मध्यप्रदेश में सिस्टम के खिलाफ मुखर हो रहे जेन-जी से जेन-अल्फा तक, स्कूलों के मर्जर के खिलाफ खोला मोर्चा

मध्यप्रदेश में सिस्टम के खिलाफ मुखर हो रहे जेन-जी से जेन-अल्फा तक, स्कूलों के मर्जर के खिलाफ खोला मोर्चा

दिल्ली के जंतर-मंतर पर जेन-जी के आंदोलन के अब मध्यप्रदेश में जेन-जी और जेन-अल्फा सिस्टम के खिलाफ पूरी मुखरता के साथ अपनी आवाज बुलंद करने लगे है। इन दिनों मध्यप्रदेश में जेन-जी और जेन-अल्फा के विरोध का नया ट्रेंड दिख रहा है। स्कूली बच्चे आंदोलन कर नेतृत्व कर रहे है और सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठा रहे है। ताजा मामला भोपाल में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए स्कूलों बच्चों के प्रदर्शन का है। राजधानी के नीलम पार्क में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए स्कूली बच्चों ने स्कूलों के मर्जर के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले उज्जैन में इसी तरह का प्रदर्शन देखने को मिल चुका है।
 
गांवों के स्कूलों के मर्जर का विरोध-प्रदेश में सरकारी स्कलों के मर्जर के खिलाफ रविवार को नीलम पार्क में जेन अल्फा का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। नीलम पार्क में प्रदेश भर के अलग-अलग जिलों से स्कूली बच्चे मर्जर के खिलाफ धरना दिया और एक अलग ही अंदाज में अपना विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने पहुंचे बच्चों ने मांग की कि सरकार की तरफ से स्कूलों क मर्जर का जो फैसला लिया जा रहा है उसके चलते काफी परेशानियां हो रही है।

गांव-गांव में चल रहे स्कूलों का सांदीपनी स्कूल में मर्जर किया जा रहा है सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का जबरन ट्रांसफर सांदीपनि स्कूलों में किया जा रहा है। बच्चों का कहना है कि संदीपनि स्कूल गांव से काफी दूर है और इसके लिए उन्हें कही-कही 10 से 15 किलोमीटर दूर पढ़ने  के लिए जाना पड़ा रहा है। बच्चों की मांग है कि स्कूलों को मर्जर करने का फैसला वापस लिया जाए और उन्हें गांव के स्कूलों में ही पढ़ने का मौका दिया जाए।
 
ऐसा नहीं स्कूलों के मर्जर के खिलाफ यह कोई पहला प्रदर्शन हुआ है। भोपाल में इसी माह 18 अगस्त को डीएमएस को केवी में मर्ज करने के खिलाफ बच्चों ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया था। भोपाल में एनसीईआरटी के डेमोंस्ट्रेशन मल्टीपर्पज स्कूल (डीएमएस) को केंद्रीय विद्यालय में मर्ज करने के प्रस्ताव के खिलाफ विद्यार्थी सड़क पर उतरे। 'सेव डीएमएस' के पोस्टर लेकर स्कूल की अलग पहचान बचाने की मांग की और ज्ञापन सौंपा था। ।
 
वहीं दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद उज्जैन में शासकीय सराफा कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल को 6 किमी दूर दाउदखेड़ी शिफ्ट करने के प्रस्ताव के विरोध सैकड़ों छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंच कर अपना विरोध दर्ज जताया था। बच्चों के  प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने स्कूलों की शिफ्टिंग रोक दी।
 
जेन-अल्फा के विरोध प्रदर्शन पर सियासत- भोपाल में स्कूलों के मर्जर के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन पर अब सियासत भी गर्मा गई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने बच्चों के साथ आते हुए स्कूलों के मर्जर पर सवाल उठा दिए। पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि जिन हाथों में पढ़ने के लिए कॉपी किताब होनी चाहिए उनमें आंदोलन के बैनर पोस्टर हैं। यह मध्य प्रदेश और देश का दुर्भाग्य है। कांग्रेस ने टीला, गांव स्तर पर स्कूल बनाने का काम किया। भाजपा की सरकारे उन्हें खत्म कर रही हैं। शालाओं में इंफ्रास्ट्रक्चर और टीचर्स नहीं है। कांग्रेस ने हर जिले ब्लॉक और गांव में स्कूल खोलने का काम किया। भाजपा सरकार इन स्कूलों को बंद करने का काम कर रही है। यह देश और प्रदेश के भविष्य के लिए अच्छे संकेत नहीं है।
 
