उत्तर भारत में एक्टिव हुआ लो-प्रेशर सिस्टम! अगले 6 दिनों तक दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, यहां-यहां बदलेगा मौसम

IMD Weather Alert: उत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक नया लो प्रेशर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 5 सितंबर को जारी वेदर बुलेटिन के अनुसार, इस मौसमी तंत्र की वजह से अगले दो दिनों के दौरान यह प्रणाली पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ेगी। इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में अगले छह से सात दिनों तक व्यापक रूप से गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश की गतिविधियां काफी सुस्त बनी रहेंगी।

पिछले 24 घंटों का हाल और राज्यों में दर्ज की गई रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, असम, नागालैंड और तमिलनाडु में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

दिल्ली-एनसीआर, यूपी और उत्तर-पश्चिम भारत का वेदर अपडेट

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 5 सितंबर से मानसूनी हवाएं काफी मजबूत रहने वाली हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तर प्रदेश पर बने लो-प्रेशर सिस्टम के चलते दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 और 6 सितंबर को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 6 से 8 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर बारिश और बिजली कड़कने की गतिविधियां बनी रहेंगी।

उत्तराखंड में 5 से 11 सितंबर तक लगातार बारिश, आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है, जहां 5 से 7 सितंबर और 10 व 11 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि 6 सितंबर को भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 5 सितंबर को तेज आंधी और बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश के आसार

मध्य भारत में लो-प्रेशर एरिया के सीधे असर के कारण पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 6 और 7 सितंबर को भी इस इलाके में भारी बारिश जारी रहेगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 से 8 सितंबर के दौरान अधिकांश स्थानों पर बादल बरसेंगे और भारी बारिश दर्ज की जाएगी। छत्तीसगढ़ में 8 से 11 सितंबर के बीच मानसूनी बारिश में तेजी आएगी और भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि विदर्भ क्षेत्र में 11 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार, झारखंड और पूर्वी भारत में कैसा रहेगा मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी हलचल बनी रहेगी। बिहार में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जिसके बाद 6 से 8 सितंबर और 11 सितंबर को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश दर्ज हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 से 7 सितंबर और 11 सितंबर को मूसलाधार बारिश का अनुमान है। इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल में 8 और 9 सितंबर, झारखंड में 9 सितंबर तथा ओडिशा में 9 से 11 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 5 से 11 सितंबर के दौरान मध्यम से तेज बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल, असम समेत सभी 7 राज्यों में मूसलाधार बारिश

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर अगले एक हफ्ते तक बेहद मजबूत रहने वाला है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 से 11 सितंबर के दौरान लगातार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इन सभी राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में 5 से 11 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है।

पश्चिमी और दक्षिण भारत का हाल: तेज हवाओं का दौर, बारिश धीमी

पश्चिम भारत में कोंकण और गोवा के इलाकों में 5 से 9 सितंबर तक अधिकांश स्थानों पर बारिश जारी रहेगी जबकि गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में 5 से 11 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। दक्षिण भारत की बात करें तो प्रायद्वीपीय हिस्सों में बारिश काफी सुस्त रहेगी।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, केरल, माहे, कर्नाटक, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना में 5 से 11 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और तूफानी झोंके आने की चेतावनी जारी की गई है।

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अकेले कचरे से भरी नदी साफ करने वाले ‘बिट्टू तबाही’ की बदली किस्मत, डच CEO ने दिया नौकरी का ऑफर

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के 20 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘Bittu Tabahi’ के नाम से पहचान मिली है, इन दिनों अपनी मेहनत के कारण सुर्खियों में हैं। सुरेंद्र ने कचरे से भरी अजनार नदी की सफाई का बीड़ा खुद उठाया और कई महीनों तक लगातार वहां से प्लास्टिक, गंदगी और जमा मलबा हटाते रहे। उनके इस काम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसके बाद उनकी कोशिशों की चर्चा दूर तक पहुंची। अब उनकी इसी पहल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है।

नीदरलैंड की पर्यावरण संस्था The Ocean Cleanup के संस्थापक और CEO बॉयन स्लैट ने सोशल मीडिया पर सुरेंद्र के काम को देखते हुए उन्हें अपने साथ काम करने का सीधा ऑफर दिया है। इस खबर के सामने आने के बाद सुरेंद्र की कहानी को लेकर सोशल मीडिया पर लोग उत्साहित हैं। एक छोटे से शहर का यह युवा अब नदी सफाई के अपने जुनून के कारण वैश्विक मंच तक पहुंचने की ओर बढ़ रहा है।

सोशल मीडिया पोस्ट पर CEO ने कहा- हमारे साथ काम करो

अजनार नदी की सफाई के दौरान सुरेंद्र के काम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। एक यूजर ने X पर उनकी तस्वीरों के साथ पोस्ट शेयर की, जिसमें नदी की सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें दिखाई गई थीं।

पोस्ट पर बॉयन स्लैट की नजर पड़ी। उन्होंने बिना ज्यादा कुछ कहे सीधे लिखा, “Come work for us.”

