कल का मौसम 16 अक्टूबर: उत्तर-पूर्वी मानसून का असर! इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, दिल्ली-यूपी में थंडरस्टॉर्म

IMD Mausam Update: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह विदाई के बाद अब उत्तर-पूर्वी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसके असर से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक हो गया है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी मौसमी प्रणालियों का मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक 16 अक्टूबर को दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर चलेगा जबकि दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश समेत कई मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।

आइए जानते हैं कल 16 अक्टूबर को देश के विभिन्न हिस्सों में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

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दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून का प्रकोप, मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून के जोर पकड़ने की वजह से बड़े पैमाने पर बारिश की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 16 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और केरल व माहे के अलग अलग जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की जाएगी। दक्षिण भारत के इन तटीय और अंदरूनी हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी। लक्षद्वीप और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में भी झमाझम बौछारें पड़ने का अनुमान है जबकि तटीय आंध्र प्रदेश में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में गरज-चमक के साथ आंधी का दौर

उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसमी हलचल बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक 16 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गरज और बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किमी/घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भी कल 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और ओडिसा के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें गिरने का अनुमान जताया गया है।

मध्य, पूर्वी और पश्चिमी राज्यों का मौसम मिजाज

मध्य और पूर्वी भारत के छत्तीसगढ़, ओडिसा, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में कल बादलों की आवाजाही के साथ-साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और हल्की बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं। पश्चिम भारत के तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में कल आकाशीय बिजली चमकने के साथ छिटपुट बौछारें गिरने की संभावना है।

वहीं, कोंकण और गोवा के तटीय क्षेत्रों में नमी और तापमान के बने रहने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। राहत की बात यह है कि समुद्री इलाकों में स्थितियां नियंत्रण में हैं, जिसके चलते मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए समुद्र में जाने को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

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Weather Tomorrow: अगर आप अगले कुछ दिनों में मौसम में बदलाव का इंतजार कर रहे हैं, तो देश के कई राज्यों में बारिश दस्तक दे सकती है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, 16 से 19 अक्टूबर के बीच कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, मध्य, पूर्वी, उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी बारिश देखने को मिल सकती है।

दिल्ली-NCR में कल कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली-NCR में आने वाले दिनों में हल्की बारिश होने का अनुमान है। इससे मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

उत्तर प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 16 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कुछ इलाकों में सप्ताह के बाकी दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

उत्तराखंड में कल कैसा रहेगा मौसम?

उत्तराखंड में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश होने के आसार हैं। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है। इस दौरान तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

जम्मू-कश्मीर में कल कैसा रहेगा मौसम?

जम्मू-कश्मीर के साथ लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भी मौसम बदल सकता है। इन इलाकों में कई जगहों पर बारिश होने का अनुमान है। यानी आने वाले दिनों में यहां के लोगों को बारिश का सामना करना पड़ सकता है।

हिमाचल प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम?

हिमाचल प्रदेश में 16 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली भी गिर सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 17 अक्टूबर को भी कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

राजस्थान में कल कैसा रहेगा मौसम?

राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 16 अक्टूबर को कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवा के झोंकों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

मध्य प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम?

मध्य प्रदेश में भी मौसम बदलने के आसार हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश होने का अनुमान है।

छत्तीसगढ़ में कल कैसा रहेगा मौसम?

छत्तीसगढ़ में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान राज्य के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

महाराष्ट्र में कल कैसा रहेगा मौसम?

महाराष्ट्र के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदल सकता है। विदर्भ में 17 और 18 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, मुंबई और ठाणे में 17 और 18 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

रत्नागिरी में 16 अक्टूबर को गर्मी का असर देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में लू जैसी स्थिति भी बन सकती है। हालांकि, दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। 17 अक्टूबर को भी बारिश हो सकती है। वहीं, 18 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

सिंधुदुर्ग में 16 अक्टूबर को गर्मी और उमस परेशान कर सकती है। दोपहर या शाम के समय हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 17 और 18 अक्टूबर को कुछ जगहों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

ओडिशा में कल कैसा रहेगा मौसम?