वहीं भाजपा प्रवक्ता हितेश वाजपेयी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के समय मजरे टोले में स्कूल इसलिए खोले जाते थे की कांग्रेस सरकार में सड़के नहीं थी अब सड़के गांव-गांव तक पहुंच चुकी है। परिवहन सुविधा काफी बेहतर है। गांव-गांव तक सरकार की तरफ से बस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है बेहतर शिक्षा के लिए हम सीएम राइज और सांदीपनि स्कूल खोल रहे हैं जहां पर आधुनिक शिक्षा दी जा रही है।
 

लो प्रेशर सिस्टम से अगले 4 दिन भारी! यूपी, बिहार, MP समेत इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, मौसम को लेकर IMD ने दी ये चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसूनी सिस्टम एक बार फिर बेहद एक्टिव हो गया है। गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तरी ओडिशा के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर की वजह से मौसम विभाग (IMD) ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान देश के अलग अलग राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। IMD के मुताबिक इस नए मौसमी तंत्र के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके उलट दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियां काफी सुस्त रह सकती हैं।

बीते 24 घंटों में बदला मौसम का मिजाज

आपको बता दें कि पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक की बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, केरल, कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

उत्तर भारत का मौसम: यूपी और उत्तराखंड में तेज बारिश की संभावना

उत्तर भारत में मानसून की ट्रफ रेखा अपने सामान्य स्थान से उत्तर की ओर बनी हुई है। इसके असर से उत्तराखंड में 24 से 30 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी जबकि 24 अगस्त तथा 29 से 30 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश की बात करें तो 24 से 26 अगस्त के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश और भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी 24 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के इलाकों में भी 30 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहेगा।

मध्य भारत का हाल: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मध्य भारत में कम दबाव का क्षेत्र सीधा असर डाल रहा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 से 26 अगस्त तक व्यापक बारिश के साथ-साथ अत्यंत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 27 अगस्त को भी भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 24 से 26 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश होगी और यह सिलसिला 29 से 30 अगस्त तक जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ में 24 और 25 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है जबकि विदर्भ क्षेत्र में 24 से 26 अगस्त के बीच भारी बारिश और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा और बिहार में आंधी-तूफान के साथ बारिश

पूर्वी भारत में बने इस सिस्टम के चलते 24 अगस्त को ओडिशा और झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में अगले 3 से 4 दिनों यानी 24 से 27 अगस्त तक भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 अगस्त तक तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहेगी।

अंडमान में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 24 से 30 अगस्त के दौरान भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

पश्चिमी और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा में 30 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रहेगी जबकि मध्य महाराष्ट्र में 24 से 26 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण भारत की स्थिति देखें तो तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना में 24 और 25 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल और माहे में 24 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 25 व 26 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के तटीय क्षेत्रों में 24 से 28 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

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Weather Update : 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों में लैंडस्लाइड का खतरा; मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह

Weather Update 24 August : उत्तर भारत में भले ही मानसून कुछ कमजोर पड़ गया है, लेकिन जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड मूसलाधार बारिश कहर बरपा रही है। मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में ज्यादातर नदियां उफान पर हैं और बाढ़ से हाल बेहाल है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम एक्टिव होने से देश के लगभग 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अगले 4-5 दिन भारी बारिश हो सकती है। ALSO READ: त्योहारों से पहले प्याज ने रुलाया! नासिक में 76% बढ़े दाम, कई राज्यों में कीमतें दोगुनी

 

जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान के बीच लैंडस्लाइड का खतरा है। तेज हवाओं को देखते हुए ही पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे समुद्री इलाकों में मछुआरों को तूफान के दौरान समंदर से दूर रहने की सलाह दी गई है। 

 

क्या है यूपी का हाल?

