Apana Logistics IPO Listing: खुदरा निवेशकों को बड़ा झटका, ताबड़तोड़ लगाया पैसा, अब ₹60 का शेयर फ्लैट लिस्ट

Apana Logistics IPO Listing: कंटेनर्स को हैंडल करने वाली अपाना लॉजिस्टिक्स के शेयर की आज BSE SME पर फ्लैट एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का फीका रिस्पांस मिला था और NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) का हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹60 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹60.00 पर ही एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर इसी लेवल पर बना हुआ है। फिलहाल यह ₹60.00 (Apana Logistics Share Price)  पर है यानी कि आईपीओ निवेशक न फायदे में हैं और न घाटे में।

Apana Logistics IPO को मिला था फीका रिस्पांस

अपाना लॉजिस्टिक्स का ₹34 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 7-9 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों के दम पर ओवरऑल यह 1.26 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.28 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.23 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 54 लाख नए शेयर जारी हुए हैं।

Apana Logistics के बारे में

अपाना लॉजिस्टिक्स कंटेनर्स की हैंडलिंग और ट्रांसपोर्टेशन का काम करती है। यह कई तरह की लॉजिस्टिक्स सर्विसेज देती है जैसे कि सीएफएस (कंटेनर फ्रेट स्टेशन), आईसीडी (इनलैंड कंटेनर डिपोट) और पोर्ट्स पर कंटेनर हैंडलिंग; रोड ट्रांसपोर्टेशन, थर्ड पार्टी वेयरहाउसेज पर कार्गो हैंडलिंग। इसके अलावा यह ट्रक-ट्रेलर्स और रीच स्टैकर्स के O&M (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) का काम भी संभालती है। मार्च 2026 तक इसके बेड़े में 33 ट्रक-ट्रेलर्स, 5 रीच स्टेकर्स और 2 क्रेन्स थे।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 40% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹5.86 करोड़ और टोटल इनकम करीब 24% के सीएजीआर से ₹31.07 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹6.30 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹8.45 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

RentoMojo IPO: 72 गुना सब्सक्राइब हुआ इश्यू, GMP मचा रहा धूम; जानिए अलॉटमेंट स्टेटस चेक करने का पूरा प्रोसेस

RentoMojo IPO : रेंटल टेक्नोलॉजी कंपनी RentoMojo IPO 9 सितंबर से 11 सितंबर 2026 तक खुला था। इश्यू को कुल 72.84 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड ₹384 से ₹404 रखा था। IPO का कुल साइज करीब ₹1,255.57 करोड़ है।

इसमें ₹150 करोड़ का फ्रेश इश्यू और करीब ₹1,105.57 करोड़ का OFS शामिल है। RentoMojo लोगों को फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स, गाड़ी और दूसरे लाइफस्टाइल प्रोडक्ट खरीदने के बजाय मासिक किराये पर लेने की सुविधा देती है।

RentoMojo IPO का अलॉटमेंट

इस आईपीओ का अलॉटमेंट सोमवार, 14 सितंबर को हो सकता था। लेकिन सोमवार को गणेश चतुर्थी के चलते शेयर बाजार बंद है।

इसलिए अब अलॉटमेंट 15 सितंबर को होने की उम्मीद है। जिन निवेशकों को शेयर मिलेंगे, उनके डीमैट अकाउंट में शेयर 16 सितंबर को क्रेडिट हो सकते हैं। कंपनी के शेयर की 17 सितंबर को NSE और BSE पर लिस्टिंग संभावित है।

RentoMojo IPO का लेटेस्ट GMP

ग्रे मार्केट में भी RentoMojo IPO को काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका लेटेस्ट GMP ₹151 है। यह अपर प्राइस बैंड से 37.38% लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP अनऑफिशियल मार्केट का संकेत है। इसमें कभी भी बदलाव हो सकता है। इसलिए इसे शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं मानना चाहिए।

KFin Technologies पर ऐसे चेक करें

  • KFin Technologies की IPO allotment वेबसाइट खोलें।
  • IPO की लिस्ट में RentoMojo चुनें।
  • PAN, एप्लिकेशन नंबर या DP ID/Client ID में से कोई एक विकल्प चुनें।
  • अपनी डिटेल दर्ज करें और सबमिट करें।
  • स्क्रीन पर आपका अलॉटमेंट स्टेटस दिख जाएगा।

