रावण का यहां भगवान जैसा सम्मान! भारत के इन मंदिरों में होती है पूजा…अलग है यहां की कहानी

नितेश तिवारी के निर्देशक में बनी फिल्म ‘रामायण: पार्ट 1’ का पहला ट्रेलर रिलीज हो गया है। फैंस को फिल्म का ट्रेलर काफी पसंद आ रहा है। ये फिल्म दो पॉर्ट में रिलीज होने वाली है। पहला पॉर्ट दिवाली 2026 और दूसरा पॉर्ट दिवाली 2027 पर सिनेमाघरों में आएगा। राम और सीता की कहानी में रावण का नाम हमेशा विलेन के तौर पर रहा है। वहीं आपको ये जानकर हैरानी होगी की भारत में कई हिस्सों में ऐसे मंदिर मौजूद हैं, जहां रावण की पूजा होती है।

मान्यता है कि रावण ने शिव तांडव स्तोत्र की रचना की थी और वह वीणा वादन में भी निपुण थे। इसी वजह से देश के कुछ हिस्सों में रावण के मंदिर बने हुए हैं, जहां लोग उनकी श्रद्धा के साथ पूजा करते हैं। आइए जानते हैं उन मंदिरों के बारे में

बिसरख, उत्तर प्रदेश: बिसरख (उत्तर प्रदेश) को कई लोग रावण का जन्मस्थान मानते हैं। इसी वजह से यहां दशहरे पर रावण के पुतले नहीं जलाए जाते। नवरात्रि के दौरान गांव के लोग विशेष पूजा-पाठ और यज्ञ कर रावण की आत्मा की शांति की कामना करते हैं। यहां स्थित प्राचीन विश्रवेश्वर महादेव मंदिर भी काफी प्रसिद्ध है। मान्यता है कि इस मंदिर में मौजूद दुर्लभ अष्टकोणीय शिवलिंग की स्थापना रावण के पिता महर्षि विश्रवा ने की थी, इसलिए यह स्थान रावण से जुड़ी आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

मंदसौर, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश का मंदसौर रावण से जुड़ी मान्यताओं के कारण खास महत्व रखता है। ऐसा कहा जाता है कि रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका इसी क्षेत्र से था, इसलिए यहां रावण को दामाद के रूप में सम्मान दिया जाता है। स्थानीय लोग रावण को भगवान शिव का परम भक्त और महान विद्वान मानते हैं। शहर में रावण की करीब 35 फुट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित है। दशहरे के दिन यहां कई लोग रावण के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं और उसकी स्मृति में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

बैजनाथ मंदिर, हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित बैजनाथ मंदिर का संबंध भी रावण से जुड़ी प्राचीन मान्यताओं से जोड़ा जाता है। लोककथाओं के अनुसार, रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए यहां कठोर तपस्या की थी और अपनी भक्ति का अद्भुत प्रमाण दिया था। इसी कारण बैजनाथ में दशहरे पर रावण का पुतला नहीं जलाया जाता। एक अन्य मान्यता के मुताबिक, भगवान शिव ने रावण को शिवलिंग लंका ले जाने की अनुमति दी थी, लेकिन शर्त थी कि उसे रास्ते में कहीं जमीन पर नहीं रखना होगा। बैजनाथ पहुंचने पर परिस्थितिवश शिवलिंग जमीन पर रख दिया गया और वह वहीं स्थापित हो गया। तभी से यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है।

गढ़चिरौली, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में रहने वाले कुछ गोंड आदिवासी समुदाय रावण और उसके पुत्र मेघनाद को पूजनीय मानते हैं। फाल्गुन महीने में मनाए जाने वाले अपने पारंपरिक त्योहार के दौरान वे दोनों की विशेष पूजा करते हैं। समुदाय की अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रावण को महान शासक और सम्मानित व्यक्तित्व माना जाता है। इसी वजह से यहां उसकी याद में धार्मिक आयोजन किए जाते हैं और उसे श्रद्धा के साथ सम्मान दिया जाता है।

