कल का मौसम: 3 सितंबर को मूसलाधार आफत! यूपी, विदर्भ और बंगाल में बहुत भारी बारिश, इन राज्यों में आंधी-बिजली का अलर्ट

IMD Weather Forecast for September 3: देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 सितंबर के लिए मौसम की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 3 सितंबर को देश के कई राज्यों में मध्यम से लेकर अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने, बादलों की गर्जना और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में बेहद भारी बारिश, यूपी, विदर्भ और बंगाल में अलर्ट

मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 3 सितंबर का दिन मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहने वाला है। IMD के बुलेटिन के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ बेहद भारी बारिश होने की पूरी आशंका जताई गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विदर्भ (महाराष्ट्र) और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इन राज्यों में बारिश की वजह से निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा बढ़ गया है।

दिल्ली, बिहार, पंजाब और हिमाचल समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के एक बड़े हिस्से में 3 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश होने का अनुमान है। पूर्वी और मध्य भारत के बिहार, छत्तीसगढ़, और पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का प्रकोप

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली और तेज आंधी को लेकर भी चेतावनी जारी की है। आंध्र प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने, आंधी आने और बिजली चमकने का पूर्वानुमान है।

तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बिजली गिरने की आशंका है। इसके अलावा बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं चलने का भी अनुमान जताया गया है।

समुद्र में खराब रहेगा मौसम, मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह

तटीय और समुद्री क्षेत्रों में 3 सितंबर को हवाओं का रुख बेहद तेज रहेगा। अरब सागर में सोमालिया तट के पास और उससे सटे, पश्चिम-मध्य एवं दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

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बंगाल की खाड़ी में मन्नार की खाड़ी से लगे दक्षिण तमिलनाडु तट और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक के झोंके आने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने समुद्र में जाने वाले मछुआरों को इन इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी है।

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Video: भगवान को अकेला नहीं छोड़ सकता… चित्रकूट बाढ़ के बीच भावुक करने वाला नजारा! DM-SP जोड़ते रहे हाथ फिर भी मंदिर से नहीं निकले पुजारी

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में बाढ़ के बीच सामने आई एक तस्वीर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ गया और कई इलाकों में पानी भर गया। इसी दौरान एक मंदिर में मौजूद पुजारी ने वहां से निकलने से इनकार कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए समझाया, लेकिन वह अपनी जगह से हटने को तैयार नहीं हुए। पुजारी का कहना था कि वह अपने आराध्य को अकेला छोड़कर नहीं जा सकते। बाढ़ के बीच उनका यह फैसला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

वीडियो देखने के बाद लोग उनकी आस्था और समर्पण की बात कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जता रहे हैं। दूसरी ओर, प्रशासन लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चला रहा है। जलस्तर बढ़ने से रामघाट समेत कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।

चारों तरफ पानी, मंदिर में क्या हुआ?

लगातार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से चित्रकूट के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। इसी दौरान प्रशासन की टीम बाढ़ प्रभावित मंदिरों का जायजा लेने पहुंची। एक मंदिर में पुजारी मौजूद मिले। अधिकारियों ने उन्हें बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने मंदिर छोड़ने से इनकार कर दिया।

अधिकारियों ने पुजारी को क्यों समझाया?

बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। इसी वजह से अधिकारियों ने मंदिर में मौजूद पुजारी की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें वहां से निकलने के लिए कहा। प्रशासन की कोशिश प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने की है।

चित्रकूट में बिगड़े बाढ़ के हालात

मंदाकिनी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण रामघाट समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। निर्मोही अखाड़ा और टेम्पो स्टैंड के आसपास भी पानी पहुंच गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।

रामघाट में 400 से ज्यादा दुकानें प्रभावित

बाढ़ का असर स्थानीय कारोबार पर भी पड़ा है। रामघाट और आसपास की 400 से अधिक दुकानें पानी में डूबने की जानकारी सामने आई है। करीब 20 से 25 होटल भी प्रभावित बताए जा रहे हैं। दुकानदारों और स्थानीय लोगों के सामने कारोबार के साथ रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर भी परेशानी खड़ी हो गई है।

