UP IMD Rain Alert: यूपी में 4 दिन तक होगी आफत वाली मूसलाधार बारिश! इन जिलों में 60 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

UP IMD Rain Alert: उत्तर प्रदेश में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) लखनऊ के पूर्वानुमान के मुताबिक, 24 से 27 सितंबर के बीच UP के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होगी। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की है।

आज से बदलेगा मौसम, इन जिलों में भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के मुताबिक, 24 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। तेज सतही हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। इस दौरान झोंकों में इनकी गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

24 सितंबर को प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और अंबेडकर नगर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

25 सितंबर को बढ़ेगा बारिश का असर

25 सितंबर को मौसम और एक्टिव हो सकता है। बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर और अयोध्या समेत आसपास के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

वहीं, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, अंबेडकर नगर समेत कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने बताया कि हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। जबकि झोंकों में गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

26 सितंबर को भी नहीं मिलेगी राहत

  • 26 सितंबर को बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और बाराबंकी में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
  • इसके अलावा आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महराजगंज, हरदोई, लखनऊ, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
  • इस दिन भी गरज-चमक और बिजली के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है। झोंकों में हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

27 सितंबर को पश्चिमी यूपी की ओर बढ़ेगा असर

  • 27 सितंबर को बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में भारी बारिश की संभावना है।
  • इस दौरान देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा और मुरादाबाद समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

28 सितंबर से राहत के संकेत

  • मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 28 सितंबर को किसी विशेष चेतावनी का उल्लेख नहीं है। हालांकि कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रह सकती है। यानी लगातार कई दिनों की बारिश के बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है।

बिजली और तेज हवाओं को लेकर भी अलर्ट

  • बारिश के साथ सबसे बड़ी चिंता आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर है। 24 से 27 सितंबर के बीच कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की झोंकेदार हवाओं की संभावना जताई गई है।
  • तेज हवाओं से पेड़, कमजोर ढांचे, कच्चे मकान और झोपड़ियां प्रभावित हो सकती हैं। बिजली व्यवस्था और सड़क यातायात पर भी असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है।

बारिश से इन इलाकों में बढ़ सकता है जलभराव

  • भारी बारिश के कारण निचले इलाकों और अंडरपास में पानी भरने, स्थानीय नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है। लगातार बारिश की स्थिति में कमजोर और पुरानी इमारतों को भी नुकसान का खतरा बढ़ सकता है। सड़क और रेल यातायात पर भी स्थानीय स्तर पर असर पड़ने की संभावना है।
  • मौसम विभाग ने लोगों को जलभराव वाले इलाकों, उफनते नालों और नदियों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश के दौरान वाहन चलाते समय दृश्यता कम होने और सड़क पर फिसलन को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

किसानों के लिए भी खास सलाह

  • लगातार बारिश और तेज हवाओं का असर खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। गन्ना, धान, मक्का, अरहर, मूंगफली, तिल, उड़द-मूंग और सब्जियों समेत कई फसलों में जलभराव और तेज हवा से नुकसान की आशंका है।
  • किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने, जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने और तेज हवाओं के दौरान सिंचाई रोकने की सलाह दी गई है। केले, पपीते और आम के नए पौधों को सहारा देने तथा लंबी फसलों को गिरने से बचाने के उपाय करने को कहा गया है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

  • मौसम विभाग के अनुसार, आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़, जलस्रोत और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखना जरूरी है। तेज बारिश या गरज-चमक के दौरान सुरक्षित पक्के भवन के अंदर रहना बेहतर है।
  • बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और जलभराव वाली सड़कों या पुलों को पार करते समय विशेष सावधानी बरतें।

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Cyclone Arnab threat: ओडिशा-आंध्र तट से टकराया ‘अर्नब’ तूफान! इन राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, स्कूलों में छुट्टी का ऐलान, पुरी में बरसात शुरू