डच के CEO का यह छोटा-सा जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

लोगों ने कहा- जिंदगी का सबसे बड़ा मौका

बॉयैन स्लैट के ऑफर के बाद यूजर्स ने सुरेंद्र को बधाई देना शुरू कर दिया। कई लोगों ने इसे उनके लिए शानदार अवसर बताया। एक यूजर ने लिखा कि उम्मीद है यह ऑफर गंभीर है और सुरेंद्र को यह मौका जरूर हासिल करना चाहिए।

दूसरे यूजर ने इसे ‘ऑफर ऑफ ए लाइफटाइम’ तक बता दिया।

कौन हैं Bittu Tabahi?

सुरेंद्र सिंह चौधरी ब्यावरा, राजगढ़, मध्य प्रदेश से आते हैं। उनके सोशल मीडिया वीडियो में उन्हें अजनार नदी से प्लास्टिक, कचरा, गंदगी और जमा हुआ मलबा खुद निकालते देखा जा सकता है।बताया जाता है कि उन्होंने इस सफाई अभियान की शुरुआत जनवरी में की थी। लगातार मेहनत के बाद नदी के एक हिस्से का पूरा रूप बदल गया और वहां जमा कचरा काफी हद तक साफ हो गया।

सफाई अभियान में अपनी जेब से लगाए पैसे

एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के मुताबिक, सुरेंद्र अब तक इस सफाई अभियान पर करीब ₹30,000 खर्च कर चुके हैं। यानी सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने से पहले उन्होंने इस काम में अपना समय, मेहनत और पैसा लगाया।

आनंद महिंद्रा भी कर चुके हैं तारीफ

सुरेंद्र के काम की चर्चा इससे पहले उद्योगपति आनंद महिंद्रा तक भी पहुंच चुकी है। उन्होंने मार्च में सोशल मीडिया पर सुरेंद्र की तारीफ करते हुए कहा था कि अगर सोशल मीडिया पर मिलने वाले ‘लाइक्स’ किसी अच्छे काम की वजह बनते हैं, तो इसमें कोई बुराई नहीं है।

उन्होंने सुरेंद्र को अपनी #MondayMotivation पोस्ट का हिस्सा भी बनाया था।

कौन हैं बॉयन स्लैट?

बॉयैन स्लैट नीदरलैंड के इनोवेटर और उद्यमी हैं और The Ocean Cleanup के संस्थापक हैं। उनकी संस्था समुद्रों और नदियों में जमा प्लास्टिक को हटाने के लिए तकनीकी समाधान विकसित करती है।

संस्था का लक्ष्य 2040 तक समुद्र में मौजूद तैरते प्लास्टिक का 90 फीसदी हिस्सा हटाना है। ऐसे में नदी की सफाई में जुटे एक युवा भारतीय को खुद CEO की ओर से मिला ऑफर उसके काम की अंतरराष्ट्रीय पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।

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Delhi-NCR Weather: दिल्ली-NCR में आज फिर बरसेंगे बादल, आंधी-तूफान के साथ होगी तेज बारिश, IMD का येलो अलर्ट

Delhi-NCR Weather: दिल्ली में शुक्रवार दोपहर के बाद मौसम ने अचानक बदल गया और कई इलाकों में तेज बारिश हुई। बारिश की वजह से कुछ जगहों पर पानी भर जाने से लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हुई। बारिश होने की वजह से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। वहीं दिल्ली-NCR में 5 सितंबर को भी बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह और शाम के समय कई इलाकों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है और तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। जानें आज कैसा होगा दिल्ली-NCR का मौसम

आज कैसा होगा दिल्ली का मौसम

5 सितंबर को दिल्ली में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, सुबह से दोपहर तक और फिर दोपहर बाद गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट देखने को मिलेगी। दिन का तापमान करीब 29 से 31 डिग्री और रात का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। इस दौरान दक्षिण-पूर्व दिशा से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

दिल्ली-NCR का हाल

दिल्ली-NCR में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। दिल्ली-NCR के गुरुग्राम, गाजियाबाद और नोएडा में आज मौसम बारिश वाला रहने की संभावना है। गुरुग्राम में सुबह से दोपहर और फिर शाम के समय गरज के साथ बारिश हो सकती है। गाजियाबाद में भी कई इलाकों में बारिश और बिजली चमकने की संभावना है, जबकि नोएडा में सुबह के साथ-साथ दोपहर और शाम को भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। गाजियाबाद में पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इस वजह से हो रही बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र दिल्ली-NCR में बारिश की वजह बन रहा है। यह मौसम सिस्टम अगले दो दिनों तक ज्यादा बदलाव नहीं करेगा। इसके चलते दिल्ली और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने के साथ बीच-बीच में बारिश होती रह सकती है। मौसम में सुधार हफ्ते के अंत तक होने की उम्मीद है।

