Heavy Rain Alert: 4 अगस्त से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, अगले 7 दिन तक इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! IMD ने बताया यूपी से दिल्ली तक का मौसम अपडेट

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 4 अगस्त से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने जा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 7 दिनों तक झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में नए पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र, उत्तराखंड व आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम बांग्लादेश से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी बारिश में भारी तेजी आएगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में 3 से 7 अगस्त तक भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में आगामी दिनों में व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। 4 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही मैदानी इलाकों में बारिश का दायरा बढ़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 2 अगस्त को पूर्वी यूपी में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि 2, 3 और 8 अगस्त को छिटपुट जगहों पर ही बारिश होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 3 से 6 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर तेज बारिश होगी और 3 व 4 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा 2 अगस्त और 7-8 अगस्त को इन क्षेत्रों में छिटपुट बारिश दर्ज होगी। पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को व्यापक बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है, जिसके बाद 3 से 8 अगस्त तक हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होगी। वहीं पूर्वी राजस्थान में 2 से 8 अगस्त तक छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

पहाड़ी राज्यों में आफत की बारिश: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का हाल

पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते व्यापक रूप से मूसलाधार बारिश होने का अलर्ट है। उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान बिजली कड़कने और भारी बारिश की लगातार चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 2 से 6 अगस्त और 8 अगस्त को व्यापक बारिश होगी। 2 से 5 अगस्त के बीच भारी बारिश के साथ-साथ पूरे हफ्ते (2-8 अगस्त) 30-40 किमी/घंटे से लेकर 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और थंडरस्टॉर्म की संभावना जताई गई है।

पूर्वी भारत और बिहार: 3 अगस्त को बिहार में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मध्य और पूर्वी हिमालय की तलहटी में अगले 4-5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश में इजाफा होगा। बिहार में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक बिहार में 2, 4 और 5 अगस्त को भारी बारिश होगी जबकि 3 अगस्त को राज्य में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का गंभीर अलर्ट है। 6 से 8 अगस्त के दौरान बिहार में बारिश में कमी आएगी। वहीं झारखंड में 3 से 8 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। ओडिशा में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते भारी बारिश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश के साथ 4 से 8 अगस्त के बीच 50-60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल में 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियों में काफी तेजी आएगी। असम और मेघालय में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक भारी बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी तथा 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते काफी व्यापक बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 4 अगस्त से बढ़ेगी बारिश

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 5 से 8 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। 2 से 6 अगस्त के बीच दोनों हिस्सों में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) और बिजली कड़कने का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में 3 से 8 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर भारी बारिश होगी। विदर्भ में 2 अगस्त और 6 से 8 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी।

पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में भारी बारिश

कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते व्यापक स्तर पर बारिश जारी रहेगी और 2-3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है और 3 अगस्त को भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 2 अगस्त को भारी बारिश और बिजली कड़कने के बाद 3 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक और केरल में भारी बारिश, तमिलनाडु में अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश में कुल मिलाकर कमी दर्ज की जाएगी, लेकिन कुछ तटीय इलाकों में बारिश का जोर बना रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 3 अगस्त को भी इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है।

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केरल और माहे में 2-3 अगस्त और फिर 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराकल में 2 और 3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में 2 से 6 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंके वाली हवाएं चलेंगी।

IMD Heavy Rain Alert: उत्तर से दक्षिण तक मानसून का कहर! दिल्ली समेत इन राज्यों में 7 अगस्त तक भारी बारिश और तेज़ हवाओं का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 से 7 अगस्त के बीच उत्तर, मध्य, पूर्व, पश्चिम, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

IMD ने 2 अगस्त से 7 अगस्त तक देश भर के मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान और अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक उत्तर, पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

उत्तर भारत में बारिश का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

मध्य और पूर्वी भारत पर भी मेहरबान रहेगा मानसून

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी व्यापक बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा बिहार, ओडिशा, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इन राज्यों में तेज बारिश की आशंका

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार बारिश का दौर बना रहेगा। वहीं केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में भी कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। कुछ इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

पहाड़ी राज्य: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर (लद्दाख, गिलगित-बालटिस्तान और मुज़फ़्फ़राबाद) में 2 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक स्तर पर भारी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

