भाजपा के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश माथुर केरल के राज्यपाल नियुक्त

राज्यपालों के फेरबदल के तहत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के पूर्व सदस्य ओम प्रकाश माथुर को केरल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वे राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर की जगह लेंगे।

केरल में नियुक्ति से पहले सिक्किम के राज्यपाल रह चुके श्री माथुर का भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में लंबा करियर रहा है और उन्होंने राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर कई अहम पदों पर काम किया है। उनके राजनीतिक अनुभव में कई राज्यों में चुनाव प्रबंधन, राज्यसभा में दो कार्यकाल और पार्टी के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष के तौर पर काम करना शामिल है। दो जनवरी 1952 को राजस्थान के पाली जिले के बेडल गांव में जन्मे माथुर ने राजस्थान विश्वविद्यालय से स्नातक किया।

उन्होंने 1972 में प्रचारक के तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आएसएस) के साथ अपना सफर शुरू किया और 1979 तक राजस्थान के विभिन्न जिलों में काम किया। 1979 से 1989 तक उन्होंने किसान संघ के ‘संगठन मंत्री’ के तौर पर काम किया।

Also Read : कोलकाता में पुलिस और केंद्रीय बलों ने ममता-टीएमसी के विरोध मार्च को रोका

उनके आधिकारिक प्रोफाइल में यह भी दर्ज है कि आपातकाल के दौरान उन्हें 11 महीने जेल में रहना पड़ा था। इसके बाद श्री माथुर राजस्थान में भाजपा के संगठनात्मक पदों पर आगे बढ़े और 1989 से 2002 तक महासचिव (संगठन) रहे। उन्होंने अखिल भारतीय सचिव और महासचिव समेत राष्ट्रीय स्तर की कई जिम्मेदारियां संभालीं और 1989 से 2024 तक पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में काम किया। उन्हें 2008 में भाजपा राजस्थान का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया और उसी साल वे राज्यसभा सदस्य के तौर पर संसद पहुंचे। उन्होंने 2008 से 2014 तक अपना पहला कार्यकाल पूरा किया और 2016 से 2022 तक दूसरे कार्यकाल के लिए उच्च सदन में लौटे; इस दौरान वे सदन की समिति के अध्यक्ष भी रहे।

श्री माथुर ने 2015 से 2022 तक भाजपा के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष के तौर पर काम किया। वे 2022 से 2024 तक पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य भी रहे। उनके संगठनात्मक कार्यों में अपने करियर के अलग-अलग समय पर मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भाजपा की गतिविधियों और चुनाव अभियानों की देखरेख करना शामिल था। इन जिम्मेदारियों से उन्हें अलग-अलग राज्यों में पार्टी संगठन और चुनावी प्रबंधन का व्यापक अनुभव मिला। उनकी नियुक्ति से केरल लोक भवन में बदलाव हुआ है, क्योंकि राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जबकि दुष्यंत गौतम सिक्किम के राज्यपाल के तौर पर माथुर की जगह लेंगे।

Pic Credit : UNI

IMD Weather Update: दक्षिण भारत में दस्तक दे रहा पूर्वोत्तर मानसून, 14 से 19 अक्टूबर तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

North-East Monsoon 2026: देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा और मौसमी बदलाव दर्ज किया जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक देश के शेष हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और अगले दो दिनों के दौरान इसके पूरी तरह पीछे हटने के साथ ही दक्षिण प्रायद्वीप में पूर्वोत्तर मानसून की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि पूर्वोत्तर मानसून के आगमन के साथ ही दक्षिण भारत के कई राज्यों में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का एक लंबा और व्यापक दौर शुरू होने वाला है।

पिछले 24 घंटों के मौसम की बात करें तो तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है जबकि पूर्वी राजस्थान में छिटपुट जगहों पर ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आई हैं।

दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय, इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीप में मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश का जोर काफी बढ़ गया है। श्रीलंका तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है जिससे जुड़ी एक ट्रफ रेखा मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली है। इसके अलावा दक्षिण अंडमान सागर पर भी एक चक्रवाती सिस्टम मौजूद है। इन प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत के अलग अलग राज्यों में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का कड़ा पहरा रहेगाय़ तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी और कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

केरल और माहे में 15 से 19 अक्टूबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 से 18 अक्टूबर के दौरान और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर के बीच भारी बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा रायलसीमा के कुछ हिस्सों में 14 से 18 अक्टूबर तक भारी बारिश का दौर चलेगा। तेलंगाना में भी 17 अक्टूबर को भारी वर्षा का अनुमान है। तमिलनाडु, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के तटीय इलाकों में 15 से 17 अक्टूबर के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

उत्तर-पश्चिम भारत और पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ का असर

उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम पर नजर डालें तो उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू-कश्मीर पर तथा उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान पर भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 13 से 15 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से बारिश और बर्फबारी होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 14 और 15 अक्टूबर को झमाझम बारिश के साथ-साथ 40 से 60 किमी/घंटे की गति से तेज आंधी और ओलावृष्टि होने की चेतावनी जारी की गई है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी 13 से 19 अक्टूबर के बीच रुक-रुक कर बारिश और 15 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि व आंधी का दौर रहेगा। राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 से 16 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बौछारें और तेज हवाएं चल सकती हैं।

मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत का मौसम हाल

मध्य भारत के छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में 13 से 19 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी। पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 13 और 14 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी, जबकि ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ हिस्सों में 14 से 19 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 17 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा। पश्चिम भारत के कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश के साथ-साथ गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

ये भी पढ़ें- VIDEO: राहुल गांधी पर महिला पत्रकार से बदसलूकी का आरोप, गर्भवती रिपोर्टर ने बताया- मार्च के दौरान कैसे गिरीं; BJP भड़की

September CPI : सितंबर में रिटेल महंगाई 23 महीने के हाई पर आई, खाने-पीने की चीजों ने दिया सबसे तगड़ा झटका

September CPI : सितंबर में भारत की रिटेल महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत हो गई। नई कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) सीरीज़ में यह पहली बार है जब महंगाई दर 5 प्रतिशत के स्तर से ऊपर गई है। खाने-पीने की चीजों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी का इस बढ़त में सबसे ज्यादा योगदान रहा है, जिससे परिवारों का खर्च काफी बढ़ गया है। आज 12 अक्टूबर को आए आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में महंगाई दर 4.83 प्रतिशत थी, जिसमें बढ़ोतरी हुई है। यह मार्च के बाद से सालाना महंगाई दर में लगातार छठी मासिक बढ़ोतरी है।

इस बढ़ोतरी के साथ महंगाई दर भारतीय रिज़र्व बैंक के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर चली गई, हालांकि यह केंद्रीय बैंक की 2-6 प्रतिशत की स्वीकार्य सीमा के भीतर ही रही है।

खाने-पीने की चीजो की महंगाई सबसे ज्यादा बढ़ी

कंज्यूमर फ़ूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) के हिसाब से, खाने-पीने की चीज़ों की महंगाई अगस्त में 5.97 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 7.74 प्रतिशत हो गई। प्याज़ की कीमतों में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगस्त में इसकी महंगाई दर 48.78 प्रतिशत थी, जो सितंबर में बढ़कर 108.09 प्रतिशत हो गई। लहसुन की महंगाई दर 43.60 प्रतिशत से बढ़कर 54.62 प्रतिशत हो गई, जबकि नींबू की कीमतों में 36.41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले महीने 15.15 प्रतिशत थी।

हालांकि, कुछ सब्जियों में राहत मिली। आलू की कीमतों में सालाना 11.50 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि टमाटर की कीमतें 8.62 प्रतिशत कम हुईं। चांदी के गहनों में महंगाई दर 87.80 प्रतिशत के बहुत ऊंचे स्तर पर बनी रही, हालांकि अगस्त में यह 106.81 प्रतिशत थी। सितंबर में पान-तंबाकू की महंगाई 4.71% से बढ़कर 4.8% पर रही। वहीं, फूड एंड बेवरेजेज महंगाई 5.66% से बढ़कर 7.36% पर रही।

ग्रामीण इलाकों में महंगाई 6 प्रतिशत के पार

ग्रामीण भारत में महंगाई में ज़्यादा तेज़ी देखी गई। सितंबर में ग्रामीण भारत की खुदरा महंगाई अगस्त के 5.24 प्रतिशत से बढ़कर 6.08 प्रतिशत हो गई। शहरी इलाकों में महंगाई 4.31 प्रतिशत से बढ़कर 4.88 प्रतिशत हो गई। इसके चलते ग्रामीण और शहरी महंगाई के बीच का अंतर बढ़कर 1.20 प्रतिशत हो गया, जबकि अगस्त में यह 0.93 प्रतिशत था।

बड़े राज्यों में, तमिलनाडु की रिटेल महंगाई दर 6.81 प्रतिशत दर्ज की गई, इसके बाद ओडिशा में 6.70 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 6.68 प्रतिशत, तेलंगाना में 6.64 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश में 6.29 प्रतिशत रही।

कीमतों का दबाव सिर्फ़ खाने-पीने की चीज़ों तक ही सीमित नहीं

ताज़ा आंकड़ों से कई तरह की सेवाओं और खाने-पीने से जुड़ी चीज़ों के अलावा अन्य कैटेगरी में भी महंगाई बढ़ने का पता चलता है। पर्सनल केयर, मिसिलेनियस महंगाई घटकर 13.75% पर रही है। वहीं, रेस्टोरेंट,एकॉमडेशन सर्विस महंगाई बढ़कर 9.36% पर रही है। एजुकेशन सर्विसेस महंगाई 3.73% से बढ़कर 3.94% पर रही है।

