कंधे की सर्जरी के कारण वैंकटेश अय्यर रणजी ट्रॉफी के शुरुआती चरण से बाहर

दाएं कंधे की सर्जरी के कारण वेंकटेश अय्यर 2026-27 रणजी ट्रॉफी सीजन की शुरुआत मध्य प्रदेश के लिए नहीं कर पाएंगे। वह सर्जरी के बाद अभी रिकवरी कर रहे हैं। वहीं रजत पाटीदार और अर्शद खान भी पहले दौर के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। दोनों ऑस्ट्रेलिया ए के दौरे पर आई टीम के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज के लिए इंडिया ए टीम का हिस्सा हैं।पाटीदार की गैमौजूदगी में शुभम शर्मा टीम की कप्तानी करेंगे। टीम में आवेश ख़ान, कुलदीप सेन, सारांश जैन, कुमार कार्तिकेय और शिवांग कुमार समेत कई गेंदबाज शामिल हैं।

पिछले सीजन में मध्य प्रदेश ने सात मैचों में तीन जीत और चार ड्रॉ के साथ अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया था और नॉकआउट में जगह बनाई थी। हालांकि, घरेलू मैदान पर खेले गए क्वार्टर-फ़ाइनल में उसे बाद में चैंपियन बनने वाली जम्मू-कश्मीर की टीम के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। दिलचस्प बात यह है कि मध्य प्रदेश 2026-27 सीजन की शुरुआत भी जम्मू-कश्मीर के खिलाफ ही करेगा, हालांकि इस बार मुकाबला श्रीनगर में होगा।

मध्य प्रदेश की टीम इस प्रकार है:- शुभम शर्मा (कप्तान), यश दुबे, हर्ष गवली (विकेटकीपर), हिमांशु मंत्री (विकेटकीपर), चंचल राठौड़, हिमांशु शिंदे, अथर्व महाजन, सारांश जैन, कुमार कार्तिकेय, शिवांग कुमार, आर्यन पांडे, अनुभव अग्रवाल, रोशन केवट, अक्षय शर्मा, आवेश ख़ान, कुलदीप सेन और रवि किरण।

Snake: रातभर घर में छिपा रहा 8 फीट का सांप? सुबह रसोई में पहुंची महिला तो सामने आया खौफनाक नजारा

मध्य प्रदेश के सागर में सोमवार सुबह एक घर की रसोई में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब परिवार को वहां करीब 8 फीट लंबा सांप मिला। मामला रुशल्ला इलाके का है। सुबह एक महिला रसोई में पहुंची तो उसकी नजर गैस सिलेंडर के पीछे छिपे सांप पर पड़ी। इतना बड़ा सांप देखकर वह घबरा गई और तुरंत रसोई से बाहर निकलकर परिवार के बाकी लोगों को इसकी जानकारी दी।

कुछ ही देर में परिवार के सभी सदस्य घर से बाहर आ गए। किसी ने भी सांप को खुद पकड़ने की कोशिश नहीं की और तुरंत स्नेक कैचर को बुलाया गया।

गैस सिलेंडर के पीछे बैठा था सांप

सांप के रसोई में छिपे होने की जानकारी मिलते ही स्नेक कैचर बाबलू पवार मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहले सावधानी से रसोई का निरीक्षण किया। सांप गैस सिलेंडर के पीछे छिपा हुआ था, इसलिए उसे बाहर निकालने में खास सावधानी बरतनी पड़ी। परिवार के लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया, ताकि सांप अचानक बाहर निकलने पर कोई खतरा न हो। काफी मशक्कत के बाद बाबलू पवार ने सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। जब उसे बाहर लाया गया तो उसकी लंबाई देखकर आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए।

करीब 8 फीट लंबा था घोड़ा पछाड़

स्नेक कैचर के मुताबिक, पकड़ा गया सांप करीब 8 फीट लंबा घोड़ा पछाड़ था। रेस्क्यू के बाद उसे जंगल में छोड़ने की तैयारी की गई, ताकि वह अपने प्राकृतिक वातावरण में वापस जा सके।

