कल का मौसम 10 जुलाई: उत्तराखंड में रेड वॉर्निंग, IMD ने यूपी समेत इन 22 राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

India Weather Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जुलाई को अपने सामान्य समय से महज एक दिन की देरी से पूरे देश में छा चुका है। उत्तर अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को कवर करने के साथ ही मानसून पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 जुलाई के लिए देश के 22 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों पर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। ये अगले 24 घंटों के दौरान धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा। इसके अलावा मानसून ट्रफ और अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण के एक्टिव होने से कल कई राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने वाला है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 10 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज:

उत्तराखंड के लिए रेड वॉर्निंग

मौसम विभाग ने 10 जुलाई के लिए उत्तराखंड को सबसे संवेदनशील जोन में रखा है। राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इसके साथ ही बिजली कड़कने और गरज-चमक की भी चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर प्रदेश समेत इन 5 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 10 जुलाई को देश के 5 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जैसी स्थिति है-

उत्तर प्रदेश (कम दबाव का क्षेत्र बने होने के कारण व्यापक असर दिखेगा)

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • इन सभी राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
  • दिल्ली-हरियाणा और बिहार समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने 10 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन राज्यों में शामिल हैं:

  • बिहार
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • हिमाचल प्रदेश
  • पूर्वी मध्य प्रदेश
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • मध्य महाराष्ट्र
  • तटीय कर्नाटक
  • दक्षिण आंतरिक कर्नाटक
  • केरल और माहे
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल और तेलंगाना में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।

इसी तरह बिहार, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ विदर्भ में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान का अनुमान है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में धरातल पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

मौसम को प्रभावित करने वाले बड़े सिस्टम

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक देश भर में इस भारी बारिश के पीछे एक साथ कई मानसूनी सिस्टम काम कर रहे हैं-

  • उत्तर प्रदेश पर लो-प्रेशर: दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके पड़ोस में समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला एक ‘वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया’ सक्रिय है।
  • मानसून ट्रफ: मानसून की अक्षीय रेखा इस समय अनूपगढ़, रोहतक, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के कम दबाव वाले केंद्र, फुर्सतगंज, देहरी, धनबाद, बांकुरा, दीघा से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
  • ऑफ-शोर ट्रफ: समुद्र तल पर दक्षिण गुजरात से लेकर उत्तरी केरल तक एक ऑफ-शोर ट्रफ लगातार बनी हुई है।
  • पश्चिमी विक्षोभ: उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के इलाके में समुद्र तल से 5।8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।
  • अन्य चक्रवाती हवाएं: उत्तरी बिहार, पूर्वी बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाइयों पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं जो नमी को खींच रहे हैं।

राम मंदिर के बाद अब विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर का चढ़ावा गायब? आरोप लगे तो कलेक्टर प्रीति यादव ने उठाया ये कदम

अयोध्या राम मंदिर में दान से जुड़े विवाद के बीच अब मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी शक्तिपीठ में भी दान और चढ़ावे के कथित गबन का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद आगर-मालवा कलेक्टर प्रीति यादव ने जांच कमेटी बना दी। 7 दिन में कमेटी रिपोर्ट पेश करेगी कि गड़बड़ी कहां, कितने की और कैसे की गई? जानकारी के मुताबिक, सरकारी समिति होने के बावजूद अफसरों की मिलीभगत से साल 2024 में फर्जी तरीके से एक प्राइवेट समिति बना दी गई। जिसका नाम रखा- ‘नलखेड़ा सुदर्शन सेवा समिति’।

सामने आया एक और दान घोटाला

वहीं मां बगलामुखी मंदिर में सामने आए कथित दान घोटाले की जांच के लिए प्रशासन ने एक जांच समिति बनाई है। अधिकारियों के मुताबिक, मंदिर में दान लेने के नाम पर गड़बड़ी और पैसों के गलत इस्तेमाल के आरोपों की जांच की जाएगी। बताया जा रहा है कि मंदिर का संचालन एक सरकारी समिति करती है, लेकिन आरोप है कि मंदिर परिसर में एक अनधिकृत समिति भी काम कर रही थी। यह समिति नकली रसीदें देकर श्रद्धालुओं से नकद और कीमती गहनों के रूप में दान ले रही थी।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब अयोध्या के राम मंदिर में मिले दान की कथित चोरी को लेकर भी विवाद चल रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी पर लगातार सवाल उठा रही है।

जांच के लिए बनी तीन सदस्यीय समिति

आगर मालवा की जिला कलेक्टर प्रीति यादव ने 7 जुलाई 2026 को इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) बी. एस. सोलंकी करेंगे। समिति को सात दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कलेक्टर के आदेश के अनुसार, शिकायत मिली है कि एक गैर-सरकारी समिति मंदिर की आधिकारिक समिति से अलग श्रद्धालुओं से दान इकट्ठा कर रही थी। आरोप है कि इस समिति ने दान की रकम निजी बैंक खातों में जमा की और वित्तीय गड़बड़ी की। जांच समिति यह पता लगाएगी कि अनधिकृत लोगों ने कितना नकद और कितने कीमती गहने दान के रूप में लिए। साथ ही यह भी जांच होगी कि इस कथित गड़बड़ी में मंदिर प्रशासन का कोई कर्मचारी या अधिकारी शामिल था या नहीं।

बड़ी रकम की आशंका, सरकार ने सख्त कार्रवाई के दिए संकेत

अधिकारियों के मुताबिक, इस कथित दान घोटाले में कितनी रकम की गड़बड़ी हुई है, इसका अभी पूरा हिसाब नहीं लगाया गया है। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि यह मामला काफी बड़ा हो सकता है, क्योंकि यह पूरी तरह संगठित तरीके से चल रहा था। आरोप है कि नकली रसीदें और अलग काउंटर बनाकर श्रद्धालुओं से नकद और गहनों के रूप में दान लिया जा रहा था। मध्य प्रदेश के संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि उन्हें 7 जुलाई 2026 को इस मामले की जानकारी मिली थी। इसके बाद उनके कार्यालय ने जिला कलेक्टर को तुरंत जांच के निर्देश दिए।

धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि कुछ लोग, जिनका मंदिर प्रशासन से कोई संबंध नहीं था, मंदिर के नाम पर रसीदें छपवाकर श्रद्धालुओं से अवैध तरीके से पैसे वसूल रहे थे। उन्होंने साफ कहा कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी।

IMD का बारिश पर बड़ा अलर्ट: यूपी-उत्तराखंड 2 दर्जन से ज्यादा राज्यों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी, 15 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून के असर की वजह से जबर्दस्त बारिश हो रही है। मूसलाधार बारिश ने कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं और कई लैंडस्लाइड देखने को मिली हैं। इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ते हुए आज 9 जुलाई को उत्तरी अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को पूरी तरह कवर कर लिया है। इसके साथ ही मानसून ने सामान्य तिथि (8 जुलाई) से महज 1 दिन की देरी से 9 जुलाई को पूरे देश में अपनी दस्तक दे दी है। पूरे भारत में मानसून के सक्रिय होने के चलते भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत दो दर्जन से अधिक राज्यों के लिए 15 जुलाई तक भारी से बेहद भारी बारिश और आंधी-तूफान का बड़ा अलर्ट जारी किया है।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का हाई अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों के भीतर कुछ राज्यों में बादलों का सबसे रौद्र रूप देखने को मिलेगा। यहां अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है:

  1. उत्तराखंड: 9 और 10 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट।
  2. पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 9 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट।
  3. देश भर के राज्यों का विस्तृत क्षेत्रीय पूर्वानुमान (9 से 15 जुलाई)
  4. उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी-उत्तराखंड में लगातार बरसेंगे बादल

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 जुलाई और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 से 13 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 9 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 10 जुलाई को बहुत भारी और 11 जुलाई को भारी बारिश होगी। पूर्वी यूपी में 9 से 11 जुलाई तक बहुत भारी बारिश और 12-13 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। 9 जुलाई को दोनों हिस्सों में बिजली कड़कने की चेतावनी है।

  • उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 9 से 15 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। उत्तराखंड में 9-10 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 11 से 15 जुलाई तक लगातार भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।
  • दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 9-10 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। यहां 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 10 से 13 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है। पंजाब में 9 जुलाई को व्यापक बारिश के साथ ही 9 जुलाई और 11-12 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।
  • जम्मू-कश्मीर और राजस्थान: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 9-12 जुलाई तक व्यापक बारिश, भारी बारिश (11-12 जुलाई) और 15 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट है। पूर्वी राजस्थान में 9 जुलाई को भारी बारिश और 9-10 जुलाई को गरज-चमक की स्थिति रहेगी।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आंधी-तूफान का अलर्ट

मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9 जुलाई को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 9-10 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। इन दोनों क्षेत्रों में 9 से 13 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। पश्चिमी हिस्से में 9 जुलाई को और पूर्वी हिस्से में 9-10 जुलाई को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 9 जुलाई और फिर 13-15 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी जबकि 9 जुलाई को भारी बारिश और 9-13 जुलाई तक बिजली चमकने का अलर्ट है। विदर्भ में 9 जुलाई और 14-15 जुलाई को व्यापक बारिश होने के आसार हैं।

पूर्वी भारत: बिहार और बंगाल में बहुत भारी बारिश की मार

बिहार: बिहार में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 10 से 11 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी, जिससे 10-12 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 9-10 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 11-15 जुलाई को भारी बारिश होगी। गांगेय पश्चिम बंगाल में 9 से 13 जुलाई तक भारी बारिश और 9-10 जुलाई को तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

झारखंड और ओडिशा: झारखंड में 12-15 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जबकि 13 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। ओडिशा में 13-14 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत: असम और अरुणाचल में 15 जुलाई तक आफत

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश: असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 9 और 10 जुलाई को अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके बाद 11 से 15 जुलाई के दौरान इन क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में 9 से 15 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी, जिसमें 9 से 11 जुलाई के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

पश्चिमी भारत: कोंकण और गोवा में मूसलाधार जारी

कोंकण और गोवा: इस क्षेत्र में 9 से 15 जुलाई तक लगातार व्यापक और भारी बारिश का दौर बना रहेगा। यहां 9 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य महाराष्ट्र और गुजरात: मध्य महाराष्ट्र में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 10 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। गुजरात क्षेत्र, मारूवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में 15 जुलाई तक छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तेलंगाना में थंडरस्कॉल का अलर्ट

तेलंगाना: तेलंगाना में 9 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से भयानक आंधी-तूफान आने की चेतावनी दी गई है। 10 से 15 जुलाई तक यहां तेज हवाएं चलेंगी।

केरल और कर्नाटक: केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 10 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। तटीय कर्नाटक में 9-15 जुलाई तक व्यापक बारिश और 9-10 जुलाई को भारी बारिश होगी। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 9 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: यहां 9-10 जुलाई को भारी बारिश होगी और 9-10 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।

कल का मौसम 9 जुलाई: यूपी, बिहार, MP समेत इन 22+ राज्यों में IMD जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, कई जगह आंधी-तूफान की भी चेतावनी

Weather Forecast for July 9: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले 2 से 3 दिनों के भीतर इसके पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तरी अरब सागर के बचे हुए हिस्सों को कवर करते हुए पूरे देश में सक्रिय होने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। मौसम प्रणालियों की बात करें तो उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। इसके साथ हील दक्षिण गुजरात से लेकर केंद्रीय केरल तक ऑफ-शोर ट्रफ और उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर उत्तर-पूर्व बांग्लादेश तक सीजनल ट्रफ सक्रिय है।

इन मजबूत वेदर सिस्टम्स के चलते भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 9 जुलाई को उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश समेत देश के 22 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है।

इन 7 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 9 जुलाई को देश के 7 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका जताई गई है:-

उत्तर प्रदेश (पश्चिमी हिस्सा)

