Tempsens Instruments IPO: खुलने से पहले ही हिट हुआ यह आईपीओ, ग्रे मार्केट में 56% प्रीमियम! निवेशकों में मची होड़, चेक करें डिटेल्स

Tempsens Instruments IPO GMP & Details: प्राइमरी मार्केट में इस हफ्ते खूब एक्शन है। निवेशकों के लिए इस वीक 7 आईपीओ में पैसे लगाने का मौका खुल रहा है। राजस्थान बेस्ड थर्मल इंजीनियरिंग कंपनी टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स भी अपना नया आईपीओ लेकर आ रही है। यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 20 अगस्त को खुलेगा और 24 अगस्त को बंद होगा।

ग्रे मार्केट में इस आईपीओ को लेकर जबरदस्त माहौल देखने को मिल रहा है। आईपीओ खुलने से पहले ही इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम 50% के पार निकल चुका है, जो मजबूत लिस्टिंग गेन की ओर इशारा कर रहा है। जानिए इस आईपीओ की सभी जरूरी डिटेल्स।

आईपीओ का साइज, प्राइस बैंड और लॉट साइज

इश्यू साइज: कंपनी इस आईपीओ के जरिए कुल ₹650 करोड़ जुटाने जा रही है।

फ्रेश इश्यू vs OFS: आईपीओ में ₹95 करोड़ का फ्रेश इश्यू (नए शेयर) शामिल है, जबकि ₹555 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसमें 1.85 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे।

प्राइस बैंड: शेयर का प्राइस बैंड ₹285 से ₹300 प्रति शेयर तय किया गया है।

लॉट साइज: कम से कम 50 शेयरों का एक लॉट है। ऊपरी प्राइस बैंड (₹300) पर रिटेल निवेशकों को 1 लॉट के लिए न्यूनतम ₹15,000 का निवेश करना होगा। रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट (650 शेयर) के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसकी लागत ₹1,95,000 होगी।

अहम तारीखें

  • एंकर इन्वेस्टर्स बिडिंग: 19 अगस्त 2026
  • आईपीओ ओपनिंग डेट: 20 अगस्त 2026
  • आईपीओ क्लोजिंग डेट: 24 अगस्त 2026
  • अलॉटमेंट डेट (अनुमानित): 25 अगस्त 2026
  • लिस्टिंग की तारीख (BSE/NSE): 28 अगस्त 2026

कंपनी पैसे का क्या करेगी?

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹95 करोड़ में से ₹18.1 करोड़ का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक हीटिंग और केबल सॉल्यूशंस बिजनेस के कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) के लिए होगा, ₹55 करोड़ का उपयोग कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा, और बाकी रकम कॉरपोरेट जरूरतों में लगेगी।

कंपनी का बिजनेस और फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड

1990 में शुरू हुई टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स तापमान मापने वाले सेंसर, इलेक्ट्रिक हीटिंग और स्पेशल केबल सॉल्यूशंस बनाती है। तापमान सेंसर सेगमेंट में कंपनी का मार्केट शेयर 10.5% और नॉन-कॉन्टेक्ट टेम्परेचर सेंसर सेगमेंट में 21.3% है। दुनियाभर में कंपनी के पास 15 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं (10 उदयपुर में और 5 विदेशों में)।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 11.2% बढ़कर ₹67.3 करोड़ रहा (जो पिछले साल ₹60.6 करोड़ था)। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 17.5% बढ़कर ₹444.9 करोड़ पर पहुंच गया।

Tempsens Instruments IPO: कितना चल रहा है GMP?

