UP News: यूपी के BJP विधायक का आरोप, समधी ने धोखाधड़ी कर 25 महिलाओं से की शादी, करोड़ों की ठगी के दावे

UP Viral News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने बॉलीवुड फिल्म ‘Ladies V/S Ricky Bahl’ की कहानी की याद दिला दी है। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां मामला फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि एक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक के परिवार से जुड़ा गंभीर आरोप है। सीतापुर जिले की सेवता विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक ज्ञान तिवारी ने अपने समधी अनुज त्रिवेदी के खिलाफ धोखाधड़ी और तथ्य छिपाने के आरोप में रेउसा थाने में FIR दर्ज कराई है।

पुलिस के अनुसार, विधायक की बेटी प्रज्ञा तिवारी की शादी वर्ष 2024 में मिश्रिख क्षेत्र के चंद्रवाल निवासी अनुज त्रिवेदी के बेटे प्रखर त्रिवेदी से हुई थी। विधायक द्वारा दर्ज कराई गई FIR के मुताबिक, शादी के समय आरोपी पक्ष ने खुद को मुंबई में बड़ा रियल एस्टेट कारोबारी बताया था। स्थानीय स्तर पर जांच एवं प्रतिष्ठित लोगों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद यह रिश्ता तय किया गया था।

कैसे हुआ खुलासा?

यूपी पुलिस के अनुसार, शादी के करीब दो साल बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अनुज त्रिवेदी के खिलाफ लगाए गए कथित धोखाधड़ी के आरोप सामने आए। पुलिस ने बताया कि जांच में उसके खिलाफ महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में महिलाओं को कथित रूप से प्रेम जाल में फंसाकर उनसे धोखाधड़ी करने के आरोप सामने आए। पुलिस के मुताबिक, अनुज त्रिवेदी पर फर्जी पहचान के आधार पर करीब 25 शादियां करने और धोखाधड़ी करने के आरोप हैं।

बाप-बेटा गिरफ्तार

पुलिस ने बताया कि इन आरोपों और पीड़ित महिलाओं की शिकायतों के आधार पर अनुज त्रिवेदी और उसके बेटे प्रखर त्रिवेदी को गिरफ्तार किया गया। विधायक ज्ञान तिवारी ने अनुज त्रिवेदी और उसके परिवार से सभी संबंध खत्म करने की घोषणा की है। रेउसा थाने में दी गई शिकायत में विधायक ने आरोप लगाया कि अनुज त्रिवेदी ने अपना आपराधिक इतिहास और पूर्व के मुकदमों की जानकारी छिपाकर उनके परिवार को धोखे में रखा। इसी आधार पर शादी का रिश्ता तय हुआ।

उन्होंने बताया कि इस घटना से उनके परिवार को गहरा सदमा और एक जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा है। रेउसा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अनुज त्रिवेदी के खिलाफ मामला दर्ज कर किया गया है।

2024 में हुई थी विधायक की बेटी की शादी

शिकायत के अनुसार, विधायक ज्ञान तिवारी की बेटी प्रज्ञा की शादी वर्ष 2024 में प्रखर त्रिवेदी के साथ हुई थी। विधायक का आरोप है कि शादी के समय प्रखर के पिता अनुज त्रिवेदी ने खुद को मुंबई का एक प्रतिष्ठित और स्थापित रियल एस्टेट कारोबारी बताया था। परिवार की ओर से स्थानीय स्तर पर जानकारी भी जुटाई गई थी। कुछ प्रभावशाली लोगों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद रिश्ता तय किया गया।

उस समय परिवार को कथित तौर पर ऐसी किसी जानकारी का पता नहीं था, जिसे अब शिकायत में गंभीर आरोपों के रूप में सामने रखा गया है। विधायक के मुताबिक, शादी के करीब ढाई साल बाद परिवार को सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों से प्रखर त्रिवेदी की कथित गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलने लगी। आरोप लगाया गया कि प्रखर ने अलग-अलग राज्यों में कई महिलाओं के साथ कथित तौर पर फर्जी पहचान के आधार पर संबंध बनाए और उनसे बड़ी रकम हासिल की।