बारिश से बचने के लिए घर में घुसा होगा सांप

इस घटना को बारिश के मौसम से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इस दौरान सांप और दूसरे जीव अक्सर पानी से बचने के लिए सूखी और सुरक्षित जगह तलाशते हैं। माना जा रहा है कि यह सांप भी किसी खुले रास्ते या छेद से घर में आया होगा और बाद में गैस सिलेंडर के पीछे छिप गया।

रसोई जैसी जगह पर इतने बड़े सांप का मिलना परिवार के लिए किसी डरावने अनुभव से कम नहीं था। हालांकि, समय रहते उसे सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल लिया गया।

सांप दिखे तो खुद पकड़ने की कोशिश न करें

स्नेक कैचर ने लोगों से अपील की कि बारिश के दिनों में घर के आसपास सफाई रखें और उन जगहों पर विशेष ध्यान दें, जहां सांप छिप सकते हैं। अगर घर में सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश बिल्कुल न करें। तुरंत किसी प्रशिक्षित स्नेक कैचर या विशेषज्ञ को बुलाएं। इससे इंसानों के साथ-साथ सांप की जान भी सुरक्षित रह सकती है।

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यूपी, पंजाब, हरियाणा, MP से अगले 2-3 दिनों में मानसून की विदाई! उधर मौसम विभाग ने इन राज्यों में दिया भारी बारिश का अलर्ट

IMD Mausam Update: देश भर में मानसून की वापसी का समय अब नजदीक आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 30 सितंबर की दोपहर जारी विशेष बुलेटिन के मुताबिक उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के बड़े हिस्से से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं। अगले 2 से 3 दिनों के भीतर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शेष इलाकों के साथ-साथ गुजरात, मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों, संपूर्ण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ भागों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा।

दूसरी ओर मानसून की वापसी के बीच देश के दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 2 से 3 दिनों के दौरान छिटपुट जगहों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है।

म्यांमार से उठा लो प्रेशर सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक तटीय म्यांमार और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना दबाव का क्षेत्र उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 30 सितंबर की सुबह उत्तरी म्यांमार, दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश, मिजोरम और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के पास सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र में बदल चुका है। अगले 12 घंटों के भीतर इसके मिजोरम, त्रिपुरा और बांग्लादेश की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे और कमजोर होकर निम्न दाब क्षेत्र में बदलने की संभावना है।

इसके साथ ही उत्तरी हरियाणा और आसपास के इलाकों में निचले व मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। उधर पूर्वोत्तर असम, उत्तरी तटीय तमिलनाडु, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर भी अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से मन्नार की खाड़ी तक एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ रेखा फैली हुई है।

बीते 24 घंटों में मराठवाड़ा में हुई बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान, तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और नागालैंड में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) हुई है।

दक्षिण भारत के राज्यों में 1 से 4 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। केरल में 1, 2 और 4 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना है। केरल में 1 से 6 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से मध्यम से तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 30 सितंबर से 4 अक्टूबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु और रायलसीमा में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर राज्यों में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 सितंबर को व्यापक रूप से बारिश होगी, जबकि 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को इन राज्यों के साथ-साथ असम व मेघालय में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारों के अलावा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में मौसम साफ व शुष्क रहेगा। मध्य भारत के मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 30 सितंबर से मौसम साफ होने लगेगा और सिर्फ नाममात्र की छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। पश्चिम भारत में कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 30 सितंबर को 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जिसके बाद वहां भी बारिश में भारी कमी आएगी।

भोपाल के तालाब पर टिन के डिब्बे पर लगाती थीं निशाना, उधार की बंदूक से शुरू की प्रैक्टिस! गोल्ड जीतने वाली नीरू ढांडा की कहानी

नागोया। हरियाणा के जींद की रहने वाली नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स में महिलाओं के ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वह इंडिविजुअल शॉटगन में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। लेकिन उनकी इस कामयाबी की शुरुआत काफी साधारण तरीके से हुई थी।

