आज का मौसम 7 जुलाई: IMD ने इन 23 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली-यूपी से बिहार तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Today: देश के बड़े हिस्से में मॉनसून का बवाली रूप देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 जुलाई को देश के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा विश्लेषण के मुताबिक उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश व उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन अब कमजोर होकर पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों पर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया में बदल चुका है।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 9.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके अगले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और आगे कमजोर होने की संभावना है। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से उत्तरी केरल तट तक ऑफ-शोर ट्रफ और एक अन्य वेदर सिस्टम (शीयर जोन) भी सक्रिय है, जिससे देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

देखें मौसम का पूर्वानुमान:

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इन 6 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 7 जुलाई को देश के छह क्षेत्रों के लिए सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। यहां आकाशीय बिजली चमकने के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है:

  • तटीय कर्नाटक
  • गुजरात राज्य
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र
  • विदर्भ (महाराष्ट्र)
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश

इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर रिकॉर्ड तोड़ मूसलाधार बारिश होने से जलभराव और नदी-नालों में उफान जैसे हालात बन सकते हैं।

बिहार, एमपी और राजस्थान में होगी बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, देश के मध्य, पूर्वी और पहाड़ी राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है:

बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम: पूर्वी भारत के इन हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। बिहार में बारिश के साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका है।

पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: लो प्रेशर एरिया के असर की वजह से इन दोनों राज्यों में बहुत भारी बारिश होगी। साथ ही आंधी-तूफान और वज्रपात का अलर्ट रहेगा।

पूर्वी राजस्थान: यहां मॉनसून की सक्रियता के कारण बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

हिमाचल प्रदेश: उत्तर भारत के इस पहाड़ी राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बना रहेगा।

मराठवाड़ा (महाराष्ट्र) और आंतरिक कर्नाटक इन दोनों क्षेत्रों के लिए भी भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

अरुणाचल प्रदेश: पूर्वोत्तर के इस राज्य में भी भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी है।

दिल्ली-NCR, यूपी और पंजाब समेत इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी

मौसम विभाग ने कई मैदानी और पहाड़ी राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ ही बिजली चमकने और तेज आंधी का डबल अटैक होने का पूर्वानुमान जताया है-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़: दिल्ली-NCR और हरियाणा के इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट है। पूरे उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

पंजाब और पश्चिमी राजस्थान: इन क्षेत्रों में मानसून की सामान्य से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। राजस्थान में भी 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चल सकती है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद: इन पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है।

झारखंड और ओडिशा: चक्रवातीय सिस्टम के प्रभाव से इन राज्यों में भारी बारिश के साथ ही तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) और बिजली गिरने की चेतावनी है।

दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत: केरल और माहे, असम और मेघालय, तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की उम्मीद है। पूर्वोत्तर के राज्यों में बिजली कड़कने का भी अलर्ट है। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में भी आंधी-बारिश की चेतावनी है।

कर्नाटक और तेलंगाना में 60 किमी की रफ्तार से थंडरस्कॉल

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के राज्यों के लिए तेज आंधी का विशेष अलर्ट जारी किया है:

कर्नाटक और तेलंगाना: इन दोनों राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले भयानक आंधी-तूफान आने की आशंका है।

मजबूत सतही हवाएं: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

समंदर में तूफान: मछुआरों को तटीय इलाकों से दूर रहने की सलाह

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मौसम बेहद खराब रहने का अनुमान है। कोंकण और गोवा तट पर 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार बढ़कर 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम अरब सागर में 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। दक्षिण गुजरात, कर्नाटक, केरल तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) की गति से तूफानी मौसम रहने के आसार हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं उत्तरी आंध्र प्रदेश, ओडिशा तटों, और केंद्रीय बंगाल की खाड़ी में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से तूफानी मौसम रहने की आशंका है।

मॉनसून की प्रगति

मॉनसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। अगले 3 दिनों के भीतर इसके उत्तर अरब सागर, गुजरात के शेष हिस्सों, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

यह भी पढ़ें: Delhi Weather Today: दिल्ली में आज आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट, देखें वेदर फोरकास्ट

कल का मौसम 7 जुलाई: IMD ने इन 20+ राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट दिया, बिहार से MP तक बवाली मौसम, यहां रेड जोन जैसे हालात