मैदानी क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 3 से 4 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 3 से 7 अगस्त और पूर्वी यूपी में 2 से 6 अगस्त के बीच भारी बारिश होने की आशंका है।

राजस्थान: पूर्व और पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।

कोंकण, गोवा और गुजरात: कोंकण और गोवा में 2 से 7 अगस्त तक लगातार भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में 2 से 3 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। 2 अगस्त को उत्तरी एवं दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं (Thundersquall) चल सकती हैं।

तापमान और बारिश की स्थिति

हालिया बारिश: पिछले 24 घंटों में केरल के कन्नानूर (11 सेमी) और त्रिशूर (10 सेमी) में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। जबकि गुजरात के राजकोट में 7 सेमी बारिश हुई।

तापमान: मध्य प्रदेश के खरगोन में देश का सबसे कम न्यूनतम तापमान (18.2°C) और तमिलनाडु के तोंडी में सबसे अधिक अधिकतम तापमान (40.5°C) दर्ज किया गया।

मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र उग्र रहने की आशंका जताई है। गुजरात, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और श्रीलंका से लगे समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

अरब सागर: मौसम विभाग के मुताबिक, 6 अगस्त तक सोमालिया, ओमान तटों, गुजरात, कर्नाटक, केरल तटों और लक्षद्वीप के आसपास समुद्र में भीषण हलचल रहेगी।

बंगाल की खाड़ी: 6 अगस्त तक श्रीलंका तट और अंडमान सागर से सटे इलाकों में तेज हवाओं के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

बीते 24 घंटे में इन राज्यों में हुई अच्छी बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान असम-मेघालय, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, कोंकण-गोवा, महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। केरल और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ इलाकों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।

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कल का मौसम 2 अगस्त: 16 राज्यों में हैवी बारिश और 7 राज्यों में बहुत भारी बरसात का अलर्ट, दिल्ली-यूपी से बिहार तक बिगड़ेगा मौसम

India Weather Update: देश में अभी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य, बिहार, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर समेत कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कुछ जगहों पर फ्लैश फ्लड और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय रहने से व्यापक बारिश का माहौल है। हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगस्त 2026 के लिए पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि पूरे देश में बारिश औसत से कम (LPA का 94% से कम) रहने की संभावना है। वैसे उत्तर-पश्चिम, मध्य भारत, पूर्वी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। एल नीनो की स्थिति भी मानसून को प्रभावित कर रही है। इस बीच IMD ने वेदर बुलेटिन में 2 अगस्त के लिए दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और दक्षिण भारत के राज्यों सहित देश भर में भारी से बहुत भारी बारिश, थंडरस्क्वॉल और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, 2 अगस्त को देश के 7 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।

इन 7 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक रविवार को देश के 7 प्रमुख राज्यों के छिटपुट इलाकों में अत्यंत मूसलाधार यानी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पूरे राजस्थान में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

दिल्ली-यूपी, बिहार समेत इन 16 राज्यों में होगी भारी बारिश

  • देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2 अगस्त को तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। आईएमडी ने निम्नलिखित इलाकों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
  • उत्तर भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पूर्व उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।
  • पूर्व व मध्य भारत: बिहार, ओडिशा, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात राज्य।
  • पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय।

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इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

रविवार को कई राज्यों में गरज-चमक के साथ-साथ तूफानी हवाओं का प्रभाव भी देखा जाएगा। आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं यानी थंडरस्क्वॉल चलने का गंभीर अलर्ट है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, तटीय कर्नाटक, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल और पश्चिम मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, राजस्थान और तेलंगाना में तेज गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटे की गति से झोंके वाली हवाएं चलने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, ओडिशा, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में मैदानी व तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

आज 1 अगस्त भारी बारिश की चेतवानी: IMD ने 21+ राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली-राजस्थान से गुजरात तक मौसम का रौद्र रूप

India Weather Today: शनिवार 1 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में मानसून रौद्र रूप दिखाने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने बुलेटिन में गुजरात, मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और बिहार समेत देश के 21 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, थंडरस्क्वॉल और आंधी-तूफान की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह वेदर सिस्टम विदर्भ, दक्षिण मध्य प्रदेश और उससे सटे मध्य महाराष्ट्र से गुजरते हुए एक वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल जाएगा। इस मौसमी हलचल के प्रभाव से शनिवार को देश के मैदानी, तटीय और पहाड़ी इलाकों में तूफानी बारिश देखने को मिलेगी।