दिल्ली में कब तक होगी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 6 सितंबर के बाद दिल्ली में बारिश का असर कम होने लगेगा। इस दिन हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन 7 से 10 सितंबर के बीच मौसम ज्यादातर सूखा रहने की संभावना है और आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान हवाओं की दिशा भी बदल सकती है। बारिश कम होने के साथ तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और सप्ताह के अंत तक अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

लोगों को सावधानी बरतने की अपील

बारिश के चलते दिल्ली-NCR में लोगों को सफर के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तेज बारिश से सड़कों पर जाम लग सकता है और कई निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या हो सकती है। ऐसे में वाहन चलाते समय हादसे का खतरा भी बढ़ सकता है। यात्रियों को घर से निकलने से पहले ट्रैफिक की स्थिति देखने और प्रशासन की ओर से जारी जरूरी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

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जन नेता कामरेड होमी एफ दाजी – शताब्दी पर जयजगत!

जन नेता कामरेड होमी एफ दाजी - शताब्दी पर जयजगत!

होमी एफ. दाजी, साम्यवादी विचारधारा के साथ ज़ीने वाले साम्यवादी राजनेता होने के साथ ही वंचित तबके से लेकर पढ़े-लिखे बुद्धिजीवियों के मन मस्तिष्क को गहराई से प्रभावित करने वाले राजनेता थे। होमी दाजी का जन्म 5 सितम्बर 1926 को बम्बई में एक पारसी परिवार में हुआ था। 14 मई 2009 को कामरेड होमी दाजी ने अपनी जीवन यात्रा इन्दौर में 82 वर्ष की आयु में पूरी की। जीवन संघर्ष क्या होता है यह होमी दाजी ने अपने जीवन के प्रारंभ में ही अच्छे से समझ लिया था।

 

बम्बई से अपने पिताजी के साथ होमी दाजी इन्दौर आए और इन्दौर में आपने अपना और अपने परिवार के निजी जीवन को गढ़ने की खुद शुरुआत की और जीवन संघर्ष में सतत आगे बढ़ते रहने का अनथक सिलसिला प्रारंभ किया। होमी दाजी के समूचे जीवन की कहानी वंचित समूह के लोगों में ज़ीने के साथ हक एवं गरिमापूर्वक जीते रहने की आशा और विश्वास पैदा करने की अनोखी कहानी है। आजादी आने के शुरुआती काल में सभी लोगों के मन में बहुत बढ़िया उत्साह का वातावरण बना हुआ था। आजादी की खुशी और आगे बढ़कर देश समाज के कार्य में सहजता से भागीदारी की प्रवृत्ति भी बहुतायत से मौजूद थी।

 

आजादी आंदोलन के कारण जनचेतना समाज के सभी तबकों और हिस्सों में मौजूद थीं। गुलामी के कालखंड की उदासीनता छट चुकी थी। इस कालखंड में नौजवान होमी दाजी जो खुद घनघोर आर्थिक संकटों से घिरे हुए थे, ने अपनी परवाह किए बगैर लोगों के अरमानों को जगाने और उनके सपनों में रंग भरने के लिए संघर्ष की राजनीति की राह चुनी। छात्र जीवन में अपने अध्ययन हेतु स्कूल की फीस भरने लायक आर्थिक स्थिति नहीं होने पर भी होमी दाजी ने बिना घबराए और बिना पीछे हटे, छात्र जीवन संघर्ष की वैचारिक प्रतिबद्धता एवं तेजस्विता के साथ इतिहास विषय में आगरा यूनिवर्सिटी से एमए करने के साथ साथ ही एलएलबी की डिग्री मेरिट लिस्ट में स्थान पाकर हासिल की थी। यह युवा होमी दाजी के व्यक्तित्व का उजला पृष्ठ है कि परिस्थितियां कैसी भी हो हिम्मत कभी न हारो।

 

कामरेड होमी दाजी जैसा शब्दों और आवाज का जादूगर किसी भी कालखंड में यदा-कदा ही संघर्षमयी सार्वजनिक, राजनीतिक जीवन के सतत, सक्रिय, संघर्ष में से उभरकर आता हैं। कामरेड होमी दाजी को सुनने के लिए लोग लालायित बने रहते थे। दाजी का कालखंड एक तरह से लगातार आमसभाओं की वैचारिक सक्रियता का कालखंड था। होमी दाजी को अपने श्रोताओं के मानस की गहरी समझ थी। यदि गरीब वंचित और निरक्षर लोगों के बीच होमी दाजी बोलते थे तो इस तरह बोलते थे कि उनके द्वारा बोली हुई बातें श्रोताओं के दिल दिमाग में उतर जाएं। इसी तरह दिग्गज पढ़े-लिखे विद्वानों की सभा में भी शामिल श्रोता समूह, मंत्रमुग्ध हो दाजी को सुनता रहता था।

 