NSE पर ऐसे चेक करें

  • NSE की IPO एप्लिकेशन स्टेटस वेबसाइट पर जाएं।
  • RentoMojo IPO चुनें।
  • जरूरी एप्लिकेशन डिटेल्स दर्ज करें।
  • सबमिट पर क्लिक करें।
  • स्क्रीन पर शेयर अलॉटमेंट की जानकारी मिल जाएगी।

Hero Motors IPO: 16 सितंबर को खुलेगा ₹1000 करोड़ का इश्यू, जानिए GMP, प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Hero Motors IPO: 16 सितंबर को खुलेगा ₹1000 करोड़ का इश्यू, जानिए GMP, प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Hero Motors IPO: हीरो ग्रुप की Hero Motors Ltd अपना ₹1,000 करोड़ का IPO ला रही है। इश्यू 16 से 18 सितंबर तक खुलेगा। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड ₹79-84 तय किया है। इस भाव पर कंपनी का वैल्यूएशन करीब ₹3,815 करोड़ बैठता है।

IPO में ₹600 करोड़ का फ्रेश इश्यू है। वहीं ₹400 करोड़ का हिस्सा ऑफर फॉर सेल (OFS) है। OFS में ₹395 करोड़ प्रमोटर O P Munjal Holdings और ₹5 करोड़ Hero Cycles को जाएंगे।

Hero Motors IPO का GMP

ग्रे मार्केट में भी हीरो मोटर्स के आईपीओ को तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इनवेस्टगेन के मुताबिक, इसका लेटेस्ट GMP ₹24 है। यह अपर प्राइस बैंड के हिसाब से 28.57% लिस्टिंग गेन का संकेत है। हालांकि, इसे लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं मानना चाहिए क्योंकि ये लगातार बदलता रहता है।

Hero Motors की कारोबारी सेहतर

हीरो मोटर्स फ्रेश इश्यू से मिले पैसे का इस्तेमाल कर्ज घटाने और क्षमता बढ़ाने में करेगी। करीब ₹190 करोड़ कर्ज चुकाने में लगाए जाएंगे। वहीं ₹200 करोड़ उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर प्लांट में नए उपकरण खरीदने पर खर्च होंगे।

FY26 में कंपनी का कुल रेवेन्यू 9.1% बढ़कर ₹1,188.35 करोड़ रहा। नेट प्रॉफिट 25.5% बढ़कर ₹41.17 करोड़ पहुंच गया। अब कंपनी के सामने बड़ी चुनौती अपनी बढ़ी हुई क्षमता का पूरा इस्तेमाल करना और इन निवेशों से बेहतर रिटर्न हासिल करना है।

हीरो मोटर्स क्या करती है?

हीरो मोटर्स, पंकज एम. मुंजाल से जुड़ी ऑटो कंपोनेंट और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी है। यह सीधे ग्राहकों को बाइक या स्कूटर नहीं बेचती। कंपनी पावरट्रेन सिस्टम, गियर और ई-बाइक ड्राइवट्रेन बनाती है। इसके ग्राहक BMW, Ducati जैसी कंपनियां और दुनिया की कई ई-बाइक कंपनियां हैं।

इसका कारोबार भारत के साथ अमेरिका, यूरोप और ASEAN देशों में भी है। कंपनी का फोकस इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी पर भी तेजी से बढ़ रहा है।

दूसरे ‘हीरो’ कंपनियों से कैसे अलग है?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि Hero Motors और Hero MotoCorp अलग कंपनियां हैं। Hero MotoCorp बाइक और स्कूटर बनाकर सीधे ग्राहकों को बेचती है। इसके Splendor और Xtreme जैसे ब्रांड हैं। दूसरी ओर, Hero Motors मुख्य रूप से B2B कंपनी है। यानी यह दूसरी ऑटो कंपनियों के लिए कंपोनेंट और टेक्नोलॉजी तैयार करती है।

