8000 रुपये की शर्ट का ब्रांड बनाया और खुद ही बेचने निकला ये 16 साल का लड़का बना स्टार! लोग बोले-यही है भारत का असली Gen Z

बिना किसी फैमिली बैकग्राउंड, बिना किसी बड़े सपोर्ट और बिना किसी मार्केटिंग टीम के एक 16 साल के लड़के ने कुछ अपना अलग खड़ा करने का सपना देखा और उसे पूरा कर दिखाया। मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले महेंद्र ने बेलवारो नाम से अपना एक यूनिक शर्ट ब्रांड लॉन्च किया है। सोशल मीडिया पर जब इस युवा एंटरप्रेन्योर का खुद अपनी शर्ट्स बेचने और कॉन्फिडेंस के साथ लोगों से कनेक्ट करने का वीडियो वायरल हुआ तो उसने लाखों लोगों का दिल जीत लिया।

डिजिटल क्रिएटर के पास पहुंचा 16 साल का महेंद्र

हमारी सहयोगी न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, महेंद्र की कहानी तब सामने आई जब वह एक कपड़े के ब्रांड के मालिक और डिजिटल क्रिएटर शुभम शिवहरे के स्टूडियो के बाहर पहुंचा। महेंद्र ने बेझिझक शुभम से संपर्क किया और सीधे अपनी बात रखी। उसने शुभम से कहा कि उसने अपना खुद का शर्ट ब्रांड बनाया है और वह अपनी शर्ट्स बेचना चाहता है। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई।

8000 रुपये की शर्ट और ब्रांडिंग का अनोखा गणित

बातचीत के दौरान महेंद्र ने शुभम को अपने ब्रांड बेलवारो का प्रमोशन वीडियो दिखाया। खास बात यह है कि इस 16 साल के लड़के ने अपने ब्रांड का लोगो, पैकेजिंग और सोशल मीडिया अकाउंट सब कुछ खुद ही तैयार किया है। जब शुभम ने उससे एक शर्ट की कीमत पूछी तो महेंद्र ने बताया कि वह एक शर्ट 8000 रुपये में बेच रहा है।

शर्ट की इतनी ज्यादा कीमत सुनकर शुभम हैरान रह गए और उन्होंने पूछा कि यह इतनी महंगी क्यों है? इस पर महेंद्र ने बहुत ही आत्मविश्वास से जवाब दिया कि एक शर्ट को बनाने की लागत लगभग 3000 रुपये आती है जबकि बाकी का खर्च ब्रांडिंग का है। महज 16 साल की उम्र में अपने प्रोडक्ट और बिजनेस को खड़ा करने के लिए महेंद्र की लगन और उसका आत्मविश्वास अब चर्चा का विषय बना हुआ है। पर असल कहानी सिर्फ इतनी नहीं है।

पिता का साया नहीं, मां भी नहीं करतीं काम

पहले वीडियो के वायरल होने के बाद शुभम ने दोबारा महेंद्र से मुलाकात की और उसकी निजी जिंदगी की कहानी लोगों के साथ शेयर की। महेंद्र ने बताया कि उसके सिर पर पिता का साया नहीं है। वह अपनी मां, दो छोटे भाइयों और एक बहन के साथ रहता है। उसकी मां फिलहाल कोई काम नहीं करती हैं। बिना किसी आर्थिक मदद और बिना किसी बिजनेस कनेक्शन के वह अकेले ही अपने ब्रांड को प्रमोट करने की कोशिश में जुटा है।

शुभम ने इंस्टाग्राम पर उसकी कहानी शेयर करते हुए लिखा कि 16 साल की उम्र में जब ज्यादातर बच्चे अपने भविष्य के बारे में सोचना शुरू ही करते हैं तब महेंद्र अपना भविष्य खुद बनाने की कोशिश कर रहा है। उसके पास संसाधन भले कम हैं लेकिन सपने बहुत बड़े हैं।

सोशल मीडिया पर मिली तारीफ और लोगों ने बढ़ाए मदद के हाथ

सोशल मीडिया पर महेंद्र के इस जज्बे और हिम्मत की जमकर सराहना हो रही है। इंटरनेट यूज़र्स उसकी कड़ी मेहनत और लगन देखकर काफी प्रभावित है। कई लोग उसके ब्रांड की मदद के लिए भी आगे आए हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि यही असली Gen Z है जिसका भारत को इंतजार है। वहीं एक दूसरे यूजर ने कहा कि ऐसे ही बच्चे बड़े होकर बिड़ला और टाटा जैसे बड़े ब्रांड बनाते हैं।

