Shiprocket IPO Listing: ₹97 का शेयर ₹131 पर लिस्ट, आईपीओ को मिली थी 102 गुना बोली

Shiprocket IPO Listing: ई-कॉमर्स एनेबलमेंट कंपनी शिपरॉकेट के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 102 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹97 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹129.50 और NSE पर ₹131.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 11% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹135.08 (Shiprocket Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 39.26% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹9 के डिस्काउंट पर मिला है।

Shiprocket IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

शिपरॉकेट का ₹1,617 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 12-14 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 102.28 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 125.20 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 92.58 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 48.38 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 58.85 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹885 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 7,54,62,363 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹365.60 करोड़ उभरते हुए और कोर बिजनेस के शिपरॉकेट प्लेटफॉर्म्स की ग्रोथ में निवेश, ₹205.80 करोड़ मार्केटिंग, ₹159.80 करोड़ टेक इंफ्रा और कैपेबिलिटीज में निवेश, ₹210.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, और बाकी पैसे इनऑर्गेनिक ग्रोथ और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Shiprocket के बारे में

शिपरॉकेट एक भारतीय ई-कॉमर्स एनेबलमेंट कंपनी है जो कंपनियों को टेक सॉल्यूशंस देती है। यह MSMEs (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज), D2C (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर) ब्रांड्स और बड़े रिटेलर्स को उनके ऑनलाइन और ऑफलाइन बिजनेस को मैनेज करने और बढ़ाने में मदद करती है। रेडशियर रिपोर्ट (Redseer Report) के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 में रेवेन्यू के हिसाब से यह देश की सबसे न्यू-एज एंड-टू-एंड ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म थी।

कंपनी ने शुरुआत में एक शिपिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करना शुरू किया था। इसकी मुख्य सर्विसेज में घरेलू शिपिंग और शिपिंग सॉफ्टवेयर शामिल हैं, जो इंस्टेंट पिकअप, ऑर्डर ट्रैकिंग, सुरक्षित डिलीवरी, वजन की जांच और फास्ट COD (कैश-ऑन-डिलीवरी) पेमेंट सेटलमेंट जैसी सर्विसेज देती है। समय के साथ इसका कारोबार बढ़ता गया और यह कार्गो और फुलफिलमेंट सर्विसेज, क्रॉस-बॉर्डर शिपिंग सॉल्यूशंस, एडवर्टाइजिंग और मार्केटिंग सॉल्यूशंस, और मर्चेंट सॉल्यूशंस देती है। वित्त वर्ष 2026 में इसने 146 देशों में क्लाइंट्स को सर्विसेज दी। शिपरॉकेट को मुख्य रूप से यूजेज-बेस्ड प्राइसिंग मॉडल से रेवेन्यू मिलता है जिसमें मर्चेंट्स इस आधार पर पेमेंट करते हैं कि वे प्लेटफॉर्म का कितना इस्तेमाल करते हैं, जैसे कि शिपमेंट की संख्या, ट्रांज़ैक्शन या प्रोसेस किए गए ऑर्डर की वैल्यू।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है लेकिन कंपनी तीन वित्त वर्षों से लगातार घाटे में बनी हुई है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ₹595.18 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था जोकि वित्त वर्। 2025 में घटकर ₹74.45 करोड़ और वित्त वर्ष 2026 में ₹79.25 करोड़ पर आ गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना करीब 24% की रफ्तार यानी सीएजीआर से ₹2,077.42 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹242.01 करोड़ का टोटल कर्ज था।

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Shiprocket IPO: अलॉटमेंट जारी, 19 अगस्त को हो सकती है लिस्टिंग; GMP दे रहा तगड़े मुनाफे का संकेत

Shiprocket IPO: टेमासेक के निवेश वाली ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट के आईपीओ का अलॉटमेंट जारी हो चुका है। जिन निवेशकों ने इस बुक-बिल्डिंग इश्यू में आवेदन किया था, वे अब अपना अलॉटमेंट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। अब निवेशकों की नजर 19 अगस्त 2026 को संभावित लिस्टिंग पर है। इस बीच ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) भी मजबूत लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है।

GMP क्या संकेत दे रहा है?

Investorgain के मुताबिक, Shiprocket IPO का लेटेस्ट GMP ₹38 है। कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में इश्यू प्राइस के मुकाबले 39.18% के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं।

कंपनी के IPO का अपर प्राइस बैंड ₹97 प्रति शेयर था। ऐसे में मौजूदा GMP के आधार पर शिपरॉकेट की लिस्टिंग करीब ₹135 पर होने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, GMP केवल ग्रे मार्केट का अंदाजा होता है। असल लिस्टिंग मार्केट की मांग, सेंटीमेंट और ओपनिंग बिड्स पर निर्भर करेगी।

कितना मुनाफा हो सकता है?

Shiprocket IPO का लॉट साइज 154 शेयर था। अपर प्राइस बैंड ₹97 होने के कारण एक लॉट के लिए निवेशकों को ₹14,938 लगाने पड़े।

अगर ₹38 GMP और 39.18% संभावित प्रीमियम के आधार पर शेयर ₹135 पर लिस्ट होता है, तो प्रति शेयर ₹38 का फायदा हो सकता है। ऐसे में आपके निवेश की रकम अच्छी खासी बढ़ सकती है।

  • 1 लॉट (154 शेयर) का संभावित मुनाफा: ₹5,852
  • 5 लॉट (770 शेयर) का संभावित मुनाफा: ₹29,260

यानी एक लॉट की ₹14,938 की शुरुआती निवेश रकम बढ़कर करीब ₹20,790 हो सकती है, जो करीब 39.18% के संभावित रिटर्न के बराबर है। हालांकि वास्तविक मुनाफा लिस्टिंग प्राइस पर निर्भर करेगा।

एक्सपर्ट्स की क्या राय है?

SBI Securities का शिपरॉकेट IPO पर पॉजिटिव रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि कर्ज घटने से बैलेंस शीट मजबूत होगी। साथ ही, ब्याज खर्च कम होने से मुनाफे में सुधार आ सकता है। वहीं Swastika Financial ने ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है। उसका कहना है कि यह IPO 2-3 साल के नजरिए वाले हाई-रिस्क निवेशकों के लिए ज्यादा सही है।

Ventura Securities के मुताबिक, कंपनी की नेटवर्थ ₹1,524.29 करोड़ है। FY26 में ऑपरेशन से ₹52.64 करोड़ का पॉजिटिव कैश फ्लो रहा। हालांकि, थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स पर अधिक निर्भरता और कोर बिजनेस से ज्यादा रेवेन्यू आना इसके प्रमुख जोखिम हैं।

शिपरॉकेट का वैल्यूएशन कैसा है

Geojit Investments ने भी IPO पर पॉजिटिव राय दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि ₹97 के अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन FY26 के आधार पर करीब 3.6 गुना EV/Sales है। यह इसकी लिस्टेड प्रतिस्पर्धियों की तुलना में आकर्षक माना जा सकता है।

ब्रोकरेज का मानना है कि Shiprocket का मर्चेंट बेस बढ़ रहा है। टेक्नोलॉजी आधारित प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स बाजार में मजबूत स्थिति है। ये चीज इसे मध्यम से लंबी अवधि के निवेशकों के लिए दिलचस्प बनाती है।

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