India Weather Update for 7th July: देश के बड़े हिस्से में दक्षिण-पश्चिम मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 जुलाई के लिए देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और भीषण आंधी-तूफान का ऑरेंज और रेड वॉच अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण झारखंड और उससे सटे उत्तरी आंतरिक ओडिशा के ऊपर बना डिप्रेशन 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है। इससे बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बवाली मौसम के आसार बन गए हैं।

यह डिप्रेशन अगले 24 घंटों के दौरान झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे सटे पूर्वी उत्तर प्रदेश व पूर्वी मध्य प्रदेश के इलाकों को प्रभावित करेगा। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से उत्तरी केरल तट तक ऑफ-शोर ट्रफ और एक अन्य वेदर सिस्टम (शीयर जोन) भी सक्रिय है, जिसके कारण अगले 3 दिनों तक देश के मध्य हिस्सों में मॉनसून बेहद एक्टिव फेज (सक्रिय चरण) में रहेगा।

रेड जोन जैसे हालात: इन 4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 7 जुलाई को देश के चार प्रमुख क्षेत्रों के लिए सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। यहां मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़ सकते हैं:-

तटीय कर्नाटक

गुजरात राज्य

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

इन सभी इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। कोंकण, गोवा, गुजरात और तटीय कर्नाटक में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच यह अलर्ट बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

बिहार से मध्य प्रदेश तक बहुत भारी बारिश

7 जुलाई को मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में बवाली मौसम का असर दिखेगा। मौसम विभाग ने नीचे दिए गए राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है:-

बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम: यहां मानसून की मूसलाधार बारिश के साथ बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र): इन क्षेत्रों में डिप्रेशन के असर से बहुत भारी बारिश होगी। साथ ही इन राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी है।

आंतरिक कर्नाटक: तटीय इलाकों के साथ-साथ कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा रखी है।

हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान: उत्तर-पश्चिम भारत के इन दोनों पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में भी 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

अरुणाचल प्रदेश: पूर्वोत्तर के इस राज्य में भी भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा जिससे वज्रपात की भी आशंका है।

येलो अलर्ट: दिल्ली-NCR, यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी का डबल अटैक

मौसम विभाग के मुताबिक देश के कई राज्यों में 7 जुलाई को भारी बारिश के साथ तेज रफ्तार आंधी और बिजली गिरने का डबल अटैक देखने को मिलेगा:-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़: राजधानी दिल्ली समेत आसपास के इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है। पूरे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और यूपी में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है।

पंजाब और राजस्थान: पंजाब और पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। राजस्थान में भी 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: इन पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है।

झारखंड और ओडिशा: चक्रवातीय सिस्टम के प्रभाव से इन दोनों राज्यों में भारी बारिश के साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट रहेगा।

दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत: केरल और माहे, असम और मेघालय, तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और बिजली चमकने के आसार हैं। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है।

कर्नाटक और तेलंगाना में 60 किमी की रफ्तार से थंडरस्कॉल

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के दो राज्यों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है:-

कर्नाटक और तेलंगाना: इन दोनों राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले भयानक आंधी-तूफान की संभावना है जिसकी रफ्तार बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

मजबूत सतही हवाएं: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं भी चलेंगी।

मछुआरों के लिए चेतावनी: अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में उठेगा तूफान

समुद्र में बेहद खराब मौसम और तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है:-

उत्तरी कोंकण तट और अरब सागर: उत्तरी कोंकण तट और उससे सटे पूर्व-मध्य व पश्चिम-मध्य अरब सागर में 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

दक्षिण कोंकण, गोवा तट: यहां 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक जा सकती हैं।

गुजरात, कर्नाटक और केरल तट: दक्षिण गुजरात, कर्नाटक, केरल तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) दर्ज की जा सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी: ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के साथ-साथ मध्य, उत्तरी और दक्षिणी बंगाल की खाड़ी में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से तूफानी मौसम रहने की आशंका है।

5ःह

मॉनसून की स्थिति

मॉनसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। अगले 3 दिनों के भीतर इसके उत्तर अरब सागर, गुजरात के शेष हिस्सों, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

