राइजिंग भारत समिट में बोले प्रियांक खड़गे- कर्नाटक में विजिलेंटिज्म पर जीरो टॉलरेंस, कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं

Priyank Kharge news: कर्नाटक के गृह, आईटी और बीटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा है कि राज्य सरकार विजिलेंटिज्म के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और कानूनी प्रावधान हर किसी पर समान रूप से लागू होते हैं। न्यूज 18 के राइजिंग भारत समिट के दौरान मनीकंट्रोल के मैनेजिंग एडिटर नलिन मेहता के साथ आयोजित ‘फायरसाइड चैट – हाउ कर्नाटक इज बिल्डिंग द इनोवेशन इकोनॉमी ऑफ भारत? में बोलते हुए खड़गे ने कहा कि राज्य में किसी भी तरह के विजिलेंटिज्म की इजाजत नहीं है। उन्होंने आगे जोड़ा कि कोई भी कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता। कानून सबके लिए एक बराबर है।

पुलिसिंग और प्रशासन में टेक्नोलॉजी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल

कर्नाटक में गवर्नेंस और कानून-व्यवस्था के क्रियान्वयन पर बात करते हुए खड़गे ने बताया कि राज्य ने पुलिसिंग और सार्वजनिक प्रशासन में तकनीक को तेजी से इंटिग्रेट किया है। ट्रैफिक मैनेजमेंट, साइबर सिक्योरिटी और पुलिसिंग के क्षेत्रों में डिजिटल टूल्स का काफी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रियांक खड़गे ने कहा कि हम ट्रैफिक, साइबर सुरक्षा और पुलिसिंग आदि में तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते हैं। गवर्नेंस में तकनीक के उपयोग के हमारे प्रयासों की केंद्र सरकार ने भी सराहना की है।

पुलिस की उपस्थिति और निगरानी में सुधार के लिए सरकार ने एक नया एप्लिकेशन पेश किया है। खड़गे ने कहा कि अब पुलिस की मौजूदगी पर नजर रखने के लिए ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है।

ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कड़ा एक्शन: ₹2700 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना

राज्य में सड़क सुरक्षा और प्रवर्तन उपायों को उजागर करते हुए खड़गे ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के खिलाफ की गई बड़े पैमाने की कार्रवाई के आंकड़े साझा किए। पूरे राज्य में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के 7.7 करोड़ से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों से राज्य भर में ₹2700 करोड़ से अधिक का जुर्माना लिया गया है।

क्विक कॉमर्स और गिग वर्कर्स पर क्या बोले मंत्री?

तेजी से बढ़ती ऐप-बेस्ड डिलीवरी सर्विस पर बात करते हुए खड़गे ने माना कि क्विक कॉमर्स के आने से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन बढ़ा है लेकिन उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस कार्रवाई में सिर्फ डिलीवरी कर्मचारियों को गलत तरीके से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। खड़गे ने कहा कि 10 मिनट की डिलीवरी के इस दौर में कई तरह के उल्लंघन हो रहे हैं। हम अब उन्हें चार घंटे के लेक्चर दे रहे हैं। ट्रैफिक अपराधों को एक गंभीर मुद्दा बताते हुए उन्होंने कहा कि लेकिन हम सिर्फ गिग वर्कर्स को दोष नहीं दे सकते।

बेंगलुरु के ट्रैफिक को सुचारू बनाने के लिए ‘अर्बन मोबिलिटी मिशन’

प्रियांक खड़गे ने बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम को कम करने के प्रयासों पर भी बात की। उन्होंने बेंगलुरु को भारत का इनोवेशन हब होने के साथ-साथ इसकी ट्रैफिक कैपिटल के रूप में भी परिभाषित किया। उन्होंने बताया कि भीड़भाड़ की समस्या से निपटने और परिवहन योजना में सुधार के लिए राज्य सरकार ने एक अर्बन मोबिलिटी मिशन की स्थापना की है।

खड़गे ने कहा कि, ‘हम अधिक से अधिक लोगों को मास ट्रांजिट सिस्टम का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। हम ई-कॉमर्स कंपनियों, फ्लीट मैनेजर्स, ट्रैफिक पुलिस, जीबीए (GBA) और दूसरे स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर एक मिशन मोड कमेटी बना रहे हैं।’

शहर के परिवहन परिदृश्य पर विश्वास व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। गवर्नेंस, पुलिसिंग और शहरी बुनियादी ढांचे पर हुई इस व्यापक चर्चा के दौरान प्रियांक खड़गे ने जोर देकर दोहराया कि कर्नाटक की सरकार इस सिद्धांत पर चल रही है कि कानून सबके लिए समान है।