सितंबर में रिक्रिएशन, स्पोर्ट & कल्चर महंगाई बढ़कर 2.16 प्रतिशत पर आ गई। वहीं, इंफो, कम्युनिकेशन महंगाई 2.01 प्रतिशत से बढ़कर 2.44 प्रतिशत पर रही। सितंबर रिटेल महंगाई दर 23 महीने के ऊपरी स्तर पर रही है। ट्रांसपोर्टेशन महंगाई दर 4.60 प्रतिशत से बढ़कर 5.01 प्रतिशत पर आ गई है। वहीं, हेल्थ महंगाई दर 1.34 प्रतिशत से बढ़कर 1.40 प्रतिशत पर रही है। फर्निशिंग, घरेलू उपकरण महंगाई दर 3.11 न पर रही है। हाउसिंग यूटिलिटी महंगाई 2.61प्रतिशत से बढ़कर 2.74 प्रतिशत पर रही है। वहीं, कपड़ा, जूता चप्पल महंगाई 3.56 प्रतिशत से बढ़कर 3.93 प्रतिशत पर रही है।

मॉनेटरी पॉलिसी पर असर

सितंबर में महंगाई के आंकड़े RBI के लिए एक चुनौती हैं, क्योंकि मार्च से कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण हेडलाइन महंगाई दर, RBI की तय सीमा (टॉलरेंस बैंड) के ऊपरी स्तर के करीब पहुंच गई है।

इन दबावों का बने रहना RBI के भविष्य के पॉलिसी फैसलों के लिए अहम होगा। अब यह देखना होगा कि क्या खाने-पीने की चीजों की महंगाई में बढ़ोतरी कुछ समय के लिए है या यह आम कंज्यूमर कीमतों पर भी इसका असर दिखने लगा है। RBI एमपीसी की अगली बैठक दिसंबर में होगी।

 

 

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 13 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

MP News: ‘मेरे क्षेत्र में अन्याय की पराकाष्ठा हुई है’; अपनी ही सरकार पर क्यों बरसे शिवराज सिंह चौहान?

MP News: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार (11 अक्टूबर) को वन विभाग और जिला प्रशासन पर अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के आदिवासी बहुल कोसमी गांव में गरीब परिवारों के आशियाने उजाड़ने, फसलें नष्ट करने और कुएं को मिट्टी से भरने का आरोप लगाया। बुधनी विधानसभा क्षेत्र के इस गांव में हुई इस कार्रवाई की जानकारी मिलते ही केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कोसमी पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और पूरे मामले पर कड़ा आक्रोश जताया। चौहान ने कोसमी गांव में वन विभाग और प्रशासन की तोड़फोड़ कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। सीहोर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री अपनी ही सरकार पर हमलावर नजर आए।

‘अन्याय की पराकाष्ठा हुई है’

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “मेरे क्षेत्र में अन्याय की पराकाष्ठा हुई है। सवेरे तक जो घर आबाद थे, जहां बच्चों की किलकारियां गूंजती थी, वहां बच्चों की चीखें गूंज रही हैं। उनके घर गिरा दिए गए। उनके घर के नीचे उनकी फसल दबा दी गई। उनकी मेहनत कुचल दी गई। उनके वर्षों पुराने घर थे, आज तबाह कर दिए गए। जिन्होंने ऐसा किया वे हृदयहीन हैं, संवेदनशून्य हैं… ये अन्याय की अति है। उन्हें भगवान भी माफ नहीं करेगा। हम पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की हर संभव प्रयास करेंगे। मैं मुख्यमंत्री के सामने भी ये सारी स्थिति रखूंगा।”

शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा, “आदिवासियों की मेहनत तबाह कर दी गई, उन्हें बेघर कर दिया गया। इनके पास कुछ नहीं बचा। जमीन के टुकड़े के अलावा इनके पास कुछ नहीं था। वन विभाग के लोगों ने भी ये किया है, ये जुल्म की पराकाष्ठा है। अगर उनके अपने बच्चे, मां और पत्नी को इस तरह रोना पड़े, तो क्या उन्हें अच्छा लगेगा?” उन्होंने कहा कि हम ये सभी बातें मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने रखेंगे। इनके हितों के लिए, इन्हें न्याय दिलाने के लिए हम हर संभव कदम उठाएंगे।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, कोसमी चौहान के संसदीय क्षेत्र विदिशा और विधानसभा क्षेत्र बुधनी के अंतर्गत आता है। शिवराज जब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री थे तब वह विधानसभा में बुधनी का प्रतिनिधित्व करते थे। वन विभाग और जिला प्रशासन ने कुछ महीने पहले भी इस प्रकार की कार्रवाई की कोशिश की थी तब चौहान ने अधिकारियों से चर्चा कर आदिवासी परिवारों के घर नहीं गिराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद रविवार को यह कार्रवाई की गई। शिवराज के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने घटनास्थल से ही मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी और अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