NSE IPO में पैसा लगाएं या नहीं? जानिए ब्रोकरेज की राय, जोखिम और लेटेस्ट GMP

Hero Cycles साइकिल कारोबार में है। वहीं, Hero Electric इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाती है। चारों कंपनियां मुंजाल परिवार की अलग-अलग कारोबारी शाखाओं से जुड़ी हैं। इसलिए Hero नाम एक जैसा होने के बावजूद इनके कारोबार और निवेश की कहानी अलग है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO : 17 सितंबर में खुल रहे इश्यू में पैसा लगाएं या नहीं? जानिए ब्रोकरेज की राय, जोखिम और लेटेस्ट GMP

NSE IPO: कई साल के इंतजार के बाद देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE का अब IPO आने वाला है। NSE का IPO 17 सितंबर 2026 को खुलेगा। यह 21 सितंबर को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रखा गया है। शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है।

यह पूरा IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) है। यानी IPO से मिलने वाला पैसा NSE को नहीं मिलेगा। खर्च और टैक्स घटाने के बाद पूरी रकम शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी। IPO का अलॉटमेंट 22 सितंबर को हो सकता है। वहीं, लिस्टिंग 24 सितंबर को होने की संभावना है। एंकर निवेशकों के लिए बोली 16 सितंबर को होगी।

NSE IPO का लेटेस्ट GMP

ग्रे मार्केट में NSE IPO के GMP में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। यह शुरुआत में ₹310 के आसपास था। लेकिन, अब घटकर ₹192 पर आ गया है। ये अपर प्राइस बैंड के हिसाब से 11.71% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि GMP को लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं मानना चाहिए। ये बस आईपीओ की डिमांड का अंदाजा होता है।

NSE IPO की अहम डिटेल

पैमानाडिटेल
IPO कब खुलेगा17 सितंबर 2026
IPO कब बंद होगा21 सितंबर 2026
प्राइस बैंड₹1,700-₹1,785
लॉट साइज8 शेयर
न्यूनतम निवेश₹14,280
इश्यू का प्रकार100% OFS
संभावित लिस्टिंग24 सितंबर 2026
कुल इश्यू साइजकरीब ₹22,569 करोड़ तक
कर्मचारी छूट₹170 प्रति शेयर

NSE IPO पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज हाउस SAMCO Securities ने NSE IPO पर Subscribe की सलाह दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह IPO अच्छा मौका हो सकता है। ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड पर NSE का वैल्यूएशन FY2026 की कमाई का 42.89 गुना है।

SAMCO के मुताबिक NSE की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत मार्केट पोजिशन है। NSE देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसके पास बड़ा निवेशक बेस है। टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत है। इसके अलावा कंपनी के पास अपना क्लियरिंग सिस्टम है। बैलेंस शीट भी मजबूत है। कंपनी पर फंड-बेस्ड कर्ज भी नहीं है।

NSE IPO में क्या जोखिम हैं?

NSE के लिए सबसे बड़ा जोखिम डेरिवेटिव्स पर ज्यादा निर्भरता है। FY2026 में सिर्फ ऑप्शंस से 60.22% रेवेन्यू आया था। ऐसे में नियमों में बदलाव का असर कंपनी के कारोबार पर पड़ सकता है। एक और चिंता इक्विटी ऑप्शंस में NSE की घटती हिस्सेदारी है। FY2024 में यह 96.86% थी। Q1 FY2027 में यह घटकर 68.48% रह गई।

कंपनी का रेवेन्यू कुछ बड़े ट्रेडिंग मेंबर्स पर भी निर्भर है। Q1 FY2027 में टॉप 10 ट्रेडिंग मेंबर्स से 47% रेवेन्यू आया। अगर इनमें से बड़े सदस्य दूसरी जगह चले जाते हैं या उनकी ट्रेडिंग गतिविधि घटती है, तो NSE के कारोबार पर असर पड़ सकता है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Manika Plastech IPO: 11 सितंबर से खुलेगा इश्यू, 40% पर पहुंचा GMP; जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Manika Plastech IPO: मुंबई की प्लास्टिक प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Manika Plastech का IPO सब्सक्रिप्शन के लिए 11 सितंबर से खुलेगा। इसमें निवेशक 16 सितंबर तक पैसे लगा सकेंगे। कंपनी ने इसके लिए ₹40 से ₹43 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।

