भाजपा ने विभिन्न राज्यों में पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्ति की

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विभिन्न राज्यों के लिए प्रदेश संगठन महामंत्री और सह प्रदेश संगठन महामंत्री की नियुक्ति की है।

भाजपा के महासचिव तरुण चुघ ने गुरुवार को बताया कि पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने देश के अलग-अलग राज्यों में पार्टी संगठन का दायित्व संभालने के लिए विभिन्न नेताओं को नियुक्त किया है।

श्री चुघ की ओर से जारी की गयी सूची के अनुसार पार्टी ने श्री मधुकर को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का सह प्रदेश महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया है। वहीं श्री दशरथ को तेलंगाना का सह महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया है। पार्टी ने श्री रवींद्र राजू को असम और त्रिपुरा का प्रदेश महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया है।

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उन्हें कार्यालय निर्माण की भी जिम्मेदारी सौंपी गयी है। श्री भीखूभाई दलसानिया बिहार के प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाये गये हैं। भाजपा ने श्री पवन साई को झारखंड का प्रदेश महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया है। इसी तरह से श्री सिद्धार्थन हिमाचल प्रदेश के प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाये गये हैं। श्री नवीन ने श्री रत्नाकर को गुजरात, दमन एवं दीव तथा दादर नगर हवेली का प्रदेश महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया है।

श्री अरुण बिन्नाडी गुजरात के प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाये गये हैं। वहीं, श्री फणीन्द्र नाथ शर्मा उत्तराखंड के प्रदेश महामंत्री संगठन नियुक्त किये गये हैं। श्री नवीन ने श्री पवन राणा को दिल्ली प्रदेश भाजपा का प्रदेश महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया है। श्री कर्मवीर छत्तीसगढ़ के प्रदेश महामंत्री (संगठन) नियुक्त किये गये हैं। वहीं श्री चंद्रशेखर को मध्य प्रदेश भाजपा के महामंत्री (संगठन) बनाये गये हैं।

भाजपा की ओर से जारी सूची के अनुसार श्री मानस मोहंती ओडिशा, श्री मंत्री श्रीनिवासुलु पंजाब और चंडीगढ़, श्री धर्मपाल उत्तर प्रदेश और श्री अमिताभ चक्रवर्ती पश्चिम बंगाल के प्रदेश महामंत्री (संगठन) नियुक्त किये गये हैं।

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बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो गई है। लेकिन इस बीच बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवात बना है, जिसे ‘अर्नब’ नाम दिया गया है। यह चक्रवात 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार की सुबह साढ़े पांच बजे के करीब यह आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से करीब 70 किलोमीटर दूर समुद्र में था। बुधवार को देर रात तक ओडिशा के कलिंगपट्टनम तट से टकरा सकता है।

इस चक्रवात के असर से पश्चिम बंगाल और ओडिशा के अलावा बिहार और झारखंड में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहले से बाढ़ की मार झेल रहे बिहार के ऊपर इस बारिश का बड़ा असर हो सकता है। बहरहाल, मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस बीच खबर है कि मानसून बुधवार को तय समय से दो दिन पहले दिल्ली से लौट गया। सामान्य तौर पर मानसून 25 सितंबर को दिल्ली से लौटता है। इस बार दिल्ली में सामान्य से 16 फीसदी अधिक बारिश हुई। मौसम विभाग ने बताया है कि मानसून पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों, उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ इलाकों भी लौट गया है।

भाजपा ने पदाधिकारियों के काम बांटे

नई दिल्ली। नई टीम की घोषणा के करीब एक महीने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपनी टीम के पदाधिकारियों के बीच कामों का बंटवारा कर दिया। पार्टी के नए बने महासचिव और उत्तर प्रदेश के नेता हरीश द्विवेदी को बिहार और कर्नाटक जैसे दो बड़ राज्यों का प्रभारी बनाया गया है। स्मृति ईरानी को भी भाजपा के शासन वाले दो राज्यों छत्तीसगढ़ और हरियाणा का प्रभारी बनाया गया है। लंबे अरसे बाद संगठन में लौटे राम माधव को तमिलनाडु के साथ चुनावी राज्य उत्तराखंड का प्रभार दिया गया है।

नितिन नबीन ने अपनी टीम के महासचिव संजय भाटिया को राजस्थान और बिप्लब कुमार देव को मध्य प्रदेश का प्रभारी बनाया है। राजस्थान में पहले डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल प्रभारी थे। वहीं, मध्य प्रदेश की जिम्मेदारी डॉ. महेंद्र सिंह के पास थी। तीन अन्य नेताओं को भी दो-दो राज्यों का प्रभारी बनाया गया है। विनोद तावड़े को पहले ही उत्तर प्रदेश का प्रभारी बना दिया गया था। उनके साथ चार सह प्रभारी बनाए गए हैं। सतीश पुनिया पहले से पंजाब के और तरूण चुघ गुजरात के प्रभारी हैं।

बिहार सरकार में जगह नहीं हासिल कर सके पार्टी के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय को असम का प्रभारी बनाया गया है। दिल्ली का प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे को बनाया गया है। भाजपा के नए महासचिवों में से एक गजेंद्र पटेल को झारखंड की जिम्मेदारी मिली है। उनके साथ दो सह प्रभारी बनाए गए हैं। बैजयंत जय पांडा को महाराष्ट्र का जिम्मा मिला है और उनके साथ हाल ही में आईटी सेल से हटाए गए अमित मालवीय को सह प्रभारी बनाया गया है। सुनील बंसल को पश्चिम बंगाल के साथ साथ तेलंगाना का भी प्रभार मिला है

