VIDEO: एक फैसला और बदल गई पूरी जिंदगी, 24 साल की उम्र में महिला ने चुकाया 45 लाख का लोन, अब अमेरिका से आ रही भारत

24 साल की एक लड़की की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल वीडियो में 24 साल की एक महिला ने अपनी जिंदगी के पिछले कुछ सालों के सफर के बारे में बताया है। महिला ने अमेरिका में पढ़ाई से लेकर मैनहैटन में नौकरी करने और कम उम्र में एजुकेशन लोन चुकाने तक के कई बड़े पड़ावों के बारे में बताया है। वायरल वीडियो में महिला ने बताया कि 20 साल की उम्र में लिया गया एक फैसला उनके लिए काफी अहम साबित हुआ। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका गईं और न्यूयॉर्क में अपना करियर शुरू किया। इस दौरान उन्होंने एजुकेशन लोन चुकाया और अकेले कई देशों की यात्रा भी की। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

6 महीने में चुकाया लोन

महिला ने बताया कि अमेरिका में फाइनेंस की मास्टर डिग्री करने के लिए उन्होंने करीब 45 लाख रुपये का एजुकेशन लोन लिया था। उन्होंने 21 साल की उम्र में अपनी पढ़ाई पूरी कर ली और इसके बाद नौकरी की तलाश शुरू कर दी। कुछ ही समय बाद, 22 साल की होने से पहले उन्हें मैनहैटन में फाइनेंशियल एनालिस्ट की नौकरी मिल गई। महिला ने इस मौके को अपनी मेहनत का बड़ा नतीजा और सपने के पूरा होने जैसा बताया। वीडियो में महिला ने अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर भी कई बातें शेयर कीं। उन्होंने दावा किया कि नौकरी शुरू करने के महज छह महीने के भीतर ही उन्होंने अपना पूरा स्टूडेंट लोन चुका दिया था।

अब भारत लौटने का किया फैसला

इसके अलावा, उन्होंने अपनी कमाई से अकेले 10 देशों की यात्रा करने की बात भी बताई। उनके मुताबिक, कम उम्र में ही उन्होंने अपने खर्च खुद संभालना शुरू कर दिया और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ीं। 24 साल की उम्र में महिला अब अपनी जिंदगी का अगला पड़ाव शुरू करने जा रही हैं। अमेरिका में करीब चार साल बिताने और मैनहैटन में काम करने के बाद उन्होंने भारत वापस लौटने का फैसला किया। उन्होंने अपनी 20 की उम्र के शुरुआती वर्षों में पढ़ाई पूरी करने के साथ नौकरी की, यात्रा की और अपने करियर को आगे बढ़ाया। अब अमेरिका के अनुभवों के बाद वह भारत में नई शुरुआत करने की तैयारी कर रही हैं।

लोगों ने दिए रिएक्शन

सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने महिला की कहानी को प्रेरणादायक बताया और कहा कि कम उम्र में भी सही फैसले लेकर बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। लोगों का मानना था कि अगर इंसान मेहनत करने और नए मौके आजमाने का साहस रखता है, तो उम्र उसके रास्ते में बड़ी रुकावट नहीं बनती।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

2.9 करोड़ रुपये की US नौकरी छोड़ी, IIT टॉपर ने कानपुर में खोली किराने की दुकान, वजह हैरान कर देगी!

सोशल मीडिया पर एक ऐसी भावुक कहानी तेजी से वायरल हो रही है, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया है। IIT Bombay के एक टॉपर ने विदेश में मिले करोड़ों रुपये के जॉब ऑफर को छोड़कर अपने माता-पिता के साथ रहने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि उन्हें अमेरिका की एक कंपनी से शानदार पैकेज मिला था, लेकिन परिवार की परिस्थितियों और जिम्मेदारियों को देखते हुए उन्होंने यह बड़ा निर्णय लिया। इस कहानी ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि असली सफलता पैसा है या अपने अपनों के साथ खड़ा रहना।

जहां एक तरफ युवा विदेश जाकर करियर बनाने का सपना देखते हैं, वहीं इस फैसले ने एक अलग ही उदाहरण पेश किया है। यह कहानी अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग इसे भावनात्मक और प्रेरणादायक बता रहे हैं।

2.9 करोड़ रुपये का शानदार ऑफर ठुकराया

रिपोर्ट्स के अनुसार, कंप्यूटर साइंस से B.Tech गोल्ड मेडलिस्ट विवेक शर्मा को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित एक स्टार्टअप से करीब $240,000 (लगभग ₹2.9 करोड़) सालाना का जॉब ऑफर मिला था। इस ऑफर में वीजा, रिलोकेशन और ग्लोबल करियर का शानदार मौका भी शामिल था।

साधारण परिवार से निकलकर IIT तक का सफर

विवेक का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता रेलवे में क्लर्क थे और मां ट्यूशन पढ़ाकर घर चलाने में मदद करती थीं। परिवार ने उनकी पढ़ाई के लिए कई त्याग किए, यहां तक कि गहने बेचकर और बचत से उन्हें कोटा भेजा गया।

अचानक बदली जिंदगी की कहानी

जब सब कुछ ठीक चल रहा था और वह अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी उनकी जिंदगी में बड़ा मोड़ आया। उनके पिता को हार्ट अटैक आ गया और मां को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का पता चला।

विदेश नहीं, परिवार चुना

इस मुश्किल समय में विवेक ने बड़ा फैसला लिया और विदेश जाने की बजाय कानपुर में ही रुकने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने माता-पिता की देखभाल शुरू की और उनके साथ रहना चुना।

ग्रोसरी शॉप से नई शुरुआत

रिपोर्ट के मुताबिक, विवेक अब अपने घर के नीचे एक छोटी किराने की दुकान चला रहे हैं और साथ ही जरूरतमंद बच्चों को कोडिंग भी सिखा रहे हैं। उनका कहना है कि परिवार से बढ़कर कुछ नहीं होता।

सोशल मीडिया पर भावुक प्रतिक्रियाएं

इस कहानी को पढ़कर लोग सोशल मीडिया पर भावुक हो गए हैं। कई यूजर्स ने कहा कि असली सफलता पैसा नहीं बल्कि परिवार और जिम्मेदारी है। उनकी यह कहानी लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है।