Video: ₹60 हजार की नौकरी छोड़कर चुना कंटेंट क्रिएशन, 14K फॉलोअर्स के साथ कमाए ₹1.12 लाख; जानिए कैसे

हर महीने मिलने वाली तय सैलरी छोड़कर सोशल मीडिया पर करियर बनाना आसान फैसला नहीं होता। खासकर तब, जब कमाई का भरोसा ब्रांड डील्स, फॉलोअर्स और ऑडियंस की पसंद पर टिका हो। लेकिन दिल्ली की 23 साल की कंटेंट क्रिएटर उपासना ने इसी अनिश्चित रास्ते को अपना करियर बनाने का फैसला किया। अब उन्होंने अपनी एक महीने की कमाई का आंकड़ा साझा कर सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींचा है।

सितंबर बना अब तक का सबसे कमाऊ महीना

उपासना ने बताया कि उन्होंने ₹60,000 महीने की नौकरी छोड़कर कंटेंट क्रिएशन को फुल-टाइम करियर के तौर पर चुना। सितंबर उनके लिए खास रहा, क्योंकि इस एक महीने में उन्होंने छह ब्रांड कोलैबोरेशन से कुल ₹1.12 लाख कमाए। अपने इंस्टाग्राम वीडियो में कमाई का पूरा हिसाब बताते हुए उपासना ने कहा कि उस समय उनके करीब 14,000 फॉलोअर्स थे और सितंबर उनके कंटेंट क्रिएशन सफर का अब तक का सबसे बड़ा महीना रहा।

छह ब्रांड डील्स से कैसे जुटे ₹1.12 लाख?

उपासना की सितंबर की कमाई छह अलग-अलग ब्रांड कोलैबोरेशन से हुई। इनमें से एक डील UGC यानी User Generated Content की थी, जबकि बाकी पांच कोलैबोरेशन उनके अपने इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट किए जाने थे। उपासना के मुताबिक, UGC डील से उन्हें ₹15,000 मिले। बाकी पांच ब्रांड डील्स से कुल ₹97,000 की कमाई हुई। इस तरह सितंबर की कुल कमाई ₹1.12 लाख तक पहुंच गई। UGC में क्रिएटर किसी ब्रांड के लिए वीडियो, फोटो, रिव्यू या दूसरे तरह का कंटेंट तैयार करता है। खास बात यह है कि ऐसे कंटेंट को क्रिएटर के अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करना जरूरी नहीं होता। ब्रांड इसे अपने मार्केटिंग कैंपेन में इस्तेमाल कर सकता है।

कमाई हुई, लेकिन पैसे अभी खाते में नहीं आए

यहां कहानी का एक दिलचस्प पहलू भी है। ₹1.12 लाख की डील्स हासिल करने के बावजूद उपासना को अभी पूरी रकम प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग ब्रांड्स के पेमेंट साइकल अलग होते हैं, इसलिए भुगतान मिलने में समय लग सकता है। यानी सोशल मीडिया से हुई कमाई सिर्फ डील साइन होने या कंटेंट बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पेमेंट का इंतजार भी इस सफर का हिस्सा है।

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डेढ़ साल के सफर में पहली बार पार किया ₹1 लाख

उपासना पिछले करीब 1.5 साल से कंटेंट बना रही हैं। उनके लिए सितंबर इसलिए भी खास रहा क्योंकि यह पहला महीना था जब उनकी कमाई ने ₹1 लाख का आंकड़ा पार किया। उनकी इस उपलब्धि पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने इसे कंटेंट क्रिएशन शुरू करने की प्रेरणा बताया, जबकि दूसरे ने सिर्फ 14 हजार फॉलोअर्स के बावजूद इतनी कमाई पर हैरानी जताई।

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हर 1,000 व्यूज पर ₹60! इस चीनी प्लेटफॉर्म ने क्रिएटर्स का खींचा ध्यान, YouTube को देगा कड़ी टक्कर

चीनी वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म Bilibili अपने घरेलू बाजार से बाहर तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में एक खास कमाई के आंकड़े ने दुनिया भर के क्रिएटर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा है। X पर RT की एक पोस्ट के अनुसार, Bilibili क्रिएटर्स को हर 1,000 व्यूज के लिए लगभग $0.70 (करीब 60 रुपये) का भुगतान कर रहा है। अगर यह दावा सही है, तो यह कदम प्लेटफॉर्म को कंटेंट क्रिएटर्स को आकर्षित करने में मदद कर सकता है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर YouTube को टक्कर दे रहा है। हालांकि, कंपनी ने खुद इस पेमेंट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

