No UPI Day: 2000 से ज्यादा के पेमेंट पर चार्ज के खिलाफ सड़कों पर उतरे व्यापारी, स्कैनरों पर डाले काले कपड़े

No UPI Day: 2000 से ज्यादा के पेमेंट पर चार्ज के खिलाफ सड़कों पर उतरे व्यापारी, स्कैनरों पर डाले काले कपड़े

No UPI Day

No UPI Day : डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के बाद अब इस पर लगने वाले संभावित शुल्कों को लेकर व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। मध्य प्रदेश में आज (बुधवार) व्यापारी संगठन ‘नो UPI डे’ मना रहे हैं। यह विरोध मुख्य रूप से 2,000 रुपए से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) या अन्य शुल्कों को थोपे जाने के खिलाफ किया जा रहा है। ALSO READ: UPI चार्ज के विरोध में व्यापारी इंदौर में शुरू करेंगे डिजिटल अभियान, 125 संगठन हुए एकजुट, 10 लाख लोगों तक पहुंचने का टारगेट

 

राज्यभर के बाजारों में व्यापारी अपने यूपीआई पेमेंट स्कैनर को काले कपड़े से ढककर अपना विरोध जता रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि थोक किराना और अन्य बाजारों में 90 फीसदी से ज्यादा ट्रांजैक्शन 2,000 रुपए से ऊपर के होते हैं। सरकार और बैंकिंग प्रणाली ने पहले ग्राहकों और व्यापारियों को कैशलेस बिजनेस की आदत डाली और अब इस तरह के शुल्क वसूले जा रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है।

 

अनुमान के मुताबिक, सिर्फ MDR शुल्क के रूप में भोपाल के कारोबारियों पर 663.152 करोड़ रुपये और इंदौर के कारोबारियों पर करीब 2,265 करोड़ रुपये के भुगतान पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जिससे व्यापारी काफी आक्रोशित हैं। ALSO READ: MP के पेट्रोल पंपों पर 2 हजार से ज्यादा के पेमेंट UPI से नहीं, नए नियमों के बाद पंप डीलर्स का फैसला

 

इन सेक्टरों पर पड़ेगा सबसे बुरा असर

व्यापारी संगठनों का मानना है कि इस नए शुल्क का सबसे भारी नुकसान उन व्यवसायों को उठाना पड़ेगा जिनमें मुनाफा या मार्जिन पहले से ही बहुत कम होता है। इनमें मुख्य रूप से किराना, पेट्रोल-डीजल, इलेक्ट्रॉनिक्स, अनाज और मोबाइल व्यापार शामिल हैं। कारोबारियों के मुताबिक, यदि ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत तक का शुल्क कटता है, तो उनका सारा मुनाफा इसी में खत्म हो जाएगा। ALSO READ: इतने विरोध के बाद भी सरकार UPI Charge पर क्यों अड़ी है? समझिए 2000 से ऊपर MDR फीस का गणित

 

पेट्रोल पंपों पर भी गूंजेगा विरोध

इस विरोध प्रदर्शन की आंच आने वाले दिनों में और तेज होने वाली है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया, तो आगामी 16 अक्टूबर से मध्य प्रदेश के सभी 4,700 पेट्रोल पंपों पर भी 2,000 रुपए से अधिक के यूपीआई भुगतान का कड़ा विरोध किया जाएगा। इस आर्थिक बोझ को लेकर व्यापारियों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है।