CJP के ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन से पहले दिल्ली में बड़ी कार्रवाई, 500 से ज्यादा लोग हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अलग-अलग राज्यों से राजधानी आए 500 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई प्रदर्शन से पहले दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा के बीच की गई है। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए बुलाया गया है, जिन पर मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) से जुड़े आरोप लगे हैं।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 35,000 से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। प्रशासन ने यह कदम बिना अनुमति भीड़ जुटने से रोकने और राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया है।

इस तैनाती में सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) की 120 से ज्यादा कंपनियां शामिल हैं, जिनके जवानों को अहम चौराहों, ट्रांसपोर्ट हब और दूसरी संवेदनशील जगहों पर तैनात किया गया है।

इसके अलावा, निगरानी को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया है, जिसमें जॉइंट कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर और एडिशनल डिप्टी कमिश्नर को सुपरविजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अलग-अलग यूनिट के हेड स्पेशल कमिश्नर भी सुरक्षा इंतजामों की देखरेख कर रहे हैं।

वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश और हरियाणा से महिला पुलिसकर्मियों को भी दिल्ली बुलाया गया है। इसके अलावा, किसी भी तरह की गड़बड़ी से निपटने की तैयारी जांचने के लिए मॉक ड्रिल भी की गई है।

ANI के अनुसार, पुलिस टीमों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी जगह पर बिना इजाजत प्रदर्शन करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लें।

प्रदर्शन के दौरान तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों को हथियार साथ न रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस के जवान लाठी और डंडे लेकर तैनात रह सकते हैं। पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों के साथ बहस करने से भी बचने की सलाह दी गई है। इसकी एक वजह यह चिंता है कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत या बहस के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो सकते हैं।

सुरक्षा के लिए बॉडी कैमरे, ड्रोन और फेस रिकग्निशन सिस्टम तैनात

सुरक्षा इंतजामों में टेक्नोलॉजी को शामिल किया गया है। पुलिस हालात पर नजर रखने के लिए रिकॉर्डिंग डिवाइस का इस्तेमाल कर रही है और हवा व छतों से निगरानी कर रही है।

विरोध-प्रदर्शन की ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी अपनी यूनिफॉर्म पर बॉडी कैमरे पहने हुए हैं। ये डिवाइस कम रोशनी में भी फुटेज रिकॉर्ड कर सकते हैं, जिससे पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई बातचीत का रिकॉर्ड रखने में मदद मिलती है।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अगर बदसलूकी के आरोप लगते हैं, तो ये रिकॉर्डिंग सच का पता लगाने में मदद कर सकती हैं।

पुलिसकर्मी ने कहा, “ये बॉडी कैमरे हमारी और दूसरों की सुरक्षा के लिए हैं। बदसलूकी की स्थिति में दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाए जाते हैं। इसलिए, ये बॉडी कैमरे साबित करेंगे कि हमने किसी के साथ कुछ किया या नहीं। यह सब कुछ रिकॉर्ड करेगा…”

ANI के अनुसार, सुरक्षा योजना में सेंट्रल दिल्ली में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम, अतिरिक्त CCTV कैमरे, ड्रोन और छतों पर तैनात स्पॉटर्स भी शामिल हैं।

इसके अलावा, पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है। प्रस्तावित प्रदर्शन से जुड़ी ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, 200 से ज्यादा कंटेंट क्रिएटर्स भी पुलिस की निगरानी में हैं। अधिकारी ऐसे पोस्ट और मैसेज की जांच कर रहे हैं, जिनके जरिए लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जुटाने की कोशिश की जा सकती है।

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JEE Main 2027 Eligibility Criteria: 12वीं के बाद जेईई मेन करने जा रहे हैं, तो पहले करें एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया और ड्रॉप ईयर नियम की जानकारी

