VIDEO: ‘बैग छुआ, मेरी ड्रेस खींची’ कपल के लिए बुरा सपना बना सर्बिया ट्रिप, कैमरे में कैद हुई पूरी घटना

Viral Video: सर्बिया घूमने गए एक भारतीय कपल के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सर्बिया में जब कपल व्लॉग बना रहे थे उसी समय कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी है और कई यूजर्स दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं कुछ ने कपल के शांत रवैये की भी तारीफ की है। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

क्या है पूरी घटना

भारतीय कपल अपर्णा मालू और अजमल कोलंबिल सर्बिया पहुंचने के बाद अपना ट्रैवल व्लॉग शूट कर रहे थे। इसी दौरान तीन लोग उनके पास आ गए और कथित तौर पर उनसे अभद्र व्यवहार करने लगे। वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि जब दोनों सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे, तभी पीछे से आए तीन लोगों में से एक शख्स महिला के बेहद करीब पहुंचा और उसके बैग को खींचने की कोशिश करता हुआ नजर आया। अपर्णा और अजमल को शुरुआत में ये समझ नहीं आया कि उनके साथ क्या हो रहा है, इसलिए वे आगे बढ़ते रहे।

कैमरे में रिकॉर्ड हुई पूरी घटना

लेकिन जब एक शख्स ने दोबारा अपर्णा का बैग खींचा, तब उन्होंने पीछे मुड़कर उन लोगों का सामना किया। कपल ने उनसे पूछा, “क्या आप महिलाओं के साथ ऐसा ही बर्ताव करते हैं? आपकी प्रॉब्लम क्या है?” इस पर उनके साथ मौजूद एक व्यक्ति ने इशारा करते हुए कहा कि बैग खींचने वाले शख्स की दिमागी दिक्कतें है। इस पर अपर्णा के पति ने जवाब दिया, “अगर उसे कोई दिक्कत है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह ऐसा करे। यह बिल्कुल गलत है। हम दूसरे देश से आए हैं।” जैसे ही उन लोगों को पता चला कि उनकी हरकत कैमरे में रिकॉर्ड हो रही है, वे वहां से गालियां देते हुए चले गए।

बैग से कुछ निकाल रहा था

घटना के बारे में अपर्णा ने अपने पोस्ट में लिखा, “जब हम व्लॉग बना रहे थे, तभी ये तीन लोग हमारे पीछे आ गए। पहले उन्होंने मेरे बैग से कुछ निकालने की कोशिश की, लेकिन मुझे तुरंत इसका एहसास नहीं हुआ। थोड़ी देर बाद महसूस हुआ कि कोई मेरे बैग को छू रहा है, इसलिए मैंने बैग आगे कर लिया। तभी उनमें से एक ने मेरी ड्रेस खींच दी।” वीडियो वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाया कि उनके पति ने उन लोगों का सामना क्यों नहीं किया।

 

एक्शन फिल्म नहीं चल रही थी

इस पर अपर्णा ने जवाब देते हुए कहा, “मैं आपकी चिंता समझती हूं, लेकिन ये भी याद रखिए कि हमें उस देश में पहुंचे मुश्किल से दो घंटे ही हुए थे। उस समय हम सिर्फ शाम की सैर पर निकले थे। ऐसी स्थिति में हमारे दिमाग में सबसे पहले लड़ाई करने का विचार नहीं आया।” उन्होंने आगे लिखा, “असल जिंदगी किसी एक्शन फिल्म जैसी नहीं होती। मेरे पति न तो ‘रॉकी भाई’ हैं और न ही विजय। कोई भी अकेला व्यक्ति तीन लोगों से लड़कर हीरो की तरह बाहर नहीं निकलता। उस समय हमारी पहली प्राथमिकता अपनी सेफ्टी थी, न कि किसी को कुछ साबित करना।”