विधायक ने बेटी को वापस घर बुलाया

जब विधायक के परिवार को कथित गतिविधियों की जानकारी मिली, तो ज्ञान तिवारी ने कहा कि उन्होंने आरोपी परिवार से संबंध खत्म कर लिए और अपनी बेटी को वापस घर ले आए। विधायक ने इस पूरे घटनाक्रम से परिवार को हुए मानसिक और भावनात्मक नुकसान की भी बात कही। उन्होंने दावा किया कि इस मामले का असर उनकी सार्वजनिक छवि पर भी पड़ा है।

सोशल मीडिया वीडियो में ने खोला राज

ज्ञान तिवारी ने 6 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर मामले को सार्वजनिक किया। वीडियो में वह अपनी बेटी के साथ नजर आए। उन्होंने आरोपी परिवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि अगर उनके दामाद के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच में साबित होते हैं, तो कानून के तहत उसे भी कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। विधायक ने अपने बयान में अनुज त्रिवेदी के लिए तो मौत की सजा तक की मांग की।

आगे की जांच जारी

अब जांच एजेंसियां आरोपों से जुड़े दस्तावेज, कथित पहचान, पूर्व संबंधों, आर्थिक लेन-देन और अन्य महिलाओं से जुड़े दावों की पड़ताल कर सकती हैं। बॉलीवुड फिल्म में फर्जी पहचान के जरिए महिलाओं को कथित तौर पर धोखा देने वाले किरदार की कहानी दर्शकों के सामने आई थी। उत्तर प्रदेश का यह मामला भी पहली नजर में उसी तरह की कहानी जैसा दिखाई दे रहा है। लेकिन यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 25 शादियों और महिलाओं से ठगी के आरोप अभी आरोप ही हैं। इनकी वास्तविकता पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

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फिलहाल इस मामले ने इसलिए सनसनी मचा दी है क्योंकि शिकायतकर्ता कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के एक BJP विधायक हैं। आरोप सीधे उनके अपने परिवार में हुई शादी से जुड़े हैं। अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह वास्तव में कई महिलाओं को फर्जी पहचान के जरिए कथित तौर पर फंसाने का मामला है, या आरोपों के पीछे कोई अलग कहानी है? पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही से ही इसका अंतिम सच सामने आएगा।

भारतवंशी बिजनेसमैन ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति को ठगा:खुद को CIA एजेंट बताया, लड़ाकू विमानों की डील पर 425 करोड़ रु. की धोखाधड़ी

अमेरिका में धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे भारतवंशी बिजनेसमैन गौरव श्रीवास्तव पर अब इंडोनेशिया में भी बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने खुद को अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का एजेंट बताकर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का भरोसा जीता और रक्षा सौदों के नाम पर करीब 425 करोड़ रुपए का फर्जी कर्ज मंजूर करा लिया। ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) और इंडोनेशियाई मैगजीन टेम्पो की रिपोर्ट के अनुसार, गौरव ने इंडोनेशियाई सेना को 36 लड़ाकू विमान, ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और मिलिट्री कमांड सिस्टम दिलाने का दावा किया। इसके लिए उसने फर्जी शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया और अमेरिका के एक कथित ‘सीक्रेट प्रोग्राम’ के नाम पर करीब 425 करोड़ रुपए का फर्जी कर्ज मंजूर करा लिया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह कथित ठगी 2020 से 2022 के बीच हुई। ठगी से मिले पैसों से गौरव ने लॉस एंजिलिस में करीब 208 करोड़ रुपए का एक आलीशान बंगला भी खरीदा। प्रबोवो गौरव को ‘मिस्टर G’ बुलाते कहते थे रिपोर्ट के मुताबिक, गौरव ने प्रबोवो का इतना भरोसा जीत लिया था कि वे उसे ‘मिस्टर G’ कहकर बुलाते थे। उसने राष्ट्रपति के निजी जीवन से जुड़ी ऐसी जानकारियों का भी इस्तेमाल किया, जो केवल उनके करीबी लोगों को पता थीं। इनमें यह बात भी शामिल थी कि प्रबोवो अपने घर के मकड़ी के जालों को प्रकृति का हिस्सा मानते हैं और उन्हें साफ नहीं कराते। गौरव ने यह भी दावा किया कि उसने 2002 के बाली बम धमाकों के आतंकियों को पकड़वाने और प्रबोवो का नाम अमेरिकी इमिग्रेशन की ब्लैकलिस्ट से हटवाने में मदद की थी। इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रिको सिराइत ने कहा कि जिन रक्षा सौदों पर बातचीत हुई थी, वे आखिरी समझौते तक नहीं पहुंचे थे। इसलिए सरकार को कोई सीधा आर्थिक नुकसान नहीं हुआ।