बिहार

मध्य प्रदेश

पूर्वी राजस्थान

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

दिल्ली-NCR और गुजरात समेत इन 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

9 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों और राज्यों में भी भारी बारिश दर्ज किए जाने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इन इलाकों और राज्यों के नाम नीचे दिए गए हैं-

उत्तर प्रदेश (पूर्वी हिस्सा)

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली

पंजाब और उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

गुजरात क्षेत्र

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

गांगेय पश्चिम बंगाल

केरल और माहे

तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में हवा की रफ्तार और गरज-चमक को लेकर भी अलर्ट जारी किया है:-

50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल: केरल और माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की तूफानी रफ्तार से आंधी-तूफान आने और हवाएं चलने की आशंका है।

40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली: राजस्थान, गुजरात राज्य, संपूर्ण कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में अलग-अलग हिस्सों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट है।

30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा ओडिशा में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

गरज-चमक और बिजली का अलर्ट: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, उत्तराखंड, तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा कर्नाटक, केरल एवं माहे, लक्षद्वीप और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल में सतह पर बहुत मजबूत हवाएं चलने का भी अनुमान है।

ये भी पढ़ें- Surat Rain PHOTOS: गुजरात में भारी बारिश का कहर! सूरत में 5 लोगो की मौत, पानी-पानी हुआ पूरा शहर, स्कूल बंद

El Nino Impact: अल नीनो के खतरे पर PMO में हाई लेवल मीटिंग, खेती-जॉब से खाने-पीने के सामान तक अंदर से निकल कर आईं ये 5 बातें जानिए

El Nino Update: देश में खरीफ सीजन पर और इकॉनमी के दूसरे सेक्टर्स पर अल नीनो के खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अलर्ट मोड में आ गया है। PIB की एक प्रेस रिलीज के मुताबिक प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ पीके मिश्रा की अध्यक्षता में 7 जुलाई पीएमओ में एक हाई लेवल बैठक आयोजित की गई। इसमें कृषि, बिजली, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, आर्थिक मामलों और उपभोक्ता मामलों सहित 15 से अधिक मंत्रालयों के सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बैठक का उद्देश्य अल नीनो की वजह से पैदा होने वाले हालात और मंत्रालयों की तैयारियों का डिटेल में एनालिसिस करना था। आइए आपको बताते हैं कि इस बैठक से निकल कर क्या खास बातें सामने आई हैं:-

1- मानसून का हाल और अल नीनो का अनुमान

बैठक की शुरुआत में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जून से लेकर 7 जुलाई तक देश में हुई बारिश का डिटेल पेश किया। मौसम विभाग के महानिदेशक ने बताया कि गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मानसून के आने में करीब 10 दिनों की देरी हुई। वैसे 7 जुलाई तक हुई बारिश के बाद पूरे भारत में बारिश की कमी घटकर -12% रह गई है।

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जुलाई के पहले सप्ताह में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। जुलाई और अगस्त में कमजोर से मध्यम अल नीनो रहने की उम्मीद है। चूंकि मानसून सीजन की 30% से अधिक बारिश जुलाई में ही होती है इसलिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अल नीनो वर्ष का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उस साल सामान्य से कम या बहुत कम बारिश होगी।

2- कृषि और फसलों को लेकर सरकार की तैयारी

कृषि सचिव ने खरीफ सीजन के दौरान अल नीनो के किसी भी संभावित प्रभाव से निपटने की तैयारियों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। देश के 262 संवेदनशील जिलों के लिए डिस्ट्रिक्ट एग्रीकल्चर कंटिंजेंसी प्लान को अपडेट किया गया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने जिलों में मौजूद कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए भारतीय कृषि में अल नीनो जोखिमों के प्रबंधन पर SOP जारी की है।

बारिश, जलाशयों में पानी, फसल की बुवाई, बाजार के रुझान और कीट/बीमारी की स्थिति की निगरानी के लिए राज्यों के साथ फसल मौसम निगरानी समूह की वीकली बैठकें बुलाई जा रही हैं। कमजोर राज्यों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड कवरेज के लिए अभियान शुरू किए गए हैं।

3- खाद्य सामग्री और फर्टिलाइजर का बफर स्टॉक

देश में आवश्यक खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर भी बैठक में मंथन हुआ। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने खुदरा कीमतों की स्थिति और चावल, गेहूं और दालों के पर्याप्त बफर स्टॉक की जानकारी साझा की। उर्वरक विभाग ने बताया कि रबी सीजन के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। दोनों विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे आवश्यक वस्तुओं और उर्वरकों की मैक्रो और माइक्रो दोनों स्तरों पर उपलब्धता की लगातार निगरानी करें।

4- पानी, बिजली और पशुओं के चारे पर फोकस

इस बैठक में पेयजल, सिंचाई और पशुपालन के मोर्चे पर भी मंत्रालयों ने अपनी रिपोर्ट पेश की। पेयजल और स्वच्छता विभाग ने बताया कि स्थिति स्थिर है लेकिन उन्हें संवेदनशील जिलों में माइक्रो लेवल पर प्लानिंग और निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

जल संसाधन विभाग ने बताया कि वर्तमान में भूजल और जलाशयों की स्थिति स्थिर है लेकिन पूरे सीजन इस पर लगातार नजर रखी जाएगी। पशुपालन और डेयरी विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे सूखे चारे, हरे चारे और पशु आहार की उपलब्धता का आकलन करें। इसके लिए चारा विकास योजनाएं बनाने और राज्यों के साथ नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग ने भी उत्पादन और उपलब्धता की स्थिति साझा की।

5- रोजगार, स्वास्थ्य और राज्यों के साथ तालमेल

बैठक में स्वास्थ्य अलर्ट और रोजगार योजनाओं पर भी चर्चा की गई। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने बताया कि हीट वेव, हाई ह्यूमिडिटी और डेंगू के प्रकोप की निगरानी के लिए एडवाइजरी जारी हुई हैं। ग्रामीण विकास विभाग ने जानकारी दी कि 1 जुलाई से ‘विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन’ के तहत काम शुरू हो गया है और अब तक 1 करोड़ मानव दिवस रोजगार पैदा किया गया है।