ग्रे मार्केट गतिविधियों पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स का जीएमपी काफी तगड़ा रिस्पांस दे रहा है। Investorgain के अनुसार, कंपनी के शेयर का GMP ₹168 चल रहा है, जो इसके ऊपरी प्राइस बैंड (₹300) के हिसाब से करीब 56% लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। वहीं, IPO Watch पर इसका जीएमपी करीब 51.33% दर्ज किया गया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shiprocket IPO: अलॉटमेंट जारी, 19 अगस्त को हो सकती है लिस्टिंग; GMP दे रहा तगड़े मुनाफे का संकेत

Shiprocket IPO: टेमासेक के निवेश वाली ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट के आईपीओ का अलॉटमेंट जारी हो चुका है। जिन निवेशकों ने इस बुक-बिल्डिंग इश्यू में आवेदन किया था, वे अब अपना अलॉटमेंट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। अब निवेशकों की नजर 19 अगस्त 2026 को संभावित लिस्टिंग पर है। इस बीच ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) भी मजबूत लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है।

GMP क्या संकेत दे रहा है?

Investorgain के मुताबिक, Shiprocket IPO का लेटेस्ट GMP ₹38 है। कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में इश्यू प्राइस के मुकाबले 39.18% के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं।

कंपनी के IPO का अपर प्राइस बैंड ₹97 प्रति शेयर था। ऐसे में मौजूदा GMP के आधार पर शिपरॉकेट की लिस्टिंग करीब ₹135 पर होने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, GMP केवल ग्रे मार्केट का अंदाजा होता है। असल लिस्टिंग मार्केट की मांग, सेंटीमेंट और ओपनिंग बिड्स पर निर्भर करेगी।

कितना मुनाफा हो सकता है?

Shiprocket IPO का लॉट साइज 154 शेयर था। अपर प्राइस बैंड ₹97 होने के कारण एक लॉट के लिए निवेशकों को ₹14,938 लगाने पड़े।

अगर ₹38 GMP और 39.18% संभावित प्रीमियम के आधार पर शेयर ₹135 पर लिस्ट होता है, तो प्रति शेयर ₹38 का फायदा हो सकता है। ऐसे में आपके निवेश की रकम अच्छी खासी बढ़ सकती है।

  • 1 लॉट (154 शेयर) का संभावित मुनाफा: ₹5,852
  • 5 लॉट (770 शेयर) का संभावित मुनाफा: ₹29,260

यानी एक लॉट की ₹14,938 की शुरुआती निवेश रकम बढ़कर करीब ₹20,790 हो सकती है, जो करीब 39.18% के संभावित रिटर्न के बराबर है। हालांकि वास्तविक मुनाफा लिस्टिंग प्राइस पर निर्भर करेगा।

एक्सपर्ट्स की क्या राय है?

SBI Securities का शिपरॉकेट IPO पर पॉजिटिव रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि कर्ज घटने से बैलेंस शीट मजबूत होगी। साथ ही, ब्याज खर्च कम होने से मुनाफे में सुधार आ सकता है। वहीं Swastika Financial ने ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है। उसका कहना है कि यह IPO 2-3 साल के नजरिए वाले हाई-रिस्क निवेशकों के लिए ज्यादा सही है।

Ventura Securities के मुताबिक, कंपनी की नेटवर्थ ₹1,524.29 करोड़ है। FY26 में ऑपरेशन से ₹52.64 करोड़ का पॉजिटिव कैश फ्लो रहा। हालांकि, थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स पर अधिक निर्भरता और कोर बिजनेस से ज्यादा रेवेन्यू आना इसके प्रमुख जोखिम हैं।

शिपरॉकेट का वैल्यूएशन कैसा है

Geojit Investments ने भी IPO पर पॉजिटिव राय दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि ₹97 के अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन FY26 के आधार पर करीब 3.6 गुना EV/Sales है। यह इसकी लिस्टेड प्रतिस्पर्धियों की तुलना में आकर्षक माना जा सकता है।

ब्रोकरेज का मानना है कि Shiprocket का मर्चेंट बेस बढ़ रहा है। टेक्नोलॉजी आधारित प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स बाजार में मजबूत स्थिति है। ये चीज इसे मध्यम से लंबी अवधि के निवेशकों के लिए दिलचस्प बनाती है।

