पलभर में भड़का बाइसन, बुजुर्ग को सींगों से 8 फीट हवा में उछाला, VIDEO देख दहल जाएंगे

अमेरिका के येलोस्टोन नेशनल पार्क से सामने आया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ऐसा दृश्य कैद हुआ है, जिसने वन्यजीवों के बीच सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। पार्क में घूमने आए पर्यटक अक्सर जंगली जानवरों को बेहद करीब से देखने और उनकी तस्वीरें लेने की कोशिश करते हैं, लेकिन कई बार यही रोमांच बड़े हादसे की वजह बन जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब पार्क में मौजूद एक विशाल बाइसन के अचानक बदले व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों के बीच अफरातफरी मचा दी। देखते ही देखते शांत माहौल चीख-पुकार में बदल गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने न सिर्फ पूरे घटनाक्रम को अपनी आंखों से देखा, बल्कि इसका वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया, जो अब इंटरनेट पर तेजी से शेयर किया जा रहा है।

यह घटना याद दिलाती है कि जंगली जानवर चाहे कितने भी शांत क्यों न दिखाई दें, उनके स्वभाव का भरोसा नहीं किया जा सकता। इसलिए राष्ट्रीय उद्यानों में हमेशा सतर्क रहना और सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है।

पहले ही दे चुका था खतरे का इशारा

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि बाइसन काफी देर से असामान्य और आक्रामक व्यवहार कर रहा था। वो कैंपग्राउंड में तेजी से दौड़ रहा था और लोगों के बेहद करीब पहुंच रहा था। बाद में वो मिट्टी में लोटने लगा, जिससे कई लोगों को लगा कि अब उसका गुस्सा शांत हो गया है और खतरा टल चुका है।

एक तस्वीर की चाह और सामने आ गया खतरा

इसी दौरान दादा और उनका पोता पेड़ों के पास रुककर तस्वीरें लेने लगे। तभी वहां से गुजर रहे एक सफेद पिकअप ट्रक के बाद बाइसन ने अचानक अपना रुख बदल लिया। वो सीधे उसी दिशा में दौड़ा, जहां दोनों खड़े थे। पोता तो समय रहते वहां से निकल गया, लेकिन दादा पेड़ों के चारों ओर बचने की कोशिश करते रह गए।

पलभर में किया जोरदार हमला

भागते हुए पर्यटक को आखिरकार बाइसन ने अपने सींग से जोरदार टक्कर मारी और करीब आठ फीट तक हवा में उछाल दिया। ये दृश्य इतना डरावना था कि आसपास मौजूद लोग कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए, फिर तुरंत घायल व्यक्ति की मदद के लिए दौड़ पड़े।

कैमरे में कैद हुआ खौफनाक हमला

पास में कैंपिंग कर रहे प्रोफेशनल फोटोग्राफर माइक मैकलियोड ने इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया। उन्होंने बताया कि बाइसन बेहद भड़का हुआ था और रास्ते में आने वाली लगभग हर चीज पर हमला करने के मूड में दिखाई दे रहा था।

मौके पर लोगों ने दिखाई इंसानियत

हमले के तुरंत बाद कई लोग घायल पर्यटक की सहायता के लिए आगे आए। किसी ने उसे संभाला, किसी ने बाइसन पर नजर रखी ताकि वो दोबारा हमला न करे। वहीं एक महिला ने तुरंत आपातकालीन सेवा 911 को कॉल किया। प्राथमिक जांच में खून बहने के निशान नहीं मिले, लेकिन घायल व्यक्ति को कूल्हे और पैर में गंभीर चोटें आईं।

Viral Video: 40 किमी का सफर पड़ा 2,000 किमी की उड़ान पर भारी! बेंगलुरु ट्रैफिक का ये वीडियो हो रहा खूब वायरल

Viral Video: 40 किमी का सफर पड़ा 2,000 किमी की उड़ान पर भारी! बेंगलुरु ट्रैफिक का ये वीडियो हो रहा खूब वायरल