Cyclone Arnab threat: बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव अब उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट के बेहद करीब पहुंच गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, यह सिस्टम 23 सितंबर की रात विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच, कलिंगपट्टनम के दक्षिण-पश्चिम के करीब तट पार करने की स्थिति में पहुंच गया था। इसके प्रभाव से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में बेहद खराब परिस्थितियों का खतरा बना हुआ है।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों से ‘अर्नब’ तूफान के टकराने की खबर है। IMD ने बताया कि ‘अर्नब’ तूफान के कारण ओडिशा में हो रही बारिश की तीव्रता बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में कोरापुट जिले के सेमिलीगुडा में सबसे अधिक 230 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। पुरी में कई हिस्सों में तेज बारिश हो रही है।

तट के बेहद करीब पहुंचा डीप डिप्रेशन

IMD के बुलेटिन के अनुसार, डीप डिप्रेशन उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास कलिंगपट्टनम से करीब 30 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम, विशाखापत्तनम से करीब 90 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व और गोपालपुर से करीब 160 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित था। वेदर सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रही थी। अगले कुछ घंटों में विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को पार करने की संभावना जताई गई थी।

ओडिशा में सबसे ज्यादा असर की आशंका

ओडिशा के दक्षिणी और तटीय हिस्सों में पहले से ही भारी बारिश हो रही है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य प्रशासन ने कई जिलों में एहतियाती कदम उठाए हैं। दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों में IMD ने भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। दक्षिणी तट पर समुद्र की स्थिति भी बहुत खराब से अत्यधिक खराब रहने की चेतावनी दी गई थी।

इन जिलों में रेड अलर्ट और भारी बारिश का खतरा

ओडिशा के दक्षिणी जिलों में बारिश को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पहले जारी पूर्वानुमानों में कोरापुट, गजपति और गंजाम में भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। इसके अलावा कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। IMD के अलर्ट के बाद राज्य प्रशासन ने कई जिलों के कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रखा है। संभावित जलभराव, बाढ़, भूस्खलन और मिट्टी खिसकने जैसी घटनाओं को देखते हुए राहत और बचाव की तैयारियां बढ़ाई गई हैं।

ओडिशा में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद

खराब मौसम को देखते हुए ओडिशा के कई जिलों में स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार खुर्दा, जगतसिंहपुर, गंजाम, गजपति, पुरी, कोरापुट, नबरंगपुर और मलकानगिरी समेत प्रभावित जिलों में 24 सितंबर तक शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने का आदेश दिया गया है। हालांकि, स्कूल बंद रहने के बावजूद कई जगहों पर शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को अपने तैनाती वाले जिले में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रशासनिक और राहत कार्यों में मदद मिल सके।

‘चिल्का झील’ में फेरी सेवा भी रोकी गई

मौसम खराब होने और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चिल्का झील में सतपड़ा-जाह्निकुड़ा के बीच फेरी सेवा को भी अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि खराब मौसम के दौरान संवेदनशील इलाकों में लोगों की आवाजाही कम से कम हो। तटीय क्षेत्रों में समुद्र में जाने पर भी रोक और चेतावनी जारी की गई है। पुरी में समुद्र तटों पर लाल झंडे लगाए गए हैं। समुद्र में स्नान पर प्रतिबंध लगाया गया था।

आंध्र प्रदेश में भी तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा

डीप डिप्रेशन का सबसे सीधा प्रभाव उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों पर पड़ रहा है। सिस्टम के कलिंगपट्टनम और विशाखापत्तनम के बीच से गुजरने के कारण तटीय जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की स्थिति बनी हुई है। IMD के तटीय मौसम बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के आसपास तेज हवाएं चलने और समुद्र के बहुत खराब स्थिति में रहने की चेतावनी दी गई थी। 24 सितंबर की शाम तक हवाओं के झोंके करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई थी। ऐसे में तटीय इलाकों में लोगों को समुद्र से दूर रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा गया है।

क्या यह ‘साइक्लोन अर्नब’ है?