काकीनाडा, आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जो रावण की भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा से जुड़ा माना जाता है। यहां विशाल शिवलिंग के पास बना ये मंदिर स्थानीय मान्यताओं के कारण खास महत्व रखता है। कहा जाता है कि रावण ने स्वयं इस स्थान को भगवान शिव की आराधना के लिए चुना था। यही वजह है कि आंध्र प्रदेश में यह स्थान उन चुनिंदा जगहों में शामिल है, जहां रावण को श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जाता है।

डिस्केलमर- यहां पर दी गई जानकारी पौराणिक कथाओं और मान्याताओं पर निर्धारित है।

31 जुलाई का मौसम: कल इन 20+ राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, एमपी-राजस्थान से गुजरात-महाराष्ट्र तक मौसम का रौद्र रूप

India Weather Update: देश भर में मानसून की तेज गतिविधियों के चलते भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 जुलाई के लिए विस्तृत मौसम चेतावनी जारी की है। देश के 20 से भी अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी, वज्रपात और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी और मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।

गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में अत्यंत भारी बारिश का खतरा

मौसम विभाग ने 31 जुलाई को गुजरात राज्य और मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई है। इन इलाकों में बारिश का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका है। स्थानीय प्रशासन और लोगों को मौसम के इस कड़े रुख को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश

देश के कई राज्यों में 31 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट घोषित किया गया है। उत्तर और मध्य भारत में अरुणाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पंजाब और पश्चिम मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। वहीं पश्चिमी तट और दक्षिण भारत की बात करें तो कर्नाटक, केरल व माहे और कोंकण व गोवा के इलाकों में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

दिल्ली-एनसीआर, बिहार और इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

31 जुलाई को देश के विस्तृत भू-भाग में मध्यम से भारी बारिशहोने की संभावना है। उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और पश्चिम राजस्थान में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में बिहार, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बारिश का असर रहेगा। इसके अलावा मध्य और दक्षिण भारत के पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, तेलंगाना, तमिलनाडु-पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की जाएगी।

31 जुलाई का मौसम: कल इन 20+ राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश 31 जुलाई का मौसम: कल इन 20+ राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश

40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और बिजली कड़कने का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज तूफानी हवाएं चलने का भी खतरा बना हुआ है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप और पश्चिम मध्य प्रदेश में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी और बिजली चमक सकती है।

पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के साथ-साथ छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, कोंकण व गोवा, पूरे महाराष्ट्र और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर मेघगर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम जताया गया है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

Miyazaki mango: 4 आम की कीमत 2.11 लाख रुपये! इसकी वजह आपको हैरान कर देगी, यूपी के किसान ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड

Miyazaki mango: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दुनिया की सबसे महंगी किस्मों में गिने जाने वाले मियाजाकी आमों ने किसान संदीप चौधरी को देश में एक नई पहचान दिलाई है। सूरत के एक व्यापारी प्रवीण गुप्ता ने चौधरी से कुल मिलाकर लगभग एक किलोग्राम वजन वाले चार मियाजाकी आम 2.11 लाख रुपये में खरीदे हैं। इस किस्म के लिए भारत में इस कीमत पर हुई यह पहली बिक्री बताई जा रही है। इस रिकॉर्ड बिक्री ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि गुप्ता ने ये आम अपनी मां के नाम पर खरीदे।

चौधरी ने बताया कि यह सौदा शुरू में 3.5 लाख रुपये में तय हुआ था। लेकिन जब उन्हें पता चला कि खरीदार यह खरीद अपनी मां को समर्पित करना चाहता है, तो उन्होंने कीमत घटाकर ₹2.11 लाख कर दी। कुल रकम में से ₹1.11 लाख ऑनलाइन मिल चुके हैं। बाकी 1 लाख रुपये का भुगतान 1 अगस्त को डिलीवरी के समय किया जाएगा।

पीएम मोदी से मिली प्रेरणा

थरोली गांव के रहने वाले चौधरी ने बताया कि गुप्ता पिछले साल भी ये आम खरीदना चाहते थे। लेकिन उस समय उन्होंने इन्हें मुख्यमंत्री को भेज दिया था। मौजूदा सौदे के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि चार आम सूरत के गुप्ता को ₹2.11 लाख में बेचे गए। उन्होंने कहा कि इस बिक्री की सबसे खास बात यह थी कि इन्हें खरीदार की मां के नाम पर खरीदा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गुप्ता ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसी भावना के साथ काम किया है। उन्होंने कहा कि वे दोनों गुजरात में मिलेंगे, जहां आम सौंपे जाएंगे।

