MCX में हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट, जानिए क्या वजह

कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर 4 सितंबर को सोने और चांदी में गिरावट दिखी। शाम 4:15 गोल्ड फ्यूचर्स 0.34 फीसदी यानी 531 रुपये गिरकर 1,55,244 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.31 फीसदी यानी 734 रुपये गिरकर 2,35,320 रुपये पर चल रहा था।

विदेश में भी सोने और चांदी में गिरावट 

कमोडिटीज के जानकारों का कहना है कि अमेरिका में नॉन-फॉर्म पेरोल्स के डेटा आने से पहले बाजार में सावधानी बरती जा रही है। सोने और चांदी के फ्यूचर्स पर रुपये में मजबूती का भी असर पड़ा। विदेश में भी सोने और चांदी में गिरावट दिखी। सोना मामूली 0.02 फीसदी की गिरावट के साथ 4,472.12 डॉलर प्रति औंस पर था। सिल्वर 0.22 फीसदी की कमजोरी के साथ 66.80 डॉलर प्रति औंस था।

इस हफ्ते सोने में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर ने कहा कि उतार-चढ़ाव वाले इस हफ्ते में सोना 4,480 डॉलर के आसपास बना हुआ है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने आक्रामक रुख के संकेत दिए हैं। डॉलर में कमजोरी से सोने को सपोर्ट मिला है।

अमेरिका में नॉन-फॉर्म पेरोल्स डेटा का असर सोने पर पड़ेगा

उन्होंने कहा कि ग्लोबल मनी मैनेजर्स बीते कुछ हफ्तों से गोल्ड में पोजीशन बना रहे हैं। गोल्ड ईटीएफ में भी दिलचस्पी बनी हुई है। लेमन में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि नॉन-फॉर्म पेरोल्स रिपोर्ट का असर डॉलर, बॉन्ड यील्ड और सोने और चांदी पर पड़ सकता है। इधर, 3 सितंबर को रुपये में 0.5 फीसदी मजबूती आई। डॉलर के मुकाबले यह 94.48 के लेवल पर बंद हुआ।

क्रूड की ऊंची कीमतों ने भी बुलियन पर बढ़ाया दबाव 

गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स पर क्रूड की ऊंची कीमतों का भी असर पड़ रहा है। ब्रेट क्रूड 95 डॉलर से ऊपर है, जबकि WTI क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार है। इस हफ्ते क्रूड करीब 10 फीसदी चढ़ा है। क्रूड के हाई लेवल पर बने रहने से महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ेगा। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

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फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर टिकीं निगाहें

इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी है। फेड 16 सितंबर को अपनी पॉलिसी का ऐलान करेगा। इससे पहले अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा आएंगे। अगर इनफ्लेशन में कमी नहीं दिखती है तो फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स का इजाफा कर सकता है। इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोने में तेजी, चांदी सिर्फ दो दिन में 15000 रुपये चढ़ गई

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 21 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों में तूफानी तेजी आई। इससे सोने और चांदी का भाव तीन महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया। 20 अगस्त को भी सोना तेजी के साथ बंद हुआ था। बुलियन में तेजी की वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और तेजी में जोरदार तेजी को माना जा रहा है। साथ ही डॉलर इंडेक्स में नरमी से भी कीमतों को सपोर्ट मिला।

सोने का भाव 19 मई के बाद पहली बार 1,63,500 रुपये पर

सोना 21 अगस्त को 1,200 रुपये चढ़कर 1,63,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले सोने की यह कीमत 19 मई को थी। तब सोने का भाव 1,63,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था। चांदी तो आज रॉकेट बन गई। 5000 रुपये के उछाल के साथ इसकी कीमत 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। सिर्फ दो दिन में चांदी में 15,000 रुपये का उछाल आया है।

इन वजहों से देश और विदेश में सोने और चांदी को लगे पंख

लेमन मार्केट डेस्क में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि सोने में शुक्रवार को भी तेजी जारी रही। यह लगातार तीसरा हफ्ता है जब सोने में तेजी देखने को मिली है। चांदी भी सोने के पीछे-पीछे चलती दिख रही है। इसकी वजह डॉलर में कमजोरी और लंबी अवधि के अमेरिकी बॉऩ्ड की यील्ड में नरमी है। डॉलर में कमजोरी से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तीन महीने बाद सोना 4600 डॉलर के पार