गुजरात में अत्यधिक भारी बारिश; जलभराव और ट्रैफिक ठप होने की आशंका

गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 1 अगस्त को मौसम का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। आईएमडी ने इस पूरे इलाके में बेहद भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट दिया है। गुजरात के कुछ हिस्सों में 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है। इस मूसलाधार बारिश के चलते निचले इलाकों में बाढ़, गंभीर जलभराव और स्थानीय स्तर पर पानी भरने का खतरा है, जिससे सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

मुंबई और कोंकण-गोवा में बहुत भारी वर्षा; महाराष्ट्र के घाट इलाकों में अलर्ट

महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश को लेकर चेतावनी दी गई है। मुंबई समेत कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। घाट क्षेत्रों सहित मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मराठवाड़ा के छिटपुट इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

उत्तर भारत में मौसम का हाल: पूर्वी राजस्थान में बहुत भारी बारिश, दिल्ली में छाएंगे बादल

उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में भी मानसून की तेज रफ्तार देखने को मिलेगी। पूर्वी राजस्थान में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के एक या दो दौर हो सकते हैं। दिल्ली में तापमान 24 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि दोपहर के समय दक्षिण-पूर्वी हवाएं 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिम राजस्थान में पृथक स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर भारत: मूसलाधार बारिश और 50 किमी/घंटे की आंधी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

दक्षिण भारत: इन इलाकों में टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 70 किमी/घंटे की गति से चलेंगे झोंके

दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश के साथ-साथ तूफानी हवाओं का भयंकर प्रकोप देखने को मिल सकता है। तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जो झोंकों के साथ 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

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Weather Forecast Tomorrow : देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 1 अगस्त को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

 

मध्यप्रदेश में 1 अगस्त 2026 के लिए मानसूनी गतिविधियों के चलते भारी बारिश, तेज हवाओं के चलने और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के 14 जिलों में अचानक बाढ़ आने का खतरा भी जताया गया है और पूरे सूबे के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम की स्थिति को देखते हुए किसानों, मछुआरों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है।

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इन 19 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट

 

1 अगस्त को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम और अरुणाचल प्रदेश में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों के दौरान छिटपुट से लेकर काफी व्यापक बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।

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पहाड़ी राज्यों में बढ़ सकती है मुश्किल

 

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रह सकता है।

 

ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और वहां जाने वाले पर्यटकों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।

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पूर्वोत्तर में बाढ़ का खतरा

 

असम और अरुणाचल प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। निचले क्षोभमंडल स्तर पर मध्य असम के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है, जो मौसम की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है।

गुजरात से केरल तक भी मौसम सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार तट से दूर बना एक निम्न दबाव क्षेत्र दक्षिणी गुजरात से उत्तरी केरल तक फैले मौसम तंत्र को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते पश्चिमी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

यात्री परिवहन विजन समिट 2026: सीएम डॉ. मोहन बदलने जा रहे पब्लिक ट्रांसपोर्ट की दिशा, कई एक्सपर्ट एक साथ करेंगे मंथन, जानें क्या-क्या होगा समिट में?

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पब्लिक ट्रांसपोर्ट की दिशा बदलने जा रहे हैं। यह दिशा एक ओर जहां आम लोगों की जिंदगी बेहतर करेगी, वहीं सरकारी सिस्टम को भी लाभ पहुंचाएगी। दरअसल, 11-12 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 'यात्री परिवहन विजन समिट-2026' का आयोजन होगा। यह समिट मध्यप्रदेश से सार्वजनिक परिवहन के नए भविष्य का निर्माण करेगी। इस समिट में कई विशेषज्ञ परिवहन संबंधित विषयों पर मंथन करेंगे। 

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समिट का औपचारिक उद्घाटन करेंगे और मध्य प्रदेश यात्री मोबिलिटी विजन 2030 पर संबोधन देंगे। वे मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना और यात्री परिवहन को सुदृढ़ करने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी की भूमिका पर विचार रखेंगे। इसके साथ-साथ सीएम डॉ. मोहन उद्योग जगत के प्रतिनिधियों-निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ संवाद करेंगे। इस दौरान वे  शिखर सम्मेलन स्मारिका-ज्ञान प्रकाशन का विमोचन भी करेंगे।