तीन साल पहले शुरू की थी आम की खेती

चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने तीन साल पहले मियाजाकी आमों की खेती नई सोच के साथ शुरू की थी। उन्होंने कहा कि हमने सोचा कि किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अपनी आय बढ़ाने के लिए महंगी और खास फसलें भी उगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शुरू में कई लोगों ने उनका मज़ाक उड़ाया। लोगों ने कहा कि आम लाखों में नहीं बिक सकते। लेकिन उनकी मेहनत अब रंग लाई है। उन्होंने बताया कि अभी उनके पास मियाजाकी आम के लगभग 40 पेड़ हैं। यह पहली बार है जब उनके चार आम ₹2.11 लाख में बिके हैं।

कमाई का 10 प्रतिशत हिस्सा गरीब लोगों को समर्पित

संदीप चौधरी ने यह भी कहा कि बिक्री से हुई कमाई का 10 प्रतिशत हिस्सा गरीब लोगों की मदद के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। चौधरी ने कहा कि तीन साल की मेहनत के बाद इस डील की कामयाबी से वे बहुत खुश हैं। मियाजाकी आमों को उनके खास लाल-बैंगनी रंग, स्वाद और पोषक गुणों की वजह से दुनिया का सबसे महंगा आम माना जाता है।

चौधरी ने बताया कि आम आमों की तुलना में इनमें विटामिन A, विटामिन C, बीटा-कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट ज्यादा मात्रा में होते हैं। उन्होंने दूसरे किसानों से अपील की है कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ ऑर्गेनिक और ज़्यादा कीमत वाली फसलों की खेती भी करें।

मियाजाकी आम का जापान कनेक्शन

बता दें कि मियाजाकी (Miyazaki mango) आम दुनिया की सबसे महंगी आम की किस्मों में से एक मानी जाती है। इसका नाम जापान के मियाजाकी प्रांत के नाम पर रखा गया है, जहां इसकी व्यावसायिक खेती शुरू हुई। मियाजाकी आम को जापान में अक्सर ‘Egg of the Sun’ (Taiyo no Tamago) के नाम से भी बेचा जाता है।

यह नाम केवल उन प्रीमियम फलों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो आकार, रंग और मिठास जैसे सख्त गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं। भारत के मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के कुछ किसानों ने प्रयोग के तौर पर मियाज़ाकी आम की खेती शुरू की है। हालांकि इसकी खेती अभी सीमित स्तर पर ही होती है।

मियाजाकी की खासियत

  • पकने पर इसका रंग गहरा लाल या रूबी लाल हो जाता है।
  • एक फल का वजन आमतौर पर 350-500 ग्राम तक होता है।
  • इसमें प्राकृतिक शर्करा (Sugar) की मात्रा अधिक होती है। इसलिए इसका स्वाद बेहद मीठा होता है।
  • इसका गूदा रेशारहित (Fiberless), मुलायम और बेहद रसदार होता है।

मियाजाकी की कीमत

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत गुणवत्ता और उपलब्धता के अनुसार बहुत अधिक हो सकती है।
  • प्रीमियम ग्रेड के मियाज़ाकी आम की एक जोड़ी (2 आम) की नीलामी जापान में लाखों रुपये के बराबर कीमत तक पहुंच चुकी है।
  • भारत में भी इसकी खेती करने वाले कुछ किसान हैं और यहां भी इसकी कीमत सामान्य आमों की तुलना में कई गुना अधिक रहती है।

कैसे होती है खेती?