लोगों ने दिए रिएक्शन

अपर्णा ने ये भी बताया कि उन्होंने इस घटना की शिकायत स्थानीय अधिकारियों से की है और उन्हें भरोसा दिलाया गया है कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा, “यह बेहद शर्मनाक व्यवहार है। उम्मीद है कि आप दोनों सुरक्षित होंगे।” दूसरे यूजर ने कहा,”आपको उसी समय मौके पर ही पुलिस को फोन कर देना चाहिए था।” एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, “सबसे पहले अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। अपना ख्याल रखें और मजबूत बने रहें।”

Harsh Goenka ने शेयर किया Yamal और उनके छोटे भाई का Video, बोले- यही था फाइनल के बाद का सबसे पसंदीदा सीन

बीते एक महीने से जारी फीफा वर्ल्ड कप रविवार को खेले गए फाइनल के साथ ही खत्म हो गया। स्पेन ने फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार फुटबॉल वर्ल्ड कप जीत लिया। वहीं इस खिताबी मैच के बाद कई इमोशनल पल भी देखने को मिले। अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी हार के बाद भावुक हो गए। उन्होंने अपने से 20 साल छोटे स्पेनिश स्टार लामिन यमाल को गले लगाकर बधाई दी। वहीं यमाल के छोटे भाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी छाया रहा।

यमाल के भाई ने लूटी महफिल

स्पेन फीफा वर्ल्ड कप 2026 में जहां 19 वर्षीय लामिन यमाल पर सभी की नजरें टिकी रहीं, वहीं मैदान के बाहर सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी यमाल के महज 3 साल के छोटे भाई कीने यमाल ने। स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर मासूम मुस्कान, कैमरे की तरफ मजेदार चेहरे बनाना, स्पेन के प्रशंसकों के बीच पूरे जोश से Vamos यानी Come on! चिल्लाना और हर मैच के बाद बड़े भाई लामिन को गले लगाती उनकी तस्वीर वर्ल्ड कप के दौरान खूब वायरल हुई। वहीं कीने यमाल के एक वीडियो को बिजनेसमैन हर्ष गोयनका ने भी पोस्ट किया है।

हर्ष गोयनका ने पोस्ट किया वीडियो

कीने यमाल के वीडियो को पोस्ट करते हुए हर्ष गोयनका ने कहा कि, ‘फाइनल मैच के बाद मेरा पसंदीदा सीन। यमाल के छोटे भाई ने उसे मैदान पर देखा और उत्साह के साथ दौड़कर उसे गले लगा लिया।’

स्पेन दूसरी बार बना चैंपियन

बता दें कि, अमेरिका के न्यूयार्क में 19 जुलाई को खेले गए फाइनल मुकाबले को स्पेन ने अपने नाम किया। स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप का खिताब जीता। टीम ने न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। स्पेन के लिए एक्स्ट्रा टाइम में फेरन टोरेस ने गोल किया। इसी के साथ स्पेन ने 2010 के बाद दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की।

Video: ट्रेन में छेड़छाड़ का आरोप, महिला ने आरोपी को सिखाया ऐसा सबक, वीडियो हुआ वायरल

महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले उत्पीड़न को लेकर लगातार चर्चा के बीच महाराष्ट्र से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक महिला ट्रेन के अंदर एक व्यक्ति का विरोध करती नजर आ रही है, जिस पर कथित रूप से उसे परेशान करने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद महिला ने चुप रहने के बजाय अपनी नाराजगी जाहिर की और एक अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। इस पूरे मामले ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है।

कई लोग महिला के हौसले और तुरंत प्रतिक्रिया देने की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स का कहना है कि ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया के जरिए कार्रवाई होनी चाहिए। वायरल वीडियो ने महिलाओं की सुरक्षा, आत्मसम्मान और न्याय के सही तरीके को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग राय पैदा कर दी है।