Onion Prices: बंगाल में 35 रुपये किलो के भाव से 1400 मिट्रिक टन प्याज बेचा जा चुका, 24 सितंबर को अब कोलकाता पहुंच रही कांदा एक्सप्रेस

Onion Prices: त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले पश्चिम बंगाल में प्याज की सप्लाई बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने बड़ी मात्रा में प्याज कोलकाता और आसपास के जिलों तक पहुंचाने का इंतजाम किया है। इसके लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ ट्रेन, जिसमें ‘प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड’ (PSF) के बफर स्टॉक से प्याज भरा है, 24 सितंबर 2026 को कोलकाता पहुंचेगी। इससे बाजार में प्याज की उपलब्धता और मजबूत होने की उम्मीद है।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में NAFED और NCCF की मोबाइल वैन के जरिए, लगभग 1,400 MT प्याज पहले ही ₹35 प्रति किलो के भाव पर बांटे जा चुके हैं। यह प्याज मुख्य रूप से सड़क के रास्ते पहुंचाया गया था। अब ‘कांदा एक्सप्रेस’ के आने से प्याज की अतिरिक्त मात्रा को ज्यादा तेजी और आसानी से अलग-अलग जगहों तक पहुंचाया जा सकेगा। इससे बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने और त्योहारों के सीजन में कीमतों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।

कांदा एक्सप्रेस से आने वाले प्याज को कोलकाता और आसपास के जिलों में बांटने की योजना बनाई जा रही है। इसका मकसद बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ खुदरा कीमतों पर भी असर डालना है। कोलकाता में फिलहाल 25 से ज्यादा जगहों पर प्याज की खुदरा बिक्री की जा रही है। इनमें कोले मार्केट, मेचुआ मंडी, मानिकतला मार्केट, रामपुरिया मार्केट और श्याम बाजार मार्केट जैसे बड़े बाजार शामिल हैं।

सरकार ‘सुफल बांग्ला’ के जरिए बफर स्टॉक वाले प्याज की रिटेल बिक्री की संभावना पर भी विचार कर रही है। इससे ग्राहकों को प्याज खरीदने के लिए और जगहें मिलेंगी और इस पहल की पहुंच भी बढ़ेगी।

कोलकाता जाने वाली ‘कांदा एक्सप्रेस’, सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत हाइब्रिड रेल-और-रोड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का इस्तेमाल करके PSF बफर स्टॉक से प्याज़ को धीरे-धीरे बाज़ार में उतारा जा रहा है। NAFED और NCCF के जरिए बफर स्टॉक को बाजार में पहुंचाने का काम 24 अगस्त 2026 को शुरू हुआ था, और बाजार की जरूरतों के हिसाब से देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार सप्लाई भेजी जा रही है।

अब तक बफर स्टॉक से प्याज की सप्लाई देश के 100 से ज्यादा शहरों में की जा चुकी है। सरकार प्याज को बड़े स्तर पर पहुंचाने के लिए रेल और सड़क, दोनों माध्यमों का इस्तेमाल कर रही है। इससे अलग-अलग राज्यों और शहरों की जरूरत के हिसाब से समय पर प्याज पहुंचाने में मदद मिल रही है।

प्याज की बढ़ी हुई सप्लाई का असर अब इसकी कीमतों पर भी दिखने लगा है। पिछले एक हफ्ते में 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्याज के खुदरा दाम स्थिर रहे या कम हुए हैं। इससे पता चलता है कि बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारने के बाद कई जगहों पर इसकी उपलब्धता बेहतर हुई है।

पिछले एक हफ्ते में जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्याज की कीमतों में कमी आई है, उनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु और बिहार शामिल हैं।

सरकार मुख्य खपत वाले बाजारों में प्याज की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नजर रख रही है। उपलब्धता बेहतर करने और मौसम के कारण कीमतों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए, जरूरत के हिसाब से बफर स्टॉक से प्याज जारी किया जा रहा है। आने वाले त्योहारों के मौसम समेत स्थानीय ज़रूरतों के आधार पर अलग-अलग बाजारों में और सप्लाई भेजे जाने की संभावना है।

सरकार देश के बड़े प्याज बाजारों में इसकी उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नजर रख रही है। जरूरत पड़ने पर बफर स्टॉक से प्याज बाजार में भेजा जा रहा है, ताकि इसकी सप्लाई बनी रहे और त्योहारों के सीजन में कीमतों पर ज्यादा दबाव न पड़े।

आने वाले दिनों में भी स्थानीय जरूरत के हिसाब से देश के अलग-अलग बाजारों में प्याज की अतिरिक्त सप्लाई भेजी जा सकती है। खासकर आने वाले त्योहारों के दौरान प्याज की उपलब्धता बनाए रखने पर सरकार का फोकस रहेगा।

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कल का मौसम: 24 सितंबर को इन 4 राज्यों में एक्स्ट्रीम हैवी बारिश का अलर्ट, 75 kmph से आएगा तूफान! IMD ने जारी की चेतावनी