शर्ट की क्वॉलिटी पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा कि शर्ट देखने में काफी अच्छी लग रही है, इसकी लाइनिंग, मटीरियल और कॉलर काफी प्रीमियम दिख रहे हैं।

यह भी पढ़ें: मॉस्को में विदेश मंत्री जयशंकर को देखते ही पुतिन ने पीएम मोदी के लिए कही ये बात फिर भारत संग दोस्ती पर दिया बड़ा बयान

120 KM/H की हवा ने विमानों को बना दिया ‘खिलौना’, इटली एयरपोर्ट का खौफनाक VIDEO देख हिल जाएंगे

Viral Video: उत्तरी इटली के फोर्ली एयरपोर्ट पर 21 अगस्त को तेज तूफानी हवाओं ने रनवे पर खड़े छोटे विमानों को बुरी तरह हिला दिया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि हल्के प्रोपेलर विमान गीले रनवे पर धीरे-धीरे खिसकते, घूमते और झुकते नजर आ रहे हैं।

तीनों ने ओढ़ रखी थी ‘WESTERN RAILWAY’ की चादर, बाजार में दिखे तो VIDEO हुआ वायरल, लोगों ने जमकर लिए मजे

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने रेलवे की संपत्ति को लेकर लोगों का ध्यान खींच लिया है। वीडियो में तीन लोग बाजार में सफेद चादर को शॉल की तरह ओढ़े नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि चादर पर साफ-साफ “WESTERN RAILWAY” लिखा दिखाई दे रहा है। इसी वजह से वीडियो देखते ही लोगों के मन में सवाल उठने लगे कि रेलवे की पहचान वाली ये चादरें आखिर बाजार तक कैसे पहुंचीं। वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए दावा किया गया कि ये चादरें रेलवे से चोरी की गई थीं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

वायरल क्लिप के बाद लोगों ने रेलवे की संपत्ति के इस्तेमाल, यात्रियों की जिम्मेदारी और सार्वजनिक सामान की सुरक्षा को लेकर बहस शुरू कर दी। मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि रेलवे में बेडशीट, कंबल और अन्य लिनेन के गायब होने की समस्या पहले भी सामने आती रही है।

कैमरा घूमते ही दिखी रेलवे की पहचान

वीडियो को X पर @GemsOfRailway नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। फुटेज में तीनों लोग एक दुकान के बाहर नजर आते हैं और उनके शरीर पर सफेद रेलवे लिनेन लिपटा हुआ दिखाई देता है। वीडियो रिकॉर्ड करने वाला व्यक्ति दावा करता सुनाई देता है कि इन लोगों ने Western Railway की चादरें चुराई हैं और अब उन्हें ओढ़कर बाजार में घूम रहे हैं। हालांकि, वीडियो में सिर्फ चादर पर रेलवे की मार्किंग दिखाई देती है; इन लोगों ने वास्तव में चादर चोरी की थी या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि पोस्ट से नहीं होती।

‘रेलवे की चादर’ बनी सोशल मीडिया की चर्चा

वीडियो के साथ किए गए पोस्ट में दावा किया गया कि चादरें Western Railway की ट्रेन से चोरी की गई थीं। इसी दावे के बाद लोगों का ध्यान रेलवे में लिनेन की कथित चोरी की समस्या की ओर भी गया। पोस्ट में RTI के आधार पर जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच AC कोचों से बेडरोल आइटम गायब होने के आंकड़ों का भी जिक्र किया गया।

करोड़ों रुपये के लिनेन का नुकसान?