लिपस्टिक और चूड़ियों से किया प्रतीकात्मक विरोध

वायरल वीडियो में महिला उस व्यक्ति के चेहरे पर लिपस्टिक लगाती और उसके हाथों में चूड़ियां पहनाती नजर आ रही है। यह कदम उसने उत्पीड़न के विरोध में प्रतीकात्मक सजा के तौर पर उठाया। वीडियो में आरोपी व्यक्ति सीट पर बैठा दिखाई दे रहा है, जबकि आसपास मौजूद यात्री पूरी घटना को देखते नजर आ रहे हैं।

Badnera-Akola रूट की ट्रेन में हुआ मामला

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना महाराष्ट्र में Badnera और Akola के बीच चलने वाली एक एक्सप्रेस ट्रेन में हुई। आरोप है कि यात्रा के दौरान एक युवक ने महिला यात्री के साथ छेड़छाड़ किया। घटना के बाद महिला ने उसका सामना किया और आसपास मौजूद यात्रियों, खासकर अन्य महिलाओं ने भी हस्तक्षेप कर स्थिति को संभालने की कोशिश की।

सोशल मीडिया पर बंटी लोगों की राय

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग रहीं। कई लोगों ने महिला के आत्मविश्वास और विरोध करने के तरीके की सराहना की। एक यूजर ने लिखा कि ऐसे मामलों में महिलाओं को अपनी आवाज उठानी चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने सवाल किया कि किसी आरोप के बाद सार्वजनिक रूप से अपमान करना सही तरीका है या नहीं।

सजा कानून दे, भीड़ नहीं

कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपराध करता है तो उसकी जांच और कार्रवाई कानून के तहत होनी चाहिए। उनका मानना था कि सार्वजनिक अपमान न्याय का विकल्प नहीं हो सकता। कई लोगों ने यह भी कहा कि आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई करवाना ज्यादा प्रभावी रास्ता है।

महिलाओं की सुरक्षा और न्याय पर छिड़ी बहस

इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा, आत्मरक्षा और न्याय के तरीकों को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। जहां कुछ लोग इसे महिला के साहस का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग कानून व्यवस्था और उचित प्रक्रिया को जरूरी मान रहे हैं। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना हुआ है।

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Viral Video: ’74 लाख खर्च हुए, फिर भी…’ IIM से पढ़ाई करने के लिए युवक ने छोड़ी सरकारी नौकरी, कहानी हुई वायरल

भारत में सरकारी नौकरी को सबसे सुरक्षित और सम्मानजनक करियर माना जाता है। वहीं एक बार सरकारी नौकरी मिलने के बाद बहुत कम लोग इसे अपनी इच्छा से छोड़ने का फैसला करते हैं। इसी बीच एक युवक का पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक युवक ने बेहतर भविष्य और नए अवसरों की तलाश में सरकारी नौकरी छोड़कर आईआईएम अहमदाबाद में पढ़ाई करने का रास्ता चुना। उसके मुताबिक ये फैसला उनके करियर को नई दिशा देगा और आगे चलकर अधिक बड़े मौके हासिल करने में मदद करेगा।

क्यों छोड़ी नौकरी

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए पोस्ट में अमित सोनी ने बताया कि, आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए करने का फैसला उनके लिए आसान नहीं था। उनके मुताबिक, सरकारी नौकरी छोड़ने और पढ़ाई पूरी करने तक इस फैसले की कुल लागत करीब 74 लाख रुपये रही। उन्होंने बताया कि ये रकम कैसे बनी, लेकिन उनका मुताबिक, उन्हें अपने इस फैसले पर कोई पछतावा नहीं है और वह इसे अपने करियर के लिए सही मानते हैं। अमित सोनी पहले भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात थे

बताया पूरा खर्च

अमित सोनी ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में कहा, “करीब 74 लाख रुपये। सरकारी नौकरी छोड़ने का फैसला मेरे लिए इतना महंगा पड़ा। जिस दिन मुझे आईआईएम अहमदाबाद में दाखिला मिला, उसी दिन मैंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया।” उन्होंने बताया कि इस रकम में एमबीए की पढ़ाई पर होने वाला खर्च भी शामिल है और वह आय भी, जिसे उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ने के कारण हासिल नहीं किया।