IMD Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम गतिविधियों ने उग्र और भयावह रूप ले लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार 24 सितंबरके लिए मौसम का बहुत बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक 24 सितंबर को छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में मौसम का प्रचंड तांडव देखने को मिलेगा। इन चारों राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा समुद्र में 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और कई अन्य राज्यों में तेज बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग द्वारा 24 सितंबर के लिए जारी बुलेटिन के मुताबिक छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में बादल आफत बनकर बरसेंगे। इन चारों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं। इसके साथ ही इन चारों राज्यों छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले थंडरस्कवॉल (आंधी-तूफान) का अलर्ट जारी किया गया है। मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं के कारण निचले इलाकों में गंभीर जलभराव और नदी-नालों में उफान आने का बड़ा खतरा जताया गया है।

बिहार, झारखंड, विदर्भ और बंगाल में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

देश के पूर्वी और मध्य भागों में भी मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड, विदर्भ और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन राज्यों में दिन भर बादलों का कड़ा पहरा रहेगा और कई जिलों में रुक-रुक कर मूसलाधार पानी गिरेगा।

यूपी, एमपी, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भारी बारिश का अनुमान

देश के कई दूसरे राज्यों में भी तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम व मेघालय, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और मराठवाड़ा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधी और बिजली कड़कने की चेतावनी

मौसम विभाग ने तटीय और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा, महाराष्ट्र और रायलसीमा में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।

वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर सिर्फ गरज-चमक और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और तेलंगाना में अलग अलग तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

समुद्र में 75 kmph का तूफान: तटीय इलाकों के लिए भीषण अलर्ट

समुद्री क्षेत्रों में मौसमी प्रणालियों के कारण स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। मौसम विभाग ने तटीय इलाकों और समुद्र में तेज तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया है। पश्चिम-मध्य और उससे सटी उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तूफानी हवाएं चलेंगी। इसकी रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

उत्तर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी के निकटवर्ती क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। दक्षिणी ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और यणम के तटीय इलाकों में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक जाने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश व यणम के तटों पर 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जहां झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

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भाजपा संगठन में बड़े पैमाने पर बदलाव

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विभिन्न राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बड़े पैमाने पर संगठनात्मक बदलाव किये हैं और इसके तहत विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए पार्टी प्रभारियों और सह प्रभारियों की नियुक्ति की है।

भाजपा ने सबसे अहम राज्य उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी राज्यसभा सांसद एवं पार्टी महासचिव विनोद तावड़े को सौंपी है। श्री तावड़े को उत्तर प्रदेश का पार्टी प्रभारी बनाया है, जबकि श्री जगदीश पटेल, श्रीमती मेघा कुलकर्णी, डॉ. प्रदीप वर्मा और श्री अनंत ओझा को सह प्रभारी बनाया है। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को हरियाणा, छत्तीसगढ़, श्री राम माधव को उत्तराखंड और तमिलनाडु और श्री तरुण चुघ को गुजरात का पार्टी प्रभारी बनाया गया है। भाजपा महासचिव तरुण चुघ ने बुधवार को एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए पार्टी प्रभारियों और सह प्रभारियों को नियुक्त किया है।

उन्होंने 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए पार्टी प्रभारियों और सह-प्रभारियों की सूची जारी की है। भाजपा की ओर से जारी सूची के अनुसार श्री विनय सहस्रबुद्धे को दिल्ली इकाई का प्रभारी बनाया गया, जबकि श्री जमयांग सेरिंग नामग्याल और श्रीमती दर्शना जरदोश को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया। भाजपा ने श्री संजय भाटिया को राजस्थान प्रभारी नियुक्त किया, जबकि श्रीमती कविता पाटीदार और श्री कुलजीत चहल सह प्रभारी बनाया है। श्री बैजयंत जय पांडा महाराष्ट्र के प्रभारी बनाये गये है, जबकि श्री अमित मालवीय, श्री सदानंद तनावड़े और श्रीमती कमलजीत सहरावत सह प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

श्री नवीन ने श्री हरीश द्विवेदी को बिहार का प्रभारी बनाया है, जबकि श्रीमती संगीता यादव और श्री रोहन गुप्ता को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। श्री विप्लव कुमार देव को मध्य प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है। श्री तरुण चुग को गुजरात का प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं श्री राजदीप रॉय को मणिपुर, श्री डी. पुरंदेश्वरी को ओडिशा, श्री सुनील बंसल को तेलंगाना और पश्चिम बंगाल, श्री बिप्लब देव को मध्य प्रदेश और श्रीमती भारती पवार को गोवा का भाजपा प्रभारी नियुक्त किया गया। भाजपा ने अंडमान एवं निकोबार का प्रभारी श्री जय प्रकाश को बनाया है। वहीं, अरुणाचल प्रदेश के प्रभारी डॉ. देवेश कुमार बनाये गये हैं।

