127% सैलरी हाइक का ऑफर ठुकराए या नई नौकरी जॉइन करे? कर्मचारी की दुविधा पर Reddit यूजर्स ने दी सलाह

नौकरी बदलने का फैसला आसान नहीं होता, खासकर तब जब नई कंपनी पहले से कहीं ज्यादा सैलरी देने को तैयार हो और मौजूदा कंपनी भी आपको रोकने के लिए वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव दे। बेंगलुरु में काम करने वाले एक क्लिनिकल डेटा स्पेशलिस्ट के सामने ऐसी ही स्थिति आ गई है। उन्हें नई नौकरी में 127 फीसदी सैलरी हाइक का ऑफर मिला है। अब उनकी मौजूदा कंपनी भी वेतन बढ़ाकर उन्हें अपने साथ बनाए रखना चाहती है।

कर्मचारी ने Reddit पर अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि नई नौकरी में पूरी तरह वर्क फ्रॉम होम की सुविधा और घर से काम करने के लिए जरूरी सामान खरीदने हेतु जॉइनिंग बोनस भी दिया जा रहा है। हालांकि, नई जगह काम का दबाव कितना होगा और वर्क-लाइफ बैलेंस कैसा रहेगा, इसे लेकर वह असमंजस में हैं।

पुरानी कंपनी में सुकून, लेकिन भविष्य को लेकर चिंता

कर्मचारी की मौजूदा कंपनी क्लिनिकल रिसर्च इंडस्ट्री में फंक्शनल सर्विस प्रोवाइडर (FSP) मॉडल के तहत काम करती है। उनके मुताबिक, पुरानी नौकरी में टीम और काम करने का तरीका जाना-पहचाना है। काम भी फिलहाल संभालने लायक है, इसलिए वहां बने रहने का मन था।

लेकिन मौजूदा प्रोजेक्ट या FSP एंगेजमेंट को लेकर अनिश्चितता और मैनेजर के कंपनी छोड़ने से उनकी चिंता बढ़ गई है। कंपनी ने नई नौकरी के ऑफर के जवाब में सैलरी मैच करने की संभावना जताई है, मगर अभी तक कोई आधिकारिक फैसला नहीं आया है।

कर्मचारी के सामने सवाल है कि अगर पुरानी कंपनी भी उतनी ही सैलरी देने लगे, तो क्या सिर्फ नए अवसर के लिए नौकरी बदलना सही होगा? या फिर परिचित माहौल में बने रहना ही बेहतर फैसला है?

Reddit यूजर्स ने दी सलाह, काउंटर ऑफर स्वीकार करने से पहले सोचें

कर्मचारी की पोस्ट पर कई Reddit यूजर्स ने उन्हें नई नौकरी चुनने की सलाह दी। कुछ लोगों का मानना था कि इस्तीफे की बात सामने आने के बाद कंपनी का व्यवहार बदल सकता है और भविष्य में कर्मचारी पर ज्यादा काम का दबाव डाला जा सकता है।

एक यूजर ने सलाह दी कि काउंटर ऑफर मिलने के बावजूद नई नौकरी के फायदे और जोखिमों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। दूसरे यूजर ने आशंका जताई कि कंपनी कर्मचारी को रोकने के साथ-साथ कम वेतन पर किसी दूसरे व्यक्ति को नियुक्त करने की योजना भी बना सकती है। हालांकि, इन टिप्पणियों में बताई गई आशंकाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

127% hike with a new company vs retention offer from my current employer

by

u/AnaWong97 in

IndianWorkplace

नौकरी बदलने से पहले किन बातों पर दें ध्यान?

यह मामला केवल ज्यादा सैलरी पाने का नहीं, बल्कि लंबे समय के करियर और निजी जिंदगी के बीच संतुलन बनाने का भी है। नौकरी बदलने से पहले वेतन के साथ काम के घंटे, जिम्मेदारियां, नौकरी की स्थिरता, मैनेजर और टीम का माहौल तथा भविष्य में तरक्की की संभावनाएं देखना जरूरी है।

साथ ही, अगर मौजूदा कंपनी वेतन बढ़ाने की पेशकश करती है, तो यह जानना भी अहम है कि वह प्रस्ताव लिखित और स्पष्ट है या नहीं। आखिरकार, 127 फीसदी की सैलरी हाइक आकर्षक जरूर है, लेकिन सही फैसला वही होगा जो आर्थिक फायदे के साथ करियर और जीवनशैली के लिए भी बेहतर साबित हो।

यूपी का शख्स मुंबई में नाई का काम करके हर महीने कमाता है करीब 1 लाख रुपये, हफ्ते में 6 दिन करता है मेहनत

अकेले कचरे से भरी नदी साफ करने वाले ‘बिट्टू तबाही’ की बदली किस्मत, डच CEO ने दिया नौकरी का ऑफर

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के 20 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘Bittu Tabahi’ के नाम से पहचान मिली है, इन दिनों अपनी मेहनत के कारण सुर्खियों में हैं। सुरेंद्र ने कचरे से भरी अजनार नदी की सफाई का बीड़ा खुद उठाया और कई महीनों तक लगातार वहां से प्लास्टिक, गंदगी और जमा मलबा हटाते रहे। उनके इस काम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसके बाद उनकी कोशिशों की चर्चा दूर तक पहुंची। अब उनकी इसी पहल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है।

नीदरलैंड की पर्यावरण संस्था The Ocean Cleanup के संस्थापक और CEO बॉयन स्लैट ने सोशल मीडिया पर सुरेंद्र के काम को देखते हुए उन्हें अपने साथ काम करने का सीधा ऑफर दिया है। इस खबर के सामने आने के बाद सुरेंद्र की कहानी को लेकर सोशल मीडिया पर लोग उत्साहित हैं। एक छोटे से शहर का यह युवा अब नदी सफाई के अपने जुनून के कारण वैश्विक मंच तक पहुंचने की ओर बढ़ रहा है।

सोशल मीडिया पोस्ट पर CEO ने कहा- ‘हमारे साथ काम करो’

अजनार नदी की सफाई के दौरान सुरेंद्र के काम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। एक यूजर ने X पर उनकी तस्वीरों के साथ पोस्ट शेयर की, जिसमें नदी की सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें दिखाई गई थीं।

पोस्ट पर बॉयन स्लैट की नजर पड़ी। उन्होंने बिना ज्यादा कुछ कहे सीधे लिखा, “Come work for us.”

डच के CEO का यह छोटा-सा जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

लोगों ने कहा- जिंदगी का सबसे बड़ा मौका

बॉयैन स्लैट के ऑफर के बाद यूजर्स ने सुरेंद्र को बधाई देना शुरू कर दिया। कई लोगों ने इसे उनके लिए शानदार अवसर बताया। एक यूजर ने लिखा कि उम्मीद है यह ऑफर गंभीर है और सुरेंद्र को यह मौका जरूर हासिल करना चाहिए।

दूसरे यूजर ने इसे ‘ऑफर ऑफ ए लाइफटाइम’ तक बता दिया।

कौन हैं Bittu Tabahi?

सुरेंद्र सिंह चौधरी ब्यावरा, राजगढ़, मध्य प्रदेश से आते हैं। उनके सोशल मीडिया वीडियो में उन्हें अजनार नदी से प्लास्टिक, कचरा, गंदगी और जमा हुआ मलबा खुद निकालते देखा जा सकता है।बताया जाता है कि उन्होंने इस सफाई अभियान की शुरुआत जनवरी में की थी। लगातार मेहनत के बाद नदी के एक हिस्से का पूरा रूप बदल गया और वहां जमा कचरा काफी हद तक साफ हो गया।

सफाई अभियान में अपनी जेब से लगाए पैसे

एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के मुताबिक, सुरेंद्र अब तक इस सफाई अभियान पर करीब ₹30,000 खर्च कर चुके हैं। यानी सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने से पहले उन्होंने इस काम में अपना समय, मेहनत और पैसा लगाया।

आनंद महिंद्रा भी कर चुके हैं तारीफ

सुरेंद्र के काम की चर्चा इससे पहले उद्योगपति आनंद महिंद्रा तक भी पहुंच चुकी है। उन्होंने मार्च में सोशल मीडिया पर सुरेंद्र की तारीफ करते हुए कहा था कि अगर सोशल मीडिया पर मिलने वाले ‘लाइक्स’ किसी अच्छे काम की वजह बनते हैं, तो इसमें कोई बुराई नहीं है।

उन्होंने सुरेंद्र को अपनी #MondayMotivation पोस्ट का हिस्सा भी बनाया था।

कौन हैं बॉयन स्लैट?