लोगों की आवाजाही भी हुई मुश्किल

जलभराव के कारण सामान्य रास्तों से आवाजाही प्रभावित हुई है। कई लोगों को कामदगिरि परिक्रमा मार्ग के आसपास हाथ ठेलों की मदद लेनी पड़ रही है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाढ़ ने स्थानीय जनजीवन को किस तरह प्रभावित किया है।

वीडियो वायरल होने के बाद छिड़ी चर्चा

पुजारी और प्रशासन के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। जहां कुछ लोग इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कुछ यूजर्स का कहना है कि बाढ़ जैसी स्थिति में सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाना चाहिए।

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Weather Update: यूपी, बिहार, झारखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-मुंबई में भी बरेसेंगे बादल, IMD ने जारी किया अपडेट

Weather Update: मंगलवार, 1 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, मुंबई और कोलकाता में भी बारिश हो सकती है, जबकि दिल्ली में दोपहर और शाम के समय हल्की बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक, अगस्त महीने में देश में औसत से 16 फीसदी कम बारिश हुई।

दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में बारिश का दिन

दिल्ली में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और दोपहर व शाम के समय कई जगहों पर हल्की बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है। रात में तापमान 25°C से 27°C और दिन में 34°C से 36°C के बीच रहने का अनुमान है।

आने वाले दिनों में भी दिल्ली में बारिश जारी रह सकती है। IMD ने 3 से 5 सितंबर के बीच दिल्ली और पड़ोसी राज्यों हरियाणा और पंजाब में व्यापक बारिश का अनुमान लगाया है।

मुंबई में भी बारिश जारी रहने की संभावना है, क्योंकि कोंकण और गोवा क्षेत्र में 6 सितंबर तक व्यापक बारिश का अनुमान है। IMD को उम्मीद है कि मंगलवार को भी इस क्षेत्र में बारिश जारी रहेगी। हालांकि, बुलेटिन में मुंबई के लिए अलग से कोई खास अनुमान नहीं दिया गया है।

वहीं, कोलकाता और गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में मंगलवार को भारी बारिश हो सकती है। IMD ने 31 अगस्त और 1 सितंबर को गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में भारी बारिश और क्षेत्र के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चलने का भी अनुमान लगाया है।

देश के बाकी हिस्सों का मौसम

मंगलवार को भुवनेश्वर और ओडिशा के दूसरे इलाकों में भारी बारिश का सबसे ज्यादा खतरा है। IMD ने ओडिशा में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। बता दें कि जैसे-जैसे मौसम का सिस्टम जमीन की ओर बढ़ेगा, राज्य में कहीं-कहीं बहुत ज्यादा भारी बारिश भी हो सकती है।

हैदराबाद और तेलंगाना के दूसरे हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है, साथ ही आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। हवा की रफ्तार 30-40 किमी/घंटा हो सकती है और झोंके 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकते हैं।

मंगलवार को बेंगलुरु में छिटपुट बारिश होने की संभावना है, क्योंकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आम तौर पर हल्की लेकिन लगातार बारिश का दौर जारी है।

चेन्नई और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में 2 सितंबर तक छिटपुट बारिश हो सकती है, साथ ही आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। हवा की रफ्तार 40-50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है और कुछ इलाकों में हवा के झोंके और भी तेज हो सकते हैं।

मध्य और पूर्वी भारत में भारी बारिश का दायरा बढ़ा

मंगलवार को सबसे ज्यादा चिंता ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश को लेकर है। IMD ने इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर तक बारिश जारी रहने की संभावना है। वहीं, छत्तीसगढ़ पर खास तौर पर ज्यादा खतरा है, क्योंकि वहां 1 सितंबर को कहीं-कहीं बहुत ज्यादा बारिश होने का अनुमान है।

