Gold Rates Today: इस हफ्ते गोल्ड 3 फीसदी फिसला, क्रूड में उछाल ने बढ़ाया दबाव

Gold Rates Today: गोल्ड में 17 जुलाई को रिकवरी दिखी। हालांकि, इस हफ्ते गोल्ड में बड़ी गिरावट दिख रही है। 16 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड का प्राइस 4000 डॉलर से नीचे चला गया था। शुक्रवार को स्पॉट गोल्ड 0.8 फीसदी चढ़कर 4,002.39 डॉलर प्रति औंस था। यूएस फ्यूचर्स भी (अगस्त डिलीवरी) 0.4 फीसदी चढ़कर 4,006.10 डॉलर प्रति औंस था। इधर, भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी दिखी। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स 0.13 फीसदी यानी 180 रुपये चढ़कर 1,40,528 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था।

1 जून के बाद यह गोल्ड के लिए सबसे खराब हफ्ता

गोल्ड के लिए यह हफ्ता खराब दिख रहा है। सोना इस हफ्ते अब तक 3 फीसदी गिर चुका है। 1 जून के बाद एक हफ्ते में सोने की कीमतों में यह सबसे बड़ी गिरावट है। गोल्ड की कीमतों पर अमेरिका-ईरान की लड़ाई का असर पड़ा है। इस लड़ाई की वजह से क्रूड की कीमतों में फिर से उछाल आया है। इससे अमेरिका में फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट बढ़ाने की संभावना बढ़ी है।

कीमतें 4000 डॉलर से नीचे जाने पर दिखी खरीदारी

केसीएम ट्रेड में चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वाटरर ने कहा, “गोल्ड की कीमतें 4,000 डॉलर से नीचे फिसलने के बाद इसमें खरीदारी दिखी है। इससे कीमतों में रिकवरी है। हालांकि, मध्यपूर्व में अभी तनाव बना हुआ है। इनफ्लेशन और यील्ड की चिंता से गोल्ड की कीमतें ऊपर नहीं जा पा रही हैं।” बीते कुछ हफ्तों में सोने पर लगातार दबाव दिखा है।

जुलाई के इनफ्लेशन डेटा पर दिखेगा महंगे क्रूड का असर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका में जुलाई के इनफ्लेशन के डेटा में महंगे क्रूड का असर दिख सकती है। इनफ्लेशन में उछाल आने पर अमेरिकी केंद्रीय बैक सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। फेड के नए चेयरमैन केविन वार्श पहले ही आक्रामक मॉनेटरी पॉलिसी के संकेत दे चुके हैं। फेड की कोशिश महंगाई को काबू में करने की होगी।

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गोल्ड ऑल-टाइम हाई से 30 फीसदी फिसल चुका है

इस साल जनवरी के आखिर में सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद कीमतों में तेज गिरावट आई। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान की लड़ाई शुरू होने के बाद गोल्ड पर दबाव और बढ़ गया। गोल्ड अपने पीक से 30 फीसदी गिर चुका है। 2025 गोल्ड के लिए बहुत अच्छा साल था। पिछले साल गोल्ड में 70 फीसदी तेजी दिखी थी। इससे गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी थी।

Gold Silver Prices Today: गोल्ड 4000 डॉलर से नीचे फिसला, चांदी में भी बड़ी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड और सिल्वर में बड़ी गिरावट दिखी। सोना 4000 डॉलर से नीचे फिसल गया। चांदी में भी बड़ी गिरावट दिखी। इधर, भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में कमजोरी दिखी। इसकी वजह क्रूड में उछाल से दुनियाभर में इनफ्लेशन बढ़ने का डर है। इनफ्लेशन को काबू में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

भारत में भी गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड 1.74 फीसदी गिरकर 3,990 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। चांदी 3.20 फीसदी गिरकर 55.91 डॉलर प्रति औंस चल रही थी। इधर, भारत में कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में सिल्वर फ्यूचर्स 1.78 फीसदी यानी 3,888 रुपये गिरकर 2,16,836 रुपये प्रति किलोग्राम ग्राम था। गोल्ड फ्यूचर्स 0.80 फीसदी यानी 1139 रुपये गिरकर 1,40,691 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था।

मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने से क्रूड में उछाल का असर