JEE Main 2027 Eligibility Criteria: जेईई मेन 2027 की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों के लिए फॉर्म आदि से जुड़ी औपचारिकताओं की शुरुआत जनवरी 2027 से होगी। लेकिन इससे पहले परीक्षार्थियों के लिए देश के प्रतिष्ठि इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश का दरवाजा खोलने वाले इस परीक्षा से जुड़े कुछ बेहद जरूरी नियमों को जान लेना चाहिए। इनमें एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, ड्रॉप ईयर और उम्र सीमा का नियम शामिल है। इस साल जेईई मेन सेशन 1 की परीक्षा 22 जनवरी 2027 से आयोजित की जाएगी। हालांकि, अभी एनटीए ने इसके लिए पंजीकरण की तारीख घोषित नहीं की है। अगर आप जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) मेन की तैयारी कर रहे हैं, तो अप्लाई करने से पहले इस पेज पर अपनी क्लास 12 पासिंग ईयर, ड्रॉप ईयर एलिजिबिलिटी और एडमिशन की जरूरतें चेक कर लें।

जेईई मेन 2027 के लिए कौन अप्लाई कर सकता है?

जिन छात्रों ने 2025 या 2026 में कक्षा 12 या उसके बराबर की परीक्षा पास की है और जो छात्र 2027 में अपनी कक्षा 12 की परीक्षा दे रहे हैं, वे जेईई मेन 2027 में शामिल होने के योग्य होंगे। योग्यता शर्तों के अनुसार, जिन कैंडिडेट्स ने 2024 या उससे पहले 12वीं कक्षा पास की है, वे 2027 की परीक्षा के लिए योग्य नहीं होंगे।

हालांकि, छात्रों को ध्यान रखना चाहिए कि जेईई मेन में शामिल होने की योग्यता और किसी खास कॉलेज में प्रवेश पाने की योग्यता दो अलग-अलग चीजें हैं। कैंडिडेट्स को अपने चुने हुए इंस्टिट्यूशन द्वारा तय एकेडमिक और सब्जेक्ट की शर्तों को भी पूरा करना होगा।

जेईई मेन 2027 ड्रॉप ईयर रूल्स

जिन छात्रों का 12वीं कक्षा के बाद ड्रॉप-ईयर है और वे 2025 या 2026 में अपनी क्वालिफाइंग परीक्षा पास करते हैं, वे जेईई मेन 2027 दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, जो लोग 2025 में कक्षा 12 पास कर चुके हैं और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए एक साल का ब्रेक लेते हैं, वे 2027 में परीक्षा दे सकते हैं। 2026 में पास होने वाले परीक्षार्थी भी आवेदन करने के लिए योग्य हैं।

जेईई मेन 2027 उम्र सीमा

योग्यता नियमों के अनुसार, जेईई मेन देने के लिए कोई एज लिमिट नहीं है। लेकिन परीक्षार्थियों को उन संस्थानों की प्रवेश जरूरतों को पूरा करना होगा जिनमें वे प्रवेश लेना चाहते हैं।

क्या आईआईटी उम्मीदवारों को जेईई मेन 2027 देना चाहिए?

आईआईटी में प्रवेश के इच्छुक छात्रों को जेईई एडवांस्ड देने के लिए जेईई मेन क्वालिफाई करना होगा। जेईई मेन, एनआईटी, आईआईआईटी और दूसरे हिस्सा लेने वाले इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीटों के लिए कॉम्पिटिशन में भी मदद करता है। परीक्षार्थियों को सलाह दी जाती है कि किसी भी कन्फ्यूजन से बचने के लिए आवेदन करने से पहले एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर ताजा योग्यता मानदंड, परीक्षा कार्यक्रम और प्रवेश के नियम चेक कर लें।

Agniveer Retirement Benefits: अग्निवीरों का पहला बैच इस दिन होगा रिटायर, 10 लाख रुपये और सरकारी नौकरी में आरक्षण के साथ जानिए मिलेंगी क्या सुविधाएं

Agniveer Retirement Benefits: अग्निवीरों का पहला बैच इस दिन होगा रिटायर, 10 लाख रुपये और सरकारी नौकरी में आरक्षण के साथ जानिए मिलेंगी क्या सुविधाएं