Bilibili की रिपोर्टेड पेमेंट

यह जानकारी RT के जरिए सामने आई, जिसने Bilibili के क्रिएटर प्रोग्राम पर चर्चा करते हुए यह आंकड़ा बताया। अगर यह सही है, तो एक मिलियन व्यूज पाने वाले क्रिएटर्स टैक्स और प्लेटफॉर्म के किसी भी एडजस्टमेंट से पहले लगभग $700 कमा सकते हैं। हालांकि, Bilibili के ऑफिशियल क्रिएटर प्रोग्राम डॉक्यूमेंटेशन में किसी तय CPM या RPM का जिक्र नहीं है।

इसके बजाय, प्लेटफॉर्म का कहना है कि कमाई ऑडियंस की लोकेशन, एडवर्टाइजर की डिमांड, कंटेंट कैटेगरी और मॉनेटाइजेशन प्रोडक्ट्स जैसी चीजों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। इसमें यह भी बताया गया है कि अनुमानित रेवेन्यू को इनवैलिड ट्रैफिक, रिफंड, फ्रॉड का पता लगाने, टैक्स और पॉलिसी लागू करने के आधार पर एडजस्ट किया जा सकता है।

मॉनेटाइजेशन के लिए जरूरी शर्तें

Bilibili के क्रिएटर प्रोग्राम की पॉलिसी के अनुसार, मॉनेटाइजेशन के लिए अप्लाई करने से पहले क्रिएटर्स के पास कम से कम 100 सब्सक्राइबर और 2,000 वैलिड पब्लिक व्यूज होने चाहिए। हालांकि, इन शर्तों को पूरा करने के बाद भी मोनेटाइजेशन मिलना तय नहीं है। क्योंकि प्लेटफॉर्म हर चैनल की जांच करता है। इसमें कंटेंट ओरिजिनल है या नहीं, कॉपीराइट नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन तो नहीं हुआ और अकाउंट की स्थिति जैसी चीजें देखी जाती हैं।

यह प्लेटफॉर्म खरीदे गए व्यूज, फेक सब्सक्राइबर, ऑटोमेटेड एंगेजमेंट और दूसरे तरह के बनावटी ट्रैफिक पर भी रोक लगाता है। इसके अलावा, क्रिएटर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके द्वारा अपलोड किए गए सभी कंटेंट के मालिकाना हक उनके पास हों या उन्हें उस कंटेंट से कमाई करने की अनुमति मिली हो।

Bilibili का ग्लोबल विस्तार जारी है

यह पेमेंट की जानकारी तब सामने आई है जब Bilibili अपने इंटरनेशनल प्लान को तेजी से आगे बढ़ा रही है। सेमाफोर (Semafor) की एक पुरानी रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अपना इंटरनेशनल ऐप फिर से लॉन्च किया है। इसके अलावा, वह इंग्लिश भाषा की वेबसाइट बना रही है और अमेरिका, यूरोप, जापान और लैटिन अमेरिका जैसे मार्केट में कम्युनिटी मैनेजर की भर्ती शुरू कर दी है।

बता दें कि Bilibili खुद को ऐसे क्रिएटर्स के लिए एक डेस्टिनेशन के तौर पर भी पेश कर रही है, जो नए ऑडियंस तक पहुंचना चाहते हैं और साथ ही कमाई का नए जरिया बनाना चाहते हैं। विज्ञापन के अलावा, कंपनी एक मार्केटप्लेस भी बना रही है जो स्पॉन्सरशिप के मौकों के लिए क्रिएटर्स को ब्रांड्स से जोड़ेगा।

हालांकि, प्रति 1,000 व्यूज पर $0.70 के पेमेंट की जानकारी ने काफी दिलचस्पी पैदा की है, लेकिन क्रिएटर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि Bilibili ने अभी तक आधिकारिक तौर पर स्टैंडर्ड पेमेंट रेट की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल, प्लेटफॉर्म की पब्लिश्ड पॉलिसी में सिर्फ यह बताया गया है कि कमाई कई बातों पर निर्भर करेगी और जैसे-जैसे इसका ग्लोबल क्रिएटर इकोसिस्टम विकसित होगा, इसमें बदलाव हो सकता है।

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