आम सभा हो या कपड़ा मिलों में मजदूरों की छुट्टी होने पर होने वाली गेट मीटिंग, होमी दाजी के भाषण न केवल मजदूरों को राजनीतिक चिंतन का विषय देते थे वरन गेट मीटिंग सुनने वाले मजदूर, अपनी-अपनी बस्तियों में जाकर लोगों को बताते थे कि आज होमी दाजी ने अपने भाषण में यह बात कही और इस तरह मज़दूरों को गेट मीटिंग के माध्यम से अपनी बस्तियों में जाकर राजनीतिक चेतना को फ़ैलाने की लोक कोचिंग वे आम सभाओं के माध्यम से करते रहते थे।

 

होमी दाजी की वकालत का कार्यालय एक तरह से वकालत के साथ ही राजनीतिक सामाजिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण संचालन केन्द्र की तरह जाना जाता था। होमी दाजी की वकालत केवल कोर्ट परिसर तक ही सीमित नहीं थी, जनता के बीच भी दाजी की वकालत सार्वजनिक मुद्दों पर चलती रहती थी। पर होमी दाजी की वकालत का लोहा विधि जगत मानने लगा था।

 

कामरेड होमी दाजी ने सन 1962 में चीन के भारत पर हमले की पृष्ठभूमि में इन्दौर से लोकसभा का चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ा और वे तीसरी लोकसभा के सदस्य बने, 1962 के इस लोकसभा निर्वाचन की एक और उल्लेखनीय बात यह थी कि समाजवादी पार्टी ने सुप्रसिद्ध मामा बालेश्वर दयाल को इन्दौर लोकसभा से प्रत्याशी बनाया था। इस आम चुनाव में जीत होमी दाजी को मिली। इन्दौर लोकसभा क्षेत्र से मामा बालेश्वर दयाल के समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ने से जो राजनीतिक चेतना निकली उसकी परिणति यह हुई कि 1967 के विधानसभा चुनाव में इन्दौर से साथी कल्याण जैन और साथी आरिफ बेग दोनों समाजवादी विधायक निर्वाचित हुए। इस तरह कामरेड होमी दाजी और मामा बालेश्वर दयाल के निर्वाचन लड़ने से इन्दौर की चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण मोड़ आया और समाजवादी और साम्यवादी विचारधारा की इन्दौर की राजनीति और समाजिक जीवन में पकड़ मजबूत हुई।

 

लोकसभा में कामरेड होमी दाजी ने अपनी भाषण कला के साथ संसदीय प्रक्रिया की गहरी संवैधानिक समझ होने की छाप संसदीय प्रक्रिया में निरंतर सक्रिय भागीदारी कर लोकमानस पर छोड़ने के साथ ही राष्ट्रीय राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका की शुरुआत की। इस कालखंड में पंडित जवाहरलाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री थे। समाजवादी नेता डॉ. राममनोहर लोहिया सहित देश के दिग्गज राजनेता लोकसभा में मौजूद थे। लोकसभा में सक्रिय भूमिका से कामरेड होमी दाजी ने देश के दिग्गज राजनेताओं सहित जनमानस का ध्यान आकर्षित किया और देश की संसदीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

कामरेड होमी दाजी दो बार मध्य प्रदेश की विधानसभा के सदस्य के रूप में इन्दौर के श्रमिक क्षेत्र से निर्वाचित हुए। कामरेड होमी दाजी बाद में 1967 के लोकसभा चुनाव में प्रकाशचन्द्र सेठी से चुनाव हार गए। 1971 में पुनः इन्दौर के श्रमिक क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। इन्दौर, मध्यप्रदेश और भारत के श्रमिक आंदोलन में कामरेड होमी दाजी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। एटक में राष्ट्रीय स्तर पर भी कामरेड होमी दाजी की महत्वपूर्ण भूमिका इतिहास में दर्ज है।

 

कामरेड होमी दाजी की जीवनसाथी कामरेड पैरिन दाजी ने घर, परिवार से लेकर कम्युनिस्ट पार्टी, श्रम आन्दोलन और सार्वजनिक एवं निजी जीवन में बराबरी से सहभागिता कर एक आदर्श प्रस्तुत किया जो सार्वजनिक जीवन में मिलने वाला बिरला उदाहरण है। कामरेड होमी दाजी एवं पैरिन दाजी का एक बेटा रूसी दाजी जो एक अभिभाषक होने के साथ-साथ आजीवन सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रहा। इसी तरह एक बेटी कामरेड डाक्टर रोशनी दाजी जो रूस से डाक्टर बनकर आई और इन्दौर की वंचित बस्तियों में वंचित वर्ग के लोगों के लिए चिकित्सकीय परामर्श और इलाज एक डिस्पेंसरी के माध्यम से करते हुए राजनीतिक सामाजिक गतिविधियों में आजीवन शामिल रही।

 