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इसी तरह भाजपा ने डॉ. अरविंद भदौरिया को आंध्र प्रदेश का प्रभारी बनया है, जबकि सह प्रभारी की जिम्मेदारी श्री वंशी श्रीनिवासन को सौंंपी है। असम के प्रभारी श्री मंगल पांडे बनाये गये हैं, जबकि श्री फांगनोन कोन्याक और श्री मनोज टिग्गा सह प्रभारी बनाये गये हैं। चंडीगढ़ के प्रभारी श्री महेंद्र पांडे बनाये गये हैं। दादरा नगर हवेली एवं दमन-दीव की प्रभारी श्रीमती वर्षाबेन नरेंद्रभाई पटेल बनायी गयी हैं। भाजपा ने गोवा की प्रभारी डॉ. भारती प्रवीन पवार को बनाया है जबकि सह प्रभारी की जिम्मेदारी श्री अनिल एंटनी को सौंपी है। गुजरात के प्रभारी श्री तरुण चुघ, जबकि सह प्रभारी श्री अजय महावर और श्रीमती गोमती साई को बनाया गया है।

हरियाणा की प्रभारी श्रीमती स्मृति ईरानी और सह प्रभारी डॉ. भोला सिंह, हिमाचल प्रदेश के प्रभारी श्री श्रीकांत शर्मा, सह प्रभारी श्रीमती दर्शना सिंह, जम्मू-कश्मीर के प्रभारी: डॉ. सतीश पूनिया और सह प्रभारी श्रीमती रीना कश्यप, झारखंड के प्रभारी, श्री गजेंद्र पटेल, सह प्रभारी श्री सोरेन सिंह, श्रीमती निवेदिता सिंह, कर्नाटक के प्रभारी, श्री हरीश द्विवेदी और सह प्रभारी डॉ. कसुम वेंकटेश्वरलु, केरल के प्रभारी प्रो. एम. नागराजा और सह प्रभारी, एम. वेंकटेशन, लद्दाख के प्रभारी श्री राजकुमार भाटिया होंगे। इनके अलावा लक्षद्वीप के प्रभारी श्री जॉर्ज कुरियन, मध्य प्रदेश के प्रभारी श्री बिप्लव कुमार देव और सह प्रभारी श्रीमती रेखा वर्मा, मणिपुर के प्रभारी डॉ. राजदीप रॉय, मेघालय के प्रभारी श्री कनाद पुरकायस्थ और सह प्रभारी डॉ. नुमल मोमिन, मिजोरम के प्रभारी डॉ. भगवत कराड, नगालैंड के प्रभारी श्री अनिल एंटनी, ओडिशा की प्रभारी श्रीमती डी. पुरंदेश्वरी और सह प्रभारी डॉ. स्वदेश सिंह, पुड्डुचेरी के प्रभारी के. सुरेंद्रन होंगे।

इनके अलावा पंजाब के प्रभारी: डॉ. सतीश पूनिया और सह प्रभारी श्री वीरेंद्र सचदेवा और डॉ. अलका गुर्जर, राजस्थान के प्रभारी श्री संजय भाटिया और सह प्रभारी श्रीमती कविता पाटीदार और श्री कुलजीत चहल, सिक्किम के प्रभारी श्री राजू बिष्ट, तमिलनाडु के प्रभारी श्री राम माधव और सह प्रभारी श्री निर्मल कुमार सुराना और श्रीमती डी. के. अरुणा, तेलंगाना के प्रभारी श्री सुनील बंसल और सह प्रभारी श्री अभय पाटिल और श्रीमती रेखा शर्मा, त्रिपुरा की प्रभारी श्रीमती मृगांका देव बर्मन, उत्तराखंड – प्रभारी के श्री राम माधव और सह प्रभारी श्री अरविंद मेनन तथा सुश्री बांसुरी स्वराज, पश्चिम बंगाल के प्रभारी श्री सुनील बंसल और सह प्रभारी श्री लाल सिंह आर्य, श्री राजेंद्र सिंह, तथा श्रीमती पिंकी कुशवाहा को बनाया गया है।

भाजपा ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोई सह-प्रभारी नियुक्त नहीं किया है। इनमें अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा नगर हवेली एवं दमन और दीव, लद्दाख और लक्षद्वीप शामिल है। मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड, पुडुचेरी, सिक्किम और त्रिपुरा में भी सिर्फ प्रभारी नियुक्त किए गये हैं, कोई सह-प्रभारी नहीं बनाया गया है।

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विश्व के पहले हिन्दी पोर्टल वेबदुनिया के 27 वर्ष पूर्ण, CM मोहन यादव समेत अन्य मंत्रियों ने दी बधाई

विश्व के पहले हिन्दी पोर्टल वेबदुनिया के 27 वर्ष पूर्ण, CM मोहन यादव समेत अन्य मंत्रियों ने दी बधाई

Webdunia Hindi 27 Years

Webdunia Hindi 27 Years: डिजिटल क्रांति के दौर में हिन्दी को उसकी असली पहचान दिलाने वाले ‘वेबदुनिया’ ने आज (23 सितंबर, 2026) को अपनी यात्रा के 27 सुनहरे साल पूर्ण कर लिए हैं। विश्व के पहले हिन्दी न्यूज पोर्टल की इस अनवरत यात्रा पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों और पक्ष-विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बधाई और  शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। अपने बधाई संदेशों में नेताओं ने कहा कि वेबदुनिया केवल एक वेब पोर्टल नहीं, बल्कि पिछले ढाई दशकों से डिजिटल दुनिया में हिन्दी भाषा की अस्मिता, संस्कृति और करोड़ों हिन्दी प्रेमियों की ‘बुलंद आवाज़’ का नाम है।