एनालिस्ट्स का कहना है कि बुलियन की कीमतों पर दबाव की वजह मध्यपूर्व में जारी लड़ाई है। इस लड़ाई की वजह से फिर से क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल है। इससे अमेरिका सहित दुनियाभर में महंगाई का खतरा बढ़ा है। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है।

आगे महंगाई में आ सकता है उछाल

इंडसइंड सिक्योरिटीज में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा, “जून के महंगाई के डेटा में अमेरिका-ईरान के बीच फिर से लड़ाई भड़कने का असर शामिल नहीं है। इसकी वजह यह है कि पिछले महीने दोनों पक्षों में डील हुई थी जो अब टूट गई है।” अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपना रुख काफी आक्रामक कर दिया है। 15 जुलाई को उसने ईरान में मिसाइल ठिकानों के साथ ही तटवर्ती डिफेंस सिस्टम्स पर हमले किए।

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इस हफ्ते क्रूड में 11 फीसदी तेजी

अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई फिर से भड़कने से क्रूड में तेजी आई है। इस हफ्ते क्रूड 11 फीसदी चढ़ा है। इससे इनफ्लेशन को लेकर चिंता बढ़ी है। आशंका है कि दुनियाभर में लोगों को लंबे समय तक महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। इससे इंटरेस्ट रेट में इजाफा देखने को मिलेगा। गोल्ड का दशकों से इनफ्लेशन के खिलाफ हेजिंग का जरिया माना जाता है। इसलिए इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर इसका अट्रैक्शन घट जाता है।

Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में सोने और चांदी में बड़ी गिरावट, सिल्वर फ्यूचर्स 1500 रुपये फिसला

सोने और चांदी में 16 जुलाई को देश और विदेश में गिरावट दिखी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.9 फीसदी गिरकर 4,024.60 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स (अगस्त डिलीवरी) भी 0.6 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,029.50 डॉलर प्रति औंस था। सिल्वर फ्यूचर्स 1.7 फीसदी गिरकर 56.78 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। इधर, भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट दिखी।

एमसीएक्स में गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में कमजोरी

भारत में कमोडिटी एक्सचेंज MCX में दोपहर 2:30 बजे गोल्ड फ्यूचर्स 0.31 फीसदी यानी 442 रुपये की गिरावट के साथ 1,41,408 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.71 फीसदी यानी 1,576 रुपये की कमजोरी के साथ 2,19,044 रुपये प्रति किलोग्राम चल रहा था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज सोने और चांदी में कमजोरी की वजह बुलियन की कमजोर डिमांड है।

मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने से क्रूड में उछाल का असर

एनालिस्ट्स का कहना है कि बुलियन की कीमतों पर दबाव की वजह मध्यपूर्व में जारी लड़ाई है। इस लड़ाई की वजह से फिर से क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल है। इससे अमेरिका सहित दुनियाभर में महंगाई का खतरा बढ़ा है। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है।

अगले महीने इनफ्लेशन में दिख सकता है उछाल

इंडसइंड सिक्योरिटीज में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा, “जून के महंगाई के डेटा में अमेरिका-ईरान के बीच फिर से लड़ाई भड़कने का असर शामिल नहीं है। इसकी वजह यह है कि पिछले महीने दोनों पक्षों में डील हुई थी जो अब टूट गई है।” अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपना रुख काफी आक्रामक कर दिया है। 15 जुलाई को उसने ईरान में मिसाइल ठिकानों के साथ ही तटवर्ती डिफेंस सिस्टम्स पर हमले किए।

इस हफ्ते क्रूड में 11 फीसदी का आया है उछाल

अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई फिर से भड़कने से क्रूड में तेजी आई है। इस हफ्ते क्रूड 11 फीसदी चढ़ा है। इससे इनफ्लेशन को लेकर चिंता बढ़ी है। आशंका है कि दुनियाभर में लोगों को लंबे समय तक महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। इससे इंटरेस्ट रेट में इजाफा देखने को मिलेगा। गोल्ड का दशकों से इनफ्लेशन के खिलाफ हेजिंग का जरिया माना जाता है। इसलिए इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर इसका अट्रैक्शन घट जाता है।