Viral Video: 40 किमी का सफर पड़ा 2,000 किमी की उड़ान पर भारी! बेंगलुरु ट्रैफिक का ये वीडियो हो रहा खूब वायरल

Viral Video: बेंगलुरु के एक व्यक्ति का सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों खूब चर्चा में है। उन्होंने बताया कि शहर से केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने में उन्हें लगभग उतना ही समय लगा, जितने समय में वह कोलकाता जैसी करीब 2,000 किलोमीटर दूर की यात्रा पूरी कर सकते थे। उनके इस पोस्ट के बाद बेंगलुरु के ट्रैफिक और शहर की व्यवस्था को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। फाइनेंस इन्फ्लुएंसर मनीष कुमार सिंह ने इस अनुभव को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के जरिए शेयर किया।

उन्होंने बताया कि वह कोलकाता जाने के लिए HSR लेआउट से कार में बैठकर बेंगलुरु के बेंगलुरु एयरपोर्ट की ओर जा रहे थे। इसी सफर के दौरान उन्होंने शहर के ट्रैफिक को लेकर अपना अनुभव लोगों के साथ शेयर किया।

सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट

वीडियो में उन्होंने कहा, “मैं आप लोगों के साथ एक दिलचस्प बात शेयर करना चाहता हूं। इसे सुनकर शायद आप भी हंस पड़ेंगे। बैंगलोर शहर से एयरपोर्ट पहुंचने में करीब 2.5 से 3 घंटे लग जाते हैं, जबकि बेंगलुरु से कोलकाता की फ्लाइट सिर्फ 2 घंटे 20 मिनट में पहुंचा देती है।” उन्होंने आगे कहा, “आप ही बताइए, क्या किसी शहर की प्लानिंग ऐसी होनी चाहिए कि एयरपोर्ट पहुंचने में ही इतना समय लग जाए? मैंने न्यूयॉर्क और शिकागो जैसे बड़े शहर भी देखे हैं। वहां भी आबादी और ट्रैफिक है, लेकिन एयरपोर्ट तक पहुंचने में इतना वक्त नहीं लगता। मेरे हिसाब से यह हमारे देश की सिटी प्लानिंग की एक बड़ी कमी है।”

 

एयरपोर्ट के लिए होनी चाहिए बेहतर कनेक्टिविटी

उन्होंने कहा कि, दुनिया के कई देशों में एयरपोर्ट शहर से कुछ दूरी पर बनाए जाते हैं, लेकिन वहां अच्छी सड़क और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था होने की वजह से लोग 30 से 40 मिनट में आसानी से एयरपोर्ट पहुंच जाते हैं। उनके मुताबिक, असली समस्या एयरपोर्ट का शहर से दूर होना नहीं है, बल्कि वहां तक बेहतर और तेज कनेक्टिविटी का अभाव है। उन्होंने नए बने नोएडा और नवी मुंबई एयरपोर्ट का उदाहरण देते हुए कहा, “सबसे पहले अच्छी ट्रैफिक व्यवस्था और बेहतर सिटी प्लानिंग पर ध्यान देना चाहिए। पहले एयरपोर्ट बना देना और बाद में उसकी कनेक्टिविटी के बारे में सोचना सही तरीका नहीं है।”

सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए रिएक्शन

उन्होंने वीडियो के कैप्शन में लिखा, “हमारी सिटी प्लानिंग पूरी तरह गड़बड़ है। शहर लोगों की समस्याएं कम करने के बजाय कई बार उन्हें और बढ़ा रहे हैं।” वहीं इस वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी जमकर रिएक्शन दिए है। कई लोगों ने भारतीय शहरों के ट्रैफिक और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर उनकी बात से सहमति जताई। एक यूजर ने लिखा, “बैंगलोर की सिटी प्लानिंग सबसे खराब है।”

दूसरे ने कहा, “यहां सिटी प्लानिंग जैसी कोई चीज नहीं है, शहर पूरी तरह बिखर चुका है।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह कोई नई बात नहीं है। कई जगहों पर एयरपोर्ट की फ्लाइट से कम समय एयरपोर्ट तक पहुंचने में लग जाता है।” एक और व्यक्ति ने कहा, “बैंगलोर एक बेहद अनप्लान्ड शहर है, जहां की सड़कें सबसे ज्यादा उलझी हुई हैं।” वहीं, एक अन्य यूजर ने सलाह दी, “मेट्रो जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना बेहतर है, इससे ट्रैफिक से बचकर समय पर एयरपोर्ट पहुंचा जा सकता है।”