PMO का सख्त निर्देश

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि स्थिति की लगातार निगरानी की जानी चाहिए। मंत्रालयों को कहा गया है कि वे राज्यों के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर माइक्रो रणनीति के साथ काम करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कृषि और आर्थिक गतिविधियां अल नीनो से प्रभावित न हों।

‘अल नीनो’ का एनर्जी सिस्टम पर सबसे ज्यादा असर

सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के एक नए एनालिसिस के अनुसार, इस साल के अल नीनो का सबसे बड़ा ग्लोबल असर भारत के एनर्जी सिस्टम पर पड़ने वाला है। अल नीनो मौसम का एक ऐसा चक्र है जो बार-बार आता है। इससे दुनिया भर में तापमान बढ़ता है।

भारत के सामने दोहरी चुनौती

अल नीनो की वजह से हवा और बारिश कम होने से टरबाइन और हाइड्रोपावर से बिजली का उत्पादन घटेगा। जबकि तापमान बढ़ने से एयर कंडीशनिंग (AC) की मांग बढ़ेगी, जिसमें बहुत ज्यादा बिजली खर्च होती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि साल भर कूलिंग अप्लायंसेज (ठंडा करने वाले उपकरण) के ज्यादा इस्तेमाल से बिजली की मांग 10 टेरावाट-घंटे (TWh) तक बढ़ सकती है, जो दिल्ली की सालाना बिजली खपत का एक-चौथाई हिस्सा है।

ये भी पढ़ें- India Rain Watch 8 July: यूपी से गुजरात तक IMD ने भारी बारिश की रेड-ऑरेंज वॉर्निंग जारी की, आज इन 22 राज्यों में बिगड़ेगा मौसम

यह एनालिसिस जुलाई 2026 से जून 2027 की अवधि के लिए भारत के पावर सेक्टर पर ला नीना से अल नीनो में बदलाव के असर को दिखाता है। रिपोर्ट में कहा गया है, “भारत को बिजली देने में सौर ऊर्जा की भूमिका लगातार बढ़ रही है। अब यह दिन के समय बिजली की 24 प्रतिशत मांग को पूरा करती है। सौर ऊर्जा उत्पादन पर अल नीनो का बहुत कम असर पड़ता है, जिसका मतलब है कि भारत द्वारा लगाया गया हर अतिरिक्त सोलर पैनल और बैटरी ग्रिड को ऐसे खराब मौसम का सामना करने के लिए तैयार करने में मदद करता है।”

ये भी पढ़ें- India Rain Watch 8 July: यूपी से गुजरात तक IMD ने भारी बारिश की रेड-ऑरेंज वॉर्निंग जारी की, आज इन 22 राज्यों में बिगड़ेगा मौसम

व्हाइट ब्यूटी की तलाश में जाएं भारत के इन 8 खूबसूरत वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन पर, जहां सफेद जानवरों का होगा दीदार!

भारत में वन्यजीवों की कई ऐसी प्रजातियां हैं जो अपनी अनोखी रंग-रूप की वजह से लोगों को अट्रैक्ट करती हैं। इनमें सफेद रंग के दुर्लभ जंगली जानवर सबसे ज्यादा रोमांच पैदा करते हैं। हालांकि जंगलों में इन्हें देख पाना बहुत मुश्किल होता है। भारत के कुछ नेशनल पार्क और वाइल्ड लाइफ एरिया ऐसे हैं जहां इन दुर्लभ जीवों को देखने की संभावना रहती है।

1. जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क – सफेद हिरण और रेयर वाइल्ड लाइफ का एरिया

पानी में नहाते दिखा दुर्लभ सफेद हिरण, वीडियो हुआ वायरल - white Moose rare animal Population only 50 VIRAL VIDEO tsty - AajTak

उत्तराखंड में जिम कॉर्बेट भारत के सबसे पुराने और पॉपुलर नेशनल पार्क में से एक है। यह जगह बाघ, हाथी, हिरण और कई पक्षियों के लिए जानी जाती है। समय-समय पर यहां सफेद रंग वाले दुर्लभ हिरण या अन्य वन्यजीवों के दिखाई देने की खबरें सामने आती रही हैं। घने जंगल, घास के मैदान और नदी क्षेत्र ऐसे वातावरण बनाते हैं जहां कई तरह के जीव रहते हैं। सफारी के दौरान दुर्लभ रंग वाले जानवर दिखना पूरी तरह किस्मत पर डिपेंड करता है।

 

2. केवलादेव नेशनल पार्क – सफेद पक्षियों का खूबसूरत संसार

सफेद मोर सुंदर पंख और प्रेमालाप प्रदर्शन के साथ एक राजसी पक्षी तस्वीर और मुफ्त डाउनलोड के लिए चित्र - Pngtree

राजस्थान का केवलादेव नेशनल पार्कदुनिया के पॉपुलर पक्षी अभयारण्यों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पक्षी आते हैं। सर्दियों के मौसम में यहां कई प्रवासी पक्षी दिखाई देते हैं। इस क्षेत्र में सफेद रंग के पक्षी जैसे बगुले, सारस और अन्य जलपक्षी आसानी से देखे जा सकते हैं। झीलों, तालाबों और घास वाले एरिया के कारण यह जगह पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग मानी जाती है।

 

3. रणथंभौर नेशनल पार्क – सफेद बाघ की कहानियों से जुड़ा 

दुनिया में पीले टाइगर्स मौजूद थे तो सफेद बाघ कहां से आए? - Trending AajTak

रणथंभौर राजस्थान का पॉपुलर टाइगर रिजर्व है, जहां बाघों को खुले जंगल में देखने का शानदार एक्सपीरियंस मिलता है। यहां सफेद बाघ नियमित रूप से नहीं पाए जाते, लेकिन भारत में सफेद बाघों की ऐतिहासिक कहानी मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ नेशनल पार्क जैसे क्षेत्रों से जुड़ी रही है। रणथंभौर में सफेद रंग के अन्य दुर्लभ जीव और पक्षी देखने को मिल सकते हैं।