 

सोनी के अनुसार, आईआईएम अहमदाबाद के एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम फॉर एग्जीक्यूटिव्स (PGPX) की ट्यूशन फीस 37.10 लाख रुपये है। इसके अलावा, इंटरनेशनल इमर्शन प्रोग्राम पर करीब 4.5 लाख रुपये और पढ़ाई के दौरान रहने-खाने सहित अन्य खर्चों पर लगभग 2.5 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने के बाद उन्हें 9.80 लाख रुपये रिजाइन बॉन्ड के रूप में जमा करने पड़े।

20 लाख का हुआ नुकसान

इसके अलावा, सोनी ने सरकारी नौकरी छोड़ने से होने वाले ऑपर्च्युनिटी कॉस्ट का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, आईआईएम अहमदाबाद में पढ़ाई के दौरान एक साल तक नौकरी नहीं करने की वजह से उन्हें वेतन और अन्य नौकरी से मिलने वाले लाभों के रूप में करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद सोनी का कहना है कि उन्हें अपने फैसले पर कभी पछतावा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि नौकरी छोड़ते समय उनके पास कोई बैकअप प्लान नहीं था, सिर्फ अपने फैसले पर पूरा भरोसा था। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “सिर्फ विश्वास।” वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या ये फैसला सही था, तो उन्होंने जवाब दिया, “बिल्कुल, यह पूरी तरह इसके लायक था।”

क्यों लिया ये फैसला

सोनी ने कहा कि वह अपने इस फैसले को केवल पैसों के नजरिए से नहीं देखते। उनके मुताबिक, कुछ फैसलों की असली कीमत रुपये में नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले अनुभव और भविष्य में होने वाले बदलाव से तय होती है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “कुछ निवेश की कीमत लाखों रुपये से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि आप आगे चलकर क्या बनते हैं। यूनिफॉर्म से बोर्डरूम तक का यह सफर मेरे जीवन का दूसरा चैप्टर है।” इससे पहले एक इंस्टाग्राम वीडियो में भी उन्होंने बताया था कि सरकारी नौकरी छोड़कर दोबारा पढ़ाई करने का फैसला उन्होंने आरामदायक जीवन नहीं, बल्कि अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए लिया था।

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‘नीला मेरा रंग है…’ जंतर-मंतर पर स्याही फेंके जाने के बाद अभिजीत दिपके का रिएक्शन वायरल

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे एक विरोध प्रदर्शन के दौरान, एक महिला ने कथित तौर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर नीली स्याही फेंक दी, जिससे वहां अफरातफरी मच गई। इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें देखा जा सकता है कि स्याही फेंके जाने के बाद लोग अभिजीत दीपके के आसपास जमा हो गए और वहां काफी हंगामा हुआ।

हालांकि, इस घटना के पीछे की वजह की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थिति को काबू में लाने से पहले विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए भ्रम और अव्यवस्था की स्थिति बन गई थी। अधिकारियों ने अभी तक कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है और इस बारे में और जानकारी का इंतजार है।

सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ यूजर्स ने स्याही फेंकने की घटना पर सवाल उठाए और कहा कि किसी भी विरोध को शांतिपूर्ण तरीके से जताना चाहिए। वहीं, कुछ अन्य यूजर्स ने अभिजीत दीपके की आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने प्रदर्शन को राजनीतिक दिखावा बना दिया है।

एक यूजर ने व्यंग्यपूर्वक लिखा, “क्या ये एक ही दिन मेरे सारे काम करेगा?”

