Shiprocket IPO: अलॉटमेंट जारी, 19 अगस्त को हो सकती है लिस्टिंग; GMP दे रहा तगड़े मुनाफे का संकेत

Shiprocket IPO: टेमासेक के निवेश वाली ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट के आईपीओ का अलॉटमेंट जारी हो चुका है। जिन निवेशकों ने इस बुक-बिल्डिंग इश्यू में आवेदन किया था, वे अब अपना अलॉटमेंट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। अब निवेशकों की नजर 19 अगस्त 2026 को संभावित लिस्टिंग पर है। इस बीच ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) भी मजबूत लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है।

GMP क्या संकेत दे रहा है?

Investorgain के मुताबिक, Shiprocket IPO का लेटेस्ट GMP ₹38 है। कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में इश्यू प्राइस के मुकाबले 39.18% के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं।

कंपनी के IPO का अपर प्राइस बैंड ₹97 प्रति शेयर था। ऐसे में मौजूदा GMP के आधार पर शिपरॉकेट की लिस्टिंग करीब ₹135 पर होने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, GMP केवल ग्रे मार्केट का अंदाजा होता है। असल लिस्टिंग मार्केट की मांग, सेंटीमेंट और ओपनिंग बिड्स पर निर्भर करेगी।

कितना मुनाफा हो सकता है?

Shiprocket IPO का लॉट साइज 154 शेयर था। अपर प्राइस बैंड ₹97 होने के कारण एक लॉट के लिए निवेशकों को ₹14,938 लगाने पड़े।

अगर ₹38 GMP और 39.18% संभावित प्रीमियम के आधार पर शेयर ₹135 पर लिस्ट होता है, तो प्रति शेयर ₹38 का फायदा हो सकता है। ऐसे में आपके निवेश की रकम अच्छी खासी बढ़ सकती है।

  • 1 लॉट (154 शेयर) का संभावित मुनाफा: ₹5,852
  • 5 लॉट (770 शेयर) का संभावित मुनाफा: ₹29,260

यानी एक लॉट की ₹14,938 की शुरुआती निवेश रकम बढ़कर करीब ₹20,790 हो सकती है, जो करीब 39.18% के संभावित रिटर्न के बराबर है। हालांकि वास्तविक मुनाफा लिस्टिंग प्राइस पर निर्भर करेगा।

एक्सपर्ट्स की क्या राय है?

SBI Securities का शिपरॉकेट IPO पर पॉजिटिव रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि कर्ज घटने से बैलेंस शीट मजबूत होगी। साथ ही, ब्याज खर्च कम होने से मुनाफे में सुधार आ सकता है। वहीं Swastika Financial ने ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है। उसका कहना है कि यह IPO 2-3 साल के नजरिए वाले हाई-रिस्क निवेशकों के लिए ज्यादा सही है।

Ventura Securities के मुताबिक, कंपनी की नेटवर्थ ₹1,524.29 करोड़ है। FY26 में ऑपरेशन से ₹52.64 करोड़ का पॉजिटिव कैश फ्लो रहा। हालांकि, थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स पर अधिक निर्भरता और कोर बिजनेस से ज्यादा रेवेन्यू आना इसके प्रमुख जोखिम हैं।

शिपरॉकेट का वैल्यूएशन कैसा है

Geojit Investments ने भी IPO पर पॉजिटिव राय दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि ₹97 के अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन FY26 के आधार पर करीब 3.6 गुना EV/Sales है। यह इसकी लिस्टेड प्रतिस्पर्धियों की तुलना में आकर्षक माना जा सकता है।

ब्रोकरेज का मानना है कि Shiprocket का मर्चेंट बेस बढ़ रहा है। टेक्नोलॉजी आधारित प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स बाजार में मजबूत स्थिति है। ये चीज इसे मध्यम से लंबी अवधि के निवेशकों के लिए दिलचस्प बनाती है।

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Molbio IPO Listing: गोवा की पहली यूनिकॉर्न, ₹980 पर लिस्ट ₹807 का शेयर, 70 गुना भरा था आईपीओ

Molbio IPO Listing: टेमासेक (Temasek) और मोतीलाल ओसवाल ग्रुप (Motilal Oswal Group) के निवेश वाली मोल्बियो डाइग्नॉस्टिक के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 70 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹807 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹980.00 और NSE पर भी ₹980.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 21% से अधिक लिस्टिंग गेन (Molbio Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹946.80 (Molbio Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 946.80% मुनाफे में हैं।

Molbio Diagnostics IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

मोब्लियो डाइग्नॉस्टिक्स न का ₹940 करोड़ का आईपीओ 10-12 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 70.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 186.39 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 49.80 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 12.97 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 13.28 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹200 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले 91.66 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹105.54 करोड़ आरएंडडी फैसिलिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और कनेक्टेड ऑफिस स्पेस बनाने, ₹72.28 करोड़ गोवा यूनिट 1, गोवा यूनिट 2 और विशाखापत्तनम यूनिट के लिए प्लांट, मशीनरी और अन्य इक्विपमेंट की खरीदारी, ₹59.54 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹9.47 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Molbio Diagnostics के बारे में

मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स एक पॉइंट-ऑफ-केयर (POC) डायग्नोस्टिक्स कंपनी है। इसने ‘Truenat’ नाम से पीसीआर (PCR) प्लेटफॉर्म डेवलप किया है, जो 100 से अधिक देशों में पेटेंटेड है। यह तकनीक टीबी (TB), कोविड-19, हेपेटाइटिस B & C, एचआईवी (HIV) और एचपीवी (HPV) जैसी बीमारियों की जांच 1 घंटे के भीतर कर सकती है। प्रोग्नोसिस और ऑप्ट्रास्कैन जैसी सहायक कंपनियों के जरिए यह डिजिटल पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग डिवाइस भी मुहैया कराती है। देश भर में इसके 6 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं और इसके ग्राहक 90 से अधिक देशों में हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 40% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹164.14 करोड़ और टोटल इनकम करीब 32% के सीएजीआर से ₹1,455.17 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹412.64 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,148.84 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shiprocket IPO Allotment Date: करीब 100 गुना सब्सक्राइब हुआ, जानिए लेटेस्ट GMP और अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Shiprocket IPO: ई-कॉमर्स एनएबलमेंट प्लेटफॉर्म Shiprocket के IPO को करीब 100 गुना का जोरदार सब्सक्रिप्शन मिला। यह आईपीओ 12 से 14 अगस्त तक खुला था। शिपरॉकेट ने अपने 92-97 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया था। Shiprocket IPO का अलॉटमेंट 17 अगस्त को फाइनल होने की संभावना है। इसके बाद कंपनी के शेयर 19 अगस्त को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

IPO का आकार कितना है?

Shiprocket का IPO ₹1,617.48 करोड़ का है। इसमें ₹885.50 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए। वहीं ₹731.98 करोड़ के शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे गए।

OFS में Tribe Capital, Moore Strategic Ventures, Lightrock, गौतम कपूर, साहिल गोयल, विशेष खुराना और Agility International Investment जैसे मौजूदा निवेशकों ने हिस्सेदारी बेची।

शिपरॉकेट पैसे का इस्तेमाल कहां करेगी?

कंपनी IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मार्केटिंग बढ़ाने, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने, कुछ कर्ज चुकाने और संभावित अधिग्रहण जैसे कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

Temasek और Zomato के निवेश वाली Shiprocket अब सिर्फ शिपिंग कंपनी नहीं रह गई है। यह D2C ब्रांड्स और MSMEs को घरेलू शिपिंग, क्रॉस-बॉर्डर शिपिंग, फुलफिलमेंट, विज्ञापन, कैपिटल सॉल्यूशंस और हाइपरलोकल डिलीवरी जैसी सेवाएं देती है।

ग्रे मार्केट में कैसा है माहौल?

Investorgain के मुताबिक, रविवार को Shiprocket का GMP ₹32 रहा। यह इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 33% प्रीमियम दिखाता है। हालांकि, 13 अगस्त को यह ₹36.50 था, यानी इसमें हल्की नरमी आई है। लिस्टिंग तक GMP में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

NSE अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?

  • NSE की IPO Bid Details वेबसाइट खोलें।
  • Equity & SME IPO बिड डिटेल्स चुनें।
  • Symbol में SHIPROCKET चुनें।
  • PAN या एप्लिकेश नंबर दर्ज करें।
  • सबमिट पर क्लिक करें।

KFin Technologies पर अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?

  • KFin Technologies का IPO स्टेटस पोर्टल खोलें।
  • Shiprocket Ltd चुनें।
  • डीमैट नंबर, एप्लिकेशन नंबर या PAN में से कोई एक दर्ज करें।
  • सबमिट पर क्लिक करें।

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Molbio Diagnostics करेगा मालामाल या लगेगा शॉक! ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Molbio Diagnostics Listing: टेमासेक (Temasek) और मोतीलाल ओसवाल ग्रुप (Motilal Oswal Group) के निवेश वाली मोल्बियो डाइग्नॉस्टिक के आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला। अब कल 17 अगस्त को इसके शेयर लिस्ट होने वाले हैं। ग्रे मार्केट से 15.49% के लिस्टिंग गेन के संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹125 यानी 15.49% प्रीमियम पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹807 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं। शेयर मिले या नहीं, इसका चेक करने का स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Molbio Diagnostics चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे चेक करें स्टेटस

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके Molbio Diagnostics चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Molbio Diagnostics IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

मोब्लियो डाइग्नॉस्टिक्स न का ₹940 करोड़ का आईपीओ 10-12 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 70.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 186.39 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 49.80 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 12.97 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 13.28 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹200 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले 91.66 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹105.54 करोड़ आरएंडडी फैसिलिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और कनेक्टेड ऑफिस स्पेस बनाने, ₹72.28 करोड़ गोवा यूनिट 1, गोवा यूनिट 2 और विशाखापत्तनम यूनिट के लिए प्लांट, मशीनरी और अन्य इक्विपमेंट की खरीदारी, ₹59.54 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹9.47 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Molbio Diagnostics के बारे में

मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स एक पॉइंट-ऑफ-केयर (POC) डायग्नोस्टिक्स कंपनी है। इसने ‘Truenat’ नाम से पीसीआर (PCR) प्लेटफॉर्म डेवलप किया है, जो 100 से अधिक देशों में पेटेंटेड है। यह तकनीक टीबी (TB), कोविड-19, हेपेटाइटिस B & C, एचआईवी (HIV) और एचपीवी (HPV) जैसी बीमारियों की जांच 1 घंटे के भीतर कर सकती है। प्रोग्नोसिस और ऑप्ट्रास्कैन जैसी सहायक कंपनियों के जरिए यह डिजिटल पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग डिवाइस भी मुहैया कराती है। देश भर में इसके 6 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं और इसके ग्राहक 90 से अधिक देशों में हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 40% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹164.14 करोड़ और टोटल इनकम करीब 32% के सीएजीआर से ₹1,455.17 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹412.64 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,148.84 करोड़ पड़े थे।

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