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सीएम डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में किया इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन, बोले- गरीब-अन्नदाता-युवा-नारी का होगा कल्याण

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को राजधानी भोपाल के सतगढ़ी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश इकलौता राज्य है, जिससे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का विशेष नाता रहा है। आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर भोपाल को सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और कन्वेंशन सेंटर की बड़ी सौगात मिली है। आज एक नया इतिहास बन रहा है। यह इंडस्ट्रियल पार्क देश के पहले उद्योग मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से जाना जाएगा। हम जो कहते हैं, करके दिखाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण पर विशेष जोर दिया। राज्य सरकार प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र हमारे किसानों के लिए भी समृद्धि का द्वार खोलेंगे। युवाओं को रोजगार मिलेगा। गारमेंट इंडस्ट्री से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। हमारी सरकार खेत से कारखाने और उद्योग को बाजार से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है। भोपाल प्राकृतिक सुंदरता और झील-तालाबों की नगरी है, लेकिन अब यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क भी राजधानी की पहचान बनेगा। अनेक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

भोपाल औद्योगिक नगरी के रूप में नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यहां से प्रदेश के विकास का नया सूर्योदय हो रहा है। प्रदेश के प्रत्येक अंचल में देश-दुनिया के निवेशक औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर रहे हैं। कल ही चंबल के शिवपुरी में ढाई हजार करोड़ लागत से रक्षा क्षेत्र की बड़ी औद्योगिक ईकाई का भूमि-पूजन किया है। इससे पूर्व मुरैना को सोलर सेक्टर की बड़ी सौगात दी है। उन्होंने कहा कि रोजगार आधारित उद्योगों के लिए गुना में 2 हजार करोड़ का सीमेंट प्लांट भी बनाया जा रहा है। शिवपुरी में बनने वाली मिसाइलों की क्षमता 1000 किलोमीटर की होगी, जो पाकिस्तान के किसी भी कोने तक पहुंच सकेगी।

 

हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत@2047 के संकल्प की पूर्ति में मध्यप्रदेश भी विकास के मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भोपाल में पहली बार जीआईएस जैसे बड़ा आयोजन संपन्न हुआ, जिसे प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आशीर्वाद मिला। जीआईएस 2025 में आए 30 लाख करोड़ से अधिक निवेश को देखकर विरोधियों ने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं। इस आयोजन में देश-दुनिया के बड़े उद्योगपति और औद्योगिक घराने शामिल हुए।

राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के बलबूते आज 30 लाख करोड़ के निवेश में से 10 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर आ चुका है। प्रदेश में पहली बार 30 प्रतिशत निवेश धरातल पर आने का नया कीर्तिमान बना है। किसान कल्याण वर्ष में जनवरी से लेकर अब तक निवेशकों के साथ 86 हजार करोड़ के एमओयू साइन हुए हैं। प्रदेशभर में हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में ही 15 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। रक्षाबंधन से पहले प्रदेश की बहनों को भी हर महीने सौगात मिल रही है। अब तक मुख्यमंत्री लाड़ली बहन योजना में राज्य सरकार 50 हजार करोड़ से अधिक राशि लाड़ली बहनों को दे चुकी है। अब बहनें रोजगार आधारित उद्योगों में काम करेंगी तो उन्हें 5000 रुपए अलग से दिया मिलेगा।

 

सभी के लिए कानून एक जैसा होना चाहिए-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 'एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान' की बात कही थी। उनके इस संकल्प को साकार करने के लिए राज्य में अब समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। समाज के हर वर्ग के लिए कानून एक जैसा होना चाहिए। प्रदेश की जनता ने तय कर लिया है कि डंके की चोट पर हर हालत में यूसीसी मध्यप्रदेश में लागू होगा। इसके लिए कमेटी ने सभी धर्म-समुदाय के सुझाव लिए ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो। अब मध्यप्रदेश एक समान कानून लागू करने वाला देश के बड़े राज्यों में शामिल प्रदेश बन जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन से हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश हमारे साथ काम कर रहे हैं। इन देशों से 10 हजार करोड़ का विदेशी निवेश भी मध्यप्रदेश को मिला है।