BJP अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी दी जानकारी

उन्होंने प्रदेश BJP अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी फोन कर गरीब परिवारों के घर तोड़े जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह शीघ्र ही इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी चर्चा करेंगे। बयान के मुताबिक, शिवराज सिंह चौहान ने साफ शब्दों में कहा कि गरीब परिवारों को बेघर करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाए जाएंगे। साथ ही, जब तक उनके रहने की स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उनके रहने और खाने-पीने की अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।” शिवराज ने गरीब परिवारों के आशियाने उजड़ने, उनकी फसलें नष्ट होने और पानी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुएं को मिट्टी से भर दिए जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

अधिकारियों पर भड़के

चौहान ने मौके पर वन विभाग और प्रशासन के किसी भी बड़े अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस कार्रवाई में केवल घर ही नहीं टूटे, बल्कि पीड़ित परिवारों की आजीविका पर भी चोट पहुंची है। मध्यप्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने इस प्रकरण को शिवराज और मोहन यादव की आपसी खींचतान बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस चक्कर में गांव के गरीब पिस रहे हैं।

कांग्रेस का रिएक्शन

कांग्रेस नेता सिंघार ने कोसमी में की गई कार्रवाई का एक वीडियो शेयर करते हुए X पर एक पोस्ट में कहा, “मोहन-मामा की आपसी खींचतान में उजड़ रहे आदिवासी परिवार।” उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री के गृह क्षेत्र सीहोर के ग्राम कोसमी में बरेला आदिवासी समुदाय के परिवारों की फसलें नष्ट की जा रही हैं और उनके मकान तोड़े जा रहे हैं। सिंघार ने आरोप लगाया, “BJP सरकार की आपसी खींचतान के कारण गरीब आदिवासी परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है।”

वहीं, मध्य प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने X पर लिखा, “श्री शिवराज जी! आपके शब्द ‘शपथ-पत्र’ हैं! सबूत हैं कि मप्र ‘बेलगाम’ हो गया है! लेकिन, बयान ही काफी नहीं है! जनता के सामने आना चाहिए कि आदिवासी परिवारों को उजाड़ने वाला ‘नरपिशाच’ कौन है? ये सरकारी अत्याचारी कहां से नियंत्रित एवं संचालित हो रहे हैं?”

ये भी पढ़ें- Jantar Mantar: अब दिल्ली में जंतर-मंतर पर नहीं होगा धरना-प्रदर्शन, रामलीला मैदान समेत इन 3 जगहों पर कर सकेंगे प्रोटेस्ट

कांग्रेस नेता ने आगे लिखा, “मप्र यह भी जानना चाहता है, क्या भाजपा की आंतरिक सियासत में इतनी अदावत हो चुकी है कि पूर्व मुख्यमंत्री की हर बात को नजरअंदाज करना, मौजूदा मुख्यमंत्री का धर्म बन गया है? बहरहाल, पीड़ित परिवारों को BJP नेताओं की बात, बयान, बवाल से कोई लेना देना नहीं! उन्हें पुनर्वास मिले, मुआवजा मिले! यह विश्वास भी मिले, दोषी को दंड जरूर मिलेगा!”

Weather Update: फिर बदलेगा मौसम! दिल्ली-NCR समेत 6 राज्यों में आंधी, ओलावृष्टि का खतरा! यूपी समेत इन राज्यों में बारिश की चेतावनी

IMD Rain Alert: देश भर से मानसून की विदाई के बीच पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती प्रणालियों के आपस में टकराने से मौसम में बड़ा और उग्र बदलाव आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा रविवार 11 अक्टूबर को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर समेत 6 प्रमुख राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश, ओलावृष्टि और 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तराखंड में ओलावृष्टि और 70 kmph की आंधी

उत्तर-पश्चिम भारत के आसमान पर एक बेहद सक्रिय मौसमी प्रणाली असर दिखा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज 11 अक्टूबर को दिल्ली, NCR, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। आज ही दिल्ली-एनसीआर और पंजाब में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 70 किमी/घंटे की गति तक पहुंच सकती हैं। इन सभी 6 राज्यों व पर्वतीय क्षेत्रों में आज ओलावृष्टि होने का खतरा जताया गया है।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में 12 से 15 अक्टूबर के दौरान भी 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। जम्मू-कश्मीर में 13 व 15 अक्टूबर को और हिमाचल प्रदेश में 14 व 15 अक्टूबर को व्यापक बारिश और बर्फबारी का अनुमान व्यक्त किया गया है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बारिश और झोंकेदार हवाओं का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी मौसम का रुख बदला हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 से 16 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने का अनुमान है, जबकि आज 11 अक्टूबर को राज्य के पश्चिमी हिस्सों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली चमकने का अलर्ट है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