 

रणनीतिक साझेदारियों से परिवर्तन की बदलेगी दिशा-बता दें, यह समिट वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, नीति-निर्माताओं, शहरी परिवहन विशेषज्ञों, परिवहन प्राधिकरणों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, ओईएम, वित्तीय संस्थानों और उद्योग जगत के अग्रणी नेताओं को एक मंच पर लाएगी। यह समिट नवाचार, डिजिटल तकनीकों और रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन में परिवर्तन को नई दिशा देगी। गौरतलब है कि 'यात्री परिवहन विजन समिट 2026' भारत का प्रमुख राष्ट्रीय मंच है। यह मंच स्मार्ट-सुरक्षित-सतत और डिजिटल सार्वजनिक परिवहन के नए युग को गति देने के लिए समर्पित है। यह मंच इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, AI-संचालित फ्लीट प्रबंधन, डिजिटल टिकटिंग, एकीकृत मोबिलिटी समाधान और पीपीपी आधारित नवाचारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श और सहयोग का अवसर देगा।

 

'यात्री परिवहन विजन समिट-2026' के पहले दिन उद्घाटन सत्र, मुख्य वक्तव्य, उच्चस्तरीय पैनल चर्चाएं, उद्योग प्रदर्शनी, नेटवर्किंग सत्र तथा ज्ञान-साझाकरण संबंधी संवाद आयोजित किए जाएंगे। इनमें नीति, नवाचार, निवेश और यात्री परिवहन के भविष्य पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। जबकि, दूसरे दिन प्रतिनिधियों के लिए उज्जैन सांस्कृतिक-विरासत भ्रमण आयोजित किया जाएगा। इसमें श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल दर्शन शामिल होगा। इसके माध्यम से मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के साथ-साथ राज्य की पर्यटन क्षमता को बढ़ावा दिया जाएगा।

 

समिट में इन विषयों पर होगी चर्चा

– एमपी मोबिलिटी विजन 2030: बस संचालन एवं इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम्स (ITMS) में सार्वजनिक-निजी भागीदारी

– भविष्य के लिए तैयार परिवहन अधोसंरचना: पीपीपी के माध्यम से निवेश के अवसरों को बढ़ावा देना

– डेटा आधारित निर्णय: इंट्रासिटी एवं इंटरसिटी बस मार्गों और संचालन की योजना (AI आधारित एनालिटिक्स सहित)

– वित्तीय रूप से टिकाऊ सार्वजनिक बस संचालन के निर्माण की रणनीतियां

– सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में जनसुरक्षा, विश्वसनीयता एवं सुविधा

– हरित मोबिलिटी: स्वच्छ ईंधन एवं भविष्य के लिए तैयार गाड़ियों का काफिला

– एकीकृत टिकटिंग एवं स्वचालित किराया संग्रहण के माध्यम से निर्बाध यात्राओं को सक्षम बनाना

– यात्री परिवहन में रोजगार एवं उद्यमिता के सृजन के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ उठाना

 

इन पर मिल सकते हैं अपेक्षित सकारात्मक परिणाम

– मध्यप्रदेश यात्री मोबिलिटी विजन 2030 के लिए तैयार हो सकता है सकता है रोडमैप

– यात्री परिवहन में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) पहलों में आ सकती है तेजी

– डिजिटल रूपांतरण एवं डेटा-आधारित मोबिलिटी गवर्नेंस को मिल सकता है बढ़ावा

– सतत एवं हरित मोबिलिटी समाधानों में निवेश को मिल सकता है प्रोत्साहन

– वित्तीय स्थिरता एवं गैर-किराया राजस्व सृजन के लिए नवाचारी मॉडलों की हो सकती है पहचान

– सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत एवं प्रौद्योगिकी भागीदारों के बीच बेहतर हो सकता है सहयोग

– केंद्र सरकार की योजनाओं एवं निजी क्षेत्र की भागीदारी से रोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों का हो सकता है सृजन

कल 1 अगस्त मौसम की चेतावनी: बिहार से राजस्थान तक इन 20+ राज्यों में तूफानी बारिश का अलर्ट, इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल

India Weather Update: शनिवार 1 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बेहद खराब और खतरनाक रहने वाला है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने वेदर बुलेटिन में बिहार, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर से लेकर दक्षिण भारत तक 20 से अधिक राज्यों के लिए मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में 17 किमी प्रति घंटे की स्पीड से आगे बढ़ चुका है। अगले 24 घंटों के दौरान यह पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे मध्य महाराष्ट्र से गुजरते हुए कमजोर होकर एक वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल जाएगा। इसके असर से 1 अगस्त को देश भर में भीषण तूफानी बारिश देखने को मिलेगी।

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गुजरात में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम प्रणाली के पश्चिम की ओर बढ़ने की वजह से गुजरात राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 1 अगस्त को पूरे गुजरात राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। प्रशासन और आम जनता को जलभराव और तटीय इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन 6 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

गुजरात के अलावा देश के 6 दूसरे राज्यों में शनिवार को अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। आईएमडी के मुताबिक पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। पूर्वी राजस्थान में कई इलाकों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल और माहे में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार, दिल्ली से राजस्थान तक: इन राज्यों में होगी भारी बारिश

इसके अलावा भी शनिवार को देश के दूसरे बड़े हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पश्चिम राजस्थान, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल और लक्षद्वीप में भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग के मुताबिक 1 अगस्त को हवाओं का रुख बेहद आक्रामक रहेगा और कई राज्यों में तूफानी आंधी के साथ बारिश होगी। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी और तूफानी हवाओं यानी थंडरस्क्वॉल का सामना करना पड़ेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल, झारखंड और पश्चिम मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तराखंड में तेज गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटे की गति से झोंके वाली हवाएं चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तटीय व मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

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वीकली मौसम अपडेट: 20+ राज्यों में जोरदार बारिश का अलर्ट, गुजरात-महाराष्ट्र में खतरा ज्यादा, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा वेदर

India Weather Update: देश भर में मानसून के एक्टिव होने से भारी बारिश का दौर देखने को मिला है। आने वाला पूरा सप्ताह भी एक बार फिर जोरगार बारिश का गवाह बनने जा रहा है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने विस्तृत वीकली मौसम बुलेटिन में देश के 20 से अधिक राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बने डिप्रेशन के असर से गुजरात राज्य और मध्य महाराष्ट्र में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 6 से 7 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत समेत देश के बड़े हिस्से में छिटपुट से लेकर व्यापक स्तर पर मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का सिलसिला जारी रहेगा।

गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट

पश्चिम भारत के राज्यों के लिए मौसम विभाग ने सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। डिप्रेशन के असर से गुजरात रीजन में 31 जुलाई को अलग अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश और 1 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं सौराष्ट्र और कच्छ में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। गुजरात में 2 अगस्त को भी भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है।

मध्य महाराष्ट्र में 31 जुलाई को अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 1 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश और 2 व 3 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। कोंकण और गोवा में 1 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 31 जुलाई और 2-3 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। मराठवाड़ा में भी 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-एनसीआर से यूपी, पंजाब और राजस्थान तक उत्तर भारत का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 6 से 7 दिनों के दौरान बारिश का दौर जारी रहेगा। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 31 जुलाई से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी और इस दौरान भारी बारिश का भी अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 3 से 6 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 3 से 5 अगस्त तक अलग अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 से 6 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी और इस पूरे अंतराल में भारी बारिश का अनुमान है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 31 जुलाई से 6 अगस्त तक जबकि जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 31 जुलाई से 4 अगस्त के दौरान भारी बारिश, गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटा से लेकर 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान में पूर्वी राजस्थान में 1 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 31 जुलाई व 2 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है जबकि पश्चिम राजस्थान में 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में बारिश का दौर

मध्य भारत में विदर्भ और मध्य प्रदेश पर बने डिप्रेशन का असर दिख रहा है। पश्चिम मध्य प्रदेश में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा (आंधी में 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 31 जुलाई तथा 3 से 6 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है, जिसमें छत्तीसगढ़ में 3 से 6 अगस्त तक भारी बारिश होगी। विदर्भ में 31 जुलाई, 1 अगस्त और 6 अगस्त को बारिश का जोर रहेगा, जबकि 1 से 4 अगस्त के बीच आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान है।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: बिहार, बंगाल, ओडिशा और असम का पूर्वानुमान

