iPhone Duo को टक्कर देने आ रहा Motorola का नया फोल्डेबल फोन! Geekbench पर दिखे फीचर्स

Motorola Razr Flex 27: Apple ने हाल ही में अपना पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन iPhone Duo लॉन्च करके पूरी दुनिया को चौंका दिया है। अब खबर है कि Motorola भी इस फोन को टक्कर देने की तैयारी कर रही है। ऑनलाइन सामने आई कई लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी Motorola Razr Flex 27 पर काम कर रही है। यह स्मार्टफोन अब Geekbench पर भी दिखाई दिया है। आइए जानते हैं इस अपकमिंग स्मार्टफोन के बारे में अब तक सामने आई सभी अहम जानकारियां।

Geekbench पर दिखा Motorola Razr Flex 27

Motorola Razr Flex 27 को हाल ही में Geekbench 6 के डेटाबेस पर देखा गया है। लीक हुई जानकारी के मुताबिक, इस फोल्डेबल स्मार्टफोन में ऑक्टा-कोर Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर मिल सकता है। इसके साथ फोन में 12GB तक RAM दिए जाने की भी उम्मीद है।

बता दें कि Qualcomm के प्रोसेसर की मौजूदा फ्लैगशिप सीरीज में Snapdragon 8 Gen 5 को ज्यादा पावरफुल Snapdragon 8 Elite Gen 5 से नीचे रखा गया है।

Geekbench की लिस्टिंग से यह भी संकेत मिलता है कि Motorola का यह फोन Android 17 के साथ आ सकता है। हालांकि, बेंचमार्क लिस्टिंग में कई बार ऐसे स्मार्टफोन की जानकारी सामने आ जाती है, जिन्हें कंपनी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर लॉन्च नहीं किया है।

फिलहाल, Motorola ने अभी तक Razr Flex 27 के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

पिछले लीक से इस संभावित फोल्डेबल फोन के बारे में और जानकारी सामने आई है। ‘Android हेडलाइंस’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस फोन में 165Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.92 इंच का AMOLED डिस्प्ले हो सकता है।

खबरों के मुताबिक, इसकी बाहरी स्क्रीन 4.97 इंच की हो सकती है। इससे यूजर्स को मुख्य फोल्डेबल डिस्प्ले खोले बिना ही बेसिक काम करने की सुविधा मिलेगी। सामने आई जानकारी से पता चलता है कि Motorola अपने ‘Razr Flex 27’ में पीछे की तरफ 50MP का प्राइमरी कैमरा और 50MP का अल्ट्रावाइड कैमरा दे सकता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए, इस फोन में 32MP का फ्रंट कैमरा होने की उम्मीद है।

इसके अलावा, इस फोल्डेबल फोन में 5,000mAh की बैटरी और 25W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट भी मिल सकता है। हालांकि, इसकी वायर्ड चार्जिंग स्पीड के बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

Motorola Razr Flex 27 कब होगा लॉन्च

लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, Motorola Razr Flex 27 को दिसंबर 2026 के मध्य के आसपास दुनियाभर में लॉन्च किया जा सकता है। यह फोन PANTONE के दो कलर ऑप्शन- Coriander और Dark Botanical Garden में आ सकता है।

हालांकि, स्मार्टफोन के फीचर्स, कलर और लॉन्च की तारीख से जुड़ी ये सभी जानकारियां लीक पर आधारित हैं। Motorola ने अभी तक इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

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Dussehra 2026: आज या कल कब होगा रावण दहन? जानें सही तारीख, विजय मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Dussehra 2026: धर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक महापर्व विजयादशमी (दशहरा) इस वर्ष देश भर में भव्य रूप से मनाया जा रहा है। दशहरे के पावन अवसर पर मां अपराजिता की पूजा, शस्त्र पूजन (आयुध पूजा), शमी वृक्ष के पत्तों के आदान-प्रदान और शाम को रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों के दहन की परंपरा निभाई जाती है। हालांकि, तिथियों की गणना और क्षेत्रीय परंपराओं की वजह से लोगों के मन में इस बात को लेकर भ्रम की स्थिति बनी है कि रावण दहन 20 अक्टूबर को होगा या 21 अक्टूबर को। पंचांग और शास्त्रीय मान्यताओं के आधार पर आइए समझते हैं कि रावण दहन की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि क्या है।

20 या 21 अक्टूबर: कब मनाया जाएगा दशहरा और रावण दहन?

हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है।

दशमी तिथि का प्रारंभ: 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से।

दशमी तिथि का समापन: 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक।

श्रवण नक्षत्र: 19 अक्टूबर की दोपहर 3 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर 20 अक्टूबर की शाम 6 बजकर 2 मिनट तक।

उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत में 20 अक्टूबर को दशहरा

उत्तर भारत, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में विजयादशमी का निर्धारण अपराह्न काल (दोपहर के समय) में दशमी तिथि की उपस्थिति के आधार पर किया जाता है। 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे के बाद दशमी तिथि लग रही है, इसलिए उत्तर भारत में मुख्य दशहरा पर्व और रावण दहन 20 अक्टूबर मंगलवार को ही संपन्न होगा। हालांकि मंगलवार के दिन माता की मूर्ति का विसर्जन नहीं किया जाता, इसलिए देवी दुर्गा की विदाई 21 अक्टूबर बुधवार को होगी।

पूर्वी भारत में 21 अक्टूबर को विजयादशमी

पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में दुर्गा पूजा का निर्धारण सूर्योदय कालीन तिथि (उदयातिथि) के आधार पर होता है। 20 अक्टूबर को सूर्योदय के समय नवमी तिथि रहेगी (जो दोपहर 12:50 तक चलेगी), जबकि 21 अक्टूबर को सूर्योदय के समय दशमी तिथि मौजूद रहेगी। इसलिए बंगाल और पूर्वी भारत में 21 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी।

रावण दहन का सही समय और प्रदोष काल मुहूर्त

दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन हमेशा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल के दौरान किया जाता है। शास्त्रानुसार 20 अक्टूबर को रावण दहन के लिए सबसे उत्तम समय इस तरह रहेगा:

प्रदोष काल का समय: 20 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 47 मिनट से रात 8 बजकर 17 मिनट (कुछ गणनाओं में 8:21 बजे) तक।

रावण दहन का सर्वोत्तम मुहूर्त: 20 अक्टूबर की शाम 5 बजकर 47 मिनट से 6 बजकर 12 मिनट के बीच का समय रावण दहन के लिए सबसे शुभ और फलदायी माना गया है।

पूजा के शुभ मुहूर्त: अपराजिता पूजन और आयुध पूजा

विजयादशमी के दिन मां अपराजिता और अस्त्र-शस्त्रों की पूजा का विशेष विधान है। इस दिन अगर आप नया वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान या प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन विजय और शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखें:

मां अपराजिता पूजा मुहूर्त: 20 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 14 मिनट से दोपहर 3 बजकर 30 मिनट तक।

आयुध/शस्त्र पूजा मुहूर्त: 20 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से दोपहर 2 बजकर 45 मिनट तक।

विजयादशमी पर क्या करें और क्या है धार्मिक महत्व?

विजयादशमी का पर्व केवल उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि यह जीवन में धर्म और मर्यादा को स्थापित करने का संदेश देता है। इस दिन मां अपराजिता का ध्यान कर जीवन में हर क्षेत्र में विजय की कामना की जाती है। इसके साथ ही शमी के वृक्ष की पूजा की जाती है और शमी के पत्तों को ‘सोना’ मानकर अपनों में बांटकर आशीर्वाद लिया जाता है। विजयादशमी को अभूज मुहूर्त माना जाता है। इस दिन अपने काम में आने वाले उपकरणों, अस्त्र-शस्त्रों, गाड़ियों और व्यापारिक बही-खातों की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

बुराइयों के दहन का संकल्प

रावण दहन का प्रतीक हमें यह याद दिलाता है कि व्यक्ति चाहे कितना भी शक्तिशाली या विद्वान क्यों न हो, अहंकार, क्रोध और असत्य का अंत विनाशकारी ही होता है। इस दिन अपने अंदर की बुराइयों को त्याग कर सत्य और अच्छाई के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया जाता है।