पोस्ट में साझा आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में अलग-अलग रेलवे डिवीजनों से 1.27 करोड़ से ज्यादा बेडरोल आइटम चोरी होने की बात कही गई है। इनमें करीब 46.54 लाख फेस टॉवल, 41.13 लाख बेडशीट, 23.59 लाख पिलो कवर, 12.95 लाख कंबल और 2.76 लाख तकिए शामिल बताए गए हैं। दावे के मुताबिक, इन सामानों की कुल कीमत ₹104.51 करोड़ से ज्यादा बताई गई है। ये आंकड़े पोस्ट में RTI डेटा के हवाले से दिए गए हैं।

लोगों ने कहा- ‘रेलवे को फैशन ब्रांड बना दिया’

वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने अपने अंदाज में प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं। कुछ लोगों ने इसे रेलवे की संपत्ति के प्रति लापरवाही बताया, तो कुछ ने मजाकिया अंदाज में कहा कि चादर को ऐसे पहना गया है जैसे वह किसी फैशन ब्रांड का हिस्सा हो। एक यूजर ने मजाक करते हुए लिखा कि लोग “WESTERN RAILWAY” को ऐसे पहन रहे हैं जैसे कोई फैशन लेबल हो। वहीं कई अन्य लोगों ने नागरिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक संपत्ति के सम्मान का मुद्दा उठाया।

असली सवाल सिर्फ चादर का नहीं

इस वायरल वीडियो ने एक दिलचस्प सवाल जरूर खड़ा किया है अगर सार्वजनिक संपत्ति लोगों के निजी इस्तेमाल में पहुंच रही है, तो इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है? रेलवे में यात्रियों को दी जाने वाली चादरें और दूसरे लिनेन सार्वजनिक सुविधा का हिस्सा हैं। इनके गायब होने से सीधे तौर पर रेलवे के खर्च और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं पर असर पड़ सकता है। फिलहाल वायरल वीडियो में दिख रहे लोगों और चादरों को लेकर लगाए गए चोरी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में वीडियो को लेकर सोशल मीडिया की प्रतिक्रियाओं को दावे और आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, जब तक संबंधित अधिकारियों की ओर से इसकी पुष्टि न हो।

20 साल में एग्जिक्यूटिव ट्रेनी से DGM तक का सफर! गेल की तरक्की ने कैसे लंबे समय तक टिके एंप्लॉयी की जिंदगी बदली और मिला अवॉर्ड

VIDEO: मछली पकड़ने गया था और चेहरे पर इतनी बुरी तरह चिपक गया ऑक्टोपस! छूटने के लिए बांस से करनी पड़ी पिटाई

फिलीपींस में मछली पकड़ने के दौरान एक मछुआरे के साथ एक खतरनाक हादसा हो गआ। समुद्र में मछली पकड़ते समय अचानक एक ऑक्टोपस मछुआरे के चेहरे से चिपक गया। मछुआरे ने उसे हटाने की कोशिश की, लेकिन ऑक्टोपस ने अपने कई टेंटेकल्स उसके सिर और चेहरे के आसपास लपेट लिए। कुछ देर तक मछुआरा उसे छुड़ाने की कोशिश करता रहा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। वहीं लोग इसे देखकर हैरान रह गए। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

काफी मशक्कत के बाद जेसर सर्वेंटेस ने ऑक्टोपस को अपने चेहरे से अलग कर लिया और उसे वापस समुद्र में छोड़ दिया। इस दौरान हुए संघर्ष के बाद वह कुछ देर तक गहरी सांस लेते हुए दिखाई दिया।

क्या है पूरा मामला

मछली पकड़ते समय जेसर सर्वेंटेस के साथ अचानक हैरान करने वाली घटना हुई। वह एक छोटी लकड़ी की नाव में सवार होकर मछली पकड़ रहे थे, तभी उनके हाथ एक ऑक्टोपस लग गया। ऑक्टोपस को नाव में लाने की कोशिश करते ही उसने पलटकर मछुआरे के चेहरे को पकड़ लिया। इसके बाद ऑक्टोपस ने जेसर सर्वेंटेस के सिर को अपने कई टेंटेकल्स से जकड़ लिया और उसके चूसने वाले उसके चेहरे पर चिपक गए। कुछ ही देर में उसके मुंह का हिस्सा भी ढक गया, जिससे सांस लेने और खुद को छुड़ाने में उसे परेशानी होने लगी।

 

सर्वेंटेस ने ऑक्टोपस को हटाने के लिए पूरी ताकत लगाई, लेकिन उसकी पकड़ आसानी से नहीं छूटी। आखिरकार उसने पास पड़ा बांस का एक टुकड़ा उठाया और उससे ऑक्टोपस को हटाने की कोशिश की। काफी कोशिश के बाद उसने खुद को ऑक्टोपस की पकड़ से छुड़ाया।

