24 घंटे में उत्तर गुजरात-राजस्थान की तरफ बढ़ेगा वेदर सिस्टम, 14 सितंबर तक इन राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

IMD Heavy Rain Forecast: देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर से बेहद तेज हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी विदर्भ के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक यह मौसमी सिस्टम अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उससे सटे उत्तरी गुजरात के इलाकों की तरफ खिसकेगा। इसके असर से अगले 24 से 48 घंटों में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और कोंकण-गोवा सहित देश के कई राज्यों में अत्यंत भारी से मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई गई है।

मानसून ट्रफ इस समय अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर सक्रिय बनी हुई है। इसके साथ ही अरब सागर और मध्य प्रदेश से लेकर मन्नार की खाड़ी तक फैली ऊपरी हवाओं के चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के असर से पूरे मध्य, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम भारत में तेज हवाओं और बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

गुजरात और उत्तर मध्य महाराष्ट्र में अत्यंत भारी बारिश का संकट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक गुजरात क्षेत्र और उत्तर मध्य महाराष्ट्र में कुदरत का सबसे ज्यादा कहर देखने को मिल सकता है। 13 सितंबर को गुजरात रीजन और उत्तर मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान भी गुजरात में 30 सेंटीमीटर से अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।

इसके अलावा 14 सितंबर को गुजरात रीजन में और 13 से 14 सितंबर के दौरान सौराष्ट्र व कच्छ के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। कोंकण और गोवा के साथ मध्य महाराष्ट्र के इलाकों में भी 13 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। सौराष्ट्र व कच्छ में 15 सितंबर को भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत और राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम

कम दबाव के क्षेत्र का रुख दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उत्तर गुजरात की तरफ होने की वजह से पूर्वी राजस्थान में 13 और 14 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल में 73 डिग्री पूर्व देशांतर और 30 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसके असर से पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 13 से 17 सितंबर तक छिटपुट से लेकर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

हालांकि, इन मैदानी इलाकों में 16 और 17 सितंबर को व्यापक रूप से तेज बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ेंगी। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 13 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट है जबकि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 15 से 17 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

मध्य भारत और विदर्भ में बारिश का जोर

मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में मानसूनी सिस्टम पूरी तरह मेहरबान है। पश्चिम मध्य प्रदेश में 13 और 14 सितंबर को मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जबकि 15 से 19 सितंबर के बीच हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहेगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 13 सितंबर को तेज बारिश के आसार हैं।

विदर्भ में 13 से 15 सितंबर और छत्तीसगढ़ में 13 से 16 सितंबर तक अधिकांश स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। विदर्भ के अलग-अलग हिस्सों में 13 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है, जिसके बाद 16 से 19 सितंबर के दौरान बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आएगी।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी बरसेंगे बादल

पूर्वी भारत में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 13 से 19 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। बिहार में 15 से 17 सितंबर के बीच और ओडिशा में 14 से 17 सितंबर के दौरान भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 16 से 19 सितंबर तक मूसलाधार बारिश देखने को मिल सकती है।

पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम में बने ऊपरी हवा के चक्रवाती तंत्र के कारण अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 17 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश में 13 से 17 सितंबर और असम व मेघालय में 13 से 16 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण भारत में तेज हवाओं का अलर्ट, केरल में उमस भरा मौसम

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों, यानम और तेलंगाना में 13 सितंबर को व्यापक वर्षा और भारी बारिश होने के आसार हैं। केरल और माहे में 14 और 15 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ेगा, जबकि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 13 से 16 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु और तेलंगाना में 13 से 17 सितंबर के बीच 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट दिया है। वहीं केरल और माहे में 13 सितंबर को गर्म और बेहद उमस भरा मौसम रहने की संभावना जताई गई है।

मछुआरों के लिए समंदर में जाने पर चेतावनी

समुद्र में उठती ऊंची लहरों और तूफानी हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। उत्तर महाराष्ट्र तट से सटे अरब सागर में 13 सितंबर को और उत्तर-पूर्वी अरब सागर से सटे गुजरात तटों पर 16 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

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इसके अलावा सोमालिया तट और दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के इलाकों में 18 सितंबर तक स्थिति खतरनाक रह सकती है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्सों, अंडमान सागर और उससे सटे इलाकों में भी 15 से 18 सितंबर के दौरान मछुआरों को सतर्क रहने और गहरे समुद्र में जाने से बचने का निर्देश दिया गया है।

Zomato के ₹21 वाले ‘पे ऑन डिलीवरी फीस’ पर बवाल! क्या हर पेमेंट पर देना होगा एक्स्ट्रा चार्ज? यूजर्स के हर सवाल का मिल गया जवाब

Zomato Delivery Fee: ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) पर खाना ऑर्डर करने वाले कुछ ग्राहकों को अब ‘कैश ऑन डिलीवरी (COD)’ का ऑप्शन चुनने पर एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ सकता है। सोशल मीडिया पर एक ग्राहक की ओर से शेयर किया गया ऑर्डर बिल X पर वायरल होने के बाद इस कथित नए चार्ज को लेकर बहस छिड़ गई है। ग्राहक ने इसे ग्राहकों से पैसे वसूलने का एक और नया तरीका बताया है।