नीरू ने अपने चचेरे भाई लक्ष्य शेरॉन की कामयाबी से इंस्पायर होकर शूटिंग शुरू की। 2019 में भोपाल आने के बाद उनकी किस्मत बदली। उन्हें मध्य प्रदेश स्टेट शूटिंग एकेडमी से मुफ्त बंदूक और गोलियां मिलीं। नीरू के पिता किसान हैं, इसलिए परिवार के लिए महंगे शॉटगन खेल का खर्च उठाना आसान नहीं था। एकेडमी की मदद से ही वह इस खेल में टिक पाईं। इस साल उन्होंने लोनाटो, इटली में वर्ल्ड कप मेडल भी जीता था।

चुनौतियों के बीच खुद को ऐसे किया तैयार

एशियन गेम्स से करीब 10 दिन पहले नीरू की तबीयत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। वह पूरा ट्रेनिंग कैंप भी नहीं कर पाईं और पांच दिनों तक कुछ नहीं खाया। इस दौरान कोच मनशेर सिंह उनके कांटेक्ट में रहे और उन्हें फोकस बनाए रखने के लिए मोटिवेट करते रहे। नागोया में बारिश और ठंड के कारण बंदूक की ग्रिप पर भी असर पड़ा, लेकिन नीरू ने खुद से बात करके अपना कंसंट्रेशन बनाए रखा।

मुकाबले से पहले नीरू ने अपनी तैयारी का रूटीन नहीं बदला। क्वालिफिकेशन में 95 स्कोर के साथ टॉप करने के बाद उन्होंने खाने और नींद का खास ध्यान रखा। नागोया में उन्हें दाल और रोटी पसंद थी, जिसे वह एक बांग्लादेशी रेस्टोरेंट से मंगाती थीं।

गोल्ड जीतकर जवानों को किया याद

गोल्ड जीतने के बाद नीरू ने अपना मेडल भारतीय सेना के जवानों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि सैनिक देश की रक्षा के लिए अपनी जान देते हैं। उन्होंने यह मेडल पूर्व एशियन गेम्स चैंपियन राजा रंजीत सिंह को भी समर्पित किया, जिनका इस साल निधन हो गया।

नीरू को उम्मीद है कि उनकी इस जीत से भारत के युवा शॉटगन शूटर्स को बड़े सपने देखने की हिम्मत मिलेगी।

कल का मौसम: 30 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में 65 kmph स्पीड से हवाएं, पूर्वोत्तर-दक्षिण भारत के इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Weather forecast for September 30: देश भर में मानसून के अंतिम पड़ाव और समुद्र में बन रही चक्रवाती हवाओं के असर से बुधवार 30 सितंबर को देश के कई हिस्सों में तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत के राज्यों, पूरे कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश की पूरी संभावना है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी और म्यांमार-बांग्लादेश तटों से सटे इलाकों में 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी जारी की गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, 30 सितंबर को देश के दो प्रमुख क्षेत्रों पूर्वोत्तर और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश होने की संभावना है। दक्षिण भारत की बात करें तो पूरे आंतरिक कर्नाटक (उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक), केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में तेज बारिश होने के आसार हैं।

तमिलनाडु और रायलसीमा में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

दक्षिण भारत के मैदानी और तटीय इलाकों में तेज हवाओं और बिजली चमकने का असर देखा जाएगा। रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक में बिजली चमकने और हवाओं का अनुमान

मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा में पर आकाशीय बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के साथ-साथ मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा और केरल व माहे में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। तटीय आंध्र प्रदेश के क्षेत्रों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती मौसम: 65 kmph की गति से चलेंगी हवाएं

समुद्री इलाकों की बात करें तो बंगाल की खाड़ी और पड़ोसी तटीय क्षेत्रों में स्थिति काफी खतरनाक बनी हुई है। IMD के मुताबिक उत्तरी म्यांमार और बांग्लादेश के तटीय इलाकों से सटे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इन हवाओं की गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे के खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है। समुद्र में तेज उथल-पुथल को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र के भीतर न जाने की सख्त हिदायत दी है।

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क्या दिल्ली समेत उत्तर भारत में वक्त से पहले आ गई सर्दी? जानिए सितंबर में अचानक क्यों महसूस होने लगी ठंड

दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में सितंबर के आखिर में अचानक मौसम बदल गया है। लगातार बारिश, बादल और कम धूप से टेम्परेचर नीचे चला गया। 27 सितंबर को दिल्ली में मिनिमम टेम्परेचर 21°C रिकॉर्ड हुआ, जो 25 साल में सितंबर का दूसरा सबसे कम टेम्परेचर है और 2001 के बाद सबसे कम रहा है।

इस ठंड का बड़ा कारण ठंड नहीं, बल्कि एक्टिव वेदर सिस्टम है। बंगाल की खाड़ी से आया डीप डिप्रेशन लंबे समय तक एक्टिव रहा और इससे उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली-NCR के साथ ही कई जगहों में बारिश हुई। लगातार बादल रहने और कम धूप के कारण रात के टेम्परेचर में तेजी से गिरावट आई।

पहाड़ों में बर्फबारी होने से मैदानी इलाकों में हुआ ये असर

  •  हिमाचल प्रदेश के किन्नौर और रोहतांग के आसपास बर्फबारी हुई, जबकि उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में भी बर्फ गिरी।
  •  फिलहाल इसे सर्दियों की शुरुआत नहीं माना जा रहा है। मौसम सिस्टम कमजोर होने के बाद दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में धूप बढ़ने के साथ टेम्परेचर ऊपर जाने की संभावना है।
  •  IMD के मुताबिक, दिल्ली में 29 सितंबर से मौसम साफ होने और 30 सितंबर से टेम्परेचर बढ़ने की उम्मीद है।
  • सितंबर में अचानक बढ़ी ठंड का सीधा संबंध फिलहाल अल नीनो से नहीं जोड़ा जा रहा है। अल नीनो प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह का टेम्परेचर नॉर्मल से ज्यादा हो सकता है।
  •  विश्व मौसम विज्ञान संगठन के मुताबिक, 2026 में अल नीनो तेजी से मजबूत हो रहा है और इसके फरवरी 2027 तक बने रहने की संभावना करीब 100 प्रतिशत है।

अल नीनो और आने वाली सर्दियों पर इसका असर

आने वाली सर्दियों पर अल नीनो का कितना असर होगा, इसे अभी नहीं बताया जा सकता। सर्दियों का मौसम वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, हवा की दिशा, बादल और समुद्र की स्थिति पर डिपेंड करता हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मजबूत अल नीनो का असर आने वाले महीनों में टेम्परेचर और बारिश के पैटर्न पर दिख सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भारत में तुरंत गर्मी शुरू हो जाएगी।

भारत में 2026-27 की सर्दियों की शुरुआत का पता अक्टूबर के आने के बाद ही चलेगा। IMD के औपचारिक मौसमी पूर्वानुमान से ठंड, शीतलहर और उत्तर-पश्चिम भारत में सर्दियों की बारिश को लेकर बेहतर जानकारी मिलेगी।

ज्ञानेश के खिलाफ 10 राज्यों में प्रदर्शन

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने देश के 10 राज्यों में प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आगरा में ज्ञानेश कुमार के घर पर जाकर प्रदर्शन किया, उनके घर पर कालिख पोत दी और दीवार पर लिख दिया, ‘ज्ञानेश कुमार गद्दार, वोट चोर’। राजधानी दिल्ली में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। इससे पहले कांग्रेस ने 25 सितंबर को देश के सभी राज्यों की राजधानियों में प्रदर्शन और विरोध मार्च किया था।

सोमवार, 28 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, गुजरात, दिल्ली और केरलम में प्रदर्शन किया। राजस्थान के जयपुर में कांग्रेस के सारे दिग्गज नेता विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी शामिल थे।

गौरतलब है कि ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के खुलासे के बाद कांग्रेस पार्टी दावा कर रही है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में गड़बड़ी के आरोपों की पुष्टि हो गई है। इसे लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग हो रही है। उत्तर प्रदेश में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई जगह प्रदर्शन किए। राजधानी लखनऊ में चुनाव आयोग का कार्यालय घेरने जा रहे कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का मुक्की हुई तो वाराणसी में ज्ञानेश कुमार को पोस्टर को जूतों से पीटा गया। पूर्वांचल के गोरखपुर लेकर पश्चिमी यूपी के सहारनपुर और मुरादाबाद में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस से भिड़ंत हुई।