 

4. काजीरंगा नेशनल पार्क – सफेद गैंडों की धरती

उत्तरी सफेद गैंडे: लॉन्गलीट के जानवर प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाने में मदद करते हैं | आईटीवी न्यूज़ वेस्ट कंट्री

असम का काजीरंगा नेशनल पार्क एक सींग वाले गैंडों के लिए वर्ल्ड फेमस है। यहां सफेद रंग वाले गैंडे नहीं, बल्कि सामान्य रंग के भारतीय गैंडे पाए जाते हैं, जिन्हें कई लोग गलती से “सफेद गैंडा” कह देते हैं। इसके अलावा यहां हाथी, जंगली भैंसे, हिरण और कई पक्षियों की प्रजातियां मिलती हैं। मानसून के बाद हरियाली से भरा यह पार्क बेहद खूबसूरत दिखाई देता है।

 

5. भितरकनिका नेशनल पार्क – सफेद मगरमच्छों की दुर्लभ झलक

 

Meet Pearl, one of the world's rare albino alligators | Natural World | Earth Touch News

ओडिशा का भितरकनिका नेशनल पार्क मैंग्रोव जंगलों और खारे पानी के मगरमच्छों के लिए पॉपुलर है। यहां दुर्लभ रंग वाले मगरमच्छों के दिखाई देने की घटनाएं सामने आई हैं। पार्क में सफेद या हल्के रंग के मगरमच्छ बेहद दुर्लभ माने जाते हैं। इसके अलावा यहां कछुए, पक्षी और कई जलीय जीव भी पाए जाते हैं। यह एरिया भारत के सबसे जरुरी मैंग्रोव इको-सिस्टम में से एक है।

 

6. काबिनी वाइल्डलाइफ सेचुअरी – जंगलों में दुर्लभ नजारे

White Deer, bonito, white, deer, HD wallpaper | Peakpx

कर्नाटक का काबिनी एरिया अपने खूबसूरत जंगलों, झील और वाइल्डलाइफ सफारी के लिए पॉपुलर है। यहां हाथी, बाघ, तेंदुए और कई प्रकार के हिरण पाए जाते हैं। काबिनी की खासियत यह है कि यहां जंगल और पानी का सुंदर ब्लेंड देखने को मिलता है, जिससे वाइल्डलाइफ को देखने का एक्सपीरियंस और भी शानदार हो जाता है।

7. नागरहोल टाइगर रिजर्व – रेयर वाइल्डलाइफ का नेचुरल होम

Best Travel Place : गुलाबी लैगून! नीले समंदर की लहरें और आग जैसा दहकता लाल रेगिस्तान, रोड ट्रिप के शौकीनों के लिए स्वर्ग है यह देश! - News18 हिंदी

नागरहोल टाइगर रिजर्व कर्नाटक के सबसे जरुरी जंगल एरिया में से एक है। यहां बाघ, हाथी, गौर, हिरण और कई पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं। घने जंगल और नदी क्षेत्र इसे वाइल्डलाइफ के लिए आइडियल प्लेस बनाते हैं। सफेद रंग वाले जानवरों को देखना यहां भी दुर्लभ घटना है, लेकिन सफारी के दौरान अलग-अलग प्रजातियों के अनोखे रूप देखने का मौका मिल सकता है।

 

8. पेरियार टाइगर रिजर्व – झील और जंगलों का अनोखा संगम

White tiger and white lion cubs, zoo, cub, tiger, wild life, lion, HD wallpaper | Peakpx

केरल का पेरियार टाइगर रिजर्व अपनी खूबसूरत झील, हाथियों और हरे-भरे जंगलों के लिए पॉपुलर है। यहां कई प्रकार के पक्षी, हिरण और वाइल्डलाइफ पाए जाते हैं। सफेद रंग वाले दुर्लभ जीवों को देखना आसान नहीं होता, लेकिन इस क्षेत्र की बायोडाइवर्सिटी इसे खास बनाती है। नाव सफारी के दौरान जंगल और पानी के बीच वाइल्डलाइफ को देखने का एक्सपीरियंस बेहद यादगार होता है।

भारत के जंगलों में सफेद रंग के दुर्लभ जानवरों को देखना एक रोमांचक लेकिन बेहद मुश्किल एक्सपीरियंस है। नेचर में ऐसे जीव बहुत कम संख्या में पाए जाते हैं और इनका कंज़र्वेशन बेहद जरूरी है। इन नेशनल पार्क की ट्रिप केवल दुर्लभ जानवरों को देखने के लिए ही नहीं, बल्कि भारत की यूनिक बायोडाइवर्सिटी और नेचुरल ब्यूटी को समझने का भी शानदार मौका देती है।

कल का मौसम 8 जुलाई: इन 19 राज्यों में भारी बारिश और 18 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट, दिल्ली से यूपी-बिहार तक IMD ने जारी की ये चेतावनी

India Weather Forecast for 8th July: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून गुजरात के बचे हुए हिस्सों, राजस्थान और हरियाणा के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून पंजाब, राजस्थान और हरियाणा के शेष हिस्सों को कवर करते हुए पूरे देश में दस्तक दे देगा। मौसम प्रणालियों की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास के इलाके पर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से लेकर केंद्रीय केरल तक ऑफ-शोर ट्रफ और राजस्थान से लेकर बांग्लादेश तक सीजनल ट्रफ बनी हुई है। इन मजबूत सिस्टम्स के प्रभाव के चलते बुधवार 8 जुलाई को देश के 19 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और करीब 18 राज्यों में आंधी-तूफान व आसमानी बिजली का हाई अलर्ट जारी किया गया है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 8 जुलाई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अत्यंत मूसलाधार बारिश होने की प्रबल आशंका है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासनिक दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

इन 9 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक 8 जुलाई को देश के 9 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। ये अलर्ट नीचे दिए गए राज्यों के लिए जारी किया गया है-