 

मध्यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में कहा कि हिन्दी सहित 7 अन्य भारतीय भाषाओं में करोड़ों पाठकों की आवाज बनने की यह यात्रा सराहनीय है। आपकी राष्ट्र समर्पित पत्रकारिता निरंतर जारी रहे, यही मंगल कामना है। 

मप्र भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा- मध्य प्रदेश से शुरू हुई वेबदुनिया की यात्रा ने हिन्दी समाचारों को डिजिटल माध्यम से देश दुनिया के पाठकों तक पहुंचाया है।

मध्य प्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के मंत्री विश्वास सारंग ने भी वेबदुनिया के स्थापना दिवस पर बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। 

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मप्र, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भाजपा OBC मोर्चा एवं भोपाल की पूर्व महापौर  कृष्णा गौर ने लिखा- डिजिटल दौर में हिन्दी पत्रकारिता को सशक्त स्वर देने वाले वेबदुनिया के स्थापना दिवस पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। 

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री (मध्यप्रदेश शासन) नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने लिखा- 

No UPI Day: 2000 से ज्यादा के पेमेंट पर चार्ज के खिलाफ सड़कों पर उतरे व्यापारी, स्कैनरों पर डाले काले कपड़े

No UPI Day: 2000 से ज्यादा के पेमेंट पर चार्ज के खिलाफ सड़कों पर उतरे व्यापारी, स्कैनरों पर डाले काले कपड़े

No UPI Day

No UPI Day : डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के बाद अब इस पर लगने वाले संभावित शुल्कों को लेकर व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। मध्य प्रदेश में आज (बुधवार) व्यापारी संगठन ‘नो UPI डे’ मना रहे हैं। यह विरोध मुख्य रूप से 2,000 रुपए से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) या अन्य शुल्कों को थोपे जाने के खिलाफ किया जा रहा है। ALSO READ: UPI चार्ज के विरोध में व्यापारी इंदौर में शुरू करेंगे डिजिटल अभियान, 125 संगठन हुए एकजुट, 10 लाख लोगों तक पहुंचने का टारगेट

 

राज्यभर के बाजारों में व्यापारी अपने यूपीआई पेमेंट स्कैनर को काले कपड़े से ढककर अपना विरोध जता रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि थोक किराना और अन्य बाजारों में 90 फीसदी से ज्यादा ट्रांजैक्शन 2,000 रुपए से ऊपर के होते हैं। सरकार और बैंकिंग प्रणाली ने पहले ग्राहकों और व्यापारियों को कैशलेस बिजनेस की आदत डाली और अब इस तरह के शुल्क वसूले जा रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है।

 

अनुमान के मुताबिक, सिर्फ MDR शुल्क के रूप में भोपाल के कारोबारियों पर 663.152 करोड़ रुपये और इंदौर के कारोबारियों पर करीब 2,265 करोड़ रुपये के भुगतान पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जिससे व्यापारी काफी आक्रोशित हैं। ALSO READ: MP के पेट्रोल पंपों पर 2 हजार से ज्यादा के पेमेंट UPI से नहीं, नए नियमों के बाद पंप डीलर्स का फैसला

 

इन सेक्टरों पर पड़ेगा सबसे बुरा असर

व्यापारी संगठनों का मानना है कि इस नए शुल्क का सबसे भारी नुकसान उन व्यवसायों को उठाना पड़ेगा जिनमें मुनाफा या मार्जिन पहले से ही बहुत कम होता है। इनमें मुख्य रूप से किराना, पेट्रोल-डीजल, इलेक्ट्रॉनिक्स, अनाज और मोबाइल व्यापार शामिल हैं। कारोबारियों के मुताबिक, यदि ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत तक का शुल्क कटता है, तो उनका सारा मुनाफा इसी में खत्म हो जाएगा। ALSO READ: इतने विरोध के बाद भी सरकार UPI Charge पर क्यों अड़ी है? समझिए 2000 से ऊपर MDR फीस का गणित

 

पेट्रोल पंपों पर भी गूंजेगा विरोध

इस विरोध प्रदर्शन की आंच आने वाले दिनों में और तेज होने वाली है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया, तो आगामी 16 अक्टूबर से मध्य प्रदेश के सभी 4,700 पेट्रोल पंपों पर भी 2,000 रुपए से अधिक के यूपीआई भुगतान का कड़ा विरोध किया जाएगा। इस आर्थिक बोझ को लेकर व्यापारियों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है।

वेबदुनिया के 27 साल: इंटरनेट से AI तक भारतीय भाषाओं की नई उड़ान

वेबदुनिया के 27 साल: इंटरनेट से AI तक भारतीय भाषाओं की नई उड़ान

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कुछ यात्राएँ केवल वर्षों में नहीं मापी जातीं। वे इस बात से पहचानी जाती हैं कि उन्होंने अपने समय में क्या बदला।

1999 में मध्य प्रदेश से शुरू हुई वेबदुनिया की यात्रा आज 27 वर्ष पूरी कर रही है। यह केवल एक डिजिटल पोर्टल की वर्षगांठ नहीं, बल्कि भारतीय भाषाओं की उस डिजिटल यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो इंटरनेट के शुरुआती दौर में शुरू हुई थी।

 

उस समय इंटरनेट पर अंग्रेजी का दबदबा था। भारतीय भाषाओं के लिए डिजिटल दुनिया में जगह बनाना एक चुनौती थी। वेबदुनिया ने हिंदी को इंटरनेट पर एक स्वतंत्र पहचान देने का प्रयास किया और आगे चलकर हिंदी के साथ सात अन्य भारतीय भाषाओं में भी अपनी उपस्थिति बनाई।

 

आज करोड़ों पाठकों तक पहुँचना इस बात का प्रमाण है कि भारत की डिजिटल कहानी केवल अंग्रेजी में नहीं लिखी जा सकती। लेकिन अब कहानी का अगला अध्याय शुरू हो चुका है।

 

AI Revolution.

