Jio Platforms IPO GMP: आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले पहले भागा जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम

Jio Platforms IPO GMP: जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम 20 अक्तूबर को प्रति शेयर 257 रुपये चल रहा था। इसका मतलब है कि यह शेयर करीब 23 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हो सकता है। यह इश्यू 21 अक्तूबर यानी बुधवार को खुलेगा। इसमें 23 अक्तूबर तक बोली लगाई जा सकती है।

जीएमपी 245 से बढ़कर 257 रुपये पहुंचा

जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रीमियम एक दिन पहले यानी 19 अक्तूबर के मुकाबले बढ़ा है। 19 अक्तूबर को यह प्रति शेयर 245 रुपये था। 20 अक्तूबर को यह बढ़कर 257 रुपये हो गया। इसका मतलब है कि कंपनी का शेयर 1,376 रुपये पर लिस्ट हो सकता है। यह प्राइस बैंड के 1,119 रुपये के ऊपरी लेवल से करीब 23 फीसदी ज्यादा है। इसका मतलब है कि शेयरों के एक लॉट पर इनवेस्टर को 3,084 रुपये का बेनेफिट हो सकता है।

कम से कम एक लॉट के लिए बोली लगानी होगी

इनवेस्टर्स को कम से कम शेयरों के एक लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट 12 शेयरों का है। इनवेस्टर्स को यह ध्यान में रखने की जरूरत है कि जीएमपी से सिर्फ शेयर के संभावित लिस्टिंग प्राइस का संकेत मिलता है। यह लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं है। इसलिए इनवेस्टर्स को किसी इश्यू में सिर्फ जीएमपी के आधार पर बोली लगाने का फैसला नहीं करना चाहिए।

यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ 

जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ शेयरों के प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर 30,213 करोड़ रुपये का है। यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ है। इससे पहले सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्यूंडई मोटर इंडिया के नाम है। कंपनी ने 2024 में 27,800 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था।

10 लाख करोड़ से ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनी 

प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसका मतलब है कि लिस्टिंग के बाद कंपनी 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएगी। अभी इस लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक शामिल हैं।

एंकर इनवेस्टर्स ने दिखाई जबर्दस्त दिलचस्पी

जियो प्लेटफॉर्म्स के इश्यू को एंकर इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला है। कंपनी ने 212 एंकर इनवेस्टर्स से 8,110 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी और कई दिग्गज विदेशी इनवेस्टमेंट फर्मों ने निवेश किया है। अनुमान है कि इश्यू ओपन होने के बाद दूसरी कैटेगरी के निवेशकों की भी अच्छी दिलचस्पी दिखेगी।

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28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे शेयर 

जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर बीएसई और एनएसई पर 28 अक्तूबर को लिस्ट होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्मों की इस आईपीओ पर पॉजिटिव राय है। उनका मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स की ग्रोथ के लिए आगे अच्छी संभावनाएं हैं। रिलायंस जियो इंफोकॉम इसकी सब्सिडियरी है, जो देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। शुरुआत के 10 साल के अंदर इसके सब्सक्राइबर्स की संख्या 53 करोड़ पहुंच गई है।

Sollfege Smart Electronics IPO: 30 सितंबर से ₹21 करोड़ का इश्यू खुलेगा, जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Sollfege Smart Electronics IPO: स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स के कारोबार से जुड़ी कोलकाता की Sollfege Smart Electronics Limited अपना IPO ला रही है। कंपनी का IPO 30 सितंबर 2026 को खुलेगा। इसमें निवेश के लिए 5 अक्टूबर तक मौका मिलेगा। कंपनी के शेयर BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है।

IPO की पूरी डिटेल

कंपनी IPO के जरिए 39.60 लाख इक्विटी शेयर जारी करेगी। हर शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। इश्यू प्राइस 55 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। इस हिसाब से IPO का कुल साइज 21.78 करोड़ रुपये है।

इस इश्यू का मार्केट लॉट 2,000 शेयरों का है। रिटेल निवेशकों को कम से कम दो लॉट के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए 2.20 लाख रुपये लगाने होंगे।

HNI निवेशकों के लिए न्यूनतम आवेदन तीन लॉट का है। यानी उन्हें कम से कम 3,000 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए 3.30 लाख रुपये की जरूरत होगी।

इस IPO के लिए Finshore Management Services Ltd. बुक रनिंग लीड मैनेजर है। Kfin Technologies Ltd. इश्यू की रजिस्ट्रार है।

IPO के पैसे का क्या होगा?

कंपनी IPO से मिले पैसे का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने में करेगी। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा नए शोरूम खोलने पर खर्च होगा।

कंपनी 12 नए शोरूम खोलने के लिए 8.54 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इससे उसका रिटेल नेटवर्क बढ़ेगा। साथ ही ग्राहकों तक पहुंच भी मजबूत करने की योजना है।

कंपनी 9.67 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल के लिए रखेगी। बाकी 1.80 करोड़ रुपये सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों पर खर्च किए जाएंगे।

प्रीमियम होम एंटरटेनमेंट पर फोकस

Sollfege Smart Electronics प्रीमियम ऑडियो, वीडियो और स्मार्ट होम ऑटोमेशन सॉल्यूशन के कारोबार में है। कंपनी अपने ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ के जरिए ग्राहकों को प्रोडक्ट्स और सॉल्यूशन उपलब्ध कराती है।

कंपनी का फोकस प्रीमियम होम एंटरटेनमेंट और स्मार्ट लिविंग से जुड़े बाजार पर है। नए शोरूम के जरिए इस कारोबार को और बढ़ाने की योजना है।

मैनेजिंग डायरेक्टर ने क्या कहा?

