Heavy Rain Alert 14 Aug: आज यूपी संग इन 6 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश! दिल्ली-NCR में भी मौसम बदलेगा, ऑरेंज अलर्ट जारी

देश के बड़े हिस्से में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर बेहद उग्र रूप धारण करने वाली हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 अगस्त के लिए ताजा बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। इन राज्यों के अलग-अलग इलाकों में बादलों की गड़गड़ाहट और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने कई इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए आम लोगों और प्रशासन को सजग रहने की सलाह दी है।

दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में भी बदलेगा मौसम

राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आज मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब के छिटपुट इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ भारी बारिश के आसार बने हुए हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पूर्वी राजस्थान के इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मैदानी इलाकों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिलेगी, हालांकि निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।

उत्तर-पूर्व और मध्य भारत में उग्र मानसूनी हलचल

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार देश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी मानसून जमकर बरसेगा। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, बिहार, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। इसके साथ ही मध्य भारत के पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्रों में भी मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा मंडरा रहा है।

दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में तेज हवाओं का प्रकोप

दक्षिण और पश्चिमी भारत के तटीय इलाकों में भी मौसम काफी अशांत बना रहेगा। कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के छिटपुट जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है। तटीय कर्नाटक, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और लक्षद्वीप के क्षेत्रों में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना के मैदानी इलाकों में दिन के समय भी काफी तेज सतह हवाएं चल सकती हैं।

अरब सागर में उथल-पुथल, मछुआरों के लिए अलर्ट

मौसम प्रणाली में हो रहे बदलावों का सीधा असर समुद्री इलाकों पर भी पड़ रहा है। अरब सागर के मध्य और पश्चिम-मध्य भागों में, खास तौर पर सोमालिया और ओमान तट के आसपास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए मौसम विज्ञान विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे गहरे समुद्र में जाने से बचें और तटीय दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

UP Heavy Rain Alert: UP में मानसून अभी और दिखाएगा रौद्र रूप! 13 अगस्त से पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश, आईएमडी ने जारी किया अलर्ट

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून एक्टिव होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 13 से 18 अगस्त के बीच प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान कई इलाकों में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज आंधी-तूफान देखने को मिल सकता है। लखनऊ मौसम केंद्र के मुताबिक, मध्य प्रदेश और बंगाल की खाड़ी के पास बने कम दबाव के क्षेत्रों के कारण बारिश बढ़ सकती है। 13 अगस्त से पूर्वी यूपी में बारिश शुरू होगी और 14 अगस्त तक इसका असर मध्य व पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं यूपी के किन राज्यों में होगी भारी बारिश

16 अगस्त तक होगी तेज बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक, मानसूनी द्रोणी के उत्तर की ओर खिसकने से प्रदेश में मानसूनी प्रवाह मजबूत होगा। बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र भी धीरे-धीरे मजबूत होने की संभावना है। आईएमडी के मुताबिक, ये सिस्टम अगले 12 घंटों में स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र और उसके बाद 24 घंटे के दौरान अवदाब में बदल सकता है। 13 अगस्त को पूर्वी यूपी के कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। 14 अगस्त और 15 अगस्त को यूपी के कुछ इलाकों में भी बारिश हो सकती है। 16 अगस्त को पूर्वी यूपी के लगभग सभी इलाकों और पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है।

कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के मुताबिक, 13 अगस्त को सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, गोरखपुर, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। कई इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली का भी खतरा रहेगा। वहीं, 14 अगस्त को प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, कानपुर, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, पीलीभीत और आसपास के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

 

बारिश ने मिलेगी राहत

मौसम विभाग के मुताबिक, 15 अगस्त को प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, वाराणसी, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, पीलीभीत और आसपास के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 16 अगस्त को भी प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, अयोध्या और बरेली समेत कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 17 और 18 अगस्त को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों, खासकर गोरखपुर, बस्ती, महाराजगंज, बलरामपुर, श्रावस्ती, आजमगढ़ और अंबेडकर नगर में भारी बारिश हो सकती है।

अभी भी बारिश की कमी

प्रदेश में आने वाले दिनों में बारिश बढ़ने वाली है, लेकिन इस मानसून में अब तक उत्तर प्रदेश में सामान्य से कम बारिश हुई है। 12 अगस्त तक पूर्वी यूपी में 335.4 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 30 फीसदी कम है। पश्चिमी यूपी में 369.8 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 10 फीसदी कम है। पूरे प्रदेश में अब तक 349.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 22 फीसदी कम है। वहीं, मेरठ, मुजफ्फरनगर और संभल में सामान्य से 60 फीसदी से ज्यादा बारिश हुई है। एटा और फिरोजाबाद में भी सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि कई जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम रही है।