कामरेड दाजी के दोनों बच्चों का युवा अवस्था में ही देहावसान हो जाना दाजी दम्पति के जीवन काल की गहरी दुखदाई घटना होने पर भी दाजी दम्पति ने निराशा को अपने निजी जिंदगी में फटकने नहीं दिया और आशा, विश्वास और संघर्ष को अपने जीवन क्रम का एक हिस्सा माना। अपनी लंबी निजी जिंदगी और संघर्षपूर्ण सार्वजनिक जीवन को जिस हिम्मत से शांतिपूर्वक तरीके से स्वीकार कर जीवन में निराशा को न तो दोनों ने आने दिया और न ही संघर्ष से पलायन कर अपने जीवन संघर्ष में आईं चुनौतियों से धबराए। यही दाजी दम्पति का निजी और सार्वजनिक जीवन जीने वाले सभी सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए खुला और सीधा संदेश है कि “हिम्मत कभी न हारो”।

 

होमी दाजी ने 50-55 साल से भी ज्यादा का समय सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका के साथ बिताया। इस कालखंड में हजारों नौजवानों, मजदूरों, किसानों और राजनीतिक सामाजिक कार्यकर्ताओं को जनता के लिए और जनता की तरह जीते हुए निर्भय राजनीति करते रहने का रास्ता दिखाया। मैं सन 1960 से इन्दौर के सार्वजनिक राजनीतिक सामाजिक जीवन में सतत सक्रिय हूं और 1960 में 9 वर्ष की आयु में पहली बार कामरेड होमी दाजी से एक आम सभा में मिला था। तब से लेकर कामरेड होमी दाजी के अंतिम संस्कार तक की घटनाएं मेरी स्मृति में आज भी जीवन्त रूप में दर्ज हैं। मुझे कामरेड होमी दाजी को देखने, सुनने, समझने और साथ काम करने का लंबा अवसर मिला।

 

कामरेड होमी दाजी से जीवन के कई नए आयाम सीखने का अद्भुत अवसर भी मिला। इन्दौर के साम्यवादी विचारधारा के कई कार्यकर्ताओं और राजनीतिक सामाजिक नेतृत्व से भी सम्पर्क का अवसर कामरेड होमी दाजी के साथ कई आन्दोलनों एवं मुद्दों पर साथ काम करने से मिला। इन्दौर में साम्यवादी आन्दोलन के काफी नेताओं को देखने-सुनने और मिलने का अवसर भी मिला। दत्तात्रय सरमंडल, कामरेड अनंत लागू से लेकर इन्दौर के साम्यवादी आन्दोलन की आज की पीढ़ी एवं पुरानी पीढ़ी के लगभग सभी साथियों एवं लोगों से पिछले 60-65 सालों से मिलने और जानने का एक लंबा सिलसिला जारी है, जो मेरे सार्वजनिक जीवन के अनुभवों का अनमोल खजाना है। इन्दौर में नगर निगम की चुनावी राजनीति में नागरिक समिति के रूप में विपक्षी राजनैतिक दलों का मोर्चा बनाने में भी कामरेड होमी दाजी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

 

यह वर्ष कामरेड होमी दाजी का शताब्दी वर्ष है। 100 वर्ष में सारी दुनिया में जमीन आसमान का अंतर आता गया है। पर सारी दुनिया में मनुष्यता के बुनियादी सवाल और अधिक गहराई से वैसे ही उठ रहे हैं जैसे 100 साल पहले या उससे पहले भी उठ रहे थे। 100 साल यानी पांच पीढ़ियों का कालखंड। आज का कालखंड एक दम भिन्न हो गया है पर भारत ही नहीं सारी दुनिया की समस्याएं और उन्हें समझने और धीरज के साथ बेहतर रास्ता निकालने की समझ जरूरी है। वैसे ही आज के कालखंड के नौजवान, मजदूर, किसान और जीवन संघर्ष में रास्ता खोज रहे राजनैतिक, सामाजिक गतिविधियों में लगे हुए आन्दोलनकारी लोगों को नया बेहतर रास्ता निकालने का आमंत्रण दे रहे हैं जैसा कि कामरेड होमी दाजी की युवावस्था में आजाद भारत के शुरुआती दिनों में युवा होमी दाजी की पीढ़ी को मिला था। 

 

किसी भी व्यक्ति की शताब्दी के वर्ष में बहुत सारे लोग, संदर्भ और पूरा जनजीवन बदल जाता है, पर फिर भी जीवन का बुनियादी संघर्ष नहीं बदलता, बुनियादी सवाल नई चुनौतियों के साथ आ जाते हैं। कामरेड होमी दाजी की जन्म शताब्दी पर कामरेड पैरिन दाजी, कामरेड रूसी दाजी, कामरेड डाक्टर रोशनी दाजी सहित जीवन संघर्ष के सभी साथियों सहित सभी दिवंगत साथियों का भी सादर स्मरण। सबको जयजगत।

कल का मौसम: 5 सितंबर को इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! दिल्ली-यूपी से राजस्थान-एमपी तक जानिए कहां-कहां ऑरेंज कलर वॉर्निंग

IMD Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश लगातार जारी है और मौसम विभाग ने अगले दिन यानी 5 सितंबर के लिए कई राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 5 सितंबर को राजस्थान और मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में बारिश का दौर सबसे ज्यादा उग्र देखने को मिल सकता है। इसके चलते वहां ऑरेंज स्तर की चेतावनी जैसी स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, पहाड़ी राज्यों, बिहार और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मध्यम से भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