  • इसकी खेती नियंत्रित तापमान और विशेष देखभाल में की जाती है।
  • फलों को अक्सर जाल (नेट) में लटकाकर उगाया जाता है ताकि वे सुरक्षित रहें। साथ ही पूरी तरह पकने पर बिना नुकसान के तोड़े जा सकें।

आज भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग: MP-महाराष्ट्र में मूसलाधार, IMD ने इन 2 दर्जन राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: देश में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 30 जुलाई के लिए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के लिए ‘रेड कलर वॉर्निंग’ यानी अत्यंत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और पंजाब समेत लगभग 2 दर्जन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट दिया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक सेंट्रल छत्तीसगढ़ और उससे सटे नॉर्थ इंटीरियर ओडिशा पर बना गहरा दबाव 8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। शाम को यह बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के पास केंद्रित था, जो अगले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे विदर्भ की ओर पश्चिम दिशा में बढ़ेगा और धीरे-धीरे कमजोर होकर डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा। इस उग्र वेदर सिस्टम के चलते आज देश के एक बड़े भू-भाग में मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं का असर रहेगा।

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में रेड अलर्ट: ‘अत्यंत भारी बारिश’ की चेतावनी

IMD ने आज पश्चिम मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश होने की संभावना है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति और जलभराव का खतरा बढ़ गया है।

17 राज्यों/क्षेत्रों में ‘बहुत भारी बारिश’ का अलर्ट

30 जुलाई को देश के 17 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

मध्य और पश्चिम भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण व गोवा, गुजरात क्षेत्र और पूर्वी राजस्थान।

उत्तर भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना।

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

आज देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर तेज से भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप में भारी बारिश हो सकती है।

तूफानी हवाएं, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज मानसूनी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का भी भारी खतरा बना हुआ है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक (उत्तर व दक्षिण), केरल व माहे, कोंकण व गोवा, लक्षद्वीप, पूरा महाराष्ट्र (विदर्भ, मराठवाड़ा व मध्य महाराष्ट्र), तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और पश्चिम मध्य प्रदेश में 40-50 किमी/घंटा (गस्टिंग 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान का अनुमान है।

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बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, राजस्थान (पूर्वी व पश्चिम), जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, तटीय कर्नाटक और पूर्वी मध्य प्रदेश में 30-40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूरा गुजरात राज्य, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर केवल मेघगर्जन और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलेंगी, जिसके चलते समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

Top News 30 July: सुप्रीम कोर्ट में पैलेट गन पर सुनवाई, 3 राज्यों में उपचुनाव की वोटिंग, कांवड़ यात्रा शुरू

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Top News 30 July : पैलेट गन पर रोक के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई। बांकीपुर, दतिया और मांजलपुर में विधानसभा उपचुनावों के लिए मतदान जारी है। श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही आज से देशभर में कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई। US फेड ने ब्याज दरें नहीं बदलीं। पल पल की जानकारी…

 

पैलेट गन मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

पैलेट गन पर रोक के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई। 20 जुलाई के प्रदर्शन में घायल 3 लोगों ने याचिका लगाकर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक की मांग की। उन्होंने कहा कि बिना वजह जवानों ने फायरिंग की।

 

बांकीपुर, दतिया और मांजलपुर में मतदान

बिहार के बांकीपुर, मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मांजलपुर में विधानसभा उपचुनावों के लिए मतदान जारी है। तीनों ही सीटों पर शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे। 3 अगस्त को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। तीनों ही सीटों पर भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।

 

सावन मास और कांवड़ यात्रा की शुरुआत

सावन (श्रावण) मास की शुरुआत के साथ ही आज से देशभर में कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई। शिव जी की पूजा और उपासना के लिए शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में कांवड़ यात्रा को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ALSO READ: सावन का पहला सोमवार कब है? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और 5 खास उपाय

 

US फेड ने ब्याज दरें नहीं बदलीं

फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें 3.50% से 3.75% के दायरे में स्थिर रखने का फैसला लिया है। बैठक के दौरान मौजूदा मुद्रास्फीति पर चिंता भी जताई गई। फेड अध्यक्ष नियुक्त किए गए केविन वॉर्श ट्रंप के विश्वासपात्र माने जाते हैं। 

 

नितेश तिवारी की रामायण का ट्रेलर रिलीज

30 जुलाई की सुबह ‘रामायण’ का ट्रेलर लॉन्च कर दिया। लगभग 4 मिनट के इस ट्रेलर में यश, रणबीर कपूर, साई पल्लवी, रवि दुबे, अरुण गोविल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह और विवेक ओबेरॉय समेत अधिकतर कलाकार नजर आए।