 

अब सवाल इंटरनेट का नहीं, AI का है

 

पहली डिजिटल क्रांति का बड़ा सवाल था—क्या भारतीय भाषाएँ इंटरनेट पर अपनी जगह बना पाएंगी? आज सवाल है—क्या भारतीय भाषाएँ AI की दुनिया को भी आकार देंगी?

AI जिस तेजी से हमारे सूचना प्राप्त करने, ज्ञान हासिल करने और संवाद करने के तरीके को बदल रहा है, उसमें भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती केवल तकनीक तक पहुँच नहीं है। चुनौती यह भी है कि AI भारत की भाषाओं, संस्कृति, संदर्भ और विविधता को कितनी गहराई से समझता है।

 

भारत में करोड़ों लोग अपनी मातृभाषा में सोचते और संवाद करते हैं। इसलिए भारत में AI की वास्तविक पहुँच तभी व्यापक होगी, जब वह केवल भारतीय भाषाओं को translate न करे, बल्कि उन्हें समझे। यहीं भारतीय भाषा मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

 

Content से Context तक

 

पिछले 27 वर्षों में भारतीय भाषा मीडिया ने डिजिटल कंटेंट का एक विशाल संसार तैयार किया है—समाचार, विचार, संस्कृति, इतिहास, मनोरंजन, खेल और समाज से जुड़ी जानकारी। AI के युग में यही कंटेंट एक नई भूमिका निभा सकता है।

 

अब चुनौती केवल यह नहीं कि हम कितना कंटेंट बनाते हैं। चुनौती यह है कि वह विश्वसनीय, संदर्भपूर्ण, संरचित और AI-ready हो। क्योंकि आने वाला पाठक शायद हमेशा वेबसाइट पर जाकर जानकारी न खोजे। वह AI से पूछेगा—

 

“मुझे बताइए…”

 

और उस उत्तर की गुणवत्ता इस बात पर निर्भर करेगी कि AI ने किस ज्ञान से सीखा है और उस ज्ञान का संदर्भ कितना विश्वसनीय है। इस बदलाव को समझना मीडिया के लिए आवश्यक है।

 

बदलाव शाश्वत है, मूल्य स्थायी

 

27 वर्षों में हमने इंटरनेट को बदलते देखा। वेबसाइट से मोबाइल, सोशल मीडिया से वीडियो और अब AI तक—तकनीक लगातार बदल रही है। आगे भी बदलाव रुकने वाला नहीं है। बदलाव शाश्वत है, लेकिन मूल्य स्थायी।

 

तकनीक बदल सकती है, प्लेटफॉर्म बदल सकते हैं, पाठक के व्यवहार बदल सकते हैं; लेकिन विश्वसनीयता, सत्यता, जिम्मेदारी और पाठक का विश्वास किसी भी दौर में मीडिया की बुनियाद बने रहेंगे।शायद यही किसी भी डिजिटल संस्था की सबसे बड़ी पूंजी है।

 

भारतीय भाषाओं का अगला अवसर

 

AI भारतीय भाषाओं के लिए एक बड़ी चुनौती है, लेकिन उससे भी बड़ा अवसर। एक किसान अपनी भाषा में AI से खेती के बारे में पूछ सके। एक विद्यार्थी अपनी मातृभाषा में जटिल विषय समझ सके। कोई नागरिक अपनी भाषा में सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सके। कोई पाठक अपनी भाषा में इतिहास, विज्ञान या समसामयिक घटनाओं को समझ सके।

 

तब AI केवल तकनीक नहीं रहेगा।वह ज्ञान को लोकतांत्रिक बनाने का माध्यम बन जाएगा। लेकिन इसके लिए भारतीय भाषाओं में उच्च गुणवत्ता वाले डिजिटल ज्ञान की आवश्यकता होगी।

 

27 साल बाद फिर एक शुरुआत

 

वेबदुनिया की 27 वर्ष की यात्रा को पीछे मुड़कर देखने पर एक दिलचस्प समानता दिखाई देती है।

 

1999 में चुनौती थी—भारतीय भाषाओं को इंटरनेट तक पहुँचाना।

 

2026 में चुनौती है—भारतीय भाषाओं को AI के केंद्र तक पहुँचाना।

 

तकनीक बदल गई है। माध्यम बदल गया है। उपयोगकर्ता का व्यवहार बदल रहा है। लेकिन एक चीज नहीं बदली—अपनी भाषा में जानकारी पाने की आवश्यकता। इसलिए 27 वर्ष पूरे होना हमारे लिए केवल अतीत का उत्सव नहीं है। यह भविष्य के बारे में सोचने का अवसर है।

 

AI की दुनिया में भारत की सबसे बड़ी ताकत केवल उसकी तकनीकी प्रतिभा नहीं होगी। उसकी असली ताकत उसकी भाषाई और सांस्कृतिक विविधता भी होगी।

 

और शायद आने वाले वर्षों का सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही होगा—

 

क्या हम ऐसा AI बना पाएँगे जो भारत की भाषाएँ सिर्फ बोलता नहीं, बल्कि भारत को समझता भी हो?

