Shiprocket IPO Listing: ₹97 का शेयर ₹131 पर लिस्ट, आईपीओ को मिली थी 102 गुना बोली

Shiprocket IPO Listing: ई-कॉमर्स एनेबलमेंट कंपनी शिपरॉकेट के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 102 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹97 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹129.50 और NSE पर ₹131.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 11% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹135.08 (Shiprocket Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 39.26% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹9 के डिस्काउंट पर मिला है।

Shiprocket IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

शिपरॉकेट का ₹1,617 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 12-14 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 102.28 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 125.20 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 92.58 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 48.38 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 58.85 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹885 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 7,54,62,363 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹365.60 करोड़ उभरते हुए और कोर बिजनेस के शिपरॉकेट प्लेटफॉर्म्स की ग्रोथ में निवेश, ₹205.80 करोड़ मार्केटिंग, ₹159.80 करोड़ टेक इंफ्रा और कैपेबिलिटीज में निवेश, ₹210.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, और बाकी पैसे इनऑर्गेनिक ग्रोथ और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Shiprocket के बारे में

शिपरॉकेट एक भारतीय ई-कॉमर्स एनेबलमेंट कंपनी है जो कंपनियों को टेक सॉल्यूशंस देती है। यह MSMEs (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज), D2C (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर) ब्रांड्स और बड़े रिटेलर्स को उनके ऑनलाइन और ऑफलाइन बिजनेस को मैनेज करने और बढ़ाने में मदद करती है। रेडशियर रिपोर्ट (Redseer Report) के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 में रेवेन्यू के हिसाब से यह देश की सबसे न्यू-एज एंड-टू-एंड ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म थी।

कंपनी ने शुरुआत में एक शिपिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करना शुरू किया था। इसकी मुख्य सर्विसेज में घरेलू शिपिंग और शिपिंग सॉफ्टवेयर शामिल हैं, जो इंस्टेंट पिकअप, ऑर्डर ट्रैकिंग, सुरक्षित डिलीवरी, वजन की जांच और फास्ट COD (कैश-ऑन-डिलीवरी) पेमेंट सेटलमेंट जैसी सर्विसेज देती है। समय के साथ इसका कारोबार बढ़ता गया और यह कार्गो और फुलफिलमेंट सर्विसेज, क्रॉस-बॉर्डर शिपिंग सॉल्यूशंस, एडवर्टाइजिंग और मार्केटिंग सॉल्यूशंस, और मर्चेंट सॉल्यूशंस देती है। वित्त वर्ष 2026 में इसने 146 देशों में क्लाइंट्स को सर्विसेज दी। शिपरॉकेट को मुख्य रूप से यूजेज-बेस्ड प्राइसिंग मॉडल से रेवेन्यू मिलता है जिसमें मर्चेंट्स इस आधार पर पेमेंट करते हैं कि वे प्लेटफॉर्म का कितना इस्तेमाल करते हैं, जैसे कि शिपमेंट की संख्या, ट्रांज़ैक्शन या प्रोसेस किए गए ऑर्डर की वैल्यू।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है लेकिन कंपनी तीन वित्त वर्षों से लगातार घाटे में बनी हुई है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ₹595.18 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था जोकि वित्त वर्। 2025 में घटकर ₹74.45 करोड़ और वित्त वर्ष 2026 में ₹79.25 करोड़ पर आ गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना करीब 24% की रफ्तार यानी सीएजीआर से ₹2,077.42 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹242.01 करोड़ का टोटल कर्ज था।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shiprocket IPO: अलॉटमेंट जारी, 19 अगस्त को हो सकती है लिस्टिंग; GMP दे रहा तगड़े मुनाफे का संकेत

Shiprocket IPO: टेमासेक के निवेश वाली ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट के आईपीओ का अलॉटमेंट जारी हो चुका है। जिन निवेशकों ने इस बुक-बिल्डिंग इश्यू में आवेदन किया था, वे अब अपना अलॉटमेंट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। अब निवेशकों की नजर 19 अगस्त 2026 को संभावित लिस्टिंग पर है। इस बीच ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) भी मजबूत लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है।

GMP क्या संकेत दे रहा है?

Investorgain के मुताबिक, Shiprocket IPO का लेटेस्ट GMP ₹38 है। कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में इश्यू प्राइस के मुकाबले 39.18% के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं।

कंपनी के IPO का अपर प्राइस बैंड ₹97 प्रति शेयर था। ऐसे में मौजूदा GMP के आधार पर शिपरॉकेट की लिस्टिंग करीब ₹135 पर होने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, GMP केवल ग्रे मार्केट का अंदाजा होता है। असल लिस्टिंग मार्केट की मांग, सेंटीमेंट और ओपनिंग बिड्स पर निर्भर करेगी।

कितना मुनाफा हो सकता है?