मथुरा, वाराणसी समेत उत्तर प्रदेश के 19 जिलों में भारी बारिश से बाढ़ से हालात बने हुए हैं। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गई और घरों में पानी घुस गया। मौसम विभाग ने नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, बिजनौर, महोबा, ललितपुर, आजमगढ़, गोरखपुर, झांसी, अलीगढ़, कानपुर, सोनभद्र, मथुरा, मोरादाबाद, बदायूं, इटावा और मेरठ में भारी बारिश का अलर्ट है। ALSO READ: Top News 24 August : 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, H1N1 पर ICMR का बड़ा अपडेट और मिस यूनिवर्स इंडिया बनीं केरल की केजिया लिज

 

MP के 22 राज्यों में रेड अलर्ट

मध्य प्रदेश के जबलपुर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में रविवार को भारी बारिश हुई। राजधानी भोपाल में भी रातभर बरसा पानी। राज्य के 22 जिलों में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई।

 

इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, गुजरात, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश हो सकती है।

 

हवा की चेतावनी

24 अगस्त तक उत्तर और उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा पश्चिम बंगाल और उससे लगे ओडिशा व उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास और दूर 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से लेकर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक तेज हवाएं चलने की बहुत संभावना है।

 

 

मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह

उत्तर और उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा पश्चिम बंगाल, और उससे लगे ओडिशा व उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास और दूर समुद्र की स्थिति के 'अशांत से बहुत अशांत' रहने की पूरी संभावना है। मुछआरों को सलाह दी जाती है कि वे 24 अगस्त तक उत्तर और उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी, तथा पश्चिम बंगाल-ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास और समुद्र में न जाएं।

कुदरत ने बनाया ऐसा संगम, जहां साथ बहती हैं दो अलग रंगों वाली नदियां

बारिश के मौसम में प्रकृति कई ऐसे नजारे दिखाती है, जिन्हें देखकर आंखें ठहर जाती हैं। मध्य प्रदेश के बांद्राभान संगम पर इन दिनों नर्मदा और तवा नदी का ऐसा ही अनोखा रूप देखने को मिल रहा है। यहां दो नदियां एक-दूसरे से मिलती हैं, लेकिन संगम से पहले दोनों का पानी अलग-अलग रंग में नजर आता है। एक तरफ नदी का पानी मटमैला दिखाई देता है, तो दूसरी ओर नदी का पानी नीला नजर आता है। दूर से देखने पर ऐसा लगता है जैसे एक ही जगह पर दो अलग रंगों की नदियां बह रही हों।

मानसून के दौरान बारिश का असर नदियों के पानी पर साफ दिखाई देता है। बारिश के साथ मिट्टी, रेत और दूसरी चीजें बहकर नदी में पहुंचती हैं, जिससे पानी का रंग बदल जाता है। इसी वजह से बांद्राभान संगम का यह दृश्य इन दिनों और भी खास दिखाई दे रहा है। दोनों नदियों के अलग रंगों वाला पानी लोगों को अपनी ओर खींच रहा है और यह जगह फोटोग्राफी के लिए भी बेहद अट्रैक्टिव बन गई है।

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नर्मदा का बदला रंग

मानसून में तेज बारिश के कारण आसपास की मिट्टी और गाद पानी के साथ नर्मदा नदी में पहुंचती है। इसी वजह से नर्मदा का पानी इस समय मटमैला या भूरा नजर आता है। संगम के पास पहुंचने पर यह रंग साफ दिखाई देता है और दूर से देखने पर पानी की अलग धारा आसानी से पहचानी जा सकती है।नर्मदा के ठीक दूसरी तरफ तवा नदी का पानी अपेक्षाकृत साफ और नीला नजर आता है। दोनों नदियों के पानी के रंग में इतना फर्क दिखाई देता है कि संगम का दृश्य पहली नजर में ही लोगों का ध्यान खींच लेता है। नीले और मटमैले पानी का यह मेल इस जगह को और खास बना देता है।

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मानसून का असर

बारिश का असर नदियों पर कई तरह से पड़ता है। तेज बारिश के दौरान नदी में मिट्टी, गाद और छोटे कण पहुंचने से पानी का रंग बदल सकता है। अलग-अलग जगहों से आने वाले पानी की वजह से दो नदियों के रंग में भी अंतर दिखाई दे सकता है। बांद्राभान में मानसून के दौरान यही बदलाव इस अनोखे नजारे की वजह बन रहा है।

खूबसूरत संगम

बांद्राभान संगम का अलग-अलग रंगों वाला पानी देखने के साथ-साथ तस्वीरें लेने के लिए भी अट्रैक्टिव लगता है। एक फ्रेम में मटमैली नर्मदा और नीली तवा नदी का नजर आना इस जगह की खासियत है। मानसून के बादल, हरियाली और नदियों का यह नजारा मिलकर इसे नेचर और फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए खास बना देते हैं।

बांद्राभान संगम का यह नजारा मानसून के दिनों में और भी खास हो जाता है। नर्मदा और तवा के पानी का अलग रंग दूर से ही लोगों का ध्यान खींचता है। प्रकृति का यह खूबसूरत रूप बताता है कि बारिश के मौसम में नदियों का रंग और अंदाज किस तरह बदल जाता है।

कल का मौसम: 24 अगस्त को सावधान! यूपी-बिहार से लेकर दक्षिण भारत तक बिगड़ेगा मौसम, 18 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट!