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

तटीय कर्नाटक

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक

पूर्वी राजस्थान

गुजरात क्षेत्र

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

मध्य प्रदेश

यूपी, दिल्ली-NCR और बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

8 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस सूची में नीचे दिए गए राज्य शामिल हैं-

उत्तर प्रदेश (पश्चिमी हिस्सा)

बिहार

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली

पंजाब

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख

पश्चिमी राजस्थान

सौराष्ट्र और कच्छ

विदर्भ (महाराष्ट्र)

केरल और माहे

उत्तरी आंतरिक कर्नाटक

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट (18 प्रभावित राज्य)

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों में तेज हवाओं और गरज-चमक को लेकर भी चेतावनी जारी की है:

1- 50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल

गुजरात क्षेत्र, संपूर्ण कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में 50-60 किमी प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की आशंका है।

2- 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली

आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल और माहे, लक्षद्वीप और पूरे राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट है।

3- 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं

बिहार, ओडिशा, संपूर्ण पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

4- गरज-चमक और बिजली का अलर्ट

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तराखंड में आकाशीय बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ सामान्य आंधी आ सकती है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में सतह पर बेहद मजबूत हवाएं चलने का भी अनुमान है।

समुद्री तटीय इलाकों के लिए चेतावनी: मछुआरों को न जाने की सलाह

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ही क्षेत्रों में तूफानी मौसम और भारी लहरें उठने की चेतावनी जारी की है:

उत्तरी कोंकण तट: यहां सबसे खतरनाक स्थिति रहने वाली है। यहां 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं।

दक्षिणी कोंकण और गोवा तट: यहां 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक छू सकती हैं।

गुजरात, कर्नाटक और केरल तट: दक्षिण गुजरात, कर्नाटक, केरल के तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं। इससे मौसम खराब रहेगा।

बंगाल की खाड़ी: ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के साथ-साथ केंद्रीय, उत्तरी और दक्षिणी बंगाल की खाड़ी में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) चलने की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सख्त हिदायत दी गई है।

IAF Success Story: छोटे शहर की बेटी ने अकेले MiG-21 उड़ाकर रचा इतिहास, बनीं भारत की पहली महिला फाइटर पायलट

एक समय था जब भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बनना महिलाओं के लिए सिर्फ एक सपना माना जाता था। काबिलियत होने के बावजूद लड़कियों के लिए लड़ाकू विमान उड़ाने का रास्ता बंद था। लेकिन मध्य प्रदेश के छोटे से कस्बे से निकली अवनी चतुर्वेदी ने इस सोच को बदल दिया। उन्होंने अकेले MiG-21 बाइसन फाइटर जेट उड़ाकर इतिहास रच दिया और भारत की पहली महिला बन गईं, जिन्होंने बिना किसी ट्रेनर के फाइटर विमान की कमान संभाली। उनकी कहानी आज लाखों बेटियों के लिए हौसले और मेहनत की मिसाल बन चुकी है।

भाई की वर्दी से मिली देश सेवा की प्रेरणा

अवनी चतुर्वेदी का जन्म मध्य प्रदेश के रीवा जिले में हुआ और उनका बचपन देवलोंड कस्बे में बीता। उनके बड़े भाई भारतीय सेना में थे। भाई को वर्दी में देखकर अवनी के मन में भी देश के लिए कुछ करने की इच्छा पैदा हुई।

हालांकि उन्होंने सेना में जाने की बजाय आसमान को अपना रास्ता चुना। उनका सपना था कि वह भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बनकर देश की सेवा करें।

जब सपना मुश्किल था, लेकिन हौसला मजबूत था

जिस समय अवनी बड़ी हो रही थीं, उस दौर में भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम महिलाओं के लिए बंद थी। यानी महिलाएं चाहकर भी लड़ाकू विमान उड़ाने का मौका नहीं पा सकती थीं।

लेकिन अवनी ने इस बाधा को अपनी मंजिल के बीच नहीं आने दिया।

फ्लाइंग क्लब ने बदली जिंदगी की दिशा

अवनी ने राजस्थान की बनस्थली विद्यापीठ से बीटेक की पढ़ाई की। कॉलेज के दौरान वह फ्लाइंग क्लब से जुड़ीं और पहली बार विमान उड़ाने का अनुभव हासिल किया।

धीरे-धीरे उड़ान भरना उनका जुनून बन गया। इसके बाद उन्होंने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) की तैयारी की और भारतीय वायुसेना में शामिल होने का रास्ता बनाया।

2015 का फैसला, जिसने खोल दिए बंद दरवाजे

साल 2015 भारतीय वायुसेना के इतिहास में एक बड़ा बदलाव लेकर आया। सरकार ने महिलाओं के लिए फाइटर स्ट्रीम खोलने का फैसला किया।

इसी ऐतिहासिक पहल के तहत अवनी चतुर्वेदी, भावना कंठ और मोहना सिंह का चयन हुआ। ये तीनों भारत की पहली महिला फाइटर पायलट बनीं।

जून 2016 में तीनों को भारतीय वायुसेना में कमीशन मिला और एक नए दौर की शुरुआत हुई।

MiG-21 उड़ाकर रचा ऐसा रिकॉर्ड, जो हमेशा याद रहेगा

फाइटर पायलट बनना तो बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन असली परीक्षा अकेले उड़ान भरना था। क्योंकि सोलो फ्लाइट के दौरान कॉकपिट में कोई ट्रेनर मौजूद नहीं होता।

19 फरवरी 2018 को जामनगर एयरफोर्स स्टेशन से अवनी चतुर्वेदी ने MiG-21 बाइसन को अकेले उड़ाया। करीब 30 मिनट की इस ऐतिहासिक उड़ान के साथ वह भारत की पहली महिला बन गईं, जिन्होंने अकेले फाइटर जेट उड़ाया।

यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं था, बल्कि भारतीय विमानन इतिहास में बदलाव का प्रतीक था।

“विमान को फर्क नहीं पड़ता पायलट पुरुष है या महिला”