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Happy Dussehra 2026 Wishes: विजयादशमी पर अपनों को भेजें ये 15 बेस्ट बधाई संदेश, कोट्स और WhatsApp स्टेटस

Happy Dussehra 2026 Wishes: असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक महापर्व विजयादशमी (दशहरा) इस साल देश भर में पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के मुताबिक साल 2026 में उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में मुख्य दशहरा पर्व 20 अक्टूबर मंगलवार को मनाया जा रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में दुर्गा पूजा की स्थानीय परंपराओं और उदयातिथि के आधार पर 21 अक्टूबर बुधवार को विजयादशमी मनाई जाएगी। त्योहारों के इस पावन अवसर पर लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं भेजकर सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं। अगर आप भी अपने परिवार, दोस्तों और प्रियजनों को व्हाट्सएप, फेसबुक या इंस्टाग्राम के जरिए बेहतरीन बधाई संदेश भेजना चाहते हैं तो यहां आपके लिए चुनिंदा शुभकामनाएं, कोट्स और स्टेटस दिए गए हैं।

विजयादशमी 2026: शुभ मुहूर्त और तिथियां

पंचांग के मुताबिक आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। श्रवण नक्षत्र का समय 19 अक्टूबर की दोपहर 3 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर 20 अक्टूबर की शाम 6 बजकर 2 मिनट तक रहा। उत्तर भारत में 20 अक्टूबर को अपराह्न काल में दशमी तिथि रहने के कारण मुख्य रूप से इसी दिन दशहरा मनाया जा रहा है, जबकि माता की विदाई परंपरा के अनुसार 21 अक्टूबर को होगी।

अपनों को भेजने के लिए 15 बेस्ट बधाई संदेश और शुभकामनाएं

1 – शुभ विजयादशमी! भगवान राम की कृपा से आपके जीवन में हमेशा अच्छाई की जीत हो और हर चुनौती में आपको सफलता मिले। आपको और आपके परिवार को दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं!

2- Happy Dussehra! असत्य पर सत्य की विजय का यह पर्व आपके जीवन में नई रोशनी, सकारात्मकता और अपार खुशियां लेकर आए।

3- मां दुर्गा और भगवान श्री राम के आशीर्वाद से आपके घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो। आप सभी को विजयादशमी की बहुत-बहुत बधाई!

4 – आइए इस दशहरे पर अपने अंदर के अहंकार, क्रोध और बुराइयों का दहन करें और नेकी के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। हैप्पी दशहरा 2026!

5- सफलता और समृद्धि की कामना: आपकी मेहनत रंग लाए और आपके जीवन में हर कार्य में सफलता व आर्थिक स्थिरता बनी रहे। आपको और आपके अपनों को दशहरा की शुभकामनाएं।

6- परिवार के लिए संदेश: मां दुर्गा और भगवान राम के आशीर्वाद से हमारा परिवार हमेशा एकजुट, खुशहाल और स्वस्थ रहे। आप सभी को विजयादशमी की मंगलकामनाएं!

7- धैर्य, सत्य और साहस ही मनुष्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। विजयादशमी का यह पवित्र पर्व आपके जीवन में नई शुरुआत लेकर आए।

8 – नया सवेरा, नई शुरुआत: पुरानी चिंताओं को पीछे छोड़कर विश्वास और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ें। आपको दशहरा की ढेरों बधाइयां!

9 – हर चुनौती एक नया अवसर लेकर आती है। भगवान राम आपको हर बाधा से लड़ने का साहस दें। Happy Dussehra 2026!

10 – आपके जीवन का हर अंधकार दूर हो और आपका भविष्य उम्मीदों और उजालों से जगमगा उठे। विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं!

WhatsApp Status के लिए

1 – अधर्म का नाश हो, धर्म की रक्षा हो, हर दिल में श्रीराम का वास हो। आप सभी को दशहरा की शुभकामनाएं!