IPO में ₹92.5 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा। इसके अलावा प्रमोटर इकाई VRIDAA Holding Trust 76.74 लाख शेयर तक OFS में बेचेगी।

Manika Plastech IPO का GMP

मणिका प्लास्टेक के आईपीओ को ग्रे मार्केट में भी तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका GMP ₹17 रुपये है। यह अपर प्राइस बैंड से करीब 40% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा होता है। इसे लिस्टिंग की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

₹54.9 करोड़ मशीनरी पर खर्च करेगी कंपनी

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से ₹54.9 करोड़ प्लांट और मशीनरी खरीदने पर खर्च होंगे। वहीं, ₹15 करोड़ कर्ज चुकाने में लगाए जाएंगे। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

एंकर निवेशकों के लिए बोली 10 सितंबर को खुलेगी। शेयर अलॉटमेंट 17 सितंबर तक फाइनल होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 21 सितंबर से होने की संभावना है। IPO के लिए Pantomath Capital Advisors को मर्चेंट बैंकर बनाया गया है।

क्या कारोबार करती है Manika Plastech?

Kapadia परिवार की प्रमोटेड Manika Plastech रिजिड पॉलिमर पैकेजिंग प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी का फोकस डिजाइन और प्रिसिजन इंजीनियरिंग पर है। कंपनी बैटरी केसिंग, पेल और कंटेनर, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और थिन-वॉल कंटेनर जैसे प्रोडक्ट बनाती है। इनमें स्टैंडर्ड और कस्टमाइज्ड दोनों तरह के प्रोडक्ट शामिल हैं।

कंपनी की 7 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं। इनकी कुल उत्पादन क्षमता 29,200 MTPA है। कंपनी व्हीकल बैटरी, इनवर्टर, पेंट्स, एग्रोकेमिकल्स, लुब्रिकेंट्स, फूड एंड डेयरी और कंस्ट्रक्शन केमिकल्स जैसे सेक्टर्स को प्रोडक्ट सप्लाई करती है।

जून तिमाही में ₹13 करोड़ का प्रॉफिट

जून 2026 तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट ₹13 करोड़ रहा। इस दौरान रेवेन्यू ₹162.4 करोड़ रहा। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का प्रॉफिट सालाना आधार पर 15.9% बढ़कर ₹22.4 करोड़ हो गया। वहीं, ऑपरेशंस से रेवेन्यू 7.3% बढ़कर ₹436 करोड़ रहा।

जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹77.9 करोड़ की बकाया उधारी थी।

Steamhouse India IPO: मधुसूदन केला और सुनील सिंघानिया का है निवेश, 21% चल रहा GMP! आप बोली लगाए या नहीं?

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rays of Belief के IPO को 107 गुना बोली, अब ₹239 के शेयरों ने लिस्टिंग पर दिया शॉक

Rays of Belief IPO Listing: डिसऑर्डर्स वाले बच्चों के इलाज और उनकी ग्रोथ में मदद करने वाली रेज ऑफ बिलीफ के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में एनएसई पर फ्लैट और बीएसई पर डेढ़ फीसदी से अधिक प्रीमियम पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 107 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹239 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹243.00 और NSE पर ₹239.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब डेढ़ फीसदी तक का लिस्टिंग गेन (Rays of Belief Listing Gain) मिला। हालांकि लिस्टिंग के बाद टूटकर BSE पर यह ₹234.00 (Rays of Belief Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 2.09% मुनाफे में हैं।

Rays of Belief IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

रेज ऑफ बिलीफ का ₹125.00 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 1-3 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 107.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 9.01 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 279.11 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 195.86 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 52.30 लाख नए शेयर जारी हुए हैं।