Weather update for August 24: देश भर में मानसून की सक्रियता के चलते मौसम का रुख बेहद सख्त बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए देश के 18 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, बिजली कड़कने और आंधी-तूफान को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश और बिहार से लेकर मध्य भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के तमाम हिस्सों में मानसूनी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है। IMD ने खराब मौसम को देखते हुए आम लोगों से सतर्क रहने और संवेदनशील इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

इन 3 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 24 अगस्त को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इन इलाकों में लगातार होने वाली मूसलाधार बारिश के चलते निचले क्षेत्रों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में अचानक उछाल आने की संभावना बनी हुई है।

यूपी और बिहार समेत 18 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के 18 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दूर-दराज के इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। उत्तर भारत में पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश की गतिविधियां काफी तेज रहेंगी।

मध्य भारत और उससे सटे क्षेत्रों में पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत की बात करें तो तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में कड़कती बिजली और तूफानी हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक, ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।

बिजली कड़कने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं का पूर्वानुमान

बिहार, तटीय कर्नाटक, झारखंड, केरल और माहे, लक्षद्वीप, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम और तेलंगाना में आकाशीय बिजली के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग जगहों पर बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। वहीं, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई तटीय व मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

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अरब सागर और तटीय इलाकों के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में उठने वाली तेज लहरों और खराब मौसम को देखते हुए तटीय इलाकों और मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की गई है। सोमालिया और ओमान तटों के साथ और उससे सटे इलाकों, मध्य-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

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इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों के साथ-साथ लक्षद्वीप और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। ये बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती हैं।

स्वाइन फ्लू को लेकर ICMR का बड़ा बयान, देश में नहीं मिला कोई नया वेरिएंट, जानिए कहां बढ़ रहे H1N1 के मरीज?

स्वाइन फ्लू को लेकर ICMR का बड़ा बयान, देश में नहीं मिला कोई नया वेरिएंट, जानिए कहां बढ़ रहे H1N1 के मरीज?

ICMR's major statement on swine flu

ICMR's major statement on swine flu : देश में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के किसी नए और खतरनाक वेरिएंट के फैलने की आशंका के बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के वैज्ञानिकों ने स्थिति स्पष्ट की है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, भारत में H1N1 का कोई नया वेरिएंट सामने नहीं आया है। फिलहाल देश में फैल रहा इन्फ्लूएंजा-A यानी H1N1 pdm09 वायरस पहले से मौजूद स्ट्रेन का ही हिस्सा है। स्वाइन फ्लू की अफवाहों के बीच आईसीएमआर की यह रिपोर्ट देश के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने अपनी रिपोर्ट में साफ कर दिया है कि यह वायरस साल 2025 से ही देश में बना हुआ है, इसलिए किसी को भी डरने की कोई जरूरत नहीं है।

 

देश में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के किसी नए और खतरनाक वेरिएंट के फैलने की आशंका के बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के वैज्ञानिकों ने स्थिति स्पष्ट की है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, भारत में H1N1 का कोई नया वेरिएंट सामने नहीं आया है। फिलहाल देश में फैल रहा इन्फ्लूएंजा-A यानी H1N1 pdm09 वायरस पहले से मौजूद स्ट्रेन का ही हिस्सा है।

 

स्वाइन फ्लू की अफवाहों के बीच आईसीएमआर की यह रिपोर्ट देश के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने अपनी रिपोर्ट में साफ कर दिया है कि यह वायरस साल 2025 से ही देश में बना हुआ है, इसलिए किसी को भी डरने की कोई जरूरत नहीं है।

 

वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान वायरस मौसमी फ्लू वैक्सीन में शामिल वायरस से मेल खाता है। लेकिन बच्चों और बुजुर्गों में लक्षण बिगड़ने पर थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इन लोगों में बीमारी की वजह से परेशानी थोड़ी बढ़ सकती है। अगर किसी के लक्षण 3-4 दिन में ठीक न हों, या सांस लेने में तकलीफ जैसी दिक्कत होने लगे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। H1N1 के लक्षण आम मौसमी फ्लू जैसे हो सकते हैं। इनमें बुखार, खांसी, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान शामिल हैं।

 

यहां बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले

दिल्ली में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। राजधानी में इन्फ्लूएंजा ए के 2392 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 1,777 मामले एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के हैं। मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने अस्पतालों और स्वास्थ्य अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि अस्पतालों में इलाज के लिए डॉक्टर, बेड और दवाइयां पर्याप्त हैं। स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले पर नजर रख रहा है।

 

छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने लगे हैं। अब तक 38 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 25 मरीज रायपुर के हैं। रायपुर में मिले मरीजों में आधे से अधिक अभी एक्टिव हैं। इसके अलावा बिलासपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार, बस्तर, बेमेतरा और रायगढ़ में भी मरीज मिले हैं। इसे लेकर अब स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट है।

 

मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। उज्जैन में एच-1एन-1 संक्रमण से ग्रस्त महिला की मौत के बाद अब प्रदेशभर से स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आने लगे हैं। बीते 5 दिनों के आंकड़ों पर गौर करें तो इंदौर और उज्जैन में स्वाइन फ्लू के 4 मामले सामने आए थे, जबकि सिर्फ शनिवार को ही अलग-अलग शहरों से 3 संकर्मितों की पुष्टि हुई है।

गौरतलब है कि स्वाइन फ्लू (H1N1) एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो सांस के जरिए, खांसने या छींकने से फैलती है। इसके मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द और थकान शामिल हैं। सही समय पर आराम, तरल पदार्थों के सेवन और डॉक्टर की सलाह से यह ठीक हो जाता है।

Weather Forecast: यूपी-बिहार के लिए अगले 24 घंटे होंगे खतरनाक! IMD ने बारिश-तूफान का दिया अलर्ट

Weather Alert: देश के कई इलाकों में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। इसके चलते मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों में भी मौसम बदल गया है। मौसम में बदलाव के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 23 अगस्त को दिल्ली और बिहार समेत 19 राज्यों में खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है। कई जगहों पर तेज आंधी के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी भारत में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है, वहीं पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन की आशंका जताई गई है। ऐसे में आईएमडी लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 23 अगस्त को देश के कई राज्यों में खराब मौसम की संभावना जताई है। यूपी, दिल्ली, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मेघालय, केरल और असम में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी भारत में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। इस दौरान कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 23 अगस्त को मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है। दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सुबह से बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने दिन के दौरान बारिश की संभावना जताई है। लेकिन, बारिश के बावजूद लोगों को गर्मी और उमस से पूरी राहत मिलने के आसार नहीं हैं। आज दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

यूपी-बिहार में होगी तेज बारिश

उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में 23 अगस्त को मौसम खराब रहने की संभावना है। यूपी के नोएडा, मेरठ, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, बिहार के भी कई जिलों में बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है। लखनऊ में तापमान 33 डिग्री और पटना में 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि दोनों शहरों में न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

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कल का मौसम: 23 अगस्त को 15 राज्यों में तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी, यूपी से ओडिशा तक IMD ने दिया ये अलर्ट

Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के चलते मौसम का मिजाज बदला हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए देश के अलग अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश, बिजली कड़कने और तेज आंधी-तूफान को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश से लेकर ओडिशा तक और मध्य भारत से लेकर दक्षिणी राज्यों तक मौसम का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दी है।

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छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 23 अगस्त को छत्तीसगढ़ और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन राज्यों के प्रभावित इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में अचानक से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

इन 15 राज्यों और क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के 15 से अधिक राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें उत्तर भारत का उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इसके अलावा मध्य भारत के मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। पूर्वी भारत के गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में बारिश का अलर्ट है। दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे तथा तेलंगाना में भी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बारिश के साथ-साथ कई इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, बिहार और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