लोगों ने उठाए सवाल

इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने हैरानी के साथ-साथ कई तरह के कमेंट किए। कुछ लोगों ने मछुआरे से ज्यादा उस शख्स पर सवाल उठाए, जो पूरी घटना का वीडियो बना रहा था। एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि, “वीडियो रिकॉर्ड करने वाला अपने दोस्त की मदद करने के बजाय फुटेज बनाने में लगा रहा।” वहीं, दूसरे यूजर ने कहा कि, “जंगली जानवरों को उनके हाल पर छोड़ देना चाहिए। कुछ लोगों ने घटना को बेहद डरावना बताया और कहा कि ऐसी स्थिति में वे खुद घबरा जाते। एक अन्य व्यक्ति ने यह भी सवाल उठाया कि, “जब मछुआरा ऑक्टोपस से जूझ रहा था, तब कैमरा पकड़े शख्स ने उसकी मदद क्यों नहीं की।”

वीडियो देखने के बाद एक व्यक्ति ने कहा कि अगर वह ऐसी स्थिति में होता तो डर के मारे अपना सिर ही काट लेता। एक यूजर ने लिखा कि, “जो दोस्त ऐसी हालत में मदद करने के बजाय वीडियो बनाए, उसे दोस्त नहीं कहना चाहिए। वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने मजाक करते हुए कहा कि शायद इसी वजह से महिलाएं पुरुषों से ज्यादा लंबी उम्र जीती हैं।”

ऑक्टोपस के बारे में

ऑक्टोपस की बाहों पर छोटे-छोटे सकर्स होते हैं, जिनकी मदद से वह चीजों और सतहों को मजबूती से पकड़ सकता है। ये सकर्स काफी संवेदनशील होते हैं और ऑक्टोपस को आसपास की चीजों का पता लगाने में भी मदद करते हैं। उसका शरीर लचीला होता है, इसलिए वह अपनी बाहों को अलग-अलग दिशाओं में आसानी से घुमा सकता है। उसका नर्वस सिस्टम भी टेंटेकल्स को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है। फिलीपींस के समुद्री इलाकों और कोरल रीफ में ऑक्टोपस की कई प्रजातियां मिलती हैं, जिनमें कोकोनट ऑक्टोपस, मिमिक ऑक्टोपस और जहरीला ब्लू-रिंग्ड ऑक्टोपस शामिल हैं।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

2 बार JEE में फेल हुआ लड़का, आज ₹2 लाख महीना कमाता है, Ankur Warikoo ने बताई कहानी

बिजनेसमैन अंकुर वारिकू की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भारत में टैलेंट और सफलता को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है। उन्होंने इंदौर के एक डिजाइनर नमन की कहानी साझा की, जो दो बार JEE में सफल नहीं हो सके। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और बिना किसी प्रतिष्ठित कॉलेज की डिग्री के अपने दम पर प्रोडक्ट डिजाइन सीखना शुरू किया। YouTube से सीखते हुए नमन ने धीरे-धीरे अपने कौशल को निखारा और फ्रीलांसिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। आज उनकी कमाई करीब 2 लाख रुपये प्रति माह बताई गई है।

नमन की कहानी साझा करते हुए वारिकू ने कहा कि भारत में टैलेंट की कमी नहीं है, बल्कि लोगों को पहचानने का नजरिया सीमित है। उनका मानना है कि किसी व्यक्ति की काबिलियत केवल कॉलेज, डिग्री या नौकरी के नाम से तय नहीं होनी चाहिए। उनकी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई कि सफलता के लिए डिग्री जरूरी है या असली हुनर।

‘भारत में टैलेंट की नहीं, लेबल की समस्या है’

अंकुर वारिकू ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “India does not have a talent problem. It has a label problem.” उनका कहना है कि भारत में लोगों की काबिलियत को अक्सर उनके कॉलेज, डिग्री और नौकरी के नाम से आंका जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार बेहतरीन टैलेंट सिर्फ इसलिए सामने नहीं आ पाता, क्योंकि उसके पास किसी बड़े कॉलेज की डिग्री या मशहूर कंपनी का अनुभव नहीं होता।