Rays of Belief के बारे में

रेज ऑफ बिलीफ न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर्स (NDDs) यानी बच्चों के विकास से जुड़ी दिक्कतों जैसे कि ऑटिज्म, एडीएचडी, डाउन सिंड्रोम, सेरेब्रल पल्सी, इंटेलेक्चुअल डिजेबिलिटी, लर्निंग डिजेबिलिटी और ग्लोबल डेवलपमेंटल डिलेज से प्रभावित बच्चों के लिए इलाज, थेरेपी और विकास से जुड़ी मदद देती है। कंपनी ने अपना सेंटर गुड़गांव में साल 2018 में खोला था और तेजी से विस्तार किया। वित्त वर्ष 2023 में 71 स्टोर से अब वित्त वर्ष 2026 के आखिरी तक देश के 57 शहरों और 20 राज्यों/यूनियन टेरिटरीज में 136 सेंटर्स तक यह पहुंच गई। इसके 136 सेंटरों में 42 टियर-1 शहरों में, 77 टियर-2 शहरों में और 17 टियर-3 शहरों में है।

कंपनी मुख्य रूप से 18 महीने से 12 साल तक के बच्चों पर ध्यान देती है तो कुछ खास प्रोग्राम 15 साल तक के बच्चों के लिए भी उपलब्ध हैं। कंपनी के सेंटर्स में 150 से ज्यादा टीचिंग टूल्स उपलब्ध हैं। इसके अलावा घर पर बच्चों के साथ प्रैक्टिस करने के लिए 2,000 से ज्यादा टीचिंग टूल्स वाले होम-लर्निंग किट्स भी उपलब्ध हैं।

जून 2025 में कंपनी ने अमेरिका में दो कंपनियों का अधिग्रहण किया जिसमें से मॉम्स बिलीफ यूएफ (Mom’s Belief US) को पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी और एलर्जी एंड इम्यूनोलॉजी वर्जीनिया, एलएलसी को स्टेप-डाउन सब्सिडरी के तौर पर। इस अधिग्रहण के साथ कंपनी को अमेरिका के वर्जीनिया के Salem, Lynchburg और Roanoke में 3 सेंटर्स मिले हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 142% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹4.96 करोड़ और टोटल इनकम 63% से अधिक के सीएजीआर से ₹82.06 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹3.61 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹15.22 करोड़ पड़े थे।

Deepa Jewellers IPO Listing: 25% प्रीमियम पर ₹117 का शेयर लिस्ट, दीपा ज्वैलर्स ने बढ़ाई पोर्टफोलियो की चमक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Deepa Jewellers IPO Listing: 25% प्रीमियम पर ₹117 का शेयर लिस्ट, दीपा ज्वैलर्स ने बढ़ाई पोर्टफोलियो की चमक

Deepa Jewellers IPO Listing: गोल्ड-डायमंड के गहने बेचने वाली दीपा ज्वैलर्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में शानदार एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 43 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹177 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹221.05 और NSE पर ₹221.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 25% का लिस्टिंग गेन (Deepa Jewellers Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹201.30 (Deepa Jewellers Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 13.73% मुनाफे में हैं।

Deepa Jewellers IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

दीपा ज्वैलर्स का ₹460.00 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 1-3 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 43.40 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 36.73 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 109.04 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 19.09 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹250 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 1,18,48,340 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹215.00 करोड़ लॉन्ग-टर्म वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹12.15 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹41.95 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Deepa Jewellers के बारे में

दीपा ज्वैलर्स सोने और हीरे के गहनों की खुदरा से लेकर थोक बिक्री करती है। जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक इसके ग्राहक देश के 13 राज्यों और 1 यूनियन टेरिटरी में हैं। दक्षिण भारत में इसकी दमदार मौजूदगी है। इसके ग्राहकों में 47 ज्वैलरी रिटेल चेन और 326 स्टैंडएलोन स्टोर्स हैं। कंपनी एक थर्ड पार्टी मोबाइल ऐप दीपा ज्वैलर्स लिमिटेड का भी इस्तेमाल करती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में 16 प्रोडक्ट्स और 110 SKUs हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 107% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹104.79 करोड़ और टोटल इनकम 37% के सीएजीआर से ₹1,927.73 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹111.11 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹221.67 करोड़ पड़े थे।