कैबिनेट से मंत्रियों की विदाई का सिलसिला

पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट से मंत्रियों की विदाई का सिलसिला जारी है। अलग अलग कारणों से मंत्री इस्तीफा दे रहे हैं। कुछ और मंत्रियों का इस्तीफा होना है, जिसका इंतजार चल रहा है। हालांकि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थोड़ी अलग परिस्थितियों में हुआ है। इसकी तुलना यूपीए दो की सरकार में खेल मंत्री रहे सुरेश कलमाड़ी के इस्तीफे से की जा रही है। यूपीए दो की सरकार में कलमाड़ी सबसे पहले मंत्री थे, जिनको भ्रष्टाचार के आरोपों में इस्तीफा देना प़ड़ा था। उनके ऊपर कॉमनवेल्थ खेलों में ग़ड़ब़ड़ी के आरोप लगे थे। उसके बाद तो सिलसिला ही शुरू हो गया था। मंत्रियों के इस्तीफे और सांसदों की गिरफ्तारी का सिलसिला ऐसा चला कि पूरे देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन खड़ा हो गया और कांग्रेस 2014 का चुनाव बुरी तरह से हारी। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भ्रष्टाचार के आरोपों में नहीं हुआ है। लेकिन उनके ऊपर जिम्मेदारी के निर्वहन में अक्षमता के आरोप लगे। उनके कार्यकाल में दो बार नीट यूजी का पेपर लीक हुआ। इस साल पेपर लीक के बाद 21 छात्रों की जान गई। तब भी छात्रों और युवाओं के भारी दबाव में उनका इस्तीफा हुआ।

बहरहाल, प्रधान के इस्तीफे से ठीक पहले केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा हुआ था। उनका इस्तीफा स्वीकार हो गया है। गौरतलब है कि वे 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस से पाला बदल कर भाजपा में गए थे और लोकसभा का चुनाव हार गए थे। इसके बावजूद उनको मंत्री बनाया गया था। बाद में राजस्थान से राज्यसभा के उपचुनाव में जीत कर उच्च सदन के सदस्य बने थे। इस बार उनको राज्यसभा की टिकट नहीं मिली है। कहा जा रहा है कि वे पंजाब में विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे। उनसे पहले जॉर्ज कुरियन को राज्यसभा नहीं दी गई थी और उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। वे केरल के रहने वाले हैं और उनको मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा गया था। केरल के चुनाव में भाजपा हार गई। फिर कुरियन को मध्य प्रदेश से राज्यसभा नहीं भेजा गया।

इनके अलावा दो और मंत्रियों के इस्तीफे का इंतजार हो रहा है। एक व्यक्ति, एक पद के हिसाब से इनका इस्तीफा होगा। केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है और हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली में संगठन की जिम्मेदारी दी गई है। ये दोनों लोकसभा सांसद हैं और अभी दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। बताया जा रहा है कि संसद का मानसून सत्र समाप्त होने के साथ ही इनका इस्तीफा होगा। उसके बाद नरेंद्र मोदी की सरकार में फेरबदल होगी। 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के बाद किसी भी दिन सरकार में बड़ी फेरबदल होगी। 20 अगस्त की तारीख बताई जा रही है। गौरतलब है कि मोदी की तीसरी सरकार के दो साल पूरे हो गए हैं और अभी तक सरकार में कोई बदलाव नहीं हुआ है। कम से कम पांच मंत्री पद खाली हो गए हैं या होने वाले हैं। इनके अलावा भी कई मंत्रियों को बदले जाने की चर्चा है। मंत्रिमंडल में फेरबदल की वजह से ही पार्टी के नए अध्यक्ष नितिन नबीन की टीम नहीं बन रही है। उनको अध्यक्ष बने छह महीने से ज्यादा हो गए। वे अब भी पुरानी टीम के साथ ही काम कर रहे हैं। उनको भी अगस्त में नई टीम मिलेगी। प्रधानमंत्री की टीम बिल्कुल नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करने वाली होगी।

LIVE: दतिया, बांकीपुर और मांजलपुर उपचुनाव में मतदान

bypoll election : voting in datia, bankipur and manjalpur

Latest News Today Live Updates in Hindi : बिहार के बांकीपुर, मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मांजलपुर में विधानसभा उपचुनावों के लिए मतदान जारी है। पल पल की जानकारी…