बॉयैन स्लैट नीदरलैंड के इनोवेटर और उद्यमी हैं और The Ocean Cleanup के संस्थापक हैं। उनकी संस्था समुद्रों और नदियों में जमा प्लास्टिक को हटाने के लिए तकनीकी समाधान विकसित करती है।

संस्था का लक्ष्य 2040 तक समुद्र में मौजूद तैरते प्लास्टिक का 90 फीसदी हिस्सा हटाना है। ऐसे में नदी की सफाई में जुटे एक युवा भारतीय को खुद CEO की ओर से मिला ऑफर उसके काम की अंतरराष्ट्रीय पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।

भारत से नॉर्वे पहुंचे भारतीय को Driving Licence के लिए करनी पड़ी इतनी मेहनत, खर्च जानकर उड़ जाएंगे होश

IIT Bombay ग्रेजुएट की वायरल कहानी निकली फर्जी, US जॉब छोड़ दुकान चलाने का दावा झूठा

सोशल मीडिया पर एक कहानी तेजी से वायरल हो गई, जिसमें दावा किया गया कि IIT Bombay के एक ग्रेजुएट ने अमेरिका की ₹2.9 करोड़ सालाना नौकरी छोड़कर भारत लौटकर अपने घर के नीचे किराना दुकान शुरू कर दी। यह कहानी X (Twitter) पर “Vikas Alwys” नाम के अकाउंट से पोस्ट की गई थी और देखते ही देखते हजारों लोगों तक पहुंच गई। कई यूजर्स ने इसे एक भावुक और प्रेरणादायक कहानी मानकर बिना जांचे-परखे शेयर कर दिया। लेकिन बाद में सामने आया कि इस कहानी में किए गए दावे किसी ठोस सबूत पर आधारित नहीं थे।

न तो उस व्यक्ति की पहचान की पुष्टि हुई और न ही उसकी शैक्षणिक या नौकरी से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी मिली। धीरे-धीरे यह मामला चर्चा में आ गया और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली फर्जी कहानियों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे।

कौन था ‘Vivek Sharma’ का दावा?

पोस्ट में बताया गया कि ‘विवेक शर्मा’ IIT Bombay के कंप्यूटर साइंस गोल्ड मेडलिस्ट थे, जो एक साधारण परिवार से आते हैं। दावा था कि उनके माता-पिता ने उनकी पढ़ाई के लिए अपनी बचत और सोना तक बेच दिया। आगे लिखा गया कि उन्हें अमेरिका की बड़ी कंपनी से लाखों डॉलर का ऑफर मिला था, लेकिन परिवार की बीमारी के चलते उन्होंने नौकरी छोड़ दी और घर लौटकर किराना दुकान चलाने लगे।

फर्जी कहानी के पीछे कोई ठोस सबूत नहीं

इस वायरल दावे में किसी भी तरह का पुख्ता स्रोत नहीं दिया गया था। बाद में पता चला कि यह कहानी पहले LinkedIn पर भी साझा की गई थी, जिसे एक डॉक्टर ने पोस्ट किया था और बाद में काफी बदलाव कर दिए।

जांच में सामने आया कि 2012 के JEE रिकॉर्ड में ‘विवेक शर्मा’ नाम का कोई ऐसा टॉपर मौजूद ही नहीं था, जैसा दावा किया गया था।

खुद लेखक ने माना कहानी काल्पनिक थी

पोस्ट करने वाले ने बाद में स्वीकार किया कि यह कहानी एक “inspirational fictional persona” थी, यानी लोगों को प्रेरित करने के लिए बनाई गई एक काल्पनिक कहानी। इसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर काफी आलोचना का सामना करना पड़ा।

तस्वीर भी निकली किसी और की

इस कहानी के साथ जो फोटो वायरल की गई थी, वह भी गलत निकली। जांच में पता चला कि वह व्यक्ति कोई ‘विवेक शर्मा’ नहीं, बल्कि YouTuber और किराना स्टोर मालिक Sumit Gorai हैं, जिनकी तस्वीर को गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया।

असल सच्चाई क्या है?

पूरी जांच के बाद साफ हो गया कि यह कहानी पूरी तरह फर्जी थी। न कोई IIT Bombay टॉपर ‘विवेक शर्मा’ है, न ही ऐसा कोई व्यक्ति जिसने US जॉब छोड़कर किराना दुकान शुरू की हो। यह सिर्फ सोशल मीडिया पर बनाई और फैलाई गई एक मनगढ़ंत कहानी थी, जिसे लोगों ने बिना सत्यापित किए वायरल कर दिया।

नोएडा की इस कलाकार की बालकनी में हर दिन जुटते हैं 200 पक्षी, पीछे की कहानी दिल छू लेगी