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में जोरदार तेजी दिखी। सोना 2 फीसदी यानी करीब 81 डॉलर के उछाल के साथ 4,600.91 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। सिल्वर में तो करीब 3 फीसदी का उछाल आया। इससे इसका भाव 69.87 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि सोना 18 मई के बाद पहली बार 4,600 डॉलर के लेवल पर पहुंचा है।

यह सोने की कीमतों में तेजी का लगातार तीसरा हफ्ता रहा

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि इस हफ्ते सोने में 4 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया है। इसकी वजह अमेरिकी सरकार की तरफ से बॉन्ड पर्चेंज प्रोग्राम का ऐलान है। इससे डॉलर में नरमी आई है। बॉन्ड यील्ड में भी नरमी दिखी है। इसका असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है। हालांकि, अमेरिका-ईरान के बीच डील की कोई संभावना नहीं दिख रही। दोनों देशों के बीच गतिरोध जारी रहने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नहीं खुलने से क्रूड की कीमतें 93 डॉलर के पार बनी हुई हैं।

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क्रूड ऑयल की कीमतें अब भी काफी ऊंचे लेवल पर 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक क्रूड की कीमतों में नरमी नहीं आती है सोने और चांदी में तेजी जारी रहने की उम्मीद कम है। पिछले कई महीनों में काफी ज्यादा गिरावट के बाद सोने और चांदी में रिकवरी दिख रही है। इससे बुलियन के निवेशकों ने राहत की सांस ली है। उधर, कई देशों के केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से भी सोने को सपोर्ट मिल रहा है।

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गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में 21 अगस्त को जोरदार तेजी दिखी। विदेश में सोने और चांदी में जबर्दस्त तेजी का असर भारत में गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स पर पड़ा। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स दोपहर बाद 1,771 रुपये चढ़कर 1,61,196 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। सिल्वर फ्यूचर्स भी 3,128 रुपये की तेजी के साथ 2,46,371 रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4600 डॉलर के करीब

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1.73 फीसदी चढ़कर 4,594 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर 2.34 फीसदी के उछाल के साथ 69.67 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव तीन महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया है। यह सोने में तेजी का लगातार तीसरा हफ्ता है। इस तेजी ने सोने के निवेशकों की चिंता दूर कर दी है।

जनवरी में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर थीं

इस साल जनवरी में सोने का भाव ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया था। हालांकि, 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचने के बाद सोने में तेज गिरावट आई थी। सिल्वर भी 4.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पर पहुंच गया था। इसके बाद चांदी में भी तेज गिरावट आई थी। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद बुलियन की कीमतों पर दबाव बढ़ गया।

इन वजहों से दिख रही सोने और चांदी में फिर से तेजी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड और सिल्वर में तेजी की वजह डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी है। डॉलर में कमजोरी से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। हालांकि, क्रूड की कीमतें अब भी 93 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। महंगाई को रोकने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सहित दूसरे केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं, जिसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा।

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क्या यह निवेश करने का सही समय है?

निवेशक सोने में हर गिरावट के मौके का इस्तेमाल खरीदारी के लिए कर सकते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा लेवल पर एकमुश्त खरीदारी करने से बचना ठीक रहेगा। जो लोग पहले से सिप के जरिए गोल्ड ईटीएफ में निवेश कर रहे हैं, उन्हें अपना सिप जारी रखने की सलाह है। क्रूड की कीमतें जब तक नीचे नहीं आ जाती हैं, सोने में तेजी जारी रहने की उम्मीद कम है। हालांकि, मौजूदा लेवल से कीमतें ज्यादा नीचे जाने की उम्मीद नहीं है। नए निवेशक गोल्ड ईटीएफ में थोड़ा-थोड़ा निवेश शुरू कर सकते हैं।

Gold Silver price Today: 7 हफ्ते के हाई पर पहुंचा सोना, चांदी भी चढ़ी, बुलियन में तेजी की क्या है वजह?

Gold Silver price Today: इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतों में लगातार चौथे दिन तेजी देखने को मिली। वहीं चांदी की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। जियोपॉलिटिकल चिंताओं में कमी, कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और गिरती ट्रेज़री यील्ड जैसे कारणों ने सोने-चांदी की मांग को बढ़ावा दिया। COMEX पर, सोने के फ़्यूचर्स 1.3% बढ़कर $4,361.30 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी के फ़्यूचर्स 0.65% बढ़कर $62.695 प्रति औंस हो गए। स्पॉट मार्केट में, सोना $4,285.84 प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया, जो 18 जून के बाद का उच्चतम स्तर है।

यह हालिया बढ़ोतरी पिछले सत्र में बुलियन (सोना-चांदी) में फरवरी के बाद की सबसे बड़ी एक-दिवसीय बढ़त के बाद हुई है।

कीमतों में बढ़त क्यों

कमजोर डॉलर से सस्ता होता है सोना

प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर कमज़ोर हुआ, जिससे डॉलर-मूल्य वाली कमोडिटीज जैसे सोना और चांदी विदेशी खरीदारों के लिए अधिक किफायती हो गई। कमजोर डॉलर आमतौर पर वैश्विक बाज़ारों में बुलियन की मांग को समर्थन देता है।

बॉन्ड यील्ड में गिरावट

अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भी कमी आई, जिससे सोने जैसी बिना यील्ड (ब्याज) वाली संपत्तियों को रखने की अवसर लागत (opportunity cost) कम हो गई। जब बॉन्ड यील्ड गिरती है, तो निवेशक अक्सर कीमती धातुओं में निवेश बढ़ाते हैं।

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीदें

बाजारों में तब आशावाद देखा गया जब रिपोर्टों से संकेत मिला कि राजनयिक प्रयासों से पश्चिम एशिया में कोई समाधान निकल सकता है, जिसमें होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर चर्चा भी शामिल है। तनाव कम होने की उम्मीदों ने तेल की कीमतों को नीचे धकेल दिया।

कच्चे तेल की कम कीमतें ऊर्जा-जनित महंगाई के डर को भी कम करती हैं, जिससे केंद्रीय बैंकों द्वारा आक्रामक रूप से ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हो जाती हैं। इससे सोने के लिए एक अनुकूल माहौल बनता है।

ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें चर्चा में

निजी पेरोल डेटा के उम्मीद से कमजोर रहने और लेबर मार्केट में कुछ नरमी के संकेत मिलने के बाद निवेशक अमेरिकी मौद्रिक नीति के दृष्टिकोण का भी पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं।

बाजार पार्टिसिपेट अब शुक्रवार (7 अगस्त) को आने वाली अमेरिकी नॉन-फ़ार्म पेरोल रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं। कमजोर जॉब्स रिपोर्ट ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को मजबूत कर सकती है, जिससे सोने को और समर्थन मिलेगा। इसके विपरीत, उम्मीद से मज़बूत रोज़गार डेटा सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों को फिर से जगाकर बुलियन पर दबाव डाल सकता है।

चांदी का क्या हाल है?

चांदी भी मजबूत बनी रही, जिसे उन्हीं मैक्रोइकॉनॉमिक कारकों का समर्थन मिला जिनसे सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। कम बॉन्ड यील्ड और डॉलर के कमजोर होने से फायदा मिलने के अलावा, चांदी को एक कीमती और इंडस्ट्रियल मेटल, दोनों तरह की भूमिकाओं से भी सपोर्ट मिल रहा है।

निवेशकों की नजरें आने वाले US के आर्थिक डेटा और सेंट्रल बैंक की उम्मीदों पर टिकी हैं, इसलिए आने वाले समय में सोने और चांदी, दोनों में उतार-चढ़ाव के बने रहने की संभावना है।

सोना ₹2,000 से ज्यादा चढ़ा, चांदी 4 हफ्ते के हाई पर पहुंची, इंडियन कंज्यूमर के लिए इस तेजी का क्या है मतलब!

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

सोना ₹2,000 से ज्यादा चढ़ा, चांदी 4 हफ्ते के हाई पर पहुंची, इंडियन कंज्यूमर के लिए इस तेजी का क्या है मतलब!

Gold Silver Price Outlook: देश और दुनिया में सोने और चांदी की कीमतों में 5 अगस्त को बढ़त देखने को मिली। मजबूत ग्लोबल संकेतों, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश के तौर पर इन कीमती धातुओं की मांग के कारण घरेलू वायदा बाजार (फ्यूचर्स मार्केट) में दोनों में तेजी देखी गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का सबसे ज्यादा ट्रेड होने वाला सितंबर कॉन्ट्रैक्ट 4,545 रुपये या 2.05 फीसदी बढ़कर 2,26,160 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। इस साल 9 जुलाई को भी चांदी इसी स्तर के आसपास ट्रेड कर रही थी, जब कमोडिटी एक्सचेंज पर इसकी कीमत 2,26,377 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वहीं अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट के लिए सोने के वायदा भाव ₹2,165 या 1.5% बढ़कर ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम हो गए।

ग्लोबल बाज़ार में, दिसंबर डिलीवरी के लिए कॉमेक्स (Comex) गोल्ड फ्यूचर्स लगभग 2% बढ़कर $4,226.50 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी के वायदा भाव 3.21% बढ़कर $61.46 प्रति औंस हो गए।

सोने और चांदी की कीमतों में क्यों आ रही है तेजी?

जानकारों का कहना है कि यह तेजी जियोपॉलिटिकल हालात, कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर बदलती उम्मीदों के बीच कीमती धातुओं की बढ़ती मांग की वजह से आई है।

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा, “सोने की कीमतों में लगातार दूसरे सेशन में भी बढ़त देखी गई, क्योंकि जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और कमज़ोर अमेरिकी डॉलर के कारण निवेशकों ने ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) के तौर पर सोना खरीदना बढ़ाया है।”

जानकारों के मुताबिक, मार्केट में नए सौदे होने से चांदी की कीमतों को भी फायदा हुआ।

चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल एनालिस्ट पिंकी यादव के अनुसार, होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की बातचीत में प्रगति की खबरों से एनर्जी सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हुई और कच्चे तेल की कीमतें गिरीं, जिसके बाद बुलियन की कीमतों में बढ़त हुई।

कच्चे तेल की कम कीमतें महंगाई के दबाव को कम कर सकती हैं, जिससे ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदों पर असर पड़ता है और कीमती धातुओं की मांग को बढ़ावा मिलता है।

RBI का पॉलिसी फ़ैसला और उसका असर

यह तेज़ी ऐसे समय में आई है जब रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने लगातार चौथी पॉलिसी मीटिंग में बेंचमार्क रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखने का फैसला किया है।

कैपिटलXB के को-फ़ाउंडर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अजिताभ भारती ने कहा कि RBI का यथास्थिति बनाए रखने का फैसला आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और महंगाई के जोखिमों पर नजर रखने के बीच संतुलन को दिखाता है। “हालांकि अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव ग्लोबल महंगाई के आउटलुक पर असर डाल रहा है, लेकिन RBI का ध्यान विकास को बढ़ावा देने और साथ ही महंगाई पर बारीकी से नजर रखने पर बना रहेगा।”

इंडियन कंज्यूमर के लिए इस बढ़ोतरी का क्या है मतलब?

सोने-चांदी की कीमतों में यह बढ़ोतरी त्योहारी सीजन से ठीक पहले हुई है, जब भारत में आमतौर पर सोने की मांग बढ़ जाती है। ऊंची कीमतें गहने खरीदने के फैसलों पर असर डाल सकती हैं, खासकर उन ग्राहकों के लिए जो अपनी मर्जी से या गैर-जरूरी चीजों के लिए खरीदारी करते हैं।

कामा ज्वैलरी के मैनेजिंग डायरेक्टर कॉलिन शाह ने कहा कि दुनिया भर में अनिश्चितता और बदलती आर्थिक स्थितियों की वजह से ग्राहक ज़्यादा सतर्क हो सकते हैं।शाह ने कहा, “आर्थिक हालात के अनिश्चित होने की वजह से लोग सतर्क हो रहे हैं। जैसे-जैसे हम त्योहारी सीजन की ओर बढ़ रहे हैं, इसका असर घरेलू मांग पर थोड़ा दिखेगा, खासकर सोना खरीदने के मामले में।”हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सोने की पारंपरिक भूमिका यानी मूल्य को सुरक्षित रखने का जरिया – लंबे समय तक इसकी मांग को बनाए रख सकती है।

आगे कहां तक जाएंगे भाव

रिद्धि-सिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि अगर सोने की कीमत $4,200 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो इसके $4,500 प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना बन सकती है।

उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर, इससे सोने की कीमतें लगभग ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं।

वहीं चांदी के आउटलुक पर अगर कीमत लगातार $63 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो यह $70-$71 प्रति औंस की रेंज तक जा सकती है, जो लगभग ₹2.50-2.55 लाख प्रति किलोग्राम के बराबर है।

Silver Price Today: तेजी से बढ़ रही है चांदी की कीमतें, खरीदारी से पहले जान लें 10 प्रमुख शहरों के ताजा भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोने में 100 रुपये की तेजी, चांदी अपरिवर्तित

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 4 अगस्त को बुलियन की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं दिखा। सोने की कीमतें 100 रुपये चढ़कर 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गईं। चांदी की कीमतें बगैर बदलाव के 2,26,500 रुपये प्रति किलोग्राम रहीं। उधर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में अच्छी तेजी दिखी।

इनवेस्टर्स मध्यपूर्व के हालात को देख बरत रहे सावधानी

ट्रेडर्स ने बताया कि सोने में सामान्य खरीदारी दिखी, जबकि चांदी की कीमतें सीमित दायरे में बनी रहीं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच जारी बातचीत के मद्देनजर इनवेस्टर्स सावधानी बरत रहे हैं। इनवेस्टर्स जियोपॉलिटिकल स्थिति को लेकर तस्वीर साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में अच्छी तेजी 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.6 फीसदी चढ़कर 4,078 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 1.1 फीसदी चढ़कर 4,134.60 डॉलर प्रति औंस था। चांदी में तेजी दिखी। यह 2.6 फीसदी चढ़कर 59.7 डॉलर प्रति औंस थी। कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एवीबी कायनात चेनवाला ने कहा कि इनवेस्टर्स को अमेरिकी इकोनॉमी से जुड़े डेटा का इंतजार है।

क्रूड में उछाल से सोने की कीमतों पर बढ़ा दबाव 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड अब भी लड़ाई से पहले के लेवल से काफी ज्यादा है। अगर यह लंबे समय तक हाई लेवल पर बना रहता है तो अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ सकता है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व लंबे समय तक इंटरेस्ट रेट को हाई बनाए रख सकता है। इसका सोने पर खराब असर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में सोने की चमक घट जाती है।

रिकॉर्ड हाई लेवल से करीब 28 फीसदी गिरा है सोना

28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू हुई थी। इसका बुलियन की कीमतों पर खराब असर पड़ा। तब से सोने और चांदी की कीमतें दबाव में रही हैं। इस साल जनवरी के आखिर में सोने और चांदी कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। तब से सोना करीब 28 फीसदी गिर चुका है।

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अमेरिका-ईरान में जल्द समझौते की उम्मीद

अमेरिकी वित्तमंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ईरान के साथ जल्द समझौते की उम्मीद है। उन्होंने कहा है कि दोनों देशों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर बातचीत चल रही है। अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जल्द खुल जाता है तो इससे क्रूड की कीमतों में तेज गिरावट आएगी। यह सोने के लिए अच्छी खबर होगी।

Gold silver Prices Today: दिल्ली में सोने का भाव अपरिवर्तित, नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर

Gold silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 29 जुलाई को सोने की कीमतें अपरिवर्तित रही। हालांकि, चांदी में 500 रुपये की रिकवरी दिखी। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोने की कीमत बगैर किसी बदलाव के 1,47,000 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। चांदी 500 रुपये चढ़कर 2,25,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट 

कमोडिटी एक्सचेंज MCX में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट दिखी। शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.35 फीसदी यानी 503 रुपये गिरकर 1,41,120 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.38 फीसदी यानी 820 रुपये गिरकर 2,15,020 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में नरमी, चांदी में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में नरमी दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.2 फीसदी गिरकर 4,020 डॉलर प्रति औंस था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.4 फीसदी गिरकर 4,019 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। स्पॉट सिल्वर 0.2 फीसदी चढ़कर 57.25 डॉलर प्रति औंस चल रहा था।

इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने की कीमतों पर डॉलर में मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल का असर पड़ा। हालांकि, ट्रेडर्स और इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर लगी हैं। भारतीय समय के मुताबिक, आज देर रात फेड अपनी पॉलिसी का ऐलान करेगा। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की उम्मीद कम है। लेकिन, फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की कमेंट्री से केंद्रीय बैंक के रुख का संकेत मिलेगा।

डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उछाल का सोने पर असर

अमेरिकन गोल्ड एक्सचेंज में मार्केट एनालिस्ट जिम वायकॉफ ने कहा, “अमेरिकी डॉलर में मजबूती और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड गोल्ड के लिए निगेटिव हैं। लेकिन, गोल्ड और सिल्वर मार्केट्स को FOMC के फैसले और चेयरमैन वॉर्श के प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार है।” उधर, क्रूड की कीमतों में अचानक उछाल आया। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर हमले का ऐलान हो सकता है।

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क्रूड में उछाल से सोने पर बढ़ सकता है दबाव 

क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का सोने की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ता है। इसकी वजह यह है कि क्रूड महंगा होने से महंगाई बढ़ने का डर बढ़ जाता है। महंगाई बढ़ने पर फेडरल रिजर्व सहित दुनिया के दूसरे बैंक इंटरेस्ट रेट उम्मीद से पहले बढ़ा सकते हैं। फेडरल रिजर्व पहले ही इनफ्लेशन कंट्रोल को अपनी प्राथमिकता बता चुका है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घटती है।

Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में सोने-चांदी में बड़ी गिरावट, चांदी एक दिन में 5200 रुपये क्रैश

Gold Silver Rates Today: सोने और चांदी पर 28 जुलाई को बड़ा दबाव दिखा। देश और विदेश में दोनों की कीमतें गिर गईं। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 2,640 रुपये गिरकर 1,47,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी की कीमत 5,200 रुपये फिसलकर 2,24,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1.26 फीसदी गिरकर 4,026 डॉलर प्रति औंस था, जबकि चांदी 1.72 फीसदी गिरकर 57.39 डॉलर प्रति औंस थी।

गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में भी गिरावट 

गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में भी गिरावट देखने को मिली। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 1.07 फीसदी यानी 1,536 रुपये गिरकर 1,41,527 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 2.12 फीसदी यानी 4,792 रुपये गिरकर 2,16,3888 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था। बीते तीन महीने में सिल्वर फ्यूचर्स करीब 14 फीसदी क्रैश कर चुका है।

फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी पर नजरें 

बुलियन ट्रेडर्स और इनवेस्टर्स की नजरें 29 जुलाई को आने वाली फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी पर लगी हैं। फेडरल रिजर्व की एफओएमसी की बैठक 28 जुलाई को भारतीय समय के मुताबिक देर शाम में शुरू होगी। इसके नतीजे 29 जुलाई को भारतीय समय के मुताबिक देर रात आएंगे। अमेरिकी केंद्रीय बैंक महंगाई को बढ़ने से रोकने के लिए अपना रुख सख्त कर सकता है।

फेडरल रिजर्व रुख को सख्त बना सकता है

सीएमई फेडवॉच टूल के मुताबिक, कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट 0.25 फीसदी बढ़ा सकता है। अगर वह 29 जुलाई को इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ाता है तो भी वह अपना रुख सख्त बनाएगा। ज्यादतर एनालिस्ट्स का मानना है कि फेड सितंबर की अपनी पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट बढ़ाएगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने का सोने की कीमतों पर खराब असर पड़ता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने के अनुमान ने सोने की कीमतों पर दबाव बनाया है।

डॉलर में मजबूती का सोने की कीमतों पर असर

उधर, अमेरिकी डॉलर में मजबूती का असर भी सोने की कीमतों पर पड़ रहा है। अमेरिकी डॉलर 28 जुलाई को चार हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंच गया। डॉलर में मजबूती से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ता है। बीते कुछ महीनों में डॉलर में मजबूती देखने को मिली है।

बुलियन पर जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता का असर

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “फेडरल रिजर्व की पॉलिसी से पहले इनवेस्टर्स सावधानी बरत रहे हैं। इसका असर मंगलवार को सोने की कीमतों पर दिखा।” हालांकि, क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी आई है। लेकिन, इनवेस्टर्स का मानना है कि जब तक अमेरिका और ईरान के बीच ठोस समझौता नहीं हो जाता, तब तक ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।

Gold Silver Prices Today: देश और विदेश में सोने और चांदी में गिरावट, क्रूड 98 डॉलर के पार जाने का असर

Gold Silver Prices Today: सोने और चांदी की कीमतों में 23 जुलाई को देश और विदेश में गिरावट दिखी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.6 फीसदी गिरकर 4,103.39 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स (अगस्त डिलीवरी) 1.1 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,106.40 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। स्पॉट सिल्वर 1.3 फीसदी की गिरावट के साथ 58.90 डॉलर प्रति औंस था।

भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट आई। कमोडिटी एक्सचेंज MCX में गोल्ड फ्यूचर्स दोपहर में 0.95 फीसदी यानी 1,329 रुपये गिरकर 1,44,351 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 2.03 फीसदी यानी 4,598 रुपये की गिरावट के साथ 2,22,220 रुपये प्रति किलोग्राम चल रहा था।

सोने की कीमतें 22 जुलाई को 2 हफ्ते की उंचाई पर पहुंच गई थी। सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट की वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी है। 23 जुलाई को ब्रेंट क्रूड में बड़ी तेजी दिखी। यह 4.35 फीसदी यानी 4 डॉलर से ज्यादा तेजी के साथ 98 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 3 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 89 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया।

इंडसइंड सिक्योरिटीज में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा, “ऑयल की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं। इससे इनफ्लेशन पर दबाव बढ़ रहा है। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है। इससे डॉलर में कमजोरी का फायदा सोना को नहीं मिल रहा।” क्रूड ऑयल की कीमतें बीते छह हफ्तों के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गई हैं।

दो साल की की मैच्योरिटी अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 17 महीनों के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गई है। इसकी वजह क्रूड की कीमतों में उछाल है। महंगा क्रूड इनफ्लेशन बढ़ाएगा, जिससे फेड के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना बढ़ेगी। हालांकि, डॉलर में 0.1 फीसदी कमजोरी आई है। लेकिन, सोने की कीमतों को इसका फायदा नहीं मिला है। डॉलर में कमजोरी से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। इसलिए डॉलर में कमजोरी आने पर सोने की कीमतें चढ़ती हैं।

फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने पर सोने की चमक घटती है। हालांकि, अगले हफ्ते फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करने की उम्मीद है। लेकिन, फ्यूचर्स मार्केट का मानना है कि इस साल के अंत फेडरल रिजर्व कम से कम एक बार इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद का असर सोने की कीमतों पर दबाव बनाएगा।

दिल्ली में सोना 800 रुपये गिरकर 3 हफ्ते के निचले स्तर पर, चांदी 2000 रुपये फिसली

दिल्ली में 17 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। इससे सोना की कीमत तीन हफ्ते के निचले स्तर पर आ गई। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 800 रुपये गिरकर 1,45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी 2,000 रुपये गिरकर 2,22,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर क्लोज हुई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी और चांदी में गिरावट दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.4 फीसदी बढ़कर 3,987.23 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 0.03 फीसदी गिरकर 3,990 डॉलर प्रति औंस था। इस हफ्ते सोना 3 फीसदी से ज्यााद गिर चुका है। स्पॉट सिल्वर 0.6 फीसदी की गिरावट के साथ 55.18 डॉलर प्रित औंस था।

इंडिया में गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट आई। कमोडिटी एक्सचेंज MCX में शाम के कारोबार में यह 0.25 फीसदी यानी 348 रुपये गिरकर 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.84 फीसदी यानी 2,14,149 रुपये गिरकर प्रति किलोग्राम चल रहा था।

एनालिस्ट्स का कहना है कि गोल्ड की कीमतों पर अमेरिका-ईरान की लड़ाई का असर पड़ रहा है। इस लड़ाई की वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल है। क्रूड महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका है। महंगाई को काबू में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट में कमी कर सकता है।

फॉरेक्स डॉट कॉम में मार्केट एनालिस्ट रजाकजादा ने कहा, “कीमतें नीचे जाने पर शॉर्ट सेलर्स मौके का फायदा उठाते हैं। अगर ऑयल की कीमतें और ऊपर जाती हैं तो इसका असर गोल्ड पर दिखेगा। इसकी वजह यह है कि ऑयल महंगा होने से इनफ्लेशन बढ़ने का खतरा होगा। इससे इंटरेस्ट रेट बढ़ेगा जिससे लोगों की दिलचस्पी बॉन्ड्स में बढ़ेगी।” इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में गोल्ड की चमक घटती है, क्योंकि गोल्ड ऐसा एसेट है जिसकी कोई यील्ड नहीं होती। ट्रेडर्स को अमेरिका में सितंबर में इंटरेस्ट बढ़ने की 50 फीसदी उम्मीद है।

इस साल जनवरी के बाद से लगातार सोने पर दबाव दिखा है। जनवरी के आखिर में इसकी कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद से इसमें गिरावट आई है। यह रिकॉर्ड ऊंचाई से 30 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से सोने की कीमतों पर दबाव दिखा।