अन्य राज्यों में बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी

पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दूर-दराज के इलाकों में गरज और बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड के कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में सतह पर तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में खराब मौसम के कारण मछुआरों और तटीय क्षेत्रों को विशेष रूप से अलर्ट पर रखा गया है। अरब सागर में सोमालिया तट के साथ और उससे सटे इलाकों, मध्य-पश्चिम और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो बढ़कर 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी की बात करें तो मन्नार की खाड़ी, कॉमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिण श्रीलंका तट के आसपास के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जो 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों, मध्य-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा अंडमान सागर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की उम्मीद है, जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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इंदौर के सारांश जैन कोलंबो टेस्ट में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बेहद करीब

इंदौर के सारांश जैन कोलंबो टेस्ट में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बेहद करीब

इंदौर के स्थानीय निवासी और ऑलराउंडर क्रिकेटर सारांश जैन कोलंबो टेस्ट में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बेहद नजदीक खड़े हैं। इसका इशारा तब मिला जब श्रीलंका के मध्यक्रम में एक और बाएं हाथ का बल्लेबाज शामिल हुआ और सारांश को अभ्यास सत्र में काफी मेहनत करते हुए देखा गया। उनको कुलदीप यादव की जगह शामिल करने की आशंका है।

चंद्रकांत पंडित की कोचिंग में मध्य-प्रदेश की रणजी ट्रॉफी विजेता टीम के प्रमुख सदस्य रहे लंबे कद के Off-Spinner सारांश ने हाल ही में भारत A के श्रीलंका दौरे के दौरान शानदार प्रदर्शन करते हुए दो मैचों में छह विकेट लेने के साथ एक पारी में नाबाद 70 रन भी बनाए थे।

दिलचस्प बात यह है कि सारांश के पिता सुबोध भी मध्य प्रदेश के पूर्व ऑफ-स्पिनर रहे हैं और उनको यह बात सालती रही कि वह राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना सके। लेकिन उन्होंने अपनी असफलता पर चिंतन करने से बेहतर बेटे की कुशलता पर मेहनत करना समझा। वह ही अपने बेटे के कोच है।

सारांश के पिता सुबोध ने 9 रणजी ट्रॉफी मैचों में 23 विकेट लिए थे। उन्होंने अपने बेटे को कोचिंग देनी शुरु की लेकिन भारतीय टेस्ट गेंदबाजी क्रम खासकर स्पिन गेंदबाजी का- इतना सुदृढ़ था कि इसका किला भेदना असंभव था। रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जड़ेजा ही टीम के लिए इतने विकेट निकाल देते थे कि कुलदीप यादव तक के 10 साल के करियर में 19 मैच हैं।

ऐसे में सारांज को 30 प्लस के बाद जाकर मौका मिला। अमूमन भारतीय चयनकर्ता इतनी उम्र के बाद किसी पर मेहरबान नहीं होते। लेकिन सारांश जैन का केस अलग था।

Weather Alert: दिल्ली-NCR में अचानक बदला मौसम, यूपी-बिहार समेत इन 17 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर के आज तड़के मौसम ने अचानक बदलाव हुआ है। राजधानी दिल्ली समेत आसपास के शहरों में सुबह से ही बारिश हो रही है। वहीं दिल्ली के लोगों को बारिश की वजह से उमस और गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के मुताबिक, अभी दिल्ली-एनसीआर में आज और कल यानि रविवार को पूरे दिन हल्की बारिश की संभावना है। वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने 22 अगस्त के लिए यूपी, बिहार समेत 17 राज्यों में मौसम खराब रहने का अनुमान जताया है। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना है।

आज कैसा होगा दिल्ली का मौसम

22 अगस्त को राजधानी में मौसम बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, शाम के समय दिल्ली के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और रात में न्यूनतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं रविवार को भी राजधानी में बारिश की संभावना जताई गई है।

यूपी और बिहार का हाल

22 अगस्त को उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों राज्यों के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के नोएडा, मेरठ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, बिहार के गया, पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, किशनगंज समेत कई जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट है, जहां हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। लखनऊ में तापमान 27 से 32 डिग्री और पटना में 28 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

आईएमडी का अलर्ट

पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है और कुछ जगहों पर ओले गिर सकते हैं। वहीं, पश्चिमी भारत में तेज बारिश का दौर फिर शुरू हो सकता है, जिससे कई नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी हरियाणा और दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश के आसपास हवा में चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है। इसका असर आसपास के इलाकों के मौसम पर पड़ सकता है।

इन राज्यों में होगा भारी बारिश

मौसम विभाग ने 22 अगस्त को देश के कई राज्यों में खराब मौसम की आशंका जताई है। यूपी, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र और असम में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।