बारिश के दौरान बरतनी होगी सावधानी

भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भर सकता है और कच्चे या कमजोर मकानों को नुकसान पहुंच सकता है। बिजली सप्लाई प्रभावित होने के साथ सड़कों पर फिसलन भी बढ़ सकती है। नदियों और नालों का पानी अचानक बढ़ने का खतरा है। ऐसे में लोगों को जलभराव और बाढ़ वाले इलाकों से दूर रहने, सुरक्षित पक्की जगह पर रहने और बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है।

कल का मौसम: 13 अगस्त को यूपी समेत 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट! इन 2 इलाकों में IMD ने जारी की रेड कलर वॉर्निंग

Weather Update 13 August: दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के बड़े हिस्से में सक्रिय बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई है। इस बीच आईएमडी ने 13 अगस्त के मौसम को लेकर भी एक विस्तृत चेतावनी बुलेटिन जारी किया है। इसके मुताबिक देश के उत्तरी, पूर्वी, मध्य, पश्चिमी और दक्षिण-प्रायद्वीपीय हिस्सों में बादलों की तगड़ी आवाजाही के बीच मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार देश के 20 से अधिक राज्यों में तेज से बहुत तेज बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है। इस मानसूनी बारिश के बीच सबसे गंभीर स्थिति पूर्वी भारत के दो राज्यों में देखने को मिल सकती है। इन राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने रेड कलर वार्निंग जारी की है।

गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लिए रेड वार्निंग

मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार 13 अगस्त को गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार से भी बेहद भारी बारिश यानी अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इसी परिस्थिति को देखते हुए इन दोनों इलाकों के लिए रेड कलर वार्निंग जारी की गई है। इसका सीधा मतलब है कि स्थानीय प्रशासन और नागरिक स्थिति को लेकर पूरी तरह सतर्क रहें और आवश्यक कदम उठाएं। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मौसम प्रणालियों के प्रभाव से तटीय इलाकों में तेज बारिश के साथ-साथ निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या पैदा हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में बहुत भारी बारिश का अनुमान

मध्य भारत के राज्य छत्तीसगढ़ के मौसम में भी 13 अगस्त को खासा असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इसके साथ ही राज्य के कई इलाकों में मेघगर्जन और बिजली चमकने का अंदेशा भी जताया गया है, जिससे नदी-नालों में उफान और ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है।

उत्तर प्रदेश और पहाड़ी राज्यों समेत 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश

देश के एक बड़े हिस्से में 13 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर भारत में पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के कई स्थानों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना है। पश्चिमी भारत और उससे सटे क्षेत्रों में राजस्थान, गुजरात क्षेत्र, कोंकण एवं गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के इलाकों में भी तेज बौछारें पड़ सकती हैं।

मध्य और पूर्वी भारत की बात करें तो पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान है। पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है, जहां अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के इलाकों में भी भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।

तेज आंधी, बिजली चमकने और हवाओं की रफ्तार का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है।

Clipboard01;;;;

इसी तरह अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली हवाओं के साथ बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, पूरे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और विदर्भ में भी बिजली चमकने के साथ वज्रपात का अलर्ट दिया गया है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में सतह पर तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

समंदर में तूफानी हलचल और मछुआरों के लिए चेतावनी

अरब सागर में मानसूनी हवाओं के प्रभाव से मौसम काफी उग्र रहने की संभावना है। सोमालिया और ओमान तट के पास और उससे दूर, पश्चिमी-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों तथा दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार रफ्तार तक पहुंच सकती हैं। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को इन क्षेत्रों तथा गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।

कल का मौसम: 12 अगस्त को ओडिशा-बंगाल-महाराष्ट्र, राजस्थान संग इन 20 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट! यहां होगी मूसलाधार बरसात

IMD Alert: देशभर में बारिश ने इस वक्त प्रचंड रफ्तार पकड़ रखी है। इस बीत मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 12 अगस्त को भी कई राज्यों में बारिश का कड़ा मिजाज देखने को मिलेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक बुधवार को देश के करीब 20 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और पूर्वी राजस्थान में मूसलाधार बारिश का विशेष अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तर भारत के पहाड़ी व मैदानी इलाकों से लेकर पूर्वोत्तर और तटीय राज्यों तक बादलों का जमकर बरसना तय माना जा रहा है।