प्रदेश में छोटे-मझोले उद्योगों की देनदारी खत्म कर दी गई है। बिजली, पानी और सड़क हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क से राजाभोज विमानतल की दूरी महज 25 किलोमीटर है। रानी कमलापति स्टेशन भी मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर है। भोपाल का वेस्टर्न बायपास भी यहीं से गुजरेगा। उन्होंने कहा कि सतगढ़ी के 25 एकड़ क्षेत्र में 10 हजार क्षमता वाला एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर भी बनेगा। यह प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर होगा। मध्यप्रदेश अपने औद्योगिक विकास और पारदर्शी व्यवस्था के साथ तेजी से आगे बढ़ता जाएगा। सतगढ़ी क्षेत्र औद्योगिक विकास की दिशा में एक मंदिर के समान होगा। सागर ग्रुप के सुधीर अग्रवाल सतगढ़ी में 100 करोड़ का निवेश करेंगे।

 

रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है पार्क-मध्य प्रदेश में औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग (IPIP) तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (MSME) के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आज का भूमिपूजन केवल एक औद्योगिक परियोजना का शुभारंभ नहीं, बल्कि भोपाल और मध्यप्रदेश के औद्योगिक भविष्य की नई आधारशिला रखने का अवसर है। सतगढ़ी स्थित यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप लगभग 70 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही है। पार्क का स्थान रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग से लगभग 1.4 किमी की दूरी पर स्थित है तथा रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और प्रमुख शहरी क्षेत्रों से उत्कृष्ट संपर्क रखता है। इससे भोपाल पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ नई अर्थव्यवस्था के उद्योगों का भी केंद्र बनेगा।

आज का मौसम 6 जुलाई: यूपी से MP, राजस्थान, छत्तीसगढ़ तक मूसलाधार बारिश, IMD ने 24+ राज्यों के आंधी-तूफान हैवी रेन का अलर्ट दिया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से पैर पसार चुका है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है. अगले 3 दिनों के भीतर उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब और हरियाणा के बचे हुए इलाकों और राजस्थान के कई अन्य हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं.

इस मजबूत मानसूनी सिस्टम के प्रभाव के कारण आज यानी 6 जुलाई को देश के 24 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, भीषण आकाशीय बिजली और आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने मध्य भारत से लेकर पश्चिमी और उत्तर भारत के राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, आज देश के चार प्रमुख क्षेत्रों में बादलों की भयंकर आवाजाही के साथ मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. इन इलाकों के लिए सबसे कड़ा अलर्ट है:

  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश से सटा गुजरात क्षेत्र
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र

MP, राजस्थान और उत्तराखंड सहित इन इलाकों में बहुत भारी बारिश

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जहां भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी:

  • मध्य प्रदेश
  • पूर्वी राजस्थान
  • उत्तर प्रदेश से सटा उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • ओडिशा
  • सौराष्ट्र और कच्छ
  • केरल और माहे
  • कर्नाटक

यूपी, दिल्ली, बिहार और पंजाब सहित इन राज्यों में भारी बारिश

मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें उत्तर भारत के मैदानी इलाके भी शामिल हैं:

उत्तर प्रदेश: आज पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.

दिल्ली और आसपास: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के इलाकों में आज भारी मानसूनी बौछारें पड़ेंगी.

अन्य राज्य: बिहार, झारखंड, पंजाब जम्मू-कश्मीर-लद्दाख महाराष्ट्र का विदर्भ और मराठावाड़ा क्षेत्र, पश्चिम बंगाल और सिक्किम

उत्तर-पूर्व भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश होगी.

4 राज्यों में 60 किमी/घंटे की रफ़्तार से थंडरस्कॉल (बवंडर) की चेतावनी

आज कुछ राज्यों में सामान्य से कहीं अधिक तीव्र हवाएं और बवंडर जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से खतरनाक थंडरस्कॉल चलने की आशंका है.

देश भर में आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का प्रकोप

बारिश के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और आकाशीय बिजली का अलर्ट इस प्रकार है:

  • 40-50 किमी/घंटे की आंधी और बिजली: बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात राज्य, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र, मराठावाड़ा, आंध्र प्रदेश, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से धूलभरी/तेज हवाएं चलेंगी और बिजली कड़केगी.
  • 30-40 किमी/घंटे की हवाएं: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.
  • सिर्फ आकाशीय बिजली का अलर्ट: पूरे उत्तर प्रदेश उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर केवल गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है.
  • मजबूत सतही हवाएं: तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं.