भारी बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव हो सकता है, निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है और संवेदनशील जगहों पर सड़क व रेल यातायात में रुकावट आ सकती है। IMD ने अगले 24 घंटों में छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ (flash floods) का कम से मध्यम खतरा भी बताया है।

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नोएडा सेक्टर 148 और 150 को जोड़ने के लिए एक्सप्रेसवे पर बनेगा नया फ्लाईओवर, संकरे अंडरपास से मिलेगी मुक्ति, फुल डिटेल जानिए

Noida News: राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए नोएडा अथॉरिटी ने एक अहम योजना तैयार की है। नोएडा सेक्टर-148 और सेक्टर-150 को जोड़ने के लिए करीब 500 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 85 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसका उद्देश्य एक्सप्रेसवे के दोनों ओर स्थित सेक्टरों के बीच आवाजाही आसान करना और मौजूदा संकरे अंडरपास पर वाहनों का दबाव कम करना है।

148 से 150 के बीच बनेगा 500 मीटर का फ्लाईओवर

नोएडा अथॉरिटी एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित सेक्टर-148, 149, 150, 151, 152 और 153 के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने की तैयारी में है। प्रस्तावित फ्लाईओवर करीब 500 मीटर लंबा होगा और मुख्य रूप से सेक्टर-148 तथा सेक्टर-150 को आपस में जोड़ेगा। अथॉरिटी ने इस परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 85 करोड़ रुपये बताई गई है।

मौजूदा अंडरपास बना परेशानी का कारण

फिलहाल, इस एक्सप्रेसवे के नीचे बने अंडरपास के जरिए आसपास के सेक्टरों के लोग एक तरफ से दूसरी तरफ आते-जाते हैं। लेकिन यह अंडरपास काफी संकरा है। खासकर सुबह और शाम के पीक आवर्स में यहां वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है।

समस्या सिर्फ जाम तक सीमित नहीं है। मानसून के दौरान अंडरपास में पानी भरने से आवाजाही और ज्यादा प्रभावित होती है। ऐसे में फ्लाईओवर बनने के बाद स्थानीय वाहन चालकों को अंडरपास पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साथ ही एक्सप्रेसवे के दोनों ओर आने-जाने के लिए एक वैकल्पिक और सीधा रास्ता उपलब्ध होगा।

करीब 2 लाख लोगों को होगा फायदा

अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक इस परियोजना से आसपास के सेक्टरों में रहने वाले करीब दो लाख लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा आसपास के करीब 20 गांवों के लोगों के लिए भी स्थानीय आवागमन आसान होगा। फ्लाईओवर का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्थानीय ट्रैफिक को एक्सप्रेसवे के नीचे बने संकरे अंडरपास से गुजरने की मजबूरी कम होगी। इससे पीक आवर्स में जाम की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है।

स्पोर्ट्स सिटी में बढ़ने वाली गतिविधियों को ध्यान में रखकर फैसला

नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक, सेक्टर-150 में स्पोर्ट्स सिटी से जुड़े विकास कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में यहां खेल सुविधाओं और अन्य परियोजनाओं के विकसित होने के साथ ट्रैफिक का दबाव बढ़ने की संभावना है। इसी को देखते हुए अथॉरिटी ने अभी से कनेक्टिविटी मजबूत करने की योजना बनाई है। नोएडा अथॉरिटी के जनरल मैनेजर ए.के. अरोड़ा ने बताया कि क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास को ध्यान में रखते हुए सेक्टर-148 और सेक्टर-150 को जोड़ने वाला फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया गया है।

स्पोर्ट्स सिटी की परियोजनाओं को भी मिली राहत

इसी बीच नोएडा जनरल मैनेजर बोर्ड ने स्पोर्ट्स सिटी के संशोधित लेआउट को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही वर्ष 2022 में स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं पर लगाया गया व्यापक प्रतिबंध भी हटा दिया गया है।इस फैसले से लंबे समय से अटके प्रोजेक्टों में फंसे करीब 20,000 होमबायर्स को अपने फ्लैटों का कब्जा और रजिस्ट्री मिलने की उम्मीद जगी है।