एक अन्य यूजर ने महिला के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा, “स्याही फेंकने का क्या मतलब है? क्या इस महिला को लगता है कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह सही है और इसमें कोई कमी, असमानता या कठोरता नहीं है?” एक अन्य ने आगे कहा, “अगर वह इस आंदोलन से सहमत नहीं है तो वह विरोध स्थल पर क्यों थी? वैसे वह है कौन?

बाद में दिपके ने X पर एक छोटी सी पोस्ट में इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “नीला मेरा रंग है… जय भीम!”—इस टिप्पणी पर ऑनलाइन मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं।

सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, दिपके ने भूख हड़ताल की घोषणा की

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर 20 दिन की भूख हड़ताल पूरी करने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। वांगचुक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के समर्थन में भूख हड़ताल कर रहे थे, जो कथित NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।

बता दें कि स्याही फेंकने की घटना से कुछ समय पहले ही अभिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।

दीपके ने X पर पोस्ट कर लिखा था, “मैं अभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर रहा हूं।”

इस पर भी इंटरनेट पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने उनसे पूछा, “पक्का? ब्रेड पकौड़े की कसम?”

कई यूजर्स ने उनकी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि दिपके सोनम वांगचुक के नाम का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “अभिजीत दिपके, आप पर शर्म आती है कि आप सोनम वांगचुक सर के नाम, उनके दर्द और संघर्ष का बेशर्मी से इस्तेमाल सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने और इस भूख हड़ताल के नाटक के जरिए ध्यान आकर्षित करने के लिए कर रहे हैं। सोनम सर वास्तविक चिकित्सा देखभाल और सम्मान के हकदार हैं, न कि उन्हें राजनीतिक हथियार बनाया जाना चाहिए। हम NEET, CBSE और छात्र आत्महत्याओं के मामले में वास्तविक न्याय के लिए सोनम वांगचुक के साथ मजबूती से खड़े हैं – आपके निजी लाभ के लिए नहीं।”

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Viral Video: दिल्ली मेट्रो में महिला सीट पर बैठ गया व्यक्ति, लोगों ने लिए मजे

दिल्ली मेट्रो का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति महिला सीट पर बैठा हुआ नजर आता है। इसके बाद कुछ महिलाएं आकर उसे उठने के लिए कहती हैं। इसके बाद दोनों के बीच में बहस हो जाती है।

वाराणसी में विदेशी नागरिक का हाईवोल्टेज ड्रामा, घरों में घुसकर फेंका सामान और निवासी को काटा, वीडियो वायरल

Varanasi Foreign National Incident: वाराणसी के एक इलाके में लोग तब दहशत में आ गए जब एक विदेशी नागरिक ने कथित तौर पर इलाके में जमकर हंगामा किया। वह घरों में घुस गया, घर का सामान फेंका और एक निवासी को काट भी लिया, जिसके बाद शहर की पुलिस ने उसे काबू में किया और हिरासत में ले लिया। इस घटना का वीडियो ऑनलाइन सामने आया है, जिसमें वह व्यक्ति चिल्लाता, कूदता और लोगों की तरफ झपटता हुआ दिखाई दे रहा है।

बता दें कि यह घटना गुरुवार, 16 जुलाई को कोतवाली पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले सप्तसागर मेडिसिन मार्केट इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि विदेशी नागरिक घबराहट की हालत में इलाके में भागा और फिर एक रिहायशी इमारत में घुस गया। वह कथित तौर पर ऊपरी मंजिलों पर चढ़ गया और घर का सामान फेंकने लगा। स्थानीय लोगों ने उसे शांत करने की कई बार कोशिश की, लेकिन उसने कोई सहयोग नहीं किया।

इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में, वह सिर्फ़ हाफ पैंट पहने हुए दिखाई दे रहा है। वह लोगों पर चिल्ला रहा था, सड़क पर कूद रहा था और आक्रामक व्यवहार कर रहा था। इस हंगामे के दौरान, खबर है कि जब उसे काबू करने की कोशिश की जा रही थी, तो उसने एक निवासी के हाथ पर काट लिया। काफी जद्दोजहद के बाद, स्थानीय लोग उसे काबू करने में सफल रहे, और उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।। इसके बाद पुलिस ने उसे मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेज दिया।

हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि विदेशी नागरिक कथित तौर पर भांग के नशे में था। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

इंटरनेट पर विदेशी नागरिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग

विदेशी नागरिक के हंगामा करने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कुछ लोग उसके व्यवहार पर मजाक कर रहे हैं, जबकि कई लोगों ने स्थानीय लोगों को परेशान करने के लिए उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

एक यूजर ने दावा किया, “शायद उसने कुछ नशीली चीज का सेवन किया होगा। उसके कल्चर में यह बहुत आम बात है।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “वाराणसी में भांग के इस्तेमाल को लेकर नियम सख्त होने चाहिए। हाल ही में ट्रेन यात्रा के दौरान वाराणसी से एक व्यक्ति ट्रेन में चढ़ा था, जो पूरी तरह नशे में था। उसे यह भी पता नहीं था कि उसे कहां जाना है और वह टीटी से बहस भी कर रहा था।”

वहीं, एक अन्य यूजर ने पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा, “क्या स्थानीय पुलिस कुछ नहीं कर सकती? इसे तुरंत हिरासत में लेना चाहिए, क्योंकि यह लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है।”

एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “यहीं पर जनता के हस्तक्षेप की आवश्यकता है।”

एक यूजर ने कहा, “साफ है कि उसने कुछ नशा कर रखा है। अब समय आ गया है कि भारत में भी पुलिस अपराधियों को शांत करने के लिए टेजर का इस्तेमाल करे, जैसा कि अमेरिका में होता है।”

एक अन्य यूजर ने पूछा, “क्या हमारे यहां यूरोप और अमेरिका जैसा डिपोर्टेशन सिस्टम (देश से बाहर भेजने की व्यवस्था) नहीं है?”

प्रयागराज में प्यार की कसमें खाकर मरने आया था कपल, प्रेमी ने लगाई छलांग, प्रेमिका हुई फरार

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गुरुवार को एक व्यक्ति को यमुना नदी से बचाया गया। वह ‘न्यू यमुना ब्रिज’ से पानी में कूद गया था, जिसके बाद तुरंत इमरजेंसी कार्रवाई की गई और पुलिस जांच शुरू हुई। इस व्यक्ति की पहचान अन्नू गुप्ता के तौर पर हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मी और स्थानीय गोताखोर पुल पर पहुंचे और उसे नदी से बाहर निकाला।

बचाव दलों ने तेजी से काम करते हुए उसे पानी में ढूंढा और सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। मौके पर ज़रूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे उसके परिवार को सौंप दिया गया। पुलिस ने पुष्टि की है कि वह सुरक्षित है और उसे कोई तत्काल खतरा नहीं है।

उस समय पुल के पास मौजूद चश्मदीदों के अनुसार, गुप्ता एक महिला के साथ आया था, जिसके बारे में माना जा रहा है कि वह उसकी गर्लफ्रेंड थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि हो सकता है कि वे दोनों अपनी जान देने के इरादे से वहां गए हों। चश्मदीदों ने बताया कि गुप्ता के पानी में कूदने के कुछ ही देर बाद वह महिला वहां से अकेली ही चली गई।

उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला है और पुलिस का कहना है कि उसकी पहचान और ठिकाने का पता लगाना अब उनकी जांच का एक अहम हिस्सा है। अधिकारियों ने कहा कि जांच में घटना से पहले हुई घटनाओं के क्रम पर बारीकी से ध्यान दिया जाएगा, जिसमें यह भी शामिल है कि जोड़ा पुल पर क्यों गया था और महिला ने उस समय वहां से जाने का फैसला क्यों किया। पुलिस ने अभी किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया है और कहा है कि मामला अभी खुला है।

