IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसूनी बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 सितंबर को जारी ताजा वेदर बुलेटिन में एक नए और ताकतवर वेदर सिस्टम के एक्टिव होने की बड़ी चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक 11 सितंबर के आसपास पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से सटे उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तटों पर एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की पूरी संभावना है।
इस नए सिस्टम और देश के अलग-अलग हिस्सों में एक्टिव साइक्लॉनिक सर्कुलेशन की वजह से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और महाराष्ट्र समेत 10 से अधिक राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है।
बीते 24 घंटों का हाल: अंडमान और असम में रिकॉर्ड 20 सेमी तक बारिश
बीते 24 घंटों में देखें तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और असम में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और मिजोरम में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
एक्टिव वेदर सिस्टम: उत्तर प्रदेश से बंगाल की खाड़ी तक बने कई सिस्टम
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है। निचले ट्रोपोस्फीयर में पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बिहार के इस सिस्टम तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।
दक्षिण तेलंगाना से मन्नार की खाड़ी तक और उत्तरी हरियाणा के ऊपर भी अलग-अलग ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर साइक्लॉनिक सर्कुलेशन एक्टिव हैं। इन मौसमी प्रणालियों के बीच 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया लो-प्रेशर सिस्टम मानसूनी हवाओं को और अधिक बल देगा।
मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 10 से 14 सितंबर तक भारी बारिश
IMD के मुताबिक मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश में काफी तेजी देखने को मिलेगी। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 10 से 14 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बादल गरजने और बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश होगी। इस दौरान छत्तीसगढ़ में 10 से 14 सितंबर के बीच और पूर्वी मध्य प्रदेश में 12 व 13 सितंबर को भारी बारिश की आशंका है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 से 14 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी, जिसमें 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 12 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है जबकि 8 से 14 सितंबर तक छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा।
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा में 10 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वी भारत के राज्यों में 8 से 14 सितंबर के दौरान भारी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। ओडिशा में 10 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार यानी बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद 11 और 12 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी। 8 सितंबर को ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में तेज आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है। बिहार में 8 से 10 सितंबर और 14 सितंबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 सितंबर को और फिर 11 से 13 सितंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड में 9 से 11 सितंबर तक और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 8 और 12 से 14 सितंबर के बीच मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश में 12 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है जबकि 8, 9, 11, 13 और 14 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 8 से 12 सितंबर के बीच लगातार भारी बारिश और बिजली गिरने का सिलसिला बना रहेगा।
उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तराखंड में लगातार बारिश, मैदानी इलाकों में छिटपुट बौछारें
उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी राज्यों में मानसून का असर बना रहेगा। उत्तराखंड में 10 से 14 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर बारिश होगी और इस पूरे अंतराल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 13 और 14 सितंबर को व्यापक स्तर पर बारिश होगी। उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के बाकी हिस्सों में 14 सितंबर तक छिटपुट स्थानों पर बादलों की गर्जना और बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी।
पश्चिम और दक्षिण भारत: कोंकण, गुजरात और तटीय आंध्र प्रदेश में बिगड़ेगा मौसम
पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 8 से 14 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी जहां 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र में 12 और 13 सितंबर को और मध्य महाराष्ट्र में 13 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बंगाल की खाड़ी के नए सिस्टम का सीधा असर दिखेगा।
तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11 से 14 सितंबर के बीच तथा तेलंगाना में 11 से 13 सितंबर के बीच भारी बारिश होगी। केरल, माहे और तटीय कर्नाटक में 10 से 12 सितंबर के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु में 8 से 12 सितंबर तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही और झोंकेदार हवाएं चलेंगी।
गर्मी व उमस और मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी
मौसम विभाग ने 8 और 9 सितंबर को केरल व माहे में और 8 से 10 सितंबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश व यनम में मौसम के बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना जताई है। समुद्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए IMD ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है।
सोमालिया तट के पास और अरब सागर के हिस्सों में 13 सितंबर तक तथा ओमान तट के पास 11 सितंबर तक तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। वहीं अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के आसपास 10 से 13 सितंबर के दौरान स्थिति खराब रहेगी, इसलिए मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