पूर्व भारत में बिहार में 1 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी और 1 से 6 अगस्त तक अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है जबकि गांगेय पश्चिम बंगाल में 4 से 6 अगस्त और ओडिशा में 2 से 6 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह और झारखंड में 31 जुलाई से 6 अगस्त तक तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 1 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट है। असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 31 जुलाई से 6 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 2 अगस्त को भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 1 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान की चेतावनी दी है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 31 जुलाई और 1 अगस्त को 50-60 किमी/घंटा (आंधी में 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से थंडरस्क्वॉल चलने की संभावना है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में 40 से 60 किमी/घंटा की गति से तेज हवाएं और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।

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बस के आगे चट्टान की तरह हो खड़ी हो गईं ACP मोनिका शुक्ला और टल गया हादसा, किसान आंदोलन में दिखा अलग अंदाज

भोपाल में बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के पास किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (एसीपी) मोनिका शुक्ला ने चलती बस के सामने खड़े होकर उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। यह घटना उस समय हुई, जब प्रदर्शन कर रहे कुछ किसान पुलिस द्वारा रोकी गई बस को आगे ले जाने की कोशिश कर रहे थे। घटना के वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी बस की छत पर चढ़कर नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ लोग पीछे से बस को धक्का दे रहे हैं। जैसे ही बस आगे बढ़ने लगी, एसीपी मोनिका शुक्ला बिना पीछे हटे उसके सामने खड़ी हो गईं। उनके इस कदम से बस रुक गई और बड़ा हादसा टल गया।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एसीपी मोनिका शुक्ला की बहादुरी की खूब चर्चा हो रही है। कई लोगों ने मुश्किल और जोखिम भरी स्थिति में उनके साहस और तुरंत लिए गए फैसले की सराहना की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक संभावित दुर्घटना टल गई और मौके पर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।

एसीपी मोनिका शुक्ला कौन हैं?

मोनिका शुक्ला एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हैं। उन्हें कानून-व्यवस्था संभालने का कई वर्षों का अनुभव है। उन्होंने वर्ष 1994 में पुलिस सेवा में अपने करियर की शुरुआत की थी और 2009 में आईपीएस अधिकारी बनीं। मोनिका शुक्ला अपनी सख्त कार्यशैली और प्रशासनिक अनुभव के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश के कई जिलों में अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वह मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा से जुड़ी अधिकारी रही हैं। उनके पति शशिकांत शुक्ला भी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। अपने लंबे करियर में मोनिका शुक्ला ने एक ऐसी अधिकारी के रूप में पहचान बनाई है, जो कठिन परिस्थितियों में भी तेजी से फैसला लेने और हालात को संभालने के लिए जानी जाती हैं।

पहले भी दिखा चुकी हैं बहादुरी

यह पहली बार नहीं है, जब एसीपी मोनिका शुक्ला अपने साहस और कर्तव्य निभाने के तरीके को लेकर चर्चा में आई हों। करीब एक दशक पहले भोपाल के काजी कैंप इलाके में एक सड़क हादसे के बाद हालात बिगड़ गए थे। उस दौरान गुस्साई भीड़ ने कथित तौर पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, उस समय मोनिका शुक्ला खुद मौके पर पहुंचीं और हालात को शांत करने की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने पुलिस टीम के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित किया और इलाके में कानून-व्यवस्था बहाल कराई।

विरोध प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, किसान संगठन बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय परिसर के पास एकत्र हुए थे। वहां पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक रखा था, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे जाने की कोशिश कर रहे थे। जैसे-जैसे माहौल तनावपूर्ण होता गया, कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को पार करते हुए बस को आगे बढ़ाने की कोशिश की। इसी दौरान एसीपी मोनिका शुक्ला बस के सामने आकर खड़ी हो गईं। उनके इस कदम से बस रुक गई और स्थिति को संभाल लिया गया।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोग मोनिका शुक्ला की हिम्मत, सूझबूझ और नेतृत्व की जमकर सराहना कर रहे हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर मोनिका शुक्ला की पहचान ऐसी पुलिस अधिकारी के रूप में मजबूत हुई है, जो मुश्किल हालात में भी तुरंत फैसला लेकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं।

रावण का यहां भगवान जैसा सम्मान! भारत के इन मंदिरों में होती है पूजा…अलग है यहां की कहानी