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर उमेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने प्रीमियम ऑडियो, वीडियो और स्मार्ट होम ऑटोमेशन के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत की है।

उन्होंने कहा कि कंपनी का अगला फोकस बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने, ग्राहक अनुभव बेहतर करने और प्रीमियम होम एंटरटेनमेंट व स्मार्ट लिविंग के क्षेत्र में एक भरोसेमंद नाम बनाने पर है।

तीन साल में बढ़ी कंपनी की कमाई

Sollfege Smart Electronics के फाइनेंशियल प्रदर्शन में भी सुधार हुआ है। कंपनी की कुल इनकम FY23 में 12.74 करोड़ रुपये थी। यह FY24 में बढ़कर 19.84 करोड़ रुपये और FY25 में 21.28 करोड़ रुपये हो गई।

कंपनी का EBITDA भी लगातार बढ़ा है। FY23 में यह 0.66 करोड़ रुपये था। FY24 में बढ़कर 1.73 करोड़ रुपये और FY25 में 3.24 करोड़ रुपये हो गया।

PAT यानी टैक्स के बाद मुनाफा भी बढ़ा है। FY23 में यह 0.36 करोड़ रुपये था। FY24 में 1.76 करोड़ रुपये और FY25 में 2.13 करोड़ रुपये रहा।

FY25 के आंकड़ों में कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट में सुधार दिखता है। EBITDA और PAT में बढ़ोतरी के साथ कंपनी अपने कारोबार का विस्तार कर रही है।

लंबी और मध्यम अवधि के लिहाज से यह शेयरों में निवेश का शानदार मौका, एक्सपर्ट ने बताई इसकी खास वजह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hy-Tech Engineers IPO: कल से खुलेगा ₹135 करोड़ का इश्यू, GMP मचा रहा धूम; निवेश से पहले जानिए 7 बड़ी बातें

Hy-Tech Engineers IPO: इंजीनियरिंग कंपनी Hy-Tech Engineers का मेनबोर्ड IPO सोमवार, 24 अगस्त से खुलेगा। ग्रे मार्केट में भी इस इश्यू को लेकर कापी उत्साह दिख रहा है। फिलहाल GMP करीब ₹25 है। यह अपर प्राइस बैंड ₹53 के मुकाबले करीब 47% की संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है।

कंपनी इंजीनियरिंग सेक्टर में हाइड्रोलिक फिटिंग्स बनाती है। पिछले तीन साल में इसका रेवेन्यू और मुनाफा दोनों बढ़े हैं। ऐसे में निवेश से पहले इसकी अहम बातें जान लेना जरूरी है।

1. प्राइस बैंड और GMP कितना है?

Hy-Tech Engineers ने IPO का प्राइस बैंड ₹50 से ₹53 प्रति शेयर रखा है। अगर ग्रे मार्केट प्रीमियम मौजूदा स्तर पर बना रहता है, तो शेयर करीब ₹78 पर लिस्ट हो सकता है। ऐसे में 47.17% का संभावित रिटर्न मिल सकता है। हालांकि GMP सिर्फ बाजार का संकेत होता है। लिस्टिंग इसी भाव पर होगी, इसकी कोई गारंटी नहीं होती।

2. IPO कब खुलेगा और कब बंद होगा?

यह IPO 24 अगस्त को खुलेगा और 27 अगस्त को बंद होगा। शेयरों का अलॉटमेंट 28 अगस्त को होने की उम्मीद है। सफल निवेशकों के डिमैट खाते में शेयर 31 अगस्त तक आ सकते हैं। कंपनी की लिस्टिंग 1 सितंबर को BSE और NSE पर प्रस्तावित है।

3. कंपनी कितना पैसा जुटाएगी?

Hy-Tech Engineers कुल ₹135.73 करोड़ जुटाएगी। इसमें ₹60 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल है। वहीं ₹75.73 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, जिसमें प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगे। फ्रेश इश्यू से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार के विस्तार में करेगी। यह पैसा नई मशीनें खरीदने, कावत्थे, शिरवाल और पीथमपुर यूनिट के विस्तार, कुछ कर्ज चुकाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों पर खर्च होगा।

4. रिटेल निवेशक को कितना निवेश करना होगा?

IPO का एक लॉट 283 शेयरों का है। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट खरीदने के लिए ₹14,999 लगाने होंगे। रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए करीब ₹1,94,987 का निवेश करना होगा।

5. कंपनी क्या करती है?

Hy-Tech Engineers हाइड्रोलिक फिटिंग्स बनाने वाली इंजीनियरिंग कंपनी है। इसके प्रोडक्ट कई तरह के औद्योगिक इस्तेमाल में काम आते हैं। कंपनी भारत के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी कारोबार करती है। इस उद्योग में उसे 40 साल से ज्यादा का अनुभव है।

6. कंपनी की कमाई कैसी रही?

पिछले तीन साल में कंपनी की कमाई लगातार बढ़ी है। इसका असर मुनाफे में भी साफ दिखा है।

वित्त वर्षरेवेन्यूमुनाफा
FY24₹137.71 करोड़₹11.6 करोड़
FY25₹161.4 करोड़₹19.6 करोड़
FY26₹189.4 करोड़₹22.6 करोड़

FY24 से FY26 के बीच कंपनी का रेवेन्यू करीब 38% बढ़ा है। वहीं मुनाफा लगभग दोगुना हो गया है। इससे कंपनी की ग्रोथ मजबूत नजर आती है।

7. किसके लिए कितना रिजर्व है?

IPO में 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित है। 15% हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) के लिए रखा गया है। बाकी 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।