5 सितंबर को देश में सबसे ज्यादा मौसमी हलचल पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में देखने को मिलेगी। मौसम विभाग ने इन दोनों क्षेत्रों के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश के इलाकों में भी कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। पूरे मध्य प्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में दिनभर बादलों की गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका बनी रहेगी। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

दिल्ली, यूपी, पंजाब-हरियाणा और उत्तराखंड का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में भी 5 सितंबर को राहत मिलने के आसार नहीं हैं। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 5 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बौछारें पड़ने का अनुमान है। मैदानी इलाकों में बारिश के साथ-साथ बादलों की कड़क और बिजली गिरने का अंदेशा बना हुआ है।

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में 5 सितंबर को भारी बारिश होने के आसार हैं। उत्तराखंड में बारिश के साथ तेज गर्जना और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज तूफानी हवाओं के साथ बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार और पूर्वोत्तर भारत का वेदर रिपोर्ट

पूर्वी भारत के प्रमुख राज्यों में शामिल बिहार में 5 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। बिहार के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश के दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने और गरज के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है।

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर व्यापक रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है। इन सभी पूर्वोत्तर राज्यों में दिनभर बिजली चमकने और आंधी-पानी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

दक्षिण भारत में तेज हवाएं और समुद्र का मिजाज

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत की बात करें तो आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक के इलाकों में दिनभर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। आंतरिक कर्नाटक और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली चमकने की संभावना है।

उधर समुद्री सीमाओं और तटीय क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की आशंका है। सोमालिया तट से लगे पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

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Delhi NCR Weather: दिल्ली-NCR में बदला मौसम, आंधी-तूफान के साथ कई इलाकों में हुई झमाझम बारिश, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

Delhi NCR Weather: दिल्ली-NCR में शुक्रवार को अचानक से तेज आंधी तुफान के साथ गरज-चमक और झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। ने लोगों को गर्मी से काफी राहत दी। मौसम विभाग ने राजधानी और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। जिसके बाद दिल्ली और एनसीआर में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में भी बारिश हुई है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में मध्यम से तेज बारिश के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, अगर बारिश की स्थिति लगातार बनती है तो निचले इलाकों में पानी भरने और सड़कों पर यातायात की रफ्तार धीमी पड़ने की संभावना है। हालांकि, राहत की बात यह है कि जन्माष्टमी के चलते स्कूल-कॉलेज और तमाम दफ्तरों में छुट्टी होने के चलते सड़कों पर ट्रैफिक का कम दबाव रहेगा।

IMD के ताजा अपडेट के अनुसार, राजधानी के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश (50 से 100 मिमी) होने की आशंका है। बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

मौसम विभाग ने लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और बेहद जरूरी होने पर ही बारिश के दौरान बाहर निकलने की सलाह दी है।

राजस्थान से उत्तर प्रदेश तक भी मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही मानसून की अक्षीय रेखा भी सक्रिय है, जो श्रीगंगानगर से होते हुए इस निम्न दबाव वाले क्षेत्र तक पहुंच रही है। इन मौसमी सिस्टम का असर उत्तर भारत के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है।

राजस्थान के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सवाई माधोपुर के खंडार में सबसे ज्यादा 130 मिमी बारिश हुई।

इसके अलावा अलवर, भरतपुर, डीग, दौसा, धौलपुर, जयपुर, सीकर, भीलवाड़ा, अजमेर, करौली, टोंक, बारां, कोटा और झालावाड़ में भी हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली।

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सरकारी गौशाला के पीछे चल रहा था करोड़ों का काला कारोबार: आईटीसी के नाम पर बन रही थीं नकली सिगरेट, ऐसे खुला राज

सरकारी गौशाला के पीछे चल रहा था करोड़ों का काला कारोबार: आईटीसी के नाम पर बन रही थीं नकली सिगरेट, ऐसे खुला राज

Hastinapur fake cigarette factory

हस्तिनापुर विधानसभा के खादर क्षेत्र में सरकारी गौशाला के पास पुराना स्कूल भवन और इसी की आड़ में चल रहा था करोड़ों के नकली सिगरेट का काला कारोबार। पुलिस ने दूधली खादर में एक ऐसी फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है, जहां नामी ब्रांड के नाम पर धड़ल्ले से नकली सिगरेट तैयार की जा रही थीं। छापेमारी में पुलिस के हाथ करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत की तैयार नकली सिगरेट और इतनी ही कीमत का कच्चा माल पकड़ा है। वहीं पुलिस ने सिगरेट बनाने वाली मशीनें भी बरामद की हैं।

 

पुरानी सरकारी गौशाला की आड़ में फैक्टरी के अंदर देश की प्रमुख सिगरेट कंपनी आईटीसी के नाम से कई ब्रांड की नकली सिगरेट तैयार की जा रही थीं। पुलिस ने मौके से चार कर्मचारियों को पकड़ा है, जबकि फैक्टरी संचालक दिल्ली निवासी रवि किशोर को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