राजस्थान की बात करें तो पश्चिमी राजस्थान में 11 से 15 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। आज 11 अक्टूबर को तथा 13 से 15 अक्टूबर के दौरान पश्चिमी राजस्थान में 30 से 40 किमी/घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। पूर्वी राजस्थान में 11 और 13 अक्टूबर को छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं।

बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत का मौसम हाल

मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में भी चक्रवाती परिसंचरणों का असर देखा जाएगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में आज 11 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने और हल्की बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 12 से 17 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश का दौर चलेगा, जहां 12 और 13 अक्टूबर को 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आज 11 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी। बिहार में 11-12 अक्टूबर और 15-17 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि 16 और 17 अक्टूबर को बिहार में 30 से 40 किमी/घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। झारखंड में 11 से 13 अक्टूबर और ओडिशा में 11 से 17 अक्टूबर तक बारिश व गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। आज 11 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 11 से 15 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। केरल एवं माहे और लक्षद्वीप में 15 से 17 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी।

जबकि 16 और 17 अक्टूबर को केरल एवं तमिलनाडु में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 11 से 15 अक्टूबर के बीच तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। पश्चिम भारत के तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा क्षेत्र में आज 11 अक्टूबर को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

ये भी पढ़ें- CJP Protest News: दिल्ली में इस प्रोटेस्टर को जिन 4 ने पीटा उनकी पहचान हुई और पुलिस ने ट्रेस भी कर लिया! अब होगा ये एक्शन

Agniveer Retirement Benefits: अग्निवीरों का पहला बैच इस दिन होगा रिटायर, 10 लाख रुपये और सरकारी नौकरी में आरक्षण के साथ जानिए मिलेंगी क्या सुविधाएं

Agniveer Retirement Benefits: देश की तीनों सेनाओं में अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की भर्ती 4 साल पहले हुई थी। इस योजना के तहत भर्ती अग्निवीरों का पहला बैच भारतीय नौसेना में चार साल की सेवा पूरी करके 21 नवंबर 2026 को रिटायर होने जा रहा है। यह ऐतिहासिक पल होने के साथ ही बेहद अहम भी होगा, क्योंकि अब सभी का ध्यान सेना से सेवा निवृत्त होने वाले इन युवाओं के भविष्य पर होगा। सरकार ने इनके पुनर्वास और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए क्या पुख्ता इंतजाम किए हैं।

अग्निपथ योजना के तहत देश की सेनाओं में 4 साल पहले अग्निवीरों की भर्ती के समय देशभर में इसको लेकर भारी चर्चा और बहस छिड़ी थी। भारतीय नौसेना से अग्निवीरों का पहला बैच 21 नवंबर 2026 को 4 साल की सेवा पूरी करके रिटायर होगा। अग्निपथ योजना के तहत लगभग 75% अग्निवीर सेवा मुक्त हो जाएंगे। बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 25% युवाओं को सेना में स्थायी (Permanent) कर लिया जाएगा। खबर है कि तीनों सेनाएं रिटेंशन रेट को बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। इस संबंध में सरकार को नया प्रस्ताव भेजने की तैयारी है।

सेवा पूरी होने पर अग्निवीरों को मिलेंगी ये सुविधाएं

सेवा निधि पैकेज : रिटायर हो रहे हर अग्निवीर को एकमुश्त लगभग 10.04 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज मिलेगा. यह रकम टैक्स-फ्री होगी। इसमें युवा का अपना योगदान, सरकार का बराबर का हिस्सा और उस पर मिलने वाला ब्याज शामिल होता है।

जीवन बीमा कवर : सेवा काल के दौरान अग्निवीरों को 48 लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है। यह उनके और उनके परिवार के लिए बड़ा सुरक्षा कवच साबित होगा।

स्किल सर्टिफिकेट : रिटायर होने वाले अग्निवीरों को स्किल सर्टिफिकेट (कौशल प्रमाण पत्र) दिया जाता है। इससे उन्हें आगे प्राइवेट या सरकारी नौकरी में इंटरव्यू के दौरान प्राथमिकता मिल सकेगी। हालांकि, इन्हें ग्रेच्युटी, पेंशन या मेडिकल और कैंटीन की आजीवन सुविधाएं नहीं मिलेंगी।

रिटायर अग्निवीरों के भविष्य के लिए सरकार का प्लान

सरकार के साथ कई मंत्रालय सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए कई विकल्प तैयार किए हैं। आइए जानें :

अर्धसैनिक बलों (CAPF) में 50% आरक्षण : बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और असम राइफल्स जैसी सुरक्षा बलों में कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन के पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित कर दी गई हैं। इनके लिए ‘पूर्व-अग्निवीर’ नाम से नई कैटेगरी भी बनाई गई है।