 

वेबदुनिया की यात्रा इंटरनेट से शुरू हुई थी। अब अगला अध्याय AI के युग में भारतीय भाषाओं की नई कहानी लिखने का है। 27 वर्षों से साथ चल रहे करोड़ों पाठकों, पत्रकारों, रचनाकारों, सहयोगियों और शुभचिंतकों को हृदय से धन्यवाद।

वेबदुनिया के 27 साल: 23 सितंबर 1999 को शुरू हुआ हिंदी इंटरनेट का ऐतिहासिक सफर

वेबदुनिया के 27 साल: 23 सितंबर 1999 को शुरू हुआ हिंदी इंटरनेट का ऐतिहासिक सफर

webdunia  27th anniversary

वेबदुनिया डॉट कॉम केवल एक वेबसाइट या डिजिटल मंच भर नहीं है, बल्कि यह भारत में भाषाई डिजिटल क्रांति का वह अग्रदूत है जिसने वैश्विक पटल पर हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं का परचम लहराया। 23 सितंबर 1999 का दिन हिंदी इंटरनेट के इतिहास में एक मील का पत्थर और स्वर्णिम अध्याय सिद्ध हुआ, जब दुनिया के पहले हिंदी पोर्टल ‘वेबदुनिया’ का आधिकारिक आगाज हुआ। जिस दौर में इंटरनेट का दायरा केवल अंग्रेजी भाषा तक सीमित माना जाता था और भाषाई सीमाओं के कारण बहुसंख्यक भारतवासी सूचना-प्रौद्योगिकी के इस महामार्ग से कटे हुए थे, उस समय वेबदुनिया ने आकर भारतीय भाषाई समाज के लिए डिजिटल युग के नए द्वार खोल दिए।

 

तकनीकी नवाचार और फोंट की समस्या का ऐतिहासिक समाधान

शुरुआती दौर में हिंदी इंटरनेट के समक्ष सबसे बड़ी तकनीकी चुनौती फोंट की असमानता (Non-compatibility) थी। पाठक या उपयोगकर्ता तक हिंदी सामग्री तब तक नहीं पहुँच पाती थी जब तक उनके कंप्यूटर में संबंधित विशेष फोंट डाउनलोड न हो। वेबदुनिया ने इस बाधा को भांपते हुए ‘डायनैमिक फोंट’ (Dynamic Font) की क्रांतिकारी तकनीक विकसित की। इस नवाचार के माध्यम से पाठकों को बिना किसी अतिरिक्त फोंट को डाउनलोड किए सीधे हिंदी सामग्री पढ़ने की सुविधा मिली। इस एक तकनीकी छलांग ने हिंदी को सीधे वेब पेजों पर ला खड़ा किया और भारतीय भाषाई इंटरनेट के स्वप्न को पूर्ण यथार्थ में बदल दिया।

 

27 वर्षों की निर्बाध यात्रा और निरंतर विस्तार

वेबदुनिया ने 23 सितंबर 2026 को अपनी अनवरत और सफलतम यात्रा के 27 वर्ष पूरे कर लिए हैं। समय के साथ यह पोर्टल केवल हिंदी तक सीमित न रहकर तमिल, तेलुगु, मराठी, गुजराती, मलयालम, कन्नड़ और बांग्ला जैसी 8 प्रमुख भारतीय भाषाओं में अपनी सेवाएं देने लगा। भारत के सुदूर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों से लेकर दुनिया भर में फैले अप्रवासी भारतीयों (NRIs) तक, वेबदुनिया आज भी प्रामाणिक, विश्वसनीय और तथ्यपरक सामग्री का सबसे विश्वसनीय माध्यम बनी हुई है।

 

सामग्री की विविधता और अनूठे आयाम

वेबदुनिया की लोकप्रियता का एक बड़ा आधार इसकी विषय-वस्तु की विविधता और हर वर्ग के पाठक की रुचि का ध्यान रखना है। यह पोर्टल समाचार और समसामयिक विषयों से आगे बढ़कर विभिन्न विषयों पर समृद्ध सामग्री उपलब्ध कराता है:

 

राजनीति और खेल: चुनावी हलचलों की बारीकियों से लेकर क्रिकेट के रोमांच तक, वेबदुनिया अपने विशेष कवरेज और तीव्र गति से सटीक जानकारी देने के लिए जानी जाती है।

 

धर्म, अध्यात्म और कुंभ कवरेज: आस्था और भारतीय संस्कृति को केंद्र में रखते हुए पोर्टल पर संपूर्ण ‘रामचरितमानस’, ‘श्रीमद्भगवद्गीता’, ‘रामशलाका प्रश्नावली’ और प्रयागराज/हरिद्वार कुंभ का व्यापक और सीधा कवरेज उपलब्ध कराया गया।

 