15 जुलाई को भी सोने और चांदी मे आई थी गिरावट

15 जुलाई को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में बड़ी गिरावट आई थी। स्पॉट गोल्ड 0.6 फीसदी गिरकर 4,030.50 डॉलर प्रति औंस था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स (अगस्त डिलीवरी) 0.8 फीसदी गिरकर 4,036.20 प्रति औंस था। 15 जुलाई को स्पॉट सिल्वर भी 1.1 फीसदी गिरकर 57.96 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। हालांकि 14 जुलाई को सोने में 2 फीसदी से ज्यादा तेजी आई थी। इसकी वजह अमेरिका के रिटेल इनफ्लेशन के डेटा थे। अमेरिका में जून में महंगाई उम्मीद से कम बढ़ी है।

Gold Silver Rates Today: सोने और चांदी में बड़ी गिरावट, चांदी एक दिन में 6700 रुपये फिसली

Gold Silver Rates Today: सोने और चांदी में 8 जुलाई को बड़ी गिरावट आई। देश और विदेश में बुलियन में गिरावट की वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और डॉलर में मजबूती रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो गया है। इस खबर का असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.1 फीसदी गिरकर 4,061.32 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स में भी 2 फीसदी की गिरावट आई।

गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट

भारत में कमोडिटी एक्सचेंज एमएसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट आई। गोल्ड फ्यूचर्स 1.16 फीसदी यानी 1,692 रुपये गिरकर 1,43,710 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 2.93 फीसदी यानी 6,763 रुपये गिरकर 2,24,201 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था। ट्रेडर्स का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव फिर से बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ा है।

बुलियन पर क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का असर

ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो गया है। इसका मतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी युद्धविराम को लेकर बातचीत की संभावना फिलहाल खत्म हो गई है। इस खबर से क्रूड ऑयल की कीमतें 6 फीसदी से ज्यादा चढ़ गईं। इससे महंगाई बढ़ेंगी। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ाएगा। इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा। फेड की मीटिंग के मिनट्स आज देर रात जारी होंगे। इससे पता चलेगा कि महंगाई को लेकर फेड की क्या सोच है।

फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने का खतरा बढ़ा

लेमन मार्केट्स डेस्क में रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा, “घरेलू बाजार में गोल्ड की कीमतों में नरमी आई। इसकी वजह मध्यपूर्व में जियोपॉलिटिकल टेंशन का बढ़ना है। फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ऑयल और गैस सहित दूसरी चीजों का आवागमन बाधित होगा। इस वजह से ऑयल की कीमतों में उछाल आया।” आज लगातार तीसरा दिन है जब सोने में गिरावट आई है।

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गोल्ड की कीमतों में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड की कीमतों पर आगे दबाव दिख सकता है। हालांकि, दुनिया के केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सोने में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। कुछ समय तक इसकी कीमतें सीमित दायरे में ऊपर-नीचे जा सकती हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में केंद्रीय बैंकों ने गोल्ड में निवेश बढ़ाया। खबर है कि तंजानिया के केंद्रीय बैंक ने बीते 18 महीनों में करीब 28 टन सोना खरीदा है।

दिल्ली में सोना 1400 रुपये गिरा, चांदी में भी कमजोरी

दिल्ली सर्राफा बाजार में 7 जुलाई को सोने में गिरावट आई। यह 1,400 रुपये गिरकर 1.49 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी में भी 200 रुपये की गिरावट आई। विदेश में सोने और चांदी में कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर पड़ा। 6 जुलाई को दिल्ली में सोने का भाव 1,50,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था।

लगातार दूसरे दिन सोने में नरमी

चांदी 7 जुलाई को दिल्ली सर्राफा बाजार में 200 रुपये गिरकर 2.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटी के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “गोल्ड की कीमतों में मंगलवार को कमजोरी जारी रही। इनवेस्टर्स फेडरल रिजर्व की जून की मीटिंग के मिनट्स जारी होने से पहले सावधानी बरत रहे हैं।”

फेड के मिनट्स पर लगी निगाहें

उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत के दूसरे दौर के नतीजों से गोल्ड की कीमतों को दिशा मिल सकती है। एनालिस्ट्स का कहना है कि डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती का भी असर सोने की कीमतों पर पड़ा।