2 – आपके और आपके परिवार के लिए यह पावन पर्व उत्तम स्वास्थ्य, सौभाग्य और ढेरों खुशियां लेकर आए। शुभ दशहरा!

3- रिश्तों में प्यार बढ़े, आपसी सौहार्द बना रहे और हर तरफ खुशहाली हो। विजयादशमी के इस पावन दिन पर यही कामना है।

4- हर बुराई को हराकार अच्छाई को अपनाने का दिन है दशहरा। आइए मिलकर इस पर्व को धूमधाम से मनाएं। Happy Vijayadashami!

5 – भगवान श्रीराम आपको बुद्धि, बल और पराक्रम प्रदान करें ताकि आप जीवन की हर कठिनाई पर विजय प्राप्त कर सकें। दशहरा की शुभकामनाएं!

प्रेरणादायक कोट्स (Inspirational Quotes for Dussehra)

  • सत्य को अपना मार्ग बनाएं और दयालुता को अपनी ताकत बनाएं।
  • भय जब आपका नियंत्रण छोड़ देता है, तभी वास्तविक साहस की शुरुआत होती है।
  • अहंकार और बुराई पर विजय पाना ही जीवन की सबसे बड़ी जीत है।
  • हर चुनौती इंसान को अंदर से मजबूत और बेहतर बनने का अवसर देती है।
  • आप इन संदेशों और कोट्स को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या मैसेजिंग ऐप्स के जरिए शेयर करके अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ इस पावन पर्व की खुशियां बांट सकते हैं।

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दशहरा 2026 वाहन पूजा मुहूर्त: कार और बाइक पूजा का सबसे शुभ समय, नोट कर लें सही विधि

आज 20 अक्टूबर को देश भर में दशहरा यानी विजयादशमी मनाई जा रही है। आज के दिन भगवान राम ने रावण पर जीत हासिल की थी। दशहरे पर नई गाड़ी खरीदना और अपनी कार-बाइक की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। कहते हैं इससे सफर सुरक्षित रहता है। अगर आप भी आज अपनी गाड़ी की पूजा करने वाले हैं तो शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि यहाँ जान लें।

कार या बाइक की पूजा इस तरह करें

पंचांग के अनुसार आज पूजा के लिए ये समय शुभ है:

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 1:59 से 2:45 बजे तक
  • अपराह्न मुहूर्त: दोपहर 1:14 से 3:30 बजे तक
  • दशमी तिथि: 20 अक्टूबर दोपहर 12:50 से 21 अक्टूबर दोपहर 2:11 बजे तक

ध्यान दें, हर शहर के पंचांग में समय थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए अपने शहर का समय जरूर देख लें।

पूजा के लिए रखें ये सामग्री

पूजा के लिए ये सामान पहले से तैयार रख लें।

  • रोली, कुमकुम, हल्दी
  • अक्षत यानी साबुत चावल
  • फूल और गेंदे की माला
  • धूप और घी का दीया
  • मौली या कलावा
  • नारियल, नींबू
  • फल या मिठाई का प्रसाद

कार-बाइक की पूजा कैसे करें?

  1.  सबसे पहले अपनी गाड़ी को अच्छे से धोकर साफ करें।
  2.  गाड़ी को साफ और खुली जगह पर खड़ा करें।
  3.  भगवान गणेश को याद करके पूजा शुरू करें।
  4.  गाड़ी के आगे रोली से स्वस्तिक बनाएं और टायरों पर तिलक लगाएं।
  5.  गाड़ी पर फूल-अक्षत चढ़ाएं और माला लगाएं। चाबी या हैंडल पर मौली बांध दें।
  6.  धूप-दीया जलाकर आरती करें और प्रसाद चढ़ाएं।

कुछ लोग नजर उतारने के लिए नींबू का भी इस्तेमाल करते हैं, पर ये जरूरी नहीं है।

दशहरे पर गाड़ी की पूजा क्यों करते हैं?

दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार है। इसलिए इस दिन नई चीजों की शुरुआत शुभ मानी जाती है। इसी वजह से लोग इस दिन गाड़ी और अपने काम के औजारों की पूजा करते हैं।

रावण दहन का समय

आज शाम रावण दहन का शुभ समय 5:47 से 8:21 बजे तक है। इसमें 5:47 से 6:12 बजे तक का समय सबसे अच्छा माना गया है। आपके शहर में रावण दहन का समय स्थानीय आयोजन के हिसाब से अलग हो सकता है।

DDA Awas Nivesh scheme: डीडीए के 2516 फ्लैटों पर 25% का बंपर डिस्काउंट, 20 अक्टूबर से बुकिंग शुरू, जानें कीमत और बाकी डिटेल्स

DDA Awas Nivesh scheme: अगर आप घर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। दशहरे के मौके पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने आवास निवेश योजना 2026 की शुरुआत की है। इस योजना के तहत नरेला में लो इनकम ग्रुप (LIG) लोगों के लिए 2,516 फ्लैट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन फ्लैटों की कीमत पर 25 फीसदी की छूट दी जाएगी। इन फ्लैट की शुरुआती कीमत 14.95 लाख रुपये रखी गई है। इस योजना का मकसद लोगों को कम कीमत पर दिल्ली में अपना घर खरीदने का मौका देना है। दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन में इस योजना को शुरू किया गया है। इस योजना का मकसद लोगों को सस्ते घर उपलब्ध कराना है। आइए जानते है इस योजना के बारे में सबकुछ

कब से शुरू होगी ऑनलाइन बुकिंग

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की आवास निवेश योजना 2026 के तहत फ्लैट खरीदने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इस योजना की शुरुआत 8 अक्टूबर 2026 को हुई थी और इसके लिए रजिस्ट्रेशन 14 अक्टूबर से शुरू हो चुका है। फ्लैटों की बुकिंग 20 अक्टूबर 2026 को दशहरे के दिन दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। DDA की इस योजना के तहत फ्लैटों की बुकिंग ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर की जाएगी। इस योजना का लाभ लेने के इच्छुक लोग 31 जनवरी 2027 तक आवेदन और बुकिंग की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

नरेला में कहां मिलेंगे फ्लैट

DDA की इस योजना में सभी फ्लैट दिल्ली के नरेला इलाके के सेक्टर G2 से G6 के बीच पॉकेट 3 और पॉकेट 6 में स्थित हैं। कुल 2,516 फ्लैटों में से 1,020 पॉकेट 3 में और 1,496 पॉकेट 6 में उपलब्ध हैं। प्रत्येक फ्लैट का प्लिंथ एरिया करीब 49.90 वर्ग मीटर है, जिसमें साझा इस्तेमाल वाले हिस्से भी शामिल हैं। 25 फीसदी छूट के बाद पॉकेट 3 के फ्लैट की अनुमानित कीमत 15.01 लाख रुपये और पॉकेट 6 के फ्लैट की कीमत करीब 14.95 लाख रुपये रखी गई है।

कितना लगेगा रजिस्ट्रेशन फीस

DDA आवास निवेश योजना 2026 के लिए इच्छुक लोग डीडीए की आधिकारिक वेबसाइट https://eservices.dda.org.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और फ्लैट बुक कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है, ताकि आवेदकों को आसानी हो और काम में पारदर्शिता बनी रहे। योजना के तहत एक फ्लैट बुक करने के लिए 1 लाख रुपये जमा करने होंगे। वहीं, पोर्टल पर पहली बार रजिस्ट्रेशन कराने वाले आवेदकों को 2,500 रुपये की फीस देनी होगी, जो वापस नहीं की जाएगी। जिन लोगों ने पहले ही DDA के आवास पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है, उन्हें दोबारा पंजीकरण करने की जरूरत नहीं है।

DDA आवास निवेश योजना 2026 के तहत फ्लैट बुक करने से पहले आवेदक DDA की वेबसाइट पर उपलब्ध ब्रोशर में जरूरी नियम और शर्तें पढ़ सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1800 110 332 पर संपर्क किया जा सकता है। इस योजना का उद्देश्य लोगों को सस्ते घर उपलब्ध कराना और नरेला के विकास को बढ़ावा देना है।