ओडिशा में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

पश्चिम बंगाल में कल कैसा रहेगा मौसम?

पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है। वहीं, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी इसी अवधि के दौरान बारिश होने का अनुमान है।

सिक्किम में कल कैसा रहेगा मौसम?

सिक्किम में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश होने की संभावना है। ऐसे में राज्य के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है।

बिहार में कल कैसा रहेगा मौसम?

बिहार में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान राज्य के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कल कैसा रहेगा मौसम?

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में शुरुआत में कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

कल पूर्वोत्तर भारत का मौसम

16 से 18 अक्टूबर के बीच असम में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। इसी दौरान मेघालय में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।

अरुणाचल प्रदेश में 16 से 17 अक्टूबर के बीच बारिश होने के आसार हैं।

16 अक्टूबर को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। पूरे हफ्ते पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

केरल में कल कैसा रहेगा मौसम?

केरल में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर तेज हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 से 18 अक्टूबर के बीच केरल और माहे में कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।

16 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। शुक्रवार को उत्तरी केरल में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इस दौरान कई इलाकों में तेज बारिश होने के आसार हैं।

केरल में दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्व, दोनों मानसून के दौरान बारिश होती है। हालांकि, राज्य की सालाना बारिश में उत्तर-पूर्व मानसून का योगदान अपेक्षाकृत कम रहता है। उत्तर-पूर्व मानसून आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर तक सक्रिय रहता है। तमिलनाडु और दक्षिण भारत के आसपास के इलाकों के लिए यह मानसून काफी अहम है।

तमिलनाडु में कल कैसा रहेगा मौसम?

तमिलनाडु के साथ पुडुचेरी और कराईकल में भी 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 16 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है। वहीं, 16 से 18 अक्टूबर के दौरान कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।

कर्नाटक में अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, तटीय और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 16 अक्टूबर को कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। इसके बाद 17 और 18 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश का दौर तेज होने का अनुमान है।

उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर के दौरान कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, तटीय कर्नाटक में 17 और 18 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका है। राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर के बीच हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। कुछ जगहों पर हवा के तेज झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

आंध्र प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम?

तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 16 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 16 और 17 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

कल तेलंगाना का मौसम

16 से 18 अक्टूबर के बीच तेलंगाना में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है।

कल रायलसीमा का मौसम

16 अक्टूबर को रायलसीमा में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

अगले कुछ दिनों के लिए IMD का ताजा पूर्वानुमान

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 से 19 अक्टूबर के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है, जबकि मध्य, पूर्वी, उत्तरी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश होने की संभावना है।

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IMD Weather Forecast: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, 15 अक्टूबर को दिल्ली के कई इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश भी हो सकती है। बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बताया है कि दिन के दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

जबकि झोंकों के साथ हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। दिल्ली में सुबह से दोपहर के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके बाद शाम से रात के दौरान भी कई स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक का एक और दौर आने की संभावना है।

‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

राजधानी दिल्ली में गुरुवार सुबह हल्की बारिश हुई। इसके बाद आसमान में काले बादल छाए रहे। IMD ने दिन में हल्की से मध्यम बारिश होने, बादल गरजने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के मद्देनजर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। आईएमडी ने कहा कि शहर के कई हिस्सों में दिन में बारिश होने की संभावना है और इस दौरान बिजली चमकने और रुक-रुककर तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत तापमान से 3.7 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है, जिससे दिन के तापमान में गिरावट आने की संभावना है।

आईएमडी ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए कहा कि गुरुवार दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक या आकाशीय बिजली गिरने तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने दिन में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश होने का भी पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश और तेज हवाओं का असर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग हो सकता है। इसलिए यह जरूरी नहीं है कि राजधानी के सभी इलाकों में एक जैसी बारिश हो।

दिल्ली-NCR में तापमान का क्या है हाल?

दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। जबकि न्यूनतम तापमान में करीब 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.7 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। इससे साफ है कि रात के तापमान में अभी भी गर्माहट बनी हुई है। हालांकि, दिन के अधिकतम तापमान में कुछ स्थानों पर सामान्य से कम स्तर दर्ज किया गया।

दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश दर्ज नहीं की गई। मौसम केंद्र सफदरजंग के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटे में बारिश शून्य मिलीमीटर रही। ऐसे में 15 अक्टूबर को होने वाली संभावित बारिश से मौसम में अस्थायी बदलाव देखने को मिल सकता है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली-NCR के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। वहीं, आने वाले दिनों में बारिश की संभावना के बाद मौसम शुष्क होने और तापमान में फिर बढ़ोतरी होने का अनुमान है।

16 अक्टूबर को भी बारिश के आसार

दिल्ली में 16 अक्टूबर को भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। IMD के मुताबिक, आसमान में सामान्य तौर पर बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। सुबह जल्दी से दोपहर तक गरज-चमक और बिजली के साथ बारिश का एक दौर आने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इसका मतलब है कि 15 और 16 अक्टूबर को दिल्ली में बादल, बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। इसके बाद मौसम के शुष्क होने का अनुमान है।

17 अक्टूबर से साफ होने लगेगा मौसम

17 अक्टूबर को दिल्ली में बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 18 अक्टूबर से मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 19 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन भी आसमान मुख्य रूप से साफ रहने और बारिश नहीं होने की संभावना है।

20 और 21 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, 20 अक्टूबर को भी दिल्ली में बारिश की संभावना नहीं है। आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 21 अक्टूबर को भी मुख्य रूप से साफ आसमान रहने का अनुमान है।

इस दिन अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इस तरह, 15 और 16 अक्टूबर को बारिश और गरज-चमक की संभावना के बाद 17 से 21 अक्टूबर के बीच मौसम के अधिकतर शुष्क रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान भी धीरे-धीरे 32 से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

तापमान को लेकर मौसम विभाग का क्या अनुमान?

IMD के मुताबिक, अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसका अर्थ है कि बारिश के कारण शुरुआती दिनों में दिन के तापमान में कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन सप्ताह के अगले हिस्से में धूप निकलने के साथ गर्मी फिर महसूस हो सकती है।

पश्चिमी विक्षोभ का मौसम पर असर

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर और उससे सटे उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर भी ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। एक अन्य ट्रफ उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश से पूर्व-मध्य अरब सागर तक फैला हुआ है, जो पूर्वी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के ऊपर से गुजर रहा है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बादलों और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।

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टुकड़ों टुकड़ों में ‘कामराज प्लान’

पिछले कई महीनों से इस बात की चर्चा चल रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार में फेरबदल करने वाले हैं। जून के महीने में यह चर्चा सबसे तेज थी, जब उनकी सरकार के दो साल पूरे हो रहे थे। जब उस समय बदलाव नहीं हुआ तो कहा गया कि संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले होगा। उसके बाद मोदी के जन्मदिन से लेकर उनके सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के मौके को भी मंत्रिमंडल में फेरबदल के लिए मार्क किया गया। इस बीच उनकी सरकार में लगातार वैकेंसी क्रिएट होती रही। मंत्रियों के इस्तीफे होते रहे। अभी एक और वैकेंसी हो गई है। सूचना व प्रसारण और संसदीय कार्य राज्यमंत्री एल मुरुगन ने इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के कारण इस्तीफा हुआ था और धर्मेंद्र प्रधान का कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन की वजह से इस्तीफा हुआ था। यानी चार मंत्रियों के इस्तीफे हो चुके हैं।

इनके अलावा तीन मंत्री दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पीयूष गोयल मंत्री होने के साथ साथ पार्टी के कोषाध्यक्ष बना दिए गए हैं। दो अन्य मंत्रियों पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा को क्रमशः उत्तर प्रदेश और दिल्ली का अध्यक्ष बनाया गया है। उत्तर प्रदेश में चार महीने में विधानसभा चुनाव हैं। दो और मंत्रियों को इस बार उत्तर प्रदेश से राज्यसभा नहीं भेजा गया है। हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। अगर इन दो मंत्रियों का भी इस्तीफा होता है तो छह मंत्री पद खाली होंगे। दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे तीनों या कम से कम दो मंत्रियों का इस्तीफा होगा। इस तरह आठ या नौ वैकेंसी क्रिएट हो रही है। पहले से ही कई मंत्रियों के पास एक से ज्यादा मंत्रालय हैं।