ओडिशा, बंगाल, महाराष्ट्र और पूर्वी राजस्थान में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 12 अगस्त को चार प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश का बड़ा असर देखने को मिलेगा। ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और पूर्वी राजस्थान के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी/घाटी वाले क्षेत्रों में यातायात प्रभावित होने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन ने इन इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

उत्तर भारत, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर समेत 20 राज्यों में भारी बारिश

मूसलाधार बारिश वाले राज्यों के अलावा देश के कई दूसरे हिस्सों में भी भारी बारिश देखने को मिलेगी। उत्तर भारत में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बालटिस्तान-मुज़फ्फराबाद और पश्चिमी राजस्थान में तेज बारिश होने का अनुमान है। इसी तरह पश्चिमी और मध्य भारत के पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र और कोंकण व गोवा में भी मूसलाधार बारिश का जोर रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके साथ ही अंडमान व निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

तूफानी हवाएं, आंधी और आकाशीय बिजली का खतरा

12 अगस्त को बारिश के साथ-साथ कई इलाकों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का गंभीर खतरा बना रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग अलग जगहों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं आंध्र प्रदेश, झारखंड, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं और बिजली चमकने का अनुमान है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और बिजली कड़केगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में भी गरज-चमक और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है।

तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं और अरब सागर में अलर्ट

मैदानी और तटीय राज्यों में मौसमी हलचल बनी रहेगी। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में दिन के समय तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। समुद्री सुरक्षा के लिहाज से मौसम विभाग ने अरब सागर के लिए भी चेतावनी जारी की है।

Clipboard08रुरक

अरब सागर में सोमालिया और ओमान तट के पास व उससे सटे क्षेत्र, पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश भागों, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उत्तर-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में न जाने की हिदायत दी है।

ये भी पढ़ें- राहुल गांधी की वायरल बोट फोटो पर क्यों मचा है बवाल? गिरिराज सिंह ने पूछा- ‘आपके साथ ये कौन-कौन हैं’, कांग्रेस ने दिया जवाब

Weather Alert: अगले सात दिन नहीं थमेगी बारिश! दिल्ली-UP समेत 20+ राज्यों में अलर्ट, इन दो राज्यों में भारी बारिश का खतरा

देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले सात दिनों यानी 10 से 16 अगस्त तक कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। खास तौर पर पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 अगस्त को मौसम ज्यादा खराब रहने की आशंका है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी बारिश का खतरा

IMD के मुताबिक, 10 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है। इसके अलावा गुजरात, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। मध्य प्रदेश के कई इलाकों में पहले ही तेज बारिश हो चुकी है। बीते 24 घंटे में पश्चिमी मध्य प्रदेश के श्यामपुर में 21 सेंटीमीटर, भोपाल के नवीबाग में 20 सेंटीमीटर और राजगढ़ के सारंगपुर में 19 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। पूर्वी मध्य प्रदेश के मोहगांव में 19 सेंटीमीटर और सिहोरा में 16 सेंटीमीटर बारिश हुई।

11 अगस्त को भी कई राज्यों में बारिश

11 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश का अनुमान है। कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है।

12 अगस्त से ओडिशा पर ज्यादा असर

12 अगस्त को ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। 13 और 14 अगस्त को भी ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है।

15 और 16 अगस्त तक बारिश से राहत नहीं

IMD के सात दिन के पूर्वानुमान के मुताबिक, 15 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी बारिश की संभावना है। 16 अगस्त को भी अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। बिहार, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है।

दिल्ली-UP समेत इन राज्यों में भी बारिश

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 10-11 अगस्त और 13 अगस्त को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 14 अगस्त को बारिश का दौर बढ़ सकता है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 और 14-15 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 से 15 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

फ्लैश फ्लड का भी खतरा

तेज बारिश के कारण कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है। 11 अगस्त की सुबह तक पूर्वी राजस्थान के बारां, बूंदी, झालावाड़ और कोटा तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश के अगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी जिलों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड का जोखिम बताया गया है। हिमाचल प्रदेश के मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन तथा उत्तराखंड के कई जिलों में भी कम से मध्यम फ्लैश फ्लड का खतरा है। निचले इलाकों में जलभराव और पानी भरने की स्थिति बन सकती है।

बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली का खतरा

कई राज्यों में बारिश के साथ आंधी, बिजली और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। 10 अगस्त को कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं अंडमान-निकोबार में कुछ जगहों पर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ थंडरस्क्वॉल की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज बारिश और बिजली चमकने के समय खुले इलाकों में जाने से बचें और पेड़ों के नीचे खड़े न हों। भारी बारिश के कारण जलभराव, बाढ़, भूस्खलन, सड़क और रेल यातायात में परेशानी जैसी स्थिति भी बन सकती है।

लोकतंत्र की पहली पाठशाला: छात्रसंघ चुनावों की वापसी क्यों जरूरी? जानें युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी

Madhya Pradesh Student Union Elections 2026

“विश्वविद्यालय केवल डिग्रियाँ नहीं गढ़ते, वे राष्ट्र का भविष्य गढ़ते हैं।”

 

करीब नौ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद मध्य प्रदेश के महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनावों की आहट फिर सुनाई दे रही है। कैंपस एक बार फिर जीवंत हैं- गलियारों में चुनावी नारों की गूंज है, कक्षाओं में प्रत्याशी विद्यार्थियों से संवाद कर रहे हैं, छात्र अपने भविष्य के प्रतिनिधियों पर चर्चा कर रहे हैं और पूरे परिसर का वातावरण लोकतांत्रिक ऊर्जा से भर उठा है। यह दृश्य केवल चुनावी गतिविधियों का नहीं, बल्कि उस लोकतांत्रिक संस्कृति की वापसी का प्रतीक है जिसकी शुरुआत शिक्षण संस्थानों से होती है।

 

मेरे लिए यह दृश्य केवल वर्तमान का अनुभव नहीं, बल्कि स्मृतियों का भी हिस्सा है। छात्र जीवन के वे दिन अनायास ही सामने आ खड़े होते हैं, जब मैं स्वयं छात्र राजनीति में सक्रिय था। वर्ष 2000 से लेकर 2017 तक छात्र राजनीति से जुड़ने एवं मार्गदर्शन करने का एक लंबा अवसर मुझे मिला। विद्यार्थियों की समस्याओं को समझना, नेतृत्व करना, संगठन बनाना, संवाद स्थापित करना और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का हिस्सा बनना मेरे सार्वजनिक जीवन की ऐसी पाठशाला रही जिसने मेरे व्यक्तित्व और सोच दोनों को परिपक्व बनाया। आज यह गहराई से महसूस होता है कि छात्रसंघ चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि नेतृत्व, उत्तरदायित्व और लोकतांत्रिक संस्कारों का पहला विद्यालय हैं।

 

लोकतंत्र संसद या विधानसभा की सीढ़ियों से शुरू नहीं होता; उसकी पहली सांस विद्यालयों और महाविद्यालयों के परिसरों में चलती है। यहीं युवा मतदान का महत्व समझते हैं, भिन्न विचारों का सम्मान करना सीखते हैं, असहमति के साथ भी संवाद करने की कला विकसित करते हैं और यह अनुभव करते हैं कि नेतृत्व अधिकार नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व है। इसी कारण छात्र राजनीति को 'लोकतंत्र की पहली पाठशाला' कहा जाता है।

 

वर्ष 2017 के बाद मध्य प्रदेश के अधिकांश महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए। इस दौरान एक पूरी पीढ़ी कॉलेजों में आई, पढ़ाई पूरी की और आगे बढ़ गई, लेकिन उन्हें लोकतंत्र का प्रत्यक्ष अभ्यास करने का अवसर नहीं मिला। आज जो विद्यार्थी स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं में अध्ययनरत हैं, उनके लिए यह पहला अवसर होगा जब वे अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। यह केवल मतपत्र पर मुहर लगाने या बटन दबाने का अवसर नहीं, बल्कि एक सजग लोकतांत्रिक नागरिक बनने की दिशा में पहला कदम है।

 

शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना या रोजगार हासिल करना नहीं होता। इसका वास्तविक लक्ष्य ऐसे नागरिक तैयार करना है जो समाज के प्रति संवेदनशील हों, विवेकपूर्ण निर्णय लेने में सक्षम हों और सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी निभाने का साहस रखते हों। छात्रसंघ चुनाव इन मूल्यों को व्यावहारिक रूप से सीखने का अवसर देते हैं। यहाँ विद्यार्थी समझते हैं कि लोकतंत्र केवल बहुमत का नाम नहीं, बल्कि संवाद, सहमति और सम्मानजनक असहमति की संस्कृति का नाम है।

 