उन्होंने आगे कहा कि आगे की कोई भी कार्रवाई, जिसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी शामिल है, इस बात पर निर्भर करेगी कि जांच में आखिर क्या पता चलता है। स्थानीय अधिकारी लगातार ऐसी जानकारी की अपील कर रहे हैं जिससे महिला का पता लगाने में मदद मिल सके।

Viral Video: टूटने वाला था नर्स बनने का सपना, फिर मसीहा बन आया ये शख्स, सोशल मीडिया पर छाई ये इमोशनल स्टोरी

झारखंड के एक छोटे से गांव की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा 14 साल की सोनाली थुडू की कहानी लोगों को काफी पंसद आ रही है। आर्थिक तंगी की वजह से उन्हें अपनी पढ़ाई और नर्स बनने का सपना अधूरा छोड़ने की नौबत आ गई थी। इसी बीच शिक्षक अलख पांडे ने उसकी मदद का हाथ बढ़ाया, जिससे उसकी पढ़ाई फिर से शुरू हो गई। इस क्लिप को इंस्टाग्राम पर 16 मिलियन से ज्यादा बार देखा गया है। लोगों को ये कहानी काफी पसंद आ रही है। लोग अलख पांडे के इस कदम की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

आर्थिक वजह से छुटने वाली थी पढ़ाई

सोनाली का सपना नर्स बनकर लोगों की सेवा करना था, लेकिन घर की आर्थिक परेशानियों ने उसके रास्ते में बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी। पिता की तबीयत खराब होने के बाद उनकी नौकरी छूट गई और उन्हें वापस गांव लौटना पड़ा। इसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसकी मां पर आ गई, जो पशुपालन करके किसी तरह घर का खर्च और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर रही हैं। परिवार एक कच्चे मकान में रहता है और गांव में मोबाइल नेटवर्क व इंटरनेट की सुविधा भी बहुत सीमित है। ऐसे हालात में सोनाली के लिए पढ़ाई जारी रखना बेहद मुश्किल हो गया था।

 

अलख पांडे ने करवाया एडमिशन

वायरल वीडियो में सोनाली अलख पांडे से कहती हैं, “सर, मेरा सपना है कि मैं पढ़-लिखकर नर्स बनूं।” यह सुनकर अलख पांडे उनसे पूछते हैं, “बताइए, आपका एडमिशन किस स्कूल में कराना है? आप कहां पढ़ना चाहती हैं?” इस पर सोनाली बताती हैं कि वह सेंट मैरी स्कूल में पढ़ाई करना चाहती हैं। वीडियो में बताया गया कि अलख पांडे ने उसी दिन स्कूल पहुंचकर सोनाली का दाखिला कराया और उसकी पूरे साल की फीस भी जमा कर दी। इसके बाद सोनाली ने कक्षा 9 में अपनी पढ़ाई शुरू की।

लोगों ने किए कमेंट

वीडियो के आखिर में वह नई स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर खुशी-खुशी अपनी कक्षा की ओर जाती नजर आती है, जो उसके सपनों की नई शुरुआत को दिखाता है। इस भावुक वीडियो को इंस्टाग्राम पर 1.6 करोड़ (16 मिलियन) से ज्यादा बार देखा जा चुका है और सोशल मीडिया पर लोग अलख पांडे के इस कदम की जमकर तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट किया, “इस तरह किसी जरूरतमंद बच्चे की पढ़ाई में मदद करना सबसे बड़ा नेक काम है।” दूसरे यूजर ने लिखा, “अगर ऐसे ही बच्चों को पढ़ाई का मौका मिलता रहा, तो वे आगे चलकर डॉक्टर, आईएएस और बड़े अधिकारी बन सकते हैं। ऐसे काम करने वाले लोगों की जितनी तारीफ की जाए, उतनी कम है।”

Viral Video: 1,100 की पेंशन निकालने पहुंचे बुजुर्ग, खाते में दिखे 760 करोड़ रुपए, वायरल वीडियो ने मचाई हलचल