गृह मंत्रालय का नया पोर्टल : पूर्व अग्निवीरों को कॉरपोरेट और सरकारी सेक्टर में आसानी से एडजस्ट करने के लिए गृह मंत्रालय विशेष पोर्टल तैयार कर रहा है। इसके जरिए इन्हें नौकरी के ढेरों विकल्प मिलेंगे।

राज्य सरकारों का कोटा और आयु में छूट : उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों की सरकारों ने पुलिस और अन्य विभागों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 से 20 प्रतिशत तक पद रिजर्व किए हैं। साथ ही, आयु सीमा में 3 से 5 साल तक की छूट का ऐलान भी किया गया है, जिससे ये युवा आसानी से सरकारी नौकरी पा सकें।

फिजिकल और लिखित परीक्षा से छूट : इन सुरक्षा बलों में भर्ती के दौरान पूर्व अग्निवीरों को फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST), फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) और लिखित परीक्षा से छूट दी जाएगी।

Shardiya Navratri 2026 Muhurat: कल गज वाहन पर वैधृति योग और चित्रा नक्षत्र में होगा मां दुर्गा का आगमन, जानें कलश स्थापना का मुहूर्त

Weather Alert: दिल्ली समेत कई राज्यों में कल बारिश-आंधी का अलर्ट, 50 kmph की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; मुंबई में लू की चेतावनी

Weather Alert: महाराष्ट्र में जहां मुंबई और कोंकण के तटीय इलाकों में लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने के आसार फिलहाल कम हैं, वहीं उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश और तेज हवाएं मौसम का मिजाज बदल सकती हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में कल यानी 11 अक्टूबर को बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) और महाराष्ट्र के तटीय कोंकण इलाके में 12 अक्टूबर तक लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम में बदलाव की वजह उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे इलाकों के ऊपर बना पश्चिमी विक्षोभ है। इसके साथ ही हरियाणा और उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर हवा में एक चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इसके असर से रविवार, 11 अक्टूबर को दिल्ली के कई इलाकों में बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

IMD ने दक्षिण भारत के कई इलाकों के लिए भी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान जताया है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 12 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा, कई इलाकों में सतह के पास तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

मुंबई और कोंकण में 12 अक्टूबर तक लू का अलर्ट

मौसम विभाग ने महाराष्ट्र में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन और कोंकण के तटीय इलाकों के लिए 12 अक्टूबर तक हीटवेव की चेतावनी जारी की है। दक्षिण कोंकण में कुछ जगहों पर हीटवेव की स्थिति हो सकती है, जबकि उत्तर कोंकण में कुछ जगहों पर गर्मी और उमस बनी रह सकती है। MMR एक शहरी इलाका है जिसमें मुंबई और उससे सटे ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों के नौ नगर निगम शामिल हैं।

IMD ने कहा कि महाराष्ट्र में रविवार और सोमवार (11 और 12 अक्टूबर) को हालात सामान्य होने की उम्मीद है और पूरे राज्य में ‘ग्रीन वॉर्निंग’ लागू हो जाएगी। ग्रीन वॉर्निंग का मतलब है कि मौसम से जुड़ी किसी खास सावधानी या कार्रवाई की जरूरत नहीं है। हालांकि, अगले 48 घंटों में महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है और उसके बाद इसमें 1-3 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी हो सकती है। महाराष्ट्र के अंदरूनी इलाकों में 10 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 37-39 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

कई उत्तरी, मध्य और पूर्वोत्तर इलाकों में बारिश और आंधी-तूफान का भी अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 11 से 14 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, साथ ही 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और हवा के झोंके 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। हिमाचल प्रदेश में 13 और 14 अक्टूबर को कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, जबकि राजस्थान के कुछ हिस्सों में 11 और 12 अक्टूबर के बीच बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पूर्वोत्तर भारत में बारिश के आसार

वहीं, शनिवार को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में काफी ज्यादा इलाकों में बारिश हो सकती है, साथ ही कहीं-कहीं आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी संभावना है। 11 अक्टूबर को असम और मेघालय में बारिश होने की उम्मीद है, और इसके बाद 13 और 14 अक्टूबर को फिर से बारिश हो सकती है। 11 से 14 अक्टूबर के बीच नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तेज हवाओं का अलर्ट

IMD ने पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश का अनुमान लगाया है। रविवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।

झारखंड से अगले चार दिनों में लौटेगा मानसून

झारखंड से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई अगले चार दिनों में होने की संभावना है। इससे पहले राज्य के उत्तर-पश्चिमी और मध्य हिस्सों के कई जिलों से मानसून लौट चुका है। IMD के आंकड़ों के मुताबिक, झारखंड में अब तक सामान्य से 2% कम बारिश दर्ज की गई है।

इन इलाकों में भी जारी रह सकता है बारिश का दौर

इस पूर्वानुमान में तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, लक्षद्वीप, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह भी शामिल हैं। IMD के अगले कुछ दिनों के पूर्वानुमान से पता चलता है कि कई इलाकों में बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा, साथ ही झारखंड से मॉनसून की वापसी भी होगी।

यह भी पढ़ें: कल का मौसम 11 अक्टूबर: झारखंड, ओडिशा और राजस्थान में आंधी का अलर्ट, मौसम विभाग ने दी ये चेतावनी

सीजेपी के डर से दिल्ली बंद!