भारतीय लोकतंत्र का इतिहास इस बात का साक्षी है कि अनेक राष्ट्रीय और प्रादेशिक नेताओं ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से ही की। संसद, विधानसभाओं और सामाजिक आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अनेक व्यक्तित्व कभी कॉलेज परिसरों में छात्र प्रतिनिधि रहे। मध्य प्रदेश भी इससे अलग नहीं है। यहाँ के छात्रसंघों ने ऐसे अनेक नेता दिए जिन्होंने आगे चलकर राजनीति, प्रशासन, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। इसलिए छात्रसंघ चुनावों को केवल एक वार्षिक औपचारिकता मानना उनके ऐतिहासिक महत्व को कम करके आंकना होगा।

 

समय के साथ छात्र राजनीति का स्वरूप भी बदला है। मेरे छात्र जीवन में चुनाव प्रचार पोस्टर, पर्चियों, दीवार लेखन और नुक्कड़ सभाओं तक सीमित रहता था। आज डिजिटल युग में व्हाट्सएप ग्रुप, इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया मंच चुनावी अभियान के प्रमुख माध्यम बन चुके हैं। यह परिवर्तन समय की मांग भी है और एक नया अवसर भी। इससे संवाद का दायरा व्यापक हुआ है और विद्यार्थी अपने विचार अधिक प्रभावी ढंग से रख पा रहे हैं। हालाँकि, इसके साथ ही यह जिम्मेदारी भी बढ़ी है कि डिजिटल मंच स्वस्थ बहस का माध्यम बनें- दुष्प्रचार, ट्रोलिंग और व्यक्तिगत कटाक्ष का नहीं।

 

आज की राजनीति की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अनेक बार रचनात्मक विमर्श की जगह शोर और तथ्यों की जगह भावनात्मक ध्रुवीकरण हावी हो जाता है। यदि यही प्रवृत्ति छात्र राजनीति में भी प्रवेश कर गई, तो लोकतंत्र की पहली पाठशाला अपना मूल उद्देश्य खो देगी। इसलिए यह आवश्यक है कि चुनाव व्यक्तियों की लोकप्रियता से अधिक मुद्दों की गंभीरता पर आधारित हों। महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक पुस्तकालय, शोध सुविधाएं, छात्रावास, खेल, महिला सुरक्षा, दिव्यांग-अनुकूल परिसर, डिजिटल संसाधन, स्टार्टअप और कौशल विकास जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को चुनावी विमर्श का केंद्र बनाया जाना चाहिए। विद्यार्थियों को यह समझना होगा कि केवल अच्छे भाषण से अधिक महत्वपूर्ण एक अच्छी और व्यावहारिक कार्ययोजना होती है।

 

यह भी उतना ही आवश्यक है कि छात्र राजनीति अपनी मूल आत्मा को सुरक्षित रखे। राजनीतिक दलों की वैचारिक प्रेरणा लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हो सकती है, लेकिन छात्रसंघों की प्राथमिकता सदैव 'छात्रहित' ही रहनी चाहिए। यदि चुनाव धनबल, बाहुबल, जातीय ध्रुवीकरण या व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता का माध्यम बनेंगे, तो उनका शैक्षणिक और लोकतांत्रिक उद्देश्य कमजोर पड़ जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन, राज्य सरकार, छात्र संगठनों और स्वयं विद्यार्थियों की यह साझा जिम्मेदारी है कि चुनाव मर्यादित, शांतिपूर्ण और विचार-केंद्रित हों।

 

छात्रसंघ के निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए भी यह अवसर केवल विजय प्राप्त करने का नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का विश्वास अर्जित करने का है। उनका प्रमुख दायित्व प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करना, समस्याओं के समाधान के लिए रचनात्मक पहल करना और परिसर में सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना है। नेतृत्व का वास्तविक अर्थ लोकप्रियता नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व और सेवा भाव है। यदि यह भावना छात्र जीवन में ही विकसित हो जाए, तो वही युवा भविष्य में समाज और राष्ट्र को बेहतर नेतृत्व प्रदान करेंगे।

 

मध्य प्रदेश में प्रस्तावित छात्रसंघ चुनाव इसलिए केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि वे लोकतांत्रिक विश्वास की पुनर्स्थापना का सुनहरा अवसर हैं। नौ वर्षों के बाद लौटती यह चुनावी हलचल केवल पोस्टरों, नारों और मतदान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए; यह विचारों के पुनर्जागरण, संवाद की पुनर्स्थापना और युवाओं की सकारात्मक भागीदारी का उत्सव बननी चाहिए।

 