विदेश में भी सोने और चांदी में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.59 फीसदी गिरकर 4,140.59 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। सिल्वर 2 फीसदी गिरकर 60.89 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि क्रूड की कीमतों में हल्की तेजी से विदेश में स्पॉट गोल्ड में नरमी है।

शॉर्ट टर्म में सीमित दायरे में रह सकती हैं कीमतें

उन्होंने कहा कि सोने और चांदी की कीमतें शॉर्ट टर्म में सीमित दायरे में बनी रह सकती हैं। हालांकि, अगर पश्चिम एशिया में जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होता है तो बुलियन की कीमतों पर पॉजिटिव असर दिख सकता है। इस साल 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद सोने और चांदी की कीमतों पर दवाब दिखा था।

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2025 में सोने ने दिया था 70 फीसदी रिटर्न 

इस साल जनवरी के आखिर में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद उनमें तेज गिरावट आई। अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई ने बुलियन की कीमतों पर दबाव और बढ़ा दिया। 2025 में सोने ने निवेशकों को बहुत अच्छा रिटर्न दिया था। इससे पहले के कुछ सालों में भी सोने का रिटर्न पॉजिटिव रहा था। लेकिन, इस साल सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव दिख रहा है।

Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में गोल्ड और सिल्वर में गिरावट, एक दिन में चांदी 5000 रुपये फिसली

Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में 7 जुलाई को सोने और चांदी में गिरावट आई। सोना लगातार दूसरे दिन फिसला। विदेश में स्पॉट गोल्ड 0.8 फीसदी गिरकर 4,129.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। स्पॉट सिल्वर 1.9 फीसदी गिरकर 60.93 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। पिछले हफ्ते सोने में अच्छी तेजी दिखी थी। यह 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ा था। लेकिन, यह हफ्ता सोने के लिए अब तक कमजोर रहा है।

गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट 

भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में कमजोरी दिखी। कमोडिटी एक्सचेंज MCX में गोल्ड फ्यूचर्स 1.07 फीसदी यानी 1,567 रुपये गिरकर 1,45,350 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सिल्वर फ्यूचर्स 2.16 फीसदी यानी 5,096 रुपये गिरकर 2,30,979 रुपये प्रति किलो पर आ गया। सोने ने 2025 में 70 फीसदी रिटर्न दिया था।

डॉलर इंडेक्स में मजबूती का सोने पर असर

सोने में गिरावट की वजह डॉलर में मजबूती है। डॉलर इंडेक्स 0.10 फीसदी चढ़ा। डॉलर मजबूत होने से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिसका असर सोने पर पड़ता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि 7 जुलाई को आई गिरावट की वजह पिछले हफ्ते की तेजी के बाद कंसॉलिडेशन है।

इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर घटेगी गोल्ड की चमक

ट्रेडर्स को अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक के मिनट्स का इंतजार है। यह 8 जुलाई को आएगा। इससे पता चलेगा कि इनफ्लेशन के बारे में फेडरल रिजर्व की क्या सोच है। निवेशकों को अब सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ने का 56 फीसदी अनुमान है। अगर फेड इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है तो इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट में कमी आने पर सोने की चमक बढ़ती है। इसके उलट इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घटती है।

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सोना रिकॉर्ड ऊंचाई से 30 फीसदी फिसला

इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। उसके बाद उनमें तेज गिरावट देखने को मिली। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद सोने और चांदी पर दबाव बढ़ गया। सोना अपने पीस से करीब 30 फीसदी गिर चुका है। जून में सोने में करीब 14 फीसदी की गिरावट आई थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने में तेजी टिक नहीं पा रही है। यही हाल चांदी का है। कुछ समय तक बुलियन कंसॉलिडेशन फेज में रह सकते हैं।

Gold Outlook: इस हफ्ते गोल्ड में तेजी से निवेशकों ने लीं राहत की सांस, जेपी मॉर्गन ने दिया 4500 डॉलर का टारगेट

Gold Outlook: इस हफ्ते गोल्ड के निवेशकों ने राहत की सांस ली है। गोल्ड में तेजी का यह मई के बाद पहला हफ्ता है। अंततरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4200 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया। इस हफ्ते गोल्ड में 2.2 फीसदी की तेजी आई। हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को भी देश और विदेश में गोल्ड में तेजी दिखी। चांदी भी गोल्ड के पीछे चलती नजर आई।