Dussehra 2026: साल में एक बार खुलता है कानपुर का 136 साल पुराना मंदिर, रावण की होती है पूजा

Dussehra 2026: पूरे भारत में दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है, जहां भगवान राम की जीत को दर्शाने के लिए रावण के पुतले जलाए जाते हैं। लेकिन कानपुर का एक मंदिर इससे बिल्कुल अलग परंपरा का पालन करता है। यहां लंका के दस सिरों वाले राजा को जलाया नहीं जाता, बल्कि उनकी पूजा की जाती है।

शिवाला इलाके में स्थित 135 साल पुराना ‘दशानन मंदिर’ रामायण के मुख्य खलनायक रावण को समर्पित है। यहां भगवान शिव के प्रति उनकी भक्ति और उनके ज्ञान के लिए उन्हें सम्मान दिया जाता है। यह मंदिर साल में केवल एक दिन यानी दशहरे के मौके पर ही भक्तों के लिए खुलता है। यह इस त्योहार से जुड़ी सबसे अनोखी धार्मिक परंपराओं में से एक है।

जहां कानपुर का बाकी हिस्सा शाम को होने वाले रावण दहन की तैयारी कर रहा है, वहीं सुबह के समय मंदिर परिसर का माहौल कुछ अलग ही होता है। यहां भक्त प्रार्थना करने, तेल के दीपक जलाने और “लंकापति नरेश रावण की जय” का नारा लगवाने के लिए इकट्ठा होते हैं—वे एक ऐसे व्यक्तित्व को नमन करते हैं, जिसे यहां बिल्कुल अलग नज़रिए से याद किया जाता है।

दशानन मंदिर कानपुर में रावण की पूजा क्यों की जाती है?

माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 1890 में महाराज गुरु प्रसाद शुक्ला ने करवाया था। वे पड़ोसी उन्नाव जिले के रहने वाले थे और भगवान शिव के परम भक्त थे। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर रावण की शिव-भक्ति, उसकी बुद्धिमत्ता और उसके ज्ञान के सम्मान में स्थापित किया गया था।

शिवाला में कैलाश मंदिर परिसर के भीतर स्थित दशानन मंदिर, दशहरे की प्रचलित कथा से बिल्कुल अलग एक तस्वीर पेश करता है। जहां दशहरा भगवान राम की रावण पर जीत का प्रतीक है, वहीं इस मंदिर की परंपरा रावण के जीवन के एक दूसरे पहलू पर ध्यान दिलाती है- एक विद्वान और भगवान शिव के सच्चे भक्त के रूप में उसकी पहचान।

इस मंदिर की एक खास विशेषता यहां मौजूद रावण की पांच फुट ऊंची प्रतिमा है। ज्यादातर मंदिरों की मूर्तियों से अलग, यह प्रतिमा साल के ज्यादातर समय ढकी रहती है और इसे केवल दशहरा के दिन ही खोला जाता है। मंदिर की स्थानीय परंपरा के अनुसार बाकी 364 दिन यह प्रतिमा ढकी रहती है, जो रावण के कैद में रहने के समय को दर्शाती है।

विजयादशमी के दिन मंदिर के दरवाजे खुलते हैं और भक्त यहां आशीर्वाद लेने आते हैं। वे अक्सर बुद्धि, शक्ति और ज्ञान के लिए प्रार्थना करते हैं। इस मौके पर एक विशेष आरती की जाती है। यह रस्म छोटी है, लेकिन बहुत अनोखी है। दशहरा की सुबह प्रार्थना और विशेष आरती के लिए मंदिर जल्दी खुल जाता है। दिन भर की रस्मों के बाद मंदिर के दरवाजे फिर से बंद हो जाते हैं और प्रतिमा अगली विजयादशमी तक वापस ढकी हुई अवस्था में आ जाती है।

यहां आने वाले भक्तों के लिए दशहरा सिर्फ रावण की हार को याद करने का दिन नहीं है। यह लंकापति रावण से जुड़े ज्ञान, भक्ति और उनके व्यक्तित्व की जटिलताओं पर विचार करने का भी एक अवसर है।