अवनी की सोच उनकी उपलब्धियों जितनी ही प्रेरणादायक है। एक बार उनसे महिला फाइटर पायलट होने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विमान को इससे फर्क नहीं पड़ता कि उसे उड़ाने वाला पुरुष है या महिला, उसे सिर्फ यह पता होता है कि उसे कौन सही तरीके से उड़ा सकता है।

उनकी यह सोच लैंगिक समानता का मजबूत संदेश देती है।

भारत की बेटी ने विदेशों में भी लहराया परचम

अवनी ने अपनी पहली ऐतिहासिक उड़ान के बाद भी कई उपलब्धियां हासिल कीं। साल 2023 में वह भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलट बनीं, जिन्होंने जापान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास में हिस्सा लिया।

इस उपलब्धि ने दिखाया कि भारतीय महिला पायलट अब वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान बना रही हैं।

नारी शक्ति पुरस्कार से हुआ सम्मान

अवनी चतुर्वेदी के योगदान को देखते हुए साल 2020 में उन्हें नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान देश में महिलाओं की उपलब्धियों को पहचान देने के लिए दिया जाता है।

एक उड़ान जिसने बदल दी हजारों बेटियों की सोच

अवनी चतुर्वेदी की कहानी सिर्फ एक फाइटर जेट उड़ाने की कहानी नहीं है। यह उन सीमाओं को तोड़ने की कहानी है, जो कभी महिलाओं के रास्ते में खड़ी थीं।

बेंगलुरु कपल की कमाल की फाइनेंशियल प्लानिंग वायरल, हर महीने ऐसे करते हैं लाखों का निवेश

सड़क हादसों में बढ़ोतरी के बाद गोवा सरकार अलर्ट, किराए पर मिलने वाली महिंद्रा थार के लिए नियम करेगा सख्त

Mahindra Thar Goa Ban: गोवा सरकार ‘रेंट-ए-कार’ सेगमेंट में महिंद्रा थार गाड़ियों के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाने पर विचार कर रही है, ऐसा इसलिए क्योंकि इन SUV से जुड़े सड़क हादसों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। राज्य के परिवहन मंत्री मॉविन गोडिन्हो ने कहा कि यह प्रस्ताव स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) के सामने रखा जाएगा, जो इस पर अंतिम निर्णय लेगा।

मंत्री ने कहा, “हम दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को लेकर चिंतित हैं और हमने इसके कारणों और इन्हें रोकने के तरीकों पर चर्चा की है। जहां तक ​​थार गाड़ियों की बात है, हम किराए पर चलने वाली थार गाड़ियों के ऑपरेटरों को नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाने जा रहे हैं… यह मामला अगली STA बैठक में उठाया जाएगा और वे तय करेंगे कि क्या कार्रवाई की जानी है।”

गोडिन्हो ने कहा कि अगर कानूनी रूप से संभव होता तो सरकार किराए पर चलने वाली गाड़ियों के बेड़े से थार गाड़ियों पर पूरी तरह से रोक लगा देती। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद लोगों की सुरक्षा को बेहतर बनाना है। उन्होंने बताया कि यह फैसला सड़क दुर्घटनाओं में किराए की थार गाड़ियों के बढ़ते इस्तेमाल और खासकर पर्यटकों द्वारा चलाई जा रही गाड़ियों से जुड़ी कई दुर्घटनाओं के बाद उठाया गया है।

दो महीने में दो हादसे

बता दें कि मई में, उत्तरी गोवा में किराए की एक थार गाड़ी ने कथित तौर पर एक स्कूटर को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में 32 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और एक नाबालिग गंभीर रूप से घायल हो गया था। वहीं जांच में पुलिस को पता चला कि गाड़ी चलाने वाला पर्यटक कथित तौर पर शराब के नशे में था।

दूसरी घटना फरवरी में नॉर्थ गोवा में हुई। यहां पर भी किराए की एक ‘थार’ गाड़ी के कथित तौर पर टक्कर मारने से मध्य प्रदेश के एक 65 वर्षीय पर्यटक की मौत हो गई थी।

ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट रेंट पर कार देने वाली कंपनी की जांच करेगा

गोडिन्हो ने कहा कि ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ‘रेंट-ए-कार’ ऑपरेटरों का ऑडिट भी करेगा ताकि यह पक्का किया जा सके कि वे लाइसेंसिंग नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। इसमें गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा भी शामिल होगी। इसके अलावा, अधिकारी किराए की गाड़ियों में लगे व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और स्पीड गवर्नर की जांच और तेज करेंगे।

मंत्री ने शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि शराब के नशे में गाड़ी चलाते हुए पाए जाने वाले और जानलेवा सड़क हादसों में शामिल ड्राइवरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही, जरूरत पड़ने पर वाहन देने वाली कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग ने यह भी पाया है कि किराए पर चलने वाली कई गाड़ियों में अनिवार्य स्पीड गवर्नर के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। जून से अब तक 200 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें आरोप है कि ऑपरेटरों ने स्पीड लिमिट से बचने के लिए या तो डिवाइस को डिस्कनेक्ट कर दिया या फिर छिपे हुए स्विच लगा दिए।

लगेगा 10 हजार का जुर्माना

विभाग ने कहा कि, नियम तोड़ने वालों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, बार-बार नियम तोड़ने वाले ऑपरेटरों के परमिट निलंबित कर दिए जाएंगे।

रोड सेफ्टी से जुड़ी एक और पहल में, गोडिन्हो ने कहा कि पूरे गोवा में 26 जगहों पर लगाए गए AI-पावर्ड ट्रैफिक कैमरे 15 जुलाई से ई-चालान जारी करना शुरू कर देंगे। तब तक, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को जुर्माने के बजाय जागरूकता संदेश भेजे जाएंगे, ताकि वे नए लागू सिस्टम से परिचित हो सकें।

यह भी पढ़ें: E25 Petrol: 20% एथेनॉल वाले पेट्रोल के बाद अब 25% ब्लेंडिंग पर आई ये जानकारी, कार और बाइक चलाने वालों के लिए बड़ी खबर!