 

कंपनी की सूचना ने खोली फैक्टरी की पोल

नकली सिगरेट की इस फैक्टरी की सूचना पुलिस मुखबिर ने नही बल्कि आईटीसी सिगरेट कंपनी द्वारा दी गई। कंपनी के मैनेजर रेशू मिश्रा ने पुलिस को बताया था कि हस्तिनापुर से करीब आठ किलोमीटर दूर खादर इलाके में बड़े पैमाने पर नकली सिगरेट बनाई जा रही हैं।

 

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने फैक्टरी पर दबिश दी। अंदर का नजारा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। मशीनों पर सिगरेट तैयार की जा रही थीं और चार कर्मचारी मौके पर काम करते मिले। पूछताछ में पता चला कि रात्रि मैं गिनती के कर्मचारी काम करते है जबकि दिन के समय यहां बड़ी संख्या में कर्मचारी सिगरेट बनाते है। 

 

बड़े ब्रांड, लेकिन माल पूरा नकली

फैक्टरी में किसी छोटे-मोटे ब्रांड की नहीं, बल्कि बाजार में खूब बिकने वाले नामों की नकल की जा रही थी। यहां गोल्ड फ्लेक, क्लासिक, विल्स नेवी कट, इंडिया किंग्स, इंसिग्निया, सैसर्स, प्लेयर्स और ब्रिस्टल के नाम से नकली सिगरेट तैयार की जा रही थीं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि सिगरेट बनाने का कच्चा माल कंबोडिया से और तंबाकू राजस्थान से मंगाया जाता था। फैक्टरी में तैयार माल को यूपी के बाजार के अलावा हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली तक भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

 

छह महीने से चल रहा था पूरा खेल

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि रवि किशोर पिछले करीब छह महीने से दूधली खादर में पुराने स्कूल भवन के पास इस फैक्टरी को संचालित कर रहा था। सरकारी गौशाला के बिल्कुल पास बड़े पैमाने पर नकली सिगरेट का उत्पादन चल रहा था, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसकी भनक तक नहीं लगी। छापेमारी में मिली मशीनों, तैयार सिगरेट और भारी मात्रा में कच्चे माल ने साफ कर दिया कि यह कोई छोटा-मोटा सेटअप नहीं था, बल्कि बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा रहा था।

 

करोड़ों के नेटवर्क की तलाश में पुलिस

फैक्टरी से बरामद माल की कीमत पुलिस ने करोड़ों रुपये में आंकी है। अब जांच का दायरा फैक्टरी से बाहर निकलकर पूरे नेटवर्क तक पहुंच रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कच्चा माल कौन उपलब्ध कराता था, तैयार सिगरेट किन लोगों के जरिए बाजार तक पहुंचती थीं और इस कारोबार में रवि किशोर के साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

 

साथ ही अलग-अलग राज्यों तक फैले सप्लाई नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि नकली सिगरेट का यह कारोबार अकेले इस फैक्टरी तक सीमित नहीं हो सकता। फिलहाल हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर पूरे सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

ट्रेन में गाने से लेकर Hanuman Ansh तक दृष्टिहीन गायक Suneel Lodhi का शानदार सफर | Maine Tere Hi

ट्रेन में गाने से लेकर Hanuman Ansh तक दृष्टिहीन गायक Suneel Lodhi का शानदार सफर | Maine Tere Hi

मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड के एक छोटे से गाँव में जन्मे 25 साल के सुनील लोधी जन्म से दृष्टिहीन हैं। लेकिन जो उन्हें आँखों से नहीं मिला, वो उन्हें अपनी आवाज़ में मिल गया।
गाँव की महफ़िलों और धार्मिक कार्यक्रमों से लेकर लोकल ट्रेनों तक, सुनील भजन और बुंदेली लोकगीत गाते रहे।
फिर सोशल मीडिया पर उनके गानों ने लाखों लोगों का दिल जीत लिया। और इसी दौरान फिल्ममेकर Pankaj VRK की नजर उन पर पड़ी।
आज सुनील की आवाज़ ‘हनुमान अंश’ में “Maine Tere Hi Bharose” गाने में सुनाई दे रही है। लोकल ट्रेन से बड़े पर्दे तक का ये सफर सिर्फ एक गायक की कहानी नहीं ये कहानी है उम्मीद, हुनर और कभी हार न मानने की।

@suneel_lodhi.singer

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ट्रेन में गाने से लेकर Hanuman Ansh तक दृष्टिहीन गायक Suneel Lodhi का शानदार सफर | Maine Tere Hi Bharose।

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मौसम से सावधान! MP और राजस्थान में लो-प्रेशर एरिया का सिस्टम एक्टिव, 10 सितंबर तक यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