‘बंगाल की खाड़ी’ में बने इस सिस्टम को लेकर सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में ‘साइक्लोन अर्नब’ नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन यहां स्थिति को सही तरीके से समझना जरूरी है। IMD के अनुसार, 23 सितंबर को यह सिस्टम डीप डिप्रेशन था और इसके तट पार करने का पूर्वानुमान भी डीप डिप्रेशन के रूप में दिया गया था।

‘Arnab’ नाम उस क्षेत्र के अगले चक्रवाती तूफान के लिए नामों की सूची में है। यह नाम बांग्लादेश ने दिया है और इसका अर्थ बंगाली में ‘समुद्र’ बताया गया है। इसलिए जब तक IMD किसी सिस्टम को आधिकारिक तौर पर चक्रवाती तूफान घोषित नहीं करता। उसे सीधे ‘साइक्लोन अर्नब’ कहना सही नहीं होगा।

बाढ़ और भूस्खलन को लेकर प्रशासन अलर्ट

ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और मिट्टी खिसकने की आशंका भी बनी हुई है। मलकानगिरी समेत कई जिलों में प्रशासन ने बचाव दलों को तैयार रखा है। संवेदनशील स्थानों पर भारी मशीनरी तैनात की गई है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है।

आगे क्या रहेगा मौसम का हाल?

डीप डिप्रेशन के तट पार करने के बाद भी इसके प्रभाव से ओडिशा और आंध्र प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है। खासकर तटीय और दक्षिणी ओडिशा तथा उत्तर आंध्र प्रदेश के इलाकों में अगले चरण में भी तेज बारिश और हवाओं पर नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग (IMD), लगातार सिस्टम की दिशा और तीव्रता पर नजर बनाए हुए है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे समुद्र, नदियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइंस का पालन करें।

देश के दूसरे हिस्सों पर भी असर

इस मौसम प्रणाली का प्रभाव केवल तटीय ओडिशा और आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रह सकता। पूर्वी भारत के कुछ अन्य हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे पहले के पूर्वानुमानों में तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश की संभावना जताई गई थी। फिलहाल, सबसे ज्यादा निगाह उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा पर है, जहां डीप डिप्रेशन के तट पार करने के दौरान भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र की खराब स्थिति का खतरा बना हुआ है।

कल का मौसम: 24 सितंबर को इन 4 राज्यों में एक्स्ट्रीम हैवी बारिश का अलर्ट, 75 kmph से आएगा तूफान! IMD ने जारी की चेतावनी

IMD Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम गतिविधियों ने उग्र और भयावह रूप ले लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार 24 सितंबरके लिए मौसम का बहुत बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक 24 सितंबर को छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में मौसम का प्रचंड तांडव देखने को मिलेगा। इन चारों राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा समुद्र में 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और कई अन्य राज्यों में तेज बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग द्वारा 24 सितंबर के लिए जारी बुलेटिन के मुताबिक छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में बादल आफत बनकर बरसेंगे। इन चारों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं। इसके साथ ही इन चारों राज्यों छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले थंडरस्कवॉल (आंधी-तूफान) का अलर्ट जारी किया गया है। मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं के कारण निचले इलाकों में गंभीर जलभराव और नदी-नालों में उफान आने का बड़ा खतरा जताया गया है।

बिहार, झारखंड, विदर्भ और बंगाल में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

देश के पूर्वी और मध्य भागों में भी मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड, विदर्भ और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन राज्यों में दिन भर बादलों का कड़ा पहरा रहेगा और कई जिलों में रुक-रुक कर मूसलाधार पानी गिरेगा।

यूपी, एमपी, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भारी बारिश का अनुमान

देश के कई दूसरे राज्यों में भी तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम व मेघालय, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और मराठवाड़ा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधी और बिजली कड़कने की चेतावनी

मौसम विभाग ने तटीय और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा, महाराष्ट्र और रायलसीमा में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।

वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर सिर्फ गरज-चमक और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और तेलंगाना में अलग अलग तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

समुद्र में 75 kmph का तूफान: तटीय इलाकों के लिए भीषण अलर्ट

समुद्री क्षेत्रों में मौसमी प्रणालियों के कारण स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। मौसम विभाग ने तटीय इलाकों और समुद्र में तेज तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया है। पश्चिम-मध्य और उससे सटी उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तूफानी हवाएं चलेंगी। इसकी रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

उत्तर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी के निकटवर्ती क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। दक्षिणी ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और यणम के तटीय इलाकों में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक जाने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश व यणम के तटों पर 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जहां झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

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बंगाल की खाड़ी में बना रहा ‘अर्नब’ चक्रवात? ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बंगाल में भारी बारिश-तूफान का खतरा, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना मौसम सिस्टम जल्द ही तटीय इलाकों में अपना असर दिखा सकता है। IMD के मुताबिक, यह सिस्टम लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसके जल्द ही और मजबूत होने की संभावना है। इसके बाद यह डीप डिप्रेशन (गहरा दबाव) में बदल सकता है और आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट को पार कर सकता है।

इससे पहले सोमवार को मौसम विभाग ने बताया था कि पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन ‘डीप डिप्रेशन’ में बदल सकता है।

IMD ने कहा, “पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन पिछले 6 घंटों में 18 किमी/घंटा की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा और आज, 22 सितंबर 2026 को सुबह 8:30 बजे (IST) उसी इलाके में 17.9°N अक्षांश और 86.0°E देशांतर के पास केंद्रित था। यह गोपालपुर (ओडिशा) से लगभग 200 किमी दक्षिण-पूर्व, कलिंगपटनम (आंध्र प्रदेश) से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, पुरी (ओडिशा) से 210 किमी दक्षिण और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 290 किमी पूर्व में स्थित था।”

IMD ने आगे कहा, “इसके अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और पश्चिम-मध्य व उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक गहरे डिप्रेशन (deep depression) में बदलने की बहुत संभावना है।” साथ ही, यह भी बताया गया कि इस सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने कहा कि इस सिस्टम के बुधवार रात और गुरुवार तड़के विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तटों को ‘डीप डिप्रेशन’ के रूप में पार करने की संभावना है।

इसका नाम ‘अर्नब’ कब रखा जाएगा?

उत्तरी हिंद महासागर में चक्रवाती तूफानों के नामों की सूची के अनुसार, इस क्षेत्र में बनने वाले अगले चक्रवात का नाम ‘अर्नब’ रखा जाएगा।

‘अर्नब’ का मतलब बंगाली भाषा में ‘समुद्र’ होता है। यह नाम बांग्लादेश ने दिया है। यह नाम विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से तैयार की गई क्षेत्रीय उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की नामकरण सूची में शामिल है।

आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम और विजयनगरम के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। 22-23 सितंबर को इन दोनों जिलों और पार्वतीपुरम मन्यम में कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा, अल्लूरी सीताराम राजू, अनाकापल्ली और विशाखापत्तनम जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है, जबकि कई अन्य जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

23 और 24 सितंबर को श्रीकाकुलम, विजयनगरम, पार्वतीपुरम मान्यम और अल्लूरी सीताराम राजू में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश हो सकती है। वहीं, अनकापल्ली, विशाखापत्तनम, काकीनाडा, ईस्ट गोदावरी और एलुरु में भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है। सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। इसके अलावा पेड़ और बिजली के खंभे गिरने, बिजली-पानी की सप्लाई प्रभावित होने और नालियों के जाम होने का खतरा भी है। कुछ जगहों पर जलाशयों या बांधों के टूटने की आशंका भी जताई गई है।

प्रशासन ने लोगों को बेवजह बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही सड़क, रेल और हवाई यातायात को जरूरत के हिसाब से नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। राहत और बचाव दलों के साथ बिजली और पानी विभागों को भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

यह मौसम संबंधी एडवाइजरी 22 सितंबर 2026 को दोपहर 1 बजे जारी की गई।

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UP Homeguard PET: यूपी में कल होगी होमगार्ड भर्ती पीईटी परीक्षा, अब तक डाउनलोड नहीं किया है एडमिट कार्ड तो आधिकारिक वेबसाइट पर देखें

UP Homeguard PET: उत्तर प्रदेश पुलिस में होमगार्ड के 41,424 पदों पर भर्ती के लिए जरूरी शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) लंबे इंतजार के बाद कल यानी 15 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। बार-बार टलने के बाद परीक्षा की तारीख सामने आने से इसमें शामिल होने का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को काफी राहत मिली है। इस परीक्षा का आयोजन यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) की ओर से किया जाएगा। राज्य में जारी लगातार बारिश और कई परीक्षा केंद्रों पर जलभराव की स्थिति को देखते हुए इस परीक्षा को कई बार टालना पड़ा था।