इन वजहों से गोल्ड में आई तेजी

गोल्ड़ की कीमतों में तेजी की कई वजहें हैं। अमेरिका में इंटरेस्ट बढ़ने की उम्मीद घटी है। रोजगार के नए मौकों के जून के डेटा आने के बाद माना जा रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट जल्द बढ़ाने नहीं जा रहा है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में गोल्ड की चमक घट जाती है। उधर, डॉलर में कमजोरी दिखी है। काफी समय बाद डॉलर इंडेक्स में नरमी है। तीसरा, WGC ने कहा है कि केंद्रीय बैंकों ने मई में गोल्ड की खरीदारी बढ़ाई है।

4200 डॉलर के करीब पहुंचा गोल्ड

टीडी सिक्योरिटीज में कमोडिटीज स्ट्रेटेजी के ग्लोबल हेड बार्ट मेलेक ने कहा कि गोल्ड के 4,280 डॉलर प्रति औंस के रेसिस्टेंस लेवल की तरफ बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, इनफ्लेशनरी प्रेशर की वजह से इसके अगले साल से पहले 5,300 डॉलर के टारगेट तक पहुंचने की उम्मीद कम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 3 जुलाई को स्पॉट गोल्ड 1.3 फीसदी चढ़कर 4,176.94 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। सिल्वर 2 फीसदी के उछाल के साथ 62.42 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

भारत में भी गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में उछाल

इधर, भारत में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में 3 जुलाई को तेजी दिखी। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स 1.10 फीसदी यानी 1,607 रुपये चढ़कर 1,47,365 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। सिल्वर फ्यूचर 2.11 फीसदी यानी 4,845 रुपये के उछाल के साथ 2,34,081 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ। देश और विदेश में गोल्ड में तेजी इस बात का संकेत है कि गोल्ड रिकवरी के रास्ते पर है। इसमें जियोपॉलिटिकल टेंशन में कमी का भी हाथ है।

जेपी मॉर्गन ने दिया 4500 डॉलर का टारगेट 

दिग्गज अमेरिकी बैंक जेपी मॉर्गन ने चौथी तिमाही में गोल्ड के 4,500 डॉलर पर पहुंच जाने की उम्मीद जताई है। उसने तीसरी तिमाही में गोल्ड की कीमतें 4,300 डॉलर प्रति औंस रहने का अनुमान जताया है। हालांकि, उसने कहा है कि गोल्ड की डिमांड उतनी स्ट्रॉन्ग नहीं है, जितनी उसने उम्मीद की थी। 9 जून को उसने गोल्ड की कीमतें इस साल के अंत तक 6000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच जाने का अनुमान जताया था।

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केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से तेजी जारी रहने का अनुमान

जेपी मॉर्गन का कहना है कि गोल्ड का लॉन्ग टर्म आउटलुक पॉजिटिव है। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से 2027 में तेजी जारी रहेगी। उसने चांदी की औसत कीमतें भी 60-65 डॉलर प्रति औंस रहने का अनुमान जताया है। इस साल की शुरुआत में गोल्ड और सिल्वर की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। फिर, उनमें तेज गिरावट देखने को मिली। 28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद गोल्ड और सिल्वर पर दबाव दिखा था।

Gold Silver Rates Today: देश और विदेश में सोने और चांदी में तेजी, इन वजहों से कीमती मेटल्स की बढ़ी चमक

देश और विदेश में सोने और चांदी में 22 जून को तेजी लौट आई। इससे विदेशी बाजारों में तीन दिनों से सोने में जारी गिरावट पर ब्रेक लग गया। इधर, भारत में गोल्ड और फ्यूचर्स में तेजी आई। दिल्ली सर्राफा बाजार में भी दोनों कीमती मेटल्स की चमक बढ़ी।

चांदी में 4800 रुपये का उछाल

दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 1,700 रुपये चढ़कर 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी 4,800 रुपये के उछाल के साथ 2,45,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। 19 जून यानी शुक्रवार को चांदी में 8,040 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.2 फीसदी चढ़कर 4,028 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। 19 जून को सोना गिरकर 11 जून के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गया था।