IMD Heavy Rain Alert: इन 23 राज्यों में भारी बारिश, 16 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट, यूपी समेत पूरे देश में 13 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश में मॉनसून के तेजी से आगे बढ़ने के साथ ही भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर एक बड़ा और विस्तृत अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 7 जुलाई गुजरात के बचे हुए हिस्सों और राजस्थान व हरियाणा के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मॉनसून के उत्तरी अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी हिस्सों को कवर करते हुए पूरे देश में दस्तक देने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल बनी हुई हैं। इस बीच उत्तर छत्तीसगढ़ और उसके आसपास सक्रिय रहा डिप्रेशन अब कमजोर होकर पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया के रूप में बना हुआ है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा, जिससे देश के बड़े हिस्से में 13 जुलाई तक मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और आंधी-तूफान का दौर जारी रहेगा।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार कुछ राज्यों में आज आफत की बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 जुलाई को जबकि कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात राज्य में आज अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके साथ ही दक्षिण भारत के केरल और कर्नाटक में भी आज अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

देश भर के राज्यों का विस्तृत और क्षेत्रीय पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-NCR और पंजाब-हरियाणा का हाल

  • उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 11 से 13 जुलाई के बीच बारिश की गतिविधि तेजी से बढ़ेगी जहां 11 और 12 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 7 जुलाई को पश्चिमी यूपी में 40-50 किमी प्रति घंटे और पूर्वी यूपी में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है।
  • दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: दिल्ली-NCR, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 7 से 9 जुलाई के बीच व्यापक रूप से बारिश होगी। इन क्षेत्रों में 7-9 जुलाई और फिर 11-12 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। 10 से 13 जुलाई के बीच यहां छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 7 से 12 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी जबकि 13 जुलाई को छिटपुट बारिश के आसार हैं। यहां 7 और 8 जुलाई को भारी बारिश और आकाशीय बिजली कड़कने के साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: दोनों पहाड़ी राज्यों में 7 से 13 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल और उत्तराखंड में 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश, जबकि 8 से 13 जुलाई के दौरान अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है।
  • राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 8-9 जुलाई को व्यापक और बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 7 से 13 जुलाई तक छिटपुट से लेकर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान राजस्थान के दोनों हिस्सों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 से 9 जुलाई तक और पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 11 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। दोनों हिस्सों में 7 से 9 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके बाद 10 से 12 जुलाई को भी पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश जारी रहेगी।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 7 और 13 जुलाई को व्यापक बारिश होगी और 7 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 7 से 9 जुलाई और फिर 13 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जहां 7 जुलाई को बहुत भारी और 8 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। इन सभी क्षेत्रों में 7 जुलाई को बिजली चमकने की आशंका है।

पूर्वी भारत: बिहार और झारखंड में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बरसात

बिहार: बिहार में 7 और 10 जुलाई को व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है जबकि 10 जुलाई को राज्य के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 7, 8 और 11 जुलाई को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 8 से 13 जुलाई के दौरान बिहार में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली गिरने की भी चेतावनी है।

झारखंड: झारखंड में 7-8 जुलाई और 10-13 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होने का अनुमान है। 7 जुलाई को यहां भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही 7 से 11 जुलाई तक राज्य में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात का येलो अलर्ट रहेगा।

पश्चिम बंगाल और ओडिशा: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7 से 13 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा जिसमें 8 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी 13 जुलाई तक गरज-चमक और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

अंडमान और निकोबार: यहां 11 से 13 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी, जबकि 7 से 9 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटे) चलेंगी।

पूर्वोत्तर भारत: असम और अरुणाचल में आफत बनेगी बारिश

अरुणाचल प्रदेश: यहां 7 से 11 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 7 से 10 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश और 11 जुलाई को भारी बारिश होने का अनुमान है।

असम और मेघालय: इन राज्यों में 7 से 12 जुलाई तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग ने 7 से 9 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश और 10 से 13 जुलाई के बीच भारी बारिश की आशंका जताई है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन चारों राज्यों में 7 से 13 जुलाई तक व्यापक बारिश होने और 7 से 10 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

पश्चिमी भारत: कोंकण और गुजरात में 70 किमी की रफ्तार से तूफानी हवाएं

कोंकण और गोवा: यहां 7 से 13 जुलाई तक लगातार व्यापक से बहुत व्यापक बारिश होगी। 7 जुलाई को अत्यंत भारी और 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। साथ ही 7 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से भयानक आंधी-तूफान आ सकता है।

गुजरात क्षेत्र: गुजरात में 7 से 9 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी जिसमें 7 जुलाई को अत्यंत भारी और 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है। गुजरात क्षेत्र में 7 से 9 जुलाई के बीच 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल चलने की चेतावनी है।

मध्य महाराष्ट्र और मारथवाड़ा: मध्य महाराष्ट्र में 7-8 जुलाई को भारी से अत्यंत भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश का कहर

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 7 से 13 जुलाई तक भारी बारिश होगी जिसमें 7 जुलाई को अत्यंत भारी और 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तटीय और आंतरिक कर्नाटक में 7-8 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से तूफानी आंधी चलने और 7 से 13 जुलाई तक बेहद मजबूत सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

केरल और लक्षद्वीप: केरल में 7 से 11 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें आज (7 जुलाई) अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। केरल, लक्षद्वीप और तटीय आंध्र प्रदेश में 7 से 9 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली चमकने के साथ मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

तेलंगाना और तमिल नाडु: तेलंगाना में 7-8 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल और 7 से 10 जुलाई तक तेज सतही हवाएं चलने का अलर्ट है। तमिल नाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 8-9 जुलाई को तेज आंधी-तूफान आने की आशंका व्यक्त की गई है।

मौसम विभाग की सलाह: भारी बारिश, वज्रपात (आकाशीय बिजली) और 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने, कमजोर संरचनाओं के पास न जाने और यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।