ज्योतिष और पारंपरिक विद्या: जन्म कुंडली निर्माण, गुण-मिलान (पत्रिका मिलान) से लेकर आधुनिक टैरो कार्ड रीडिंग और दैनिक राशिफल तक, ज्योतिष क्षेत्र में इसकी सामग्री बेहद लोकप्रिय है।

 

जीवनशैली और मनोरंजन: बॉलीवुड, साहित्य, पर्यटन, सेहत, महिला एवं बाल जगत, हास्य-व्यंग्य (चुटकुले) तथा संबंधों से जुड़ी ज्ञानवर्धक सामग्री इसके मुख्य आकर्षणों में से हैं।

 

अप्रवासी भारतीयों (NRIs) के लिए सांस्कृतिक सेतु

वेबदुनिया की सबसे विशिष्ट और विनम्र भूमिका विदेशों में बसे भारतीय समुदाय को अपनी जड़ों से जोड़े रखने की रही है। सात समंदर पार बैठे भारतीयों तक भारतीय कला, धर्म, व्रत-त्योहारों के सटीक मुहूर्त, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को उनकी अपनी भाषा में पहुँचाकर इस पोर्टल ने एक डिजिटल सांस्कृतिक सेतु का कार्य किया है।

 

इंटरनेट पर सत्यता और फैक्ट-चेक का माध्यम

आज के दौर में जहाँ इंटरनेट और सोशल मीडिया पर भ्रामक व गलत जानकारियों (Misinformation) की भरमार है, वहाँ वेबदुनिया ने विशेष रूप से धर्म, अध्यात्म, ज्योतिष और ऐतिहासिक तथ्यों को लेकर एक ‘फैक्ट-चेकर’ और प्रामाणिक संदर्भ-कोश की भूमिका निभाई है। करोड़ों पाठकों का भरोसा आज भी इसकी निष्पक्षता और शुद्धता पर कायम है।

 

वेबदुनिया से जुड़े कुछ अन्य ऐतिहासिक व महत्वपूर्ण तथ्य:

स्थापना का श्रेय: वेबदुनिया की शुरुआत इंदौर (मध्य प्रदेश) स्थित ‘नई दुनिया’ समाचार समूह के दूरदर्शी उद्यमियों और इसके संस्थापक विनय छजलानी जी की अथक मेहनत एवं सपर्मण से हुई थी। 

 

माइक्रोसॉफ्ट और वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी: जब माइक्रोसॉफ्ट और अन्य वैश्विक टेक दिग्गजों ने भारत में अपनी भाषाई सेवाएं शुरू करने का विचार किया, तब वेबदुनिया उनके प्रमुख तकनीकी और कंटेंट पार्टनर्स में से एक बनी। वेबदुनिया ने याहू, गुगल और तमाम वैश्विक कंपनियों के साथ काम करके भारत में इंटरनेट क्रांति और लोकलाइजेशनन को जन्म दिया।

 

यूनिकोड (Unicode) दौर में सुगम परिवर्तन: डायनैमिक फोंट के दौर से निकलकर जब दुनिया ‘यूनिकोड’ मानक पर आई, तब भी वेबदुनिया ने सबसे पहले इस बदलाव को अपनाकर अपनी संपूर्ण सामग्री को यूनिकोड में स्थानांतरित किया, जिससे यह मोबाइल और आधुनिक सर्च इंजनों पर अधिक सुलभ हो गई।

 

सॉफ्टवेयर व सर्च इंजन विकास: वेबदुनिया ने शुरुआती दौर में हिंदी में सर्च इंजन, हिंदी ईमेल सेवा (‘पत्र’) और हिंदी चैट रूम जैसी सुविधाएं भी विकसित की थीं, जो उस समय के भारतीय इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए एकदम नया अनुभव थीं।

 

वेबदुनिया डॉट कॉम केवल भारतीय भाषाओं का पहला इंटरनेट पोर्टल ही नहीं है, बल्कि यह भारत के डिजिटल पुनर्जागरण और भाषाई सशक्तिकरण की एक ऐतिहासिक गाथा है। 1999 से शुरू हुई इसकी 27 वर्षों की यह अनवरत यात्रा इस बात का प्रमाण है कि तकनीक जब अपनी संस्कृति, भाषा और जड़ों से जुड़ती है, तो वह कितनी व्यापक और सर्वस्पर्शी बन जाती है। ‘डायनैमिक फोंट’ जैसी क्रांतिकारी शुरुआत से लेकर 8 भारतीय भाषाओं में विस्तार करने और डिजिटल दौर में प्रामाणिक सामग्री के ‘फैक्ट-चेकर’ के रूप में उभरने तक, वेबदुनिया ने हर कदम पर भाषाई इंटरनेट को नई दिशा दी है।

 

सुदूर गाँवों के आम पाठकों से लेकर विदेश में बसे अप्रवासी भारतीयों तक को एक सांस्कृतिक और सूचनात्मक सूत्र में पिरोने का जो कार्य वेबदुनिया ने किया है, वह अविस्मरणीय है। आने वाले समय में भी जब-जब भारत में डिजिटल क्रांति और हिंदी इंटरनेट के इतिहास का मूल्यांकन होगा, वेबदुनिया को भाषाई तकनीक की बुनियाद रखने वाले एक युगांतरकारी पथप्रदर्शक (Pioneer) के रूप में सदैव याद रखा जाएगा।