यह कदम नवंबर 2025 में जारी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में उठाया गया है। इससे उन परियोजनाओं से जुड़े नक्शे की मंजूरी, बिल्डिंग प्लान के दोबारा सत्यापन और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जैसी प्रक्रियाओं का रास्ता साफ हुआ है, जो लंबे समय से अटकी हुई थीं।

एक्सप्रेसवे पर पहले से हैं दो प्रमुख फ्लाईओवर

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर फिलहाल महामाया फ्लाईओवर और सेक्टर-128 का फ्लाईओवर प्रमुख क्रॉस-एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी देते हैं। प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर करने के लिए कई अंडरपास भी बनाए हैं। इनमें सेक्टर-94, कोंडली गांव, एडवांट और सेक्टर-148 के अंडरपास शामिल हैं। इसके अलावा झट्टा और सुल्तानपुर गांव में भी अंडरपास का निर्माण कार्य चल रहा है।

फ्लाईओवर से स्थानीय ट्रैफिक को मिलेगा सीधा रास्ता

नए फ्लाईओवर के बनने के बाद नोएडा के प्रमुख सेक्टर-148 और 150 के बीच आने-जाने वाले गाड़ियों को मौजूदा संकरे अंडरपास से होकर गुजरने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाएगी। इससे जाम, मानसून में जलभराव और पीक आवर्स में ट्रैफिक दबाव जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है। नोएडा में एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से हो रहे आवासीय और कमर्शियल डेवलपमेंट के बीच यह फ्लाईओवर भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक को देखते हुए एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट साबित हो सकता है।

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IMD Weather Update: अगले 24 घंटों में आसमान से होगी आफत की बारिश! IMD का अलर्ट, 18 राज्यों में होगी भारी बरसात

IMD Weather Update: पिछले कुछ दिनों से देश के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला बना हुआ है। वहीं राज्यों के लोगों को अभी बारिश से राहत नहीं मिलने वाली है। अब मौसम विभाग ने आने वाले कुछ घंटों के लिए नया अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार समेत 18 राज्यों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है। बारिश के साथ कई इलाकों में 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। इसके अलावा कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। आईएमडी ने मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम का असर पूर्वी और मध्य भारत में दिख सकता है। कई राज्यों में तेज बारिश के साथ जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा है। तेज हवाओं से पेड़ और कमजोर ढांचे भी प्रभावित हो सकते हैं। आइए जानते हैं कैसा होगा आज का मौसम

इन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग ने आने वाले समय के लिए कई राज्यों में बारिश को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान अचानक बाढ़ की स्थिति बनने का खतरा है। इसके अलावा पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल समेत कई राज्यों में हल्की से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम बिगड़ सकता है। लोगों को भारी बारिश के दौरान जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कैसा होगा यूपी-दिल्ली का मौसम

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में मौसम अगले कुछ दिनों तक बदला हुआ नजर आ सकता है। राजधानी दिल्ली में आज आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, जबकि आने वाले दिनों में हल्की बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। वहीं उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर तेज होने की उम्मीद है। पूर्वी और पश्चिमी यूपी के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को बारिश और आंधी के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

Heavy Rain Alert: कहीं भारी बारिश तो कहीं लैंडस्लाइड का खतरा! IMD ने इन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

Weather Alert: देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ने वाला है। देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां तेज होने वाली है, जिससे आने वाले दिनों में कई राज्यों में मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, पूर्वी भारत में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है, वहीं पश्चिम बंगाल के आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी पंजाब के ऊपर चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हो रहा है, वहीं ओडिशा के पास कम दबाव का क्षेत्र बनने से आसपास के इलाकों में बारिश बढ़ सकती है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण कई राज्यों में बादल छाए रहने और अलग-अलग जगहों पर बारिश होने के आसार हैं