इस बीच यह भी चर्चा हो रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘कामराज प्लान’ पर काम कर रहे हैं। ध्यान रहे के कामराज ने नेहरू मंत्रिमंडल को नया रूप देने के लिए एक योजना बनाई थी। इस योजना के तहत बड़ी संख्या में मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था। इस योजना का मकसद कुछ मंत्रियों को सरकार से हटाना था। तभी नेहरू की पसंद के मंत्रियों ने भी इस्तीफा दिया था और बाद में उनको फिर से मंत्री बना लिया गया था। लेकिन ऐसा लग रहा है कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह का ‘कामराज प्लान’ कारगर नहीं हो रहा है। जानकार सूत्रों का कहना है कि सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों से इस्तीफा देने को कहा गया है। हालांकि यह तय नहीं है कि सीधे प्रधानमंत्री या गृह मंत्री के स्तर से इस्तीफे को कहा गया लेकिन यह खबर है कि मंत्रियों ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया। वरिष्ठ मंत्री और नेता यह मानने को तैयार नहीं है कि मंत्रिमंडल को नया रूप देने के लिए उनका इस्तीफा चाहिए। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री तो खुद ही 76 साल के हो गए हैं। अगर वे रह सकते हैं तो उनसे कम उम्र के मंत्रियों को क्यों हटाया जाना चाहिए। तभी ऐसा लग रहा है कि ‘कामराज प्लान’ अटक गया है और इसलिए मजबूरी में ऐसे नेताओं के इस्तीफे हो रहे हैं, जिनका कोई बड़ा राजनीतिक असर नहीं है। कुरियन केरल के ईसाई हैं तो बिट्टू कांग्रेस से भाजपा में आए थे और मुरुगन तमिलनाडु के हैं, जहां भाजपा का कुछ दांव पर नहीं है। असली बात तो तब होगी, जब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आदि का इस्तीफा हो।

मुरुगन की जगह राज्यसभा कौन जाएगा?

एल मुरुगन ने सिर्फ केंद्रीय मंत्रिपरिषद से ही इस्तीफा नहीं दिया है, बल्कि अपनी राज्यसभा सीट भी छोड़ दी है। उनका राज्यसभा का कार्यकाल साढ़े तीन साल बचा हुआ था। उन्होंने पांच पन्ने की अपनी चिट्ठी में लिखा है वे तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करना चाहते हैं। सवाल है कि क्या पार्टी को मजबूत करने के रास्ते में उनकी राज्यसभा की सदस्यता बाधा बन रही थी? ऐसा नहीं है। उलटे उनके एक हिंदी भाषी राज्य मध्य प्रदेश से राज्यसभा में होने का ज्यादा फायदा भाजपा को तमिलनाडु में मिलता। वे मंत्री बने रह कर भी पार्टी को मजबूत कर सकते थे। लेकिन अब तमिलनाडु में चुनाव हो चुके हैं और तुरत वहां के किसी नेता की जरुरत नहीं है। ऐसे ही केरल का चुनाव हुआ और उसी समय जॉर्ज कुरियन की विदाई हो गई। उनको राज्यसभा नहीं भेजा गया। ध्यान रहे भाजपा केरल में ईसाई वोट को लुभाने की कोशिश कर रही थी, जिसमें कामयाबी नहीं मिल पाई।

बहरहाल, एल मुरुगन के मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के साथ साथ राज्यसभा सीट छोड़ने का दूसरा मकसद है। उनकी राज्यसभा सीट से किसी ऐसे व्यक्ति को सांसद बनाया जाएगा, जो नरेंद्र मोदी की सरकार में मंत्री बनेगा और अभी किसी सदन का सदस्य नहीं है। वह कोई नेता होगा या टेक्नोक्रेट यह तय नहीं है। कई लोग यह भी कह रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की वजह से हरदीप सिंह पुरी को वहां से नहीं भेजा गया, उनको मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेज कर मंत्री बनाए रखा जा सकता है। इसके पीछे पंजाब विधानसभा चुनाव का भी तर्क दिया जा रहा है हालांकि ज्यादा संभावना इस बात की है कि उनको मंत्री पद से हटाया जाएगा। उनको मंत्री पद से हटाए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं है। अगर पुरी नहीं जाते हैं तो नंदन नीलेकणी टाइप का कोई बहुत चौंकाने वाला नाम हो सकता है।

शिवराज धरने पर बैठ गए!