Viral Video: बेंगलुरु के एक व्यक्ति का सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों खूब चर्चा में है। उन्होंने बताया कि शहर से केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने में उन्हें लगभग उतना ही समय लगा, जितने समय में वह कोलकाता जैसी करीब 2,000 किलोमीटर दूर की यात्रा पूरी कर सकते थे। उनके इस पोस्ट के बाद बेंगलुरु के ट्रैफिक और शहर की व्यवस्था को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। फाइनेंस इन्फ्लुएंसर मनीष कुमार सिंह ने इस अनुभव को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के जरिए शेयर किया।

उन्होंने बताया कि वह कोलकाता जाने के लिए HSR लेआउट से कार में बैठकर बेंगलुरु के बेंगलुरु एयरपोर्ट की ओर जा रहे थे। इसी सफर के दौरान उन्होंने शहर के ट्रैफिक को लेकर अपना अनुभव लोगों के साथ शेयर किया।

सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट

वीडियो में उन्होंने कहा, “मैं आप लोगों के साथ एक दिलचस्प बात शेयर करना चाहता हूं। इसे सुनकर शायद आप भी हंस पड़ेंगे। बैंगलोर शहर से एयरपोर्ट पहुंचने में करीब 2.5 से 3 घंटे लग जाते हैं, जबकि बेंगलुरु से कोलकाता की फ्लाइट सिर्फ 2 घंटे 20 मिनट में पहुंचा देती है।” उन्होंने आगे कहा, “आप ही बताइए, क्या किसी शहर की प्लानिंग ऐसी होनी चाहिए कि एयरपोर्ट पहुंचने में ही इतना समय लग जाए? मैंने न्यूयॉर्क और शिकागो जैसे बड़े शहर भी देखे हैं। वहां भी आबादी और ट्रैफिक है, लेकिन एयरपोर्ट तक पहुंचने में इतना वक्त नहीं लगता। मेरे हिसाब से यह हमारे देश की सिटी प्लानिंग की एक बड़ी कमी है।”

 

एयरपोर्ट के लिए होनी चाहिए बेहतर कनेक्टिविटी

उन्होंने कहा कि, दुनिया के कई देशों में एयरपोर्ट शहर से कुछ दूरी पर बनाए जाते हैं, लेकिन वहां अच्छी सड़क और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था होने की वजह से लोग 30 से 40 मिनट में आसानी से एयरपोर्ट पहुंच जाते हैं। उनके मुताबिक, असली समस्या एयरपोर्ट का शहर से दूर होना नहीं है, बल्कि वहां तक बेहतर और तेज कनेक्टिविटी का अभाव है। उन्होंने नए बने नोएडा और नवी मुंबई एयरपोर्ट का उदाहरण देते हुए कहा, “सबसे पहले अच्छी ट्रैफिक व्यवस्था और बेहतर सिटी प्लानिंग पर ध्यान देना चाहिए। पहले एयरपोर्ट बना देना और बाद में उसकी कनेक्टिविटी के बारे में सोचना सही तरीका नहीं है।”

सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए रिएक्शन

उन्होंने वीडियो के कैप्शन में लिखा, “हमारी सिटी प्लानिंग पूरी तरह गड़बड़ है। शहर लोगों की समस्याएं कम करने के बजाय कई बार उन्हें और बढ़ा रहे हैं।” वहीं इस वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी जमकर रिएक्शन दिए है। कई लोगों ने भारतीय शहरों के ट्रैफिक और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर उनकी बात से सहमति जताई। एक यूजर ने लिखा, “बैंगलोर की सिटी प्लानिंग सबसे खराब है।”

दूसरे ने कहा, “यहां सिटी प्लानिंग जैसी कोई चीज नहीं है, शहर पूरी तरह बिखर चुका है।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह कोई नई बात नहीं है। कई जगहों पर एयरपोर्ट की फ्लाइट से कम समय एयरपोर्ट तक पहुंचने में लग जाता है।” एक और व्यक्ति ने कहा, “बैंगलोर एक बेहद अनप्लान्ड शहर है, जहां की सड़कें सबसे ज्यादा उलझी हुई हैं।” वहीं, एक अन्य यूजर ने सलाह दी, “मेट्रो जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना बेहतर है, इससे ट्रैफिक से बचकर समय पर एयरपोर्ट पहुंचा जा सकता है।”