आईएमडी ने आज दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत 16 राज्यों के लिए बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में भारी बारिश के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में बारिश से भूस्खलन और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा है। कुछ जगहों पर ओले भी गिर सकते हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी मानने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन राज्यों में होगी तेज बारिश

मानसून की सक्रियता के चलते देश के कई राज्यों में मौसम बिगड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 30 अगस्त को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, हरियाणा समेत कई राज्यों में तेज बारिश और आंधी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भी बारिश के कारण परेशानी बढ़ सकती है। वहीं झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु में भी कई जगहों पर जोरदार बारिश होने की संभावना है। खासतौर पर पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है, जिससे लोगों को जलभराव और अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

दिल्ली में मौसम एक बार फिर बदलता हुआ नजर आ सकता है। राजधानी के कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। बारिश के दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। लोगों को बारिश और तेज हवा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार में 30 अगस्त को मौसम खराब रहने की संभावना है। यूपी के कई जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी चल सकती है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में फिर एक्टिव हुआ मानसून, इन 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दरअसल, निचले क्षोभमंडल में पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मानसूनी प्रवाह बढ़ा है। इसके चलते अगले कुछ दिनों में पूर्वी यूपी में बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। वहीं, पश्चिमी यूपी में अगस्त के बाकी दिनों में मानसूनी गतिविधियां सीमित रहने के बाद सितंबर के शुरुआती सप्ताह में बारिश बढ़ने की संभावना है।

पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक, 30 अगस्त तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 29 अगस्त से 30 अगस्त की सुबह तक भारी बारिश की ज्यादा संभावना वाले जिलों में चित्रकूट, प्रयागराज, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, बस्ती, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकर नगर शामिल हैं।

इसके बाद 30 से 31 अगस्त के दौरान सोनभद्र और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

31 अगस्त को इन जिलों में बारिश का ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार, 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर और जौनपुर समेत आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

यानी अगले कुछ दिनों में खासतौर पर पूर्वी यूपी के जिलों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।

2 सितंबर को पश्चिमी यूपी में भी बढ़ेगा बारिश का असर

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 2 सितंबर को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इससे पहले 29 अगस्त से 1 सितंबर तक पश्चिमी यूपी के लिए भारी बारिश की अलग चेतावनी नहीं है, लेकिन कई जगहों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

जलभराव और अचानक नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा

मौसम विभाग ने भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों और सुरंगों में जलभराव की आशंका जताई है। इसके अलावा मौसमी नदियों और नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही, कच्ची सड़कों पर फिसलन और कम दृश्यता के कारण यातायात भी प्रभावित हो सकता है।

वहीं, लोगों को अचानक बाढ़ की आशंका वाले इलाकों से दूर रहने और सुरक्षित या पक्के मकानों में रहने की सलाह दी गई है। नदियों और मौसमी नालों के आसपास भी सावधानी बरतने को कहा गया है।

किसानों के लिए भी अलर्ट

भारी बारिश और जलभराव का असर फसलों पर भी पड़ सकता है। IMD ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और बारिश के दौरान कुछ कृषि कार्यों से बचने की सलाह दी है। गन्ना, धान, मक्का, अरहर, मूंगफली, तिल, दलहन और सब्जियों जैसी फसलों में ज्यादा नमी से नुकसान और रोग बढ़ने की आशंका जताई गई है।

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IMD Heavy Rain Alert: मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट! यूपी-MP में आसमान से आफत, इन राज्यों में 3 सितंबर तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर खतरनाक रूप लेता दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा समेत कई राज्यों में आने वाले दिनों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का भी खतरा जताया गया है। पिछले 24 घंटे में ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21 सेंटीमीटर या उससे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। उत्तराखंड, मेघालय, मिजोरम और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बढ़ गया है।

यूपी-मध्य प्रदेश में फिर भारी बारिश की दस्तक

पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से 28 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उत्तर प्रदेश में भी 28 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार यह कम दबाव का क्षेत्र फिलहाल पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में मौजूद है, हालांकि अगले 24 घंटे में इसके कमजोर पड़ने की संभावना है।