Shiprocket IPO का लॉट साइज 154 शेयर था। अपर प्राइस बैंड ₹97 होने के कारण एक लॉट के लिए निवेशकों को ₹14,938 लगाने पड़े।

अगर ₹38 GMP और 39.18% संभावित प्रीमियम के आधार पर शेयर ₹135 पर लिस्ट होता है, तो प्रति शेयर ₹38 का फायदा हो सकता है। ऐसे में आपके निवेश की रकम अच्छी खासी बढ़ सकती है।

  • 1 लॉट (154 शेयर) का संभावित मुनाफा: ₹5,852
  • 5 लॉट (770 शेयर) का संभावित मुनाफा: ₹29,260

यानी एक लॉट की ₹14,938 की शुरुआती निवेश रकम बढ़कर करीब ₹20,790 हो सकती है, जो करीब 39.18% के संभावित रिटर्न के बराबर है। हालांकि वास्तविक मुनाफा लिस्टिंग प्राइस पर निर्भर करेगा।

एक्सपर्ट्स की क्या राय है?

SBI Securities का शिपरॉकेट IPO पर पॉजिटिव रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि कर्ज घटने से बैलेंस शीट मजबूत होगी। साथ ही, ब्याज खर्च कम होने से मुनाफे में सुधार आ सकता है। वहीं Swastika Financial ने ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है। उसका कहना है कि यह IPO 2-3 साल के नजरिए वाले हाई-रिस्क निवेशकों के लिए ज्यादा सही है।

Ventura Securities के मुताबिक, कंपनी की नेटवर्थ ₹1,524.29 करोड़ है। FY26 में ऑपरेशन से ₹52.64 करोड़ का पॉजिटिव कैश फ्लो रहा। हालांकि, थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स पर अधिक निर्भरता और कोर बिजनेस से ज्यादा रेवेन्यू आना इसके प्रमुख जोखिम हैं।

शिपरॉकेट का वैल्यूएशन कैसा है

Geojit Investments ने भी IPO पर पॉजिटिव राय दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि ₹97 के अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन FY26 के आधार पर करीब 3.6 गुना EV/Sales है। यह इसकी लिस्टेड प्रतिस्पर्धियों की तुलना में आकर्षक माना जा सकता है।

ब्रोकरेज का मानना है कि Shiprocket का मर्चेंट बेस बढ़ रहा है। टेक्नोलॉजी आधारित प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स बाजार में मजबूत स्थिति है। ये चीज इसे मध्यम से लंबी अवधि के निवेशकों के लिए दिलचस्प बनाती है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Shiprocket IPO Allotment Date: करीब 100 गुना सब्सक्राइब हुआ, जानिए लेटेस्ट GMP और अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Shiprocket IPO: ई-कॉमर्स एनएबलमेंट प्लेटफॉर्म Shiprocket के IPO को करीब 100 गुना का जोरदार सब्सक्रिप्शन मिला। यह आईपीओ 12 से 14 अगस्त तक खुला था। शिपरॉकेट ने अपने 92-97 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया था। Shiprocket IPO का अलॉटमेंट 17 अगस्त को फाइनल होने की संभावना है। इसके बाद कंपनी के शेयर 19 अगस्त को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

IPO का आकार कितना है?

Shiprocket का IPO ₹1,617.48 करोड़ का है। इसमें ₹885.50 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए। वहीं ₹731.98 करोड़ के शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे गए।

OFS में Tribe Capital, Moore Strategic Ventures, Lightrock, गौतम कपूर, साहिल गोयल, विशेष खुराना और Agility International Investment जैसे मौजूदा निवेशकों ने हिस्सेदारी बेची।

शिपरॉकेट पैसे का इस्तेमाल कहां करेगी?

कंपनी IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मार्केटिंग बढ़ाने, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने, कुछ कर्ज चुकाने और संभावित अधिग्रहण जैसे कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

Temasek और Zomato के निवेश वाली Shiprocket अब सिर्फ शिपिंग कंपनी नहीं रह गई है। यह D2C ब्रांड्स और MSMEs को घरेलू शिपिंग, क्रॉस-बॉर्डर शिपिंग, फुलफिलमेंट, विज्ञापन, कैपिटल सॉल्यूशंस और हाइपरलोकल डिलीवरी जैसी सेवाएं देती है।

ग्रे मार्केट में कैसा है माहौल?