Shivraj Singh Chauhan

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अपनी पार्टी की राज्य सरकार से ठन गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ उनका विवाद अब खुल कर सामने आ गया है। दोनों एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। यह मामला बहुत दिन से चल रहा था लेकिन पिछले दिनों जब नए संगठन महामंत्री चंद्रशेखर भोपाल गए और पार्टी नेताओं के साथ बैठक की तब मामला मीडिया में आ गया। वहां शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कलेक्टर फोन नहीं उठाते हैं। इस पर चंद्रशेखर ने दोनों समझाया और सारी गुटबाजी तीन महीने में खत्म करने को कहा।

लेकिन उसके बाद मामला और तेज हो गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चुनाव जिताने वाली ‘लाड़ली बहना’ योजना पर ही सवाल उठा दिया। उन्होंने कहा कि इस योजना पर बहुत खर्च हो रहा है और राज्य की वित्तीय हालत बिगड़ रही है। ध्यान रहे शिवराज सिंह चौहान ने इस योजना की शुरुआत की थी। इसके बाद एक दिन मामला और आगे बढ़ा, जब शिवराज सिंह चौहान अपने चुनाव क्षेत्र के बुधनी गांव में एक दर्जन आदिवासी परिवारों का घर तोड़े जाने के खिलाफ धरने पर बैठ गए। वन विभाग इन लोगों का घर तोड़ रहा है, जिसे शिवराज सिंह चौहान ने ‘जुल्म की पराकाष्ठा’ कहा है। यह पार्टी के भीतर सिर्फ अनुशासन की कमी दिखाने का मामला नहीं है। यह सत्ता का संघर्ष है। शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री रहते उनको भी उमा भारती और दूसरे नेताओं का ऐसा विरोध झेलना पड़ा था। दिल्ली में मदनलाल खुराना सीएम पद से हटाए जाने से इतने आहत थे कि एक बार वे भी अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए थे।

कल का मौसम 15 अक्टूबर: दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा में मूसलाधार बारिश संग ओलावृष्टि का अलर्ट! उत्तर से दक्षिण तक बिगड़ेगा मौसम

IMD Weather Update: देश भर के मौसम में एक साथ कई मौसमी प्रणालियों के बेहद सक्रिय होने से बड़ा और उग्र बदलाव आने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा गुरुवार 15 अक्टूबर के लिए जारी किए गए मौसम बुलेटिन के मुताबिक 15 अक्टूबर को देश के उत्तरी मैदानी इलाकों से लेकर सुदूर दक्षिणी राज्यों तक मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, तमिलनाडु और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

इसके अलावा, उत्तर भारत के छह बड़े राज्यों में गर्जना के साथ ओलावृष्टि होने की गंभीर आशंका जताई गई है। उत्तर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण में दस्तक दे रहे उत्तर-पूर्वी मानसून के एक साथ असर में आने से देश के बड़े हिस्से में मौसमी तबाही का खतरा बन रहा है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और यूपी में ओलावृष्टि व भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी राज्यों में सक्रिय मौसमी सिस्टम अपने चरम पर रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 15 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर तेज बादलों की गड़गड़ाहट के साथ ओलावृष्टि होने की भी पूरी संभावना है।

इन मैदानी और पहाड़ी राज्यों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की स्पीड से विनाशकारी तूफानी हवाएं चलेंगी। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी आकाशीय बिजली चमकने और बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून की दस्तक, तमिलनाडु और केरल में बहुत भारी बारिश