Agniveer Retirement Benefits: देश की तीनों सेनाओं में अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की भर्ती 4 साल पहले हुई थी। इस योजना के तहत भर्ती अग्निवीरों का पहला बैच भारतीय नौसेना में चार साल की सेवा पूरी करके 21 नवंबर 2026 को रिटायर होने जा रहा है। यह ऐतिहासिक पल होने के साथ ही बेहद अहम भी होगा, क्योंकि अब सभी का ध्यान सेना से सेवा निवृत्त होने वाले इन युवाओं के भविष्य पर होगा। सरकार ने इनके पुनर्वास और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए क्या पुख्ता इंतजाम किए हैं।

अग्निपथ योजना के तहत देश की सेनाओं में 4 साल पहले अग्निवीरों की भर्ती के समय देशभर में इसको लेकर भारी चर्चा और बहस छिड़ी थी। भारतीय नौसेना से अग्निवीरों का पहला बैच 21 नवंबर 2026 को 4 साल की सेवा पूरी करके रिटायर होगा। अग्निपथ योजना के तहत लगभग 75% अग्निवीर सेवा मुक्त हो जाएंगे। बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 25% युवाओं को सेना में स्थायी (Permanent) कर लिया जाएगा। खबर है कि तीनों सेनाएं रिटेंशन रेट को बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। इस संबंध में सरकार को नया प्रस्ताव भेजने की तैयारी है।

सेवा पूरी होने पर अग्निवीरों को मिलेंगी ये सुविधाएं

सेवा निधि पैकेज : रिटायर हो रहे हर अग्निवीर को एकमुश्त लगभग 10.04 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज मिलेगा. यह रकम टैक्स-फ्री होगी। इसमें युवा का अपना योगदान, सरकार का बराबर का हिस्सा और उस पर मिलने वाला ब्याज शामिल होता है।

जीवन बीमा कवर : सेवा काल के दौरान अग्निवीरों को 48 लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है। यह उनके और उनके परिवार के लिए बड़ा सुरक्षा कवच साबित होगा।

स्किल सर्टिफिकेट : रिटायर होने वाले अग्निवीरों को स्किल सर्टिफिकेट (कौशल प्रमाण पत्र) दिया जाता है। इससे उन्हें आगे प्राइवेट या सरकारी नौकरी में इंटरव्यू के दौरान प्राथमिकता मिल सकेगी। हालांकि, इन्हें ग्रेच्युटी, पेंशन या मेडिकल और कैंटीन की आजीवन सुविधाएं नहीं मिलेंगी।

रिटायर अग्निवीरों के भविष्य के लिए सरकार का प्लान

सरकार के साथ कई मंत्रालय सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए कई विकल्प तैयार किए हैं। आइए जानें :

अर्धसैनिक बलों (CAPF) में 50% आरक्षण : बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और असम राइफल्स जैसी सुरक्षा बलों में कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन के पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित कर दी गई हैं। इनके लिए ‘पूर्व-अग्निवीर’ नाम से नई कैटेगरी भी बनाई गई है।

गृह मंत्रालय का नया पोर्टल : पूर्व अग्निवीरों को कॉरपोरेट और सरकारी सेक्टर में आसानी से एडजस्ट करने के लिए गृह मंत्रालय विशेष पोर्टल तैयार कर रहा है। इसके जरिए इन्हें नौकरी के ढेरों विकल्प मिलेंगे।

राज्य सरकारों का कोटा और आयु में छूट : उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों की सरकारों ने पुलिस और अन्य विभागों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 से 20 प्रतिशत तक पद रिजर्व किए हैं। साथ ही, आयु सीमा में 3 से 5 साल तक की छूट का ऐलान भी किया गया है, जिससे ये युवा आसानी से सरकारी नौकरी पा सकें।

फिजिकल और लिखित परीक्षा से छूट : इन सुरक्षा बलों में भर्ती के दौरान पूर्व अग्निवीरों को फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST), फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) और लिखित परीक्षा से छूट दी जाएगी।

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