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के डर से केंद्र सरकार ने पूरी दिल्ली बंद कर दिया है और राजधानी के साथ साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को भी छावनी में तब्दील कर दिया है। सीजेपी ने शनिवार, 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी प्रदर्शन करेगी। लेफ्ट पार्टियों और आम आदमी पार्टी ने इस प्रदर्शन का समर्थन किया है। इस प्रदर्शन को रोकने के लिए मेट्रो, ट्रेन, सड़क, इंटरनेट, स्कूल, कॉलेज, कार्यालय, दुकानें सब बंद हैं।

पुलिस ने दो टूक अंदाज में कहा है कि सीजेपी ने प्रदर्शन की इजाजत नहीं मांगी है इसलिए उसको प्रदर्शन नहीं करने दिया जाएगा। यह भी कहा गया है कि जंतर मंतर के इलाके में बीएनएस की धारा 163 लागू है। यानी पांच से ज्यादा लोगों के एक साथ इकट्ठा होने की अनुमति नहीं है। दूसरी ओर सीजेपी का कहना है कि जंतर मंतर प्रदर्शन के लिए निर्धारित जगह है इसलिए उनको अनुमति लेने की जरुरत नहीं है। सीजेपी के सौरव दास ने कहा कि उनके संगठन ने नहीं, बल्कि सरकार ने खुद ही दिल्ली बंद करा दी है।

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और पार्टी के अन्य नेताओं ने वीडियो बना कर जंतर मंतर पहुंचने का ऐलान किया है और लोगों से वहां पहुंचने की अपील भी की है। एक दिन पहले कर्नाटक में सीजेपी ने प्रदर्शन किया था लेकिन वहां ज्यादा संख्या में लोग नहीं जुटे थे। सीजेपी के नेता दिल्ली में जुलाई के जैसे प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं, जब उनके प्रदर्शन के कारण तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ था।

बहरहाल, सरकार ने इसे रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए हैं। लेकिन साथ ही लगभग पूरी दिल्ली को बंद कर दिया है। शनिवार को दिल्ली के स्कूल, कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई होगी। बड़ी संख्या में मेट्रो स्टेशन बंद करने की घोषणा हो गई है। राजधानी दिल्ली पहुंचने वाली और दिल्ली से बाहर जाने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। कनॉट प्लेस के आसपास की दुकानों को बंद रखने का निर्देश जारी किया गया है। इतना ही कनॉट प्लेस से दूर चांदनी चौक के इलाके में भी कई मार्केट बंद रखने को कहा गया है। अगले दो दिन शराब की दुकानें बंद रहेंगी। दिल्ली पुलिस के जवान होटलों में जाकर ऐसे लोगों की तलाश कर रहे हैं, जो शनिवार के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बाहर से आए हैं। यह भी खबर है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में कई शहरों में ट्रेनों में लोगों को उतारा जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे चप्पे पर अर्धसैनिक बलों और पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। अर्धसैनिक बलों की 221 कंपनियां दिल्ली में तैनात हैं। अलग अलग राज्यों से अर्धसैनिक बलों के करीब 23 हजार जवान दिल्ली बुलाए गए हैं। ये जवान आठ से 12 अक्टूबर तक दिल्ली में तैनात रहेंगे। उनके अलावा दिल्ली पुलिस के 15 हजार से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है। जंतर मंतर तक पहुंचने वाले हर रास्ते को शुक्रवार की रात को ही बंद कर दिया गया।

दिल्ली के सभी स्कूलों और कॉलेजों ने 10 अक्टूबर की क्लास ऑनलाइन कर दी हैं। कई स्कूलों में पीटीएम का समय बदला गया है और परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। जनपथ और कर्तव्यपथ क्रॉसिंग के चार किलोमीटर के दायरे में शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक इंटरनेट बंद रहेगा। दिल्ली पुलिस ने टेलीकॉम कम्पनियों को पत्र लिखकर नेट बंद करने के लिए कहा है। जंतर मंतर, टॉलस्टॉय मार्ग और जनपथ पर पुलिस व आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया है।