यूपी होमगार्ड भर्ती 2026 प्रक्रिया के तहत रिकॉर्ड की स्क्रूटनी, डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन और शारीरिक मानक परीक्षण (DV/PST) में सफल करीब एक लाख अभ्यर्थी अब फिजिकल एफिसिएंसी टेस्ट में शामिल होंगे। इस परीक्षा के लिए यूपीपीआरपीबी ने संशोधित प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को पुराने एडमिट कार्ड के बजाय संशोधित एडमिट कार्ड डाउनलोड करना होगा। बोर्ड के अनुसार, नए एडमिट कार्ड 13 सितंबर 2026 को जारी किए जा चुके हैं। अभ्यर्थी इसे यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे संशोधित एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उसे डाउनलोड कर लें और उसमें दर्ज सभी विवरणों की जांच करें।

परीक्षा केंद्र पर समय से करें रिपोर्ट

यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड के अनुसार, होमगार्ड्स के पदों पर एनरोलमेंट-2025 के तहत रिकॉर्ड की स्क्रूटनी और DV/PST में सफल उम्मीदवारों की शारीरिक दक्षता परीक्षा 15 सितंबर से शुरू होगी। अभ्यर्थियों को अपने एडमिट कार्ड पर दिए गए परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग टाइम और अन्य जरूरी निर्देशों को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचना जरूरी होगा।

खराब मौसम बना पीईटी टलने का कारण

होमगार्ड भर्ती का पीईटी पहले 14 सितंबर को आयोजित किया जाना था। मगर राज्य के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश और परीक्षा स्थलों पर जलभराव के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा 15 सितंबर से आयोजित होगी। इससे पहले भी खराब मौसम और बारिश के चलते शारीरिक दक्षता परीक्षा दो बार स्थगित की जा चुकी है। परीक्षा से संबंधित किसी भी नए अपडेट के लिए अभ्यर्थी केवल यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।

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14 सितंबर का मौसम: गुजरात में बहुत भारी बारिश का अलर्ट! दिल्ली, पंजाब और तेलंगाना समेत इन राज्यों में भी होगी झमाझम बारिश

IMD Rain Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 सितंबर के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान और बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक पश्चिमी भारत के गुजरात में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है। वहीं उत्तर भारत के दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दक्षिण भारत के तेलंगाना व केरल समेत देश के कई राज्यों में झमाझम बारिश और आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और तटीय इलाकों में तूफानी स्थिति बने रहने की चेतावनी जारी की है।

गुजरात में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

14 सितंबर को गुजरात राज्य में बारिश का सबसे अधिक जोर रहेगा। मौसम विभाग ने जारी बुलेटिन में स्पष्ट किया है कि गुजरात के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही राज्य के कई हिस्सों में बादल गरजने और आकाशीय बिजली चमकने की प्रबल संभावना है।

दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना और MP समेत 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, पूर्वी राजस्थान और पश्चिम मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और केरल व माहे के विभिन्न हिस्सों में भारी जलभराव और वर्षा के आसार हैं। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी पानी बरसने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, राजस्थान और दक्षिण भारत में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज तूफानी हवाओं का पूर्वानुमान जताया है। आंध्र प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

दिल्ली-NCR, बिहार, बंगाल और ओडिशा में बिजली कड़कने और आंधी का अनुमान

देश के विस्तृत हिस्सों में थंडरस्टॉर्म और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली हवाओं का असर रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, झारखंड, केरल व माहे, ओडिशा, पंजाब, तेलंगाना तथा पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक की संभावना है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

समुद्र में तूफानी हवाएं: गुजरात और महाराष्ट्र तटों के लिए मौसम विभाग की हिदायत

तटीय इलाकों और समुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से स्थितियां प्रतिकूल बनी रहेंगी। उत्तर-पूर्वी अरब सागर से सटे गुजरात तट और पूर्व-मध्य अरब सागर से लगे उत्तरी महाराष्ट्र तट पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा, जहां हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

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सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती हैं। मौसम विभाग ने खराब समुद्री स्थिति को देखते हुए मछुआरों को तटीय क्षेत्रों और समंदर में जाने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