असम और मेघालय में भारी उमस का अलर्ट

पूर्वोत्तर के राज्यों में मौसम का एक अलग रूप भी देखने को मिलेगा. असम और मेघालय में आज कुछ स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है, जिससे बारिश के बावजूद चिपचिपी गर्मी परेशान करेगी.

समंदर में उठेंगी ऊंची लहरें, मछुआरों को चेतावनी

चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी हवाओं के कारण समंदर में भारी उथल-पुथल देखने को मिलेगी:

अरब सागर की स्थिति: गुजरात, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से तूफानी मौसम रहेगा.

बंगाल की खाड़ी की स्थिति: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी. इसके साथ ही, केंद्रीय बंगाल की खाड़ी, उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.

आंध्र प्रदेश के तटों, उत्तरी और मध्य बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों और उत्तरी अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से खराब मौसम रहने की आशंका है. मछुआरों को इन सभी समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है

Adani Defence: ₹2500 करोड़ का डिफेंस प्लांट लगाएगा अदाणी ग्रुप, 5000 लोगों को मिलेगा रोजगार

Adani Defence: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को शिवपुरी में 2,500 करोड़ रुपये के डिफेंस प्लांट की नींव रखी। यह प्लांट अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस लगाएगी, जो अदाणी ग्रुप की कंपनी है।

इस प्लांट में मिसाइल कॉम्प्लेक्स, कॉम्पोजिट प्रोपेलेंट यूनिट और TNT प्लांट बनाया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत मिशन को मजबूती मिलेगी।

आसपास के लोगों को भी मिलेगा फायदा

इस प्रोजेक्ट से हजारों लोगों के लिए रोजगार के मौके बनेंगे। स्थानीय लोगों को भी नौकरियां मिल सकती हैं। इसके अलावा, इलाके के छोटे कारोबार और MSME भी डिफेंस सेक्टर की सप्लाई चेन से जुड़ सकेंगे। इस कार्यक्रम में करण अदाणी और जीत अदाणी भी मौजूद रहे।

जीत अदाणी ने क्या कहा?

Adani Airport Holdings Limited (AAHL) के डायरेक्टर जीत अदाणी ने कहा कि कंपनी भारत में ही रक्षा उपकरण बनाने पर जोर दे रही है। इसके लिए DRDO और तीनों सेनाओं के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। कोशिश है कि रक्षा सामान के लिए विदेशों पर निर्भरता कम हो।

उन्होंने कहा कि ग्वालियर में कंपनी पहले से लाइट मशीन गन (LMG), असॉल्ट राइफल और कार्बाइन बना रही है। जीत अदाणी ने बताया कि कंपनी अब तक भारतीय सेनाओं को 2,000 लाइट मशीन गन दे चुकी है। खास बात यह है कि यह सप्लाई तय समय से 11 महीने पहले पूरी कर ली गई।

शिवपुरी प्लांट में क्या बनेगा?

जीत अदाणी ने कहा कि शिवपुरी में छोटी, मध्यम और लंबी दूरी की मिसाइलों से जुड़ा पूरा इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा। इससे विदेशों से मिसाइल सिस्टम मंगाने की जरूरत कम होगी। भारत में ही इनका निर्माण होगा।

उन्होंने कहा कि यहां सिर्फ मिसाइल जोड़ने का काम नहीं होगा। कॉम्पोजिट प्रोपेलेंट, TNT और विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाला खास सामान भी यहीं तैयार किया जाएगा।

3 साल में तैयार होगा प्लांट

जीत अदाणी ने कहा कि अगले तीन साल में 2,500 करोड़ रुपये की लागत से यह प्लांट तैयार हो जाएगा। इससे करीब 5,000 लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा।

उन्होंने बताया कि 50 से ज्यादा MSME भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ेंगे। ग्वालियर और शिवपुरी मिलकर मध्य प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के बड़े हब बनेंगे। यहां बनने वाले रक्षा उपकरण पूरी तरह भारत में तैयार होंगे।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 211.29 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और भूमिपूजन भी किया।

*एजेंसी इनपुट के साथ

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