Maha Ashtami & Maha Navami 2026: शारदीय नवरात्रि में कब होगी महा अष्टमी और महा नवमी? जानें तारीख, पूजा मुहूर्त और पारण का समय

Maha Ashtami & Maha Navami 2026: हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्री के पर्व का विशेष स्थान है। यह पव हर साल अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व के आठवें दिन यानी अश्विन शुक्ल अष्टमी तिथि को महा अष्टमी और अश्विन शुक्ल नवमी तिथि को महा नवमी का पर्व मनाया जाता है। नौ दिनों तक मां दुर्गा की उपासना करने वाले सभी भक्त इन दिनों में कन्या पूजन, उपवास और विशेष अनुष्ठान आदि का आयोजन करते हैं। शारदीय नवरात्री के नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। आइए जानें इस साल महा अष्टमी और महा नवमी का पर्व किस दिन मनाया जाएगा? इस वर्ष शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ संपन्न होगी।

19 अक्टूबर को होगी महाष्टमी की पूजा

इस वर्ष अष्टमी तिथि का आरंभ 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:27 बजे होगा और इसका समापन 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:51 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार 19 अक्टूबर को अष्टमी मानी जाएगी। इसलिए जिन लोगों के यहां अष्टमी के दिन विशेष पूजा, हवन या कन्या पूजन की परंपरा है, वे 19 अक्टूबर को यह अनुष्ठान कर सकते हैं। अगर आप अष्टमी का व्रत रखते हैं तो 19 अक्टूबर को व्रत रखें और विधि-विधान से मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा करें।

महा अष्टमी 2026 कन्या पूजन समय

कन्या पूजन या कन्या भोजन कराने वाले लोग भी 19 अक्टूबर को अष्टमी तिथि के दौरान यह अनुष्ठान कर सकते हैं। कोशिश करें कि अष्टमी से जुड़े पूजा-पाठ और कन्या पूजन सुबह 10:51 बजे से पहले कर लिया जाए। कुछ परिवारों में महाष्टमी के दिन कुलदेवी या मां चामुंडा की पूजा रात के समय की जाती है। ऐसे परिवार 18 अक्टूबर की रात को अष्टमी तिथि लगने के बाद अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा कर सकते हैं।

महानवमी 2026 कब है?

19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे अष्टमी तिथि समाप्त होगी और इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। इसलिए 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे के बाद महानवमी की पूजा, हवन और कन्या पूजन किया जा सकता है। अगर आपके परिवार में नवमी के दिन कन्या पूजन करने की परंपरा है, तो आप 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे के बाद कन्या पूजन और हवन कर सकते हैं। 19 अक्टूबर को महाअष्टमी और महानवमी दोनों का कन्या पूजन किया जा सकता है।

20 अक्टूबर को भी कर सकते हैं नवमी का कन्या पूजन

जो श्रद्धा उदया तिथि को विशेष महत्व देते हैं, वे 20 अक्टूबर को भी महानवमी की पूजा और कन्या पूजन कर सकते हैं। हालांकि, इस दिन नवमी तिथि दोपहर 12:50 बजे तक ही रहेगी। इसलिए 20 अक्टूबर को नवमी के अनुसार पूजा, हवन और कन्या पूजन करने वाले श्रद्धालुओं को दोपहर 12:50 बजे से पहले यह अनुष्ठान पूरा कर लेना चाहिए। इस तरह, जो लोग उदया तिथि को मानते हैं, वे 20 अक्टूबर को भी महानवमी की पूजा और कन्या पूजन कर सकते हैं।

महानवमी का व्रत कब रखें और पारण कब करें?