गौरतलब है कि पिछले दिनों ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में एक खोजी रिपोर्ट छपी थी, जिसमें दावा किया गया था कि पिछले 10 महीनों में 14 बार दोनों चुनाव आयुक्तों ने आयोग के फैसलों पर आपत्ति जताई लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनकी अदेखी की। बहरहाल, सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मध्य प्रदेश में भी जोरदार विरोध किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय का घेराव करने पहुंचे हैं। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की हुई। कई कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर भी चढ़ गए। इसी तरह का प्रदर्शन दूसरे राज्यों में भी हुआ।

Bhopal Master Plan: भोपाल में बनेगा 51 KM का ग्रोथ कॉरिडोर और AI सिटी! जानिए मास्टर प्लान 2047 की सबसे बड़ी बातें

Bhopal 2047 master plan: मध्य प्रदेश सरकार ने दो दशक से अधिक समय के बाद अपने नए भोपाल डेवलपमेंट प्लान-2047 का ड्राफ्ट जारी किया है। इसके तहत राज्य सरकार बड़े पैमाने पर भोपाल में विस्तार की योजना बना रही है। यह योजना 2047 तक लगभग 45 लाख की आबादी के लिए तैयार की गई है। इसमें नए आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र, लंबा मेट्रो नेटवर्क, चौड़ी सड़कें, 51 km का ग्रोथ कॉरिडोर और अधिक हरित क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव है। भोपाल के लिए पिछला मंजूर मास्टर प्लान 1995 में नोटिफाई किया गया था और इसे 2005 तक लागू रहना था।

60% क्षेत्र में शहरी विकास की योजना

भोपाल निवेश क्षेत्र में लगभग 1,01,690 हेक्टेयर जमीन है। लगभग 61,017 हेक्टेयर, या 60%, शहरी विकास के लिए तय किया गया है। इसमें आवासीय क्षेत्र, कमर्शियल एरिया, इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। बाकी 40,673 हेक्टेयर में वॉटर बॉडी, खेती की ज़मीन और दूसरे इस्तेमाल शामिल होंगे।

इस योजना में हरित क्षेत्र का हिस्सा भी बढ़ाया गया है। योजना के तहत निर्धारित लगभग 27% हिस्सा ग्रीन और इको-सेंसिटिव जोन के तौर पर निर्धारित किया गया है। लगभग 3,289.94 हेक्टेयर में पार्क, स्पोर्ट्स ग्राउंड, बॉटैनिकल और ज्यूलॉजिकल गार्डन, झील के किनारे अर्बन फॉरेस्ट और पेड़ लगाने की योजना शामिल होंगे। लगभग 10% क्षेत्र को मिश्रित उपयोग के लिए विकसित करने का सुझाव दिया गया है।

पांच जोन में बांटा गया है आवासीय क्षेत्र

लगभग 26,240 हेक्टेयर, या योजनाबद्ध शहरी क्षेत्र का 43%, आवासीय इस्तेमाल के लिए निर्धारित किया गया है। इसे पांच जोन में बांटा गया है।

RG-1 मौजूदा आवासीय क्षेत्र को कवर करेगा।

RG-2 प्रस्तावित आवासीय क्षेत्र को कवर करेगा।

RG-3 में लिमिटेड-डेंसिटी डेवलपमेंट होगा। इसमें VIP और एनवायरनमेंट के हिसाब से सेंसिटिव एरिया जैसे अरेरा कॉलोनी, चूनाभट्टी, श्यामला हिल्स, विजय नगर, चार इमली और गांधी नगर शामिल हैं।

RG-4 शहर की आने वाली आबादी के लिए नए आवासीय क्षेत्र को कवर करेगा।

RG-5 में पर्यावरण के लिए बहुत ज्यादा संवेदनशील क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।

एक जोन, कई गतिविधि

नई योजना में ‘एक जोन, कई गतिविधि’ व्यवस्था का प्रस्ताव है। इस व्यवस्था के तहत, एक ही क्षेत्र में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है। यह पुरानी व्यवस्था से अलग है, जहां एरिया को एक मेन यूज़ के हिसाब से बांटा जाता था।