पैलेट गन पर रोक के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई। 20 जुलाई के प्रदर्शन में घायल 3 लोगों ने याचिका लगाकर की पैलेट गन पर रोक की मांग।

-बिहार के बांकीपुर, मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मांजलपुर में शुरू हुआ मतदान।

-बिहार भाजपा नेता सीपी ठाकुर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान किया।

-भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान किया।

 

मध्य प्रदेश में पुनर्जीवित हो रही गुरुकुल की सनातन परंपरा

sandipani vidyalaya MP

Sandipani Schools MP: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने 'सांदीपनि विद्यालयों' के जरिए गुरुकुल के संपन्न और सनातन वैभव को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की एक नायाब शुरुआत की है। ​इस वर्ष गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर, जब पूरा देश आदि गुरु महर्षि वेदव्यास के अवदान को याद कर रहा है, तब मध्य प्रदेश से आ रही सांस्कृतिक और शैक्षणिक पुनर्जागरण की बयार पूरे देश को एक नई राह दिखा रही है। इन विद्यालयों में गुरुकुल की समृद्ध परंपराओं के साथ अत्याधुनिक ज्ञान-विज्ञान की भी शिक्षा दी जा रही है, और ऐसा करने वाला मध्य प्रदेश देश का इकलौता और अग्रणी राज्य बन गया है।

 

​उज्जैन केवल बाबा महाकाल की नगरी ही नहीं है, बल्कि वह द्वापर युग में महर्षि सांदीपनि की ऐतिहासिक तपोभूमि भी रही है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 29 जुलाई को उज्जैन के माधव विज्ञान महाविद्यालय में सांदीपनि अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव थे। इसके अलावा 15 जुलाई से 29 जुलाई तक गुरु शिष्य परंपरा के उत्सव के तौर पर गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा मनाया गया। इस दौरान प्रदेश में  “एक गुरु एक वृक्ष” अभियान के तहत 40000 से अधिक पौधों का रोपण भी किया गया।

 

उज्जैन में महर्षि सांदीपनि का पावन आश्रम था, जहां स्वयं भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा ने साथ रहकर समतावादी शिक्षा प्राप्त की थी। यहीं पर श्रीकृष्ण और बलराम ने मात्र 64 दिनों में 4 वेद, 6 वेदांग, उपनिषद, राजनीति, युद्धकला, संगीत और जीवन प्रबंधन सहित 64 कलाओं और 14 विद्याओं का गहन अध्ययन किया था।

 

​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इसी ऐतिहासिक नगरी उज्जैन से आते हैं। यही कारण है कि उज्जैन की इस महान सांदीपनि शिक्षा परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए वे व्यक्तिगत रूप से खासे संजीदा हैं। मुख्यमंत्री इस योजना के क्रियान्वयन, गुणवत्ता और प्रगति की स्वयं कड़े स्तर पर मॉनिटरिंग करते हैं। उनके विजन का ही नतीजा है कि पूर्व की “सीएम राइज़” योजना को भारतीय सांस्कृतिक संदर्भ देते हुए अब 'सांदीपनि विद्यालय' के रूप में एक नई चेतना प्रदान की गई है।

 

सांदीपनि विद्यालय परंपरा और आधुनिकता का संगम हैं। ​आज का युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक, बिग डेटा और इंटरनेट का है। उंगलियों की एक क्लिक पर दुनिया भर की सूचनाएं उपलब्ध हैं, परंतु सूचना और 'विवेक' में बहुत महीन अंतर होता है। उत्तर इंटरनेट दे सकता है और निबंध एआई लिख सकता है; लेकिन सही-गलत का भेद करने वाला विवेक, मानवीय मूल्य, करुणा और अडिग चरित्र का निर्माण केवल और केवल एक 'सच्चा गुरु' ही कर सकता है।

 

​राज्य में प्रथम चरण में कुल 368 सांदीपनि विद्यालय संचालित हैं। इनमें 274 स्कूल शिक्षा विभाग और 94 जनजातीय कार्य विभाग से जुड़े हैं। दूसरे चरण में 405 और विद्यालय संचालित करने का लक्ष्य तय किया गया है। 