Investorgain के मुताबिक, रविवार को Shiprocket का GMP ₹32 रहा। यह इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 33% प्रीमियम दिखाता है। हालांकि, 13 अगस्त को यह ₹36.50 था, यानी इसमें हल्की नरमी आई है। लिस्टिंग तक GMP में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

NSE अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?

  • NSE की IPO Bid Details वेबसाइट खोलें।
  • Equity & SME IPO बिड डिटेल्स चुनें।
  • Symbol में SHIPROCKET चुनें।
  • PAN या एप्लिकेश नंबर दर्ज करें।
  • सबमिट पर क्लिक करें।

KFin Technologies पर अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?

  • KFin Technologies का IPO स्टेटस पोर्टल खोलें।
  • Shiprocket Ltd चुनें।
  • डीमैट नंबर, एप्लिकेशन नंबर या PAN में से कोई एक दर्ज करें।
  • सबमिट पर क्लिक करें।

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Shiprocket IPO: 12 अगस्त से ₹1617 करोड़ का IPO खुलेगा, GMP 28% मुनाफे का संकेत दे रहा

Shiprocket IPO: टेमासेक और जोमैटो जैसे दिग्गजों के निवेश वाली Shiprocket का IPO 12 अगस्त से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी ने इश्यू का प्राइस बैंड 92 से 97 रुपये प्रति शेयर तय किया है। IPO के जरिए कंपनी करीब 1,617.5 करोड़ रुपये जुटाएगी।

12 से 14 अगस्त तक खुलेगा IPO

Shiprocket IPO के लिए बोली 12 अगस्त से 14 अगस्त तक लगाई जा सकेगी। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए इश्यू 11 अगस्त को खुलेगा। कंपनी फ्रेश इश्यू से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने में करेगी।

कर्ज चुकाने और अधिग्रहण पर भी पैसा

IPO से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा कंपनी कुछ कर्ज और उस पर लगने वाले ब्याज को चुकाने में लगाएगी। इसके अलावा संभावित अधिग्रहण के जरिए कारोबार बढ़ाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए भी रकम इस्तेमाल होगी।

GMP 28% तक

ग्रे मार्केट में Shiprocket के शेयरों को लेकर फिलहाल अच्छी दिलचस्पी दिख रही है। अलग-अलग प्लेटफॉर्म के मुताबिक IPO का GMP करीब 27 से 28% तक है। Investorgain ने 27 रुपये का GMP बताया है। इसके हिसाब से 97 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर अनुमानित लिस्टिंग करीब 124 रुपये हो सकती है। हालांकि, GMP अनौपचारिक होता है और लिस्टिंग गेन की गारंटी नहीं देता।

Shiprocket क्या करती है?

Shiprocket पहले मुख्य तौर पर शिपिंग सर्विस देती थी। अब यह फुल स्टैक ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म बन चुकी है। कंपनी D2C ब्रांड्स और MSMEs को ऑनलाइन कारोबार से जुड़ी सेवाएं देती है।

इसके कारोबार को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला कोर बिजनेस है। इसमें घरेलू शिपिंग प्लेटफॉर्म और शिपिंग ऐप्स शामिल हैं। कंपनी मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्टेशन, AI आधारित लॉजिस्टिक्स अलोकेशन, ऑर्डर मैनेजमेंट और ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं देती है।

कंपनी की ग्रोथ कैसी रही?

FY24 से FY26 के बीच Shiprocket का रेवेन्यू 24% CAGR से बढ़ा। इसी दौरान एडजस्टेड PAT घाटा 351 करोड़ रुपये से घटकर 76 करोड़ रुपये रह गया।

SBI Securities ने IPO को सब्सक्राइब रेटिंग दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक, IPO से मिलने वाली रकम से करीब 210 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया जा सकता है। इससे कंपनी का कुल कर्ज 242 करोड़ रुपये से घटकर करीब 32 करोड़ रुपये रह सकता है।

ब्रोकरेज की अलग-अलग राय

Swastika Financial ने IPO को Neutral रेटिंग दी है। उसके मुताबिक, यह IPO ज्यादा जोखिम लेने वाले और ग्रोथ पर फोकस करने वाले निवेशकों के लिए बेहतर है। वहीं, Ventura Securities ने कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट और FY26 में 52.64 करोड़ रुपये के पॉजिटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो को सकारात्मक बताया है।

हालांकि, कंपनी की कमाई का बड़ा हिस्सा कोर बिजनेस से आता है। थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स पर निर्भरता भी एक जोखिम है। इसलिए IPO में निवेश से पहले वैल्यूएशन, कंपनी की ग्रोथ और जोखिम को ध्यान से देखना जरूरी है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IPOs This Week: 10 अगस्त से शुरू हफ्ते में Milky Mist, Shiprocket समेत 8 नए इश्यू, 8 कंपनियां होंगी लिस्ट