JEE में दो बार फेल, फिर YouTube से सीखा डिजाइन

वारिकू ने इंदौर के डिजाइनर नमन का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, नमन दो बार JEE में सफल नहीं हो पाए। इसके बाद उन्होंने रात में YouTube की मदद से खुद प्रोडक्ट डिजाइन सीखना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने अपना पोर्टफोलियो तैयार किया और फ्रीलांस काम शुरू किया। वारिकू के अनुसार, आज नमन हर महीने करीब 2 लाख रुपये कमाते हैं।

‘डिग्री यह नहीं बता सकती कि आप कितनी दूर जाएंगे’

वारिकू ने अपनी पोस्ट में कहा कि किसी व्यक्ति की डिग्री या पुराने अनुभव से यह तय नहीं किया जा सकता कि वह भविष्य में कितना सफल होगा। उनके मुताबिक, क्रेडेंशियल्स बताते हैं कि कोई व्यक्ति अब तक कहां पहुंचा है, लेकिन यह नहीं बताते कि वह आगे कितनी दूर जा सकता है।

सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय

वारिकू की पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी मिली-जुली रहीं। कुछ यूजर्स ने नमन की सफलता को प्रेरणादायक बताया, लेकिन कुछ लोगों का कहना था कि ऐसी कहानियां अपवाद हो सकती हैं। एक यूजर ने कहा कि कई IIT ग्रेजुएट भी कम उम्र में 2 लाख रुपये महीने नहीं कमा पाते। वहीं, दूसरे यूजर ने IIT से तुलना पर सवाल उठाते हुए कहा कि JEE जैसी कठिन परीक्षा पास करना भी किसी व्यक्ति की समस्या सुलझाने की क्षमता दिखाता है।

Viral Video: मुरथल में इंसान नहीं रोबोट परोस रहे पराठे, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

Viral Video: मुरथल में इंसान नहीं रोबोट परोस रहे पराठे, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

मुरथल अपने पराठों और ढाबों के लिए जाना जाता है। वहीं हाल ही में मुरथल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। लेकिन इस बार अपने पराठों की वजह से नहीं बल्कि रोबोट वेटर की वजह से। मुरथल के रेशम ढाबा में रोबोट वेटर ग्राहकों की टेबल तक खाना पहुंचा रहा है। रोबोट को खाना सर्व करते देखकर लोग काफी एक्साईटेड हैं और उसका वीडियो भी बना रहे हैं। इस नई पहल ने पारंपरिक ढाबे के माहौल में आधुनिक तकनीक का नया रंग जोड़ दिया है।

कैसे करता है सर्व

रेस्टोरेंट में रोबोट वेटर लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जैसे ही रोबोट खाना लेकर टेबल तक पहुंचता है, कस्टमर उसका वीडियो बनाने लगते हैं और सेल्फी भी लेते हैं। बच्चों को ये रोबोट खास तौर पर पसंद आ रहा है। अब यहां लोगों को स्वादिष्ट खाना खाने के साथ रोबोट को देखना भी एक नया और मजेदार अनुभव मिल रहा है। रेस्टोरेंट में रोबोट के जरिए खाना पहुंचाने की प्रक्रिया भी काफी सरल है। ऑर्डर तैयार होने के बाद कर्मचारी खाने की ट्रे रोबोट पर रख देते हैं।

इसके बाद रोबोट अपने सिस्टम की मदद से सही रास्ते से ग्राहक की टेबल तक पहुंच जाता है। इसे सॉफ्टवेयर के साथ रिमोट से भी कन्ट्रोल किया जा सकता है, इसलिए जरूरत पड़ने पर रेस्टोरेंट का स्टाफ तुरंत इसकी मदद कर सकता है।

एक बार चार्ज पर दो घंटे चलता है रोबोट

रेस्टोरेंट में इस्तेमाल हो रहा यह रोबोट देखने में काफी आधुनिक है। इसका शरीर फाइबर से तैयार किया गया है और इसमें एलईडी लाइट्स लगी हैं, जो इसे अलग लुक देती हैं। इसकी आंखों में लगी लाल रोशनी लोगों का ध्यान खास तौर पर खींचती है। रेस्टोरेंट के अनुसार, एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद रोबोट करीब दो घंटे तक काम कर सकता है। खास बात यह है कि ग्राहकों से रोबोट के जरिए खाना पहुंचाने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता।