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Molbio IPO Listing: गोवा की पहली यूनिकॉर्न, ₹980 पर लिस्ट ₹807 का शेयर, 70 गुना भरा था आईपीओ

Molbio IPO Listing: टेमासेक (Temasek) और मोतीलाल ओसवाल ग्रुप (Motilal Oswal Group) के निवेश वाली मोल्बियो डाइग्नॉस्टिक के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 70 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹807 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹980.00 और NSE पर भी ₹980.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 21% से अधिक लिस्टिंग गेन (Molbio Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹946.80 (Molbio Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 946.80% मुनाफे में हैं।

Molbio Diagnostics IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

मोब्लियो डाइग्नॉस्टिक्स न का ₹940 करोड़ का आईपीओ 10-12 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 70.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 186.39 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 49.80 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 12.97 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 13.28 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹200 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले 91.66 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹105.54 करोड़ आरएंडडी फैसिलिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और कनेक्टेड ऑफिस स्पेस बनाने, ₹72.28 करोड़ गोवा यूनिट 1, गोवा यूनिट 2 और विशाखापत्तनम यूनिट के लिए प्लांट, मशीनरी और अन्य इक्विपमेंट की खरीदारी, ₹59.54 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹9.47 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Molbio Diagnostics के बारे में

मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स एक पॉइंट-ऑफ-केयर (POC) डायग्नोस्टिक्स कंपनी है। इसने ‘Truenat’ नाम से पीसीआर (PCR) प्लेटफॉर्म डेवलप किया है, जो 100 से अधिक देशों में पेटेंटेड है। यह तकनीक टीबी (TB), कोविड-19, हेपेटाइटिस B & C, एचआईवी (HIV) और एचपीवी (HPV) जैसी बीमारियों की जांच 1 घंटे के भीतर कर सकती है। प्रोग्नोसिस और ऑप्ट्रास्कैन जैसी सहायक कंपनियों के जरिए यह डिजिटल पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग डिवाइस भी मुहैया कराती है। देश भर में इसके 6 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं और इसके ग्राहक 90 से अधिक देशों में हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 40% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹164.14 करोड़ और टोटल इनकम करीब 32% के सीएजीआर से ₹1,455.17 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹412.64 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,148.84 करोड़ पड़े थे।

Dhoot Transmission की धांसू एंट्री, IPO को 75 गुना बोली, फिर 37% प्रीमियम पर ₹871 का शेयर लिस्ट

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dhoot Transmission की धांसू एंट्री, IPO को 75 गुना बोली, फिर 37% प्रीमियम पर ₹871 का शेयर लिस्ट

Dhoot Transmission IPO Listing: आईपीओ को 75 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब धूत ट्रांसमिशन के शेयरों की आज घरेलू स्टॉक मार्केट में धांसू एंट्री हुई है। इसके आईपीओ के तहत ₹871 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹1193.80 और NSE पर ₹1,200.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 37% से अधिक लिस्टिंग गेन (Dhoot Transmission Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹1174.50 (Dhoot Transmission Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 34.85% मुनाफे में हैं।

Dhoot Transmission IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

धूत ट्रांसमिशन का ₹3,067 करोड़ का आईपीओ 10-12 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 75.06 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 209.02 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 53.13 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 8.32 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 8.60 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹1,400 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 1,91,37,602 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹464.80 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹301.77 करोड़ सब्सिडरीज का कर्ज हल्का करने के लिए उनमें निवेश, ₹150.00 करोड़ नई वायरिंग हार्नेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स लगाने, ₹159.96 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹410.41 करोड़ अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Dhoot Transmission के बारे में