India Weather Update: देश भर में इस वक्त अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी है और मानसून अपना विकट रूप दिखा रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया है कि उत्तरी मध्य प्रदेश के मध्य भागों और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया का मौसमी सिस्टम बना हुआ है। इसके अगले दो दिनों तक लगभग स्थिर रहने की संभावना है। इसके साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और पहाड़ी राज्यों समेत देश के बड़े हिस्से में 10 सितंबर तक मूसलाधार बारिश, अंधड़ और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 6 से 7 दिनों के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां धीमी बनी रहेंगी।

पिछले 24 घंटों की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में कई जगहों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसमी सिस्टम के सीधे प्रभाव की वजह से मध्य प्रदेश और राजस्थान में बारिश का जोर सबसे अधिक रहने वाला है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 4 और 5 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश के पश्चिमी भागों में 4 से 6 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी और 6 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 7 से 10 सितंबर के दौरान बारिश कुछ हद तक हल्की पड़ सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। वहीं छत्तीसगढ़ में 4 सितंबर और फिर 8 से 10 सितंबर के बीच भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

उत्तर भारत का मौसम: दिल्ली, यूपी, पंजाब-हरियाणा और पहाड़ी राज्यों में अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रहने के आसार हैं। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 4 और 5 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 6 सितंबर तक भारी बारिश के आसार बने रहेंगे। उत्तर प्रदेश में मानसून की चाल काफी मजबूत रहेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 सितंबर के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर के दौरान बारिश का दौर तेजी पकड़ेगा।

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड में 4 से 10 सितंबर तक पूरे हफ्ते गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 4 और 5 सितंबर को भारी बारिश होगी। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 4 सितंबर को भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

 

पूर्वी भारत और बिहार में 10 सितंबर तक कैसा रहेगा वेदर?

पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां कई राज्यों को भिगोएंगी। बिहार में 5, 6 और 10 सितंबर को भारी बारिश के साथ व्यापक स्तर पर गरज-चमक का अलर्ट दिया गया है जबकि 7 से 9 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। झारखंड में 9 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है और 8 से 10 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 से 8 सितंबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 4 सितंबर और 8-9 सितंबर को भारी बारिश के आसार हैं। ओडिशा में 9 और 10 सितंबर को बारिश का नया दौर शुरू होने का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 4 से 10 सितंबर के दौरान अच्छी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत का हाल

पूर्वोत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों में अगले एक सप्ताह तक तेज मानसूनी बारिश बनी रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 से 10 सितंबर के दौरान भारी बारिश और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है। पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 4 से 10 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 4 सितंबर को गरज-चमक और बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं।

दक्षिण भारत में तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में कुल मिलाकर बारिश कुछ हद तक शांत रहेगी लेकिन तटीय इलाकों और अंदरूनी हिस्सों में तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 और 5 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने की संभावना है। हवाओं की स्पीड बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 4 से 6 सितंबर तक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। तटीय कर्नाटक में 4 से 10 सितंबर तक अच्छी बारिश होगी जबकि लक्षद्वीप में 9 और 10 सितंबर को व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है।

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Mausam 4 Sep: आज इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! MP में ऑरेंज कलर अलर्ट जारी, जानें दिल्ली-यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक के मौसम का हाल

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर गति पकड़ ली है और कई राज्यों में बादल जमकर बरस रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 सितंबर के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए मध्य भारत से लेकर उत्तर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बने वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया यानी कम दबाव का क्षेत्र के असर के चलते मध्य प्रदेश में बारिश का जोर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। यहां मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों समेत देश के 15 से अधिक राज्यों में तेज आंधी, बादलों की गर्जना और भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है।

मध्य प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट और मध्य भारत की स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश आज बारिश का मुख्य केंद्र बना हुआ है। राज्य के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं, जिसके चलते यहां ऑरेंज अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। मध्य प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज बादलों की गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। बारिश और बिजली गिरने के इस खतरे को देखते हुए लोगों को खुले क्षेत्रों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

दिल्ली-यूपी और उत्तर भारत में मौसम का मिजाज

उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतर हिस्सों में आज बादल छाए रहने और मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर प्रदेश में भी मानसून काफी सक्रिय नजर आ रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में मूसलाधार बौछारें पड़ने के संकेत हैं। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ-साथ बिजली कड़कने और पहाड़ी ढलानों पर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। राजस्थान में भी पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

IMD Weather (3)

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम का कड़ा रुख देखने को मिल रहा है। बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने, बिजली चमकने और भारी बारिश होने का अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल में भी बारिश और वज्रपात की आशंका बनी हुई है। इसके साथ ही अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आज अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश और बिजली चमकने का अंदेशा है।

दक्षिण और पश्चिमी भारत का वेदर अपडेट

दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में मौसमी प्रभाव की बात करें तो तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडू, पुडुचेरी और कराईकल में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में दिनभर मजबूत सतही हवाएं चलने की उम्मीद है।

पश्चिमी भारत में मध्य महाराष्ट्र के इलाकों में बिजली चमकने और बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं समुद्र में मौसम के मिजाज को देखते हुए सोमालिया तट से सटे पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और इसके बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इसके चलते मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।