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून का औपचारिक आगमन हो चुका है। इसके चलते दक्षिणी राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग ने 15 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल और केरल एवं माहे के अलग अलग जिलों में भारी से बहुत भारी मूसलाधार बारिश होने की बड़ी चेतावनी जारी की है।

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश होगी। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और तटीय इलाकों में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़ेगी। आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी, जबकि तेलंगाना और कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में भी झोंकेदार हवाओं के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

मध्य और पूर्वी भारत का मौसम हाल

मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में भी चक्रवाती परिसंचरण का असर दिखाई देगा। छत्तीसगढ़, ओडिशा, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग अलग इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बादलों की गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। दूसरी ओर पश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं।

तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी का अहसास

पश्चिम और दक्षिण भारत के कुछ तटीय इलाकों में नमी और तापमान के बने रहने से लोगों को चिपचिपी गर्मी परेशान करेगी। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक तटीय कर्नाटक और कोंकण, गोवा के तटीय क्षेत्रों में मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा। हालांकि तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर स्थितियां फिलहाल नियंत्रण में हैं। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए समुद्र में न जाने संबंधी कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

हॉलीवुड सिंगर बोलीं- CJP को अमेरिका से फंडिंग मिल रही:भारत में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे; मोदी समर्थकों से एकजुट होने की अपील

हॉलीवुड सिंगर मैरी मिलबेन ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी को अमेरिका से फंडिंग मिल रही है। उन्होंने कहा कि PM नरेंद्र मोदी के विरोधी अमेरिकी डोनर्स अभिजीत दीपके को पैसा भेज रहे हैं। उनके मुताबिक इस पैसे का इस्तेमाल भारत में अशांति फैलाने और सरकार के काम में रुकावट डालने के लिए किया जा रहा है। मिलबेन ने X पर पोस्ट कर भारत के युवाओं से आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने लिखा, “यह चुप रहने का समय नहीं है।” मिलबेन बोलीं- PM मोदी बाहरी ताकतों के आगे नहीं झुकेंगे मिलबेन ने दावा किया कि कुछ US डोनर्स दुनियाभर के रूढ़िवादी नेताओं को निशाना बनाने का एक तय तरीका अपनाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ‘वे उस देश से अमेरिका में पढ़े किसी व्यक्ति को ढूंढते हैं, उसे कट्टर बनाते हैं, वापस देश भेजते हैं और अराजकता व तबाही फैलाने के लिए फंड करते हैं।’ मिलबेन ने प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक सफर का बचाव करते हुए कहा कि वह 25 साल से सरकार में रहकर लोगों की सेवा कर रहे हैं और 12 साल से प्रधानमंत्री हैं। वह अमेरिका से आने वाली उन ताकतों के आगे नहीं झुकेंगे। मिलबेन ने 2023 में मोदी के दौरे पर राष्ट्रगान गाया था मैरी मिलबेन अमेरिकी सिंगर और एक्ट्रेस हैं। भारत में उन्हें 2022 में देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर पहचान मिली थी। जून 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान उन्होंने भारत का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया था। इस दौरान उन्होंने मोदी के पैर भी छुए थे, जिसके बाद भारत में उनकी काफी चर्चा हुई। अगस्त 2023 में मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर भी उन्होंने मोदी का समर्थन किया था। इसके बाद उन्होंने दिसंबर 2023 में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी की जीत को मोदी की लोकप्रियता से जोड़ा। मार्च 2024 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू होने पर भी मिलबेन ने मोदी सरकार के फैसले की तारीफ की थी। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने भारतीय मतदाताओं से मोदी को वोट देने की अपील भी की थी।

यूपी का राज्यपाल नहीं बदलेगा!