Rays of Belief के IPO को 107 गुना बोली, अब ₹239 के शेयरों ने लिस्टिंग पर दिया शॉक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Ashutosh Fibre IPO Listing: 52% प्रीमियम पर एंट्री के बाद अपर सर्किट, हर लॉट पर ₹110000 का मुनाफा

Ashutosh Fibre IPO Listing: इंडस्ट्रीज के लिए टेक्निकल टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स बनाने वाली आशुतोष फाइबर के शेयरों की आज NSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 144 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹92 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर ₹140.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 52.17% का लिस्टिंग गेन (Ashutosh Fibre Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹147.00 (Ashutosh Fibre Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 59.78% मुनाफे में हैं। चूंकि लॉट साइज 1200 शेयरों का था तो हर लॉट पर आईपीओ निवेशक ₹1.10 लाख मुनाफे में हैं।

Ashutosh Fibre IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

आशुतोष फाइबर का ₹56 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 31 अगस्त से 2 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 144.65 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 143.93 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 200.85 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 99.16 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 61,24,800 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹25.51 करोड़ नए इक्विपमेंट और मशीनरी की खरीदारी, ₹20.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹2.06 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹8.78 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Ashutosh Fibre के बारे में

आशुतोष फाइबर टेक्निकल टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी का फोकस पॉलीप्रोपाइलीन (PP) स्पन यार्न पर है, जिनका इस्तेमाल इंडस्ट्रीज और घरों में होती है। यह बी2बी मॉडल पर काम करती है और इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरर्स, प्रोसेसर्स और इंस्टीट्यूशनल खरीदारों को यार्न और फैब्रिक सप्लाई करती है। कंपनी मुख्य रूप से टेक्निकल टेक्सटाइल्स के चार अहम कैटेगरीज- इंडुटेक, प्रोटेक, होमटेक और मोबाइलटेक में ऑपरेट करती है। यह फिल्टरेशन और पॉल्यूशन कंट्रोल, कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोटिव, पैकेजिंग, सेफ्टी और प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, और होम फर्निशिंग जैसी इंडस्ट्रीज के लिए कच्चा माल तैयार करती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में पांच प्रोसेसिंग लाइनें और धागा बनाने की तीन टेक्नोलॉजी- रिंग स्पन, DREF (फ्रिक्शन स्पन) और ओपन-एंड स्पिनिंग मौजूद हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 51% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹16.04 करोड़ और टोटल इनकम 3% से अधिक के सीएजीआर से ₹117.43 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹47.92 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹36.15 करोड़ पड़े थे।

Purple Style Labs IPO Listing: लिस्टिंग पर 6% घटी आईपीओ निवेशकों की पूंजी, घाटे में चल रही लग्जरी कंपनी ने दिया शॉक

 

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Purple Style Labs IPO Listing: लिस्टिंग पर 6% घटी आईपीओ निवेशकों की पूंजी, घाटे में चल रही लग्जरी कंपनी ने दिया शॉक

Purple Style Labs IPO Listing: कई दिग्गज डिजाइनर्स के कपड़े-गहने बेचने वाली पर्पल स्टाइल लैब्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में डिस्काउंट एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों को मिला-जुला रिस्पांस मिला था और हर कैटेगरी का हिस्सा पूरा भर नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹575 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹539.00 और NSE पर ₹535.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि 6% से अधिक पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर और नीचे गए लेकिन फिर इसने रिकवरी की कोशिश भी की। फिलहाल BSE पर यह ₹546.00 (Purple Style Labs Share Price) पर है यानी कि आईपीओ निवेशक अब 5.04% घाटे में हैं।

Purple Style Labs IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

पर्पल स्टाइल लैब्स का ₹680 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 31 सितंबर से 2 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.36 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.50 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.89 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.66 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,18,26,086 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹371.13 करोड़ अपनी पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडरी पीएसएल रिटेल में निवेश, ₹138.90 करोड़ सेल्स और मार्केटिंग, ₹103.13 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹66.84 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Purple Style Labs के बारे में

