Donald Trump Iran News: अमेरिका-ईरान पर दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। जब से युद्ध की शुरुआत हुई है, पूरी दुनिया में गैस और ईंधन की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। तेल की चढ़ती कीमत ने दुनिया भर में महंगाई बढ़ा दी है और इसका सबसे बड़ा कारण है होर्मुज से जहाजों का नियमित रूप से नहीं
Trump Iran Conflict: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) का नियंत्रण अपने हाथ में लेगा। उन्होंने ईरान पर दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौते को तोड़ने का आरोप भी लगाया। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान लगातार दूसरे दिन एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं।
ट्रंप ने ईरान पर क्या कहा?
Fox News से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा करेगा। उन्होंने कहा, “हम हॉर्मुज का नियंत्रण अपने हाथ में ले रहे हैं। हम इसकी रक्षा करेंगे। हो सकता है कि भविष्य में यहां से गुजरने वाले जहाजों से सुरक्षा के बदले शुल्क भी लिया जाए।”
ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि हालिया समझौते को ईरान ने तोड़ा। उनके मुताबिक, समझौता होने के बेहद करीब था, लेकिन ईरान ने बाद में ड्रोन हमला कर दिया।
दोनों देशों के बीच फिर हमले
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। ईरान ने ओमान में रडार सिस्टम और जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस के ईंधन भंडार और गोला-बारूद डिपो को भी निशाना बनाने का दावा किया। वहीं, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन ने कहा कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया।
दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ-साथ छोटी नौकाओं को भी निशाना बनाया। इन हमलों में लड़ाकू विमान, नौसैनिक जहाज और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
हॉर्मुज स्ट्रेट पर तनाव बढ़ा
दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल की सप्लाई हॉर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती है। ऐसे में यहां बढ़ा तनाव पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार के लिए चिंता का विषय बन गया है।
ईरान के सरकारी मीडिया का दावा है कि उसकी नौसेना ने हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो जहाजों पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग की और उन्हें रोक दिया। वहीं, अमेरिका का कहना है कि उसकी सुरक्षा में इस रास्ते से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही जारी है।
तेल की कीमतों में उछाल
तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। ब्रेंट क्रूड एक समय 5% तक चढ़ गया, जबकि बाद में इसकी बढ़त करीब 3.5% रह गई। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। निवेशकों को डर है कि अगर हॉर्मुज में संकट और गहराया, तो वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
बातचीत के दरवाजे अभी खुले
सैन्य तनाव के बीच ईरान ने कहा है कि वह कतर, पाकिस्तान और ओमान के मध्यस्थों के संपर्क में है और संघर्ष को और बढ़ने से रोकने की कोशिश जारी है। हालांकि, ईरान ने अमेरिका पर कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर करने का आरोप लगाया है। वहीं, ट्रंप अब भी दावा कर रहे हैं कि समझौता लगभग हो चुका था, लेकिन ईरान ने उसे तोड़ दिया।
Stocks to Watch: 14 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 18 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका
फ्रांस में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच शुक्रवार को एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह मुलाकात भारत और अमेरिका के रिश्तों को एक नई दिशा देने के लिए बहुत बड़ी मानी जा रही है। दरअसल, पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच व्यापारिक पाबंदियों (टैरिफ) और हाल ही में ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के पास अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद से रिश्तों में थोड़ी कड़वाहट आ गई थी। ऐसे में इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी थीं।
“हमारे रिश्तों में आई है नई ऊर्जा”- पीएम मोदी
पिछले 16 महीनों में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी पहली आमने-सामने की मुलाकात में PM मोदी ने बेहद सकारात्मक रुख दिखाया।
राष्ट्रपति ट्रंप को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मिस्टर प्रेसिडेंट, आपसे मिलकर बहुत खुशी हुई। पिछले साल हमारी मुलाकात वॉशिंगटन में हुई थी और तब से हमारे संबंधों को एक नई रफ्तार मिली है। एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। यह हमारे लिए बेहद खुशी की बात है कि हमारी दोनों टीमों ने मिलकर कुछ लक्ष्य तय किए हैं। हम उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।”
मिडल ईस्ट में शांति के प्रयासों की तारीफ
पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व और उनके प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस इलाके में शांति का यह प्रयास लंबे समय तक टिका रहेगा। मोदी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (समुद्री व्यापार का मुख्य रास्ता) का खुला रहना बेहद जरूरी है और समुद्र में जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक के होनी चाहिए।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा को ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ देने की मांग
मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को ही साइन होने वाले समझौते (MoU) का जिक्र किया। उन्होंने बेहद मजबूती से भारतीय नाविकों (Seafarers) का मुद्दा उठाया, जो दुनिया के कुल नाविकों का लगभग 10% हैं। हाल ही में हुई तीन भारतीय नाविकों की मौत के जख्मों को ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि इस नए समझौते में उनकी सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा जाए।
पीएम मोदी ने ट्रंप से साफ शब्दों में कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, समुद्री व्यापार की दुनिया में लाखों भारतीय नाविक पूरी दुनिया के समुद्री रास्तों पर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, जिसमें ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ भी शामिल है। वे वैश्विक प्रगति में बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं। उनकी सुरक्षा हमारे लिए सबसे ज्यादा मायने रखती है। आपने ईरान के साथ इस समझौते को करने के लिए बहुत बड़े प्रयास किए हैं, और मुझे पूरा विश्वास है कि जब इस समझौते को लागू किया जाएगा, तो नाविकों की सुरक्षा को सबसे पहली प्राथमिकता दी जाएगी।”