आज आवश्यकता इस बात की है कि विद्यार्थी चुनाव को अधिकार नहीं बल्कि दायित्व के रूप में देखें, उम्मीदवार पद को नहीं बल्कि सेवा को अपना संकल्प समझें, और विश्वविद्यालय प्रशासन चुनाव को महज औपचारिकता न मानकर लोकतांत्रिक संस्कृति के उत्सव के रूप में संचालित करे। यदि ऐसा हुआ, तो यह केवल छात्रसंघ चुनावों की वापसी नहीं होगी, बल्कि लोकतंत्र की उस आत्मा का पुनर्जन्म होगा जो शिक्षा संस्थानों से होकर पूरे समाज तक प्रवाहित होती है। इतिहास गवाह है- जब विश्वविद्यालयों में विचार जागते हैं, तब केवल परिसर ही नहीं जागते; समाज जागता है, राजनीति परिपक्व होती है और राष्ट्र का भविष्य एक नई व सही दिशा प्राप्त करता है।

Bank Holidays: इस हफ्ते 2 दिन बंद रहेंगे बैंक! ब्रांच जाने से पहले चेक कर लें RBI की छुट्टियों की पूरी लिस्ट

Bank Holidays This Week: अगर इस हफ्ते आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो घर से निकलने से पहले आरबीआई (RBI) की हॉलिडे लिस्ट जरूर चेक कर लें। इस हफ्ते सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक SBI, HDFC Bank, ICICI Bank, PNB देश के अलग-अलग हिस्सों में 2 दिन तक बंद रहने वाले हैं।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, इस सप्ताह स्वतंत्रता दिवस और क्षेत्रीय त्योहारों के कारण बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहेगा।

इस हफ्ते कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

इस हफ्ते देश के अलग-अलग राज्यों में बैंक 4 से 5 दिन ही खुले रहेंगे:

13 अगस्त (गुरुवार)– देशभक्त दिवस (Patriots’ Day): 1891 के एंग्लो-मणिपुर युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए मणिपुर राज्य में 13 अगस्त को सभी बैंक बंद रहेंगे।

15 अगस्त (शनिवार)– स्वतंत्रता दिवस व पारसी नववर्ष: 15 अगस्त को देश का राष्ट्रीय पर्व ‘स्वतंत्रता दिवस’ है। राष्ट्रीय अवकाश होने के कारण इस दिन पूरे भारत में सरकारी व प्राइवेट बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे। इसी दिन पारसी नववर्ष (शहंशाही) भी मनाया जाएगा।

16 अगस्त को रविवार होने के कारण देशभर के बैंकों में साप्ताहिक अवकाश रहेगा।

अगस्त महीने में आगे कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

15 अगस्त के अलावा, इस महीने में आगे भी कई त्योहारों और वीकेंड्स के कारण बैंकों में छुट्टियां रहने वाली हैं:

19 अगस्त (बुधवार): महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर की जयंती पर केवल त्रिपुरा में बैंक बंद रहेंगे।

25 अगस्त (मंगलवार): मिलाद-उन-नबी, पहला ओणम और मिलाद-इ-शरीफ के मौके पर केरल और आंध्र प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे।

26 अगस्त (बुधवार): ईद-ए-मिलाद, बारहवफात और तिरुवोनम के अवसर पर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, एमपी, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तराखंड, तेलंगाना, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर और केरल में बैंक बंद रहेंगे।

28 अगस्त (शुक्रवार): रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, केरल और हिमाचल प्रदेश में बैंकों में अवकाश रहेगा।

आगामी वीकेंड हॉलिडे

  • 16 अगस्त: रविवार (साप्ताहिक छुट्टी)
  • 22 अगस्त: चौथा शनिवार
  • 23 अगस्त: रविवार (साप्ताहिक छुट्टी)
  • 30 अगस्त: रविवार (साप्ताहिक छुट्टी)

छुट्टियों में भी चालू रहेंगी ये ऑनलाइन सेवाएं

बैंकों में छुट्टी होने के बावजूद ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का फायदा मिलता रहेगा। नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग ऐप्स, यूपीआई (UPI) सेवाएं और एटीएम (ATM) 24×7 चालू रहेंगे। आप Google Pay, PhonePe, Paytm या नेट बैंकिंग के जरिए बिना किसी रुकावट के पैसों का लेनदेन कर सकते हैं। ब्रांच से जुड़े काम चेक क्लीयरेंस, पासबुक अपडेट या कैश जमा/निकासी जैसी सेवाओं के लिए आपको बैंक खुलने का इंतजार करना होगा।