महानवमी का व्रत 19 अक्टूबर को व्रत रख सकते हैं। नवमी के दिन मां दुर्गा की पूजा करें और पूरे दिन व्रत रखें। व्रत का पारण अगले दिन यानी विजयादशमी के दिन करना उचित माना जाता है।

संधि पूजा का शुभ मुहूर्त

इस वर्ष संधि पूजा का मुहूर्त 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:27 बजे से 11:15 बजे तक रहेगा। यह कुल 48 मिनट का समय होगा। अष्टमी के अंतिम 24 मिनट और नवमी के शुरुआती 24 मिनट को मिलाकर कुल 48 मिनट का यह समय संधि काल कहलाता है। इसी दौरान संधि पूजा की जाती है। शास्त्रों में संधि काल को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी समय मां दुर्गा ने चामुंडा स्वरूप धारण करके चंड और मुंड नामक असुरों का संहार किया था। इसी वजह से संधि पूजा में मां दुर्गा के चामुंडा स्वरूप की विशेष आराधना की जाती है। मान्यता है कि इस विशेष समय में मां चामुंडा की पूजा करने से देवी की कृपा प्राप्त होती है।

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Dussehra 2026: कब मनाया जाएगा इस साल दशहरा? जानें तारीख, समय, विजय मुहूर्त और महत्व

Dussehra 2026: दशहरा का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह भगवान राम की रावण पर जीत के साथ-साथ देवी दुर्गा की महिषासुर पर जीत से भी जुड़ा है।इसे विजयदशमी के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व इस साल मंगलवार, 20 अक्टूबर, 2026 को मनाया जाएगा। द्रिक पंचांग के अनुसार, अश्विन शुक्ल दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे शुरू होगी और 21 अक्टूबर, 2026 को दोपहर 2:11 बजे खत्म होगी।

दशहरा 2026 की तारीख और समय

दशहरा/विजयादशमी : मंगलवार, 20 अक्टूबर, 2026

दशमी तिथि शुरू : 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे

दशमी तिथि खत्म : 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे

विजय मुहूर्त : शहर के हिसाब से अलग-अलग

नई दिल्ली विजय मुहूर्त : दोपहर 1:59 बजे से दोपहर 2:45 बजे

मुंबई विजय मुहूर्त : दोपहर 2:19 बजे से दोपहर 3:06 बजे

कोलकाता बंगाल विजयदशमी : बुधवार, 21 अक्टूबर

कोलकाता अपरान्ह पूजा : दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 2:49 बजे

क्यों अलग-अलग होती है दशहरा की तारीख?

भारत के ज़्यादातर हिस्सों में, विजयदशमी 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। हालांकि, बंगाल में, बिजॉय दशमी बुधवार, 21 अक्टूबर को इलाके के दुर्गा पूजा कैलेंडर के हिसाब से मनाई जाएगी। 20 अक्टूबर और 21 अक्टूबर के बीच अंतर मुख्य रूप से क्षेत्रीय परंपराओं और स्थानीय पंचांग की गणना की वजह से है।

दशहरा 2026 पर विजय मुहूर्त क्या है?

विजय मुहूर्त को पारंपरिक रूप से दशहरा से जुड़े कुछ रीति-रिवाजों और औपचारिकताओं के लिए एक शुभ समय माना जाता है।

नई दिल्ली : 20 अक्टूबर को दोपहर 1:59 PM–2:45 PM

मुंबई : 20 अक्टूबर को दोपहर 2:19 PM–3:06 PM

कोलकाता : 20 अक्टूबर को दोपहर 1:17 PM–2:03 PM

दशहरा क्यों मनाया जाता है?

पूरे भारत में दशहरा के कई धार्मिक और सांस्कृतिक मतलब हैं।

भगवान राम की रावण पर जीत : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजयदशमी भगवान राम की राक्षस राज रावण पर जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस घटना को अधर्म पर धर्म की जीत के तौर पर याद किया जाता है। इसलिए दशहरा के मौके पर पारंपरिक तौर पर मेघनाद और कुंभकर्ण के साथ रावण के बड़े पुतले जलाए जाते हैं।

देवी दुर्गा की महिषासुर पर जीत : विजयदशमी देवी दुर्गा की महिषासुर, भैंसे जैसे राक्षस पर जीत से भी जुड़ी है। पूर्वी भारत, खासकर बंगाल, ओडिशा और असम में, यह दिन दुर्गा पूजा के खत्म होने और देवी दुर्गा की विदाई से जुड़ा है।

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