10 अगस्त से शुरू हो रहा हफ्ता IPO के लिहाज से काफी अच्छा रहने वाला है। 8 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 5 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 4 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से 2 मेनबोर्ड हैं। जहां तक नई लिस्ट होने जा रही कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 8 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

Dhoot Transmission IPO: ₹3,066.89 करोड़ का इश्यू 10 अगस्त को खुलने जा रहा है। इसमें 12 अगस्त तक ₹829-₹871 प्रति शेयर के भाव पर 17 शेयरों के लॉट में निवेश कर सकते हैं। इश्यू बंद होने के बाद कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Molbio Diagnostics IPO: यह 10 अगस्त को खुलेगा और 12 अगस्त को बंद होगा। कंपनी ₹939.70 करोड़ जुटाना चाहती है। प्राइस बैंड ₹768-₹807 प्रति शेयर है। लॉट साइज 18 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 अगस्त को होने वाली है।

Milky Mist Dairy Food IPO: कंपनी ₹1,553 करोड़ जुटाना चाहती है। IPO 11 अगस्त को खुलने वाला है। इसमें ₹133-₹140 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 107 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। IPO 13 अगस्त को बंद होगा। उसके बाद कंपनी NSE और BSE पर 18 अगस्त को लिस्ट हो सकती है।

Sham Foam IPO: यह 11 अगस्त को खुल रहा है। साइज ₹40.48 करोड़ है। फाइनल इश्यू प्राइस ₹130 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1,000 शेयर है। IPO की क्लोजिंग 13 अगस्त को होगी। उसके बाद कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 18 अगस्त को होने की उम्मीद है।

Fascinate Textiles IPO: ₹66.98 करोड़ का इश्यू 11 अगस्त को खुलेगा और 13 अगस्त को बंद होगा। बोली ₹148-₹156 प्रति शेयर के भाव पर लगा सकते हैं। लॉट साइज 800 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 18 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

Behari Lal Engineering IPO: ₹302 करोड़ का पब्लिक इश्यू 12 अगस्त को खुलेगा। प्राइस बैंड ₹271-₹285 प्रति शेयर है। लॉट साइज 52 शेयर है। IPO में 14 अगस्त तक बोली लगाई जा सकेगी। कंपनी के NSE और BSE पर 19 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Pramodini Medicare IPO: कंपनी का इरादा ₹69.04 करोड़ जुटाने का है। इश्यू 12 अगस्त को खुलेगा और 14 अगस्त को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹110-₹118 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 19 अगस्त को लिस्ट होने वाले हैं।

Shiprocket IPO: ₹1,617.48 करोड़ का इश्यू भी 12 अगस्त को ओपन होगा। बोली लगाने के लिए 14 अगस्त तक मौका रहेगा। प्राइस बैंड ₹92-₹97 प्रति शेयर और लॉट साइज 154 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 19 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

पहले से खुले IPO

LAPL Automotive IPO: ₹32.40 करोड़ का इश्यू 6 अगस्त को खुला था और 10 अगस्त को बंद होगा। यह अभी तक 31.41 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹88-₹94 प्रति शेयर और लॉट साइज 1200 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 13 अगस्त को होगी।

LEAP India IPO: इसका साइज ₹2,480 करोड़ है। यह 7 अगस्त को खुला था। अभी तक 28 प्रतिशत भरा है। इसमें 11 अगस्त तक ₹151-₹159 प्रति शेयर के भाव पर और 94 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 14 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Technocraft Ventures IPO: इस इश्यू की ओपनिंग भी 7 अगस्त को हुई थी और क्लोजिंग 11 अगस्त को होगी। कंपनी ₹251.88 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू अभी तक 2.59 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹200-₹212 प्रति शेयर और लॉट साइज 70 शेयर है। शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 14 अगस्त को होने वाली है।

Optimystix Entertainment IPO: यह 7 अगस्त को खुला था और 11 अगस्त को बंद होगा। कंपनी 107.88 करोड़ रुपये तक जुटाना चाहती है। प्राइस बैंड 165-174 रुपये प्रति शेयर है। इस पब्लिक इश्यू को अभी तक 73 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है। IPO बंद होने के बाद कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 14 अगस्त को होने की उम्मीद है।