गोल्ड फ्यूचर्स-सिल्वर फ्यूचर्स में भी तेजी

इधर, इंडिया में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में भी तेजी दिखा। शाम के कारोबार में कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स 1.21 फीसदी यानी 1,777 रुपये चढ़कर 1,48,980 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 2 फीसदी के उछाल के साथ 2,37,877 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था।

क्रूड में गिरावट का सेंटीमेंट पर असर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच डील की बातचीत पॉजिटिव रहने पर क्रूड में गिरावट आई। उधर, फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख का असर इनवेस्टर्स पर पड़ा है। इंडिपेंडेंट एनालिस्ट रॉस नोरमैन ने कहा कि हॉट मनी ऑयल से निकलकर गोल्ड में आ रहा है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है।

फेड के रुख से सोने में तेजी पर लगेगी लगाम

हालांकि उन्होंने कहा कि अभी इस तेजी को गोल्ड के रुख में बदलाव के रूप में नहीं देखा जा सकता। इसकी वजह यह है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपना रुख आक्रामक बनाए रखने का संकेत दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फेड की कमेंट्री से लगता है कि शॉर्ट टर्म में इंटरेस्ट रेट बढ़ सकता है। यह गोल्ड की कीमतों के लिए अच्छा नहीं होगा।

गोल्ड ईटीएफ में फिर से बढ़ रही दिलचस्पी

इस बीच, मॉर्गन स्टेनली के एनालिस्ट्स ने 19 जून को एक रिपोर्ट में पेश की। इसमें कहा गया है कि इस साल की दूसरी तिमाही में गोल्ड के 5,200 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच जाने का अनुमान है। इसकी बड़ी वजह यह है कि फिर से गोल्ड ईटीएफ में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ती दिख रही है।

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मध्यपूर्व में शांति का पॉजिटिव असर

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि जियोपॉलिटिकल टेंशन में कमी का असर सेंटिमेंट पर पड़ा है। अमेरिका-ईरान के बीच डील को लेकर बातचीत जारी रहने की खबरें हैं। इससे मध्यपूर्व में शांति बहाल होगी। इससे फिर से सोने और चांदी में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से बुलियन में गिरावट देखने को मिली थी।

Gold Silver Rates Today: लगातार तीसरे दिन गिरा सोना, चांदी भी 6660 रुपये फिसली

Gold Silver Rates Today: सोने में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। दिल्ली सर्राफा बाजार में यह 960 रुपये गिरकर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी भी 6660 प्रति किलोग्राम फिसल गई। शेयर बाजारों में तेजी का असर बुलियन की डिमांड पर पड़ा।

17 जून को भी गिरा था सोना

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 99.9 फीसदी प्योरिटी वाला सोना 960 रुपये गिरकर 1,53,440 रुपये प्रति 10 ग्राम (टैक्स सहित) पर आ गया। 17 जून को यह 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

चांदी भी बिकवाली दबाव में टूटी

चांदी पर भी बिकवाली का दबाव दिखा। यह 6,660 रुपये गिरकर 2,48,740 रुपये प्रति किलोग्राम (टैक्स सहित) पर बंद हुई। 17 जून को यह 2,55,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

शेयर बाजारों में मजबूती का असर

एनालिस्ट्स का कहना है कि घरेलू शेयर बाजारों में मजबूती जारी है। इससे डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती आई है। इससे इनवेस्टर्स बुलियन की जगह शेयरों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हालांकि, विदेश में बुलियन में तेजी का रुख है।

फेड की पॉलिसी का बुलियन पर असर

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी का असर भी बुलियन पर दिखा। एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी जतिन त्रिवेदी ने कहा कि फेडरल रिजर्व की पॉलिसी के बाद गोल्ड में कमजोरी दिखी। फेड की पॉलिसी से यह संकेत मिलता है कि अगर अमेरिकी इकोनॉमी में मजबूती बनी रहती है तो इस साल इंटरेस्ट रेट एक बार बढ़ सकता है।

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विदेश में बुलियन में हल्की तेजी

विदेश में गोल्ड में हल्की तेजी दिखी। यह 4,266.47 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर भी 0.38 फीसदी के उछाल के साथ 68.17 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के राष्ट्रपति और उन्होंने यूएस-ईरान समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसका असर बुलियन की कीमतों पर पड़ा।