावपूर्ण स्थिति में है।

बता दें कि पहले आई रिपोर्टों में दावा किया गया था कि हमलों के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, जबकि ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे अब भी देश के कामकाज की देखरेख कर रहे हैं।

वहीं, पश्चिमी और विपक्षी खुफिया सूत्रों ने भी अक्सर यह संकेत दिया है कि हमलों के दौरान उन्हें गंभीर या ऐसी चोटें आईं जिनसे उनका चेहरा या शरीर बुरी तरह प्रभावित हुआ।

गौरतलब है कि ईरानी नेता के सार्वजनिक रूप से सामने न आने और लिखित बातचीत पर निर्भरता के कारण, उनकी सेहत और शासन चलाने की क्षमता को लेकर सवाल क्षेत्रीय चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।

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‘हॉर्मुज स्ट्रेट कब्जे में लेगा अमेरिका’, ट्रंप बोले- जहाजों से वसूलेंगे पेट्रोलिंग चार्ज; ईरान पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया

Trump Iran Conflict: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) का नियंत्रण अपने हाथ में लेगा। उन्होंने ईरान पर दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौते को तोड़ने का आरोप भी लगाया। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान लगातार दूसरे दिन एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं।

ट्रंप ने ईरान पर क्या कहा?

Fox News से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा करेगा। उन्होंने कहा, “हम हॉर्मुज का नियंत्रण अपने हाथ में ले रहे हैं। हम इसकी रक्षा करेंगे। हो सकता है कि भविष्य में यहां से गुजरने वाले जहाजों से सुरक्षा के बदले शुल्क भी लिया जाए।”

ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि हालिया समझौते को ईरान ने तोड़ा। उनके मुताबिक, समझौता होने के बेहद करीब था, लेकिन ईरान ने बाद में ड्रोन हमला कर दिया।

दोनों देशों के बीच फिर हमले

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। ईरान ने ओमान में रडार सिस्टम और जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस के ईंधन भंडार और गोला-बारूद डिपो को भी निशाना बनाने का दावा किया। वहीं, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन ने कहा कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया।

दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ-साथ छोटी नौकाओं को भी निशाना बनाया। इन हमलों में लड़ाकू विमान, नौसैनिक जहाज और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

हॉर्मुज स्ट्रेट पर तनाव बढ़ा

दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल की सप्लाई हॉर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती है। ऐसे में यहां बढ़ा तनाव पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार के लिए चिंता का विषय बन गया है।

ईरान के सरकारी मीडिया का दावा है कि उसकी नौसेना ने हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो जहाजों पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग की और उन्हें रोक दिया। वहीं, अमेरिका का कहना है कि उसकी सुरक्षा में इस रास्ते से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही जारी है।

तेल की कीमतों में उछाल

तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। ब्रेंट क्रूड एक समय 5% तक चढ़ गया, जबकि बाद में इसकी बढ़त करीब 3.5% रह गई। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। निवेशकों को डर है कि अगर हॉर्मुज में संकट और गहराया, तो वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

बातचीत के दरवाजे अभी खुले

सैन्य तनाव के बीच ईरान ने कहा है कि वह कतर, पाकिस्तान और ओमान के मध्यस्थों के संपर्क में है और संघर्ष को और बढ़ने से रोकने की कोशिश जारी है। हालांकि, ईरान ने अमेरिका पर कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर करने का आरोप लगाया है। वहीं, ट्रंप अब भी दावा कर रहे हैं कि समझौता लगभग हो चुका था, लेकिन ईरान ने उसे तोड़ दिया।

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ईरान पर अमेरिका का भीषण हमला, इन सैन्य ठिकानों पर बरसाए बम! होर्मुज में चरम पर तनाव

अमेरिका ने ईरान पर सीजफायर खत्म होने के बाद तीसरे दौर की एयरस्ट्राइक शुरू कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के मिसाइल ठिकानों और एयर डिफेंस सिस्टम पर कई हमले किए हैं। इसके अलावा होर्मुज के आसपास मौजूद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कई बोट को भी निशाना बनाया गया। इससे पहले अमेरिका ने बुधवार और गुरुवार को भी एयरस्ट्राइक की थी।

ईरान की नई चेतावनी

इससे पहले ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद पहली बार संदेश जारी किया। उन्होंने कहा- ‘मैं अपने पिता के बेगुनाह खून का बदला जरूर लूंगा, यही हमारे देश की भी इच्छा है।’