नए कमर्शियल एरिया का प्लान

भोपाल के कमर्शियल एरिया एमपी नगर और न्यू मार्केट जैसी जगहों से भी आगे बढ़ेंगे। योजना में व्यावसायिक मिश्रित उपयोग क्षेत्र को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें दुकानें, ऑफिस, कॉर्पोरेट ऑफिस और हाउसिंग की इजाजत होगी।

51 km का ग्रोथ कॉरिडोर का प्रस्ताव

लगभग 3,000 हेक्टेयर में 51 km का ग्रोथ कॉरिडोर का प्रस्ताव है। यह प्रस्तावित EKAI सिटी, भोपाल एयरपोर्ट, कमर्शियल एरिया, लॉजिस्टिक्स और होलसेल हब और सबअर्बन एरिया को जोड़ेगा। इस कॉरिडोर में होटल, हॉस्पिटल, IT और AI फैसिलिटी, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, मॉल, कॉर्पोरेट ऑफिस, एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन और हाउसिंग होंगे।

मेट्रो नेटवर्क बढ़ेगा

भोपाल में प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क को मौजूदा 27.8 km से बढ़ाकर 95.82 km किया जाएगा। मेट्रो लाइन के दोनों तरफ 500 मीटर तक एक ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) ज़ोन बनाया जाएगा। यही नियम भविष्य की मेट्रो लाइनों पर भी लागू होंगे।

झीलों, पहाड़ियों और पुराने भोपाल को बचाया जाएगा

नए प्लान में भोपाल की झीलों, पहाड़ियों और पुरानी इमारतों को बचाने के लिए खास नियम हैं। अपर लेक, जिसे भोजताल भी कहा जाता है, के आसपास के इलाके को तीन ज़ोन – BIZ-0, BIZ-1 और BIZ-2 में बांटा गया है। इस प्लान में रातापानी सैंक्चुअरी के आसपास का 1,791.84 हेक्टेयर का इको-सेंसिटिव ज़ोन भी शामिल है। पुराने भोपाल के दीवारों वाले शहर को उसकी पुरानी और ऐतिहासिक इमारतों को बचाने के लिए हेरिटेज जोन के तौर पर प्रपोज किया गया है।

शिक्षा और AI के लिए EKAI सिटी

भौरी में एजुकेशन हब को एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (EKAI) सिटी के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव है। इस योजना में डेवलपमेंट प्लान को लागू करने की मॉनिटरिंग के लिए डिजिटल ट्विन सिटी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने का भी प्रस्ताव है।

कल का मौसम: 29 सितंबर को तमिलनाडु, कर्नाटक और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! यहां आएगा आंधी-तूफान

IMD Weather forecast for September 29: देश भर में मानसून के अंतिम चरण और क्षेत्रीय मौसमी प्रणालियों के असर से मंगलवार, 29 सितंबर को दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और द्वीपीय क्षेत्रों में मौसम काफी खराब रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक 29 सितंबर को तमिलनाडु, कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक हिस्सों, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और पूर्वोत्तर के छह राज्यों में भारी बारिश होने की पूरी आशंका है। इसके साथ ही देश के कई तटीय और मैदानी इलाकों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक, 29 सितंबर को देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में बारिश की तीव्रता काफी अधिक रहेगी। पूर्वोत्तर के राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों में मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं। इसी तरह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के विभिन्न द्वीपों पर भी कल तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

मध्य महाराष्ट्र और तमिलनाडु में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

दक्षिण और पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में झोंकेदार हवाओं के साथ थंडरस्टॉर्म का असर देखा जाएगा। मध्य महाराष्ट्र और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के निवासियों को आंधी और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

आंध्र प्रदेश, केरल और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में 40 किमी/घंटे से चलेंगी हवाएं

मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, कोंकण व गोवा और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा असम व मेघालय, मध्य प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में बिजली गिरने की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

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बंगाल की खाड़ी में तूफानी चक्रवात: मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी

बंगाल की खाड़ी और म्यांमार-बांग्लादेश तटों के आसपास मौसमी तंत्र सक्रिय रहने के कारण समुद्र में स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि उत्तरी म्यांमार और बांग्लादेश के तटीय इलाकों से सटे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और स्थिति अत्यंत विकराल रहने की वजह से मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र के भीतर न जाने की हिदायत दी गई है।

Ujjain Shahi Masjid Demolition Row: उज्जैन में शाही मस्जिद को लेकर हिंसक झड़प, भीड़ ने की पत्थरबाजी, तो पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

Ujjain Shahi Masjid Demolition Row: मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में साल 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ के मद्देनजर जारी सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत एक शाही मस्जिद का हिस्सा गिराए जाने के दौरान सोमवार (28 सितंबर) को विवाद खड़ा हो गया। कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया।

पुलिस अधीक्षक (SP) प्रदीप शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा सिंहस्थ 2028 (Simhastha 2028) को लेकर सभी पक्ष सहमति से काम कर रहे हैं। इसी सिलसिले में शाही मस्जिद के हिस्से को तोड़ने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर के मंदिर-मस्जिद कमेटी के सदस्यों की ओर से यह काम किया जा रहा है। फिलहाल, मौके पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी मौजूद हैं।

मस्जिद का कितना हिस्सा हटाया जाएगा?

आधिकारिक सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि प्रस्तावित कार्रवाई में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत शाही मस्जिद के करीब नौ फुट लंबे और चार फुट चौड़े हिस्से को हटाना शामिल है। उन्होंने बताया कि इसे हटाने के लिए कथित तौर पर रविवार देर रात मंदिर-मस्जिद समिति और प्रशासन के बीच सहमति भी बन चुकी थी।

पुलिस अधीक्षक शर्मा ने कहा कि एहतियात के तौर पर इलाके में सुबह ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया था लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने प्रदर्शन करने का प्रयास किया। इस दौरान उनकी तरफ से पत्थरबाजी भी की गई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने भी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग किया।

किसी को भी नहीं लगी है चोट!

SP ने कहा कि इसमें कोई घायल नहीं हुआ है और ना ही कभी तक किसी को हिरासत में लिया गया है। शर्मा ने कहा कि इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है।उन्होंने कहा, “इनके जरिए पथराव में शामिल लोगों को चिह्नित किया जा रहा है और फिर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”

शाही मस्जिद कमेटी खुद आई सामने

इस बीच, शहर काजी खलीलुर्रहमान ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि शाही मस्जिद कमेटी खुद अपने हाथों से मस्जिद तोड़ रही हैं। लेकिन कुछ लोग सोशल मीडिया पर ‘फिजूल का माहौल’ बना रहे हैं। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, “शहर अपना है इसकी हिफाजत भी हमें करना है।”

सड़क को 15 मीटर तक चौड़ा किया जा रहा

सिंहस्थ से पहले शहर के कंथल चौराहे से गोपाल मंदिर तक की सड़क को 15 मीटर तक चौड़ा किया जा रहा है। इस परियोजना में लगभग 900 मीटर के खंड को चौड़ा करना और इसके भीतर आने वाली संरचनाओं को हटाना या संशोधित करना शामिल है। इसके तहत धार्मिक स्थलों सहित 272 संरचनाएं प्रभावित होने वाली हैं।

राज्य सरकार ने परियोजना के लिए लगभग 9.8 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को सड़क चौड़ीकरण के काम को शुरू करने के लिए अपने पुश्तैनी घर के एक हिस्से को हटाने का काम शुरू किया था। उन्होंने खुद ही फावड़ा चलाकर इसकी शुरुआत की थी।

इलाके में भारी सुरक्षाबल तैनात

तनाव को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरे शहर को बैरिकेडिंग की गई है। कुछ रिपोर्टों में करीब 2,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का जिक्र है। उज्जैन प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच, मामले पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी सुनवाई निर्धारित है, इसलिए मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई और अदालत की कार्यवाही पर नजर बनी हुई है। फिलहाल यह मामला विकास परियोजना, धार्मिक स्थल के प्रभावित हिस्से को हटाने और कानूनी प्रक्रिया तीनों के बीच जुड़ा हुआ है।

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