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इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 10 अगस्त को NSE SME पर Anawil Wire & Engineering के शेयर लिस्ट हो सकते हैं। 11 अगस्त को BSE SME पर Aegeus Technologies की लिस्टिंग होने वाली है। 12 अगस्त को NSE और BSE पर Ardee Industries के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। इसी दिन BSE SME पर G.V. Electricals की लिस्टिंग हो सकती है। 13 अगस्त को BSE SME पर LAPL Automotive के लिस्ट होने की उम्मीद है। 14 अगस्त को NSE और BSE पर LEAP India और Technocraft Ventures लिस्ट होने वाली हैं। इसी दिन NSE SME पर Optimystix Entertainment के शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अगस्त में एक दर्जन से ज्यादा मेनबोर्ड IPO! ₹25000 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश; लिस्ट में Zepto, Shiprocket भी

अगले महीने यानि अगस्त में IPO मार्केट काफी गुलजार रहने वाला है। मेनबोर्ड सेगमेंट में एक दर्जन से ज्यादा IPO लॉन्च हो सकते हैं। लिस्ट में जेप्टो, ट्रूहोम फाइनेंस और शिपरॉकेट जैसे नाम भी शामिल हैं। इन कंपनियों के IPO से कुल मिलाकर 25,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि जुटाए जाने की उम्मीद है। मर्चेंट बैंकरों के अनुसार, नए आ रहे IPO में नए शेयर जारी किए जाने के साथ-साथ मौजूदा शेयरधारकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) भी रहेगा।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इक्विरस कैपिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर और इनवेस्टमेंट बैंकिंग हेड भावेश शाह का कहना है कि बाजार में स्थिरता और निवेशकों की बेहतर धारणा के चलते वे कंपनियां भी अब आगे बढ़ रही हैं, जो पहले IPO योजनाओं को टाल रही थीं।

शाह का मानना है कि समय-समय पर उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत के IPO मार्केट का लॉन्ग-टर्म आउटलुक मजबूत बना हुआ है। इस कैलेंडर ईयर यानि​ कि साल 2026 में भारत IPO के जरिए लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाएगा।

Zepto के IPO में 8010 करोड़ के नए शेयर

आने वाले IPO में क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जेप्टो एक प्रमुख नाम है। कंपनी अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी कर 8,010 करोड़ रुपये तक जुटाने की योजना बना रही है। इसके अलावा 11.34 करोड़ इक्विटी शेयरों का OFS भी रहेगा। हाउसिंग फाइनेंस कंपनी ट्रूहोम फाइनेंस का इरादा IPO से 3,000 करोड़ रुपये जुटाने का है। इसमें 1,500 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही इतने ही रुपये के शेयरों का OFS होगा। एलिवेट कैंपसेज 2,550 करोड़ रुपये का IPO ला रही है। इसमें केवल नए शेयर जारी होंगे।

Shiprocket का पब्लिक इश्यू कितना बड़ा

शिपरॉकेट की तैयारी 2,342.35 करोड़ रुपये का IPO लाने की है। इसमें 1,100 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही 1,242.35 करोड़ रुपये का OFS होगा। कंपनी एक फुल-स्टैक ई-कॉमर्स इनेबलर है। इसका मतलब हुआ कि एक ऐसी कंपनी या प्लेटफॉर्म जो किसी​ बिजनेस को ऑनलाइन ले जाने, चलाने और बढ़ाने के लिए शुरू से अंत तक सभी सर्विसेज और तकनीकी समाधान देती हो।

अन्य कंपनियों की बात करें तो इनोवेटिवव्यू इंडिया 2,000 करोड़ रुपये तक का IPO लाना चाहती है। यह पूरी तरह से OFS होगा। मिल्की मिस्ट डेयरी फूड का 1,553 करोड़ रुपये का IPO कतार में है। इनके अलावा धूत ट्रांसमिशन, ARCIL (एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया लिमिटेड), गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट, शंकेश ज्वेलर्स, रेज ऑफ बिलीफ, अर्डी इंडस्ट्रीज, हाई-टेक इंजीनियर्स और लर्नफ्लूएंस एजुकेशन भी कैपिटल मार्केट में उतरने की योजना बना रही हैं।

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इस साल अब तक मेनबोर्ड सेगमेंट में 36 IPO

विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों की बढ़ती IPO गतिविधियां निवेशकों के भरोसे और मजबूत मांग को दर्शाती हैं। इस साल अब तक मेनबोर्ड सेगमेंट में 36 कंपनियां IPO ला चुकी हैं, जिनमें से 9 कंपनियां जुलाई महीने में लिस्ट हुईं। नए सप्ताह में मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का पब्लिक इश्यू 29 जुलाई को खुल रहा है। जूनिपर ग्रीन एनर्जी और एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स के IPO 30 जुलाई को खुलने वाले हैं।

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