पर्पल स्टाइल लैब्स एक मल्टी-ब्रांड लग्जरी ओमनी-चैनल फैशन प्लेटफॉर्म है। यह पर्नियाज पॉप-अप शॉप (Pernia’s Pop-Up Shop) के जरिए बच्चों से लेकर पुरुषों-महिलाओं के कपड़े, ज्वैलरी और एक्सेसरीज बेचती है। इसका फोकस शादियों और किसी खास मौके से जुड़ी लग्जरी चीजों पर है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह 1109 एक्टिव डिजाइनर ब्रांड्स से प्रोडक्ट्स लेकर दुनिया भर में बेच रही है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी के 14 एक्सपीरिएंस सेंटर्स थे, जिसमें भारत में 12. लंदन में 1 और न्यूयॉर्क में 1 थे। यह एक ओमनी-चैनल बिनेस मॉडल के जरिए काम करती है, जिसमें एक्सपीरियंस सेंटर, वेबसाइट, मोबाइल ऐप, टेलीफोन और डिजिटल सेल्स चैनल, इवेंट्स और एग्जिबिशन शामिल हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले तीन वित्त वर्षों में टोटल इनकम में उठा-पटक के साथ इसका घाटा लगातार बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2024 में ₹47.71 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में 188.38 करोड़ के शुद्ध घाटे से यह वित्त वर्ष 2026 में ₹285.40 करोड़ के शुद्ध घाटे में आ गई। वहीं टोटल इनकम वित्त वर्ष 2024 में ₹510.03 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹494.00 करोड़ से वित्त वर्ष 2026 में ₹567.07 करोड़ पर पहुंच गई। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹371.40 करोड़ का टोटल कर्ज था।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Pranav Constructions IPO: 7 सितंबर से खुलेगा इश्यू, GMP मचा रहा धूम; जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Pranav Constructions IPO: कंस्ट्रक्शन कंपनी प्रणव कंस्ट्रक्शंस का IPO 7 सितंबर से खुल रहा है। इसका प्राइस बैंड ₹118 से ₹124 तय किया गया है। IPO में निवेश के लिए कम से कम 120 शेयरों की बोली लगानी होगी। ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए ₹14,880 लगाने होंगे। इसमें 9 सितंबर तक निवेश किया जा सकेगा। इस आईपीओ का GMP भी काफी शानदार है।

₹351 करोड़ का है IPO

प्रणव कंस्ट्रक्शंस का IPO करीब ₹351 करोड़ का है। इसमें ₹315.60 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे। वहीं, निवेशक शेयरधारक BioUrja India Infra 28,56,869 शेयर OFS के जरिए बेचेगा। इन शेयरों की कीमत करीब ₹35.43 करोड़ है।

कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर प्रस्तावित है। इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर Centrum Capital और PNB Investment Services हैं। वहीं, KFin Technologies IPO का रजिस्ट्रार है।

Pranav Constructions IPO का GMP

प्रणव कंस्ट्रक्शंस को ग्रे मार्केट में भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका लेटेस्ट GMP 43 रुपये है। यह अपर प्राइस बैंड के हिसाब से 34.68% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा भर होता है। इसे लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं समझनी चाहिए।

मुंबई के री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर फोकस

Pranav Constructions की शुरुआत 2003 में हुई थी। कंपनी का मुख्य कारोबार मुंबई में पुराने आवासीय प्रोजेक्ट्स के री-डेवलपमेंट से जुड़ा है। खासतौर पर कंपनी का फोकस MCGM क्षेत्र के पश्चिमी उपनगरों पर है।

C&W Report के मुताबिक, यूनिट्स की सप्लाई, पूरे हो चुके और निर्माणाधीन MCGM री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की संख्या के आधार पर कंपनी इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी के पास कुल 1,864 यूनिट्स और 34 पूरे हो चुके या निर्माणाधीन MCGM री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स हैं। इसी अवधि में दूसरे डेवलपर्स के पास 4 से 11 ऐसे प्रोजेक्ट्स थे।

Pranav Constructions की कारोबारी सेहत

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹761.60 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹636.27 करोड़ था। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़ा। FY26 में यह ₹71.32 करोड़ रहा। FY25 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹62.25 करोड़ था। वहीं, FY26 में कंपनी का ROCE 24.34% रहा। FY25 में यह 24.83% था।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।