धूत ट्रांसमिशन देश की बड़ी E&E (इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स) कंपनियों में शुमार है। यह ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव एप्लीकेशंस के लिए वायरिंग हार्नेसेज और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम्स बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में वायरिंग हार्नेसेज, बैट्री पैक्स, सेंसेक्स और इलेक्ट्रिक कंट्रोलर्स, ऑटोमोटिव स्विचेज, टर्मिनल्स, कनेक्टर्स, और पावर सप्लाई कॉर्ड्स हैं। इनका इस्तेमाल तेल से चलने वाली और इलेक्ट्रिक, दोनों प्रकार की गाड़ियों में होता है।

यह दोपहिया और तिपहिया वायरिंग हार्नेस मार्केट में देश की दो सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है जिसका 41% मार्केट पर कब्जा है तो वित्त वर्ष 2026 के आंकड़ों के मुताबिक करीब 71% मार्केट शेयर के साथ दोपहिया और तिपहिया इलेक्ट्रिक सेगमेंट में यह लीडर है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कमर्शियल वेईकल्स, ऑफ-हाईवे वेईकल्स, फार्मिंग इक्विपमेंट और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशंस में भी होता है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 15% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹396.84 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹4,563.70 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹841.39 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹2,360.40 करोड़ पड़े थे।

Molbio IPO Listing: गोवा की पहली यूनिकॉर्न, ₹980 पर लिस्ट ₹807 का शेयर, 70 गुना भरा था आईपीओ

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Molbio Diagnostics करेगा मालामाल या लगेगा शॉक! ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Molbio Diagnostics Listing: टेमासेक (Temasek) और मोतीलाल ओसवाल ग्रुप (Motilal Oswal Group) के निवेश वाली मोल्बियो डाइग्नॉस्टिक के आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला। अब कल 17 अगस्त को इसके शेयर लिस्ट होने वाले हैं। ग्रे मार्केट से 15.49% के लिस्टिंग गेन के संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹125 यानी 15.49% प्रीमियम पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹807 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं। शेयर मिले या नहीं, इसका चेक करने का स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Molbio Diagnostics चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे चेक करें स्टेटस

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके Molbio Diagnostics चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Molbio Diagnostics IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

मोब्लियो डाइग्नॉस्टिक्स न का ₹940 करोड़ का आईपीओ 10-12 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 70.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 186.39 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 49.80 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 12.97 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 13.28 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹200 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले 91.66 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹105.54 करोड़ आरएंडडी फैसिलिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और कनेक्टेड ऑफिस स्पेस बनाने, ₹72.28 करोड़ गोवा यूनिट 1, गोवा यूनिट 2 और विशाखापत्तनम यूनिट के लिए प्लांट, मशीनरी और अन्य इक्विपमेंट की खरीदारी, ₹59.54 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹9.47 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Molbio Diagnostics के बारे में

मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स एक पॉइंट-ऑफ-केयर (POC) डायग्नोस्टिक्स कंपनी है। इसने ‘Truenat’ नाम से पीसीआर (PCR) प्लेटफॉर्म डेवलप किया है, जो 100 से अधिक देशों में पेटेंटेड है। यह तकनीक टीबी (TB), कोविड-19, हेपेटाइटिस B & C, एचआईवी (HIV) और एचपीवी (HPV) जैसी बीमारियों की जांच 1 घंटे के भीतर कर सकती है। प्रोग्नोसिस और ऑप्ट्रास्कैन जैसी सहायक कंपनियों के जरिए यह डिजिटल पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग डिवाइस भी मुहैया कराती है। देश भर में इसके 6 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं और इसके ग्राहक 90 से अधिक देशों में हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 40% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹164.14 करोड़ और टोटल इनकम करीब 32% के सीएजीआर से ₹1,455.17 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹412.64 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,148.84 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dhoot Transmission IPO Allotment: 75 गुना सब्सक्राइब हुआ, जानिए लेटेस्ट GMP और अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Dhoot Transmission IPO Allotment: धूत ट्रांसमिशन के IPO की बोली 12 अगस्त 2026 को बंद हो गई। तीन दिन की बोली में इस इश्यू को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। IPO करीब 75 गुना सब्सक्राइब हुआ। अब निवेशकों की नजर अलॉटमेंट पर है, जो आज यानी 13 अगस्त को फाइनल हो सकता है।

GMP क्या संकेत दे रहा है?