मैनेजर ने क्या कहा

रेशम ढाबा के मैनेजर संजय के मुताबिक, रेस्टोरेंट ग्राहकों को खाने के साथ कुछ नया और मनोरंजक अनुभव देना चाहता था। उन्होंने IANS से कहा, “यह एक ऐसा कॉन्सेप्ट है, जिसमें रोबोट और ट्रेन दोनों शामिल हैं और मुरथल में यह अपने आप में नया है। यहां सभी ढाबे अच्छा खाना परोसने की कोशिश करते हैं, इसलिए हमने सोचा कि ग्राहकों के लिए कुछ अलग किया जाए। इसी सोच के साथ हमने खाने के साथ मनोरंजन जोड़ने के लिए रोबोट और ट्रेन का कॉन्सेप्ट शुरू किया।” सोशल मीडिया पर ये काफी वायरल हो रहा है।

Meerut Viral Video: सामान डिलीवरी में 5 मिनट की हुई देरी तो भड़क गया शख्स, फ्लैट में बंद कर एजेंट की पिटाई

मेरठ के एक अपार्टमेंट में ऑर्डर पहुंचाने में सिर्फ पांच मिनट की देरी को लेकर ब्लिंकइट के डिलीवरी एजेंट और एक दंपति के बीच विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि डिलीवरी एजेंट के साथ मारपीट की गई। घटना के सीसीटीवी फुटेज में डिलीवरी एजेंट को खींचकर फ्लैट के अंदर ले जाते और उसके साथ मारपीट करते हुए देखा जा सकता है।

मेरठ की है घटना

यह घटना 14 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के गंगानगर स्थित गंगा हाइट्स अपार्टमेंट में हुई। जानकारी के मुताबिक, अमित नाम का डिलीवरी एजेंट ऑर्डर पहुंचाने के लिए अपार्टमेंट आया था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उसे रोक लिया। दोनों के बीच पहले बहस हुई और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। आरोप है कि उस व्यक्ति ने अमित का मोबाइल फोन छीन लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।

CCTV वीडियो आया सामने 

सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि आरोपी व्यक्ति डिलीवरी एजेंट को फ्लैट के अंदर ले जाने से पहले उसे थप्पड़ मारता और लात मारता है। अमित इस दौरान अपना मोबाइल फोन वापस मांगता हुआ भी नजर आता है, लेकिन आरोप है कि व्यक्ति ने उसका फोन लौटाने से इनकार कर दिया। घटना के दौरान एक महिला भी फ्लैट से बाहर आती हुई दिखाई देती है। फुटेज में मारपीट जारी रहती है और डिलीवरी एजेंट परिसर के अंदर ही मौजूद रहता है।

आरोपी दंपति के खिलाफ FIR दर्ज

घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस को मामले की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने घटना में शामिल लोगों की पहचान की और डिलीवरी एजेंट की शिकायत दर्ज की। सदर देहात के क्षेत्राधिकारी सुधीर सिंह ने बताया कि डिलीवरी एजेंट की लिखित शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि ऑर्डर पहुंचाने में करीब पांच मिनट की देरी को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी वजह से डिलीवरी एजेंट के साथ मारपीट की गई।

VIDEO:‘आवारापन 2’ की स्क्रीनिंग में बवाल! कपल के स्पॉइलर से शुरू हुआ विवाद, मारपीट तक पहुंचा मामला

सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। फिल्म ‘आवारापन 2’ की स्क्रीनिंग से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ‘आवारापन 2’ की स्क्रीनिंग के दौरान एक कपल ने फिल्म में आगे क्या होने वाला है, इस बारे में जोर-जोर से बातचीत शुरू कर दी। उनकी बातचीत की वजह से आसपास बैठे लोगों को फिल्म के सीन पहले ही पता चल गए, जिससे उनका सिनेमाघर में फिल्म देखने का अनुभव खराब हो गया। वहीं ये मामला मारपीट तक पहुंच गया। सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

थिएटर में हुई मारपीट

इस घटना का एक वीडियो X अकाउंट @gharkekalesh से शेयर किया गया, जिसके बाद ये मामला चर्चा में आ गया। पोस्ट के मुताबिक, कपल फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान कथित तौर पर मेक आउट भी कर रहा था। दोनों फिल्म के सीन पर जोर-जोर से बात कर रहे थे। इससे उनके आसपास बैठे दर्शक परेशान हो गए और उन्हें फिल्म देखने में दिक्कत हुई। इंटरवल के दौरान मामला और बिगड़ गया, जब तीन लोगों ने कपल के व्यवहार को लेकर युवक से बहस शुरू कर दी।

देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान युवक के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। बताया जा रहा है कि उसकी गर्लफ्रेंड भी उसे बचाने के लिए बीच में आई और विवाद में शामिल हो गई।

लोगों ने किया रिएक्ट

पोस्ट में दावा किया गया कि, कपल के व्यवहार की वजह से थिएटर में मौजूद दूसरे लोगों का फिल्म देखने का अनुभव खराब हो गया और बाद में मामला हिंसा तक पहुंच गया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने कपल के व्यवहार की आलोचना की, जबकि कुछ ने विवाद के दौरान मारपीट किए जाने पर सवाल उठाए।

एक यूजर ने लिखा, “लोग इस तरह का बर्ताव कैसे कर सकते हैं? अगर आपको फिल्म के सभी सीन पहले से पता हैं, तो आप थिएटर क्यों आ रहे हैं?” एक अन्य यूजर ने कहा, “हम गीदड़ों का देश हैं या क्या? तीन या चार आदमी एक आदमी से भिड़ रहे हैं? कुछ तो शर्म करते। लेकिन लड़की बहादुर है।” एक यूजर ने लिखा, “वीडियो में जीरो टेस्टोस्टेरोन! मैंने अब तक के सबसे हल्के पंच देखे हैं।”

वहीं, कुछ दर्शकों ने वायरल क्लिप की सच्चाई पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि वीडियो ‘आवारापन 2’ की स्क्रीनिंग का नहीं, बल्कि ‘स्पाइडर-मैन’ की स्क्रीनिंग के दौरान हुई एक घटना का है। कुछ यूजर्स ने यह भी आरोप लगाया कि फिल्म के प्रमोशन के लिए यह एक पेड PR स्टंट हो सकता है।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

Video: यूपी में सड़क के लिए DM ऑफिस पहुंच गए Gen Alpha बच्चे, हमीरपुर कलेक्ट्रेट पहुंचकर मांगने लगे जवाब

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से जनरेशन अल्फा को लेकर एक अनोखी खबर आ रही है। हमीरपुर में मंगलवार को स्कूली बच्चों ने अपने स्कूल तक पक्की सड़क बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बच्चों का एक समूह अपने माता-पिता के साथ स्कूल से निकलकर डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिस पहुंचा। हाथों में तिरंगा लेकर बच्चों (जनरेशन अल्फा) ने नारे लगाए और गांव से स्कूल तक जाने वाली खराब सड़क को जल्द ठीक कराने की मांग की। छात्रों ने कहा कि, सड़क की खराब हालत के कारण उन्हें स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी होती है। वहीं बारिश के दिनों में वहां से गुजरना और भी मुश्किल हो जाता है।

बच्चों के इस प्रदर्शन से डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन भी हैरान रह गया। बड़ी संख्या में छात्र कलेक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों से सड़क की समस्या को जल्द दूर करने की मांग की। प्रदर्शन में शामिल बच्चे हमीरपुर के कुरारा ब्लॉक की चंदूपुर ग्राम पंचायत के अलग-अलग गांवों और बस्तियों से आए थे।

आने-जाने में होती है दिक्कत

छात्रों और उनके माता-पिता का कहा कि, इस इलाके में करीब 3,000 लोग रहते हैं और यहां आने-जाने के लिए कच्ची सड़क ही मुख्य रास्ता है। तेज बारिश होने पर यह सड़क कीचड़ से भर जाती है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है। इतना ही नहीं, किसी के बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल तक ले जाना भी मुश्किल हो जाता है। छात्रों का आरोप है कि पहले आने-जाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक दूसरा रास्ता वन विभाग ने बंद कर दिया है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

 

पहले भी किया है प्रदर्शन

सड़क की समस्या को लेकर बच्चों ने पहले भी आवाज उठाई थी। छात्रों ने 3 जुलाई को भी सड़क को लेकर प्रदर्शन किया था। तब मिट्टी डालकर रास्ता ठीक किया गया, लेकिन बारिश में सड़क फिर खराब हो गई। स्थायी समाधान न मिलने पर छात्र डीएम कार्यालय पहुंच गए। बच्चे तिरंगा और बैनर लेकर जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे तो प्रशासन और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने बच्चों को आगे जाने से रोकने की कोशिश की।