VIDEO: ‘शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा….’; एथेनॉल विवाद पर BJP सांसद जनार्दन मिश्रा का विवादित बयान

Ethanol-Petrol Controversy: देश में पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर जारी विवाद के बीच मध्य प्रदेश के रीवा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद जनार्दन मिश्रा ने रविवार (9 अगस्त) को इस पॉलिसी के बचाव में विरोधियों पर निशाना साधते हुए एक विवादित टिप्पणी की। रीवा से भोपाल और कोलकाता के लिए ‘नई उड़ान’ सेवाओं के उद्घाटन के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते मिश्रा ने कहा कि भारत में केवल 20 प्रतिशत कच्चे तेल का उत्पादन होता है। जबकि 80 प्रतिशत तेल विदेश से आयात करना पड़ता है। इस दौरान एथेनॉल-ब्लेंडिंग नीति का बचाव करते हुए बीजेपी सांसद ने विवादित बयान देते हुए कहा कि शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा जब देश में शुद्ध पेट्रोल है ही नहीं…।

वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देते हुए बीजेपी सांसद मिश्रा ने कहा कि तेल आपूर्ति के लिए जहाजों को 18,000 किलोमीटर के करीब अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। उन्होंने कहा, “ऐसी परिस्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने की बात करते हैं तो कुछ लोग विरोध में आंदोलन करने लगते हैं।” उन्होंने आक्रामक अंदाज में बघेली भाषा में कहा, “आंदोलन हो रहा है एथेनॉल नहीं चलेगा, शुद्ध पेट्रोल चलेगा। शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा? शुद्ध पेट्रोल है ही नहीं देश में तो कहां से आएगा?”

एथेनॉल से चलने वाले वाहनों का समर्थन किया

मिश्रा ने कहा कि भारत में वाहन एथेनॉल-ब्लेंडिंग ईंधन से चल सकते हैं। लेकिन कुछ लोग एथेनॉल के इस्तेमाल का विरोध करते हुए इसे पेट्रोल में नहीं मिलाने की बात कह रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “एथेनॉल नहीं बनेगा तो पेट्रोल कहां से आएगा, डीजल कहां से आएगा?” पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि ब्राजील में तो गाडियां 100 प्रतिशत एथेनॉल से चल रहीं। लेकिन इसके बावजूद वहां वाहनों में ऐसी कोई समस्या नहीं है। मिश्रा पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने के सरकार के लक्ष्य का बचाव कर रहे थे।

उन्होंने जनता को याद दिलाया कि ब्राजील दुनिया में सबसे ज्यादा एथेनॉल का उत्पादन करता है। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि वहां 100 फीसदी एथेनॉल से गाड़ियां चल रही हैं। अक्सर अपनी विवादित टिप्पणियों के लिए सुर्खियों में रहने वाले मिश्रा ने कहा कि भारत में भी विशेषज्ञों की राय है कि एथेनॉल से गाड़ियों के इंजन को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। लेकिन इसके बावजूद बेवजह विरोध किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आज दुनिया में सबसे कम महंगाई और सबसे अधिक रोजगार कहीं है तो वह भारत में है।

एथेनॉल पर बहस तेज

मिश्रा की ये बातें केंद्र के इथेनॉल-ब्लेंडिंग प्रोग्राम पर चल रही बहस के बीच आई हैं। इस बहस में मुख्य रूप से गाड़ियों की कम्पैटिबिलिटी, फ्यूल एफिशिएंसी और ग्राहकों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं। सरकार E20 पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है। इसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल होता है। यह कदम कच्चे तेल के आयात को कम करने और देश में बने वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की कोशिशों का हिस्सा है।

ये भी पढ़ें- ईरान युद्ध से निकलने की राह खोज रहे डोनाल्ड ट्रंप? होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तेहरान की नई शर्तों ने बढ़ाई अमेरिका की टेंशन

केंद्र का कहना है कि E20 की टेस्टिंग और फील्ड अनुभव से इंजन में असामान्य टूट-फूट, जंग लगने या गाड़ी की उम्र कम होने का कोई सबूत नहीं मिला है। मिश्रा ने बायोगैस और CNG जैसे वैकल्पिक ईंधन के लिए सरकार की व्यापक कोशिशों का भी समर्थन किया। साथ ही हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों पर भी जोर दिया। फिलहाल, उनका वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। विपक्षी पार्टियां भगवा पार्टी पर हमलावर हैं।