ग्रे मार्केट में Dhoot Transmission का GMP ₹279 चल रहा है। IPO का ऊपरी प्राइस बैंड ₹871 प्रति शेयर है। यानी मौजूदा GMP के हिसाब से शेयर करीब 32% लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है।

हालांकि, GMP सिर्फ बाजार का अनुमान होता है। इसकी कोई गारंटी नहीं होती।

Dhoot Transmission का बिजनेस

Dhoot Transmission ऑटोमोटिव वायरिंग हार्नेस और केबल बनाने वाली कंपनी है। यह पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल वहीकल, इलेक्ट्रिक वाहन और ऑफ-हाईवे सेगमेंट के लिए प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है। कंपनी का कारोबार भारत के साथ कई विदेशी बाजारों तक फैला है। इसके ग्राहकों की लिस्ट में बजाज ऑटो, TVS मोटर और रॉयल एनफील्ड जैसे बड़े ऑटोमोबाइल निर्माता भी शामिल हैं।

अलॉटमेंट कब आएगा?

T+3 लिस्टिंग नियम के तहत IPO की लिस्टिंग बोली बंद होने के तीन वर्किंग डे के भीतर होनी होती है। ऐसे में Dhoot Transmission की लिस्टिंग 17 अगस्त तक हो सकती है। इससे पहले 13 अगस्त को अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है।

BSE पर ऐसे चेक करें अलॉटमेंट

अगर आपने IPO में आवेदन किया है, तो BSE की वेबसाइट पर स्टेटस देख सकते हैं।

  • BSE के IPO अलॉटमेंट पेज पर जाएं।
  • Issue Type में Equity चुनें।
  • एप्लिकेशन नंबर या PAN दर्ज करें।
  • CAPTCHA भरें।
  • Submit पर क्लिक करें।
  • इसके बाद स्क्रीन पर आपका अलॉटमेंट स्टेटस दिखाई देगा।

KFin Tech पर ऐसे देखें स्टेटस

Dhoot Transmission IPO के रजिस्ट्रार KFin Technologies की वेबसाइट से भी स्टेटस चेक किया जा सकता है।

  • KFin Tech के IPO स्टेटस पेज पर जाएं।
  • Dhoot Transmission Limited चुनें।
  • एप्लिकेशन नंबर, डिमैट अकाउंट नंबर या PAN में से कोई एक दर्ज करें।
  • CAPTCHA भरें।
  • Submit पर क्लिक करें।

इसके बाद आपको पता चल जाएगा कि IPO में शेयर अलॉट हुए हैं या नहीं।

Muthoot FinCorp IPO: ₹3000 करोड़ के इश्यू का ड्राफ्ट जमा, रहेंगे केवल नए शेयर

LAPL Automotive IPO Listing: ₹135 पर लिस्ट ₹94 का शेयर, आईपीओ को मिली थी 344 गुना बोली

LAPL Automotive IPO Listing: दोपहिया से लेकर बस तक के लिए ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और एक्सेसरीज बनाने वाली एलएपीएल ऑटोमोटिव के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 344 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹94 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹135.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 43.62% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में थोड़ी फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹130.00 (LAPL Automotive Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 38.30% मुनाफे में हैं।

LAPL Automotive IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एलएपीएल ऑटोमोटिव का ₹32 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 6-10 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 344.31 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 200.23 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 433.26 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 387.78 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 34,46,400 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹19.56 करोड़ औरंगाबाद के औरिक सिटी में एक अतिरिक्त मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, ₹4.79 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹3.24 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹4.81 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