कल का मौसम: 14 सितंबर को गुजरात में मूसलाधार बारिश का तांडव! दिल्ली-NCR से राजस्थान-MP इन 15 राज्यों में भी आफत की बारिश

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 सितंबर के मौसम को लेकर ताजा बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग की ओर से देश के 15 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। गुजरात में जहां भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है, वहीं उत्तर भारत के दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से लेकर मध्य भारत के मध्य प्रदेश तक बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक कई इलाकों में आंधी-तूफान के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जबकि तटीय क्षेत्रों और समुद्र में तेज हवाओं का प्रकोप बना रहेगा।

गुजरात में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

14 सितंबर को पश्चिमी भारत का गुजरात राज्य मौसमी आफत का मुख्य केंद्र रहने वाला है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि गुजरात राज्य के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही राज्य में कई जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने और कड़कने की भी आशंका जताई गई है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, राजस्थान और MP सहित इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

गुजरात के अलावा देश के दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी जलभराव और मूसलाधार पानी बरसने के आसार हैं।

इसी तरह पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश तथा असम व मेघालय में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और केरल व माहे के अलग-अलग क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

आंध्र प्रदेश और दक्षिण भारत में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक आंध्र प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में धरातल पर तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

दिल्ली-NCR, बिहार और बंगाल समेत कई राज्यों में बिजली कड़कने और आंधी का अनुमान

देश के विस्तृत भूभाग में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ थंडरस्टॉर्म का असर देखा जाएगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, झारखंड, केरल व माहे, ओडिशा, पंजाब, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की गति से आंधी चलने का अलर्ट है।

इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।

समुद्र में स्थिति चिंताजनक: गुजरात और महाराष्ट्र तटों पर मछुआरों के लिए अलर्ट

तटीय इलाकों और समंदर में चक्रवाती हवाओं के जोर के कारण स्थितियां खतरनाक बनी रहेंगी। सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

उत्तर-पूर्वी अरब सागर से लगे गुजरात तट और पूर्व-मध्य अरब सागर से लगे उत्तरी महाराष्ट्र तट पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा, जहां हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकते हैं। खराब मौसम को देखते हुए समुद्र में जाने वाले मछुआरों को विशेष एहतियात बरतने की हिदायत दी गई है।

कल का मौसम: 12 सितंबर को इन 16+ राज्यों में बारिश का तांडव! बंगाल-बिहार से तमिलनाडु-आंध्र तक आंधी-तूफान का भी अलर्ट

September 12 Weather Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 12 सितंबर के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए देश के 16 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बने वेदर सिस्टम्स की वजह से देश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां बेहद उग्र रहने वाली हैं। उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर दक्षिण भारत के तटीय इलाकों तक भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक कई राज्यों में बिजली गिरने के साथ-साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की प्रबल आशंका जताई गई है।

देश के 16 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 12 सितंबर को मध्य भारत में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश, जबकि पश्चिमी भारत में गुजरात क्षेत्र, कोंकण और गोवा और महाराष्ट्र के अलग अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर भारत में उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का दौर बना रहेगा। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी भारी जलभराव और मूसलाधार पानी बरसने के आसार हैं।

तटीय आंध्र प्रदेश में थंडरस्क्वाल का खतरा, तमिलनाडु से विदर्भ तक तेज हवाएं

मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश के लिए विशेष रूप से गंभीर चेतावनी जारी की है, जहां अलग-अलग जगहों पर थंडरस्क्वाल आने का अनुमान है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी झोंके चल सकते हैं। दक्षिण और मध्य भारत के दूसरे हिस्सों में भी तूफानी हवाओं का असर रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और विदर्भ में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

बिहार, झारखंड, बंगाल और राजस्थान में बिजली कड़कने और आंधी की आशंका

पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में भी आंधी-तूफान का असर देखा जाएगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम के अलग-अलग इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं।