फिर शुरू हुआ हमलों का दौर

रविवार को ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में कई नए मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया। इन हमलों में कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई। इसके अलावा कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भी हमलों की खबरें सामने आई हैं, जिससे पूरे इलाके में तनाव और बढ़ गया है। ईरान की राजधानी तेहरान का दावा है कि विस्फोटक ड्रोन से कुवैत में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, गोला-बारूद के भंडार और अमेरिकी रडार स्टेशन को निशाना बनाया गया। वहीं एक अन्य हमले में बहरीन में अमेरिकी संचार और रडार सुविधाओं पर हमला करने का भी दावा किया गया है।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने यह भी दावा किया है कि उसने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच कतर की सेना ने दावा किया कि उसने देश को निशाना बनाकर दागी गई मिसाइल को बीच रास्ते में ही रोक दिया। वहीं बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भी कहा कि उसका एयर डिफेंस सिस्टम ईरान की ओर से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कार्रवाई कर रहा है। इस दौरान कई जगहों पर धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं।

हमले के बाद एक भारतीय लापता

ओमान तट के पास एक व्यापारी जहाज ‘GFS गैलेक्सी’ पर हमला हुआ। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने रविवार को बताया कि इस जहाज पर 11 भारतीय नागरिक सवार थे। इनमें से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। भारत ने हमले की कड़ी निंदा की है।

अयातुल्ला खामेनेई का अंतिम संस्कार शुरू, लाखों लोगों के आने की उम्मीद, जानें 6 दिन का पूरा कार्यक्रम

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को अधिकारी “सदी का अंतिम संस्कार” बता रहे हैं। सरकार के अनुसार, इस ऐतिहासिक आयोजन में करीब 1.2 करोड़ से लेकर 2 करोड़ (20 मिलियन) लोगों के शामिल होने की संभावना है, जिससे यह देश के इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक शोक समारोह बन गया है। राजधानी तेहरान से शुरू हुए इस छह दिवसीय कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ रही है और कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इसी बीच यह भी सामने आया है कि खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई सुरक्षा कारणों से अंतिम संस्कार समारोह में शामिल नहीं होंगे, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

अभूतपूर्व तैयारियां और कड़ सुरक्षा

इस बार की तैयारियां किसी भी सरकारी कार्यक्रम से कहीं ज्यादा बड़ी बताई जा रही हैं। पूरे आयोजन की जिम्मेदारी इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की प्रमुख इकाई “मोहम्मद रसुलोल्लाह कोर” संभाल रही है। तेहरान से लेकर अन्य शहरों तक सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

दुनिया भर की नजरें

तेहरान में होने वाला यह आयोजन सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि बड़ा राजनीतिक मंच भी बन गया है। दर्जनों देशों से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्री और संसद अध्यक्ष जैसे नेता शामिल हो रहे हैं। करीब 800 विदेशी पत्रकार इस पूरे कार्यक्रम की कवरेज कर रहे हैं, जिससे इसकी वैश्विक अहमियत और बढ़ गई है।

भीड़ प्रबंधन और दर्शन की व्यवस्था

अधिकारियों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की है। खामेनेई का पार्थिव शरीर ऊंचे मंच पर रखा गया है, जहां लोग 15-20 मिनट के भीतर दर्शन कर बाहर निकल रहे हैं। जमकारान मस्जिद जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जनाजे की नमाज और अन्य रस्में भी आयोजित की जा रही हैं।

छह दिनों का पूरा कार्यक्रम

अंतिम संस्कार कई शहरों में चरणबद्ध तरीके से हो रहा है:

  • 4–6 जुलाई: तेहरान में अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि
  • 7 जुलाई: कोम में धार्मिक कार्यक्रम
  • 8 जुलाई: इराक के नजफ और कर्बला में जुलूस
  • 9 जुलाई: मशहद में अंतिम दफन

इसके बाद पूरे देश में 40 दिनों तक शोक और श्रद्धांजलि कार्यक्रम चलेंगे।

प्रतीकात्मक संदेश

आयोजन का नारा “We Must Rise” रखा गया है, जिसे मुट्ठी भींचे हाथ के प्रतीक के साथ जोड़ा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ अंतिम विदाई नहीं, बल्कि ईरान की राजनीतिक ताकत और शिया दुनिया में उसके प्रभाव का प्रदर्शन भी है।

वैश्विक शोक और ऐतिहासिक भीड़

तेहरान की सड़कें लाखों लोगों से भर चुकी हैं। काले कपड़ों में उमड़ी भीड़, ट्रैफिक जाम और सुरक्षा घेराबंदी ने पूरे शहर को शोक के विशाल मंच में बदल दिया है। यह आयोजन न सिर्फ ईरान बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक और भू-राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटना बन चुका है।