LAPL Automotive के बारे में

एलएपीएल ऑटोमोटिव कई प्रकार के ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और एक्सेसरीज की डिजाइनिंग कर उन्हें बनाती है और सप्लाई करती है। इसे ऑटोमोटिव लाइटिंग और सिग्नलिंग प्रोडक्ट्स बनाने में महारत हासिल है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी महाराष्ट्र के औरंगाबाद में है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में लाइटिंग डिविजन के तहत टेल लैम्प्स, ब्लिंकर लैम्प्स और हेडलैम्प्स हैं तो मोटर डिविजन के तहक स्टार्टर मोटर्स, वाइपर मोटर्स और रोटर्स हैं। इसके अलावा कंपनी के प्रोडक्ट्स पोर्टफोलियो में मिरर डिविजन के तहत दोपहिया और तिपहिया गाड़ियों के लिए रियर-व्यू मिरर्स हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 99% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹8.63 करोड़ और टोटल इनकम 24% से अधिक के सीएजीआर से ₹94.32 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹7.84 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹16.45 करोड़ पड़े थे।

वंदे भारत ट्रेनों के लिए पार्ट्स बनाने वाली कंपनी लाएगी ₹1350 करोड़ का IPO

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वंदे भारत ट्रेनों के लिए पार्ट्स बनाने वाली कंपनी लाएगी ₹1350 करोड़ का IPO

वंदे भारत के लिए पार्ट्स बनाने वाली निफा 1,350 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने का प्लान बना रही है। मामले से जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी। निफा कोलकाता की कंपनी है। इसने इश्यू के प्रबंधन के लिए नोमुरा और एक्सिस कैपिटल को एडवाइजर नियुक्त किया है। शेयर बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ है। इससे आईपीओ बाजार में हलचल बढ़ी है।

आईपीओ के पैसे का इस्तेमाल उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए

Nipha के आईपीओ में नए शेयर इश्यू करने की संभावना है। कंपनी इश्यू से मिले पैसे का इस्तेमाल उत्पादन क्षमता बढ़ाने, कर्ज चुकाने और बिजनेस से जुड़ी दूसरी जरूरतों के लिए करेगी। अभी इश्यू के बारे में बातचीत जारी है। इससे बाद में इश्यू के साइज और दूसरी चीजों में बदलाव हो सकता है।

आधुनिकीकरण पर रेलवे के फोकस से होगा फायदा 

आईपीओ के प्लान की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया, “इनवेस्टर्स के बीच मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस की अच्छी डिमांड है। रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए पूंजीगत खर्च बढ़ा है। इसका फायदा निफा जैसी कंपनियों को मध्यम से लंबी अवधि में मिलेगा।”

कंपनी की 10 मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां हैं

निफा की 10 मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां हैं। इनमें से 9 पश्चिम बंगाल में है और एक हरियाणा में है। कंपनी रेलवे के अलावा एग्रीकल्चर, इलेक्ट्रिकल-स्विच गियर और इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज को प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है। आईपीओ के प्लान के बारे में जानने के लिए कंपनी को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला।

कंपनी के रेलवे पोर्टफोलियो में कई प्रोडक्ट्स शामिल

कंपनी वंदे भारत के लिए कंपोनेंट्स की सप्लाई के साथ ही रेलवे को LHB कोच और EMU सप्लाई करती है। इसके रेलवे पोर्टफोलियो में लोकोमोटिव कास्टिंग्स, ट्रैक और पर्मानेंट-वे कंपोनेंट्स, ट्रेन कपलिंग और ड्राफ्ट सिस्टम्स, फ्रेट रेल प्रोडक्ट्स और रेल-व्हील सेट्स शामिल हैं।

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2030 तक वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर 800 करने का प्लान

आधुनिकीकरण पर रेलवे के फोकस का फायदा निफा को मिलेगा। सरकार वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाना चाहती है। दिसंबर 2025 तक वंदे भारत ट्रेनों की संख्या 164 थी। सरकार का प्लान 2030 तक इसे बढ़ाकर 800 और 20247 तक 4,500 करने का प्लान है। FY26 में निफा का प्रदर्शन अच्छा रहा। कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर 634 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 475 करोड़ रुपये था। इसका ऑपरेटिंग मार्जिन करीब 19 फीसदी था।