Viral Post: ‘दिन में सॉफ्टवेयर डेवलपर, रात में Uber चलाता है युवक’ सोशल मीडिया पर वायरल हुए पोस्ट

Viral Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक टेक प्रोफेशनल की पोस्ट काफी वायरल हो रही है। इस पोस्ट में टेक प्रोफेशनल ने उबर बाइक राइडर से हुई बातचीत का एक्सपीरिएंस शेयर किया। बातचीत के दौरान पता चला की वह दिन में सॉफ्टवेयर डेवलपर की नौकरी करता है और रात में अतिरिक्त कमाई के लिए राइडिंग करता है। अपनी पोस्ट में उन्होंने बताया कि अच्छी पढ़ाई और तकनीकी कौशल होने के बावजूद कई युवा नौकरीपेशा लोग आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। उनकी इस बात से कई लोगों ने सहमति भी जताई। ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।

पोस्ट हुआ वायरल

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आदित्य ने पोस्ट किया। अपने वायरल पोस्ट में आदित्य ने एक उबर बाइक राइडर से हुई मुलाकात का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान राइडर उनकी ही उम्र का लगा और काफी आत्मविश्वास से बात कर रहा था। पहली नजर में उसे देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि वह केवल गिग वर्क या बाइक राइडिंग के जरिए अपनी आजीविका चला रहा है। आदित्य ने बातचीत के दौरान जब उस युवक से उसके काम के बारे में पूछा, तो जवाब सुनकर वह चौंक गए। राइडर ने बताया कि वह एक कंपनी में फुल-स्टैक डेवलपर के रूप में नौकरी करता है।

वीकेंड पर चलाते हैं उबर बाइक

इसके बाद आदित्य ने उससे पूछा कि नौकरी के बाद भी वह बाइक राइड क्यों चला रहा है। इस पर युवक ने बताया कि अतिरिक्त कमाई के लिए वह ऑफिस के बाद कुछ घंटे राइडिंग भी करता है। आदित्य के मुताबिक, उस युवक ने बताया कि सॉफ्टवेयर डेवलपर की नौकरी से उसे हर महीने करीब 25 हजार रुपये वेतन मिलता है। लेकिन परिवार की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी, एजुकेशन लोन की किस्त और अपने रोजमर्रा के खर्च पूरे करने के बाद उसके पास ज्यादा पैसे नहीं बचते। इसी वजह से वह अपनी आय बढ़ाने के लिए रात के समय और वीकेंड में उबर बाइक चलाकर अतिरिक्त कमाई करता है।

एक्ट्रा काम करना पड़ता है

इस बातचीत का जिक्र करते हुए आदित्य ने लिखा कि एक समय था जब इंजीनियरिंग की नौकरी को अच्छी कमाई और सुरक्षित भविष्य की गारंटी माना जाता था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उनका कहना है कि आज कई कुशल इंजीनियर भी अपनी आमदनी बढ़ाने और परिवार का खर्च चलाने के लिए नौकरी के साथ अतिरिक्त काम करने को मजबूर हैं। यह मुलाकात उनके लिए आज के युवाओं की आर्थिक चुनौतियों की एक सच्ची तस्वीर बनकर सामने आई।

लोगों ने किया कमेंट

आदित्य की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। एक यूजर ने लिखा कि, “ये मामला बताता है कि आज के समय में सिर्फ अच्छी डिग्री या प्रोफेशनल नौकरी होने से आर्थिक सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती।”वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि, “यह कोई असामान्य बात नहीं है। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात भी कई ऐसे डिलीवरी पार्टनर्स और कैब या बाइक राइडर्स से हुई है, जो अपनी नियमित नौकरी पूरी करने के बाद अतिरिक्त कमाई के लिए यह काम करते हैं। उन्होंने ऐसे लोगों की मेहनत, लगन और अपनी आर्थिक जिम्मेदारियां निभाने के जज्बे की सराहना की।”