धार में दर्दनाक सड़क हादसा, कंटेनर और कार की टक्कर में 6 लोगों की मौत

मध्य प्रदेश के धार जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। यहां एक कार की कंटेनर ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में कार सवार छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, यह हादसा दोपहर करीब 1:30 बजे पंचक वासा के पास हुआ। यह जगह बड़नगर शहर से करीब 4 किलोमीटर दूर बताई जा रही है।

कंटेनर से टकराई कार

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल बेलापुरकर ने बताया कि कंटेनर ट्रक उज्जैन की ओर से आ रहा था। इसी दौरान उसकी कार से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में सवार सभी छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग गुजरात के रहने वाले थे। पुलिस ने कंटेनर ट्रक के चालक को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल मृतकों की पहचान और उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है। हादसा किस वजह से हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है।

पंजाब में सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई कार

इससे पहले पंजाब के जालंधर में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। यहां हाईवे पर खड़े एक ट्रक से कार टकरा गई। हादसे में कार सवार तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक का चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक, हादसे की जानकारी सुबह मिली। जालंधर डिवीजन नंबर-1 के थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां सड़क पर हरियाणा नंबर का एक ट्रक खड़ा था। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक स्विफ्ट कार ट्रक से टकरा गई।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में सवार तीनों लोगों की मौत हो गई। फिलहाल मृतकों की पहचान की जा रही है। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से भाग गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। तीनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है।

Heavy Rain Alert: मौसम फिर बदलेगा करवट! 15 अगस्त तक कई राज्यों में भारी बारिश, 13 से बढ़ेगा मानसून का जोर

राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में मानसून की बारिश हो रही है। वहीं देश के कई हिस्सों में मानसून इस सप्ताह भी सक्रिय रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 9 अगस्त के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 से 15 अगस्त के बीच पश्चिमी हिमालयी राज्यों में कई जगह भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं अगले दो दिनों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

सबसे अहम बदलाव 13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास देखने को मिल सकता है। यहां 11 अगस्त के आसपास साइक्लोन सर्कुलेशन बनने और 13 अगस्त के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके असर से 13 अगस्त से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार में बारिश बढ़ सकती है।

उत्तर भारत में पूरे सप्ताह बारिश

उत्तर-पश्चिम भारत में इस सप्ताह बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। पंजाब में 10-11 और 13-14 अगस्त को कई जगह बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10-11 अगस्त और 13 अगस्त को बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13-14 अगस्त को बारिश हो सकती है। राजस्थान के पूर्वी हिस्से में 9 से 13 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में 11 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 10-11 अगस्त तथा उत्तराखंड में 9-10 अगस्त को भी बहुत भारी बारिश की संभावना है।

मध्य भारत में भी तेज बारिश

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में इस सप्ताह बारिश का असर देखने को मिलेगा। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा विदर्भ में 9 से 11 अगस्त के बीच कई जगह बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 9-10 अगस्त और फिर 13-15 अगस्त को बारिश बढ़ सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9-10 अगस्त, जबकि छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 9 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

पूर्वी भारत में 13 अगस्त से बदलेगा मौसम

पूर्वी भारत में भी इस सप्ताह मानसून सक्रिय रहेगा। पश्चिम बंगाल, झारखंड और सिक्किम में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। ओडिशा में 9-10 अगस्त और फिर 13-15 अगस्त के दौरान बारिश की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, 13 अगस्त के बाद बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बिहार में 13-15 अगस्त के दौरान कई जगह बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश और बिजली का अलर्ट

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में 12-15 अगस्त के दौरान कई जगह बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 9 अगस्त तथा 12-15 अगस्त को बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 14-15 अगस्त और असम-मेघालय में 14-15 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में 9 से 13 अगस्त के बीच गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है।

पश्चिम और दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम?

महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। गुजरात में 10-12 अगस्त के दौरान बारिश बढ़ सकती है। 11 अगस्त को गुजरात में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 9-10 अगस्त को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक के तटीय हिस्सों और लक्षद्वीप में 9-15 अगस्त के बीच कई जगह बारिश होने की संभावना है। केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु में 9-10 अगस्त को गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

दिल्ली में 12 अगस्त तक बारिश का दौर

दिल्ली में 9 से 12 अगस्त तक मौसम आमतौर पर बादलों से घिरा रहेगा। 9 और 10 अगस्त को कई जगह हल्की बारिश और कुछ जगह मध्यम बारिश हो सकती है। 11 अगस्त को सुबह से दोपहर तक बारिश के साथ शाम या रात में भी हल्की बारिश की संभावना है। 12 अगस्त को दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।