 

​मध्य प्रदेश के सांदीपनि विद्यालय आज की पीढ़ी को राज्य के गौरव से जोड़ रहे हैं। शैक्षिक सत्र 2025- 26 में हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में इन विद्यालयों का रिजल्ट तकरीबन 90 फीसदी रहा है। कुल मिलाकर सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार 21वीं सदी के भारत के लिए 'मनुष्य निर्माण की एक अनुपम प्रयोगशाला' तैयार कर रही है।

 

​सांदीपनि विद्यालयों का लक्ष्य भव्य कंक्रीट की इमारतें खड़ा करना मात्र नहीं है, बल्कि आधुनिक विद्यालयों में 'गुरुकुल की आत्मा' को डालना है। यहाँ एक तरफ जहाँ आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, रोबोटिक्स और डिजिटल स्मार्ट कक्षाएं बच्चों को 21वीं सदी के लिए तैयार कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ पाठ्यक्रम में भारतीय संस्कृति, योग, नैतिक शिक्षा, खेल, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व को अनिवार्य रूप से समाहित किया गया है।

बाघ संरक्षण और पर्यावरण संतुलन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने 'सांदीपनि विद्यालयों' के जरिए गुरुकुल के संपन्न और सनातन वैभव को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की एक नायाब शुरुआत की है। ​इस वर्ष गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर, जब पूरा देश आदि गुरु महर्षि वेदव्यास के अवदान को याद कर रहा है, तब मध्य प्रदेश से आ रही सांस्कृतिक और शैक्षणिक पुनर्जागरण की बयार पूरे देश को एक नई राह दिखा रही है। इन विद्यालयों में गुरुकुल की समृद्ध परंपराओं के साथ अत्याधुनिक ज्ञान-विज्ञान की भी शिक्षा दी जा रही है, और ऐसा करने वाला मध्य प्रदेश देश का इकलौता और अग्रणी राज्य बन गया है।

 

​उज्जैन केवल बाबा महाकाल की नगरी ही नहीं है, बल्कि वह द्वापर युग में महर्षि सांदीपनि की ऐतिहासिक तपोभूमि भी रही है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 29 जुलाई को उज्जैन के माधव विज्ञान महाविद्यालय में सांदीपनि अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव थे। इसके अलावा 15 जुलाई से 29 जुलाई तक गुरु शिष्य परंपरा के उत्सव के तौर पर गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा मनाया गया। इस दौरान प्रदेश में  “एक गुरु एक वृक्ष” अभियान के तहत 40000 से अधिक पौधों का रोपण भी किया गया।

 

उज्जैन में महर्षि सांदीपनि का पावन आश्रम था, जहां स्वयं भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा ने साथ रहकर समतावादी शिक्षा प्राप्त की थी। यहीं पर श्रीकृष्ण और बलराम ने मात्र 64 दिनों में 4 वेद, 6 वेदांग, उपनिषद, राजनीति, युद्धकला, संगीत और जीवन प्रबंधन सहित 64 कलाओं और 14 विद्याओं का गहन अध्ययन किया था।

 

​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इसी ऐतिहासिक नगरी उज्जैन से आते हैं। यही कारण है कि उज्जैन की इस महान सांदीपनि शिक्षा परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए वे व्यक्तिगत रूप से खासे संजीदा हैं। मुख्यमंत्री इस योजना के क्रियान्वयन, गुणवत्ता और प्रगति की स्वयं कड़े स्तर पर मॉनिटरिंग करते हैं। उनके विजन का ही नतीजा है कि पूर्व की “सीएम राइज़” योजना को भारतीय सांस्कृतिक संदर्भ देते हुए अब 'सांदीपनि विद्यालय' के रूप में एक नई चेतना प्रदान की गई है।

 

सांदीपनि विद्यालय परंपरा और आधुनिकता का संगम हैं। ​आज का युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक, बिग डेटा और इंटरनेट का है। उंगलियों की एक क्लिक पर दुनिया भर की सूचनाएं उपलब्ध हैं, परंतु सूचना और 'विवेक' में बहुत महीन अंतर होता है। उत्तर इंटरनेट दे सकता है और निबंध एआई लिख सकता है; लेकिन सही-गलत का भेद करने वाला विवेक, मानवीय मूल्य, करुणा और अडिग चरित्र का निर्माण केवल और केवल एक 'सच्चा गुरु' ही कर सकता है।