Prithvi-Akriti: पृथ्वी शॉ और मंगेतर आकृति के रिश्ते में आई दरार? एक्ट्रेस की ‘क्रिप्टिक’ पोस्ट ने सोशल मीडिया पर बढ़ाई हलचल

भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ और उनकी मंगेतर आकृति अग्रवाल इन दिनों काफी चर्चा में हैं। हाल ही में उनकी मंगेतर और एक्ट्रेस-इन्फ्लुएंसर आकृति अग्रवाल ने इंस्टाग्राम पर एक ऐसी स्टोरी शेयर की है। इस स्टोरी में आकृति ने बिना किसी का नाम लिए “धोखा” मिलने का जिक्र किया है। वहीं इस पोस्ट के बाद फैंस ये कयास लगा रहे हैं कि क्या दोनों के रिश्ते में दरार आ गई है। वहीं इस पोस्ट के कुछ समय बाद आकृति ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल से ये स्टोरी हटा दी, लेकिन तब तक उसका स्क्रीनशॉट इंटरनेट पर तेजी से फैल चुका था। आकृति का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

आकृति अग्रवाल की इंस्टाग्राम स्टोरी शेयर करने के बाद इसे ये पोस्ट डिलीट कर दी। पोस्ट में लिखा था, “मेरे साथ कई बार धोखा हुआ, फिर भी मैंने कभी कुछ नहीं कहा। मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि सगाई जैसा बड़ा कदम उठाने के बाद भी ऐसा हो सकता है। जो भी बातें सामने आ रही हैं, वे सच हैं। सोशल मीडिया पर उनके बारे में जो कुछ भी दिख रहा है, वह पूरी तरह सच है।” आकृति अग्रवाल ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में कहीं भी पृथ्वी शॉ का नाम नहीं लिया।

कब हुई थी दोनों की सगाई

वहीं उनकी सगाई और पोस्ट के समय को देखते हुए सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस पोस्ट को सीधे क्रिकेटर से जोड़कर देखा। स्टोरी का स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल होने के कुछ ही समय बाद आकृति ने उसे हटा दिया, जिसके बाद पूरे मामले को लेकर लोगों के बीच और भी ज्यादा चर्चाएं शुरू हो गईं। खबरों के मुताबिक, कुछ समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल ने 8 मार्च 2026 को सगाई की थी। दोनों पहली बार 2025 में गणेश चतुर्थी के मौके पर साथ नजर आए थे, जिसके बाद उनके रिश्ते की चर्चा शुरू हो गई।

Prithvi Shaw

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया है। इसके बाद उनके रिश्ते को लेकर चर्चाएं और तेज हो गईं। अब तक न तो पृथ्वी शॉ और न ही आकृति अग्रवाल ने अपने रिश्ते या ब्रेकअप को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

कैसा था प्रदर्शन

क्रिकेटर पृथ्वी शॉ को कभी भारत के सबसे प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाजों में गिना जाता था। उन्होंने भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी और 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पहले टेस्ट मैच में शानदार शतक भी लगाया था। वहीं शुरुआती सफलता के बाद उनका अंतरराष्ट्रीय करियर उम्मीदों के मुताबिक आगे नहीं बढ़ सका। पिछले कुछ वर्षों में पृथ्वी शॉ का करियर लगातार उतार-चढ़ाव से गुजरा है। खराब फॉर्म, फिटनेस और अनुशासन को लेकर उठे सवालों ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया।

नए सिरे से शुरुआत करने के इरादे से उन्होंने 2025-26 के घरेलू सीजन से पहले मुंबई छोड़कर महाराष्ट्र की टीम का रुख किया। वहीं, आईपीएल 2026 में वह दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा जरूर रहे, लेकिन पूरे सीजन के दौरान उन्हें खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिल सके।