Shiprocket IPO: 12 अगस्त से ₹1617 करोड़ का IPO खुलेगा, GMP 28% मुनाफे का संकेत दे रहा

Shiprocket IPO: टेमासेक और जोमैटो जैसे दिग्गजों के निवेश वाली Shiprocket का IPO 12 अगस्त से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी ने इश्यू का प्राइस बैंड 92 से 97 रुपये प्रति शेयर तय किया है। IPO के जरिए कंपनी करीब 1,617.5 करोड़ रुपये जुटाएगी।

12 से 14 अगस्त तक खुलेगा IPO

Shiprocket IPO के लिए बोली 12 अगस्त से 14 अगस्त तक लगाई जा सकेगी। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए इश्यू 11 अगस्त को खुलेगा। कंपनी फ्रेश इश्यू से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने में करेगी।

कर्ज चुकाने और अधिग्रहण पर भी पैसा

IPO से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा कंपनी कुछ कर्ज और उस पर लगने वाले ब्याज को चुकाने में लगाएगी। इसके अलावा संभावित अधिग्रहण के जरिए कारोबार बढ़ाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए भी रकम इस्तेमाल होगी।

GMP 28% तक

ग्रे मार्केट में Shiprocket के शेयरों को लेकर फिलहाल अच्छी दिलचस्पी दिख रही है। अलग-अलग प्लेटफॉर्म के मुताबिक IPO का GMP करीब 27 से 28% तक है। Investorgain ने 27 रुपये का GMP बताया है। इसके हिसाब से 97 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर अनुमानित लिस्टिंग करीब 124 रुपये हो सकती है। हालांकि, GMP अनौपचारिक होता है और लिस्टिंग गेन की गारंटी नहीं देता।

Shiprocket क्या करती है?

Shiprocket पहले मुख्य तौर पर शिपिंग सर्विस देती थी। अब यह फुल स्टैक ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म बन चुकी है। कंपनी D2C ब्रांड्स और MSMEs को ऑनलाइन कारोबार से जुड़ी सेवाएं देती है।

इसके कारोबार को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला कोर बिजनेस है। इसमें घरेलू शिपिंग प्लेटफॉर्म और शिपिंग ऐप्स शामिल हैं। कंपनी मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्टेशन, AI आधारित लॉजिस्टिक्स अलोकेशन, ऑर्डर मैनेजमेंट और ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं देती है।

कंपनी की ग्रोथ कैसी रही?

FY24 से FY26 के बीच Shiprocket का रेवेन्यू 24% CAGR से बढ़ा। इसी दौरान एडजस्टेड PAT घाटा 351 करोड़ रुपये से घटकर 76 करोड़ रुपये रह गया।

SBI Securities ने IPO को सब्सक्राइब रेटिंग दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक, IPO से मिलने वाली रकम से करीब 210 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया जा सकता है। इससे कंपनी का कुल कर्ज 242 करोड़ रुपये से घटकर करीब 32 करोड़ रुपये रह सकता है।

ब्रोकरेज की अलग-अलग राय

Swastika Financial ने IPO को Neutral रेटिंग दी है। उसके मुताबिक, यह IPO ज्यादा जोखिम लेने वाले और ग्रोथ पर फोकस करने वाले निवेशकों के लिए बेहतर है। वहीं, Ventura Securities ने कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट और FY26 में 52.64 करोड़ रुपये के पॉजिटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो को सकारात्मक बताया है।

हालांकि, कंपनी की कमाई का बड़ा हिस्सा कोर बिजनेस से आता है। थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स पर निर्भरता भी एक जोखिम है। इसलिए IPO में निवेश से पहले वैल्यूएशन, कंपनी की ग्रोथ और जोखिम को ध्यान से देखना जरूरी है।

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