छह राज्यों के राज्यपाल बदल गए हैं। दो राज्यपालों के राजभवन बदले हैं, जबकि चार नए राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं। पिछले कई दिनों से राज्यपाल और उप राज्यपाल बदले जाने की चर्चा चल रही थी। लेकिन जिस राज्य में बदलाव की सबसे ज्यादा चर्चा थी वहां बदलाव नहीं हुआ। उत्तर प्रदेश के राजभवन में ऐसा लग रहा है कि अभी आनंदी बेन पटेल रहेंगी। वे पांच साल से ज्यादा समय से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल हैं। उससे पहले दो साल वे मध्य प्रदेश की भी राज्यपाल रही थीं। गुजरात के मुख्यमंत्री पद से हटने के कुछ दिन बाद ही वे राज्यपाल बनी थीं और पिछले सात साल से ज्यादा समय से राज्यपाल हैं।

पिछले महीने जब वे लंबी छुट्टी पर गईं तो कहा गया कि अब उनकी विदाई तय हो गई है। उससे पहले उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर में जाकर वहां शिक्षा व्यवस्था और यूनिवर्सिटी के हालात पर बहुत तीखी टिप्पणी की थी। उससे भी उनके हटने का अंदाजा लगाया जा रहा था। लेकिन वे 10 दिन की छुट्टी पर रहीं और किसी अन्य राज्यपाल को उत्तर प्रदेश का प्रभार नहीं दिया गया। उन्होंने लौट कर कार्यभार संभाल लिया। जब वे छुट्टी पर गई थीं तब सूत्रों के हवाले से खबर आ रही थी कि किसी बड़े ब्राह्मण नेता को लखनऊ राजभवन में लाया जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब चार महीने बाद चुनाव होने वाले हैं। देखना है कि आनंदी बेन पटेल ही चुनाव तक रहती हैं या कोई नया चेहरा लाया जाता है।

केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने मंत्रिमंडल और राज्यसभा सदस्यता से दिया इस्तीफा, जानिए कौन हैं ये, क्यों उठाया ऐसा कदम?

केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि अब वह तमिलनाडु में पार्टी के काम पर ध्यान देना चाहते हैं।  वहीं ऐसी खबरें है कि, दिवाली से पहले केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में कभी भी फेरबदल हो सकता है। सरकारी सूत्रों ने CNN-NEWS18 को बताया कि, इस दौरान कम से कम छह मंत्री पद खाली होने की संभावना है। वहीं मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। पार्टी के ‘एक व्यक्ति, एक पद’ नियम के चलते उनके मंत्रिपद छोड़ने की संभावना जताई जा रही है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में पिछले ढाई साल से केंद्रीय मंत्रिमंडल में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। अगर ऐसा हुआ तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के बीच में होने वाला बड़ा बदलाव होगा।

एल. मुरुगन ने दिया इस्तीफा

केंद्रीय सूचना और प्रसारण, संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल मुरुगन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि अब वह तमिलनाडु में पार्टी के काम पर ध्यान देना चाहते हैं। इससे पहले केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन भी राज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद मंत्री पद छोड़ चुके हैं। इन इस्तीफों के बाद केंद्र सरकार में मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें और तेज हो गई हैं। हाल ही में बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बी.एल. वर्मा को राज्यसभा के लिए दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया, क्योंकि उनका कार्यकाल पूरा हो गया था। वहीं, केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया है।

एल. मुरुगन ने किया पोस्ट 

केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने पोस्ट में कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और तमिलनाडु की सेवा करना मेरे लिए जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। एक दिहाड़ी मजदूर के बेटे से लेकर केंद्रीय मंत्रिपरिषद में जिम्मेदारी निभाने तक का सफर मेरे लिए बेहद गर्व की बात है। अब मैं दोबारा जमीनी स्तर पर लौटकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ काम करना चाहता हूं। मेरा लक्ष्य 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु में बीजेपी को और मजबूत बनाना है। मेरे लिए सबसे पहले देश, फिर पार्टी और आखिर में मैं खुद हूं।” तमिलनाडु के रहने वाले मुरुगन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था।

 

केंद्रीय मंत्रियों के साथ कई बैठकें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के दिनों में केंद्रीय मंत्रियों के साथ कई बैठकें की हैं। इन बैठकों में सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने और कामकाज को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई। इससे पहले भी मंत्रिमंडल में बदलाव की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन उस समय सरकार के वरिष्ठ सूत्रों ने ऐसी किसी योजना से इनकार किया था। उन्होंने बताया था कि सरकार की प्राथमिकता संसद के बजट सत्र से जुड़े कामों पर थी।

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