मध्य प्रदेश में इन दिनों सतर्क रहें

पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 से 30 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। इसके बाद 2 और 3 सितंबर को भी बारिश का दौर जारी रह सकता है:-

  • पूर्वी मध्य प्रदेश में 29 अगस्त से 2 सितंबर तक कहीं-कहीं भारी बारिश होगी।
  • 28 अगस्त और 3 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश में 28 अगस्त तथा 2-3 सितंबर को भारी बारिश की आशंका है।
  • छत्तीसगढ़ में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
  • मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी सावधानी की जरूरत है।

ओडिशा में सबसे बड़ा खतरा! 30 अगस्त को बेहद भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के पास 29 अगस्त के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा में 28 से 31 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लेकिन 30 अगस्त को स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है, क्योंकि मौसम विभाग ने इस दिन अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है।

ओडिशा में 28-29 अगस्त और 31 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा राज्य में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है।

उत्तराखंड में भी लगातार बारिश का दौर जारी

उत्तराखंड में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। 28 से 30 अगस्त और फिर 2-3 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश की भी आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और सड़क संपर्क प्रभावित होने जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

बिहार में बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट

बिहार में आज यानी 28 अगस्त को मध्यम से गंभीर बिजली गतिविधि की संभावना जताई गई है। राज्य में 28 अगस्त से 1 सितंबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 28 अगस्त से 3 सितंबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है। झारखंड में भी 28 से 31 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

बंगाल और पूर्वोत्तर में भी मौसम बिगड़ेगा

पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी 28 अगस्त से 3 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र तक बारिश का असर

पिछले 24 घंटे में पूर्वी राजस्थान में 7-11 सेंटीमीटर, जबकि छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी इस दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत में बारिश अपेक्षाकृत कम, लेकिन तेज हवाओं का खतरा

मौसम विभाग ने बताया है कि प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं। फिर भी तटीय कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 28-29 अगस्त को तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 50-60 किमी प्रति घंटे तक झोंकों के साथ पहुंच सकती है।

मछुआरों के लिए भी समुद्र में जाने की मनाही जैसा अलर्ट

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्री परिस्थितियों को लेकर मछुआरों को चेतावनी दी है। बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बांग्लादेश के तटों के आसपास 29 अगस्त से 1 सितंबर के बीच मौसम खराब रहने की संभावना है। अंडमान सागर में भी तेज हवाओं और 50-70 किमी प्रति घंटे तक की थंडरस्क्वॉल की संभावना जताई गई है।

अगले कुछ दिन बेहद अहम

IMD के पूर्वानुमान से साफ है कि 28 अगस्त से 3 सितंबर तक देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। सबसे ज्यादा चिंता ओडिशा की है, जहां 30 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश का खतरा है। वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह है।

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आज का मौसम: रक्षाबंधन पर 28 अगस्त को यूपी-बिहार, ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट, इन 14 राज्यों के लिए IMD ने जारी की चेतावनी

IMD Weather Update on Raksha Bandhan: आज 28 अगस्त को देश भर में रक्षाबंधन का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। भाई-बहन के इस पवित्र पर्व के बीच मौसम का मिजाज कई राज्यों में रंग में भंग डाल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज के लिए मौसम की विस्तृत रिपोर्ट जारी करते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और ओडिशा सहित देश के 14 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं कई इलाकों में अंधड़, आंधी-तूफान और वज्रपात की आशंका जताई गई है। त्योहार पर यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, पूर्वोत्तर और मध्य भारत में बरसेगी आफत

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक आज ओडिशा के अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार और भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही पूर्वी भारत से लेकर मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश की गतिविधियां बेहद तीव्र रहने वाली हैं। आईएमडी के मुताबिक, आज 28 अगस्त को उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, पूर्वी मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने के आसार हैं। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन राज्यों में बारिश की वजह से निचले इलाकों में जलभराव और त्योहार की आवाजाही पर असर पड़ सकता है।