 

​राज्य में प्रथम चरण में कुल 368 सांदीपनि विद्यालय संचालित हैं। इनमें 274 स्कूल शिक्षा विभाग और 94 जनजातीय कार्य विभाग से जुड़े हैं। दूसरे चरण में 405 और विद्यालय संचालित करने का लक्ष्य तय किया गया है। 

 

​मध्य प्रदेश के सांदीपनि विद्यालय आज की पीढ़ी को राज्य के गौरव से जोड़ रहे हैं। शैक्षिक सत्र 2025- 26 में हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में इन विद्यालयों का रिजल्ट तकरीबन 90 फीसदी रहा है। कुल मिलाकर सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार 21वीं सदी के भारत के लिए 'मनुष्य निर्माण की एक अनुपम प्रयोगशाला' तैयार कर रही है।

 

​सांदीपनि विद्यालयों का लक्ष्य भव्य कंक्रीट की इमारतें खड़ा करना मात्र नहीं है, बल्कि आधुनिक विद्यालयों में 'गुरुकुल की आत्मा' को डालना है। यहाँ एक तरफ जहाँ आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, रोबोटिक्स और डिजिटल स्मार्ट कक्षाएं बच्चों को 21वीं सदी के लिए तैयार कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ पाठ्यक्रम में भारतीय संस्कृति, योग, नैतिक शिक्षा, खेल, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व को अनिवार्य रूप से समाहित किया गया है।

मौसम पूर्वानुमान में कल भारी बारिश की चेतावनी! MP-महाराष्ट्र में होगी मूसलाधार बरसात, दिल्ली-यूपी संग इन 20+ राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट

Weather Update News: देशभर में इस वक्त मानसून सक्रिय है और कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कई इलाके बाढ़ से भी जूझ रहे हैं। इसमें सबसे बुरी स्थिति असम की है जहां लाखों की आबादी प्रभावित हुई है और 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जुलाई के लिए विशेष वेदर बुलेटिन जारी करते हुए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अत्यधिक मूसलाधार बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है।

इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और बिहार समेत देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर आंतरिक ओडिशा और उससे सटे छत्तीसगढ़ पर बना गहरा दबाव 15 किमी/घंटे की गति से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है।

29 जुलाई की सुबह यह मध्य छत्तीसगढ़ और उत्तरी ओडिशा के आसपास केंद्रित था। यह अगले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए आगे बढ़ेगा। इस मौसमी तंत्र के असर से 30 जुलाई को देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज काफी खराब रहने वाला है।

MP और महाराष्ट्र में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 30 जुलाई को मध्य महाराष्ट्र और पश्चिम मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई है। इस दौरान 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ गया है।

17 राज्यों/क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

30 जुलाई को देश के 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

मध्य व पश्चिम भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण व गोवा, गुजरात क्षेत्र और पूर्वी राजस्थान।

उत्तर भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना।

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश (Heavy Rain) की चेतावनी

IMD के वेदर बुलेटिन के मुताबिक नीचे दिए गए राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

दिल्ली और आसपास: दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़।

उत्तर भारत: पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

मध्य व पूर्वोत्तर भारत: छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

दक्षिण व द्वीप समूह: उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप।

तेज हवाओं (40-50 kmph) और आंधी-तूफान का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, कल कई राज्यों में तेज मानसूनी हवाओं और गरज-चमक के साथ आंधी चलने का अनुमान है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक (उत्तर व दक्षिण), केरल व माहे, कोंकण व गोवा, महाराष्ट्र (विदर्भ, मराठवाड़ा व मध्य महाराष्ट्र), पश्चिम मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल और लक्षद्वीप में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है।

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इसी तरह बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, ओडिशा और राजस्थान (पूर्वी व पश्चिम) में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और वज्रपात का अलर्ट है। इसके अलावा उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में कई स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और लक्षद्वीप के तटीय क्षेत्रों में बहुत तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है, जिससे समुद्र में भी हलचल तेज रहेगी।