Zomato Delivery Fee: ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) पर खाना ऑर्डर करने वाले कुछ ग्राहकों को अब ‘कैश ऑन डिलीवरी (COD)’ का ऑप्शन चुनने पर एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ सकता है। सोशल मीडिया पर एक ग्राहक की ओर से शेयर किया गया ऑर्डर बिल X पर वायरल होने के बाद इस कथित नए चार्ज को लेकर बहस छिड़ गई है। ग्राहक ने इसे ग्राहकों से पैसे वसूलने का एक और नया तरीका बताया है।
Zomato पर ‘कैश ऑन डिलीवरी’ के लिए एक्स्ट्रा चार्ज लगाए जाने की रिपोर्ट ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। जहां कुछ ग्राहक इसे अनावश्यक चार्ज बता रहे हैं। वहीं, दूसरे इसे कैश हैंडलिंग की लागत और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की रणनीति मान रहे हैं।
वायरल पोस्ट में दिखा ₹21 का अलग चार्ज
विवाद की शुरुआत तब हुई जब X पर @jassneetsingha नाम के यूजर ने अपने Zomato ऑर्डर का स्क्रीनशॉट शेयर किया। इसमें ‘Pay on Delivery Fee’ नाम से अलग से ₹21 का चार्ज दिखाई दे रहा था। यूजर के मुताबिक, उसने ऑर्डर की रकम डिलीवरी के समय कैश में देने का विकल्प चुना था। इसके लिए उससे 21 रुपये एक्स्ट्रा लिए गए।
पोस्ट में यूजर ने सवाल उठाया कि सिर्फ कैश से पेमेंट करने के लिए ग्राहकों से एक्स्ट्रा पैसा क्यों लिया जा रहा है? हालांकि, सूत्रों ने न्यूज 18 को बताया कि इसे Zomato के हर ग्राहक और हर ऑर्डर पर लागू होने वाला एक समान 21 रुपये का चार्ज मानना सही नहीं होगा। रिपोर्टों के अनुसार, चार्ज की राशि अलग-अलग हो सकती है।
₹850 के खाने पर लगा ₹21 का चार्ज
वायरल स्क्रीनशॉट में खाने का आइटम टोटल ₹850 था। इसके अलावा बिल में:-
Pay on Delivery Fee: ₹21
Platform Fee: ₹14
GST: ₹51
जैसे अलग-अलग चार्ज दिखाई दे रहे थे। यानी कैश ऑन डिलीवरी का चार्ज बिल में अलग लाइन आइटम के तौर पर जोड़ा गया।
क्या हर ऑर्डर पर लगेगा देना होगा 21 रुपये?
न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक कैश ऑन डिलीवरी के लिए लिया जाने वाला चार्ज हर ऑर्डर में समान नहीं हो सकता। कुछ मामलों में यह करीब ₹7.50 बताया गया है। जबकि कुछ ग्राहकों ने ₹21 तक का चार्ज देखने की बात कही है। कुछ रिपोर्टों में यह चार्ज ऑर्डर वैल्यू के करीब 2 प्रतिशत तक होने और अधिकतम ₹30 तक सीमित रहने का भी दावा किया गया है। हालांकि, चार्ज की वास्तविक राशि ऑर्डर और ग्राहक के हिसाब से अलग हो सकती है।
ऑनलाइन पेमेंट करने पर नहीं लगेगा यह चार्ज
रिपोर्टों के मुताबिक, यह एक्स्ट्रा चार्ज मुख्य रूप से Pay on Delivery यानी डिलीवरी के समय भुगतान करने वाले ऑर्डर पर दिखाई दे रहा है। वहीं, प्रीपेड/ऑनलाइन भुगतान वाले ऑर्डर पर यह चार्ज नहीं लगाया जा रहा है। कुछ ऑर्डर्स में ग्राहकों को ऑनलाइन पेमेंट करने पर एक्स्ट्रा चार्ज से बचने के लिए प्रोत्साहित करने वाला संदेश भी दिखाई देने की बात सामने आई है।
ग्राहकों में क्यों है नाराजगी?
कैश ऑन डिलीवरी पसंद करने वाले कुछ ग्राहक इस चार्ज से नाराज हैं। खासकर ऐसे ग्राहक जो डिलीवरी से पहले ऑनलाइन पेमेंट करने में सहज महसूस नहीं करते। इसके पीछे गलत या अधूरा ऑर्डर मिलने, डिलीवरी में देरी, रिफंड में परेशानी या कस्टमर सपोर्ट से जुड़ी दिक्कतों जैसी चिंताएं बताई जा रही हैं। वायरल पोस्ट पर कुछ यूजर्स ने Zomato का बचाव भी किया।
उनका कहना था कि यह कंपनी का बिजनेस मॉडल है। ग्राहक पर ऑर्डर करने की कोई मजबूरी नहीं है। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि कैश संभालने, कैश कलेक्शन और उससे जुड़े संभावित नुकसान को कम करने के लिए कंपनी यह चार्ज लगा सकती है। साथ ही, इससे ग्राहकों को डिजिटल पेमेंट की ओर बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चर्चा के दौरान कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने ग्राहकों को Zomato और Swiggy जैसी डिलीवरी सेवाओं का इस्तेमाल कम करने की सलाह दी। उनका सुझाव था कि ग्राहक सीधे रेस्टोरेंट से खाना मंगवाएं या खुद जाकर खाना ले आएं। इससे एक्स्ट्रा प्लेटफॉर्म और डिलीवरी चार्ज से बचा जा सकता है।
In 2026, systems can be smart enough to assess a customer’s history and determine the probability of payment issues.
I’m a heavy Zomato user and have never declined an order. My profile should reflect that.
When I’m in Delhi, I actually prefer COD because delivery partners… https://t.co/ue5DmYUtIB pic.twitter.com/6Wf3cMAjPz
— Jassneet Singh (@jassneetsingha) September 12, 2026