पुलिस ने की छात्रों को रोकने की कोशिश

सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट अभिषेक कुमार और सर्कल ऑफिसर यशपाल सिंह पुलिस टीम के साथ वहां पहुंचे और छात्रों से बातचीत करने की कोशिश की। लेकिन अपनी मांग को लेकर छात्र पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हुए और डीएम कार्यालय की ओर आगे बढ़ते रहे। पुलिस और एडमिनिस्ट्रेटिव की टीम ने छात्रों को कलेक्ट्रेट के गेट पर रोक दिया, जिसके बाद बच्चे वहीं बैठकर प्रदर्शन करने लगे। कुछ देर तक छात्रों ने नारे लगाते हुए अपने गांव से स्कूल तक पक्की सड़क बनाने की मांग की। छात्रों ने साफ कहा कि जब तक सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

इससे पहले उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में भी छात्रों ने इसी तरह सड़क की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया था। उनके विरोध के बाद प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान दिया था।

VIDEO: एक फैसला और बदल गई पूरी जिंदगी, 24 साल की उम्र में महिला ने चुकाया 45 लाख का लोन, अब अमेरिका से आ रही भारत

24 साल की एक लड़की की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल वीडियो में 24 साल की एक महिला ने अपनी जिंदगी के पिछले कुछ सालों के सफर के बारे में बताया है। महिला ने अमेरिका में पढ़ाई से लेकर मैनहैटन में नौकरी करने और कम उम्र में एजुकेशन लोन चुकाने तक के कई बड़े पड़ावों के बारे में बताया है। वायरल वीडियो में महिला ने बताया कि 20 साल की उम्र में लिया गया एक फैसला उनके लिए काफी अहम साबित हुआ। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका गईं और न्यूयॉर्क में अपना करियर शुरू किया। इस दौरान उन्होंने एजुकेशन लोन चुकाया और अकेले कई देशों की यात्रा भी की। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

6 महीने में चुकाया लोन

महिला ने बताया कि अमेरिका में फाइनेंस की मास्टर डिग्री करने के लिए उन्होंने करीब 45 लाख रुपये का एजुकेशन लोन लिया था। उन्होंने 21 साल की उम्र में अपनी पढ़ाई पूरी कर ली और इसके बाद नौकरी की तलाश शुरू कर दी। कुछ ही समय बाद, 22 साल की होने से पहले उन्हें मैनहैटन में फाइनेंशियल एनालिस्ट की नौकरी मिल गई। महिला ने इस मौके को अपनी मेहनत का बड़ा नतीजा और सपने के पूरा होने जैसा बताया। वीडियो में महिला ने अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर भी कई बातें शेयर कीं। उन्होंने दावा किया कि नौकरी शुरू करने के महज छह महीने के भीतर ही उन्होंने अपना पूरा स्टूडेंट लोन चुका दिया था।

अब भारत लौटने का किया फैसला

इसके अलावा, उन्होंने अपनी कमाई से अकेले 10 देशों की यात्रा करने की बात भी बताई। उनके मुताबिक, कम उम्र में ही उन्होंने अपने खर्च खुद संभालना शुरू कर दिया और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ीं। 24 साल की उम्र में महिला अब अपनी जिंदगी का अगला पड़ाव शुरू करने जा रही हैं। अमेरिका में करीब चार साल बिताने और मैनहैटन में काम करने के बाद उन्होंने भारत वापस लौटने का फैसला किया। उन्होंने अपनी 20 की उम्र के शुरुआती वर्षों में पढ़ाई पूरी करने के साथ नौकरी की, यात्रा की और अपने करियर को आगे बढ़ाया। अब अमेरिका के अनुभवों के बाद वह भारत में नई शुरुआत करने की तैयारी कर रही हैं।

लोगों ने दिए रिएक्शन

सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने महिला की कहानी को प्रेरणादायक बताया और कहा कि कम उम्र में भी सही फैसले लेकर बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। लोगों का मानना था कि अगर इंसान मेहनत करने और नए मौके आजमाने का साहस रखता है, तो उम्र उसके रास्ते में बड़ी रुकावट नहीं बनती।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)