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अंधड़ और तेज हवाओं की चेतावनी, अंडमान में तूफानी हवा का अलर्ट

आज देश के कई राज्यों में बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं और अंधड़ लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मौसम सबसे ज्यादा तूफानी रहेगा। यहां पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल व सिक्किम, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और अंधड़ आ सकता है। आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक के इलाकों में दिन भर तेज सतह हवाएं चलने का अनुमान है।

आकाशीय बिजली का खतरा, उत्तर और मध्य भारत के इन इलाकों में सतर्कता बरतने की सलाह

मौसम विभाग ने पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने और गिरने को लेकर चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत में उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग अलग जगहों पर बिजली गिरने की संभावना है। इसी तरह मध्य भारत में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में आज गर्जना के साथ बिजली चमकने का अलर्ट रहेगा। पूर्वोत्तर के सभी सातों राज्यों (अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा) में भी आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम बना रहेगा। खराब मौसम और आकाशीय बिजली की स्थिति में IMD ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की अपील की है।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तूफानी समुद्री हवाएं, मछुआरों के लिए अलर्ट

समुद्र तटीय क्षेत्रों में तूफानी मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं दर्ज की जा सकती हैं, जिनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

वहीं बंगाल की खाड़ी में भी दक्षिण तमिलनाडु के तटीय इलाकों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है, जो 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इन प्रतिकूल समुद्री परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने और तटों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।

Aaj ka Mausam: आज तूफानी मौसम: आज यूपी-बिहार संग इन 15 राज्यों में IMD ने दिया भारी बारिश का अलर्ट, 40 kmph की रफ्तार से आएगा अंधड़

IMD Weather Update: देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून का उग्र रूप देखने को मिल रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 27 अगस्त के लिए मौसम का बुलेटिन जारी करते हुए देश के 13 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में तेज आंधी, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की चेतावनी जारी की गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। इसे लेकर स्थानीय प्रशासन और आम जनता को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तर भारत का मौसम: यूपी में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, उत्तराखंड और राजस्थान में बिजली कड़कने की चेतावनी

उत्तर भारत के राज्यों में आज मानसून काफी सक्रिय रहने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश में अलग अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। यूपी के कई जिलों में बारिश के चलते जलभराव और नदियों के जलस्तर पर असर पड़ सकता है। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड और पश्चिमी भारत के पूर्वी राजस्थान में आज अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों या खुले स्थानों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी है।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा में भारी बारिश और 40 kmph की रफ्तार से चलेगा अंधड़

पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों के लिए आज का दिन मौसम के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक आज बिहार, झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।

बारिश के साथ-साथ इन पूर्वी राज्यों में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने, अंधड़ आने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।

पूर्वोत्तर और मध्य भारत: असम, मेघालय, एमपी और छत्तीसगढ़ में बरसेगी आफत

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है। आईएमडी के अलर्ट के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में आज अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

इन सभी सातों पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की जा सकती हैं। मध्य भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आज भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा इन दोनों ही राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है।

दक्षिण भारत का हाल: केरल में भारी बारिश, आंध्र और तमिलनाडु में तेज हवाओं का प्रकोप

दक्षिण भारत में भी मानसूनी गतिविधियां जोर पकड़ रही हैं। केरल और माहे के अलग-अलग हिस्सों में आज भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। दक्षिण के अन्य राज्यों में तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अलग-अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।

अंडमान में तूफानी हवाएं, समुद्र में मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी

द्वीपीय इलाकों की बात करें तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आज 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। समुद्री क्षेत्रों में उथल-पुथल को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। अरब सागर में सोमालिया व ओमान तटों के साथ-साथ उत्तर, पूर्व-मध्य और पश्चिम-मध्य अरब सागर के कई हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे से लेकर 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है। आईएमडी ने मछुआरों को इन खतरनाक समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सख्त सलाह दी है।