दिल्ली पुलिस ने दिल्ली में प्रवेश के सारे रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी है। बॉर्डर सील कर दिया गया है। पानीपत से दिल्ली तक रेलवे स्टेशनों के बाहर नाके लगाए गए हैं। टिकरी, बदरपुर, कापसहेड़ा और सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की तलाशी के बाद ही आगे जाने दिया जा रहा है। राकेश टिकैत द्वारा इस प्रदर्शन का समर्थन करने की वजह से भी सीमा पर चौकसी बढ़ाई गई है।

MP OBC Reservation: एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, राज्य में नहीं लागू होगा 27% ओबीसी आरक्षण

MP OBC Reservation: मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षण मामले में आज बड़ा ट्विस्ट तब आया जब एमपी हाईकोर्ट ने इस मामले को खारिज कर दिया। ओबीसी आरक्षण मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आज, शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को बड़ा फैसला सुनाया है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टि विनय सराफ की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि राज्य में 27% ओबीसी आरक्षण लागू नहीं होगा। प्रदेश में 14% ओबीसी आरक्षण ही लागू होगा। साथ ही, उच्च न्यायालय ने 13% होल्ड पदों पर तीन महीने में नियुक्तियां करने का भी निर्देश दिया।

जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने कहा कि 50% आरक्षण सीमा लांघने के लिए असाधारण परिस्थितियां सिद्ध नहीं हो रही हैं। इसके अलावा ओबीसी वर्ग का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नजर आया है। इसी वजह से 27% आरक्षण को हाईकोर्ट की तरफ से अनुमति नहीं मिली है। यह भी बताया गया है कि जिनकी नियुक्ति 14% से ज्यादा आरक्षण पर हुई थी।

उन अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसकी डेट मार्च 2019 से 29 सितंबर 2022 के बीच बताई गई है। कोर्ट ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ और जयश्री लक्ष्मणराव पाटिल मामलों में तय किए गए सिद्धांतों का भी जिक्र किया

ओबीसी आरक्षण से जुड़ा यह मामला साल 2019 का है, जब तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने OBC आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% कर दिया था। इसके बाद मामला कोर्ट पहुंच गया। हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लंबी सुनवाई हुई। ओबीसी पक्ष के वकीलों ने आरक्षण को 27% ही बनाए रखने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इन याचिकायों को स्वीकार नहीं किया।

आरक्षण विवाद के कारण हजारों अभ्यर्थियों की नियुक्तियां प्रभावित होने का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। भर्ती परीक्षाएं पास करने के बाद भी कई उम्मीदवारों को पदों के आवंटन और नियुक्ति आदेश का इंतजार करना पड़ रहा था। अब हाईकोर्ट के विस्तृत फैसले के बाद राज्य सरकार के सामने लंबित भर्तियों की स्थिति स्पष्ट करने और आगे की प्रक्रिया तय करने की चुनौती होगी।

Sarva Pitru Amavasya 2026: कल शनि अमावस्या के साथ विदा होंगे पितृ, जानें सर्व पितृ अमावस्या पर तर्पण और श्राद्ध का मुहूर्त

कल का मौसम: 10 अक्टूबर को राजस्थान से लेकर उत्तराखंड तक आंधी-तूफान का अलर्ट, IMD ने जारी किया ये अलर्ट

Weather Tomorrow: उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से मानसून की औपचारिक विदाई के बाद भी पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) और तटीय चक्रवाती प्रणालियों के असर से देश के कई हिस्सों में मौसमी उथल-पुथल जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शनिवार 10 अक्टूबर के लिए जारी ताजा अलर्ट के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और तूफानी हवाओं की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। मौसम विभाग ने राजस्थान से लेकर उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली तक तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। वहीं दूसरी ओर, दक्षिण भारत के तटीय राज्यों में चक्रवाती परिसंचरणों के कारण मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है।

WhatsApp Image 2026-10-09 at 5.46.11 PM

राजस्थान से उत्तराखंड तक 40 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में शनिवार को मौसम का रुख बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 10 अक्टूबर को राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में बादलों की गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है।

इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के पर्वतीय इलाकों में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है। मध्य भारत के पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

दिल्ली-एनसीआर और आसपास के मैदानी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ का असर अधिक उग्र दिख सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के अलग-अलग इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

केरल और तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी चक्र की सक्रियता से तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा। 10 अक्टूबर को दक्षिण भारत के दो प्रमुख राज्यों में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। केरल और माहे में भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में कई जगह मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं।

केरल व माहे, लक्षद्वीप और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में बादलों की तेज गर्जना के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्वोत्तर राज्यों का हाल और तटीय इलाकों में गर्मी-उमस

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी और दक्षिणी तटों पर नमी बढ़ने से गर्मी परेशान करेगी। कोंकण व गोवा और तटीय कर्नाटक के इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है। तटीय इलाकों में तूफानी हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर स्थितियां नियंत्रित रहेंगी।

यह भी पढ़ें: बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया लो-प्रेशर सिस्टम! केरल, तमिलनाडु, यूपी, दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट