दिल्ली में सोना 800 रुपये गिरकर 3 हफ्ते के निचले स्तर पर, चांदी 2000 रुपये फिसली

दिल्ली में 17 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। इससे सोना की कीमत तीन हफ्ते के निचले स्तर पर आ गई। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 800 रुपये गिरकर 1,45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी 2,000 रुपये गिरकर 2,22,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर क्लोज हुई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी और चांदी में गिरावट दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.4 फीसदी बढ़कर 3,987.23 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 0.03 फीसदी गिरकर 3,990 डॉलर प्रति औंस था। इस हफ्ते सोना 3 फीसदी से ज्यााद गिर चुका है। स्पॉट सिल्वर 0.6 फीसदी की गिरावट के साथ 55.18 डॉलर प्रित औंस था।

इंडिया में गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट आई। कमोडिटी एक्सचेंज MCX में शाम के कारोबार में यह 0.25 फीसदी यानी 348 रुपये गिरकर 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.84 फीसदी यानी 2,14,149 रुपये गिरकर प्रति किलोग्राम चल रहा था।

एनालिस्ट्स का कहना है कि गोल्ड की कीमतों पर अमेरिका-ईरान की लड़ाई का असर पड़ रहा है। इस लड़ाई की वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल है। क्रूड महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका है। महंगाई को काबू में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट में कमी कर सकता है।

फॉरेक्स डॉट कॉम में मार्केट एनालिस्ट रजाकजादा ने कहा, “कीमतें नीचे जाने पर शॉर्ट सेलर्स मौके का फायदा उठाते हैं। अगर ऑयल की कीमतें और ऊपर जाती हैं तो इसका असर गोल्ड पर दिखेगा। इसकी वजह यह है कि ऑयल महंगा होने से इनफ्लेशन बढ़ने का खतरा होगा। इससे इंटरेस्ट रेट बढ़ेगा जिससे लोगों की दिलचस्पी बॉन्ड्स में बढ़ेगी।” इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में गोल्ड की चमक घटती है, क्योंकि गोल्ड ऐसा एसेट है जिसकी कोई यील्ड नहीं होती। ट्रेडर्स को अमेरिका में सितंबर में इंटरेस्ट बढ़ने की 50 फीसदी उम्मीद है।

इस साल जनवरी के बाद से लगातार सोने पर दबाव दिखा है। जनवरी के आखिर में इसकी कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद से इसमें गिरावट आई है। यह रिकॉर्ड ऊंचाई से 30 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से सोने की कीमतों पर दबाव दिखा।

Gold Silver Price Today: सोना स्थिर, चांदी लगातार तीसरे दिन गिरी

दिल्ली सर्राफा बाजार में 15 जुलाई को सोने में स्थिरता रही। चांदी में हल्की गिरावट आई। लेकिन, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में बड़ी गिरावट आई। चांदी दिल्ली सर्राफा बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरी। इसकी वजह कमजोर लोकल मांग बताई जा रही है। सोने का भाव 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर अपरिवर्तित रहा।

गोल्ड और फ्यूचर्स में मामूली नरमी

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 100 रुपये गिरकर 2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। ट्रेडर्स ने बताया कि ज्वेलर्स और इंस्ट्रियल यूजर्स की कमजोर खरीदारी से बुलियन की कीमतें सीमित दायरे में रहीं। इधर, भारत में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में कमजोरी दिखी। शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.05 फीसदी नीचे चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.35 फीसदी नीचे था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना फिसला

विदेशी बाजार में सोने में बड़ी गिरावट आई। इसकी वजह मध्यपूर्व में बढ़ता तनाव है। अमेरिका-ईरान के बीच चल रही लड़ाई की वजह से अमेरिका सहित दुनियाभर में इनफ्लेशन बढ़ने का खतरा है। इनफ्लेशन को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की कीमतों में गिरावट आती है।

विदेश में चांदी में भी गिरावट 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.6 फीसदी गिरकर 4,030.50 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। 14 जुलाई को सोने में 2 फीसदी से ज्यादा तेजी आई थी। इसकी वजह अमेरिका के रिटेल इनफ्लेशन के डेटा थे। अमेरिका में जून में महंगाई उम्मीद से कम बढ़ी है। 15 जुलाई को यूएस गोल्ड फ्यूचर्स (अगस्त डिलीवरी) 0.8 फीसदी गिरकर 4,036.20 प्रति औंस था। स्पॉट सिल्वर भी 1.1 फीसदी गिरकर 57.96 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

ईंधन महंगा होने से इंटरेस्ट रेट बढ़ने का अनुमान

यूबीएस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “क्रूड ऑयल, पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों की वजह से अगले महीने इनफ्लेशन में उछाल दिख सकता है। इससे फेडरल रिजर्व की पॉलिसी आक्रामक रहने की उम्मीद है।” दरअसल, इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की डिमांड कम हो जाती है। इसका असर इसकी कीमतों पर पड़ता है। ट्रेडर्स को सितंबर में अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की 61 फीसदी उम्मीद है।

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बुलियन पर मध्यपूर्व में तनाव का असर 

इस साल जनवरी के आखिर में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। 2025 में सोने ने 70 फीसदी रिटर्न दिया था। लेकिन, इस साल सोने और चांदी पर दबाव दिख रहा है। मध्यपूर्व में लड़ाई का असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है।