आंध्र प्रदेश और केरल में उमस भरा मौसम, समुद्र में स्थिति खतरनाक

एक तरफ जहां देश के बड़े हिस्से में बारिश का तांडव देखने को मिलेगा, वहीं तटीय आंध्र प्रदेश और केरल व माहे के कुछ अलग-अलग जगहों पर टेंप्रेचर में उछाल के साथ गर्म और अत्यधिक उमस भरा मौसम बने रहने की संभावना है। समुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के जोर की वजह से स्थितियां खतरनाक बनी रहेंगी। अरब सागर में सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी में उत्तरी आंध्र प्रदेश तट और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके आने की आशंका है। खराब समुद्री स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने तटीय और गहरे समुद्र में जाने वाले मछुआरों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

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Delhi Weather: दिल्ली में झमाझम बारिश से मौसम सुहाना, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट, अगले 2 दिन भी नहीं मिलेगी राहत

Delhi Weather: शुक्रवार को दिल्ली के कई हिस्सों में अचानक तेज बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और दिन चढ़ने के साथ राजधानी के कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई। कहीं हल्की फुहारें पड़ीं तो कुछ इलाकों में तेज बारिश देखने को भी मिली। वहीं, बारिश के बाद लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दिल्ली के कई हिस्सों में अगले कुछ घंटों के दौरान मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। यानी फिलहाल राजधानी में बारिश से राहत मिलने के आसार कम हैं।

राजधानी में रेड अलर्ट जारी

मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए IMD ने जिला स्तर पर रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। खासकर बारिश के दौरान खुले इलाकों, जलभराव वाली सड़कों और ट्रैफिक वाले रास्तों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, शुक्रवार शाम को भी दिल्ली के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

दिल्लीवालों के लिए अच्छी बात यह है कि बारिश का यह दौर सिर्फ शुक्रवार तक सीमित नहीं रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों यानी रविवार तक राजधानी में बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी दिल्ली के मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। लोगों को घर से निकलने से पहले मौसम का अपडेट जरूर देख लेना चाहिए।

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कल का मौसम: 11 सितंबर को इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट, यूपी से लेकर बिहार-बंगाल तक आंधी-तूफान का खतरा

IMD rain alert for September 11: देशभर में अलग अलग मानसूनी प्रणालियों के असर से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 सितंबर के लिए मौसम की विस्तृत रिपोर्ट जारी करते हुए देश के तीन प्रमुख राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की गंभीर चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में आंधी-तूफान, गरज-चमक और झोंकेदार हवाओं के असर की आशंका भी जताई गई है।

ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तटीय आंध्र प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 11 सितंबर को छत्तीसगढ़, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मुसलाधार से लेकर बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और मौसमी दबाव की वजह से इन तीनों राज्यों के कई क्षेत्रों में भारी जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में तेज बारिश

बहुत भारी बारिश वाले इन 3 प्रमुख राज्यों के अलावा देश के एक बड़े हिस्से में झमाझम बारिश की स्थिति बनी रहेगी। IMD ने उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों केरल (माहे सहित), तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश औरर असम और मेघालय में भी अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

तटीय आंध्र प्रदेश में थंडरस्क्वाल, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

11 सितंबर को कई राज्यों में बारिश के साथ-साथ तूफानी हवाओं का भयंकर तांडव देखने को मिल सकता है। तटीय आंध्र प्रदेश में मौसम विभाग ने थंडरस्क्वाल की चेतावनी जारी की है। यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और धूलभरी आंधी आने की आशंका है। इसके अलावा पूरे आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन के समय तेज सतही हवाएं चलेंगी। इसी तरह विदर्भ, मराठवाड़ा, ओडिशा, रायलसीमा और तमिलनाडु (पुडुचेरी और कराईकल सहित) में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं।

यूपी, बिहार, झारखंड और बंगाल में बिजली गिरने और आंधी की आशंका

उत्तर और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में भी 11 सितंबर को मौसम गड़बड़ हो सकता है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने, बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों, पेड़ों या बिजली के खंभों के पास न रुकने की सलाह दी है।

बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में स्थिति खराब, मछुआरों को चेतावनी

समुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती और मानसूनी हवाओं की तीव्रता काफी अधिक रहने वाली है। उत्तर-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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उधर अरब सागर में सोमालिया तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. इसकी स्पीड 65 किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर को छू सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और खराब स्थिति को देखते हुए मछुआरों को इन तटीय इलाकों और गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

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