Zomato पर ‘कैश ऑन डिलीवरी’ के लिए एक्स्ट्रा चार्ज लगाए जाने की रिपोर्ट ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। जहां कुछ ग्राहक इसे अनावश्यक चार्ज बता रहे हैं। वहीं, दूसरे इसे कैश हैंडलिंग की लागत और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की रणनीति मान रहे हैं।

वायरल पोस्ट में दिखा ₹21 का अलग चार्ज

विवाद की शुरुआत तब हुई जब X पर @jassneetsingha नाम के यूजर ने अपने Zomato ऑर्डर का स्क्रीनशॉट शेयर किया। इसमें ‘Pay on Delivery Fee’ नाम से अलग से ₹21 का चार्ज दिखाई दे रहा था। यूजर के मुताबिक, उसने ऑर्डर की रकम डिलीवरी के समय कैश में देने का विकल्प चुना था। इसके लिए उससे 21 रुपये एक्स्ट्रा लिए गए।

पोस्ट में यूजर ने सवाल उठाया कि सिर्फ कैश से पेमेंट करने के लिए ग्राहकों से एक्स्ट्रा पैसा क्यों लिया जा रहा है? हालांकि, सूत्रों ने न्यूज 18 को बताया कि इसे Zomato के हर ग्राहक और हर ऑर्डर पर लागू होने वाला एक समान 21 रुपये का चार्ज मानना सही नहीं होगा। रिपोर्टों के अनुसार, चार्ज की राशि अलग-अलग हो सकती है।

₹850 के खाने पर लगा ₹21 का चार्ज

वायरल स्क्रीनशॉट में खाने का आइटम टोटल ₹850 था। इसके अलावा बिल में:-

Pay on Delivery Fee: ₹21

Platform Fee: ₹14

GST: ₹51

जैसे अलग-अलग चार्ज दिखाई दे रहे थे। यानी कैश ऑन डिलीवरी का चार्ज बिल में अलग लाइन आइटम के तौर पर जोड़ा गया।

क्या हर ऑर्डर पर लगेगा देना होगा 21 रुपये?

न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक कैश ऑन डिलीवरी के लिए लिया जाने वाला चार्ज हर ऑर्डर में समान नहीं हो सकता। कुछ मामलों में यह करीब ₹7.50 बताया गया है। जबकि कुछ ग्राहकों ने ₹21 तक का चार्ज देखने की बात कही है। कुछ रिपोर्टों में यह चार्ज ऑर्डर वैल्यू के करीब 2 प्रतिशत तक होने और अधिकतम ₹30 तक सीमित रहने का भी दावा किया गया है। हालांकि, चार्ज की वास्तविक राशि ऑर्डर और ग्राहक के हिसाब से अलग हो सकती है।

ऑनलाइन पेमेंट करने पर नहीं लगेगा यह चार्ज

रिपोर्टों के मुताबिक, यह एक्स्ट्रा चार्ज मुख्य रूप से Pay on Delivery यानी डिलीवरी के समय भुगतान करने वाले ऑर्डर पर दिखाई दे रहा है। वहीं, प्रीपेड/ऑनलाइन भुगतान वाले ऑर्डर पर यह चार्ज नहीं लगाया जा रहा है। कुछ ऑर्डर्स में ग्राहकों को ऑनलाइन पेमेंट करने पर एक्स्ट्रा चार्ज से बचने के लिए प्रोत्साहित करने वाला संदेश भी दिखाई देने की बात सामने आई है।

ग्राहकों में क्यों है नाराजगी?

कैश ऑन डिलीवरी पसंद करने वाले कुछ ग्राहक इस चार्ज से नाराज हैं। खासकर ऐसे ग्राहक जो डिलीवरी से पहले ऑनलाइन पेमेंट करने में सहज महसूस नहीं करते। इसके पीछे गलत या अधूरा ऑर्डर मिलने, डिलीवरी में देरी, रिफंड में परेशानी या कस्टमर सपोर्ट से जुड़ी दिक्कतों जैसी चिंताएं बताई जा रही हैं। वायरल पोस्ट पर कुछ यूजर्स ने Zomato का बचाव भी किया।

उनका कहना था कि यह कंपनी का बिजनेस मॉडल है। ग्राहक पर ऑर्डर करने की कोई मजबूरी नहीं है। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि कैश संभालने, कैश कलेक्शन और उससे जुड़े संभावित नुकसान को कम करने के लिए कंपनी यह चार्ज लगा सकती है। साथ ही, इससे ग्राहकों को डिजिटल पेमेंट की ओर बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चर्चा के दौरान कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने ग्राहकों को Zomato और Swiggy जैसी डिलीवरी सेवाओं का इस्तेमाल कम करने की सलाह दी। उनका सुझाव था कि ग्राहक सीधे रेस्टोरेंट से खाना मंगवाएं या खुद जाकर खाना ले आएं। इससे एक्स्ट्रा प्लेटफॉर्म और डिलीवरी चार्ज से बचा जा सकता है।