नितेश तिवारी के निर्देशक में बनी फिल्म ‘रामायण: पार्ट 1’ का पहला ट्रेलर रिलीज हो गया है। फैंस को फिल्म का ट्रेलर काफी पसंद आ रहा है। ये फिल्म दो पॉर्ट में रिलीज होने वाली है। पहला पॉर्ट दिवाली 2026 और दूसरा पॉर्ट दिवाली 2027 पर सिनेमाघरों में आएगा। राम और सीता की कहानी में रावण का नाम हमेशा विलेन के तौर पर रहा है। वहीं आपको ये जानकर हैरानी होगी की भारत में कई हिस्सों में ऐसे मंदिर मौजूद हैं, जहां रावण की पूजा होती है।

मान्यता है कि रावण ने शिव तांडव स्तोत्र की रचना की थी और वह वीणा वादन में भी निपुण थे। इसी वजह से देश के कुछ हिस्सों में रावण के मंदिर बने हुए हैं, जहां लोग उनकी श्रद्धा के साथ पूजा करते हैं। आइए जानते हैं उन मंदिरों के बारे में

बिसरख, उत्तर प्रदेश: बिसरख (उत्तर प्रदेश) को कई लोग रावण का जन्मस्थान मानते हैं। इसी वजह से यहां दशहरे पर रावण के पुतले नहीं जलाए जाते। नवरात्रि के दौरान गांव के लोग विशेष पूजा-पाठ और यज्ञ कर रावण की आत्मा की शांति की कामना करते हैं। यहां स्थित प्राचीन विश्रवेश्वर महादेव मंदिर भी काफी प्रसिद्ध है। मान्यता है कि इस मंदिर में मौजूद दुर्लभ अष्टकोणीय शिवलिंग की स्थापना रावण के पिता महर्षि विश्रवा ने की थी, इसलिए यह स्थान रावण से जुड़ी आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

मंदसौर, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश का मंदसौर रावण से जुड़ी मान्यताओं के कारण खास महत्व रखता है। ऐसा कहा जाता है कि रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका इसी क्षेत्र से था, इसलिए यहां रावण को दामाद के रूप में सम्मान दिया जाता है। स्थानीय लोग रावण को भगवान शिव का परम भक्त और महान विद्वान मानते हैं। शहर में रावण की करीब 35 फुट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित है। दशहरे के दिन यहां कई लोग रावण के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं और उसकी स्मृति में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

बैजनाथ मंदिर, हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित बैजनाथ मंदिर का संबंध भी रावण से जुड़ी प्राचीन मान्यताओं से जोड़ा जाता है। लोककथाओं के अनुसार, रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए यहां कठोर तपस्या की थी और अपनी भक्ति का अद्भुत प्रमाण दिया था। इसी कारण बैजनाथ में दशहरे पर रावण का पुतला नहीं जलाया जाता। एक अन्य मान्यता के मुताबिक, भगवान शिव ने रावण को शिवलिंग लंका ले जाने की अनुमति दी थी, लेकिन शर्त थी कि उसे रास्ते में कहीं जमीन पर नहीं रखना होगा। बैजनाथ पहुंचने पर परिस्थितिवश शिवलिंग जमीन पर रख दिया गया और वह वहीं स्थापित हो गया। तभी से यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है।

गढ़चिरौली, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में रहने वाले कुछ गोंड आदिवासी समुदाय रावण और उसके पुत्र मेघनाद को पूजनीय मानते हैं। फाल्गुन महीने में मनाए जाने वाले अपने पारंपरिक त्योहार के दौरान वे दोनों की विशेष पूजा करते हैं। समुदाय की अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रावण को महान शासक और सम्मानित व्यक्तित्व माना जाता है। इसी वजह से यहां उसकी याद में धार्मिक आयोजन किए जाते हैं और उसे श्रद्धा के साथ सम्मान दिया जाता है।

काकीनाडा, आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जो रावण की भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा से जुड़ा माना जाता है। यहां विशाल शिवलिंग के पास बना ये मंदिर स्थानीय मान्यताओं के कारण खास महत्व रखता है। कहा जाता है कि रावण ने स्वयं इस स्थान को भगवान शिव की आराधना के लिए चुना था। यही वजह है कि आंध्र प्रदेश में यह स्थान उन चुनिंदा जगहों में शामिल है, जहां रावण को श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जाता है।

डिस्केलमर- यहां पर दी गई जानकारी पौराणिक कथाओं और मान्याताओं पर निर्धारित है।